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उल्का गुप्ता ने खोला इंडस्ट्री का सच, सांवले रंग के कारण झेलना पड़ा रिजेक्शन

टीवी शो Jhansi Ki Rani से पहचान बनाने वाली एक्ट्रेस Ulka Gupta ने इंडस्ट्री में अपने शुरुआती संघर्ष को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि उन्हें कई बार सिर्फ अपने रंग के कारण रिजेक्शन का सामना करना पड़ा।

‘सिर्फ गोरे बच्चे’ लिखे नोट से हुआ था सामना

एक इंटरव्यू में उल्का गुप्ता ने बताया कि जब वह चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर ऑडिशन देने जाती थीं, तो कई जगह बाहर नोट लगा होता था—“सिर्फ गोरे बच्चे।” इस वजह से उन्हें कई बार बिना मौका दिए ही रिजेक्ट कर दिया जाता था।

ऑडिशन के लिए भी करनी पड़ी गुजारिश

उल्का ने बताया कि उन्हें कई बार ऑडिशन देने तक का मौका नहीं मिलता था और वह मेकर्स से गुजारिश करती थीं कि उन्हें सिर्फ एक बार मौका दिया जाए। यह अनुभव उनके लिए मानसिक रूप से काफी कठिन था।

मेकअप को लेकर भी जताई असहजता

उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआती करियर में मेकअप आर्टिस्ट अक्सर उनकी स्किन टोन से मेल न खाने वाला हल्का फाउंडेशन इस्तेमाल करते थे, जिससे उन्हें असहज महसूस होता था और आत्मविश्वास पर असर पड़ता था।

टीवी से लेकर फिल्मों तक का सफर

Ulka Gupta ने कई टीवी शोज जैसे ‘देवों के देव… महादेव’, ‘बन्नी चाउ होम डिलीवरी’ और ‘ध्रुव तारा’ में काम किया है। अब वह फिल्म ‘रजनी की बारात’ में नजर आने वाली हैं।

उनका यह खुलासा इंडस्ट्री में रंगभेद और कास्टिंग प्रैक्टिस पर एक बार फिर बहस को जन्म दे रहा है।

बिजली संकट पर सरोजनी नगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह का बड़ा हस्तक्षेप : ऊर्जा मंत्री ए.के.शर्मा को विस्तृत पत्र लिखकर लो-वोल्टेज, ट्रांसफार्मर ओवरलोड, फीडर ट्रिपिंग और रिपीट फॉल्ट्स पर स्थायी समाधान की मांग करते हुए बोले – “हर गर्मी में क्यों दोहराई जाती है वही समस्या?”

लखनऊ, 21 मई 2026। भीषण गर्मी के बीच राजधानी लखनऊ समेत सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र में लगातार बिगड़ रही बिजली व्यवस्था को लेकर सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री को विस्तृत शिकायती पत्र भेजते हुए विद्युत आपूर्ति व्यवस्था की व्यापक समीक्षा और स्थायी कार्ययोजना बनाने की मांग की है।

डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा भेजे गए बहुपृष्ठीय पत्र में केवल स्थानीय शिकायतों का उल्लेख नहीं किया गया है, बल्कि बिजली व्यवस्था की तकनीकी कमियों, वितरण नेटवर्क की क्षमता, ट्रांसफार्मर लोड, फीडर ट्रिपिंग, रिपीट फॉल्ट्स और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे मुद्दों का भी गंभीर विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है।

पत्र में विधायक ने कहा कि लखनऊ सहित कई क्षेत्रों में इस समय बिजली आपूर्ति गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। बार-बार बिजली बाधित होना, low voltage, transformer overload, feeder tripping, underground cable faults और fuse failure जैसी समस्याओं के कारण आम जनता में असंतोष लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह समस्या केवल वर्तमान सीजन तक सीमित नहीं है, बल्कि पिछले वर्षों में भी गर्मी के दौरान यही हालात सामने आते रहे हैं।

कई पावरहाउस क्षेत्रों की समस्याएं उठाईं

डॉ. राजेश्वर सिंह ने अपने पत्र में सरोजनीनगर क्षेत्र के कई पावरहाउसों और उनसे जुड़े मोहल्लों का विशेष उल्लेख किया है, जहां लगातार बिजली संकट बना हुआ है।

उन्होंने उत्तरेठिया पावरहाउस क्षेत्र के देवी खेड़ा, पवनपुरी, अंबेडकर पुरम, सरपतगंज, कुबेर बगिया, गांधी नगर, रतनदीनगर, बलदेव विहार, शुभानी खेड़ा, ब्राह्मण टोला, राजीवनगर, नटकखेड़ा, सैनिक नगर, बंगाली टोला, नीलमथा, नई बस्ती बाजार, कटेरी बाग, विजय नगर, रेवतापुर, भगवंतनगर और दुर्गापुरी जैसे क्षेत्रों में लगातार low voltage और repeated tripping की समस्या का उल्लेख किया।

