सीएम योगी ने कहा- सनातन धर्म सबके कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है
उन्होंने कहा- रावण और उसके अनुयायियों की तरह आज भी कुछ लोग कर रहे भारत को कमजोर करने की कोशिश
केवल राजनीति के लिए नकारात्मकता और विभाजन फैलाने का प्रयास कर रहे कुछ लोग : योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम की पैड़ी पर दीप जलाकर दीपोत्सव के आठवें संस्करण का भव्य शुभारंभ किया
अयोध्या/लखनऊ, 30 अक्टूबर 2024: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को अयोध्या के राम की पैड़ी पर दीप प्रज्ज्वलन कर दीपोत्सव 2024 का भव्य शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सनातन धर्म की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि यह धर्म दुनिया का सबसे प्राचीन और मानवता का मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि यह धर्म सभी के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है और इस शाश्वत व्यवस्था पर प्रहार करने का प्रयास स्वयं के विनाश को आमंत्रण देने जैसा होता है। उन्होंने इस बात पर भी ध्यान दिलाया कि जो ताकतें भारत को कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं, वे त्रेतायुग के रावण और उनके अनुयायियों के समान समाज में विभाजन फैलाने का कार्य कर रही हैं।
अधर्म पर सत्य की विजय का दिया संदेश
योगी आदित्यनाथ ने रावण, मारीच, मेघनाद, और कुंभकरण के प्रसंगों को उद्धृत करते हुए कहा कि इन सभी ने अधर्म का साथ दिया और अंततः विनाश को प्राप्त हुए। उन्होंने कहा कि समाज में आज भी कुछ लोग केवल राजनीति के लिए नकारात्मकता और विभाजन फैलाने का प्रयास कर रहे हैं, जो अपने निजी स्वार्थों के लिए सामाजिक एकता को चुनौती दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज का यह दीपोत्सव हमें याद दिलाता है कि जैसे त्रेतायुग में अधर्म का नाश हुआ, वैसे ही आज भी सत्य, न्याय और धर्म का मार्ग प्रशस्त करना हमारी जिम्मेदारी है।
दीपोत्सव को बताया राष्ट्रीय एकता का प्रतीक
मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपोत्सव का यह आयोजन जहां दीपों की माला से सामाजिक और राष्ट्रीय एकता को संबल प्रदान करता है, वहीं इसे राष्ट्रीय एकता का एक प्रतीक भी बनाता है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल एक धार्मिक परंपरा का निर्वाह नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा संदेश है, जो समाज को जोड़ता है और दुनिया को भारत की सांस्कृतिक महत्ता से परिचित कराता है।
कोरोना काल में भी नहीं थमा दीपोत्सव का क्रम
मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि कोरोना महामारी के कठिन समय में भी दीपोत्सव की परंपरा थमी नहीं, बल्कि इसे और भव्य रूप दिया गया। उन्होंने कहा कि यह हमारे शाश्वत धार्मिक मूल्यों को बनाए रखने का प्रतीक है, जो केवल अयोध्या के निवासियों का नहीं, बल्कि हर भारतीय का दायित्व है। दीपोत्सव का यह आयोजन प्रभु श्रीराम की नगरी को संपूर्ण विश्व में नई पहचान देने का प्रयास है।
अज्ञानता और अन्याय का अंधकार दूर करना दीपोत्सव का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपोत्सव केवल अंधकार को दूर करने का पर्व नहीं है, बल्कि यह अधर्म, अन्याय, अज्ञानता और अत्याचार के अंधकार का भी नाश करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि अयोध्या का यह दीपोत्सव समाज को यह संदेश देता है कि प्रकाश का यह पर्व न केवल उजाला फैलाता है, बल्कि अन्याय और विभाजन के हर प्रकार के प्रयास का भी विरोध करता है।
30 हजार स्वयंसेवकों के योगदान को सराहा
मुख्यमंत्री ने इस वर्ष के दीपोत्सव आयोजन में 30 हजार स्वयंसेवकों की भागीदारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि आठवें संस्करण तक पहुंचते हुए यह आयोजन जनसहभागिता का एक सजीव उदाहरण बन गया है। स्वयंसेवकों ने इस आयोजन को सफल बनाने में अपना पूरा सहयोग दिया है और यह एक नई अयोध्या की स्थापना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
