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भारत में कृषि सुधार और किसानों की समस्याएं व उन समस्याओं का समाधान

लखनऊ/नई दिल्ली: कृषि भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाती है। देश की लगभग 58% आबादी अपनी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर करती है, लेकिन इसके बावजूद किसान कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), कृषि कानूनों, जलवायु परिवर्तन, और बाजार की अस्थिरता जैसे मुद्दे भारतीय किसानों के सामने प्रमुख समस्याएं हैं। सरकार ने कृषि सुधारों की दिशा में कई कदम उठाए हैं, लेकिन किसानों की आय में वृद्धि और उनकी समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए और अधिक प्रयासों की आवश्यकता है।

कृषि सुधार: सरकार के प्रयास

भारत सरकार ने हाल के वर्षों में कृषि सुधारों की दिशा में कई पहलें की हैं। इनमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित शामिल हैं:

1. कृषि कानून (2020): केंद्र सरकार ने तीन प्रमुख कृषि कानून पेश किए, जिनका उद्देश्य किसानों को कृषि मंडियों से बाहर भी अपनी उपज बेचने की स्वतंत्रता देना था। हालांकि, इन कानूनों का देशभर में व्यापक विरोध हुआ, खासकर पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों द्वारा। विरोध के बाद सरकार ने इन कानूनों को वापस लेने का निर्णय लिया।

2. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN): इस योजना के तहत छोटे और सीमांत किसानों को हर साल 6,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। यह योजना किसानों को आर्थिक रूप से समर्थन देने और उनकी आय बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई थी।

3. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY): इस योजना का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक आपदाओं, कीटों और बीमारियों से फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए बीमा कवर प्रदान करना है। हालांकि, इस योजना में कई चुनौतियां भी सामने आई हैं, जैसे क्लेम प्रोसेस में देरी और सभी किसानों तक इसकी पहुंच न होना।

4. कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड: इस फंड के तहत किसानों और कृषि सहकारी समितियों को बेहतर भंडारण, कोल्ड स्टोरेज और कृषि-प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना के लिए वित्तीय सहायता दी जा रही है। इसका उद्देश्य कृषि उत्पादों की बर्बादी को कम करना और किसानों को बाजार में बेहतर कीमत दिलाना है।

किसानों की प्रमुख समस्याएं

1. न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP): किसानों की एक प्रमुख मांग है कि सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को कानूनी दर्जा दे। MSP वह मूल्य है जिस पर सरकार किसानों से उनकी उपज खरीदती है। कई किसानों का कहना है कि उन्हें MSP नहीं मिलता, जिससे उन्हें बाजार में कम कीमतों पर अपनी फसल बेचनी पड़ती है।

2. बढ़ती लागत: उर्वरक, बीज, कीटनाशक, और सिंचाई जैसी कृषि उत्पादन की लागत में वृद्धि हो रही है, जबकि किसानों की आय में वृद्धि नहीं हो पा रही है। इससे किसानों को आर्थिक रूप से नुकसान उठाना पड़ता है, जिससे कर्ज का बोझ बढ़ता है।

3. जलवायु परिवर्तन: अनियमित बारिश, सूखा, और बाढ़ जैसी जलवायु घटनाओं ने किसानों की समस्याओं को और बढ़ा दिया है। फसल की विफलता और उत्पादन में कमी के कारण किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ता है।

4. कर्ज का बढ़ता बोझ: किसानों की आय सीमित होने के कारण उन्हें अक्सर कर्ज लेना पड़ता है। कई किसान साहूकारों से ऊंची ब्याज दरों पर कर्ज लेते हैं, जिससे उनका वित्तीय संकट और गहरा जाता है।

5. सिंचाई की समस्या: देश के कई हिस्सों में सिंचाई की समुचित व्यवस्था नहीं है। किसान मानसून पर निर्भर होते हैं, और खराब मानसून के कारण फसल उत्पादन में कमी आ जाती है।

समाधान और भविष्य की दिशा

1. MSP का कानूनी दर्जा: किसानों को MSP का कानूनी दर्जा देने से बाजार में फसल की न्यूनतम कीमत सुनिश्चित की जा सकेगी, जिससे उन्हें अपनी उपज का सही मूल्य मिलेगा। इससे उनकी आय में वृद्धि हो सकती है।

