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झांसी मेडिकल कॉलेज: रेस्क्यू ऑपरेशन से मिनटों में शिफ्ट किये गये बच्चे, सीएम लेते रहे पल-पल की जानकारी

JHASI MEDICAL COLLAGE ME HUI GHATNA PAR
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  • सीएम ने मामले का संज्ञान लेते हुए डिप्टी सीएम बृजेश पाठक और प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को मौके पर भेजा
  • रेस्क्यू ऑपरेशन के जरिये 15 से 20 मिनट में पीकू वार्ड में शिफ्ट किये गये बच्चे, सभी स्वस्थ्य
  • सीएम के निर्देश पर वरिष्ठ अधिकारी भी रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे, सरकार ने पीड़ित परिवार के प्रति व्यक्त की संवेदना
  • बोले डिप्टी सीएम, पूरी तरह से काम कर रहे हैं मेडिकल कॉलेज के फायर फाइटिंग इक्यूपमेंट, जून में हुई थी मॉक ड्रिल
  • पीड़ित परिवारों को मुख्यमंत्री राहत कोष से दी जा रही आर्थिक सहायता, सरकार पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से है खड़ी

झांसी/लखनऊ, 16 नवम्बर 2024: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार देर रात मेडिकल कॉलेज के नीकू वार्ड में आग की दुखद घटना का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिये। सीएम योगी के निर्देश पर आलाधिकारियों ने मोर्चा संभाला, जिसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन के जरिये 15 से 20 मिनट में ज्यादातर बच्चों को सकुशल और सुरक्षित निकाला गया। सभी बच्चों को पीकू वार्ड में शिफ्ट किया गया, जहां सभी सकुशल हैं। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रेस्क्यू ऑपरेशन की पल-पल की मॉनीटरिंग और अधिकारियों से बातचीत करते रहे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने मृतक बच्चों के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। साथ ही अधिकारियों को पीड़ितों को हर संभव मदद के निर्देश दिये।

डिप्टी सीएम ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात, हर संभव मदद का दिया आश्वासन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेडिकल कॉलेज के नीकू वार्ड में आग की घटना का स्वत: संज्ञान लेते हुए उच्च अधिकारियों को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिये। सीएम योगी के निर्देश के बाद डिप्टी सीएम बृजेश पाठक और प्रमुख सचिव स्वास्थ्य पार्थ सारथी सेन मौके पर पहुंचे। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों की जानकारी ली। इस दौरान झांसी के सभी आलाधिकारी कमिश्नर, डीआईजी, डीएम, एसएसपी समेत स्वास्थ्य महकमे के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। सीएम योगी आदित्यनाथ की सक्रियता से ही बड़ी घटना को मिनटों में कंट्रोल कर लिया गया। साथ ही नीकू वार्ड में भर्ती ज्यादातर बच्चों को पीकू वार्ड में शिफ्ट किया गया। सभी बच्चे पूरी तरह से स्वस्थ्य हैं। वहीं डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने बच्चों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हे सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ स्वयं मामले की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। योगी सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है। उनकी हर संभव मदद के लिए योगी सरकार कटिबद्ध है। सीएम योगी के निर्देश पर मृतक बच्चों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये और घायल बच्चों के परिजनों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद प्रदान की जा रही है।

रेस्कयू किये गये बच्चे पूरी तरह से स्वस्थ्य, बर्न या सफोकेशन इंजरी नहीं

झांसी के डीएम अविनाश कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही दमकल और बचाव की टीमें मौके पर पहुंच गई थीं। इसके अलावा सभी वरिष्ठ अधिकारी और स्वास्थ्य महकमे के सभी अधिकारी मौके पर पहुंच गये थे। सभी ने तेजी के साथ बचाव राहत कार्यों को अंजाम दिया। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. नरेंद्र सिंह सेंगर ने बताया कि रेस्क्यू किये गए बच्चों को मेडिकल कॉलेज के अन्य वार्डों, जिला अस्पताल और निजी नर्सिंग होम्स में भर्ती कराया गया है। सभी बच्चे पूरी तरह सुरक्षित हैं। उनमें किसी भी तरह की बर्न या सफोकेशन की इंजरी नहीं है।

पूरी तरह से काम कर रहे हैं फायर फाइटिंग इक्यूपमेंट, जून में हुआ था मॉक ड्रिल

डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने कहा कि झांसी के मेडिकल कॉलेज की घटना अत्यंत दुखद है। सीएम योगी ने खुद मामले का संज्ञान लिया। प्रदेश सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया है। घटना के कारणों की पड़ताल की जा रही है। घटना के कई चरणों में जांच के निर्देश दिये गये हैं। घटना की पहली जांच शासन स्तर से स्वास्थ्य महकमा, दूसरी जांच जिला पुलिस और फायर विभाग करेगा। इसके अलावा तीसरी मजिस्ट्रियल जांच होगी। घटना के कारण का पता लगाया जाएगा। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो कड़ी कार्रवाई करेंगे। योगी सरकार बच्चों और परिजनों के साथ पूरी से खड़ी है। हमारे स्टाफ, चिकित्सकों, बचाव दल ने बहादुरी के साथ बच्चों को बचाने का काम किया है। प्राथमिकता के आधार पर बच्चों की देखरेख की जा रही है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज में सभी फायर फाइटिंग इक्यूपमेंट पूरी तरह से ठीक थे। यहां फरवरी में फायर सेफ्टी ऑडिट और जून में मॉक ड्रिल भी किया गया था।

हादसे की चपेट में आए 54 नवजात बच्चों को सुरक्षित बचाया गया: सीएम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि झांसी रानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के नीकू वार्ड में नवजात बच्चों का इलाज किया जाता है। यहां समय से पहले जन्मे, कम वजन समेत गंभीर बीमारी के बच्चों का इलाज किया जाता है। मेडिकल काॅलेज में देर रात अचानक शार्ट सर्किट की वजह से आग लगने से दर्दनाक घटना घटित हुई। हादसे में 10 नवजात बच्चे चपेट में आये जबकि 54 नवजात को सकुशल सुरक्षित निकाला गया। सभी बच्चों को रेस्क्यू ऑपरेशन के जरिये बचाया गया। वहीं देर रात डिप्टी सीएम बृजेश पाठक को मौके पर भेजा गया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने मासूम बच्चों को खोने वाले परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में सरकार उनके साथ खड़ी है।

घटना के संबंध में रानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज, झाँसी के प्राचार्य डॉ. नरेंद्र सिंह सेंगर का बयान

मेडिकल कॉलेज में कुल 146 फायर डिस्टिंगशर सिस्टम लगे हुए हैं। हादसे के समय नीकू वार्ड के फायर डिस्टिंगशर का उपयोग भी किया गया था। इन सभी उपकरणों को समय-समय पर ऑडिट भी किया जाता है। इस दौरान कमियों को दूर किया जाता है। फरवरी में इन सभी का ऑडिट किया गया था जबकि जून में मॉक ड्रिल की गयी थी। मेडिकल कॉलेज में फायर डिस्टिंगशर के खराब होने की बात पूरी तरह से निराधार है। वार्ड में शार्ट सर्किट से आग लगी थी। हादसे की जांच की जा रही है।

झांसी हादसे पर शुरू हुई सियासत: अखिलेश यादव का तीखा हमला, योगी सरकार पर सवाल

JHASI MEDICAL COLLAGE YOGI AKHILESH
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लखनऊ, 16 नवंबर 2024: झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में हुए भीषण अग्निकांड, जिसमें 10 नवजात बच्चों की दर्दनाक मौत हुई और कई घायल हो गए, ने उत्तर प्रदेश में सियासी बवाल खड़ा कर दिया है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने इस घटना को लेकर प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और इसे स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली का परिणाम बताया।

अखिलेश यादव का ट्वीट: सरकार पर हमला

अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए घटना पर दुख जताया और योगी सरकार की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े किए। उन्होंने लिखा:

“झांसी मेडिकल कॉलेज में आग लगने से 10 बच्चों की मृत्यु एवं कई बच्चों के घायल होने का समाचार बेहद दुखद एवं चिंताजनक है। सबके प्रति संवेदनात्मक श्रद्धांजलि।”

इसके साथ ही उन्होंने आग लगने के पीछे ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की खराब गुणवत्ता और प्रशासनिक लापरवाही को दोषी ठहराते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और स्वास्थ्य मंत्री पर तीखा हमला किया।

मुख्य आरोप:

1. प्रशासनिक लापरवाही:

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि इस घटना का कारण अस्पताल प्रबंधन की चूक और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की घटिया गुणवत्ता है।

2. चुनावी राजनीति में व्यस्तता:

उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि,

“मुख्यमंत्री चुनावी प्रचार और झूठे दावों में व्यस्त हैं, जबकि स्वास्थ्य व्यवस्थाएं चरमराई हुई हैं।”

3. स्वास्थ्य मंत्री की आलोचना:

अखिलेश ने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि मंत्री न तो अपनी जिम्मेदारियों को समझते हैं और न ही उनके पास स्थिति को सुधारने की इच्छाशक्ति है।

4. आर्थिक मदद की मांग:

अखिलेश ने सरकार से मांग की कि हादसे में अपने बच्चों को खोने वाले परिवारों को ₹1-1 करोड़ की सहायता राशि दी जाए और झुलसे बच्चों को विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जाए।

गोरखपुर त्रासदी की याद दिलाई

अखिलेश यादव ने 2017 में गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हुए हादसे की भी याद दिलाई, जहां ऑक्सीजन की कमी से कई बच्चों की जान चली गई थी। उन्होंने कहा, “गोरखपुर जैसी घटनाएं बार-बार दोहराई जा रही हैं, जो राज्य सरकार की विफलता का प्रतीक है।”

योगी सरकार की प्रतिक्रिया

फ़िलहाल खबर लिखे जाने तक अखिलेश यादव के इस बयान पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा सरकार की ओर से अभी कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, जो स्वास्थ्य विभाग भी संभालते हैं, ने कहा कि सरकार ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ब्रजेश पाठक ने यह भी कहा कि,

“हमारा फोकस पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद और घायल बच्चों को सर्वोत्तम उपचार प्रदान करने पर है।”

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और सियासी माहौल

अखिलेश यादव के ट्वीट के बाद अन्य विपक्षी दलों ने भी सरकार पर हमला बोल दिया है:

• कांग्रेस: कांग्रेस ने भी सरकार की आलोचना करते हुए इसे ‘संवेदनहीनता की पराकाष्ठा’ बताया।

• बसपा: मायावती ने ट्वीट कर कहा कि, “सरकार को स्वास्थ्य सुविधाओं पर ध्यान देना चाहिए, न कि सिर्फ चुनावी प्रचार पर।”

क्या कहता है प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग?

स्वास्थ्य विभाग ने शुरुआती जांच में घटना का कारण ऑक्सीजन कंसंट्रेटर में शॉर्ट सर्किट बताया है। हालांकि, यह भी स्वीकार किया गया कि:

1. फायर अलार्म सिस्टम ने काम नहीं किया।

2. वार्ड में सिर्फ एक ही एंट्री और एग्जिट पॉइंट था, जो आग और धुएं की वजह से ब्लॉक हो गया।

3. अस्पताल में नियमित सुरक्षा जांच नहीं की गई थी।

जनता और ख़ासतौर से परिजनों का आक्रोश

झांसी के स्थानीय निवासियों और पीड़ित परिवारों ने सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि,

“सरकार बड़े-बड़े वादे करती है, लेकिन अस्पतालों की जमीनी हकीकत कुछ और है।”

राजनीति बनाम जिम्मेदारी

झांसी मेडिकल कॉलेज का यह हादसा केवल एक त्रासदी नहीं, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं का कड़वा सच है। इस पर सियासत जारी है, लेकिन असल सवाल यह है कि क्या सरकार ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएगी या यह घटना भी सिर्फ राजनीति का मुद्दा बनकर रह जाएगी?

आशा है कि पीड़ित परिवारों को न्याय मिलेगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार किया जाएगा।

सीसामऊ में आज रोडशो करेंगे मुख्यमंत्री योगी: 2 किमी लंबे रोडशो में सीएम के साथ रथ पर होंगे 6 लोग; पहली बार करेंगे ऐसा आयोजन, ड्रोन से रखी जाएगी निगरानी – कानपुर न्यूज़।

सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ आज यानी शनिवार को सीसामऊ विधानसभा के उपचुनाव के लिए रोड शो कर भाजपा के पक्ष में माहौल तैयार करेंगे। मुख्यमंत्री के रोड शो को लेकर शुक्रवार को कमिश्नरेट पुलिस और जिला प्रशासन दिन भर तैयारियों में जुटा रहा।

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मुख्यमंत्री रथ के साथ कड़ा सुरक्षा घेरा रहेगा और ड्रोन कैमरे से निगरानी की जाएगी। रोड शो के लिए निर्धारित करीब दो किलोमीटर रूट को पूरी तरह चकाचक कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हेलीकॉप्टर के माध्यम से आईटीआई के हैलीपैड पर लैंड करेंगे। इसके बाद वे कार से नरेंद्र मोहन सेतु, स्वरूप नगर, ईदगाह होते हुए बजरिया चौराहे पहुंचेंगे, जहां पहले से रथ तैयार होगा। यहां से रोड शो की शुरुआत होगी।

भाजपा प्रत्याशी सुरेश अवस्थी के लिए मुख्यमंत्री करेंगे चुनाव प्रचार।

कड़ा सुरक्षा घेरा किया गया तैयार पैरामिलेट्री, पीएसी और पुलिस के सुरक्षा घेरे में बजरिया से रामबाग, हरसहाय कॉलेज होते हुए निरंजन निवास, गोपाल टॉकीज, सेंट्रल बैंक चौराहा, विजय टॉवर, लेनिन पार्क, ज्वालादेवी, आनंद बाग होते हुए संगीत टॉकीज पहुंचेगा, जहां रोड शो खत्म होगा।

मुख्यमंत्री के रथ पर सिर्फ 6 लोग रहेंगे बजरिया से शुरू होने वाले रोड शो में मुख्यमंत्री के साथ रथ पर कानपुर सांसद रमेश अवस्थी, अकबरपुर सांसद देवेंद्र सिंह भोले, भाजपा प्रत्याशी सुरेश अवस्थी, क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल और उत्तर व दक्षिण जिलाध्यक्ष रहेंगे।

रोड शो खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री कार से कोकाकोला, अशोक नगर, लाजपत भवन, नगर निगम गेस्ट हाउस होते हुए स्वरूप नगर मेट्रो स्टेशन, नरेन्द्र मोहन सेतु होते हुए आईटीआई के हेलीपैड पहुंचेंगे, जहां से लखनऊ प्रस्थान करेंगे।

पूरे रूट को चमकाया गया रोड शो वाले रूट पर नगर निगम के मार्ग प्रकाश विभाग ने खंभों पर लाइटें लगा दी हैं। सफाई टीम ने बजबजाती नालियों को साफ कर दिया है। अतिक्रमण को साफ कर दिया गया है और डिवाइडरों का रंगरोगन कर सुसज्जित कर दिया गया है।

इमारतों को कपड़ों से ढका गया इस रूट पर पड़ने वाले पेड़ों की टहनियां काट दी गई हैं। झुके हुए बिजली के तारों को कस दिया गया है। टूटी-फूटी इमारतों को हरे कपड़े से ढक दिया गया है। सड़कों का पैचवर्क और नया डामरीकरण किया गया है। दो किलोमीटर का इलाका पूरी तरह सुरक्षा घेरे में रहेगा।

रोडशो को लेकर शुक्रवार देर रात तक तैयारियों में जुटे रहे भाजपा कार्यकर्ता।

500 महिलाएं पहनेंगी कमल की साड़ी इसके अतिरिक्त सामाजिक वर्गों के लोगों को भी ब्लॉक निर्धारित किए जाएंगे। तय किया गया कि महिला मोर्चा की 500 महिलाएं कमल साड़ी पहनकर रोड शो में आगे-आगे चलेंगी। युवा मोर्चा के कार्यकर्ता रोड शो में सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगे। क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी अनूप अवस्थी जिला मीडिया प्रभारी अनुराग शर्मा मीडिया व्यवस्था को देखेंगे।

