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गौतम बुद्ध नगर: तहसील संपूर्ण समाधान दिवस में 160 शिकायतें दर्ज, 08 का मौके पर निस्तारण

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  • 160 शिकायतें दर्ज, 08 का मौके पर निस्तारण तीनों तहसीलों में
  • सदर तहसील में 08 शिकायतें, 01 का मौके पर हल
  • दादरी तहसील में 115 शिकायतें, 04 का निस्तारण मौके पर
  • जेवर तहसील में 37 शिकायतें, 03 का मौके पर निस्तारण
  • जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने अधिकारियों को त्वरित और पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए
  • शिकायतों का समाधान सरकारी पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा
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गौतम बुद्ध नगर: जनसामान्य की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज जनपद की तीनों तहसीलों – सदर, दादरी, और जेवर में तहसील संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान कुल 160 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 08 शिकायतों का निस्तारण विभागीय अधिकारियों द्वारा मौके पर ही सुनिश्चित किया गया।

तहसील संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी (DM) मनीष कुमार वर्मा ने तहसील सदर में कार्यक्रम की अध्यक्षता की। जिलाधिकारी ने जनता की शिकायतों को ध्यानपूर्वक सुना और अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर शिकायत का निस्तारण शीघ्र और पारदर्शी तरीके से किया जाए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शिकायतों के निस्तारण में देरी होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सदर तहसील: 08 शिकायतें दर्ज, 01 का मौके पर निस्तारण

तहसील सदर में आयोजित समाधान दिवस में कुल 08 शिकायतें विभिन्न विभागों से संबंधित दर्ज की गईं। इनमें से एक शिकायत का समाधान मौके पर ही किया गया।
जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने अधिकारियों से जनता की शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए तत्परता दिखाने की अपील की। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि जो भी शिकायतें समाधान दिवस में प्राप्त हो रही हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर हल करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं की जानी चाहिए।

दादरी तहसील: 115 शिकायतें दर्ज, 04 का निस्तारण

दादरी तहसील में तहसील संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन अपर जिलाधिकारी (ADM) वित्त एवं राजस्व अतुल कुमार की अध्यक्षता में हुआ। यहां जनता की कुल 115 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 04 शिकायतों का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया।
अपर जिलाधिकारी ने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता है, और सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जनता की शिकायतों का शीघ्र और सटीक निस्तारण सुनिश्चित करें।

जेवर तहसील: 37 शिकायतें दर्ज, 03 का निस्तारण

जेवर तहसील में उप जिलाधिकारी (SDM) अभय कुमार सिंह की अध्यक्षता में तहसील संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान कुल 37 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 03 शिकायतों का निस्तारण मौके पर ही किया गया।
उप जिलाधिकारी ने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे जनता की हर शिकायत को गंभीरता से लें और समस्याओं का समाधान त्वरित गति से सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी ने दिए कड़े निर्देश

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जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे शिकायतों का समाधान समयबद्ध ढंग से करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही की स्थिति में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार और प्रशासन जनता की समस्याओं के निस्तारण को लेकर बेहद गंभीर हैं और इस प्रक्रिया में देरी या लापरवाही किसी भी सूरत में क्षम्य नहीं होगी।
जिलाधिकारी ने यह भी सुनिश्चित किया कि सभी शिकायतें संबंधित विभागों तक पहुंचाई जाएं और उनका निस्तारण ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज किया जाए ताकि शिकायतकर्ता अपनी शिकायत की स्थिति का आसानी से पता लगा सकें।

संपूर्ण समाधान दिवस का उद्देश्य

तहसील संपूर्ण समाधान दिवस का उद्देश्य जनता की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान करना है। इस पहल के तहत हर महीने जिला स्तर पर समाधान दिवस का आयोजन किया जाता है, जहां विभिन्न विभागों के अधिकारी जनता की शिकायतें सुनते हैं और उनका निस्तारण करते हैं। इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य सरकार की पारदर्शिता और जनता के प्रति उत्तरदायित्व को मजबूत करना है।

प्रमुख अधिकारियों की उपस्थिति

संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान प्रमुख रूप से प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी शिव प्रताप प्रमेय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर सुनील शर्मा, उप जिलाधिकारी सदर चारुल यादव, तहसीलदार सदर अजय कुमार सिंह, नायब तहसीलदार सदर रामकृष्ण त्रिपाठी और अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
इस अवसर पर सभी अधिकारियों ने जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुना और त्वरित निस्तारण के प्रयास किए।

