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यूपी विधानसभा उपचुनाव: सीएम योगी कार्तिक पूर्णिमा पर कटेहरी व मझवां के मतदाताओं से संवाद करेंगे

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लखनऊ, 14 नवंबर 2024: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के चुनावी दौरे पर रहेंगे। वे यहां कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के बाद दो चुनावी रैली भी करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की रैली कटेहरी व मझवां विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों के लिए होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इससे पहले 10 नवंबर को दोनों विधानसभा क्षेत्रों में जनसभा कर चुके हैं।

मुख्यमंत्री सुबह 11 बजे अंबेडकरनगर के डाढ़ी का मैदान कटेहरी में जनसभा को संबोधित करेंगे। यहां से भारतीय जनता पार्टी ने धर्मराज निषाद को मैदान में उतारा है। सीएम की दूसरी जनसभा मझवां विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार सुचिस्मिता मौर्य के लिए होगी। यह जनसभा चंदईपुर में होगी।

UPPSC प्रदर्शन अपडेट: प्रयागराज में छात्रों की मांग का सीएम योगी ने संज्ञान लिया

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  • प्रयागराज में छात्रों की मांग का सीएम योगी ने संज्ञान लिया
  • मुख्यमंत्री योगी की पहल पर UPPSC ने लिया बड़ा निर्णय
  • मुख्यमंत्री ने आयोग को छात्रों के साथ संवाद और समन्वय बनाकर आवश्यक निर्णय लेने को कहा
  • ⁠पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा-2024 को एक दिवस में कराए जाने का निर्णय
  • ⁠मुख्यमंत्री की पहल पर आयोग ने लिया छात्रों के हित में निर्णय
  • ⁠आरओ/एआरओ (प्रा.) परीक्षा-2023 के लिए आयोग द्वारा समिति का गठन
  • ⁠समिति सभी पहलुओं पर विचार कर अतिशीघ्र अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी

प्रयागराज/लखनऊ, 14 नवंबर 2024: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में प्रयागराज में छात्रों द्वारा उठाई गई मांगों पर संज्ञान लिया। छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर स्थिति पर ध्यान दिया गया और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने एक बड़ा निर्णय लिया। सीएम योगी ने अभ्यर्थियों की मांगों को ध्यान में रखते हुए बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री की पहल पर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने आगामी पीसीएस (प्रारंभिक) परीक्षा 2024 को एक ही दिन में आयोजित करने का फैसला किया है। इस निर्णय से प्रतियोगी परीक्षा देने वाले लाखों छात्रों को राहत मिली है।

सीएम योगी के निर्देश पर UPPSC ने लिया महत्वपूर्ण निर्णय

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने UPPSC को आदेश दिया कि वे छात्रों से संवाद और समन्वय करके पीसीएस परीक्षा के बारे में आवश्यक निर्णय लें। इसके परिणामस्वरूप, आयोग ने पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा 2024 को एक दिन में आयोजित करने का निर्णय लिया है। पहले इसे दो दिन में आयोजित करने की योजना थी, लेकिन छात्रों की मांग के बाद यह निर्णय बदल दिया गया। पिछले कुछ दिनों से पीसीएस और अन्य चयन परीक्षाओं को लेकर छात्रों के बीच असंतोष की स्थिति थी। छात्रों की मांग थी कि पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा को एकाधिक पालियों में कराने के बजाय एक ही दिन में संपन्न कराया जाए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छात्रों की इन मांगों का संज्ञान लेते हुए आयोग को निर्देश दिया कि वह छात्रों के साथ संवाद स्थापित कर आवश्यक निर्णय ले। आयोग ने मुख्यमंत्री के निर्देश पर छात्रों से संवाद किया और उनकी मांगों पर विचार करते हुए यह निर्णय लिया कि पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा 2024 पूर्व की भांति एक ही दिन में आयोजित की जाएगी।

आरओ/एआरओ परीक्षा के लिए समिति का गठन

मुख्यमंत्री की पहल पर यूपीपीएससी ने समीक्षा अधिकारी (आरओ) और सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) परीक्षा-2023 को स्थगित करते हुए उसकी पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए एक समिति का गठन किया है। यह समिति सभी पहलुओं पर गहन अध्ययन कर अपनी विस्तृत रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करेगी, जिससे इन परीक्षाओं की शुचिता और विश्वसनीयता को सुनिश्चित किया जा सके।

