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यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2024: तीसरे दिन लेजर शो और फैशन शो बने आकर्षण का केंद्र, भारी भीड़ ने बढ़ाया कारोबारियों का उत्‍साह

  • इंटरनेशनल ट्रेड शो के तीसरे दिन भी बड़ी संख्या में जुटे बायर्स और कंज्यूमर्स, साढ़े तीन लाख लोग पहुंचे ट्रेड शो देखने
  • नोएडा, ग्रेटर नोएडा, दिल्‍ली, गुड़गांव, गाजियाबाद, फरीदाबाद समेत प्रदेश के अन्य शहरों, राज्‍यों और विदेशों से आ रहे लोग
  • उद्यमियों का उत्साह दोगुना, वीकंड पर अगले दो दिन और अधिक भीड़ जुटने की उम्‍मीद
  • शिक्षा, संस्‍कृति से लेकर दूसरे तरह के स्टॉल्स पर भी लोगों की भीड़ जुट रही
  • लेजर शो और खादी फैशन शो ने कार्यक्रम में बांधा समां, सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने किया मंत्रमुग्ध

ग्रेटर नोएडा/लखनऊ, 27 सितम्बर: ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में चल रहा उत्‍तर-प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। कार्यक्रम के तीसरे दिन नोएडा, ग्रेटर नोएडा, दिल्‍ली,  गुड़गांव, गाजियाबाद फरीदाबाद ही नहीं, बल्कि दूसरे शहरों, राज्‍यों और विदेशों से आने वाले बॉयर्स की भी काफी भीड़ देखने को मिल रही है। बॉयर्स की अच्‍छी-खासी भीड़ देखकर कारोबारियों में काफी उत्‍साह है। एक अनुमान के मुताबिक शुक्रवार को तकरीबन साढ़े तीन लाख लोग ट्रेड शो देखने पहुँचे। उम्‍मीद की जा रही है कि शनिवार और रविवार को और अधिक भीड़ जुटेगी, क्‍योंकि वीकंड होने की वजह से लोग छुट्टी का सदुपयोग करेंगे और अंतर्राष्‍ट्रीय ट्रेड फेयर में आकर अपने पंसदीदा उत्‍पादों की प्रदर्शनी देखेंगे। वहीं, तीसरे दिन लेजर शो और खादी फैशन शो आकर्षण का केंद्र रहे। सांस्कृतिक संध्या में कलाकारों की प्रस्तुति ने भी समां बांध दिया।

पवेलियंस में जुट रही भीड़

पिछले दो दिनों के मुकाबले शुक्रवार को मेले में अधिक भीड़ देखने को मिली। यहां प्रदर्शनी के अलावा हो रहे अन्‍य कार्यक्रम भी लोगों को खूब भा रहे हैं, जिनमें संगीत और फैशन शो से जुड़े हुए कार्यक्रम शामिल हैं। वहीं यहां आयोजित हो रहे नॉलेज सेशन उधमियों के लिए काफी महत्‍वपूर्ण साबित हो रहे हैं, क्‍योंकि उन्‍हें यहां आसानी से देशी और विदेशी बॉयर्स मिल रहे हैं, जिससे कारोबारियों का उत्‍साह काफी बढ़ा हुआ है। लोगों द्वारा वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्‍ट को काफी पंसद किया जा रहा है। शिक्षा, संस्‍कृति, कल्‍चर से लेकर दूसरे तरह के स्‍टॉल पर भी लोगों की भीड़ जुट रही है। साज-सज्‍जा से लेकर गारमेंट के उत्‍पादों को भी लोगों द्वारा खूब पंसद किया जा रहा है।

‘उत्तम व उद्यम प्रदेश’ बनाने की दिख रही झलक

इंडिया एक्सपो मार्ट में उत्तर प्रदेश को ‘उत्तम व उद्यम प्रदेश’ बनाने की पूरी झलक नजर आ रही है। औधोगिक और स्‍टार्टअप के पटल पर प्रदेश किस तरह दिन दोगुनी और रात चौगुनी तरक्‍की कर रहा है, इसकी तस्‍दीक न केवल यह मेला कर रहा है, बल्कि यहां जुट रही लोगों की भीड़ भी कर रही है। इस दौरान सीएम योगी के विजन में बनीं सेक्टोरल पॉलिसीज पर भी फोकस किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत विभिन्न तरह के नॉलेज सेशन आयोजित किए जा रहे हैं।

