लोकसभा सामान्य निर्वाचन-2024 के प्रथम चरण में उत्तर प्रदेश में लोकसभा के 08 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए अधिसूचना जारी
प्रथम चरण में निर्वाचन हेतु 19 अप्रैल को होगा मतदान
लखनऊ: प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 16 मार्च, 2024 को लोकसभा निर्वाचन की तिथियों की घोषणा के साथ ही लोकसभा सामान्य निर्वाचन-2024 के प्रथम चरण में 08 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 20 मार्च, 2024 (बुधवार) को निर्वाचन की अधिसूचना जारी हो गई। इसके साथ ही इन निर्वाचन क्षेत्रों में नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गयी है। अधिसूचना के प्रथम दिन प्रथम चरण के निर्वाचन क्षेत्रों में कहीं से भी नामांकन पत्र दाखिल नहीं किया गया। नामांकन का समय पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न 03 बजे के मध्य निर्धारित है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि पहले चरण के अंतर्गत जिन 08 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों के लिए चुनाव सम्पन्न किया जाना है। वे इस प्रकार हैं-सहारनपुर-01, कैराना-02, मुजफ्फरनगर-03, बिजनौर-04, नगीना-05 (अनु0जाति), मुरादाबाद-06, रामपुर-07 व पीलीभीत-26 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। पहले चरण की 08 लोकसभा सीटों में 07 सीटें सामान्य श्रेणी की हैं और 01 सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रदेश में लोकसभा सामान्य निर्वाचन-2024 के प्रथम चरण की 08 लोकसभा सीटों के लिए नामांकन भरने की अंतिम तिथि 27 मार्च, 2024 (बुधवार) निर्धारित है। नामांकन पत्रों की जांच 28 मार्च (बृहस्पतिवार) को की जायेगी। 30 मार्च, 2024 (शनिवार) को नाम वापसी की अंतिम तिथि निर्धारित है। पहले चरण का मतदान 19 अप्रैल, 2024 (शुक्रवार) को सम्पन्न होगा। उत्तर प्रदेश की सभी निवार्चन क्षेत्रों की 04 जून, 2024 (मंगलवार) को मतगणना की जायेगी। 06 जून, 2024 से पूर्व निर्वाचन की प्रक्रिया पूर्ण करा ली जायेगी। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण की 08 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में 1.43 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें 76.23 लाख पुरूष, 67.14 लाख महिला तथा 824 थर्ड जेन्डर हैं। इन निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 7693 मतदान केन्द्र तथा 14844 मतदेय स्थल हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि लोकसभा सामान्य निर्वाचन-2024 हेतु प्रत्येक सामान्य श्रेणी के प्रत्याशी को 25000 रुपये तथा अनु0जाति/अनु0जनजाति के प्रत्याशी को 12,500 रुपये जमानत धनराशि जमा करनी होगी। राष्ट्रीय/राज्यीय दलों के प्रत्याशियों को निर्वाचन क्षेत्र का एक निर्वाचक प्रस्तावक के रूप में तथा रजिस्ट्रीकृत अमान्यता प्राप्त राजनैतिक दल एवं निर्दलीय प्रत्याशियों को 10 प्रस्तावक की आवश्यकता होगी। लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में व्यय की अधिकतम सीमा 95 लाख रुपये निर्धारित है। नामांकन के समय रिटर्निंग ऑफिसर/सहायक रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय के 100 मीटर की परिधि के भीतर अधिकतम 03 वाहन तथा प्रत्याशी सहित अधिकतम 05 व्यक्तियों के प्रवेश की अनुमति होगी। राजनैतिक दलों द्वारा खड़े किये गये उम्मीदवारों को फार्म-ए तथा फार्म-बी दाखिल करना होगा। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण के 08 लोक सभा निर्वाचन क्षेत्रों के रिटर्निंग आफिसर, सहायक रिटर्निंग आफिसर तथा उक्त चरण में सम्मिलित सभी 09 जनपदों के जिला निर्वाचन अधिकारियों को मतदान प्रक्रिया का विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा चुका है। नामांकन के दौरान सुरक्षा की व्यापक व्यवस्था की गयी है। सम्पूर्ण नामांकन प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी करायी जा रही है। सभी निर्वाचन अधिकारियों को नामांकन प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संचालित करने हेतु विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
लखनऊ: मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि 16 मार्च 2024 से भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लोकसभा सामान्य निर्वाचन 2024 हेतु आदर्श आचार संहिता लागू की गयी है। जिसके अन्तर्गत राजनैतिक दलों और अभ्यर्थियों को लागू हुयी आचार संहिता का पालन करने की अपेक्षा की गयी है। आदर्श आचार संहिता के अनुपालन में कोई दल या अभ्यर्थी ऐसी किसी गतिविधि में शामिल नहीं होगा, जो भिन्न-भिन्न जातियों और समुदायों, चाहे वे धार्मिक या भाषायी हों, के बीच विद्यमान मतभेद को और अधिक बिगाड़े या परस्पर घृणा उत्पन्न करे या उनके बीच तनाव उत्पन्न करे। कोई भी प्रत्याशी दूसरे दलों के नेताओं या कार्यकर्ताओं की निजी जिंदगी संबंधी आलोचना करने से बचेंगे।
निर्वाचन के दौरान वोट हासिल करने के लिए किसी जाति या संप्रदाय की भावनाओं के आधार पर कोई अपील नहीं की जाएगी। मस्जिदों, चर्चों, मंदिरों और पूजा के अन्य स्थानों का चुनाव प्रचार के मंच के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। सभी राजनैतिक दल और अभ्यर्थी ऐसी किसी भी गतिविधि जो भ्रष्ट आचरण एवं अपराध की श्रेणी में आते हैं, जैसे कि मतदाताओं को घूस देना, मतदाताओं को डराना-धमकाना, मतदाताओं का प्रतिरूपण करना, मतदान केंद्रों से 100 मीटर की दूरी के भीतर प्रचार करना, मतदान समाप्ति के पहले 48 घंटों की अवधि के दौरान सार्वजनिक बैठकें आयोजित करना, और मतदाताओं को मतदान केन्द्रों तक ले जाने और वापस लाने के लिए परिवहन आदि की व्यवस्था करना, जैसे कार्य नहीं करेंगे।
आदर्श आचार संहिता के दौरान शांतिपूर्ण स्थित बनाये रखने के लिए प्रत्येक व्यक्ति के अधिकार का सम्मान किया जाएगा, फिर चाहे राजनीतिक दल और अभ्यर्थी उसके विचारों या गतिविधियों से सहमत हों या न हों। कोई भी राजनैतिक दल या अभ्यर्थी अपने अनुयायियों को किसी व्यक्ति की अनुमति के बिना उसकी निजी भूमि, भवन, परिसर की दीवारों आदि पर झंडा लगाने, बैनर लटकाने, सूचना चिपकाने, नारा लिखने की अनुमति नहीं होगी।
इस दौरान राजनैतिक दल और अभ्यर्थी यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके समर्थक दूसरे दलों द्वारा आयोजित बैठकों और जुलूसों में न तो बाधा खड़ी करें और न ही उन्हें भंग करेंगे। किसी भी राजनैतिक दल के कार्यकर्ता द्वारा अन्य दल द्वारा आयोजित सार्वजनिक बैठकों में मौखिक या लिखित रूप में प्रश्न पूछकर या अपनी स्वयं की पार्टी के पर्चे बांटकर अव्यवस्था उत्पन्न नहीं करेंगे। किसी भी दल द्वारा उन स्थानों के आसपास जुलूस न निकाला जाएगा, जहां दूसरे दल द्वारा बैठकें आयोजित की जा रही हो। किसी भी दल के द्वारा लगाए गए पोस्टर दूसरे दल के कार्यकर्ताओं द्वारा नहीं हटाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से प्रेरणा लेकर सीएसआईआर-एनबीआरआई के वैज्ञानिकों ने तैयार किए दो खास हर्बल गुलाल