2. कृषि तकनीक का उपयोग: उन्नत कृषि तकनीकों जैसे ड्रिप इरिगेशन, स्मार्ट खेती और डिजिटल प्लेटफार्मों का उपयोग किसानों की उत्पादकता को बढ़ा सकता है। इसके अलावा, किसानों को तकनीकी ज्ञान और प्रशिक्षण प्रदान करना जरूरी है।

3. प्राकृतिक खेती को बढ़ावा: सरकार द्वारा जैविक और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे उत्पादन की लागत कम होगी और किसानों की आय में सुधार होगा। साथ ही, इससे पर्यावरण को भी लाभ होगा।

4. कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार: भंडारण और प्रसंस्करण इकाइयों में सुधार से किसानों को उनकी फसलों का सही मूल्य मिलेगा। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और किसान सीधे बाजार से जुड़ सकेंगे।

5. जल प्रबंधन: सिंचाई परियोजनाओं में सुधार और जल संसाधनों का प्रभावी उपयोग करके किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधाएं प्रदान की जा सकती हैं। सूखे वाले क्षेत्रों में माइक्रो-इरिगेशन को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

भारत में कृषि सुधारों की दिशा में कई प्रयास किए गए हैं, लेकिन किसानों की समस्याएं अभी भी बनी हुई हैं। MSP का कानूनी दर्जा, तकनीकी नवाचार, और जलवायु अनुकूलन जैसे कदम किसानों की स्थिति में सुधार लाने में मदद कर सकते हैं। कृषि क्षेत्र की समस्याओं को हल करने के लिए सरकार और किसानों के बीच निरंतर संवाद और सहयोग आवश्यक है। अगर सही दिशा में कदम उठाए जाते हैं, तो भारत के किसान न केवल आत्मनिर्भर बन सकते हैं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी नई ऊंचाइयों पर ले जा सकते हैं।

पुलिस कार्मिकों को मिलेगा ई-पेंशन प्रणाली का लाभ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

  • मुख्यमंत्री का निर्देश, किसी भी संवर्ग का कार्मिक हो, समय से पदोन्नति मिले, योग्यता अनुसार मिले पदस्थापना, सेवानिवृत्ति पर न होना पड़े परेशान
  • एडीजी स्तर के अधिकारियों से बोले मुख्यमंत्री, इकाई भले अलग-अलग पर लक्ष्य सबका एक, बेहतर रहे प्रदेश की कानून व्यवस्था
  • मुख्यमंत्री ने की एडीजी स्तर के अधिकारियों के साथ विशेष बैठक, हर इकाई के कार्यों की समीक्षा की
  • बोले मुख्यमंत्री, मृतक आश्रित नियमों में सुधार की जरूरत, व्यावहारिकता का रखें ध्यान
  • साइबर सुरक्षा को पुख्ता करने पर मुख्यमंत्री का जोर, कहा तकनीक अपनाएं, जागरूकता भी बढ़ाएं
  • सीएम योगी ने कहा- पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा का परिणाम इस माह के अंत तक जारी करने की तैयारी करें
  • मुख्यमंत्री का निर्देश, वरिष्ठ अधिकारी समय पर कार्यालय आएं, किसी भी कार्यालय में कोई फाइल तीन दिन से अधिक लंबित न हो
  • सीएम ने कहा- रेल ट्रैक पर अवरोध की घटनाएं चिंताजनक, समन्वय बढ़ाएं, इंटेलिजेंस को करें बेहतर
  • उन्होंने कहा- वीमेन पॉवर लाइन 1090 को और उपयोगी बनाने का प्रयास हो, जिन जिलों से कम फोन कॉल आ रहे हैं, वहां इसके बारे में जागरूकता बढ़ाएं