पिछले वित्‍तीय में 20.57 बिलियन अमेरिकी डॉलर पहुंचा निर्यात : सचान

शुक्रवार को फेडरेशन ऑफ एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (एफआईईओ) द्वारा आयोजित नेविगेटिंग द ग्‍लोबल मार्केट प्‍लेस पोटिंशल, चैलेंज एंड स्‍ट्रेटिजीज फॉर इंडियन एक्‍सपोटर्स विषय पर आयोजित सेशन में प्रदेश सरकार के माइक्रो, स्‍मॉल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज, खादी एंड विलेज इंडस्‍ट्रीज, हैंडलूम एंड टैक्‍सटाइल मंत्री राकेश सचान ने कहा कि पिछले वित्‍तीय वर्ष में प्रदेश के निर्यात ने 20.57 बिलियन अमेरिकी डॉलर के आकड़े को छू लिया था। उन्‍होंने कहा कि वृद्धि का महत्‍वपूर्ण हिस्‍सा हमारे एमएसएमई के प्रयासों का कारण है। उन्‍होंने कहा, एमएसएमई की यह उपलब्धि महत्‍वपूर्ण है, जो घरेलू और अंतराष्‍ट्रीय बाजारों में अपनी रचनात्‍मकता और लचीलेपन का लाभ उठाते हैं।

2025 तक उत्‍तर-प्रदेश 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्‍यवस्‍था बनने के लिए प्रतिबद्ध : नंदी

इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एंड एक्‍सपोर्ट प्रमोशन मंत्री नंद गोपाल नंदी ने कहा कि प्रदेश में कई बेहतरीन कारीगर और निर्माता हैं, जिनकी शिल्‍पकला को दुनिया भर में मान्‍यता मिली है। उन्‍होंने कहा कि एक जिला, एक उत्‍पाद पहल ने यह सुनिश्चित किया है कि प्रत्‍येक जिला अपनी अनूठी शक्तियों का उपयोग हमारी अर्थव्‍यवस्‍था में योगदान देने में हो रहा है, इसमें स्‍थानीय उधोगों ने महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्‍होंने कहा, 2025 तक उत्‍तर-प्रदेश 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्‍यवस्‍था बनने के लिए पूर्ण तरीके प्रतिबद्ध है।

खादी फैशन शो हुआ आयोजित

यहां आयोजित खादी फैशन शो में यूपी की सांस्कृतिक झलक देखने को मिली। लोगों ने प्रदेश की इस समृद्ध सांस्कृतिक झलक को देखने में काफी रुचि दिखाई। शानदार साड़ियों से लेकर अन्य परिधानों का खूबसूरत प्रदर्शन यहां आई भीड़ को खूब भाया।

हुनरमंद युवाओं के लिए विशिष्ट कौशल का लाइव प्रदर्शन

इंटरनेशनल ट्रेड शो के तीसरे दिन, कौशल विकास मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कौशल विकास मिशन का निरीक्षण किया। उन्होंने युवाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया और कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह आयोजन युवाओं को योजनाओं की जानकारी देता है और उन्हें अपने भविष्य को संवारने का एक बेहतर मंच प्रदान करता है। कौशल विकास मिशन के माध्यम से युवाओं को आधुनिक तकनीकों में दक्षता हासिल करने का अवसर मिल रहा है, जिससे वे बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकते हैं। ट्रेड शो के दौरान कौशल विकास पवेलियन में प्रदेश के हुनरमंद युवाओं ने विभिन्न विशिष्ट कौशलों का लाइव प्रदर्शन किया गया।

गौतमबुद्ध नगर के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा गुणवत्ता पर विशेष ध्यान: डीएम मनीष कुमार वर्मा का औचक निरीक्षण

नोएडा, 27 सितंबर 2024: शिक्षा की गुणवत्ता और बच्चों को दी जाने वाली मूलभूत सुविधाओं को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी (डीएम) मनीष कुमार वर्मा ने आज रायपुर सेक्टर 126, नोएडा के प्राथमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य था यह जांचना कि विद्यालय में बच्चों को प्रदान की जा रही सुविधाएं और शिक्षा का स्तर मानकों के अनुरूप है या नहीं। इस दौरान डीएम ने मिड डे मील का भोजन भी खुद चखा और उसकी गुणवत्ता परखी, जो कि मानकों के अनुसार सही पाई गई।