चयन परीक्षाओं की पारदर्शिता पर विशेष ध्यान

आयोग के सचिव ने बताया कि हाल के महीनों में देश के कई हिस्सों में पेपर लीक की घटनाओं को देखते हुए, उत्तर प्रदेश सरकार ने चयन परीक्षाओं की शुचिता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है। इसी कारण, आयोग ने दिसंबर में प्रस्तावित पीसीएस और आरओ/एआरओ परीक्षाओं को एकाधिक पालियों में आयोजित करने की घोषणा की थी। हालांकि, छात्रों की मांग और मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद अब पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा एक ही दिन में आयोजित की जाएगी।

छात्रों के हित में लिया गया निर्णय

यह निर्णय छात्रों के हित में लिया गया है, और अब उन्हें एक दिन और एक शिफ्ट में परीक्षा देने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया और छात्रों की परेशानियों को समझते हुए तत्काल समाधान निकाला। यह फैसला छात्रों की लगातार बढ़ती चिंता और उग्र हो रहे प्रदर्शन के बीच आया है। मुख्यमंत्री की पहल से यह स्पष्ट होता है कि सरकार छात्रों की समस्याओं का समाधान निकालने के लिए तत्पर है, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने छात्रों की समस्याओं का समाधान किया।

इस फैसले से लाखों छात्र जो इस परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें बड़ी राहत मिलेगी। परीक्षा को एक ही दिन में आयोजित करने से छात्रों को परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता का भरोसा मिलेगा। साथ ही, आयोग द्वारा गठित समिति की रिपोर्ट से भविष्य में होने वाली परीक्षाओं की शुचिता को और अधिक मजबूती मिलेगी। इस फैसले के बाद छात्रों में खुशी की लहर है और वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस त्वरित निर्णय की सराहना कर रहे हैं।

महाकुंभ 2025 की तैयारियां: पीडब्ल्यूडी की सभी परियोजनाएं नवंबर महीने में ही पूरी होंगी

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प्रयागराज/लखनऊ, 14 नवंबर 2024: महाकुंभ 2025 के आयोजन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इन तैयारियों में विभिन्न परियोजनाओं का कार्य जोरों पर चल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन सभी कार्यों की नियमित निगरानी करने का जिम्मा लिया है ताकि समय पर सभी परियोजनाएं पूरी हो सकें।

प्रमुख परियोजनाओं का कार्य

  1. सड़कों का चौड़ीकरण: मेला क्षेत्र में प्रमुख सड़कों को चौड़ा करने का कार्य जारी है। विशेष रूप से संगम तक जाने वाली सड़कों को 30 नवंबर तक चौड़ा किया जाएगा। इन सड़कों का नवीनीकरण और सौंदर्यीकरण भी इस योजना का हिस्सा है।
  2. पार्किंग और अस्थाई सड़कें: 148 पार्किंग क्षेत्र और 488 किलोमीटर अस्थाई सड़कें बनाने का कार्य भी किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
  3. मुख्य मंदिरों का जीर्णोद्धार: प्रयागराज के प्रमुख मंदिरों का पुनर्निर्माण भी दिसंबर तक पूरा किया जाएगा। नागवासुकी और हनुमान मंदिर जैसे प्रमुख मंदिरों का पुनर्निर्माण कार्य नवंबर और दिसंबर तक पूरा किया जाएगा ।
  4. साइनेज और पाण्टून पुल: मेला क्षेत्र में 1500 साइनेज की स्थापना और 3308 पाण्टून पुलों का निर्माण भी चल रहा है। ये पुल मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं के आने-जाने के लिए बनाए जा रहे हैं।
  5. सड़क पुनर्नवीनीकरण और सौंदर्यीकरण: 92 सड़कों का पुनर्नवीनीकरण और 17 सड़कों का सौंदर्यीकरण 10 दिसंबर तक पूरा किया जाएगा ।

30 नवंबर तक पूरा होगा कार्य

30 नवंबर तक सभी प्रमुख सड़कों का चौड़ीकरण और मेला क्षेत्र के विकास कार्य संपन्न हो जाएंगे। इसके बाद 10 दिसंबर तक सड़कों का पुनर्नवीनीकरण और सौंदर्यीकरण कार्य भी पूरा हो जाएगा। इन परियोजनाओं की कुल लागत 1428.68 करोड़ रुपये है, और इन्हें तय समय सीमा में पूरा करने के लिए सभी विभाग सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।

