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विवादों के बीच बंगाल में रिलीज को तैयार Aakhri Sawaal, मिथुन चक्रवर्ती ने दिए बड़े संकेत

Aakhri Sawaal इन दिनों अपनी कहानी और विवादों की वजह से लगातार चर्चा में बनी हुई है। फिल्म को लेकर लंबे समय से बहस चल रही थी, लेकिन अब इसे सेंसर बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद पश्चिम बंगाल में इसकी रिलीज का आधिकारिक ऐलान कर दिया गया है।

फिल्म का निर्देशन Abhijeet Mohan Warang ने किया है। बताया जा रहा है कि फिल्म की कहानी बाबरी मस्जिद विध्वंस, Rashtriya Swayamsevak Sangh की भूमिका और उससे जुड़े राजनीतिक घटनाक्रमों पर आधारित है। इसी संवेदनशील विषयवस्तु के कारण फिल्म पहले विवादों में रही थी।

फिल्म में Sanjay Dutt मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। इसके अलावा Sameera Reddy, Neetu Chandra, Tridha Choudhury और Namashi Chakraborty भी अहम किरदार निभा रहे हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान Mithun Chakraborty ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि अब सिर्फ “आखिरी सवाल” ही नहीं, बल्कि “बंगाल फाइल्स” भी पश्चिम बंगाल में रिलीज होगी। उन्होंने कहा कि ऐसी फिल्मों के जरिए “सच्चाई” लोगों तक पहुंचनी चाहिए।

मिथुन चक्रवर्ती ने यह भी दावा किया कि राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद अब फिल्मों को लेकर पहले जैसी रोक-टोक नहीं रहेगी। उन्होंने बंगाल में “सोनार बांग्ला” के सपने और विकास की नई राजनीति की बात भी कही। इस दौरान उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री Mamata Banerjee पर भी निशाना साधा।

निर्देशक अभिजीत मोहन वारंग ने बताया कि आने वाले समय में मिथुन चक्रवर्ती और उनके बेटे नमाशी पहली बार एक साथ बड़े पर्दे पर दिखाई देंगे। नई फिल्म की स्क्रिप्ट तैयार है और जल्द ही इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया जाएगा।

वहीं Sameera Reddy ने कोलकाता को भारत की सांस्कृतिक राजधानी बताते हुए बंगाल की फिल्म इंडस्ट्री की तारीफ की।

फिल्म को Central Board of Film Certification की ओर से UA 16 सर्टिफिकेट दिया गया है। ‘आखिरी सवाल’ 15 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

Travel Tips:पहली बार हवाई यात्रा कर रहे हैं? एयरपोर्ट जाने से पहले जान लें ये जरूरी बातें

पहली बार फ्लाइट में सफर करना हर किसी के लिए उत्साह और घबराहट दोनों लेकर आता है। एयरपोर्ट की प्रक्रिया, सिक्योरिटी चेक और सामान से जुड़े नियम कई बार नए यात्रियों को कन्फ्यूज कर देते हैं। लेकिन अगर आप पहले से कुछ जरूरी बातें जान लें, तो आपकी यात्रा आसान और आरामदायक हो सकती है।

समय से पहले एयरपोर्ट पहुंचें

हवाई यात्रा में समय का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है। घरेलू उड़ान के लिए कम से कम 2 से 3 घंटे पहले और अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट के लिए करीब 4 घंटे पहले एयरपोर्ट पहुंचना बेहतर माना जाता है। इससे चेक-इन और सिक्योरिटी जांच आराम से पूरी हो जाती है और फ्लाइट छूटने का डर नहीं रहता।

जरूरी दस्तावेज साथ रखें

घर से निकलने से पहले अपने सभी जरूरी दस्तावेज जरूर जांच लें। आपके पास टिकट, बोर्डिंग पास और पहचान पत्र होना जरूरी है। पहचान के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड या पासपोर्ट इस्तेमाल किया जा सकता है।

अगर आपने पहले से वेब चेक-इन कर लिया है, तो एयरपोर्ट पर समय भी बच सकता है और लंबी लाइन में लगने की जरूरत नहीं पड़ती।

बैगेज नियम समझना जरूरी

फ्लाइट में सामान को लेकर नियम काफी सख्त होते हैं। चेक-इन बैग वह होता है जिसे एयरलाइन काउंटर पर जमा करना पड़ता है, जबकि कैबिन बैग आप अपने साथ प्लेन के अंदर ले जा सकते हैं।

ध्यान रखें—

  • कैबिन बैग का वजन आमतौर पर 7 किलो तक होता है
  • पावर बैंक, लैपटॉप और बैटरी वाली चीजें हमेशा कैबिन बैग में रखें
  • 100ml से ज्यादा लिक्विड सामान ले जाने की अनुमति नहीं होती

एयरपोर्ट पर क्या-क्या करना होता है?