रामरक्षा यंत्र: अयोध्या में रामरक्षा यंत्र विमोचन कार्यक्रम संपन्न

  • रामलला का प्रथम पाटोत्सव: 22 जनवरी 2025 को अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का पहला वर्ष पूरा होगा।
  • सवा लाख रामरक्षा स्तोत्र पाठ: रामरक्षा यंत्र की शक्ति को बढ़ाने के लिए अयोध्या में सवा लाख रामरक्षा स्तोत्र का पाठ होगा।
  • रामरक्षा यंत्र का विमोचन: शोधित रामरक्षा यंत्र रामलला के प्रथम पाटोत्सव के बाद सनातनी भक्तों को प्रदान किया जाएगा।
  • वास्तु दोष से सुरक्षा: रामरक्षा यंत्र में अंकित दिशाएं वास्तु दोष से सुरक्षा प्रदान करती हैं।

अयोध्या: श्रीरामलला अयोध्या जी सेवा समिति के तत्वाधान में शनिवार को टेढ़ीबाजार चौराहा स्थित अरूंधति हाल में रामरक्षा यंत्र विमोचन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास और मणिरामदास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास शास्त्री समेत कई प्रमुख संत मौजूद रहे। रामरक्षा यंत्र को रामलला के प्रथम पाटोत्सव के बाद सभी सनातनी भक्तों के लिए उपलब्ध करवाने की घोषणा की गई।

महंत राजू दास ने अपने संबोधन में कहा कि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का पहला वर्ष 22 जनवरी 2025 को पूरा होगा। इस अवसर पर अयोध्या में सवा लाख रामरक्षा स्तोत्र का पाठ किया जाएगा। इसके बाद हवन-पूजन से शोधित रामरक्षा यंत्र सनातन धर्मियों तक पहुंचाया जाएगा। यह यंत्र वास्तु दोष से सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ आध्यात्मिक सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करेगा।

समिति के अनुसार रामरक्षा यंत्र के लिए पहले से बुकिंग शुरू हो जाएगी और सवा लाख रामरक्षा स्तोत्र के पाठ पूरे होने के बाद इसे वितरित किया जाएगा। रामरक्षा यंत्र की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए डॉ. आचार्य राजानंद शास्त्री ने बताया कि यह यंत्र हर सनातनी के लिए एक सुरक्षा कवच के रूप में काम करेगा, जिससे उनके जीवन का कल्याण होगा।

उत्तराखंड महापरिषद के पूर्व अध्यक्ष की स्मृति में टी-10 क्रिकेट टूर्नामेंट का शुभारंभ, 12 टीमों के बीच कड़ा मुकाबला

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  • स्वर्गीय मोहन सिंह बिष्ट की स्मृति में उत्तराखंड महापरिषद द्वारा टी-10 क्रिकेट टूर्नामेंट का हुआ आयोजन
  • लखनऊ की 12 टीमों ने नॉकआउट मैच में हिस्सा लिया, 6 टीमें सेमीफाइनल में पहुंचीं
  • विजेता टीम को ₹21,000 और ट्रॉफी, जबकि उपविजेता टीम को मिलेगा ₹11,000 का नगद पुरस्कार

लखनऊ: उत्तराखंड महापरिषद, लखनऊ द्वारा आयोजित स्वर्गीय मोहन सिंह बिष्ट की स्मृति में टी-10 क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन शनिवार को सहारा स्टेट क्रिकेट स्टेडियम, जानकीपुरम में किया गया। टूर्नामेंट का शुभारंभ उत्तर प्रदेश रणजी टीम के स्टार क्रिकेटर हिमांशु असनौरा द्वारा किया गया। इस दौरान स्वर्गीय मोहन सिंह बिष्ट की पत्नी हीरा बिष्ट विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। इस टूर्नामेंट का आयोजन महापरिषद के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय मोहन सिंह बिष्ट की स्मृति में किया गया, जो उत्तराखंड महोत्सव के अंतर्गत आयोजित हो रहा है। यह महोत्सव 09 नवंबर से 18 नवंबर 2024 तक गोमती नगर, लखनऊ में होने जा रहा है। क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन 19 और 20 अक्टूबर को प्रातः 7 बजे से शाम 5 बजे तक किया गया।

