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महाकुंभ-2025: महाकुंभ मेले में भीड़ नियंत्रण को तैनात होंगे 180 घुड़सवार पुलिसकर्मी

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  • विभिन्न पुलिस लाइन्स में हुई घुड़सवार पुलिस जवानों की ट्रेनिंग
  • मेले से पहले प्रशिक्षित घुड़सवारों को कराया जाएगा पूरे क्षेत्र का भ्रमण
  • योगी सरकार की श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर व्यापक तैयारी

प्रयागराज/लखनऊ, 29 अक्टूबर2024: महाकुंभ-2025 में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए योगी सरकार ने जबरदस्त तैयारी की है। इसमें विभिन्न फोर्सेज को जिम्मेदारी दी गई है, जिसमें घुड़सवार पुलिस भी शामिल है। महाकुंभ मेले के दौरान घुड़सवार पुलिस कर्मी हर समय मेला क्षेत्र में तैनात रहेंगे और पेट्रोलिंग करते रहेंगे।

महाकुंभ के दौरान 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं और पर्यटकों के प्रयागराज आने की संभावना है। 13 जनवरी से 26 फरवरी तक बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम में डुबकी लगाने के लिए पहुंचेंगे। विशेषकर प्रमुख स्नान की तिथियों पर एक समय में करोड़ों श्रद्धालु गंगा, यमुना और संगम के घाट पर रहेंगे। किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए पुलिस ने भी जोरदार तैयारी की हुई है और एक व्यापक कार्ययोजना बनाई है।

मेला सुरक्षा से जुड़े एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार प्रदेश की विभिन्न पुलिस लाइन्स में घुड़सवार पुलिस कर्मियों की ट्रेनिंग कराई गई है। इस बार महाकुंभ में 180 घुड़सवार पुलिसकर्मी भीड़ नियंत्रण को लेकर तैनात किए जाएंगे। अधिकारी के अनुसार यह घुड़सवार कर्मी पैदल सुरक्षा कर रहे पुलिसकर्मियों से ज्यादा कारगर साबित होते हैं। खासकर घोड़े पर बैठा पुलिस का जवान ऊंचाई पर रहने के कारण अधिक दूरी तक नजर बनाए रखने में सक्षम होता है। किसी भी संदिग्ध परिस्थिति को देखते ही वह न सिर्फ खुद बल्कि अन्य पुलिसकर्मियों को मैसेज भेजकर स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए नियत स्थान पर पहुंच सकता है।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि घुड़सवार पुलिस के जवान का एक मनोवैज्ञानिक असर भी भीड़ पर होता है। कम बल लगाकर ही वो अधिक भीड़ को नियंत्रित करने में सक्षम होता है। महाकुंभ में तैनात होने वाले घोड़े का नामकरण भी किया गया है। इन्हें महाराजा, चेतन, बाहुबली जैसे नाम दिए गए हैं। सभी प्रशिक्षित घुड़सवार जवानों को मेला प्रारंभ होने से पहले पूरे क्षेत्र का भ्रमण कराया जाएगा, ताकि उन्हें क्षेत्र की विस्तार से जानकारी हो जाए।

सर्वोदय आवासीय विद्यालय: गरीब विद्यार्थियों का भविष्य संवारने में जुटी योगी सरकार, प्रदेश में खुले 100 से अधिक विद्यालय

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  • राज्य में सर्वोदय आवासीय विद्यालयों की संख्या बढ़कर हुई 100, खुले छह नए विद्यालय
  • समाज के सभी वर्गों के गरीब विद्यार्थियों समाहित कर निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने की योगी सरकार की सराहनीय पहल
  • सभी विद्यालयों में 570 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया जारी
  • इस वित्तीय वर्ष में 35 हजार से अधिक हुई लाभार्थी विद्यार्थियों की संख्या
  • सर्वोदय विद्यालय की छात्राओं को निःशुल्क NEET, JEE की तैयारी करा रही योगी सरकार
  • सर्वोदय विद्यालयों में शिक्षा के साथ-साथ निःशुल्क छात्रावास, पाठ्य सामाग्री और यूनिफार्म उपलब्ध करा रही योगी सरकार