हर घर में मनाएं दीपावली का पर्व
मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे दीपावली का पर्व उल्लासपूर्ण मनाएं और अपने साथ उन लोगों को भी शामिल करें, जिनके पास साधन कम हैं। उन्होंने कहा कि दीपावली केवल व्यक्तिगत खुशी का पर्व नहीं है, बल्कि इसे समाज के उन लोगों के साथ मिलकर मनाने का पर्व बनाएं, जिनके पास जरूरत के संसाधनों की कमी है।
समाज के लिए एक नई चेतना का प्रतीक है दीपोत्सव
मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों को दीपावली की मंगलमयी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अयोध्या का यह दीपोत्सव केवल एक आयोजन नहीं है, बल्कि यह पूरे देश और दुनिया के हर सनातनधर्मी के लिए एक संदेश है। दीपों से जगमगाते इस आयोजन से उठता प्रकाश पूरे समाज के लिए एक नई चेतना का प्रतीक है।
आयोजन में श्रीराम भक्तों की बड़ी उपस्थिति के साथ-साथ केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, इलाहाबाद उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति संगीता चंद्रा, कई कैबिनेट मंत्री और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
श्रीराम मंदिर पहुंचे गोरक्षपीठाधीश्वर, श्रीरामलला के विराजमान होने के बाद पहला दीपोत्सव
श्रीराम मंदिर प्रांगण में प्रज्जवलित किए गए हजारों दीप, अपलक निहारते रह गईं आंखें
अयोध्या/लखनऊ, 30 अक्टूबर 2024: 22 जनवरी 2024 को रामलला 500 वर्ष बाद अपने दिव्य-भव्य मंदिर में विराजमान हुए। इसके बाद 30 अक्टूबर को पहला दीपोत्सव हुआ, जब लला स्वयं के महलों में विराजमान होकर अपनी नगरी को अपलक निहारते रहे। अयोध्या का सौंदर्य देख रामलला खुद भी भाव-विह्वल हो उठे। योगी सरकार के आठवें दीपोत्सव में राममंदिर की अनुपम छटा हर किसी को आह्लादित कर रही थी।
रामलला की मौजूदगी में बुधवार को पहला दीपोत्सव मनाया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार शाम श्रीराम मंदिर भी पहुंचे। मुख्यमंत्री ने सर्वप्रथम मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का दर्शन किया, फिर उनके चरणों में श्रद्धा निवेदित की। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने प्रभु के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित किए।
बाहर भी मुख्यमंत्री ने पांच-पांच दीप जलाए। वहीं मंदिर प्रांगण में हजारों दीप प्रज्ज्वलित किए गए। श्रीराम मंदिर में दीप प्रज्ज्वलन के दौरान केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव संजय प्रसाद, श्रीराम तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्र, गोपाल जी, विनोद जी आदि भी रहे।
श्रीराम मंदिर निर्माण के उपरांत पहली बार अलौकिक व अविस्मरणीय दीपोत्सव, सरयू तीरे जलाए गए आस्था और आत्मीयता के दीप, 25,12,585 दीपों से जगमग हुई अयोध्या
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत समेत यूपी मंत्रिमंडल के कई सदस्यों ने भी दीप प्रज्ज्वलित कर की सुखी-स्वस्थ व समृद्ध भारत की कामना
मुख्यमंत्री व केंद्रीय मंत्री ने किया श्रीराम-मां जानकी का पूजन, हेलीकॉप्टर से हुई पुष्प वर्षा, मुख्यमंत्री योगी ने खींचा रथ
22 जनवरी 2024 को अपने भव्य-दिव्य मंदिर में विराजमान हो चुके हैं प्रभु श्रीराम, 500 वर्ष बाद रामनगरी का ‘त्रेतायुग सा’ हुआ दीदार
पहली बार 1121 वेदाचार्यों ने की सरयू आरती, बनाया रिकॉर्ड , सरयू आरती में शामिल हुए सीएम योगी
ड्रोन शो का भी आयोजन, अवधपुरी के आंगन में उतरी मेजबान उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों की संस्कृति