टी-10 टूर्नामेंट की शुरुआत और आयोजन

राष्ट्रीय गीत से उद्घाटन समारोह की शुरुआत हुई, जिसके बाद स्वर्गीय मोहन सिंह बिष्ट की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर महापरिषद के संयोजक दीवान सिंह अधिकारी, अध्यक्ष हरीश चन्द्र पंत, महासचिव भरत सिंह बिष्ट और कई अन्य प्रमुख सदस्य मौजूद थे। दर्शकों की भारी उपस्थिति में पहला नॉकआउट राउंड खेला गया, जिसमें लखनऊ की 12 टीमों ने हिस्सा लिया।

नॉकआउट राउंड के नतीजे

पहले दिन के मैचों में 12 टीमों के बीच मुकाबला हुआ, जिसमें से 6 टीमें बाहर हो गईं। सेमीफाइनल और फाइनल मैच रविवार, 20 अक्टूबर को आयोजित किए जाएंगे। जो टीमें सेमीफाइनल में पहुंची हैं, वे हैं: शिवानी विहार, न्यू इंडिया इंश्योरेंस, गेम चेंजर्स, गोमती नगर एक्सटेंशन, अल्मोड़ा अटैकर्स, और ओमेक्स अर्जुनगंज। सेमीफाइनल मुकाबले का आरंभ रविवार को प्रातः 7 बजे से होगा।

विजेता टीम को बड़ा इनाम

टी-10 टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले के विजेता को ट्रॉफी के साथ ₹21,000 का नगद पुरस्कार दिया जाएगा, जबकि द्वितीय स्थान पर रहने वाली टीम को ₹11,000 का नगद पुरस्कार मिलेगा। इसके अलावा, मैन ऑफ द मैच समेत अन्य खिलाड़ियों को भी पुरस्कार से नवाजा जाएगा। टी-10 क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन कन्नौज महापरिषद के एक सशक्त प्रयास के रूप में देखा जा रहा है, जो उत्तराखंड के दिवंगत नेता स्वर्गीय मोहन सिंह बिष्ट की स्मृति में खेलों को बढ़ावा देने का उद्देश्य रखता है। इस टूर्नामेंट में लखनऊ के खेल प्रेमियों के लिए यह एक रोमांचक अवसर बन गया है, जहां शहर की प्रतिष्ठित टीमें एक-दूसरे से भिड़ेंगी।

कन्नौज इत्र उद्योग को मिलेगा बढ़ावा: सचिव एस.सी.एल. दास ने उठाए ठोस कदम, निर्यात को भी मिलेगा प्रोत्साहन

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  • एमएसएमई सचिव एस.सी.एल.दास ने कन्नौज के इत्र उद्योग के विकास और निर्यात बढ़ाने पर दिया जोर
  • उद्यमियों ने सैंडलवुड के विकल्प, फूलों की खेती, और पैकेजिंग सुधार पर की चर्चा
  • सचिव ने इत्र मानकीकरण और निर्यात समस्याओं के समाधान का दिया आश्वासन

कन्नौज/लखनऊ: सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव एस.सी.एल. दास ने कन्नौज के इत्र उद्योग को बढ़ावा देने और निर्यात को प्रोत्साहित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया। कन्नौज स्थित फ्रेगरेंस एंड फ्लेवर डेवलपमेंट सेंटर (FFDC) के सभागार में आयोजित एक विशेष बैठक के दौरान, उन्होंने इत्र उद्योग की चुनौतियों पर चर्चा की और उद्यमियों को आवश्यक समाधान सुझाए।

इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रमुख उद्यमियों, औद्योगिक संगठनों, और इत्र उत्पादकों ने भाग लिया। बैठक के दौरान इत्र उद्योग से संबंधित अनेक पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया, जैसे कि निर्यात बढ़ाने, मानकीकरण, रिसर्च एवं डेवलपमेंट, और पैकेजिंग सुधार।

सैंडलवुड की जगह अन्य बेस ऑयल की तलाश पर चर्चा, निर्यात और कस्टम से जुड़ी समस्याएं

बैठक में प्रमुख उद्यमियों ने इत्र निर्माण में सैंडलवुड (चंदन) के तेल की कमी और उसके विकल्प के रूप में अन्य बेस ऑयल की तलाश पर जोर दिया। इसके साथ ही, फूलों और मसालों की स्थानीय स्तर पर खेती को प्रोत्साहित करने की बात कही गई।