लखनऊ, 29 अक्टूबर 2024: योगी सरकार ने गरीब और मेधावी विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि की है। प्रदेश में समाज कल्याण एवं जनजातीय विकास विभाग द्वारा संचालित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों की संख्या 94 से बढ़कर 100 हो गई है। इन विद्यालयों में जरूरतमंद छात्रों के लिए उच्च गुणवत्ता वाली आवासीय निःशुल्क शिक्षा के साथ-साथ नि:शुल्क छात्रावास, पाठ्य सामग्री और यूनिफॉर्म की सुविधा भी प्रदान की जा रही है। इस कदम से न केवल गरीब वर्ग के छात्रों का भविष्य संवर रहा है बल्कि उनके जीवन में स्थायित्व और सामाजिक समृद्धि का रास्ता भी खुल रहा है।

समाज के सभी वर्गों को समाहित करने की पहल

जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में 60 प्रतिशत स्थान अनुसूचित जाति एवं जनजाति के छात्रों के लिए, 25 प्रतिशत अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए, और 15 प्रतिशत सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए आरक्षित है। इस समावेशी नीति के चलते सभी वर्गों के गरीब परिवारों के बच्चों को समान अवसर मिल पा रहे हैं। बालक एवं बालिकाओं के लिए अलग-अलग विद्यालयों की व्यवस्था की गई है ताकि उन्हें सुरक्षित और प्रभावशाली माहौल में अपनी पढ़ाई करने का मौका मिले। वर्तमान में 58 जिलों में कुल 100 सर्वोदय विद्यालय संचालित हो रहे हैं, जिसमें 31 सर्वोदय बालिका विद्यालय और 69 सर्वोदय बालक विद्यालय शामिल हैं। इनमें से 45 विद्यालयों में आवासीय सुविधाओं का विस्तार भी किया जा रहा है।

सर्वोदय विद्यालय की छात्राओं को NEET, JEE की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग की सुविधा

गरीब छात्राओं का डॉक्टर और इंजीनियर बनने का सपना अब योगी सरकार के प्रयास से साकार हो रहा है। प्रदेश के सर्वोदय विद्यालयों में पढ़ने वाली प्रतिभावान छात्राओं को अब नीट (NEET) और जेईई (JEE) की निःशुल्क कोचिंग दी जा रही है। इसके तहत मिर्जापुर जिले के मडिहान में विशेष रूप से एक कोचिंग सेंटर की शुरुआत की गई है, जहां 40 मेधावी छात्राओं को निःशुल्क कोचिंग की सुविधा दी जा रही है।

शिक्षा के साथ सर्वांगीण विकास पर सीएम योगी का फोकस

सर्वोदय विद्यालयों में छात्रों को केवल शिक्षा ही नहीं बल्कि पाठ्य सामग्री, यूनिफार्म, और खेल-कूद की पूरी व्यवस्था भी योगी सरकार द्वारा नि:शुल्क मुहैया कराई जा रही है। इस व्यवस्था का उद्देश्य छात्रों को न केवल शैक्षिक बल्कि शारीरिक और मानसिक रूप से भी सशक्त बनाना है। इन विद्यालयों में राज्य सरकार की सेवा से सेवानिवृत 570 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया भी की जा रही है ताकि उच्च गुणवत्ता की शिक्षा छात्रों को प्रदान की जा सके। इन शिक्षकों में जो टीजीटी (प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक) कक्षा 6 से 10 तक पढ़ाते हैं उनके लिए मानदेय 34,125 रुपये और पीजीटी (पोस्ट ग्रेजुएट टीचर) कक्षा 11 से 12 तक पढ़ाते हैं उनके लिए 35,700 रुपये का मानदेय निर्धारित किया गया है।