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस कार्मिकों को ‘ई-पेंशन’ से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर पुलिस कार्मिक को समय पर पदोन्नति मिले, उनकी चरित्र पंजिका पर सही विवरण अंकित हो, उनकी योग्यता और प्रतिभा के अनुरूप पदस्थापना मिले और सेवानिवृत्ति के समय देयकों का भुगतान समय से हो, यह प्रत्येक दशा में सुनिश्चित किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने पुलिस कार्मिकों को आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने और बेहतरीन प्रशिक्षण के लिए व्यवस्थाओं को और बेहतर करने के भी निर्देश दिए हैं।

शुक्रवार को अपर पुलिस महानिदेशक स्तर के सभी अधिकारियों के साथ विशेष बैठक में मुख्यमंत्री ने एक- एक कर सभी एडीजी से उनकी वर्तमान पदस्थापना अवधि में किये गए कार्यों, अपनाए गए नवाचारों और उपलब्धियों के बारे में जानकारी ली। विशेष बैठक में मुख्यमंत्री जी द्वारा दिये गए प्रमुख दिशा-निर्देश निम्नवत हैं।

  • पुलिस की सभी इकाइयों के बीच बेहतर संवाद और समन्वय होना चाहिए। लॉजिस्टिक इकाई हो, अभिसूचना इकाई हो अथवा, एसआईटी, क्राइम, पीआरवी 112 आदि, इकाइयाँ भले ही अलग-अलग हैं, लेकिन सभी का लक्ष्य एक ही है, प्रदेश में बेहतर कानून व्यवस्था बनाये रखना। इसलिए सभी के बीच बेहतर तालमेल होना आवश्यक है।
  • वरिष्ठ अधिकारी समय पर कार्यालय आएं। किसी भी कार्यालय में कोई फाइल तीन दिन से अधिक लंबित न हो। यदि किसी तरह की समस्या हो तो डीजीपी कार्यालय, गृह विभाग अथवा सीधे मुझसे समय लेकर मिल सकते हैं, लेकिन अनिर्णय की स्थिति न होनी चाहिए। फाइल लंबित नहीं रहनी चाहिए।
  • बहुत सारी इकाइयों में फील्ड विजिट बढ़ाये जाने की आवश्यकता है। एडीजी स्तर के अधिकारी के जिलों में जाने से अच्छा अधीनस्थ पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। जिलों में जाएं अपनी इकाई से जुड़े कामकाज की समीक्षा करें, जहां सुधार की आवश्यकता हो, उस अनुरूप काम किया जाए।
  • पुलिस बल में लॉजिस्टिक्स का अभाव न हो। समय-समय पर इसकी समीक्षा करते रहें। हमारा पुलिस बल आधुनिक उपकरणों से लैस होनी चाहिए। अभी 40 अश्वों की आवश्यकता और है, कुंभ में इसकी आवश्यकता पड़ेगी। इनकी क्रय और प्रशिक्षण की प्रक्रिया यथाशीघ्र पूरी की जाए। प्रदेश में पहली बार होने जा रही कंडम वीपन्स के निस्तारण की प्रक्रिया को सावधानी से पूरा किया जाए।
  • बदलते समय के साथ साइबर क्राइम की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। हमें इसके लिए हर स्तर पर सतर्क होना होगा। साइबर फ्रॉड के संबंध में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। शिक्षक, उद्यमियों, व्यापारियों, चिकित्सकों सहित अलग-अलग वर्गों के साथ समय-समय पर गोष्ठियां की जाएं, लोगों को साइबर अपराध की घटनाओं से अवगत कराएं, सुरक्षा के तौर-तरीकों से अवगत कराएं।
  • सभी जिलों में साइबर क्राइम थाने स्थापित किये जा रहे हैं। इनके भवन निर्माण की कार्यवाही में अनावश्यक देर न की जाए। आवश्यकतानुसार मानव संसाधन की व्यवस्था करें। भारत सरकार द्वारा साइबर फॉरेंसिक लैब की स्थापना का प्रस्ताव है। इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही करें। हर जिले के हर थाने में साइबर हेल्प डेस्क क्रियाशील रखें। किसी भी तरह की शिकायत मिलने पर तत्काल रिस्पॉन्स होना चाहिए। फ़ॉरेंसिक इंस्टिट्यूट, लखनऊ को साधन-संपन्न बनाने के लिये सरकार हर आवश्यक सहयोग देगी। इसके निर्माण संबंधी अवशेष कार्यों को यथाशीघ्र पूरा कराएं।