अयोध्या/लखनऊ, 30 अक्टूबर 2024: रामनगरी में बुधवार को सांध्यकालीन अद्भुत, अलौकिक, अविस्मरणीय…कल्पनातीत सौंदर्य दिखा, जब 25,12,585 (25 लाख,12 हजार 585) दीपों से जगमगाती रामनगरी को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर जिसने भी देखा, अपलक निहारता ही रह गया। प्रभु श्रीराम की नगरी के वासी हों या भारत के सुदूर कोने-कोने से आए श्रद्धालु, सभी अवधपुरी के कण-कण, रज-रज में अपने राम की छवि को हृदय में बसाए थे। राम, जय जय श्रीराम हर ओर गुंजायमान रहा। अवधपुरी में बुधवार को दीपोत्सव का आयोजन अद्वितीय हो गया। हर श्रद्धालु के मन में इस बार अलग ही उमंग, उत्साह व उल्लास रहा, क्योंकि 500 वर्ष पश्चात 22 जनवरी 2024 को अपने दिव्य-भव्य महल में विराजमान होने के उपरांत प्रभु के चरणों में ‘समूचा भारत’ दीप प्रज्ज्वलित कर उत्सव मना रहा है।
‘प्रभु की मौजूदगी’ में जले आस्था और आत्मीयता के दीप
पहली बार प्रभु की मौजूदगी में अयोध्या दीपोत्सव में आस्था, आह्लाद और आत्मीयता के दीप जले। सहज आह्लाद के साथ आत्मीयता के भावों को संजोए हुए आराध्य प्रभु के प्रति आस्था निवेदित करते हुए सरयू तीरे जल रहे 25,12,585 दीपों के बीच निहाल श्रद्धालुओं का हर्ष, उमंग और अनुभूति हर कोई महसूस कर रहा था। सहज भाव से हो रहे ‘राम राम जय राजा राम’ ‘जय सिया राम’ ‘सियावर रामचन्द्र की जय’ जयघोष के साथ सरयू की लहरों में उठती तरंगें देख ऐसा लगा कि मानो सरयू मैया भी ‘अपने राम’ की जयकार कर रही हों। दीपोत्सव के लिए पूरी अवधपुरी को सजाया गया था। अयोध्या के मंदिरों, छोटी गलियों से लेकर मुख्य मार्गों, सभी सरकारी, धार्मिक भवनों पर तो आकर्षक लाइटिंग की गई थी, महल में विराजमान होने के बाद अपने राम के लिए नगरवासियों ने भी घरों में दीप जलाए।
रामनगरी में 35 लाख से अधिक व 55 घाटों पर जले 25,12,585 दीप
बुधवार को रामनगरी अयोध्या के घर-घर, मठ-मंदिर, आश्रम हर जगह दीप प्रज्ज्वलित किए गए। पूरी रामनगरी मे 35 लाख से अधिक दीप प्रज्ज्वलित हुए तो वहीं राम की पैड़ी समेत 55 घाटों पर 25,12,585 दीप जलाए गए। इसके लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्विद्यालय, महाविद्यालयों, इंटर कॉलेजों व स्वयंसेवी संस्थाओं से जुड़े 30 हजार से अधिक स्वयंसेवकों ने दीप लगाए, उसमें तेल बाती डालकर दीप प्रज्ज्वलन में महती भूमिका निभाई। कुलपति प्रो. प्रतिभा गोयल के नेतृत्व व नोडल अधिकारी संत शरण मिश्र, मीडिया प्रभारी विजयेंदु चतुर्वेदी की देखरेख में वॉलंटियर्स ने कार्य संपादित किया।
मुख्यमंत्री ने किया पूजन व राज्याभिषेक, केंद्रीय मंत्री भी रहे मौजूद
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय पर्यटन व संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य-ब्रजेश पाठक आदि ने रामकथा पार्क अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम- मां सीता , भैया लक्ष्मण, भरत-शत्रुघ्न, संकटमोचन हनुमान व ऋषि-मुनियों की आरती उतारी और टीका लगाकर श्रद्धा निवेदित की। यहां राम परिवार व ऋषि-मुनियों का पूजन भी किया गया। इस दौरान ‘राम आए अवध नगरिया, दीपावली मनाओ सखी, चलो दीप से दीप जलाएं कि मंगल गाओ सखी…’ गीत बजे रहे थे। मंच पर मुख्यमंत्री ने श्रीराम का प्रतीकात्मक राज्याभिषेक भी किया।
हेलीकॉप्टर से हुई पुष्प वर्षा, मुख्यमंत्री ने खींचा रथ
अवधपुरी में पुष्पक विमान से ‘राम-लक्ष्मण व मां सीता’ उतरीं तो हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा भी की गई। मुख्यमंत्री ने रथ भी खींचा। अयोध्या वाली दीपावली में अपने सिरमौर के प्रति श्रद्धा का यह नजारा देख विह्वल आंखों से खुशी की अश्रुधारा बह निकली। हर साधु-संत, सनातन धर्मावलंबियों व आमजनमानस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आशीर्वाद से अभिसिंचित किया। सीएम संग केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, प्रदेश सरकार के मंत्री सूर्य प्रताप शाही, स्वतंत्र देव सिंह, जयवीर सिंह, सतीश चंद शर्मा, महापौर गिरीश पति त्रिपाठी, विधायक वेदप्रकाश गुप्त, अमित सिंह चौहान, रामचंद्र यादव, विधान परिषद सदस्य हरिओम पांडेय समेत जनप्रतिनिधियों व साधु-संतों ने भी पूजन किया।