योगी सरकार प्रयासों के फलस्वरूप बढ़ी लाभार्थियों की संख्या

पिछले कुछ वर्षों में सरकार की इस योजना के चलते लाभार्थी छात्रों की संख्या में साल दर साल बढ़ोत्तरी हुई है। वर्ष 2018-19 में जहाँ यह संख्या 32,429 थी, वहीं 2024-25 में यह बढ़कर 35,000 से अधिक हो चुकी है। प्रदेश में सर्वोदय आवासीय विद्यालयों की संख्या अब 100 तक पहुँच गई है, जिसमें हाल ही में छह नए विद्यालय खोले गए हैं। इसके साथ ही, योगी सरकार का उद्देश्य है कि निर्धन वर्ग के अधिकाधिक बच्चे इस आवासीय शिक्षा व्यवस्था का लाभ उठा सकें।

वर्ष लाभार्थी छात्रों की संख्या

2018-19 32,429
2019-20 32,466
2020-21 33,388
2021-22 35,068
2022-23 35,089
2023-24 33,253
2024-25 35,000 से अधिक

मुख्यमंत्री योगी का संकल्प: हर निर्धन बच्चे को मिले शिक्षा का अधिकार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशानुरूप गरीब और वंचित वर्ग के होनहार बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए सर्वोदय विद्यालय एक महत्वपूर्ण माध्यम है। सीएम योगी का उद्देश्य है कि समाज के निर्धन वर्ग के बच्चों को आर्थिक कठिनाइयों के कारण पढ़ाई से वंचित न रहना पड़े। इन आवासीय विद्यालयों के माध्यम से ऐसे छात्रों के लिए एक सशक्त प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है, जहाँ वे नि:शुल्क आवास, भोजन, और अन्य शैक्षणिक संसाधनों के साथ पढ़ाई कर सकते हैं। मुख्यमंत्री का मानना है कि हर बच्चा अपनी मेहनत से समाज में कुछ हासिल कर सकता है यदि उसे सही अवसर और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। ऐसे में सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक गरीब छात्रों को शिक्षा के इस मंच तक पहुँचाया जाए। इसके लिए राज्य सरकार ने न केवल नए विद्यालय खोलने पर ध्यान दिया है, बल्कि इन विद्यालयों की सुविधाओं को भी व्यापक बनाया है।

भविष्य में और बढ़ेंगे सर्वोदय विद्यालय

सरकार की योजना है कि आने वाले समय में सर्वोदय विद्यालयों की संख्या और भी बढ़ाई जाए ताकि प्रदेश के हर कोने में वंचित वर्ग के बच्चे अच्छी शिक्षा का लाभ उठा सकें। इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के हर ज़िले में सर्वोदय विद्यालयों की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है, ताकि गरीब बच्चों को शिक्षा के लिए दूर न जाना पड़े। इस प्रकार की समावेशी और निःशुल्क शिक्षा व्यवस्था से राज्य में न केवल शिक्षा के क्षेत्र में सुधार हो रहा है, बल्कि प्रदेश के समग्र विकास में भी यह अहम भूमिका निभा रही है।

समावेशी शिक्षा से समाज में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद

सरकार की इस योजना का उद्देश्य केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है बल्कि यह योजना सामाजिक विकास के लिए भी एक बड़ा कदम है। समाज के विभिन्न वर्गों से आने वाले छात्र एक ही मंच पर शिक्षा प्राप्त करते हैं, जिससे उनके बीच एकता और सामंजस्य बढ़ता है। सरकार की इस पहल से न केवल समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी है, बल्कि एकजुटता और सहयोग की भावना को भी बल मिला है। योगी सरकार की यह पहल गरीब और होनहार विद्यार्थियों के लिए एक नई उम्मीद की किरण है। सर्वोदय विद्यालयों के माध्यम से नि:शुल्क शिक्षा, आवास, और आवश्यक संसाधनों की सुविधा देकर राज्य सरकार ने इन बच्चों के जीवन में स्थायित्व और सुरक्षा का वातावरण तैयार किया है। इससे न केवल उनकी शैक्षिक उन्नति हो रही है बल्कि उनके संपूर्ण व्यक्तित्व का भी विकास हो रहा है।

गौतम बुद्ध नगर: जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में जिला भूगर्भ जल प्रबंधन समिति की समीक्षा बैठक हुई संपन्न