एयरपोर्ट पहुंचने के बाद सबसे पहले एंट्री गेट पर टिकट और आईडी दिखानी होती है। इसके बाद चेक-इन काउंटर पर बैग जमा करके बोर्डिंग पास लिया जाता है।

फिर सिक्योरिटी चेक होता है, जहां आपके सामान की जांच की जाती है। जांच पूरी होने के बाद अपने बोर्डिंग गेट पर जाकर फ्लाइट की अनाउंसमेंट का इंतजार करें।

टेक-ऑफ और लैंडिंग के दौरान क्या महसूस होता है?

उड़ान भरते समय और लैंडिंग के दौरान कई लोगों के कान बंद होने या हल्का दर्द महसूस होने लगता है। यह हवा के दबाव में बदलाव की वजह से होता है और सामान्य बात है।

इससे राहत पाने के लिए—

  • टॉफी या च्युइंग गम चबाएं
  • जम्हाई लें
  • इयरप्लग का इस्तेमाल करें

फ्लाइट के अंदर इन बातों का रखें ध्यान

  • सीट बेल्ट साइन ऑन होने पर बेल्ट जरूर बांधें
  • फ्लाइट अटेंडेंट के निर्देशों का पालन करें
  • मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को फ्लाइट मोड पर रखें

अगर आप इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखते हैं, तो आपकी पहली हवाई यात्रा आरामदायक और यादगार बन सकती है।

चीन-अमेरिका संबंधों पर ट्रंप का सकारात्मक बयान, ताइवान पर जिनपिंग ने रखी कड़ी शर्त

Donald Trump और Xi Jinping के बीच हुई अहम बैठक में दोनों देशों के रिश्तों, व्यापार, ऊर्जा और वैश्विक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई। करीब दो घंटे चली इस बैठक को अमेरिका-चीन संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बैठक के बाद ट्रंप ने दोनों देशों के रिश्तों की तारीफ करते हुए कहा कि अमेरिका और चीन के बीच सहयोग वैश्विक स्थिरता के लिए जरूरी है। वहीं शी जिनपिंग ने भी संकेत दिए कि दोनों देश आने वाले वर्षों के लिए नए रणनीतिक संबंधों की दिशा तय करने पर सहमत हुए हैं।

हालांकि, Taiwan के मुद्दे पर चीन का रुख बेहद सख्त नजर आया। शी जिनपिंग ने साफ कहा कि अगर ताइवान को लेकर तनाव बढ़ता है, तो इससे दोनों देशों के रिश्तों पर गंभीर असर पड़ सकता है। उन्होंने अमेरिका से इस संवेदनशील मुद्दे को बेहद सावधानी से संभालने की अपील की।

बैठक में Iran के परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी चर्चा हुई। दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिए जाएंगे। इसके अलावा व्यापार और आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।

दोनों पक्षों के बीच अमेरिकी कंपनियों को चीन के बाजार में अधिक पहुंच देने, चीन द्वारा अमेरिकी उद्योगों में निवेश बढ़ाने, फेंटेनिल से जुड़े रसायनों की तस्करी रोकने और कृषि व्यापार को मजबूत करने जैसे विषयों पर भी बातचीत हुई।

बैठक में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का मुद्दा भी प्रमुख रहा। दोनों नेताओं ने माना कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार के लिए इस समुद्री मार्ग का खुला रहना बेहद जरूरी है। शी जिनपिंग ने इस क्षेत्र के सैन्यीकरण और किसी भी प्रकार के टोल लगाए जाने का विरोध किया।

चीन ने यह भी संकेत दिया कि वह भविष्य में अमेरिका से अधिक तेल खरीद सकता है, ताकि ऊर्जा आपूर्ति के लिए किसी एक रणनीतिक मार्ग पर उसकी निर्भरता कम हो सके। विश्लेषकों के अनुसार, यह बैठक वैश्विक तनाव के बीच अमेरिका और चीन के बीच संतुलन बनाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

Health Tips:बारिश से पहले क्यों बढ़ जाती हैं वायरल बीमारियां? जानिए बचाव के आसान तरीके

मौसम बदलने का दौर अक्सर लोगों को राहत के साथ बीमारियां भी दे जाता है। तेज गर्मी के बाद जब बारिश से पहले हवा में नमी बढ़ती है और तापमान अचानक बदलने लगता है, तब शरीर पर इसका सीधा असर पड़ता है। यही वजह है कि इस समय वायरल संक्रमण तेजी से फैलने लगते हैं।

हवा में बढ़ी नमी और तापमान में उतार-चढ़ाव बैक्टीरिया और वायरस को तेजी से फैलने का मौका देते हैं। कई जगहों पर धूल, गंदा पानी और उमस बढ़ जाती है, जिससे संक्रमण का खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है। मौसम का यह बदलाव शरीर की इम्यूनिटी को भी कमजोर कर देता है, जिसके कारण लोग जल्दी बीमार पड़ने लगते हैं।

बदलते मौसम में क्यों बढ़ता है खतरा?

