
लखनऊ, 21 मई 2026। भीषण गर्मी के बीच राजधानी लखनऊ समेत सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र में लगातार बिगड़ रही बिजली व्यवस्था को लेकर सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री को विस्तृत शिकायती पत्र भेजते हुए विद्युत आपूर्ति व्यवस्था की व्यापक समीक्षा और स्थायी कार्ययोजना बनाने की मांग की है।

डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा भेजे गए बहुपृष्ठीय पत्र में केवल स्थानीय शिकायतों का उल्लेख नहीं किया गया है, बल्कि बिजली व्यवस्था की तकनीकी कमियों, वितरण नेटवर्क की क्षमता, ट्रांसफार्मर लोड, फीडर ट्रिपिंग, रिपीट फॉल्ट्स और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे मुद्दों का भी गंभीर विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है।

पत्र में विधायक ने कहा कि लखनऊ सहित कई क्षेत्रों में इस समय बिजली आपूर्ति गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। बार-बार बिजली बाधित होना, low voltage, transformer overload, feeder tripping, underground cable faults और fuse failure जैसी समस्याओं के कारण आम जनता में असंतोष लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह समस्या केवल वर्तमान सीजन तक सीमित नहीं है, बल्कि पिछले वर्षों में भी गर्मी के दौरान यही हालात सामने आते रहे हैं।
कई पावरहाउस क्षेत्रों की समस्याएं उठाईं
डॉ. राजेश्वर सिंह ने अपने पत्र में सरोजनीनगर क्षेत्र के कई पावरहाउसों और उनसे जुड़े मोहल्लों का विशेष उल्लेख किया है, जहां लगातार बिजली संकट बना हुआ है।
उन्होंने उत्तरेठिया पावरहाउस क्षेत्र के देवी खेड़ा, पवनपुरी, अंबेडकर पुरम, सरपतगंज, कुबेर बगिया, गांधी नगर, रतनदीनगर, बलदेव विहार, शुभानी खेड़ा, ब्राह्मण टोला, राजीवनगर, नटकखेड़ा, सैनिक नगर, बंगाली टोला, नीलमथा, नई बस्ती बाजार, कटेरी बाग, विजय नगर, रेवतापुर, भगवंतनगर और दुर्गापुरी जैसे क्षेत्रों में लगातार low voltage और repeated tripping की समस्या का उल्लेख किया।
इसके अलावा BBAU पावरहाउस क्षेत्र के बिजनौर, रॉयल सिटी, हिमालयन कॉलोनी और नटकुड़ा, नादरगंज पावरहाउस क्षेत्र के शांतिनगर, पंडित खेड़ा, अमौसी, गौरी और संतकबीरनगर, जबकि गहरू और बनी पावरहाउस क्षेत्रों के कई गांवों और कॉलोनियों की समस्याओं को भी ऊर्जा मंत्री के समक्ष रखा गया है।
“समस्या बिजली उत्पादन की नहीं, वितरण नेटवर्क की क्षमता की”

डॉ. राजेश्वर सिंह ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि देशभर में heatwave के कारण बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रही है। उन्होंने लिखा कि भारत की peak power demand लगभग 265 GW तक पहुंच चुकी है और उत्तर प्रदेश में भी मांग 27,000 MW से अधिक होने की रिपोर्ट सामने आई है।

उन्होंने कहा कि लखनऊ जैसे तेजी से बढ़ते शहरों में वास्तविक समस्या केवल बिजली उपलब्धता की नहीं, बल्कि local distribution network की capacity और reliability की है। पुराने load estimates के आधार पर कार्य कर रहे transformers और feeders अब बढ़ती आबादी, apartments, commercial establishments, AC usage, pumps और भविष्य की EV demand के दबाव को संभालने में सक्षम नहीं हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों की मॉनिटरिंग टीम बनाने की मांग

पत्र में विधायक ने सवाल उठाया कि जब हर वर्ष गर्मियों में यही संकट उत्पन्न होता है, तो UPPCL स्तर पर senior officers की dedicated quick response team पहले से क्यों नहीं गठित की जाती।

उन्होंने सुझाव दिया कि senior officers की zonal monitoring team बनाई जाए, जो field में जाकर fault-prone areas का निरीक्षण करे, शिकायतें सुने, repair response time की समीक्षा करे और immediate corrective action सुनिश्चित करे।
“जनप्रतिनिधियों से चर्चा जरूरी”

डॉ. राजेश्वर सिंह ने पत्र में यह भी कहा कि बिजली संकट के समय जनता का आक्रोश स्थानीय सांसदों और विधायकों की ओर बढ़ता है, जबकि कई बार उन्हें भी वास्तविक तकनीकी स्थिति की जानकारी नहीं दी जाती।


उन्होंने मांग की कि local electricity planning और corrective action तैयार करते समय संबंधित जनप्रतिनिधियों से अनिवार्य रूप से चर्चा की जाए, ताकि क्षेत्रीय वास्तविकताओं, recurring complaints और जनता की प्राथमिकताओं को योजनाओं में शामिल किया जा सके।
शिकायतों का डेटा आधारित विश्लेषण करने की मांग
पत्र में विधायक ने Chairman, Uttar Pradesh Power Corporation Limited को निर्देशित करने की मांग करते हुए कहा कि पिछले वर्ष की complaints, ongoing complaints, newspaper reports, call centre data, substation registers, transformer failure records, feeder outage history और low voltage complaints का comprehensive review कराया जाए।
उन्होंने विशेष रूप से complaint-wise mapping कराने की मांग की, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि किस इलाके में कितनी बार बिजली बाधित हुई, कौन से transformer बार-बार overload हुए, किन feeders पर repeated tripping हुई और किन क्षेत्रों में repair response सबसे कमजोर रहा।
डॉ. राजेश्वर सिंह की इस पहल को क्षेत्र की जनता ने गंभीर और जनहित से जुड़ा कदम बताया है। भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट से परेशान लोगों को उम्मीद है कि इस विस्तृत पत्र के बाद सरकार और विद्युत विभाग स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कार्रवाई करेगा।


