इत्र एसोसिएशन के अध्यक्ष पवन त्रिवेदी ने गंगा के किनारे फूलों की खेती को बढ़ावा देने और औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि इत्र उत्पादों की पैकेजिंग को अधिक प्रभावी बनाने के लिए कन्नौज में एक पैकेजिंग संस्थान या उसकी शाखा स्थापित की जानी चाहिए। उद्यमियों ने इत्र निर्यात में आ रही कस्टम और अन्य तकनीकी समस्याओं को भी उठाया। खासतौर से चंदन के तेल और उससे जुड़े उत्पादों के निर्यात में आने वाली बाधाओं पर चर्चा की गई। उद्यमियों ने इत्र और परफ्यूम के लिए अलग-अलग मानक तय करने की मांग की और भारत मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा इत्र उत्पादों का मानकीकरण किए जाने का भी सुझाव दिया।

औद्योगिक आस्थान के अध्यक्ष आदित्य कुमार मिश्रा ने इत्र उद्योग में रिसर्च और डेवलपमेंट को प्रोत्साहित करने के लिए एक विशेष पैकेज की मांग की। उन्होंने सूक्ष्म इकाइयों को टेस्टिंग में सब्सिडी देने की भी अपील की, ताकि छोटे उद्योगों को भी वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिल सके।

सचिव एस.सी.एल. दास ने दिए ठोस आश्वासन

बैठक में सचिव एस.सी.एल. दास ने एफएफडीसी के प्रधान निदेशक को इत्र उत्पादों के मानकीकरण पर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि वाणिज्य मंत्रालय और जीएसटी काउंसिल के साथ समन्वय स्थापित कर उद्यमियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाएगा।

सचिव ने यह भी कहा कि कन्नौज में इत्र उद्योग को और अधिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए सामान्य सुविधा केंद्र की स्थापना के प्रयास किए जाएंगे, जिससे इत्र उत्पादकों को बेहतर संसाधन और तकनीकी सहयोग प्राप्त हो सके।

फूलों की खेती का निरीक्षण और एरोमेटिक प्लांट्स पर चर्चा

दौरे के दौरान, सचिव दास ने गोपाल सैनी फार्मलैंड में फूलों की खेती का निरीक्षण किया और एफएफडीसी कन्नौज कैंपस का दौरा किया। उन्होंने वहां एरोमेटिक प्लांट्स के बारे में जानकारी ली और आईसीएआर-डीएफआर पुणे से आए वैज्ञानिकों के साथ चर्चा की। इस दौरान उन्होंने फूलों की बेहतर खेती और उनके औद्योगिक उपयोग पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही।

एक जनपद एक उत्पाद (ODOP) योजना के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम

सचिव ने जिला उद्योग केंद्र कन्नौज द्वारा संचालित ‘एक जनपद एक उत्पाद’ (ODOP) योजना के तहत आयोजित 10 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह में भी भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने प्रशिक्षार्थियों से संवाद कर उनकी प्रगति की जानकारी ली और प्रमाण-पत्र वितरित किए।

अपने संबोधन में, सचिव दास ने प्रशिक्षार्थियों को उद्योग स्थापित करने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार उन्हें हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए तैयार है।

उद्यमियों की मांग और आगे की दिशा

कन्नौज के इत्र उद्योग को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने और निर्यात को प्रोत्साहित करने के लिए बैठक में कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए। सैंडलवुड की जगह अन्य बेस ऑयल विकल्पों की तलाश, फूलों और मसालों की स्थानीय खेती, इत्र उत्पादों की पैकेजिंग सुधार, और निर्यात में आ रही कस्टम समस्याओं के समाधान जैसे मुद्दों पर ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।

सचिव दास ने कहा कि इत्र उद्योग के विकास के लिए हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा और कन्नौज को इत्र उद्योग का हब बनाने की दिशा में विशेष कदम उठाए जाएंगे।

लखनऊ: राष्ट्रीय जनसंख्या शिक्षा परियोजना की मध्यावधि समीक्षा बैठक का शुभारम्भ

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  • 34 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से 70 प्रतिनिधि ले रहे लिया भाग
  • 19 से 21 अक्टूबर तक चलेगी समीक्षा बैठक

लखनऊ: राष्ट्रीय जनसंख्या शिक्षा परियोजना (NPEP) की तीन दिवसीय मध्यावधि समीक्षा बैठक का शुभारंभ शनिवार को लखनऊ के एक निजी होटल में हुआ। यह बैठक 21 अक्टूबर तक चलेगी, जिसमें 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ-साथ 5 क्षेत्रीय शिक्षा संस्थानों से लगभग 70 प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। इस समीक्षा बैठक का आयोजन राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) के तत्वावधान में किया गया है।