  • देश की आपराधिक न्याय प्रणाली में लागू तीनों नए कानून अब पूरी तरह अमल में आ चुके हैं। इस संबंध में विधिवत प्रशिक्षण जारी रखा जाए।
  • हाल के दिनों में रेलवे ट्रैक पर सिलेंडर, रॉड आदि चीजें मिली हैं। इसी तरह ट्रेनों पर पत्थर फेंके जाने की घटनाएं भी हुई हैं। यह चिंताजनक है। इसके लिए जीआरपी, आरपीएफ, रेलवे प्रशासन और सिविल पुलिस को मिलकर काम करने की आवश्यकता है। लोकल इंटेलिजेंस को और मजबूत किया जाना चाहिए।
  • मृतक आश्रितों के प्रकरण में आश्रित की आयु को ध्यान में रखते हुए नियमों में बदलाव पर विचार किया जाना चाहिए। फिजिकल परीक्षण के नियम व्यावहारिक होने चाहिए। मृतक आश्रितों के प्रकरण का तय समय सीमा के भीतर निस्तारित होना सुनिश्चित करें।
  • विशेष परिस्थितियों में हमारी PRV 112 ने बेहतरीन परिणाम दिए हैं। आज औसत रिस्पॉन्स टाइम घटकर 7.5 मिनट तक आ गया है। कुछ जिलों में तो 3-5 मिनट में रिस्पॉन्स मिल रहा है। यह संतोषप्रद है लेकिन तकनीक की सहायता से इसे और कम किया जाना चाहिए। पीआरवी 112 के वाहनों की लोकेशनिंग और ठीक किया जाना आवश्यक है। इसके लिए पुलिस कप्तान के साथ-साथ थानाध्यक्ष तक को जवाबदेह बनाना होगा। सक्रियता और बढ़ाये जाने की जरूरत है। ब्लैक स्पॉट को चिन्हित कर वहां वाहनों की तैनाती करें।
  • वीमेन पॉवर लाइन 1090 को और उपयोगी बनाने का प्रयास हो। जिन जिलों से कम फोन कॉल आ रहे हैं, वहां इसके बारे में जागरूकता बढ़ाएं।
  • मुकदमों के प्रभावी अभियोजन की दिशा में और बेहतर प्रयास अपेक्षित है। हर जिले का लक्ष्य तय करें, पूरी तैयारी करें और ससमय दोषियों को दंड मिलना सुनिश्चित करायें। समय-समय पर सभी जनपदों में विजिट कर स्थानीय स्थितियों का आंकलन भी किया जाना चाहिए।
  • कार्मिक और स्थापना इकाई के पास हर अधिकारी के अच्छे कार्यों और गलतियों का पूरा ब्यौरा उपलब्ध होना चाहिए। किसी भी संवर्ग के अधिकारी/कर्मचारी हों, सभी को तय समय पर योग्यता अनुरूप पदोन्नति मिलनी चाहिए।
  • कमांडो ट्रेनिंग और बेहतर करने की आवश्यकता है। ऊर्जावान युवाओं को कमांडों प्रशिक्षण के लिए प्रोत्साहित करें। पुलिस बैंड को और व्यवस्थित करने की जरूरत है। पीएसी फ्लड यूनिट का रिस्पॉन्स टाइम और कम करने का प्रयास करें।
  • पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा का परिणाम इस माह के अंत तक जारी करने की तैयारी करें। रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाएं। परीक्षाओं की शुचिता को हर हाल में सुनिश्चित किया जाना है।
  • नगरों में यातायात जाम एक बड़ी समस्या का रूप ले रही है। इसके लिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप नियोजन समाधान का प्रयास किया जाना चाहिए। स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर कार्ययोजना बनाएं। ई-रिक्शा चलाने वालों का वेरिफिकेशन कराया जाए, सुरक्षा की दृष्टि से यह जरूरी है। कहीं भी नाबालिग ई-रिक्शा न चलाये, यह सुनिश्चित करें। ई-रिक्शा का रूट तय होना चाहिये। यातायात को बाधित कर टैक्सी स्टैंड न चलाया जाए।
  • वीआईपी सुरक्षा में तैनात पुलिस बल का नियमित अंतराल पर स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए। इनकी तैनाती में युवाओं को वरीयता दें। वीआईपी सुरक्षा में लगे जवानों के आदर्श आचरण के लिए भी काउंसिलिंग कराई जानी चाहिए। वर्तमान में10 एयरपोर्ट की सुरक्षा यूपीएसएसएफ कर रही है। इनके जवानों का शूटिंग परीक्षण भी कराए।

