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Health News:गर्मी का असर सिर्फ शरीर पर नहीं, ब्लड प्रेशर भी होता है प्रभावित; एक्सपर्ट्स की अहम चेतावनी

देशभर में बढ़ती गर्मी अब सेहत पर गंभीर असर डालने लगी है। आमतौर पर लोग गर्मी को थकान, पसीना और डिहाइड्रेशन से जोड़ते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इसका सीधा प्रभाव Blood Pressure पर भी पड़ता है। तापमान बढ़ने पर शरीर को खुद को ठंडा रखने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है, जिससे कई शारीरिक प्रक्रियाएं प्रभावित होती हैं।

गर्मी कैसे बिगाड़ती है ब्लड प्रेशर?

डिहाइड्रेशन का असर
तेज गर्मी में अधिक पसीना आने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इससे खून की मात्रा कम होती है और ब्लड प्रेशर गिर सकता है। इस स्थिति में चक्कर आना और कमजोरी महसूस होना आम है।

ब्लड वेसल्स का फैलना (वैसोडिलेशन)
गर्मी में शरीर की नसें फैल जाती हैं ताकि शरीर ठंडा रह सके। लेकिन इससे ब्लड प्रेशर लो होने का खतरा बढ़ जाता है, खासकर उन लोगों में जो पहले से इस समस्या से जूझ रहे हैं।

दिल की धड़कन तेज होना
ब्लड सर्कुलेशन बनाए रखने के लिए दिल को ज्यादा तेजी से काम करना पड़ता है, जिससे हार्ट पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और लंबे समय में दिल से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

स्ट्रेस हार्मोन का बढ़ना
कुछ मामलों में अत्यधिक गर्मी शरीर में तनाव बढ़ा देती है, जिससे ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ भी सकता है। यही वजह है कि गर्मियों में हाई और लो दोनों तरह की समस्याएं देखने को मिलती हैं।

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

  • ब्लड प्रेशर कम होने पर: चक्कर, कमजोरी, बेहोशी
  • ब्लड प्रेशर बढ़ने पर: सांस लेने में दिक्कत, सीने में दर्द, थकान, मतली, धुंधली नजर

विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसे संकेत दिखने पर तुरंत सतर्क होना जरूरी है।

गर्मी में कैसे रखें ब्लड प्रेशर कंट्रोल?

पर्याप्त पानी पिएं
शरीर को हाइड्रेट रखना सबसे जरूरी है, इससे ब्लड वॉल्यूम संतुलित रहता है।

धूप से बचें और हल्के कपड़े पहनें
दिन के सबसे गर्म समय में बाहर निकलने से बचें और ढीले-हल्के कपड़े पहनें।

भारी एक्सरसाइज से परहेज
दोपहर में भारी शारीरिक गतिविधि से बचें, सुबह या शाम का समय बेहतर है।

नियमित जांच कराएं
ब्लड प्रेशर की समय-समय पर जांच करते रहें ताकि बदलाव का समय पर पता चल सके।

संतुलित आहार लें
फल और सब्जियां शरीर को पोषण और हाइड्रेशन दोनों देती हैं, जबकि ज्यादा नमक से बचना चाहिए।

कैफीन और अल्कोहल से दूरी
ये शरीर में पानी की कमी बढ़ा सकते हैं, इसलिए इनका सेवन सीमित रखें।

सावधानी ही बचाव

गर्मी के इस मौसम में थोड़ी सी लापरवाही भी स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है। ऐसे में सही खानपान, पर्याप्त पानी और नियमित निगरानी से ब्लड प्रेशर को संतुलित रखना बेहद जरूरी है।

बॉक्स ऑफिस पर ‘भूत बंगला’ का दबदबा कायम, 13वें दिन की कमाई से 150 करोड़ का आंकड़ा नजदीक

Bhoot Bangla बॉक्स ऑफिस पर लगातार मजबूत प्रदर्शन कर रही है। Akshay Kumar और Priyadarshan की यह हॉरर-कॉमेडी फिल्म दूसरे हफ्ते के वीकडेज में भी अच्छी कमाई कर रही है और दर्शकों का भरपूर प्यार बटोर रही है।

13वें दिन की कमाई

फिल्म ने रिलीज के 13वें दिन यानी दूसरे बुधवार को करीब 3.25 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। इससे पहले भी फिल्म ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया—

  • 12वां दिन: 4.35 करोड़
  • 11वां दिन: 3.50 करोड़
  • 10वां दिन: 12.50 करोड़
  • 9वां दिन: 10.75 करोड़
  • 8वां दिन: 5.75 करोड़

पहले हफ्ते में फिल्म ने 84.40 करोड़ रुपये की कमाई की थी। अब 13 दिनों में इसका कुल नेट कलेक्शन लगभग 124.50 करोड़ रुपये पहुंच गया है।

150 करोड़ क्लब से कितनी दूर?