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भूगर्भ जल विभाग के अधिकारीगण रेसिडेंट सोसाइटी, सरकारी भवनों एवं कार्यालय में वाटर रिचार्ज स्ट्रक्चर करें एक्टिव

गौतम बुद्ध नगर/लखनऊ:29, अक्टूबर, 2024: जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिला भूगर्भ जल प्रबंधन समिति की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में भूगर्भ जल अधिकारी अंकिता राय ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि विभागीय पोर्टल पर कुल 42 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनके सापेक्ष जिला भूगर्भ जल प्रबंधन समिति के द्वारा 25 आवेदनों को स्वीकृत किया जाना है, 08 आवेदनों को अस्वीकृत किया गया तथा 09 आवेदन जो राज्य प्राधिकरणों को अग्रसारित किया गया है।

जिलाधिकारी ने जनपद में भू-जल का अधिकतम संरक्षण सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से जनपद स्तरीय टास्क फोर्स को निर्देशित किया कि जनपद में अभी तक भूगर्भ जल प्रयोजन के लिए जारी हो चुके अनापत्ति प्रमाण पत्र के सापेक्ष औद्योगिक, इंफ्रास्ट्रक्चर, कमर्शियल तथा सामूहिक उपभोक्ताओं द्वारा भू-जल संरक्षण एवं पुनर्भरण के लिए रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का परिसर में निर्माण, तालाबों का जीर्णोद्धार के लिए की जा रही गतिविधियों के संबंध में सभी से रिपोर्ट प्राप्त की जाए और यदि अनापत्ति प्रमाण प्राप्त करने के बावजूद उनके द्वारा वाटर रिचार्ज को लेकर यदि कोई गतिविधि नहीं की जा रही तो संबंधित का अनापत्ति प्रमाण पत्र निरस्त की जाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही रेजिडेंस सोसाइटी, अपार्टमेंट सरकारी भवनों, कार्यालय आदि में भी वाटर रिचार्ज स्ट्रक्चरों की स्थिति की गहन समीक्षा की जाए। साथ ही निर्देश दिए कि सभी सरकारी कार्यालयों, भवनों व हाईराइज सोसाइटियों में लगे रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम सक्रिय रहने चाहिए।

जिलाधिकारी ने भूगर्भ विभाग के अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि भूगर्भ जल संरक्षण को और अधिक बढ़ावा देने के उद्देश्य से बड़ी-बड़ी औद्योगिक इकाइयों को भी तालाबों के पुनर्भरण एवं जीर्णोद्धार करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए एवं भूगर्भ विभाग के अधिकारियों को यह भी निर्देश दिये कि जनपद वासियों को जल सरंक्षण के लिए जागरूकत करने के उद्देश्य से जागरूकता गोष्ठी का आयोजन निरन्तर स्तर पर कराया जायें। इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी शिव प्रताप सिंह प्रमेय, सिटी मजिस्ट्रेट विवेकानंद मिश्र, जिला विद्यालय निरीक्षक डॉक्टर धर्मवीर सिंह एवं संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

यूपी में प्रत्येक क्षेत्र में देखने को मिला आमूलचूल परिवर्तनः सीएम योगी

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  • पीएम मोदी की अध्यक्षता में नौवें आयुर्वेद दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हुए सीएम योगी ने मेरठ में रखीं अपनी बातें।
  • सीएम ने कहा- गाजियाबाद में सेटेलाइट सेंटर बनाने के लिए एम्स दिल्ली से किया गया आग्रह, शीघ्र ही आगे बढ़ेगा यह काम।
  • सीएम का आह्वान- भगवान राम के विराजमान के बाद यह पहला दीपोत्सव, सभी के घरों में दीप जलने चाहिए।
  • उन्होंने कहा- पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में उभरा है मेरठ।