अयोध्या: डिप्टी सीएम मौर्य ने अमृतकाल में सहभागिता कार्यक्रम में लाभार्थियों को वितरित किया प्रमाण पत्र

  • उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लाभार्थियों को प्रमाण पत्र किया वितरित
  • डिप्टी सीएम ने विभिन्न विभागों द्वारा लगायी गयी प्रदर्शनी का किया अवलोकन

अयोध्या/लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य शुक्रवार को श्री गहनाग देव संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गहनाग राय पट्टी, विकासखंड अमानीगंज अयोध्या में उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम द्वारा संचालित ‘आइये रोजगार करें’ प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना अमृतकाल सहभागिता समारोह में शामिल हुये।

उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य का आगमन अन्तर्राष्ट्रीय महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट अयोध्या पर हुआ, जहां महापौर अयोध्या महंत गिरीश पति त्रिपाठी, संजीव सिंह व उपनिदेशक समाज कल्याण ने पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया। तत्पश्चात उप मुख्यमंत्री ने गहनाग बाबा के मंदिर पहुंचकर दर्शन पूजन किया एवं ग्राम चौपाल में डा०भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया तथा स्वयं सहायता समूहो के कार्यक्रम में सम्मिलित हुये, जहां स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किये जा रहे दीपोत्सव के दीयों का अवलोकन किया गया।

अगले चरण में उप मुख्यमंत्री समाज कल्याण मंत्रालय द्वारा आयोजित अनुसूचित जाति मोर्चा सम्मेलन में पहुंचे। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) समाज कल्याण असीम अरुण उपस्थित रहे। समारोह में मंत्री गणों ने पिछड़ा वर्ग समाज कल्याण, महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार, अग्रणी बैंक प्रबन्धक, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, महिला सशक्तिकरण, उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति, स्वयं सहायता समूह आदि विभागों द्वारा लगायी गयी प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया तथा शीला देवी ग्राम प्रधान को उत्कृष्ट कार्य हेतु प्रमाण पत्र, 01 लाभार्थी को मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का प्रशस्त्रि पत्र तथा 09 लाभार्थियों को अनुसूचित जाति छात्रवृत्ति का डमी चेक, आश्रम पद्वति के 06 मेधावी छात्रों को प्रशंसा पत्र, आयुष्मान कार्ड के 04 लाभार्थियों को डमी चेक, पीएम आवास योजना के 05 लाभार्थियों को चाभी, पीएम किसान सम्मान निधि के 02 लाभार्थियों को प्रमाण पत्र, कस्टम हायरिंग सेंटर के 01 लाभार्थी को 24 लाख का चेक व 200 बी0सी0 सखी को प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया।

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये कहा कि आज गहनाग बाबा की पावन धरा पर मुझे आने का अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि जनपद अयोध्या में केंद्र एवं प्रदेश सरकार के द्वारा चहुंमुखी विकास हो रहा है इसका श्रेय हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी व प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा गरीबों को मुफ्त राशन योजना के तहत नियमित राशन दिया जा रहा है तथा आयुष्मान योजना के तहत गरीब वर्ग के व्यक्तियों को 5 लाख तक का मुफ्त इलाज मुहैया कराया जा रहा है। इसके साथ ही ग्राम की समस्याओं के निस्तारण के लिए सरकार आपके द्वार (गांव की समस्या गांव में समाधान) चौपाल के माध्यम से त्वरित , गुणवत्तापूर्ण व समयबद्ध निस्तारण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बी0सी0 सखी के माध्यम से लखपति दीदी योजना को ज्यादा से ज्यादा प्रचार प्रसार करते हुए गरीबों को बैंक की सुविधा प्रदान की जा रही है।