राम नाम से गुंजायमान रही अवधपुरी
2017 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जब यूपी की बागडोर संभाली तो दीपोत्सव के भव्य-दिव्य आयोजन की परिकल्पना तैयार की। प्रतिवर्ष इसकी भव्यता बढ़ती चली गई। 2017 में 1.71 लाख दीप से दीपोत्सव का आगाज हुआ था और 2024 में 25,12,585 दीप प्रज्ज्वलित हुए। समूची अयोध्या हर तरफ बस श्री राम, मेरे राम से अवधपुरी गुंजायमान हो उठी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सियावर रामचंद्र भगवान, माता जानकी व भारत मां की जय, सत्य सनातन धर्म की जय, गोमाता, सरयू माता, हर हर महादेव से अपना उद्बोधन प्रारंभ किया। समापन भी सियावर रामचंद्र की जय से ही किया।
अयोध्या में दिखा एक भारत, श्रेष्ठ भारत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का शानदार नजारा बुधवार को अयोध्या में दिखा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हुए दीपोत्सव में यहां हर भाषा, शैली, जाति, विधा के लोग दीपोत्सव में आस्था का दीप प्रज्ज्वलित करने एकत्र हुए।
कलियुग में अलौकिक दिखी अवधपुरी
त्रेतायुग की अयोध्या बुधवार को कलियुग में भी अलौकिक दिखी। दीपोत्सव में सभी ने अपने आराध्य के प्रति श्रद्धा के दीप जलाए। श्रीराम मंदिर के प्रमुख गेटों पर तोरणद्वार बनाए गए। कई कुंतल फूलों से पूरी अयोध्या नगरी सजाई गई। सुबह शोभायात्रा में 18 झांकियां निकलीं। दीपोत्सव के 25,12,585 दीपों के लिए 30 हजार वालंटियरों ने हजारों लीटर सरसों का तेल दीपों में डाला। नेपाल, म्यामार, मलेशिया, थाईलैंड, इंडोनेशिया, कंबोडिया के कलाकारों ने रामलीला का मंचन किया। देश-विदेश व प्रदेश के 1300 से अधिक कलाकारों की प्रतिभा को रामनगरी में मंच मिला। चौराहों पर रंगोली बनाकर समृद्धि की कामना की गई।
पहली बार 1121 वेदाचार्यों ने की सरयू आरती, बनाया रिकॉर्ड
पहली बार ‘श्रीरामलला की मौजूदगी’ में हुए दीपोत्सव में 1121 वेदाचार्यों ने सरयू आरती की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय संस्कृति व पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत आदि ने भी सरयू मैया की आरती उतारी। इस दौरान योगी कैबिनेट के अन्य सहयोगियों ने भी दीप जलाकर सरयू मैया की आरती की। यहां अनेक साधु-संतों के साथ अनेक विशिष्ट जनों द्वारा आरती की गई। इसके लिए कई मंच तैयार किए गए थे। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधि ने सरयू आरती के रिकॉर्ड की घोषणा की।
पहली बार हुआ ड्रोन शो, मेजबान समेत कई राज्यों के कलाकारों ने दी प्रस्तुति
दीपोत्सव पर पहली बार ड्रोन शो का भी आयोजन किया गया। 500 ड्रोन के साथ अयोध्या के आकाश में श्रीराम की कृति बनी। ड्रोन शो का अद्भुत नजारा देख हर कोई भाव-विह्वल और कौतूहल से भर उठा। वहीं दीपोत्सव-204 में मेजबान उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुति दी। उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश, असम, महाराष्ट्र, तेलंगाना, झारखंड, बिहार, राजस्थान, जम्मू, उत्तराखंड, हरियाणा, नागपुर, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, सिक्किम, चंडीगढ़, गोवा, ओडिशा आदि राज्यों के कलाकारों ने अपनी लोकसंस्कृति का दीदार कराया।
सीएम ने मोबाइल ऐप व ‘हृदय में राम’ पुस्तक का किया विमोचन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने उत्तर प्रदेश पर्यटन के मोबाइल ऐप का शुभारंभ किया। यह राज्य के पर्यटन स्थलों व सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए डिजाइन किया गया है। इसके उपरांत सीएम ने महापौर गिरीश पति त्रिपाठी द्वारा लिखित ‘हृदय में राम’ पुस्तक का विमोचन किया।
सीएम ने सरयू अतिथि गृह में प्रदर्शनी का किया अवलोकन