मेरठ/लखनऊ, 29 अक्टूबर2024: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आयुर्वेद में स्वास्थ्य की परिभाषा कही गई है ‘स्वस्थ्स्य स्वाथ्यम् लघुरक्षणम, आतुरस्य विकार प्रशमन च’ यानी स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य की रक्षा व रोगी के रोग का शमन करना आयुर्वेद का प्रयोजन है। आयुर्वेद के जनक की स्मृति में आज आयुर्वेद दिवस पर मनाया जाता है, इसकी थीम दी गई है कि ‘वैश्विक स्वास्थ्य के लिए आयुर्वेद नवाचार’। सीएम ने कहा कि यूपी में स्वास्थ्य के प्रत्येक क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिला है। आज हर जनपद में मेडिकल कॉलेज बन रहे हैं। 1947 से 2017 तक यूपी में मात्र 17 मेडिकल कॉलेज बन पाए थे, आज यूपी में 64 जनपद में मेडिकल कॉलेज बन चुका है या बन रहा है। 11 जनपद के लिए नई नीति का निर्माण किया है। इसके अंतर्गत मेडिकल कॉलेज के निर्माण के कार्यक्रम को युद्ध स्तर पर बढ़ा रहे हैं। आाज यूपी के पास दो एम्स है। एम्स दिल्ली से आग्रह किया है कि लैंड हम देंगे, गाजियाबाद में सेटेलाइट सेंटर बना दीजिए, जिससे दिल्ली एम्स की सुविधा का लाभ हापुड़, मेरठ, गाजियाबाद, बुलंदशहरवासियों को प्राप्त हो सके। इसके लिए सहमति बन रही है। यह कार्यक्रम शीघ्र बढ़ाने का कार्य करेंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नौवें आयुर्वेद दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मेरठ से वर्चुअली शामिल हुए। यहां उन्होंने अपनी बातें रखीं। सीएम योगी ने कहा कि आरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरि की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कर कमलों से देशवासियों को हजारों करोड़ की योजना का सौगात मिल रहा है। सीएम योगी ने एसआईसी हॉस्पिटल के शिलान्यास, आयुष्मान भारत की सुविधा 70 वर्ष से प्रत्येक नागरिक के लिए प्रत्येक नागरिक के लिए प्रारंभ होने, यूपी में सीडीआरआई और एम्स गोरखपुर को आधुनिक सुविधा से लैस करने की परियोजना के साथ ही देश में तमाम चिकित्सा संस्थान प्रारंभ करने के लिए पीएम के प्रति आभार प्रकट किया।

उत्तर प्रदेश सर्वाधिक आयुष्मान भारत की सुविधा का लाभ प्रदान करने वाला राज्य

सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सर्वाधिक आयुष्मान भारत की सुविधा का लाभ प्रदान करने वाला राज्य है। 5.14 करोड़ से अधिक नागरिक आयुष्मान भारत का गोल्डन कार्ड प्राप्त कर चुके हैं। श्रमिकों के लिए और भी सुविधा बढ़ाई गई है। उप्र श्रम व सेवायोजन विभाग के माध्यम से पीएम मोदी के मार्गदर्शन में यूपी के अंदर सरकार ने निर्माण श्रमिकों के लिए हर मंडल मुख्यालय पर अटल आवासीय विद्यालय बनाए हैं। यह शिक्षा के क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन की दिशा में उठाया गया कदम है, जिसमें पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को निःशुल्क अध्ययन, रहने, शैक्षणिक व सर्वांगीण विकास के बड़े कार्यक्रम चल रहे हैं। निर्माण श्रमिकों के बच्चों की निःशुल्क शादी हो सके, इसके लिए सामूहिक विवाह योजना और 75000 रुपये की राशि बच्चों के लिए उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही निर्माण श्रमिकों के बच्चे उच्च अध्ययन के लिए जाते हैं तो अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध कराने की कार्रवाई भी बढ़ाई जा रही है।