इसके साथ ही उप मुख्यमंत्री ने दिव्यांग सशक्तिकरण योजना, किसान सम्मान निधि, आवास योजना, वृद्धा पेंशन, निराश्रित पेंशन आदि के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि लाभार्थीपरक योजनाओं के माध्यम से सभी पात्र व्यक्तियों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए सरकार कटिबद्ध है और इस पूरी प्रक्रिया को पूर्ण पारदर्शिता एवं निष्पक्ष ढंग से क्रियान्वित किया जा रहा है तथा इसके लिए ग्राम पंचायतों में खुली बैठक करायी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा जीरो टालरेन्स की नीति के तहत अपराधियों पर अंकुश लगा रही है तथा युवाओं को रोजगार मुहैया कराने के लिए सेवायोजन के माध्यम से रोजगार दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हर शुक्रवार को आयोजित होने वाले “ग्राम चौपाल- गांव की समस्या गांव में समाधान” में ग्राम चौपाल में विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रशस्ति पत्र वितरित किया और ग्रामवासियों को संबोधित करते हुए उनकी समस्याओं को एक-एक करके सुना और त्वरित निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) समाज कल्याण असीम अरुण ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये कहा कि प्रधानमंत्री जी एवं मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित करने के लिए कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा बिना किसी भेदभाव के सबका साथ सबका विकास की भावना के तहत कार्य कर रही है। इस अवसर पर मा विधायक रूदौली रामचंद्र यादव, एमएलसी अवनीश पटेल, जिलाध्यक्ष संजीव सिंह, पूर्व सांसद लल्लू सिंह सहित अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधि गण उपस्थित रहे।

इस कार्यक्रम के साथ ही डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को जनपद अयोध्या में (खिहारन) के अजीत मौर्य जी के भाई रंजीत मौर्य जी के निधन की सूचना प्राप्त हुई थी। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शुक्रवार को उनके आवास पहुंच कर स्मृति चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा परिजनों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त किया।

लखनऊ: माता की चौकी में गूंजे भक्तिमय जयकारे, भक्तों ने भजनों पर झूमकर मनाई एक शाम माताजी के नाम

माता की चौकी में सपरिवार सम्मिलित होते लखनऊ उत्तरी विधानसभा के विधायक डा.नीरज बोरा

लखनऊ: शुक्रवार की शाम लखनऊ के इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे पर स्थित रिध्या वेंचर कैंपस में आयोजित माता की चौकी भक्तिमय माहौल से सराबोर रही। समाजसेवी आशीष गुप्ता द्वारा आयोजित इस संगीतमय आयोजन में श्रद्धालुओं ने चलो बुलावा आया है माता ने बुलाया है जैसे भजनों पर जमकर आनंद लिया। उत्तम रामायण समिति द्वारा प्रस्तुत भजनों ने सभी भक्तों को झूमने पर मजबूर कर दिया।

भजनों की मनमोहक प्रस्तुतियां

कार्यक्रम की शुरुआत भजन गायक उत्तम नारायण ने गणेश वंदना से की और उसके बाद उन्होंने ऐ ज्योति रूप ज्वाला मां और तुम तो भोलेनाथ हो, दान देकर भूल जाते हो जैसे भावपूर्ण भजनों से श्रोताओं का दिल जीता। भजन गायिका रूमिका तिवारी ने आया बुलावा भवन से और मेरे बांके बिहारी लाल जैसे भजनों से समां बांधा। इसके अलावा, अश्विनी शुक्ला ने तेरा दर तो हकीकत में सुनाकर श्रद्धालुओं का दिल जीत लिया।

माता का विशेष दरबार और रंग-बिरंगी झांकियां

कार्यक्रम के दौरान माता का विशेष दरबार सजाया गया, जिसमें रंग-बिरंगी झांकियां मुख्य आकर्षण का केंद्र रहीं। आशीष और अंजलि ने माता की ज्योति प्रज्ज्वलित कर पूरे आयोजन को शुभारंभ किया। भजनों के दौरान श्रद्धालुओं ने जमकर नृत्य किया और मां को चुनरी चढ़ाई गई।