इसके अलावा BBAU पावरहाउस क्षेत्र के बिजनौर, रॉयल सिटी, हिमालयन कॉलोनी और नटकुड़ा, नादरगंज पावरहाउस क्षेत्र के शांतिनगर, पंडित खेड़ा, अमौसी, गौरी और संतकबीरनगर, जबकि गहरू और बनी पावरहाउस क्षेत्रों के कई गांवों और कॉलोनियों की समस्याओं को भी ऊर्जा मंत्री के समक्ष रखा गया है।

“समस्या बिजली उत्पादन की नहीं, वितरण नेटवर्क की क्षमता की”

डॉ. राजेश्वर सिंह ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि देशभर में heatwave के कारण बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रही है। उन्होंने लिखा कि भारत की peak power demand लगभग 265 GW तक पहुंच चुकी है और उत्तर प्रदेश में भी मांग 27,000 MW से अधिक होने की रिपोर्ट सामने आई है।

उन्होंने कहा कि लखनऊ जैसे तेजी से बढ़ते शहरों में वास्तविक समस्या केवल बिजली उपलब्धता की नहीं, बल्कि local distribution network की capacity और reliability की है। पुराने load estimates के आधार पर कार्य कर रहे transformers और feeders अब बढ़ती आबादी, apartments, commercial establishments, AC usage, pumps और भविष्य की EV demand के दबाव को संभालने में सक्षम नहीं हैं।

वरिष्ठ अधिकारियों की मॉनिटरिंग टीम बनाने की मांग

पत्र में विधायक ने सवाल उठाया कि जब हर वर्ष गर्मियों में यही संकट उत्पन्न होता है, तो UPPCL स्तर पर senior officers की dedicated quick response team पहले से क्यों नहीं गठित की जाती।

उन्होंने सुझाव दिया कि senior officers की zonal monitoring team बनाई जाए, जो field में जाकर fault-prone areas का निरीक्षण करे, शिकायतें सुने, repair response time की समीक्षा करे और immediate corrective action सुनिश्चित करे।

“जनप्रतिनिधियों से चर्चा जरूरी”

डॉ. राजेश्वर सिंह ने पत्र में यह भी कहा कि बिजली संकट के समय जनता का आक्रोश स्थानीय सांसदों और विधायकों की ओर बढ़ता है, जबकि कई बार उन्हें भी वास्तविक तकनीकी स्थिति की जानकारी नहीं दी जाती।

उन्होंने मांग की कि local electricity planning और corrective action तैयार करते समय संबंधित जनप्रतिनिधियों से अनिवार्य रूप से चर्चा की जाए, ताकि क्षेत्रीय वास्तविकताओं, recurring complaints और जनता की प्राथमिकताओं को योजनाओं में शामिल किया जा सके।

शिकायतों का डेटा आधारित विश्लेषण करने की मांग

पत्र में विधायक ने Chairman, Uttar Pradesh Power Corporation Limited को निर्देशित करने की मांग करते हुए कहा कि पिछले वर्ष की complaints, ongoing complaints, newspaper reports, call centre data, substation registers, transformer failure records, feeder outage history और low voltage complaints का comprehensive review कराया जाए।

उन्होंने विशेष रूप से complaint-wise mapping कराने की मांग की, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि किस इलाके में कितनी बार बिजली बाधित हुई, कौन से transformer बार-बार overload हुए, किन feeders पर repeated tripping हुई और किन क्षेत्रों में repair response सबसे कमजोर रहा।

डॉ. राजेश्वर सिंह की इस पहल को क्षेत्र की जनता ने गंभीर और जनहित से जुड़ा कदम बताया है। भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट से परेशान लोगों को उम्मीद है कि इस विस्तृत पत्र के बाद सरकार और विद्युत विभाग स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कार्रवाई करेगा।

इस हफ्ते सिनेमाघरों में होगा मनोरंजन का धमाका, ‘चांद मेरा दिल’ से ‘दृश्यम 3’ तक कई बड़ी रिलीज

मई का यह हफ्ता सिनेमा प्रेमियों के लिए काफी खास रहने वाला है। रोमांस, सस्पेंस, थ्रिलर और एक्शन से भरपूर कई बड़ी फिल्में इस सप्ताह सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही हैं। बॉलीवुड से लेकर साउथ और हॉलीवुड तक, दर्शकों को अलग-अलग जॉनर की फिल्में देखने को मिलेंगी।

Drishyam 3

Mohanlal की सुपरहिट फ्रेंचाइजी दृश्यम का तीसरा पार्ट इस हफ्ते सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रहा है। पहले दो पार्ट को दर्शकों ने जबरदस्त प्यार दिया था और अब तीसरे भाग को लेकर भी काफी उत्साह बना हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म 21 मई को तमिल, तेलुगु और कन्नड़ भाषाओं में रिलीज होगी।

Chand Mera Dil

Ananya Panday और Lakshya स्टारर यह रोमांटिक फिल्म काफी समय से चर्चा में है। फिल्म का निर्देशन Vivek Soni ने किया है, जबकि इसे Karan Johar के बैनर तले बनाया गया है। यह फिल्म 22 मई को रिलीज होगी।