सबका साथ-सबका विकास के भाव के साथ प्रत्येक तबके को योजनाओं का दिया जा रहा लाभ

सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी के मंत्र ‘सबका साथ-सबका विकास’ के साथ समाज के प्रत्येक तबके को बिना भेदभाव योजनाओं का लाभ देने का कार्य हो रहा है। देश के अंदर सर्वाधिक आवास (56 लाख) देने वाला प्रदेश यूपी है। 2.62 करोड़ से अधिक घरों में शौचालय का निर्माण किया जा चुका है। उज्ज्वला योजना के तहत 1.86 करोड़ परिवारों को सिलेंडर दिया है। राज्य सरकार दीपावली व होली में मुफ्त सिलेंडर मुफ्त में उपलब्ध करा रही है। दुनिया जब कोरोना के सामने पस्त थी, तब डबल इंजन सरकार निर्माण श्रमिकों को भत्ता दे रही थी तो पिछले साढ़े चार वर्ष से 80 करोड़ लोगों को देश व 15 करोड़ लोगों को प्रदेश में निःशुल्क राशन दिया जा रहा है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में उभरा है मेरठ

सीएम योगी ने कहा कि मेरठ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में उभरा है। सात वर्ष पहले दिल्ली-मेरठ की दूरी साढ़े तीन से चार घंटे में पूरी होती थी। आज दिल्ली व मेरठ के बीच 12लेन का एक्सप्रेसवे बन चुका है। अब यह दूरी महज 45 मिनट में दूरी तय होती है। मेरठ व दिल्ली को रैपिड रेल जोड़ चुकी है, इससे मात्र 40 गंगा में दिल्ली की दूरी तय होती है। गंगा एक्सप्रेस-वे मेरठ को प्रयागराज से जोड़ रहा है। एक्सप्रेस-वे बनने के बाद यह दूरी महज छह से सात घंटे में पूरी होगी और 2025 प्रयागराज कुंभ में पश्चिमी उप्र के लोगों को संगम की त्रिवेणी में स्नान करने का पुण्य प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

स्पोट्रस आइटम में दुनिया के आवश्यकताओं की पूर्ति कर रहे मेरठ में हैं काफी संभावनाएं

सीएम योगी ने कहा कि ओडीओपी के क्षेत्र में मेरठ को स्पोट्र्स आइटम का हब बनाने की दिशा में सरकार ने कदम बढ़ाया है। मेरठ स्पोट्रस आइटम में न केवल देश, बल्कि दुनिया के आवश्यकता की पूर्ति कर रहा है। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की स्मृति में पहला खेल विश्वविद्यालय मेरठ में बन रहा है। जब यह विश्वविद्यालय तैयार होगा तो ओलंपिक में मेडल के लिए यहां से प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का कार्य करेंगे। यह विश्वविद्यालय विश्व स्तरीय सुविधा के साथ नए खिलाड़ियों को तलाशने व तराशने का कार्य करेगा।

सीएम योगी ने कहा कि मेऱठ के अंदर शिक्षा के बड़े हब के रूप में भी नए विश्वविद्यालय, तकनीकी केंद्र स्थापित हो रहे हैं। आज मैं मेरठ की एयरस्ट्रिप पर ही उतरा भी हूं और मात्र 15 मिनट में संकटखेड़ा में पहुंचा हूं। मेरठ में काफी संभावनाएं हैं। देश का सबसे बड़ा जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट बन रहा है। यमुना अथॉरिटी (यहां से कुछ ही मिनट की दूरी) ट्वाय सिटी, फिल्म सिटी, अपरैल पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क का निर्माण होने जा रहा है। युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए सभी कार्य मेरठ व आसपास के क्षेत्रों में होते दिखेंगे। यहां के विकास की कड़ी को नई ऊंचाई प्रदान करने के लिए मेरठ में श्रम विभाग के माध्यम से राज्य बीमा कर्मचारियों के लिए एसआईसी हॉस्पिटल (100 बेडेड आधुनिक सुविधा से युक्त) 150 करोड़ की लागत से होगा, इसका शिलान्यास भी पीएम के करकमलों से होने जा रहा है।

