Home Blog Page 1252

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह का ऐलान: दीपावली से पहले शुरू होगी परिवहन निगम की बसों को ट्रैक करने की सुविधा

लखनऊ, 04 अक्टूबर 2024: उत्तर प्रदेश की जनता को इस दीपावली एक खास सौगात मिलने वाली है। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) द्वारा जल्द ही बसों को ट्रैक करने की सुविधा शुरू की जाएगी। इस नई सुविधा के अंतर्गत यात्री अब निगम की बसों की वास्तविक लोकेशन मैप पर देख सकेंगे। यह जानकारी प्रदेश के परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने आज एक प्रेस वार्ता में दी।

बसों की लोकेशन ट्रैकिंग और पैनिक बटन की सुविधा

परिवहन मंत्री ने बताया कि यात्रियों की सुविधा को बढ़ाने के लिए एक मार्गदर्शी ऐप लॉन्च किया जाएगा। इस ऐप के जरिए न सिर्फ बसों की लोकेशन ट्रैक की जा सकेगी, बल्कि इसमें एक डिजिटल पैनिक बटन भी होगा, जिसका उपयोग आकस्मिक स्थिति में पुलिस सहायता प्राप्त करने के लिए किया जा सकेगा।

निर्भया फंड से संचालित परियोजना

यह प्रोजेक्ट भारत सरकार के निर्भया फंड से संचालित किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इस परियोजना के अंतर्गत बसों में पैनिक बटन लगाए गए हैं, जिनका इंटीग्रेशन राज्य पुलिस के डायल 112 से किया गया है, ताकि आपात स्थिति में तत्काल सहायता प्रदान की जा सके।

बसों की वास्तविक समय सारणी भी होगी उपलब्ध

परिवहन मंत्री ने बताया कि प्रमुख बस स्टेशनों पर एलईडी डिस्प्ले स्क्रीन लगाई जा रही हैं, जिनके माध्यम से यात्रियों को बसों के आने-जाने की वास्तविक समय सारणी की जानकारी मिलेगी। इससे यात्रियों को बसों के देरी या सही समय की जानकारी मिल सकेगी, जिससे यात्रा में सुविधा और पारदर्शिता बढ़ेगी।

दीपावली से पहले सुविधा होगी शुरू

दयाशंकर सिंह ने कहा कि इस प्रोजेक्ट के सभी फीचर्स की टेस्टिंग चल रही है और इसे दीपावली से पहले प्रदेश की जनता के लिए लॉन्च किया जाएगा। यह सुविधा परिवहन के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव लाएगी और यात्रियों के लिए सफर को और भी सुरक्षित और सुगम बनाएगी।

उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग: विभिन्न जनपदों की शिकायतों पर आयोग ने की सुनवाई, अधिकारियों की अनुपस्थिति पर जताई नाराजगी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग राज्य आयोग द्वारा शुक्रवार को आयोग कार्यालय, इन्दिरा भवन लखनऊ में विभिन्न जनपदों से प्राप्त शिकायतों पर सुनवाई की गई। आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा ने मामलों की सुनवाई करते हुए अधिकारियों की अनुपस्थिति पर कड़ी नाराजगी जताई और स्पष्ट किया कि भविष्य में सुनवाई के दौरान अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा।

शुरुआत में अमरजीत बनाम जिलाधिकारी, बहराइच के मामले की सुनवाई की गई, जिसमें अमरजीत ने जाति प्रमाण पत्र जारी न होने की शिकायत की थी। सुनवाई के दौरान जिलाधिकारी या संबंधित अधिकारी की अनुपस्थिति पर अध्यक्ष ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। हालांकि, प्रतिनिधि ने जानकारी दी कि जाति प्रमाण पत्र अब जारी कर दिया गया है, जिसके बाद मामला निपट गया।

दूसरे मामले में पटेल अवधेश निरंजन ने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी के कुलपति और कुलसचिव के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रोफेसर को पदोन्नति और विभागाध्यक्ष पद पर नियुक्ति नहीं दी गई। कुलसचिव की अनुपस्थिति पर कड़ी नाराजगी जताते हुए अध्यक्ष ने अगली सुनवाई में उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए।

कंवरपाल सिंह बनाम प्रमुख सचिव गृह विभाग, उत्तर प्रदेश और पुलिस अधीक्षक, शामली के मामले में शिकायत थी कि पुलिस ने हत्या के एक मामले में शिकायतकर्ता के परिवार को झूठे तरीके से फंसा रखा है। पोलीग्राफी टेस्ट में परिवार के खिलाफ कोई रिपोर्ट न मिलने के बावजूद उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है। इस पर आयोग ने गृह विभाग को निर्देश दिया कि मामले की जांच निकटवर्ती जनपद के किसी वरिष्ठ अधिकारी से कराई जाए।

डा. सत्येन्द्र सिंह की प्रोन्नति में देरी के मामले में आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए आईआईटी के निदेशक और ए.के.टी.यू. के कुलसचिव को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है।

सरोज देवी, बाँदा की शिकायत पर, जिसमें दो साल से वरासत दर्ज नहीं की गई थी, जिलाधिकारी बाँदा ने सुनवाई के दौरान वरासत दर्ज कराने की पुष्टि की। नायब तहसीलदार बाँदा द्वारा इस संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जिससे मामला सुलझ गया।

आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा ने कई मामलों में संबंधित अधिकारियों की अनुपस्थिति पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि सुनवाई के दौरान अधिकारियों की अनुपस्थिति बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और भविष्य में ऐसे अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा।

उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग राज्य आयोग द्वारा इस सुनवाई में विभिन्न जनपदों से प्राप्त महत्वपूर्ण मामलों पर विचार किया गया और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए गए।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 2.25 करोड़ किसानों को 4,985.49 करोड़ रुपये की 18वीं किश्त का भुगतान: कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही

लखनऊ: प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने शुक्रवार को लोक भवन में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत किसानों को मिलने वाली 18वीं किश्त की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा 05 अक्टूबर 2024 को महाराष्ट्र के वेगॉल (वाशिम) में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के 2,25,91,884 किसानों को कुल 4,985.49 करोड़ रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी। इसके साथ ही 23.36 लाख लंबित किश्तों के 46.70 करोड़ रुपये का भुगतान भी किसानों के डेटा सुधार के बाद किया जाएगा।

मंत्री शाही ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की सराहना करते हुए कहा कि यह योजना किसानों की आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से दिसंबर 2018 में शुरू की गई थी। इसके अंतर्गत किसानों को प्रति वर्ष 6,000 रुपये की सहायता राशि तीन किश्तों में दी जाती है। इस योजना के जरिए किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए हर चार माह में 2,000 रुपये की किश्त उनके खातों में सीधे स्थानांतरित की जाती है।

शाही ने जानकारी दी कि योजना के आरंभ से जुलाई 2024 तक उत्तर प्रदेश में 17 किश्तों के माध्यम से कुल 74,492.71 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है, जिससे प्रदेश के 2.76 करोड़ किसानों को कम से कम एक बार योजना का लाभ मिला है। उन्होंने बताया कि 17वीं किश्त का वितरण प्रधानमंत्री मोदी जी ने 18 जून 2024 को वाराणसी में आयोजित कार्यक्रम में किया था, जिसमें 2,14,55,237 किसानों को 4,831.10 करोड़ रुपये की राशि दी गई थी।

कृषि मंत्री ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 05 अक्टूबर 2024 को पूरे देश के लगभग 9.51 करोड़ किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 20,552 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की जाएगी। इस योजना से न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के किसानों को लाभ मिलेगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।

शाही ने कहा कि योगी सरकार किसानों के हित में पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और राज्य में कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए अनेक कदम उठा रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना ने प्रदेश के किसानों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। “हमारे किसानों के लिए यह योजना एक बड़ी राहत है और सरकार की प्राथमिकता है कि उन्हें समय पर सहायता मिले, ताकि वे कृषि कार्यों में निरंतर जुटे रहें और प्रदेश की कृषि उत्पादकता को बढ़ावा दें।