The Mandalorian and Grogu

Star Wars यूनिवर्स की यह नई फिल्म हॉलीवुड फैंस के बीच काफी एक्साइटमेंट पैदा कर रही है। फिल्म में डिन जारिन और ग्रोगू की कहानी को आगे बढ़ाया जाएगा। भारत में इसे 22 मई को रिलीज किया जाएगा।

Deool Band 2

मराठी सिनेमा की चर्चित फिल्म देऊल बंद का दूसरा पार्ट भी इस हफ्ते रिलीज होने जा रहा है। फिल्म का निर्देशन Pravin Tarde ने किया है। लगभग 11 साल बाद इस फिल्म की वापसी को लेकर दर्शकों में खास उत्साह देखने को मिल रहा है।

Agli Story

निर्देशक L. Pranav Swarup की यह रोमांटिक थ्रिलर 22 मई को रिलीज होगी। फिल्म में रिश्तों और रहस्यों से जुड़ी दिलचस्प कहानी देखने को मिलेगी। इसमें नंदु विजय कृष्णा, Avika Gor और रवि तेजा महादस्यम मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे।

तेलुगु मार्केट में भी छाई ‘धुरंधर 2’, लेकिन ‘वॉर 2’ और ‘एनिमल’ का रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाई

Dhurandhar 2 बॉक्स ऑफिस पर लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है। Ranveer Singh स्टारर और Aditya Dhar के निर्देशन में बनी इस स्पाई एक्शन फिल्म ने हिंदी के साथ-साथ डब वर्जन में भी जबरदस्त कमाई की है।

फिल्म को रिलीज हुए दो महीने से ज्यादा समय हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद दर्शकों के बीच इसका क्रेज बना हुआ है। खासतौर पर तेलुगु राज्यों आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में फिल्म को शानदार रिस्पॉन्स मिला है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म के तेलुगु डब वर्जन ने करीब 43.07 करोड़ रुपये की नेट कमाई कर ली है। इसी के साथ यह तेलुगु मार्केट में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली बॉलीवुड फिल्मों की सूची में तीसरे नंबर पर पहुंच गई है। हालांकि War 2 और Animal अभी भी इससे आगे हैं।

तेलुगु वर्जन में बॉलीवुड फिल्मों की कमाई की सूची में वॉर 2 करीब 56.74 करोड़ रुपये के साथ पहले स्थान पर है, जबकि Ranbir Kapoor की एनिमल ने लगभग 46 करोड़ रुपये का कारोबार किया था।

इसके बाद धुरंधर 2 का नाम आता है। वहीं Jawan, Brahmastra और Chhaava जैसी फिल्में भी इस लिस्ट में शामिल हैं।

बताया जा रहा है कि धुरंधर 2 को करीब 225 करोड़ रुपये के बजट में तैयार किया गया है। फिल्म में राकेश बेदी, सारा अर्जुन, गौरव गेरा और दानिश पंडोर भी अहम भूमिकाओं में नजर आए हैं। इसका निर्माण बी62 स्टूडियोज और Jio Studios के बैनर तले किया गया है।

एस्टोनिया के आसमान में दिखे संदिग्ध ड्रोन को रोमानियाई F-16 ने गिराया, यूक्रेन से जुड़ाव की आशंका

Estonia के ऊपर उड़ रहे एक संदिग्ध ड्रोन को Romania के लड़ाकू विमान ने मार गिराया है। अधिकारियों के मुताबिक यह घटना बाल्टिक क्षेत्र में हुई, जहां NATO की हवाई निगरानी मिशन के तहत तैनात एक रोमानियाई F-16 जेट ने कार्रवाई की।

रिपोर्ट्स के अनुसार ड्रोन दक्षिणी एस्टोनिया के हवाई क्षेत्र में देखा गया था। शुरुआती जांच में इसके यूक्रेनी ड्रोन होने की आशंका जताई गई है।

Hanno Pevkur ने बताया कि सुरक्षा कारणों को देखते हुए ड्रोन को गिराने का फैसला लिया गया। उन्होंने कहा कि शुरुआती अनुमान के मुताबिक ड्रोन का लक्ष्य रूस से जुड़े किसी ठिकाने पर हमला करना हो सकता था।

बताया जा रहा है कि हाल के महीनों में इस तरह की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें Ukraine से जुड़े ड्रोन NATO सदस्य देशों के इलाके में प्रवेश करते पाए गए या वहां गिर गए।

विशेषज्ञों का मानना है कि यूक्रेन ने हाल के दिनों में रूस के ऊर्जा संयंत्रों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के लिए ड्रोन हमलों की संख्या बढ़ा दी है। वहीं दूसरी ओर Russia लगातार इन हमलों को रोकने के लिए एयर डिफेंस सिस्टम को मजबूत करने में जुटा है।

रूस की ओर से हाल ही में दावा किया गया था कि देश पर हुए बड़े यूक्रेनी ड्रोन हमलों में कई लोगों की मौत हुई और कई घायल हुए। ऐसे में बाल्टिक क्षेत्र में हुई यह नई घटना यूरोप की सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ाने वाली मानी जा रही है।