शिक्षा गुणवत्ता पर विशेष ध्यान

जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने विद्यालय के निरीक्षण के दौरान सबसे पहले शिक्षा की गुणवत्ता का जायजा लिया। उन्होंने कक्षाओं में जाकर अध्यापन कार्य देखा और बच्चों से सीधे बातचीत की। डीएम ने यह सुनिश्चित किया कि बच्चे दी जा रही शिक्षा को सही तरीके से समझ पा रहे हैं और शिक्षक उन्हें सिखाने में पूरी मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए और यह प्राथमिकता होनी चाहिए कि बच्चों को सर्वोत्तम शिक्षा प्राप्त हो।

डीएम ने विद्यालय के प्रधानाचार्य और शिक्षकों को निर्देश दिया कि वे बच्चों की उपस्थिति पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे की स्कूल में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित होनी चाहिए, और जो बच्चे लगातार अनुपस्थित रहते हैं, उनके घर जाकर उनके माता-पिता से बात करनी चाहिए। डीएम ने शिक्षकों को यह भी कहा कि वे ऐसे बच्चों के अभिभावकों को जागरूक करें और उन्हें बच्चों की शिक्षा का महत्व समझाएं।

मूलभूत सुविधाओं का निरीक्षण

शिक्षा के साथ-साथ, जिलाधिकारी ने स्कूल की मूलभूत सुविधाओं का भी गहराई से निरीक्षण किया। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि विद्यालय में पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई और बैठने की उचित व्यवस्था हो। डीएम ने कहा कि बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना आवश्यक है, और इसके लिए विद्यालय में स्वच्छता और स्वास्थ्यकर वातावरण बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

निरीक्षण के दौरान विद्यालय के शौचालयों की साफ-सफाई और पीने के पानी की गुणवत्ता की भी जांच की गई। जिलाधिकारी ने शिक्षकों और प्रधानाचार्य को निर्देश दिया कि बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों को समय-समय पर स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी दी जानी चाहिए, ताकि वे खुद भी स्वच्छता की आदतें विकसित कर सकें।

मिड डे मील की गुणवत्ता का परीक्षण

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने मिड डे मील भोजन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने खुद मिड डे मील खाकर उसकी गुणवत्ता परखी और यह सुनिश्चित किया कि बच्चों को दी जा रही भोजन की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप है। मिड डे मील की गुणवत्ता सही पाए जाने पर डीएम ने संतोष व्यक्त किया और कहा कि बच्चों के शारीरिक विकास के लिए पौष्टिक भोजन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने शिक्षकों और रसोई कर्मियों को निर्देश दिया कि मिड डे मील की तैयारी में हमेशा सफाई और पौष्टिकता का ध्यान रखा जाए।

डीएम ने यह भी सुनिश्चित किया कि भोजन बच्चों को समय पर परोसा जाए और इसके भंडारण एवं पकाने की प्रक्रिया में स्वच्छता के सभी मानकों का पालन हो। उन्होंने बच्चों से बातचीत कर यह भी जाना कि क्या उन्हें भोजन पसंद आ रहा है और क्या वे इसे समय पर प्राप्त कर रहे हैं। बच्चों ने डीएम को बताया कि उन्हें मिड डे मील का भोजन बहुत पसंद है और वे इसे प्रतिदिन उत्साह से खाते हैं।

बच्चों की उपस्थिति पर विशेष जोर

जिलाधिकारी ने विद्यालय में उपस्थिति पंजिका की जांच की और देखा कि बच्चों की उपस्थिति की स्थिति क्या है। उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिया कि जो बच्चे लगातार स्कूल नहीं आ रहे हैं, उनके घर जाकर उनके माता-पिता से फीडबैक लिया जाए। डीएम ने कहा कि बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकगण अभिभावकों के साथ मिलकर काम करें और उन्हें यह समझाएं कि बच्चों की शिक्षा कितनी महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा का अधिकार है, और यह सुनिश्चित करना शिक्षकों और प्रशासन का दायित्व है कि हर बच्चा नियमित रूप से स्कूल आए और अपनी पढ़ाई में पीछे न रह जाए। उन्होंने प्रधानाचार्य और शिक्षकों से यह भी कहा कि बच्चों की उपस्थिति की निगरानी के लिए समय-समय पर समीक्षा की जाए और अनुपस्थित रहने वाले बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जाए।

विद्यालय के प्रधानाचार्य और शिक्षकों की सराहना

निरीक्षण के दौरान डीएम ने देखा कि विद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता और मूलभूत सुविधाएं सन्तोषजनक स्तर पर हैं। उन्होंने विद्यालय के प्रधानाचार्य और शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की और उन्हें बधाई दी कि वे अपने कार्य को पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं। डीएम ने शिक्षकों से कहा कि वे इसी तरह मेहनत करते रहें और बच्चों की शिक्षा में किसी भी प्रकार की कमी न आने दें।

जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि बच्चों का समग्र विकास सुनिश्चित करना विद्यालय प्रशासन और शिक्षकों की जिम्मेदारी है। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे बच्चों को केवल पाठ्यक्रम की शिक्षा देने तक सीमित न रहें, बल्कि उन्हें नैतिक मूल्यों, स्वच्छता और समाज के प्रति जिम्मेदारियों के बारे में भी शिक्षित करें।

शिक्षा विभाग के अधिकारी भी रहे उपस्थित

निरीक्षण के दौरान शिक्षा विभाग के अधिकारी भी डीएम के साथ मौजूद रहे। उन्होंने डीएम के निर्देशों का पालन करने का वादा किया और कहा कि विद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता और सुविधाओं में सुधार के लिए वे पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। अधिकारियों ने कहा कि जिलाधिकारी के निर्देशानुसार, वे विद्यालय में समय-समय पर निरीक्षण करते रहेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि बच्चों को सर्वोत्तम शिक्षा और सुविधाएं प्राप्त हो।

समाज और राष्ट्र के विकास में शिक्षा की भूमिका

निरीक्षण के अंत में, जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि शिक्षा समाज और राष्ट्र के विकास की नींव है। उन्होंने कहा कि बच्चों को अच्छी शिक्षा प्राप्त कराना केवल उनका अधिकार नहीं, बल्कि यह देश के भविष्य के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। डीएम ने कहा, “यदि हम चाहते हैं कि हमारा समाज और देश उन्नति करे, तो हमें अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा और बेहतर सुविधाएं प्रदान करनी होंगी।”

उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा के साथ-साथ, बच्चों को नैतिक मूल्यों और समाज के प्रति जिम्मेदारियों के बारे में भी जागरूक करना आवश्यक है। डीएम ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षित करना एक राष्ट्र निर्माण का कार्य है, और इसके लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।

जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा द्वारा किए गए इस औचक निरीक्षण ने यह सुनिश्चित किया कि गौतमबुद्ध नगर के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता और मूलभूत सुविधाएं मानकों के अनुरूप हैं। डीएम के इस निरीक्षण से यह स्पष्ट हुआ कि प्रशासन शिक्षा और बच्चों के समग्र विकास को लेकर गंभीर है। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा द्वारा विद्यालयों में किए गए इस प्रकार के औचक निरीक्षण न केवल शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में सहायक होते हैं, बल्कि इससे शिक्षकों और विद्यालय प्रशासन को अपने कार्यों के प्रति अधिक जिम्मेदार और सजग रहने की प्रेरणा मिलती है। इस पहल के माध्यम से गौतमबुद्ध नगर के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा और मूलभूत सुविधाओं के स्तर को और अधिक ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रयास जारी रहेगा।

हरकोर्ट बटलर प्राविधिक विश्वविद्यालय, कानपुर का छठवां दीक्षांत समारोह संपन्न: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने छात्रों को प्रेरित किया

लखनऊ, 27 सितंबर, 2024: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में आज हरकोर्ट बटलर प्राविधिक विश्वविद्यालय, कानपुर का छठवां दीक्षांत समारोह धूमधाम से संपन्न हुआ। समारोह में राज्यपाल ने विभिन्न पाठ्यक्रमों के स्नातक और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को 899 उपाधियाँ प्रदान कीं। इसके साथ ही राज्यपाल ने मेधावी विद्यार्थियों को 48 मेडल भी दिए, जिनमें 21 छात्राओं और 27 छात्रों को उपकुलपति मेडल और चांसलर मेडल प्रदान किए गए।

इस विशेष समारोह का आयोजन विश्वविद्यालय के मुख्य सभागार में किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल ने अपने संबोधन में प्राविधिक शिक्षा के महत्व पर जोर दिया और कहा कि विद्यार्थियों को अनुशासित रहकर अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में लगातार प्रयास करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि केवल ज्ञान अर्जित करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसे प्रौद्योगिकी के साथ जोड़कर समाज के विकास में योगदान देना आवश्यक है।

प्राविधिक शिक्षा में छात्राओं की भूमिका पर विशेष जोर

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने संबोधन में इस बात पर विशेष ध्यान दिलाया कि छात्राओं का प्रदर्शन छात्रों की तुलना में अपेक्षाकृत कम है। उन्होंने छात्राओं से आग्रह किया कि वे प्राविधिक शिक्षा के क्षेत्र में और अधिक मेहनत करें और अपने प्रदर्शन में सुधार लाएं। राज्यपाल ने कहा, “शिक्षा के क्षेत्र में महिलाओं का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए छात्राओं को अपनी जिम्मेदारियों को समझना होगा और उत्कृष्ट प्रदर्शन करना होगा।”

अनुशासन का महत्व: सफलता की कुंजी, ज्ञान व प्रौद्योगिकी का युग

राज्यपाल ने अपने भाषण में अनुशासन के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जीवन में अनुशासन बनाए रखना सफलता प्राप्त करने का महत्वपूर्ण कारक है। उन्होंने कहा, “अनुशासित व्यक्ति ही अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकता है। अनुशासन से न केवल व्यक्तित्व निखरता है, बल्कि समाज में एक अलग पहचान भी बनती है।” राज्यपाल ने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे अनुशासन और कड़ी मेहनत के साथ अपने लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में आगे बढ़ें।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि वर्तमान युग केवल ज्ञान का नहीं है बल्कि ज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का है। उन्होंने कहा, “आज दुनिया में वही देश प्रगति कर रहे हैं, जो नवाचार और नई टेक्नोलॉजी को प्राथमिकता दे रहे हैं। पिछले 10 वर्षों में भारत ने विज्ञान एवं तकनीकी के क्षेत्र में अपनी क्षमता का विश्व स्तर पर परिचय दिया है।” उन्होंने यह भी कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। देश में तीव्र गति से हो रहे विकास के कारण वैश्विक स्तर पर भारत के साथ व्यापारिक संबंध स्थापित करने में कई देशों की रुचि बढ़ी है।

पुस्तक और आंगनबाड़ी किटों का वितरण

समारोह में राज्यपाल ने राजभवन की ओर से स्कूलों की लाइब्रेरी के लिए पुस्तकें भी प्रदान कीं, जो छोटे बच्चों के बौद्धिक विकास में सहायक होंगी। इसके साथ ही उन्होंने 200 आंगनबाड़ी किटों का वितरण भी किया, जिससे आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की बेहतर देखभाल और स्वास्थ्य का ध्यान रखा जा सकेगा। राज्यपाल ने कहा, “इन किटों से आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की देखभाल का स्तर बेहतर होगा और उनके स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जा सकेगा।”

कौशल विकास और स्टार्टअप्स के लिए अवसर, शोध और नवाचार की बढ़ती प्रवृत्ति

राज्यपाल ने बजट में कौशल विकास, रोजगार, नवाचार और स्टार्टअप्स के लिए किए गए प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्रावधान आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री जी के विजन के तहत विद्यार्थियों के कौशल विकास के लिए 125 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो अब तक का सबसे बड़ा बजट है। इसके तहत अगले 5 वर्षों में एक करोड़ विद्यार्थियों को प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थानों में पेड इंटर्नशिप का अवसर प्रदान किया जाएगा।”

राज्यपाल ने देश में शोध और नवाचार की दिशा में हो रहे कार्यों पर संतोष व्यक्त किया और कहा कि युवा अब रोजगार ढूंढने के बजाय स्टार्टअप्स के माध्यम से रोजगार सृजन कर रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा नवाचार और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए दी जाने वाली आर्थिक सहायता की भी उन्होंने सराहना की।

सफलता के लिए कड़ी मेहनत जरूरी

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता है। उन्होंने कहा, “सफलता प्राप्त करने के लिए कठिन परिश्रम करना जरूरी है। विद्यार्थियों को ऑनलाइन गेम्स और अन्य धोखाधड़ी से बचना चाहिए और अपने भविष्य के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए पूरी निष्ठा और ईमानदारी से काम करना चाहिए।”

समाज के विकास में विश्वविद्यालय की भूमिका

राज्यपाल ने विश्वविद्यालय को अपने गोद लिए गांवों में जाकर वहां की समस्याओं को जानने और उनके समाधान के लिए काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा, “विश्वविद्यालय का यह कर्तव्य है कि वह समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाए और ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं का समाधान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाए।”