अंत में, उन्होंने उम्मीद जताई कि यह योजना किसानों के जीवन में आर्थिक स्थिरता और समृद्धि लाने में और अधिक प्रभावी सिद्ध होगी, जिससे प्रदेश के विकास में भी अहम योगदान मिलेगा।

लखनऊ: मडियांव पुलिस ने 2 शातिर अभियुक्तों को किया गिरफ्तार, 20 लाख क़ीमत की 978 ग्राम अवैध चरस बरामद

लखनऊ: पुलिस कमिश्नर लखनऊ अमरेन्द्र कुमार सेंगर द्वारा लगातार की जा रही क्राइम मीटिंग्स का असर दिखना शुरू हो गया है। एक तरफ़ जहां अपराधी किसी भी प्रकार का अपराध करने से पहले हज़ार बार सोचते हैं तो वहीं अगर अपराध करने का मन बना भी लेते हैं तो कमिश्नरेट की चौकन्ना पुलिस अपराधियों के द्वारा अपराध को अंजाम देने से पहले ही उन अपराधियों को दबोच लेती है। हाल ही में पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के नॉर्थ जोन में 2 दिन पहले सैरपुर थानाक्षेत्र से बैट्री चोरी की घटना को अंजाम देने के बाद सड़क में ही पकड़ने का मामला हो या फिर मडियाँव थानाक्षेत्र में पुलिस की सतर्कता से पकड़े गए मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले तस्कर हों, ये दोनों घटनाएँ कहीं न कहीं नॉर्थ ज़ोन की मज़बूत पुलिसिंग की तरफ़ इशारा करती हैं।

उत्तरी जोन के डीसीपी आर.एन.सिंह के कुशल मार्गदर्शन में एडीसीपी जितेन्द्र कुमार दुबे ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर मामले की जानकारी दी है और बताया है कि बीती रात मड़ियाँव पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ की तस्करी में संलिप्त दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 978 ग्राम चरस बरामद की है। बरामद की गई चरस की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 20 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने दोनों अभियुक्तों को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है।

घटना का संक्षिप्त विवरण

सहायक पुलिस आयुक्त अलीगंज वृज नारायण सिंह के दिशानिर्देश में मडियांव थाना की पुलिस टीम, प्रभारी निरीक्षक शिवानंद मिश्रा के नेतृत्व में, नोबस्ता मोड़ के पास नियमित चेकिंग अभियान में जुटी थी। इसी दौरान मडियांव पुल के नीचे दो संदिग्ध व्यक्ति नजर आए, जो पुलिस को देखकर भागने का प्रयास कर रहे थे। पुलिस ने हिकमत अमली से दोनों व्यक्तियों को पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उनके पास से कुल 978 ग्राम चरस बरामद हुई।

अभियुक्तों के नाम और विवरण

1.  अब्दुल मजीद (25 वर्ष) पुत्र मोहम्मद अहमद, निवासी पुरानी बाजार, पचपेड़वा, जनपद बलरामपुर। इसके कब्जे से 493 ग्राम चरस बरामद हुई।
2.  रामजीत राजपूत (34 वर्ष) पुत्र भूधर प्रसाद, निवासी अस्तीरोड, निकट शंकर जी का मंदिर, थाना बीकेटी, जनपद लखनऊ। इसके कब्जे से 485 ग्राम चरस बरामद हुई।

अवैध मादक पदार्थ तस्करी

दोनों अभियुक्तों से पूछताछ में पता चला कि वे चरस को बेचने के लिए निकले थे। चरस से संबंधित कोई वैध दस्तावेज ना होने पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ मडियांव थाना में मु0अ0सं0 607/24 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस टीम की सराहनीय कार्यवाही

गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक शिवानंद मिश्रा, उप निरीक्षक अमित साहू, उप निरीक्षक प्रदीप कुमार, उप निरीक्षक शुभम तिवारी, उप निरीक्षक आदित्य द्विवेदी, हेड कॉन्स्टेबल राम दिनेश, कॉन्स्टेबल सागर तोमर व सचिन दूबे शामिल रहे।