प्रमुख कार्यों की स्थिति

  • कुल 83 परियोजनाओं में से 47 पूरी हो चुकी हैं।
  • 15 नवंबर तक 10 और परियोजनाएं पूरी होने का लक्ष्य है।
  • मेला क्षेत्र में 6 परियोजनाएं 30 नवंबर तक पूरी की जाएंगी।
  • महत्वपूर्ण सड़क मार्गों पर कार्य जोरों पर हैं, जिनमें एयरपोर्ट रोड, रसूलाबाद घाट रोड और फाफामऊ-सहसो रोड शामिल हैं।

महाकुंभ 2025 के लिए प्रयागराज में विभिन्न परियोजनाओं का कार्य चल रहा है, जिनमें सड़कों का चौड़ीकरण, अस्थाई सड़कें, पार्किंग, मंदिरों का पुनर्निर्माण, और साइनेज की स्थापना शामिल है। इन कार्यों को 30 नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निगरानी में यह कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। कुल 89 परियोजनाओं में से 47 पूरी हो चुकी हैं, और शेष कार्यों को निर्धारित समय सीमा तक पूरा किया जाएगा।

महाकुंभ 2025: टॉप 100 हस्तशिल्पियों का अद्भुत संगम

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  • महाकुंभ 2025 में पहली बार देशभर के टॉप 100 हस्तशिल्पियों का संगम होगा, जिसमें विभिन्न राज्यों की विशिष्ट कला प्रदर्शित की जाएगी।
  • महाकुंभ में वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट कार्यक्रम के तहत हस्तशिल्प उत्पादों की विशेष प्रदर्शनी होगी।
  • इस प्रदर्शनी में बनारसी साड़ी, दक्षिण भारतीय मूर्तिकला, और प्रयागराज के मूंज से बने उत्पाद प्रमुख आकर्षण होंगे।
  • महाकुंभ 2025 में ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से हस्तशिल्प कलाकृतियों की बिक्री भी की जाएगी।
  • महाकुंभ में चंद्रशेखर आजाद की ऐतिहासिक पिस्तौल बमतुल बुखारा की प्रतिकृति का प्रदर्शन भी किया जाएगा।

प्रयागराज/लखनऊ, 14 नवंबर 2024: महाकुंभ 2025 में पहली बार देशभर के टॉप 100 हस्तशिल्पियों का संगम देखने को मिलेगा, जिसमें भारत की सबसे कीमती और विशिष्ट कलाकृतियाँ प्रदर्शित की जाएंगी। डबल इंजन की सरकार के प्रयास से इस आयोजन में बनारसी साड़ियों से लेकर दक्षिण भारतीय मूर्तिकला तक का अद्भुत प्रदर्शन होगा। साथ ही, सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) कार्यक्रम को प्रमुख आकर्षण बनाया जाएगा। यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक धरोहर को समर्पित है, बल्कि ऑनलाइन लाइव टेलीकास्ट के माध्यम से वैश्विक स्तर पर हस्तशिल्प कला को प्रस्तुत किया जाएगा।

महाकुंभ 2025 की विशेषताएँ:

  • दुनिया का सबसे बड़ा सांस्कृतिक आयोजन: महाकुंभ में भारत और अन्य देशों के लोग हस्तशिल्प कला के अद्भुत प्रदर्शन का हिस्सा बनेंगे।
  • प्रमुख हस्तशिल्प और कला की प्रदर्शनी: बनारसी साड़ी, पशमीना शाल, चंदेरी साड़ियाँ, और अन्य हस्तशिल्प उत्पादों की प्रदर्शनी होगी।
  • ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से हस्तशिल्प की बिक्री: इंडिया हैंडमेड वेबसाइट से लोग हस्तशिल्प उत्पाद खरीद सकते हैं।
  • महिलाओं के लिए विशेष हस्तशिल्प: फिरोजाबाद की चूड़ियां, कांच के बर्तन, और हिमाचल प्रदेश की कढ़ाई वाली चंबा रुमाल जैसी कलाकृतियाँ प्रदर्शित होंगी।
  • विशिष्ट अतिथियों के लिए सॉविनियर: देश-विदेश के अतिथियों को हस्तशिल्प आधारित सॉविनियर गिफ्ट किए जाएंगे, जिसमें प्रदेश की ओडीओपी कलाकृतियाँ शामिल होंगी।