जयकारों से गूंज उठा स्थल

समूचा स्थल मां के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने परिवार के साथ बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे माहौल भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक डा. नीरज बोरा, अंकित-महिमा, सुधा-गोपाल, सतीश वर्मा, जितेंद्र पांडेय, मयंक मिश्रा, गगन यादव, मनोज शर्मा, कौस्तुभ, सुनील अग्रवाल, राकेश सिंह, विनय दीक्षित, पं. रजनीश अग्निहोत्री सहित अन्य विशिष्ट जन भी उपस्थित रहे।

बिना भेदभाव हर वर्ग को सशक्त बना रहे डॉ.राजेश्वर सिंह: 10 दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल, 10 मेधावियों को लैपटॉप व साइकिल तथा महिलाओं को प्रदान की सिलाई मशीनें

  • भाजपा द्वारा मनाए जा रहे सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत डॉ. राजेश्वर सिंह ने 10 मेधावियों को लैपटॉप और साइकिल प्रदान कर किया सम्मानित
  • सरोजनीनगर के श्रवण कुमार विधायक राजेश्वर सिंह, दिव्यांगों को उपलब्ध कराई बैटरी ऑपरेटेड ट्राईसाइकिल तो 4500 बुजुर्गों को कराया अयोध्या दर्शन
  • डॉक्टर सिंह ने बताया कि युवाओं को सही दिशा दिखाना मेरी प्राथमिकता, सरोजनीनगर में 100 से अधिक मेधावियों को किया गया सम्मानित
  • उन्होंने कहा संस्कृति एवं मूल्यों के संरक्षण में मातृशक्ति का अहम योगदान, सरोजनीनगर की महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए स्थापित हुए 130 ताराशक्ति केंद्र

लखनऊ: सरोजनीनगर विधायक डॉ.राजेश्वर सिंह ने शुक्रवार को अपने आशियाना स्थित आवास पर दिव्यांगजन, मातृशक्ति एवं छात्र-छात्राओं के सशक्तिकरण का कार्यक्रम आयोजित कर सेवा पखवाड़ा के तहत 5 मेधावियों सूर्यांश प्रताप सिंह (95.83%), कृष्णिका मिश्रा(95.4%), मानस त्रिवेदी (90%), उमेश मौर्या (88%), और शिवानी शुक्ला (87%) को लैपटॉप, 5 मेधावियों वैभव मिश्रा, हरीश रावत, अभिनव यादव, कृष्णा सिंह एवं तमन्ना सिंह को साइकिल प्रदान कर सम्मानित किया। इसके अलावा डॉ. राजेश्वर सिंह ने 10 दिव्यांगजनों मो. मेराज, मो. सादाब, विक्की सिंह, सुधीर अवस्थी, बबलू, कोमल पाल, लक्ष्मी नारायण, हरीश गुप्ता, रेनू यादव एवं राजकुमार गुप्ता को मोटराइज्ड प्रदान की।

मातृशक्ति के सशक्तिकरण और उन्हें स्वावलंबी बनाने के संकल्प क्रम में सरोजनीनगर विधायक डॉ.राजेश्वर सिंह ने कल्ली पश्चिम निवासी प्रतिभा पाण्डेय को ताराशक्ति केंद्र, मातृछाया एनजीओ लोनहा को 2 सिलाई एवं 1 पीको मशीन तथा श्वेता और शालिनी को सिलाई मशीन प्रदान की इसके साथ ही विधायक ने बड़ी संख्या में उपस्थित क्षेत्रवासियों की समस्याएँ सुनीं और उनके समाधान के लिए आश्वस्त भी किया। जन सुनवाई के लिए विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह लोगों के पास खु पहुंचे और उनकी समस्याएँ सुनीं व उनका प्रार्थनापत्र लिया। इस दौरान नगर निगम से सम्बंधित समस्याएँ के समाधान के लिए मंच पर लखनऊ महापौर सुषमा खर्कवाल भी मौजूद रही।

कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि युवाओं को प्रगति के अवसर दिलाना मेरी प्राथमिकता है। विधायक ने कहा आज हम सब उस पड़ाव पर हैं, जहाँ से आने वाली पीढ़ी को प्रेरित, प्रोत्साहित और सम्मानित कर सही दिशा दिखा सकते हैं। डॉ. सिंह ने आगे जोड़ा एक बच्चे और एक अविष्कार में वो क्षमता होती है जो देश दुनिया को बदल सकता है। इस अवसर पर डॉ. सिंह ने बताया कि सरोजनी नगर में अब तक एक हजार से अधिक मेधावियों को लैपटॉप और साइकिल देकर सम्मानित किया जा चुका है। मेधावियों को सम्मानित करने के लिए प्रत्येक रविवार को आपका विधायक – आपके द्वार जन सुनवाई शिविर आयोजित होता है, इसी शिविर के दौरान गाँव के 4 मेधावियों को भी सम्मानित किया जाता है।

महिला सशक्तिकरण पर बोलते हुए डॉ.सिंह ने आगे जोड़ा मातृशक्ति के करण देश और संस्कृति सुरक्षित है। सरोजनी नगर की महिलाओं ने स्वयं को आर्थिक आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने के लिए काम माँगा था जिस क्रम में तारा शक्ति केन्द्रों (सिलाई सेंटर) की स्थापना की गयी।आज 130 तारा शक्ति केंद्र स्थापित हो चुके हैं, ये केंद्र समग्र विकास केंद्र बन चुके, जहाँ महिलाओं को सरकारी योजनाओं की जानकारी भी मिल रही है। विधायक ने बताया सरोजनी नगर में इस तरह के 200 केंद्र स्थापित किये जायेंगे। डॉ. सिंह ने आगे जोड़ा सरोजनीनगर के वृद्धजनों के लिए पहले महीने में 1 बार रामरथ श्रवण अयोध्या यात्रा (बस सेवा) संचालित होती थी, अब महीने में दो बार यह सेवा संचालित होती है, जिसके माध्यम से 4500 से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या दर्शन कराया जा चुका है।

सरोजनीनगर विधायक ने अन्य विकास कायों का उल्लेख करते हुए कहा कि नयी नौकरियों के लिए कंप्यूटर ज्ञान जरुरी है, इस लिए 7 रण बहादुर सिंह डिजिटल शिक्षा एवं सशक्तिकरण केन्द्रों की शुरुआत कर वर्ड, टैली, ग्राफिक्स जैसे कोर्सों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, सरोजनीनगर में इस तरह के 100 सेंटर स्थापित किए जायेंगे जिससे 50 हजार से अधिक बच्चों को कंप्यूटर शिक्षा का लाभ मिलेगा। विधायक ने बताया कि ढाई साल के कार्यकाल में सरोजनी नगर में 592 नयी सड़कें बनीं जो एक कीर्तिमान है। कार्यकर्ताओं, समाज सेवियों की संस्तुति से 1000 से ज्यादा सोलर लाइट्स और 250 से अधिक हैण्ड पंप स्थापित कराये गए। अपनी टीम की प्रसंशा करते हुए डॉ. सिंह ने कहा सरोजनीनगर के अमग्र विकास के लिए उनकी टीम 24 घंटे सक्रिय रहती है, यही नहीं अगल लोगों को रक्तदान की आवश्यकता पड़ी तो भी उनकी टीम पीछे नहीं रही है।

इस अवसर पर महापौर लखनऊ सुषमा खर्कवाल, विधान परिषद सदस्य रामचन्द्र सिंह प्रधान, वरिष्ठ भाजपा नेता नानक चंद लखमानी, सेवा भारती पदाधिकारी शारदा, राजेश सिंह, शंकरी सिंह, रमा शंकर त्रिपाठी, गणेश दत्त जोशी, अमर पाल सिंह, शिव कुमार सिंह ‘चच्चू’, गंगाराम भारती, पार्षद मुकेश शर्मा, बृज मोहन, पार्षद प्रतिनिधि कमलेश सिंह, मंजू सिंह, अनूप मिश्रा व अन्य मौजूद रहे।