सीएम का आह्वान- भगवान राम के आगमन पर सभी के घरों में दीप जलने चाहिए

सीएम योगी ने सभी को धनतेरस, दीपावली, भैयादूज, गोवर्धन पूजा की शुभकामना दीं। उन्होंने कहा कि रामलला के विराजमान होने के बाद 30 अक्टूबर को अयोध्या धाम का पहला दीपोत्सव है। सीएम ने आह्वान किया कि अयोध्या के दीप के साथ भगवान राम के आगमन पर सभी के घरों में दीप जलने चाहिए।

इस अवसर पर प्रदेश सरकार के मंत्री सोमेंद्र तोमर, दिनेश खटिक, सांसद अरुण गोविल, राज्यसभा सांसद डॉ.लक्ष्मीकांत वाजपेयी, महापौर हरिकांत अहलूवालिया, विधायक अमित अग्रवाल, गुलाम मोहम्मद, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिसौदिया, जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा, विधान परिषद सदस्य धर्मेंद्र भारद्वाज, अश्विनी त्यागी, पूर्व सांसद राजेंद्र अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी आदि मौजूद रहे।

40 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्रदेश के विकास की गाथा को बयां कर रहे: सीएम योगी

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  • बोले, साढ़े सात वर्ष पहले पहचान के संकट से जूझने वाले प्रदेश की आज देश-दुनिया में अलग पहचान बनी
  • पहले कोई भी निवेशक प्रदेश में निवेश से कतराता था, आज लालायित है, निवेश के नये नये अवसर ढूंढ रहा
  • सीएम योगी आदित्यनाथ ताज होटल में एबीपी न्यूज के शिखर सम्मेलन में हुए सम्मिलित
  • सीएम ने प्रदेशवासियों को दी धनतेरस और दीपोत्सव की बधाई और शुभकामनाएं
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लखनऊ, 29 अक्टूबर2024: साढ़े सात वर्ष पहले उत्तर प्रदेश के सामने पहचान का संकट खड़ा हो गया था। प्रदेश की पहचान देश और दुनिया में दंगे, दुर्दांत माफिया, माफिया गिरोह, राजनीति के अपराधिकरण और शासन के भ्रष्टाचार के रूप में हो गयी थी। इसकी वजह से प्रदेश के युवाओं के सामने नौकरी, सम्मान और स्वाभिमान का संकट खड़ा हो गया था। उस दौरान गुंडागर्दी चरम पर थी। प्रदेश में पर्व और त्योहार के नजदीक आते ही लोगों के मन में भय के साथ दहशत पैदा हो जाती थी। उन्हे डर रहता था कि कब कहां दंगा हो जाए। वहीं आज प्रदेश दंगा और अराजकता मुक्त हो गया है। पहले जहां निवेशक प्रदेश में निवेश नहीं करना चाहता था। वहीं जिसने निवेश भी किया था तो वह यहां से अपना कारोबार समेट कर भागने की फिराक में रहता था। पिछले साढ़े सात वर्षों में प्रदेश की तस्वीर देश और दुनिया में बदली। आज देश और दुनिया के इंवेस्टर प्रदेश में निवेश के लिए आकर्षित हो रहे हैं। यही वजह है कि पिछले वर्ष ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में प्रदेश को 40 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। ये निवेश प्रस्ताव उत्तर प्रदेश की बदलती तस्वीर और विकास की गाथा का बयां कर रहे हैं। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को गोमतीनगर स्थित होटल ताज में आयोजित एबीपी न्यूज के शिखर सम्मेलन में कही।

आज कोई भी माफिया और अपराधी कानून से खिलवाड़ नहीं कर सकता

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश ने भव्य ग्लोबल इंवेस्टर समिट का आयोजन कर देश के सामने नजीर पेश की है। पूरे देश में आज इसकी चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में आए प्रस्ताव में से 12 लाख करोड़ की परियोजनाओं की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है। वहीं वर्तमान में 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव तैयार हैं जबकि शेष पर लगातार काम चल रहा है। सीएम ने कहा कि यह केवल निवेश नहीं है बल्कि प्रदेश के नौजवानों की नौकरी की संभावनाओं को आगे बढ़ाने वाला अवसर है। आज उत्तर प्रदेश देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था है। प्रदेश ने तेजी के साथ आगे बढ़ती अर्थव्यवस्था के साथ खुद को स्थापित किया है। वर्ष 2029 तक प्रदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरुप वन ट्रिलियन डालर इकोनॉमी के रूप में खुद को स्थापित करेगा। इसके लिए सभी प्रदेशवासी संकल्पित हैं।

उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में निवेश और टूरिज्म के लिए अनुकुल माहौल बना है। यह केवल पॉलिसी और ईज आॅफ डूइंग बिजनेस से नहीं हुआ है बल्कि इसके लिए प्रदेश सरकार को चरणबद्ध तरीके से कार्य करना पड़ा था। इसमें जीरो टॉलरेंस नीति की अहम भूमिका रही है। यही वजह है कि आज कोई भी माफिया और अपराधी कानून के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकता है। अगर वह सोचता भी है तो कानून उसकी गर्दन पकड़ने का काम करेगी, जैसी वह कानून की धज्जियां उड़ाने के बारे में सोचता है। इसी का नतीजा है कि प्रदेश में हर किसी को सुरक्षा का माहौल मिल रहा है। उन्होंने कहा कि कभी पहचान के संकट से जूझने वाले उत्तर प्रदेश पर देश-दुनिया के हर व्यक्ति की नजरें हैं। वह प्रदेश में निवेश और टूरिज्म का हिस्सा बनने के लिए उत्सुक हैं। इसके लिए प्रदेश सरकार को कई परिवर्तन करने पड़े।

आज प्रदेश का युवा नौकरी के लिए भटकने वाला नहीं बल्कि रोजगार के अवसर प्रदान करने वाला

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के लिए कई रिफॉर्म करने पड़े। इसके अलावा कई सेक्टोरियल पॉलिसी बनायी गयी। उत्तर प्रदेश में आज निवेशकों के लिए 28 सेक्टर की अलग-अलग पॉलिसी है। इसमें हर एक इंवेस्टर के लिए द्वार खुले हैं। पहली बार प्रदेश में सिंगल विन्डो के जरिये निवेश मित्र एक साथ 450 एनओसी जारी कर रहे हैं। वहीं निवेशकों की मदद के लिए निवेश सरथी पोर्टल बना हुआ है। इसके जरिये निवेशकों को ऑनलाइन इंसेंटिव दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार ने जो कहा था, वह आज करके दिखा दिया है। इसके लिए सरकार को प्रमाण देने की जरुरत नहीं है बल्कि उसके परिणाम सबके सामने है। पहले जहां प्रदेश के युवाओं को नौकरी के लिए भटकना पड़ता है, वहीं आज उन्हे उनके जिले में ही नौकरी के अवसर मिल रहे हैं।

सीएम ने कहा कि पिछले साढ़े सात वर्षों में सात लाख सरकारी नौकरी युवाओं को दी गयी है जबकि करोड़ों युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने के साथ उन्हे रोजगार देने वाला बनाया गया है। अब प्रदेश के युवाओं, व्यापारियों, उद्यमियों और सामान्य नागरिक के सामने देश-दुनिया के सामने पहचान का संकट नहीं है बल्कि लोग प्रदेश के हर नागरिक को सम्मान से देखते हैं। वह प्रदेशवासियों से पिछले साढ़े सात वर्षों में बदली तस्वीर के बारे में उत्सुकता से जानना चाहते हैं।

सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश का एक गौरवशाली इतिहास रहा है। प्रदेश के पर्व और त्योहार धनतेरस-दीपोत्सव इसकी का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि भगवान धन्वंतरि का जन्म प्रदेश के सबसे प्राचीनतम नगरी वाराणसी में हुआ था, जिसके प्रति आज पूरा देश कृतिज्ञता ज्ञापित करेगा। वहीं अयोध्या में बुधवार को दीपोत्सव का आयोजन होगा। यह पहला आयोजन होगा जबकि 500 वर्षों के बाद रामलला के अपने पावन धाम में विराजमान होने के बाद भव्य दीपोत्सव होगा। सीएम योगी ने अंत में सभी प्रदेशवासियों को धनतेरस और दीपोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी।