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भारत सनातन की भूमि है और काशी इसका केंद्र : उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़

wise president of india
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  • वाराणसी में उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने किया ‘नमो घाट’ का उद्घाटन
  • उप राष्ट्रपति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बताया ‘तपस्वी’
  • बोले उप राष्ट्रपति, अपनी लगन और निष्ठा से उत्तर प्रदेश को उद्यम प्रदेश बनाकर इसे सर्वोच्च प्रदेश बनाने की दिशा में अग्रसर हैं सीएम योगी आदित्यनाथ
  • कहा- संरक्षण, सृजन, दूरदर्शी और सराहनीय विकास के लिए पीएम की तरह ही प्रतिबद्ध हैं सीएम योगी
  • सनातन धर्म ने आक्रमणकारियों को भी समाहित करने का कार्य किया है : उप राष्ट्रपति
  • सौहार्दपूर्ण संवाद, आस-पड़ोस का ध्यान रखना ही त्योहारों की विशिष्टता : जगदीप धनखड़

वाराणसी/लखनऊ, 15 नवंबर 2024: उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने शुक्रवार को विश्व के सबसे बड़े और सुंदर घाट ‘नमो घाट’ का भव्य उद्घाटन किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान उप राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि भारत सनातन की भूमि है और काशी इसका केंद्र है। सनातन धर्म सभी को समाहित करता है और इसने आक्रमणकारियों को भी समाहित करने का कार्य किया है। यह हमें एकता और दृढ़ता की सीख देता है। उप राष्ट्रपति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा करते हुए कहा कि योगी जी अपनी लगन और निष्ठा से उत्तर प्रदेश को उद्यम प्रदेश बनाकर इसे सर्वोच्च प्रदेश बनाने की दिशा में अग्रसर हैं। उन्होंने कहा कि संरक्षण, सृजन, दूरदर्शी और सराहनीय विकास के लिए जिस प्रकार प्रधानमंत्री मोदी समर्पित हैं, उत्तर प्रदेश में यही काम तपस्वी के रूप में योगी आदित्यनाथ कर रहे हैं। वहीं उन्होंने राज्यपाल आनंदी बेन पटेल की प्रशंसा करते हुए कहा कि मुझे उनके मार्गदर्शन का लाभ कई अवसरों पर मिला है।

नमो घाट का उद्घाटन करना मेरे लिए सौभाग्य की बात

उप राष्ट्रपति ने नमो घाट के उद्घाटन को अपने लिए सौभाग्य का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े घाट का उद्घाटन करना मेरे लिए बड़ा सम्मान है। मुख्यमंत्री योगी जी ने जब कहा कि भारत के अलावा और कहां घाट होते हैं, तो इससे मेरी बात को और बल मिला। काशी मोक्ष की नगरी है और यहां की परंपराएं अनवरत रूप से प्रज्ज्वलित रहती हैं। उप राष्ट्रपति ने इस बात पर भी जोर दिया कि उद्घाटन दिवस का संयोग बेहद खास है। उन्होंने कहा कि आज ही के दिन सिख धर्म के संस्थापक प्रथम गुरू श्री गुरुनानक देव जी का 555वां प्रकाश पर्व है। इसके साथ ही उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती का भी स्मरण करते हुए आदिवासी समुदाय की गौरवशाली विरासत की सराहना की।

भारत सामाजिक समरसता की नींव है

उप राष्ट्रपति ने बताया कि भारत तीव्र गति से विकास की ओर अग्रसर है और 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य रखा गया है। इस बड़े यज्ञ में हर भारतीय को योगदान देना होगा। उप राष्ट्रपति ने भारत की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि हमारे ऋषि-मुनियों ने हमें बार-बार याद दिलाया है कि हमारी सांस्कृतिक जड़ें ही हमारे वर्तमान और भविष्य का आधार हैं। इसे संरक्षित रखने का दायित्व हम सभी का है। उप राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में स्वदेशी भावना को भी बल दिया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी दीप देश की मिट्टी, तेल और रुई का अनूठा मेल हैं। वैश्विक व्यापार में भी हमें स्वदेशी भावना को विचार में रखना चाहिए। उन्होंने सामाजिक समरसता पर जोर देते हुए कहा कि भारत सामाजिक समरसता की नींव है। मतभेद हो सकते हैं, पर मनभेद को कम रखना चाहिए। सौहार्दपूर्ण संवाद, आस-पड़ोस का ध्यान रखना ही त्योहारों की खास बात है।

देव दीपावली का यह पारंपरिक उत्सव समाज के हर वर्ग को एक साथ आने का अवसर देता है

उप राष्ट्रपति ने अपने भाषण के समापन में कहा कि देव दीपावली का यह पारंपरिक उत्सव समाज के हर वर्ग को एक साथ आने का अवसर देता है। यह बदलते भारत की तस्वीर को दर्शाता है और यह ऐतिहासिक क्षण मेरे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि नमो घाट के उद्घाटन के साथ ही वाराणसी ने एक बार फिर से अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर को विश्व के सामने गौरव के साथ प्रस्तुत किया है।

इस अवसर पर उप राष्ट्रपति की पत्नी सुदेश धनखड़, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, प्रदेश के स्टाम्प एवं पंजियन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल, विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी, सौरभ श्रीवास्तव, महापौर अशोक तिवारी, एमएलसी धर्मेन्द्र, हंसराज विश्वकर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, सुनील पटेल समेत अन्य गणमान्य मौजूद रहे।

वाराणसी में नमो घाट का भव्य उद्घाटन: काशी को नई पहचान और विकास का प्रतीक

dev diwali kashi truenewsup
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  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नमो घाट के उद्घाटन समारोह में काशी के विकास की प्रशंसा की।
  • उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से गंगा का जल आचमन योग्य बन चुका है।
  • देव दीपावली के अवसर पर समारोह में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोहा।
  • काशी को विकास और विरासत के संगम के रूप में नई वैश्विक पहचान मिली।
  • उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने मुख्य अतिथि के तौर पर किया ‘नमो घाट’ का उद्घाटन।

वाराणसी/लखनऊ, 15 नवंबर 2024 — देव दीपावली के पावन अवसर पर शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में रहे और देश के उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने मुख्य अतिथि के तौर पर ‘नमो घाट’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की भूरी-भूरी प्रशंसा की और कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में चल रही ‘नमामि गंगे’ परियोजना से गंगा का जल अब आचमन योग्य बन चुका है। जहां पहले इसे प्रदूषण व गंदगी के कारण स्नान के लिए भी असुरक्षित माना जाता था, वहीं अब यह बदलाव काशीवासियों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। सीएम योगी ने गुरुनानक देव जी के 555वें प्रकाश पर्व और भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर जनजाति गौरव दिवस के रूप में शुभकामनाएं भी दीं।

समारोह की भव्यता और मुख्य अतिथि

इस आयोजन के दौरान उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। उनके साथ राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, प्रदेश के विभिन्न मंत्री, विधायक, और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उप राष्ट्रपति को अंगवस्त्र पहनाकर और नमो मुद्रा के स्मृति चिह्न के रूप में भेंट कर उनका स्वागत किया, जबकि राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने उप राष्ट्रपति की पत्नी सुदेश धनखड़ को गणेश प्रतिमा भेंट कर अभिनंदन किया।

‘नमो घाट’ की विशेषताएं

मुख्यमंत्री योगी ने अपने संबोधन में कहा कि ‘नमो घाट’ देश का सबसे लंबा और सबसे सुंदर घाट है। उन्होंने बताया कि पहले यह क्षेत्र गंदगी और उपेक्षा के कारण वीरान रहता था, लेकिन अब प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से यह जगह पर्यटकों और श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बन चुकी है। यहां हाल ही में जी 20 शिखर सम्मेलन और काशी तमिल संगमम जैसे भव्य कार्यक्रमों का आयोजन हुआ है, जिसने घाट की महत्ता और आकर्षण को और बढ़ाया है।

काशी के विकास की कहानी

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि काशी ने पिछले दस वर्षों में अपने रूप और पहचान में एक अद्वितीय बदलाव देखा है। जहां पहले काशी विश्वनाथ धाम में मात्र 50 श्रद्धालु दर्शन कर पाते थे, वहीं अब 50 हजार से अधिक श्रद्धालु आराम से दर्शन कर सकते हैं। विशेष अवसरों पर यह संख्या लाखों में पहुंच जाती है। उन्होंने कहा कि काशी की सड़कों का चौड़ीकरण, बेहतर ट्रेन कनेक्टिविटी, और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा जैसी सुविधाओं ने इसे नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि काशी से हल्दिया तक जाने वाला देश का पहला वाटर वे भी यहीं से शुरू होता है। इस प्रकार, काशी को न केवल एक सांस्कृतिक धरोहर के रूप में बल्कि एक आधुनिक शहर के रूप में भी पहचाना जा रहा है। उन्होंने बताया कि घाट पर 700 से अधिक नावें अब सीएनजी इंधन से संचालित होती हैं, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बल मिला है।

समारोह की सांस्कृतिक झलकियां

नमो घाट के उद्घाटन समारोह की शुरुआत शंखों के नाद और डमरू वादन के साथ हर हर महादेव के जयघोष से हुई। इस अवसर पर ओडिशा के कलाकारों के एक समूह ने ‘नमो नमो’ गीत पर नृत्य प्रस्तुत किया, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। इसके बाद, यूएसए और ऑस्ट्रेलिया के कलाकारों ने ‘कॉस्मिक शिवा’ थीम पर कुचीपुड़ी नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

देव दीपावली: एक वैश्विक पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि देव दीपावली, जिसे देवताओं की दीपावली माना जाता है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से एक वैश्विक पहचान बना चुकी है। यह पर्व काशी के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को दर्शाता है। नमो घाट के उद्घाटन ने इस पर्व के उल्लास को और बढ़ा दिया।

मुख्य बिंदु:

  1. नमो घाट का उद्घाटन: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में ‘नमो घाट’ का उद्घाटन किया, जिसमें उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए।
  2. गंगा का आचमन योग्य जल: पीएम मोदी के नेतृत्व में ‘नमामि गंगे’ परियोजना से गंगा का जल अब आचमन के योग्य हो गया है।
  3. काशी के विकास की नई ऊंचाईयां: मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दस वर्षों में काशी ने विकास और विरासत के संगम के रूप में एक नई वैश्विक पहचान प्राप्त की है।
  4. सांस्कृतिक कार्यक्रम: ओडिशा के कलाकारों का नृत्य और अंतरराष्ट्रीय कलाकारों की कुचीपुड़ी प्रस्तुति ने समारोह को खास बनाया।
  5. पर्यावरणीय प्रयास: घाट पर सीएनजी से संचालित 700 से अधिक नावें प्रदूषण नियंत्रण में योगदान दे रही हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि काशी का विकास, यहां के लोगों के दृढ़ संकल्प और पीएम मोदी की दूरदृष्टि का परिणाम है। उन्होंने बाबा विश्वनाथ से प्रार्थना की कि यह देव दीपावली सभी के जीवन में सुख और आनंद लेकर आए।

दीनदयाल उपाध्याय, राज्य ग्राम्य विकास संस्थान, बक्शी का तालाब में 200 बेड का बनेगा छात्रावास

ग्राम चौपालों में 04 लाख 46 हजार से अधिक समस्याओं/प्रकरणों का किया गया निस्तारण
ग्राम चौपालों में 04 लाख 46 हजार से अधिक समस्याओं/प्रकरणों का किया गया निस्तारण
ग्राम चौपालों में 04 लाख 46 हजार से अधिक समस्याओं/प्रकरणों का किया गया निस्तारण
  • उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की पहल पर, दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान, लखनऊ में 200 बेड के छात्रावास के निर्माण की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति दी गई।
  • इस प्रोजेक्ट के लिए 4.75 करोड़ रुपये की पहली किस्त स्वीकृत की गई है।
  • परियोजना को ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, प्रखण्ड लखनऊ द्वारा गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरा किया जाएगा।
  • समय-समय पर स्थलीय अनुश्रवण द्वारा सुनिश्चित किया जाएगा कि निर्माण कार्य समय पर और उच्च गुणवत्ता का हो।
  • छात्रावास में अवस्थापना सुविधाओं और फर्नीचर की व्यवस्था समय से पूरी की जाएगी।

लखनऊ:15 नवम्बर 2024: उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की पहल व उनके निर्देश पर दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान, लखनऊ के परिसर में 200 बेड (100कमरे) के छात्रावास के निर्माण हेतु प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति उत्तर प्रदेश शासन द्वारा प्रदान की गयी और इसके लिए प्रथम क़िस्त के रूप में रू 4करोड़ 75 लाख की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इस सम्बन्ध में आवश्यक शासनादेश उत्तर प्रदेश शासन ग्राम्य विकास विभाग द्वारा प्रदान की गयी है।

जारी शासनादेश में कहा गया है कि इस कार्य हेतु नामित कार्यदायी संस्था ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, प्रखण्ड लखनऊ द्वारा प्रस्तुत आगणन रू0 1907.55 लाख के सापेक्ष प्रायोजना रचना एवं मूल्यांकन प्रभाग, योजना भवन, लखनऊ द्वारा मूल्यांकित धनराशि रू0 1773.46 लाख की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति तथा वित्तीय वर्ष 2024-25 में अनुदान संख्या-13 के लेखाशीर्षक-4059-लोक निर्माण कार्य पर पूंजीगत परिव्यय-60-अन्यभवन-051-निर्माण-03-दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान, लखनऊ में 200 बेड के छात्रावास का निर्माण-24-वृहद निर्माण कार्य मद में प्राविधानित बजट व्यवस्था रू0 950.00 लाख सापेक्ष प्रथम किश्त के रूप में धनराशि रू० 475.00 लाख की स्वीकृति निर्धारित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन की गयी है।

जारी दिशा निर्देशों में कहा गया है कि: कार्यदायी संस्था द्वारा लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्धारित विशिष्टयों एवं मानक के अनुसार गुणवत्ता पूर्ण कार्य सम्पादित किया जायेगा। निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार ही हो तथा उसकी गुणवत्ता उत्कृष्ट कोटि की हो, इसकी पूर्ण जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था की होगी तथा समय-समय पर स्थलीय अनुश्रवण कर कार्य की गुणवत्ता एवं कार्य निर्धारित समय में पूर्ण हो, यह सुनिश्चित कराये जाने का उत्तरदायित्व महानिदेशक, दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान, बक्शी का तालाब, लखनऊ का होगा।प्रस्तावित निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग के शिड्यूल रेट से कराया जायेगा। और धनराशि के आहरण एवं व्यय के संबंध में मितव्ययिता संबंधी समय-समय पर निर्गत शासनादेशों एवं वित्तीय नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। उप मुख्यमंत्री ने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कराते हुए इस छात्रावास का निर्माण समय से पूर्ण कराया जाय। निर्देश दिए हैं कि इस हास्टल में सभी अवस्थापना सुविधायें फर्नीचर आदि की व्यवस्था भी समय से करायी जाय।

खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के बढ़ते कदम

खाद्य प्रसंस्करण की खबर
खाद्य प्रसंस्करण की खबर

लखनऊ: 15 नवम्बर 2024: उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व व निर्देशन में उत्तर प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को बढ़ावा देने के हर सम्भव प्रयास किए जा रहे हैं। इस दिशा कई प्रभावी व ठोस कदम उठाए गए हैं। खाद्य प्रसंस्कृत पदार्थो के उत्पादन व विपणन के लिए भी सकारात्मक कदम उठाए गए हैं
इस क्षेत्र में उद्योग लगाने के लिए विभिन्न प्रकार की सुविधाएं व अनुदान आदि की व्यवस्था भी की गयी है।

आर फ्रैंक के निदेशक एस के चौहान ने बताया कि उत्तर प्रदेश में इंटरनेशनल स्कूल ऑफ़ मिलिंग टेक्नोलॉजी के निर्माण हेतु उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 5 एकड़ ज़मीन लखनऊ में रोलर फ्लोर मिलर्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया को दी गई है।जिस पर सेंटर फॉर एक्सीलेंस के निर्माण के लिए बुधवार को एक त्रिपक्षीय एम ओ यू फ़ूड प्रोसेसिंग डिपार्टमेंट, सेंट्रल फ़ूड टेक्नोलॉजी रिसर्च इंस्टीट्यूट एवं रोलर फ्लोर मिलर्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के मध्य साइन किया गया ।इस सेंटर फॉर एक्सीलेंस का निर्माण रोलर फ्लोर मिलर्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के द्वारा किया जाएगा। इसके लिए एक सोसाइटी का गठन किया जाएगा।

महाकुंभ 2025: कुंभ नगरी में आवागमन की सुविधा देने के साथ महाकुंभ की गाथा और प्रयाग का महात्म्य भी बताएंगे शहर के ई-रिक्शा चालक

महाकुम्भ 2025 प्रयागराज
महाकुम्भ 2025 प्रयागराज
  • शहर के 1000 ई-रिक्शा चालकों को स्टोरी टेलिंग और सॉफ्ट स्किल की दी जा रही है ट्रेनिंग
  • पर्यटन विभाग ने शुरू की शहर के रिक्शा चालकों की संस्कार की पाठशाला
  • स्वच्छता दूत, प्लास्टिक मुक्त महाकुंभ और डिजिटल इंडिया अभियान के वाहक बनेंगे ई रिक्शा चालक
  • महाकुंभ में टैक्सी और ऑटो चालकों के बाद ई रिक्शा चालकों को संस्कारवान बनाने की योगी सरकार की पहल

प्रयागराज/लखनऊ , 15 नवंबर 2024: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश में पारम्परिक भारतीय मूल्यों और ‘अतिथि देवो भव:’ की संकल्पना को साथ लेते हुए पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं और वातावरण प्रदान कर रही है। प्रयागराज महाकुंभ इसके लिए बड़ा मंच प्रदान कर रहा है। प्रयागराज शहर के ई रिक्शा चालकों को संस्कारवान बनाने की आज से हुई शुरुआत इसी का हिस्सा है । पर्यटन विभाग को इसकी जिम्मेदारी दी गई ।

शहर के 1000 ई रिक्शा चालकों को संस्कारवान बनाने की पाठशाला शुरू

महाकुंभ आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की प्रयागराज पहुंचने पर सबसे पहले भेंट होती है यहां टैक्सी चालक या ई रिक्शा चालकों से। इन चालकों के बर्ताव, आगंतुकों से संवाद और उनके तौर तरीके से भी कुंभ नगरी की छवि तय करेंगे। ऐसे में इनकी सॉफ्ट स्किल की ट्रेनिंग की जरूरत को देखते हुए आज से ई रिक्शा चालकों की ट्रेनिंग भी पर्यटन विभाग की तरफ से शुरू हुई है। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अपराजिता सिंह बताती हैं कि एक हजार ई रिक्शा चालकों का प्रशिक्षण देने का अभियान आज से शुरू हुआ है। पहले दिन सौ ई रिक्शा चालकों को प्रशिक्षण दिया गया है। इस अभियान का उद्देश्य रिक्शा चालकों का स्किल डेवलेपमेंट और उनके बर्ताव को आगंतुकों के प्रति और बेहतर बनाना है। मान्यवर कांशीराम पर्यटन प्रबन्ध संस्थान, लखनऊ की अगुवाई में इन रिक्शा चालकों को ट्रेनिंग दी जा रही है। जिसके लिए उसकी एसओपी बनाई गई है। कुंभ मेला प्रशासन के मुताबिक ये रिक्शे कुंभ क्षेत्र के अंदर और बाहर चलाए जाएंगे जिनके लिए कलर कोडिंग भी की जायेगी।

महाकुंभ की गाथा और प्रयाग का महात्म्य बताएंगे ई रिक्शा चालक

मान्यवर कांशीराम पर्यटन प्रबंध संस्थान की तरफ से शहर के होटल राही इलावर्त में यह ट्रेनिंग शुरू हुई है। कांशीराम पर्यटन प्रबंध संस्थान के
असिस्टेंट प्रोफेसर प्रखर तिवारी का कहना है कि पर्यटकों के साथ व्यवहार के प्रति संवेदनशील बनाने और पर्यटक स्थलों एवं मार्गों की जानकारी देने के साथ स्वच्छता की जानकारी देने के लिए इनका प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन रिक्शा चालकों को महाकुंभ की कहानियां और प्रयाग के महात्म्य का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है ताकि ये लोग महाकुंभ आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को गंतव्य स्थल तक पहुंचाने के साथ प्रयागराज के पर्यटक स्थलों की भी रोचक अंदाज में जानकारी दे सकें। इसी क्रम में आज इन्हें यातायात के नियमों , स्वच्छता , अच्छे बर्ताव और डिजिटल भुगतान का भी प्रशिक्षण दिया गया है।

ई रिक्शा चालक बोलेंगे “वेलकम सर”

इन ई रिक्शा चालकों को ट्रेनिंग देने के पहले एक फॉर्म भी पर्यटन विभाग की तरफ से उनकी बुनियादी जानकारी के लिए भरवाया गया है। प्रयागराज ई रिक्शा एसोसिएशन के उपाध्यक्ष रघुनाथ द्विवेदी का कहना है कि यह फॉर्म ई रिक्शा चालकों को दे दिया गया है जिसमें उल्लेखित शर्तों का पालन करने पर ही उनको ट्रेनिंग का प्रमाणपत्र और रिक्शे का क्यू आर कोड मिलेगा जिसे वो अपने रिक्शे में अपनी पहचान के लिए लगा सकेंगे । यह ट्रेनिंग वहीं रिक्शा चालक कर सकेंगे जिनके रिक्शे चाइना मेड नहीं हैं। ट्रेनिंग लेने आए मोहम्मद इसरार खान का कहना है कि इस ट्रेनिंग से उन्हें कुंभ के महत्व और कुंभ से जुड़ी जानकारी मिली है। मेहमानों का स्वागत करने का जो अवसर मिला है वह भी हमारे लिए खास है।
रिक्शा चालक राजेश शर्मा का कहना है कि हमारे शहर की पहचान है कुंभ मेला । इसलिए यहां आने वाले पर्यटक के सामने अच्छी से अच्छी छवि अपने शहर की जाए इसके लिए हमे जो ट्रेनिंग दी गई है उससे हमारा भी लाभ होगा। साफ सफाई के साथ स्वच्छता का भी हम पूरा ख्याल रखेंगे। हम श्रद्धालुओं और पर्यटकों के हमारे रिक्शे के पास आते ही वेलकम सर कह कर उनका स्वागत करेंगे।