फिल्म अब 150 करोड़ क्लब में शामिल होने से ज्यादा दूर नहीं है। करीब 25 करोड़ की और कमाई के साथ यह बड़ा आंकड़ा पार कर सकती है। ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि तीसरे वीकेंड तक फिल्म यह मुकाम हासिल कर सकती है।

स्टारकास्ट और कहानी

प्रियदर्शन के निर्देशन में बनी इस फिल्म में Tabu, Paresh Rawal, Rajpal Yadav, Wamiqa Gabbi और Jisshu Sengupta जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। फिल्म में कॉमेडी और सुपरनैचुरल एलिमेंट्स का शानदार मिश्रण देखने को मिल रहा है।

बढ़ेगा मुकाबला

फिलहाल फिल्म को Dhurandhar 2 से कड़ी टक्कर मिल रही है, जो कई हफ्तों बाद भी सिनेमाघरों में दर्शकों को खींच रही है। इसके अलावा आने वाले वीकेंड में Ek Din और Raja Shivaji जैसी नई फिल्मों से भी प्रतिस्पर्धा बढ़ने वाली है।

आगे की राह

‘भूत बंगला’ की अब तक की कमाई और ट्रेंड को देखते हुए साफ है कि फिल्म की रफ्तार अभी थमी नहीं है। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि यह फिल्म कितनी जल्दी 150 करोड़ का आंकड़ा पार करती है और बॉक्स ऑफिस पर अपना दबदबा कब तक बनाए रखती है।

Health News:हर पीठ दर्द सामान्य नहीं, हो सकता है किडनी से जुड़ा संकेत; ऐसे करें पहचान

अक्सर लोग पीठ में होने वाले दर्द को साधारण समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन कई बार यही दर्द किसी गंभीर समस्या, खासकर Kidney Disease का संकेत भी हो सकता है। किडनी शरीर का अहम अंग है, जो खून को फिल्टर कर विषैले तत्वों को बाहर निकालने का काम करती है। ऐसे में इसमें किसी तरह की गड़बड़ी होने पर दर्द के रूप में संकेत मिल सकता है।

क्या होता है किडनी पेन?

किडनी से जुड़ा दर्द आमतौर पर पसलियों के नीचे, पीठ के एक या दोनों किनारों पर महसूस होता है। यह दर्द गहराई में होता है और कभी-कभी पेट या जांघ की ओर भी फैल सकता है। कई मामलों में यह हल्का और लगातार बना रहता है, जबकि Kidney Stones की स्थिति में यह तेज और लहरों में आने वाला दर्द हो सकता है।

कैसे पहचानें कि दर्द किडनी का है?

सामान्य पीठ दर्द और किडनी पेन में अंतर समझना जरूरी है। किडनी का दर्द अक्सर साइड में होता है, जबकि मांसपेशियों का दर्द पीठ के बीच हिस्से में होता है। मांसपेशियों का दर्द आराम करने या पोजीशन बदलने से कम हो जाता है, लेकिन किडनी का दर्द लगातार बना रहता है।

अगर दर्द के साथ पेशाब में जलन, बार-बार पेशाब आना, पेशाब में खून आना, बुखार, मतली या उल्टी जैसे लक्षण भी दिखें, तो यह किडनी से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है।

किन कारणों से होता है किडनी पेन?

किडनी दर्द के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें सबसे आम Kidney Infection और पथरी हैं। इसके अलावा यूरिन का रुकना, यूरिनरी ट्रैक्ट में रुकावट, किडनी में सूजन, सिस्ट या चोट भी इसके कारण बन सकते हैं। कुछ मामलों में यह गंभीर बीमारियों जैसे किडनी कैंसर से भी जुड़ा हो सकता है।

कौन-कौन से लक्षण दिखते हैं?

किडनी पेन के साथ कई अन्य संकेत भी दिखाई दे सकते हैं, जैसे:

  • पेशाब करते समय दर्द या जलन
  • बार-बार पेशाब लगना
  • पेशाब में खून या धुंधलापन
  • बुखार और ठंड लगना
  • उल्टी या मतली
  • कमजोरी और थकान

ये लक्षण बताते हैं कि समस्या सिर्फ मांसपेशियों की नहीं, बल्कि किडनी या यूरिनरी सिस्टम से जुड़ी हो सकती है।

इलाज कैसे होता है?

इलाज पूरी तरह समस्या के कारण पर निर्भर करता है। संक्रमण की स्थिति में दवाएं दी जाती हैं, जबकि पथरी के मामलों में दवा, प्रक्रिया या सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है। गंभीर स्थिति में, जब किडनी सही से काम नहीं कर पाती, तो डायलिसिस जैसी प्रक्रिया भी करनी पड़ सकती है।

डिस्क्लेमर:
यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। इसे डॉक्टर की सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी तरह के लक्षण दिखाई देने पर विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लें।

Health Update:गर्मी में गन्ने का जूस कितना सुरक्षित? फायदे के साथ छिपे खतरे भी जान लें

तेज गर्मी में सड़क किनारे मिलने वाला Sugarcane Juice लोगों को तुरंत ठंडक और ताजगी देता है। नींबू, पुदीना और काला नमक के साथ इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है। यही वजह है कि यह गर्मियों में सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला पेय बन जाता है। लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि जितना यह फायदेमंद दिखता है, उतना ही सावधानी से पीना भी जरूरी है।

ज्यादा मात्रा में पीना क्यों हो सकता है नुकसानदायक?