सीएम योगी आदित्यनाथ ने सरयू अतिथि गृह में राज्य ललित कला अकादमी, उत्तर प्रदेश द्वारा भगवान श्री राम के जीवन चरित्र पर आधारित चित्रकला एवं मूर्ति प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। प्रदर्शनी 28 अक्टूबर से लगाई गई थी। राज्य ललित कला अकादमी उत्तर प्रदेश की निदेशक डॉ. श्रद्धा शुक्ला ने अतिथियों को कलाकृतियों के विषय में विस्तारपूर्वक अवगत कराया। उन्होंने अकादमी में प्रारम्भ हुई बीoवीoएo (चित्रकला) के पाठ्यक्रम से भी अतिथियों को अवगत कराया! इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, बृजेश पाठक, संस्कृति व पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी, राज्य ललित कला अकादमी के सदस्य डॉ. संदीप श्रीवास्तव, अभिनव दीप आदि भी मौजूद रहे।
श्रीराम पर आधारित विश्व की अनूठी सांस्कृतिक कलाओं की साक्षी बनी अयोध्या नगरी
दीपोत्सव 2024 में म्यांमार, इंडोनेशिया, कंबोडिया और मलेशिया के कलाकारों ने रामलीला के विभिन्न प्रसंगों का किया मंचन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कलाकारों का उत्साहवर्धन करने के लिए स्वयं देररात तक सभी कार्यक्रमों में रहे मौजूद
रामलीला और विशिष्ट नृत्यकलाओं ने सभी को किया मंत्रमुग्ध, देश के विभिन्न राज्यों के कलाकारों ने भी दी प्रस्तुतियां
महिला शक्ति को समर्पित प्रख्यात कोरियोग्राफर मैत्रेयी पहाड़ी के ग्रुप की अनूठी प्रस्तुति को मिली खूब सराहना
अयोध्या/लखनऊ, 30 अक्तूबर2024: दीपोत्सव-2024 के भव्य आयोजन में बुधवार शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामकथा पार्क में श्रीराम के जीवन प्रसंगों से जुड़ी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया। उन्होंने भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंगों को प्रस्तुत करने के लिए म्यांमार, मलेशिया, इंडोनेशिया, कंबोडिया और भारत के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री तालियां बजाकर और हाथ हिलाकर कलाकारों का उत्साह बढ़ाते दिखे।
वहीं इस मौके पर प्रख्यात कोरियोग्राफर मैत्रेयी पहाड़ी के समूह ने नारी शक्ति को प्रदार्शित करते हुए अविस्मरणीय प्रस्तुति दी, जिसने दर्शकों का मन मोह लिया। इसके अलावा प्रीती सिंह और उनके साथियों ने भगवान श्रीराम के जीवन के नौ विशेष प्रयासों पर आधारित उत्कृष्ट नृत्य कलाओं की प्रस्तुति दी।
सांस्कृतिक आयोजन में अयोध्या के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही, महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी, जगद्गुरु राम दिनेशाचार्य जी महाराज, विधायक वेदप्रकाश गुप्त, अमित सिंह चौहान और अभय सिंह समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
ड्रोन शो देख मुख्यमंत्री योगी और केंद्रीय मंत्री सहित हजारों अयोध्यावासी हुए मंत्रमुग्ध
500 ड्रोन के जरिए आसमान में उतरा ‘त्रेतायुग’
जय श्रीराम के जय घोष से गूंज उठी अयोध्या नगरी
अयोध्या की दिव्यता को ड्रोन शो ने पहुंचाया नए आयाम पर
अयोध्या/लखनऊ, 30 अक्टूबर 2024: आठवें ऐतिहासिक अयोध्या दीपोत्सव समारोह में इस बार का आयोजन ड्रोन शो के जरिए और भी खास रहा, जहां 500 ड्रोन के जरिए त्रेतायुग के भगवान श्रीराम के प्रसंगों को आकाश में सजीव किया गया। इस अनूठे ड्रोन शो ने दीपोत्सव को और भव्य बना दिया। जैसे ही ड्रोन ने भगवान श्रीराम की आकृति उकेरी, समस्त नगरी ‘जय जय श्रीराम’ के जयकारों से गूंज उठी।
पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित इस शो में तकनीकी दक्षता और कला का अद्भुत मिश्रण देखने को मिला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत ने भी इस नायाब शो का आनंद लिया और इसकी सराहना की। ड्रोन शो ने अयोध्या की दिव्यता को एक नए आयाम पर पहुंचाया, जिसने रामायण की कहानियों को आकाश में जीवंत किया और जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस भव्य आयोजन में भगवान श्रीराम के महाकाव्य को प्रतीकात्मक आकृतियों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया, जो दीपोत्सव में आए श्रद्धालुओं के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बन गया।