बारिश से पहले दिन में तेज गर्मी और रात में हल्की ठंडक महसूस होने लगती है। लोग अक्सर समझ नहीं पाते कि खानपान और कपड़ों में क्या बदलाव करें। कई बार ठंडी चीजें ज्यादा खाना, बाहर का खाना खाना या पहली बारिश में भीग जाना भी बीमारी की वजह बन जाता है।

इसी दौरान मच्छरों की संख्या बढ़ने लगती है क्योंकि कई जगहों पर पानी जमा हो जाता है। इससे संक्रमण फैलाने वाले कीटाणु तेजी से पनपते हैं और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

कौन-कौन सी बीमारियां ज्यादा फैलती हैं?

इस मौसम में सबसे ज्यादा वायरल फीवर, फ्लू, खांसी-जुकाम और गले के संक्रमण के मामले सामने आते हैं। इसके अलावा सांस से जुड़ी परेशानियां भी बढ़ सकती हैं।

Dengue Fever और Malaria जैसी बीमारियों का खतरा भी बारिश शुरू होने से पहले बढ़ जाता है। वहीं गंदा पानी या दूषित खाना खाने से पेट दर्द, उल्टी, दस्त और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

छोटे बच्चे, बुजुर्ग और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग इस मौसम में ज्यादा जल्दी बीमार पड़ सकते हैं। कई लोग शुरुआती लक्षणों को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यही लापरवाही बाद में गंभीर परेशानी बन सकती है।

कैसे करें बचाव?

  • घर और आसपास पानी जमा न होने दें
  • मच्छरों से बचाव के उपाय करें
  • बाहर का खुला और बासी खाना खाने से बचें
  • ताजा और हल्का भोजन करें
  • पर्याप्त पानी पीते रहें
  • फल और हरी सब्जियां नियमित खाएं
  • बारिश में भीगने के बाद तुरंत सूखे कपड़े पहनें
  • बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें

अगर लगातार बुखार, कमजोरी, खांसी या शरीर दर्द बना रहे तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

होर्मुज तनाव के बीच China की नई रणनीति, अमेरिका से तेल खरीदने पर जोर

Xi Jinping ने बीजिंग में हुई उच्चस्तरीय बैठक के दौरान अमेरिका से ज्यादा तेल खरीदने में रुचि दिखाई है। यह बातचीत Donald Trump की चीन यात्रा के दौरान हुई, जहां दोनों नेताओं ने व्यापार, ऊर्जा और वैश्विक सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की।

बीजिंग के ‘ग्रेट हॉल ऑफ द पीपुल’ में हुई इस मुलाकात में शी जिनपिंग ने कहा कि साल 2026 चीन-अमेरिका संबंधों के लिए एक अहम मोड़ साबित हो सकता है। व्हाइट हाउस के मुताबिक, चीन ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए अमेरिका से अधिक कच्चा तेल आयात करने में दिलचस्पी दिखाई है।

हालांकि चीन दुनिया का सबसे बड़ा तेल आयातक है, लेकिन अमेरिका से उसका तेल आयात सीमित रहा है। कुछ वर्षों पहले चीन अमेरिका से प्रतिदिन लगभग 3.95 लाख बैरल तेल खरीदता था, लेकिन बाद में इसमें लगातार गिरावट देखने को मिली। हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव और टैरिफ विवाद का असर ऊर्जा कारोबार पर भी पड़ा।

ट्रेड वॉर के बाद चीन ने अमेरिका से तेल खरीद में भारी कटौती कर दी थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2025 के बाद से चीन ने अमेरिकी तेल आयात लगभग बंद कर दिया था। अब मौजूदा हालात में ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित बनाने के लिए दोनों देशों के बीच फिर से बातचीत तेज होती दिखाई दे रही है।

बैठक के दौरान शी जिनपिंग ने यह भी कहा कि चीन और अमेरिका को प्रतिद्वंद्वी नहीं बल्कि साझेदार की तरह काम करना चाहिए। उन्होंने दोनों देशों के रिश्तों को दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों में से एक बताया।

वहीं ताइवान मुद्दे पर भी चीन ने अपनी चिंता दोहराई। Taiwan को लेकर शी जिनपिंग ने चेतावनी दी कि यदि इस विषय को सावधानी से नहीं संभाला गया तो दोनों महाशक्तियों के बीच तनाव और बढ़ सकता है।

Ministry of Foreign Affairs of the People’s Republic of China की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि ताइवान का मुद्दा चीन-अमेरिका संबंधों का सबसे संवेदनशील विषय बना हुआ है और इसे संतुलित तरीके से संभालना बेहद जरूरी है।