गुरु गोरखनाथ को अर्पित फूलों से भी बनाया हर्बल गुलाल, औषधीय गुणों से है परिपूर्ण
संस्थान के निदेशक ने मुख्यमंत्री योगी को भेंट किए दोनों हर्बल गुलाल, मिली सराहना
त्रेतायुग में अयोध्या का राज्य वृक्ष था कचनार, विरासत को मिल रहा सम्मान
कचनार फूलों का गुलाल लैवेंडर फ्लेवर में, जबकि चंदन फ्लेवर में हैं गोरखनाथ मंदिर के चढ़ाए फूलों से बने गुलाल
लखनऊ: अवधपुरी के भव्य-दिव्य-नव्य मंदिर में विराज रहे श्रीरामलला इस बार कचनार के फूलों से बने गुलाल से होली खेलेंगे। विरासत को सम्मान देने के भाव के साथ सीएसआईआर-एनबीआरआई के वैज्ञानिकों ने कचनार के फूलों से बने गुलाल को खास तौर पर तैयार किया है। यही नहीं, वैज्ञानिकों ने गोरखनाथ मंदिर, गोरखपुर के चढ़ाए हुए फूलों से भी एक हर्बल गुलाल तैयार किया है। बुधवार को संस्थान के निदेशक ने दोनों खास गुलाल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेंट किए। मुख्यमंत्री ने इस विशेष पहल के लिए संस्थान के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह निश्चित रूप से उत्तर प्रदेश के साथ-साथ देश के कई स्टार्ट-अप और उद्यमियों के लिए अधिक अवसर एवं रोजगार प्रदान करेगा। निदेशक डॉ. अजित कुमार शासनी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अयोध्या में रामायणकालीन वृक्षों का संरक्षण किया जा रहा है। विरासत को सम्मान और परंपरा के संरक्षण देने के यह प्रयास हमारे वैज्ञानिकों के लिए प्रेरणास्पद है। इसी के तहत, संस्थान द्वारा श्रीराम जन्मभूमि, अयोध्या के लिए बौहिनिया प्रजाति जिसे आमतौर पर कचनार के नाम से जाना जाता है, के फूलों से हर्बल गुलाल बनाया गया है। कचनार को त्रेतायुग में अयोध्या का राज्य वृक्ष माना जाता था और यह हमारे आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति की सुस्थापित औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल आदि गुण भी होते हैं। इसी तरह, गोरखनाथ मंदिर, गोरखपुर में चढ़ाए हुए फूलों से हर्बल गुलाल को तैयार किया गया है। इन हर्बल गुलाल का परीक्षण किया जा चुका है और यह मानव त्वचा के लिए पूरी तरह से सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल है।
निदेशक ने बताया कि कचनार के फूलों से हर्बल गुलाल लैवेंडर फ्लेवर में बनाया गया है, जबकि गोरखनाथ मंदिर के चढ़ाए हुए फूलों से हर्बल गुलाल चंदन फ्लेवर में विकसित किया गया है। इन हर्बल गुलाल में रंग चमकीले नहीं होते क्योंकि इनमें लेड, क्रोमियम और निकल जैसे केमिकल नहीं होते हैं। फूलों से निकाले गए रंगों को प्राकृतिक घटकों के साथ मिला कर पाउडर बनाया जाता है इसे त्वचा से आसानी से पोंछ कर हटाया जा सकता है। गुलाल की बाजार में बेहतर उपलब्धता के लिए हर्बल गुलाल तकनीक को कई कंपनियों और स्टार्ट-अप्स को हस्तांतरित किया गया हैं। वर्तमान में बाजार में उपलब्ध रासायनिक गुलाल के बारे में बात करते हुए, डॉ. शासनी ने कहा कि ये वास्तव में जहरीले होते हैं, इनमें खतरनाक रसायन होते हैं जो त्वचा और आंखों में एलर्जी, जलन और गंभीर समस्या पैदा कर सकते हैं। उन्होंने आगे बताया कि हर्बल गुलाल की पहचान करने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि यह अन्य गुलाल की तरह हाथों में जल्दी रंग नहीं छोड़ेगा। संस्थान द्वारा विकसित हर्बल गुलाल होली के अवसर पर बाजार में बिक रहे हानिकारक रासायनिक रंगों का एक सुरक्षित विकल्प है।