गन्ने के जूस में नेचुरल शुगर भरपूर मात्रा में होती है, जो शरीर को तुरंत एनर्जी देती है। लेकिन जूस बनने के दौरान इसमें मौजूद फाइबर लगभग खत्म हो जाता है, जिससे शुगर तेजी से शरीर में अवशोषित होती है।

इसका सीधा असर Blood Sugar पर पड़ता है और यह तेजी से बढ़ सकता है। खासकर Diabetes से पीड़ित लोगों के लिए यह जोखिम भरा हो सकता है।

इसके अलावा, ज्यादा सेवन करने से मोटापा, फैटी लिवर और मेटाबॉलिज्म से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं, क्योंकि अतिरिक्त शुगर शरीर में फैट के रूप में जमा होने लगती है।

स्वच्छता से जुड़े खतरे

गन्ने के जूस का एक बड़ा जोखिम इसकी साफ-सफाई से जुड़ा है। यह अक्सर खुले में तैयार किया जाता है, जहां मशीन, बर्फ और पानी की स्वच्छता पर पूरा ध्यान नहीं दिया जाता।

डॉक्टरों के अनुसार, गंदगी की वजह से शरीर में बैक्टीरिया और वायरस प्रवेश कर सकते हैं, जिससे Typhoid, Cholera और Hepatitis A जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

किन लोगों को बरतनी चाहिए ज्यादा सावधानी?

  • डायबिटीज के मरीज
  • मोटापा या फैटी लिवर से जूझ रहे लोग
  • जिनका ब्लड शुगर जल्दी बढ़ता है

इन लोगों को गन्ने का जूस सीमित मात्रा में या डॉक्टर की सलाह से ही लेना चाहिए।

कैसे करें सुरक्षित सेवन?

  • हमेशा साफ और हाइजेनिक जगह से ही जूस लें
  • मशीन, पानी और बर्फ की सफाई जरूर जांचें
  • ज्यादा मात्रा में पीने से बचें
  • खाली पेट पीने से बचना बेहतर हो सकता है

निष्कर्ष

गन्ने का जूस गर्मी में राहत जरूर देता है, लेकिन इसे “हेल्दी” मानकर बिना सोचे-समझे पीना नुकसानदेह हो सकता है। थोड़ी सावधानी और सीमित मात्रा में सेवन ही इसे सुरक्षित बना सकता है।

वैश्विक मुद्दों पर पुतिन-ट्रंप की लंबी बातचीत, ईरान और यूक्रेन रहे चर्चा के केंद्र

Vladimir Putin और Donald Trump के बीच बुधवार को फोन पर लंबी बातचीत हुई, जिसमें दोनों नेताओं ने करीब डेढ़ घंटे तक वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की। इस वार्ता में मुख्य रूप से Iran और Ukraine से जुड़े हालात पर बातचीत हुई।

ईरान मुद्दे पर चेतावनी

क्रेमलिन के अनुसार, पुतिन ने ट्रंप को ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर आगाह किया। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका और Israel मिडिल ईस्ट में फिर से सैन्य कदम उठाते हैं, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

यूक्रेन युद्ध पर चर्चा

यूक्रेन में जारी संघर्ष को लेकर भी दोनों नेताओं के बीच अहम बातचीत हुई। ट्रंप ने संकेत दिया कि इस युद्ध को खत्म करने के लिए एक समझौता करीब हो सकता है। इस पर पुतिन ने कहा कि वह विक्ट्री डे के मौके पर युद्धविराम (सीजफायर) की घोषणा करने के लिए तैयार हैं, जिस पर ट्रंप ने समर्थन जताया।

जेलेंस्की सरकार पर साझा राय

दोनों नेताओं ने Volodymyr Zelenskyy के नेतृत्व वाली यूक्रेनी सरकार के रवैये पर भी चर्चा की और माना कि मौजूदा हालात में संघर्ष लंबा खिंच रहा है।

ईरान पर अमेरिकी रुख बरकरार

इस बीच ट्रंप ने एक इंटरव्यू में साफ किया कि ईरान पर नौसैनिक घेराबंदी तब तक जारी रहेगी, जब तक परमाणु कार्यक्रम को लेकर कोई ठोस समझौता नहीं हो जाता। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया।

सूत्रों के मुताबिक, United States Central Command ने ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई के विकल्प भी तैयार रखे हैं, हालांकि अभी किसी आधिकारिक हमले का आदेश नहीं दिया गया है।

वैश्विक असर पर नजर

इस बातचीत को वैश्विक स्तर पर अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे मिडिल ईस्ट और यूरोप में चल रहे तनाव की दिशा तय हो सकती है। फिलहाल दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संपर्क जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।