महाकुंभ 2025 में प्रदर्शित होने वाली प्रमुख कलाकृतियाँ:

1. हस्तशिल्प कला का अद्भुत संगम:

महाकुंभ के आयोजन में देशभर के 100 प्रमुख शिल्पियों द्वारा अपनी कला का प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें विशेष रूप से बनारसी साड़ी, दक्षिण भारतीय मूर्तियां, और प्रयागराज के मूंज से बने उत्पाद आकर्षण का केंद्र होंगे।

2. वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट का प्रदर्शन:

यह प्रदर्शनी वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के तहत देश के विभिन्न राज्यों की शिल्प कला को एक मंच पर प्रस्तुत करेगी। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य देशभर की विशिष्ट शिल्प कला को एक नई पहचान देना है।

3. ई-कॉमर्स कंपनियों से मुकाबला:

महाकुंभ के दौरान एक ऑनलाइन वेबसाइट (इंडिया हैंडमेड) लॉन्च की जाएगी, जिससे देश-विदेश के लोग हस्तशिल्प उत्पादों की खरीदारी कर सकेंगे। यह वेबसाइट ई-कॉमर्स कंपनियों को टक्कर देने का प्रयास करेगी।

4. प्रमुख हस्तशिल्प उत्पाद:

महाकुंभ में बनारसी सॉफ्ट स्टोन, जम्मू कश्मीर की पशमीना शाल, प्रयागराज के मूंज क्राफ्ट, बांदा के सजर पत्थर, महोबा के गौरा पत्थर, और मध्य प्रदेश की चंदेरी साड़ियाँ प्रदर्शित की जाएंगी।

5. विशिष्ट उपहार और सॉविनियर:

महाकुंभ में देश-विदेश से आने वाले विशिष्ट अतिथियों को हस्तशिल्प आधारित सॉविनियर गिफ्ट किए जाएंगे। इन उपहारों में राज्य की ओडीओपी और हस्तशिल्प कलाकृतियाँ प्रमुख होंगी।

महाकुंभ 2025 न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर का उत्सव होगा, बल्कि यह भारतीय हस्तशिल्प कला की वैश्विक पहचान स्थापित करने का भी एक बेहतरीन अवसर बनेगा।

राजधानी में जुटेंगे यूपी के एक लाख किसान, नई कृषि तकनीक से होंगे रूबरू

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  • सीएम योगी आदित्यनाथ की पहल पर पहली बार यूपी में आयोजित होगा ‘कृषि भारत 2024’ मेला
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे ‘कृषि भारत 2024’ मेले का उद्घाटन
  • 15 से 18 नवंबर तक वृंदावन योजना मैदान में ‘कृषि भारत 2024’ के नाम से आयोजित होगा 16वां संस्करण
  • प्रदेश के किसानों को नई तकनीकों और सरकारी स्कीम्स के बारे में दी जाएगी जानकारी
  • नीदरलैंड्स होगा ‘कृषि भारत 2024’ मेले का पार्टनर कंट्री
  • कृषि उद्योग से जुड़ी देश-विदेश की 200 नामी कंपनियां लगाएंगी अपनी प्रदर्शनियां
  • 11 सत्रों के जरिए कृषि विशेषज्ञ किसानों को देंगे नई टेक्नोलॉजी की जानकारियां
  • फार्मिंग में आंत्रप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देने पर रहेगा जोर

लखनऊ, 14 नवंबर 2024: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर 15 से 18 नवंबर तक उत्तर प्रदेश में पहली बार ‘कृषि भारत 2024’ मेला का आयोजन होगा। प्रदेश में कृषि और पशुपालन क्षेत्र में नई तकनीकों को बढ़ावा देने और उत्पादन को बढ़ाने के लिए आयोजित होने जा रहे इस चार दिवसीय मेले का शुक्रवार को राजधानी के वृंदावन योजना मैदान में सीएम योगी के हाथों शुभारंभ होगा। इसमें प्रदेशभर के करीब 1 लाख किसानों के जुटने का अनुमान लगाया जा रहा है। मेले में कृषि उद्योग से जुड़े देश और दुनिया के 200 एग्जीबिटर्स अपने उत्पादों और तकनीक की प्रदर्शनियां लगाएंगे। गुरुवार को लोकभवन लोकभवन में भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा ‘एग्रो टेक इंडिया – कृषि भारत 2024’ के आयोजन को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई।

योगी सरकार के लिए किसान हित सर्वोपरि

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कृषि उत्पादन आयुक्त, मोनिका एस गर्ग ने कहा कि उत्तर प्रदेश एक कृषि प्रधान राज्य है, जहां 75% भूमि कृषि उपयोग में लायी जाती है। उन्होंने बताया कि योगी सरकार किसानों के हितों को सर्वोपरि मानती है और उनके कल्याण के लिए अनेक योजनाएं चला रही है। चूंकि, प्रदेश में कृषि क्षेत्र में मैकेनाइजेशन की कमी महसूस की जाती रही है। किसान अभी भी पारंपरिक तरीके से खेती कर रहे हैं, जबकि उन्हें लाइन बुवाई और जीरो सीड ड्रिल जैसी तकनीकों का उपयोग करना चाहिए। इससे न केवल उत्पादकता में वृद्धि होगी बल्कि खेती की लागत भी कम होगी।

उन्नत उपकरणों के उपयोग के लिए किया जाएगा प्रोत्साहित

कृषि उत्पादन आयुक्त मोनिका एस गर्ग ने बताया कि मेले में पराली प्रबंधन पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। सरकार द्वारा किसानों को यंत्रों पर सब्सिडी दी जा रही है, लेकिन उनका पर्याप्त लाभ किसान नहीं उठा रहे। कार्यक्रम के दौरान किसानों को फार्म मशीनरी बैंक के माध्यम से उन्नत उपकरणों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

उत्तर प्रदेश में पहली बार हो रहा आयोजन

प्रमुख सचिव कृषि रविंद्र ने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य कृषि में उन्नत तकनीकों को अपनाना और किसानों की आय को दोगुना करना है। इस चार दिवसीय कार्यक्रम में बायो टेक्नोलॉजी, पशुपालन, मत्स्य पालन और सिंचाई की नई तकनीकों को भी शामिल किया गया है। इसके माध्यम से किसानों को आधुनिक खेती के तरीकों के साथ-साथ सरकारी योजनाओं और सब्सिडी की जानकारी भी दी जाएगी।

200 से अधिक कंपनियां और 100 से अधिक स्टॉल्स होंगे शामिल

सीआईआई की प्रतिनिधि स्मिता अग्रवाल ने बताया कि इस आयोजन में दुनियाभर की 200 से अधिक कंपनियां भाग लेंगी। इसमें महिन्द्रा, आयशर, सोनालिका और एस्कॉर्ट जैसी बड़ी कंपनियां भी अपनी तकनीकों और उपकरणों का प्रदर्शन करेंगी। 11 तकनीकी सत्र और 8 किसान गोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे।

किसानों को मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ

कार्यक्रम में किसानों को सरकारी योजनाओं और सब्सिडी के बारे में जानकारी दी जाएगी। किसानों के लिए बसों की व्यवस्था की गई है, जिससे एक लाख से अधिक किसानों को इस आयोजन में लाया जाएगा। यहां वे नई तकनीकों के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आवेदन कर सकेंगे।

नीदरलैंड्स होगा पार्टनर कंट्री

इस आयोजन में नीदरलैंड्स को पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल किया गया है। नीदरलैंड्स से आए विशेषज्ञ और सप्लायर्स अपने आधुनिक कृषि उपकरणों और तकनीकों का प्रदर्शन करेंगे। इससे उत्तर प्रदेश के किसानों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीकों से रूबरू होने का अवसर मिलेगा।

फार्मिंग में उद्यमिता को बढ़ावा

कार्यक्रम के दौरान फार्मिंग में उद्यमिता को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जाएगा। किसानों को अपने कृषि व्यवसाय को उन्नत बनाने के लिए तकनीकी और व्यावसायिक जानकारी दी जाएगी, जिससे वे खेती को एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में देख सकें। पत्रकारवार्ता के दौरान इन्वेस्ट यूपी के सीईओ अभिषेक प्रकाश भी मौजूद रहे।