मामले में आगे की जांच

पुलिस अभियुक्तों के आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है, साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि वे अन्य मामलों में भी संलिप्त हैं या नहीं। पुलिस का दावा है कि इस प्रकार की तस्करी करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

लखनऊ: मंडलायुक्त की अध्यक्षता में राष्ट्रीय अंडर-17 स्कूली एथलेटिक्स प्रतियोगिता के सम्बंध में बैठक सम्पन्न

लखनऊ: मण्डलायुक्त डॉ०रोशन जैकब की अध्यक्षता में राष्ट्रीय अंडर-17 स्कूली एथलेटिक्स प्रतियोगिता 2024-25 के आयोजन के सम्बंध में महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन आयुक्त सभागार कार्यालय में आहूत किया गया। इस अवसर पर राकेश सिंह अपर जिलाधिकारी (प्रोटोकॉल), ललित कुमार अपर नगर आयुक्त, पुलिस विभाग व माध्यमिक शिक्षा विभाग सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान मंडलायुक्त को संबंधित अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में माध्यमिक शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा दिनांकः 26 नवम्बर 2024 से 30 नवम्बर 2024 तक गुरू गोविन्द सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज, लखनऊ में 68 वीं राष्ट्रीय विद्यालयीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता अण्डर-17 वर्ष आयु वर्ग बालक/बालिका का आयोजन सम्पन्न कराया जाना है। उक्त राष्ट्रीय विद्यालयीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता अण्डर-17 वर्ष आयु वर्ग बालक/बालिका में समस्त राज्यों, केन्द्रशासित प्रदेशों तथा कतिपय संगठन / सोसाइटीज सहित कुल 45 इकाईयों की टीमों के लगभग 2000 बालक/बालिका, कोच, टेक्निकल ऑफिसर्स द्वारा प्रतिभाग किया जायेगा।

मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि दिनांकः 26 नवम्बर 2024 से 30 नवम्बर 2024 तक की अवधि में प्रतियोगिता आयोजन स्थल गुरू गोविन्द सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज, लखनऊ एवं आवासीय स्थलों पर पर्याप्त सुरक्षा बलों की उपलब्धता व विशेष रूप से बालिकाओं की आवासीय व्यवस्था सुनिश्चित किया जाये। खेल स्थल के आसपास यातायात प्रवाह को सुचारू बनाये रखने के लिए पर्याप्त संख्या में ट्रैफिक पुलिस बल की तैनाती की जाये। प्रतियोगिता आयोजन स्थल गुरू गोविन्द सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज, लखनऊ एवं आवासीय स्थलों पर समुचित साफ-सफाई, फोंगिंग, पेयजल एवं मूवेबल शौचालयों/ टॉयलेट की व्यवस्था नगर द्वारा प्राथमिकता पर किया जाना सुनिश्चित किया जाए।

उक्त के पश्चात मंडलायुक्त ने कहा कि आयोजन स्थल गुरू गोविन्द सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज, लखनऊ में प्रतियोगिता आयोजन अवधि में प्रत्येक दिन नियमित रूप से मेडिकल टीम की तैनाती के साथ ही मेडिकल से संबंधित आवश्यक सामग्रियों एवं उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित कराया जाये। प्रतिभागियों के आवासीय स्थलों पर आपातकालीन परिस्थितियों में स्वास्थ्य सुविधायें भी उपलब्ध कराया जाए। प्रतियोगिता हेतु आवश्यक खेल सामग्री यथा पोलवाल्ट के गद्दे, अपराईट्स, हर्डल- 90 अद्द, हाई जम्प के गद्दे, हाई जम्प के अपराइट्स, पोलवाल्ट का बाक्स एवं पोलवाल्ट का पोल इत्यादि की उपलब्धता ससमय करा लिया जाये। उन्होंने कहा कि उक्त स्थान पर संबंधित अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर निरीक्षण करते हुए, आवश्यक कार्रवाई किया जाना सुनिश्चित करेंगे।