नवीन भवनों और डिजिटल सेवाओं का शुभारंभ

राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के दो नए भवनों, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग एवं केमिकल इंजीनियरिंग भवनों का लोकार्पण किया और ‘समर्थ पोर्टल’ का शुभारंभ भी किया। इसके साथ ही सभी उपाधियाँ, अंक पत्र और प्रमाण पत्र डिजीलॉकर में ऑनलाइन अपलोड किए गए, जिससे विद्यार्थियों को इन दस्तावेजों की पहुंच सुगम होगी।

सर्वश्रेष्ठ शोधकर्ताओं और संकाय सदस्यों का सम्मान

समारोह में राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के सर्वश्रेष्ठ शोधकर्ताओं और स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों में शामिल विश्वविद्यालय के 06 संकाय सदस्यों को भी प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया। इसके अलावा, राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के गोद लिए गए पांच गांवों के विद्यालयों में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया और प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को सम्मानित किया।

मुख्य अतिथि का संबोधन

समारोह के मुख्य अतिथि, पद्मश्री प्रोफेसर मणीन्द्र अग्रवाल ने सभी उपाधि प्राप्तकर्ताओं को बधाई दी और उन्हें अपने करियर में सफल पेशेवर बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास में सक्रिय योगदान देने के लिए भी प्रेरित किया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर समशेर सिंह, कार्यपरिषद और विद्यापरिषद के सदस्य, शिक्षकगण, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, विद्यार्थी और विभिन्न विद्यालयों के बच्चे उपस्थित रहे।

उत्तरप्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो: तीसरे दिन मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने किया कौशल विकास मिशन के निरीक्षण में युवाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए किया प्रेरित

लखनऊ: ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के तीसरे दिन प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कौशल विकास मिशन की विभिन्न गतिविधियों और लाइव कौशल प्रदर्शनों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के युवाओं को मिल रहे प्रशिक्षण और अवसरों की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में इस इंटरनेशनल ट्रेड शो का आयोजन प्रदेश के युवाओं को सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें अपने भविष्य को सँवारने का एक बेहतर मंच प्रदान कर रहा है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के माध्यम से युवाओं को आधुनिक तकनीकों में दक्षता हासिल करने का अवसर मिल रहा है, जिससे वे बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकते हैं। शो के दौरान उन्होंने युवाओं से मुलाकात की और उन्हें प्रदेश सरकार की योजनाओं से जुड़कर अपने कौशल को निखारने और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

ट्रेड शो के कौशल विकास पवेलियन में प्रदेश के हुनरमंद युवाओं ने विभिन्न विशिष्ट कौशलों का लाइव प्रदर्शन किया, जिनमें तकनीकी और पारंपरिक हस्तशिल्प के साथ-साथ आधुनिक तकनीकों का समावेश था। इन प्रदर्शनों ने आगंतुकों को उत्तर प्रदेश के उभरते हुए कौशल और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।

इसके बाद कपिल देव अग्रवाल ने ट्रेड शो में लगे अन्य पवेलियनों का भी दौरा किया और वहां लगे विभिन्न स्टॉलों पर जाकर विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने उत्पादकों और उद्यमियों से बातचीत करते हुए उनके अनुभवों को जाना और उनकी सराहना की। मंत्री ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम न सिर्फ प्रदेश के युवाओं और उद्यमियों को आगे बढ़ने का अवसर दे रहे हैं, बल्कि उत्तर प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरने का भी मंच प्रदान कर रहे हैं। इस अवसर पर प्रमुख सचिव आलोक कुमार, अपर मिशन निदेशक प्रिया सिंह सहित अन्य गणमान्य अधिकारी भी उपस्थित रहे ।

LUCKNOW: महात्मा बुद्ध कृषि विश्वविद्यालय कुशीनगर के लिए रुपए 45 करोड़ जारी

लखनऊ: कुशीनगर में बनाए जा रहे महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की स्थापना एवं वृहद निर्माण कार्यों के लिए शासन द्वारा 45 करोड़ रुपए की वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है। इस संबंध में प्रदेश के कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि यह विश्वविद्यालय शिक्षा और अनुसंधान से उत्तर प्रदेश के कृषकों की आय को दुगनी करने तथा कृषि को धारणीय बनाने में दूरगामी सफलता प्रदान करेगा।

इसके साथ ही मृदा एवं जल संरक्षण अनुसूचित जातियों के लिए विशेष घटक योजना नेशनल मिशन फॉर सस्टेनेबल एग्रीकल्चर के अंतर्गत नमामि गंगे योजना तथा अन्य के लिए रुपए 3.51 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति भी जारी कर दी गई है।