1980 के दशक में शुरू हुई यह परियोजना किशोरों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार और उन्हें जिम्मेदार नागरिक के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय जनसंख्या शिक्षा परियोजना के तहत किए गए कार्यों की समीक्षा करना और आगे के मार्गदर्शन हेतु नीतिगत दिशा तय करना है।

बैठक का उद्घाटन और प्रमुख वक्तव्य

बैठक की शुरुआत स्वागत समारोह और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। उद्घाटन समारोह के दौरान NCERT की प्रोफेसर गौरी श्रीवास्तव ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और 2023 के स्कूली शिक्षा पाठ्यक्रम के अंतर्गत किशोरों के स्वास्थ्य और उनके सर्वांगीण विकास पर जोर दिया। उन्होंने जनसांख्यिकी लाभांश (Demographic Dividend) के प्रभावों पर चर्चा करते हुए किशोरों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के अन्य मुख्य वक्ता और उनके विचार

कार्यक्रम संयोजक डॉ. विजय कुमार मलिक ने इस समीक्षा बैठक के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए किशोरों से जुड़े 11 प्रमुख बिंदुओं पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि परियोजना के तहत किए जा रहे प्रयासों से किशोरों के शारीरिक, मानसिक, और सामाजिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

SCERT लखनऊ के निदेशक गणेश कुमार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (2020) के महत्व को रेखांकित करते हुए टीम वर्क, मूल्य संवर्धन और भारतीय ज्ञान परंपरा के योगदान को समझाया। उन्होंने बताया कि किशोरों को शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना आवश्यक है जिससे उनका समग्र विकास हो सके।

किशोरों के मानसिक और शारीरिक विकास पर जोर

बैठक के दौरान सहायक निदेशक डॉ. पवन सचान ने किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक और मानसिक परिवर्तनों पर चर्चा की। उन्होंने इन परिवर्तनों को सकारात्मक दृष्टिकोण से देखने की आवश्यकता पर बल दिया। डॉ. सचान ने कहा कि किशोरों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए व्यायाम और खेल के मैदान की आवश्यकता अत्यधिक महत्वपूर्ण है। साथ ही, उन्होंने ड्रग्स और इंटरनेट की लत के खतरों पर भी प्रकाश डालते हुए, किशोरों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए विशेष प्रयास करने पर जोर दिया।

बैठक का समापन और धन्यवाद ज्ञापन

बैठक के अंत में डॉ. मुकेश कुमार वर्मा ने धन्यवाद भाषण देते हुए कार्यक्रम में शामिल सभी प्रतिभागियों और आयोजकों की सराहना की। उन्होंने इस तरह के आयोजनों को किशोरों के विकास और उनकी शिक्षा में सुधार के लिए अत्यंत आवश्यक बताया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. भैरूलाल यादव द्वारा किया गया, जिन्होंने बैठक को सुचारु रूप से संपन्न करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

राष्ट्रीय जनसंख्या शिक्षा परियोजना (NPEP) का महत्व

राष्ट्रीय जनसंख्या शिक्षा परियोजना (NPEP) का मुख्य उद्देश्य किशोरों को स्वस्थ, जिम्मेदार और सामाजिक रूप से सक्रिय नागरिक के रूप में विकसित करना है। परियोजना के माध्यम से किशोरों को उनके शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास के लिए महत्वपूर्ण शिक्षा प्रदान की जाती है। इसके साथ ही, किशोरों को ड्रग्स, इंटरनेट की लत, और अन्य जोखिमों से बचाव की जानकारी दी जाती है। NPEP के तहत आयोजित यह समीक्षा बैठक किशोरों की शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए किए गए प्रयासों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह बैठक किशोर शिक्षा से संबंधित नीतियों और कार्यक्रमों की समीक्षा कर, उन्हें और अधिक प्रभावी बनाने के लिए नए सुझाव और दिशा निर्देश प्रदान करेगी।

लखनऊ में आयोजित राष्ट्रीय जनसंख्या शिक्षा परियोजना की यह मध्यावधि समीक्षा बैठक किशोरों की शिक्षा और विकास के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। यह परियोजना किशोरों को सामाजिक, शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसके साथ ही, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और 2023 के तहत किशोरों के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में यह बैठक एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।