9 ड्रोन कैमरों से होगी निगरानी एक दिन पहले से ही ड्रोन कैमरों से निगरानी शुरू कर दी गई है। शनिवार सुबह 8 बजे से 200 रूफ टॉप और पुलिस कर्मी ड्यूटी पर मुस्तैद हो जाएंगे। रूट पर पड़ने वाले मकानों की छतों पर पुलिस ने छानबीन पूरी कर ली है।

9 चौराहों पर पूरे समय तक ड्रोन से निगरानी होगी। निर्माणाधीन मकानों की सामग्री हटा दी गई है। रूट के लेफ्ट साइड पर 21 रास्तों पर बेरीकेडिंग की गई है, जबकि राइट साइड पर 32 जगह बेरीकेडिंग कर दी गई है।

रोड शो में 12 ब्लॉक बनाए गए रोड शो में 12 ब्लॉक बनाए गए हैं जिसमें विभिन्न संगठनों को एक-एक प्वाइंट निर्धारित किया गया है। लोग टोली के साथ मुख्यमंत्री का अभिवादन करेंगे। पीएम मोदी के रोड शो की तरह ही सीएम के रोड शो में 500 महिलाएं कमल साड़ी पहनकर चलेंगी।

हिंदू इलाके में ही करेंगे रोड शो सीएम योगी आदित्यनाथ 16 नवंबर को सीसामऊ विधानसभा उपचुनाव को लेकर रोड शो करेंगे। बजरिया चौराहे से लेकर गोपाल टॉकीज चौराहा, लेनिन पार्क से बाएं आनंदबाग चौराहा से संगीत टॉकीज चौराहे पर प्रस्तावित रोड शो को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

सभी समाज को जोड़ने की कोशिश नगर निगम पूरे रूट को चमका रहा है, पेड़ों की छटाई के साथ ही सड़क की मरम्मत की जा रही है। मुख्यमंत्री के रोड शो में सिख समाज, सिंधी, कायस्थ, वैश्य, सहित विभिन्न समाज के लोग अलग-अलग ब्लॉक पर सीएम योगी का स्वागत करेंगे।

28 साल पुरानी इस फिल्म में भावनाओं का भरपूर जादू था, बावजूद इसके बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त कमाई की।

28 साल पहले सिनेमाघरों में एक ऐसी फिल्म रिलीज हुई, जिसे देखने के बाद लोगों के खूब आंसू बहे। इस फिल्म में भर-भरकर इमोशन्स देखने को मिले। रोने वाले सीन्स से लेकर फिल्म में रोमांस देखने को मिला। इस रोमांटिक ड्रामा में जालसाझी, सौतेली मां का क्लेश और एक पिता का उसके बच्चे के लिए प्यार देखने को मिला था। इस फिल्म ने लोगों पर गहरा प्रभाव डाला था और इस फिल्म आज देखते ही देखते इस फिल्म को रिलीज हुए 28 साल हो गए हैं। इस फिल्म का नाम अगर आप अभी तक गेस नहीं कर सके हैं तो आपको बता देते हैं, ये है ‘राजा हिंदुस्तानी’। आमिर खान और करिश्मा कपूर इस फिल्म में लीड किरदार में थे। वहीं अर्चना पूरन सिंह ने फिल्म में मुख्य वैंप का रोल प्ले किया था। सुरेश ओबेरॉय का किरदार भी काफी अहम था।

फिल्म ने की थी इतनी कमाई

साल 1996 में आई यह फिल्म बॉक्स-ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई और इसके खूबसूरत संगीत, रोमांस, और आमिर खान और करिश्मा कपूर की शानदार परफॉर्मेंस ने इसे दर्शकों के दिलों में खास जगह दी। इस फिल्म ने आमिर को बेस्ट एक्टर संग पांच फिल्मफेयर अवार्ड्स दिलाए और ये आज भी 90 के दशक की बेहतरीन लव स्टोरीज में से एक मानी जाती है। मामुली से 5.75 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने 76.34 करोड़ रुपये की दुनिया भर में कमाई की थी। फिल्म की कमाई बजट से 13 गुना ज्यादा थी। फिल्म की तगड़ी कमाई ने मेकर्स को बड़ा फायदा दिलाया था।

ऐसी थी कहानी

आमिर खान ने अपने रोल राजा में जो चार्म डाला। राजा (आमिर खान), एक पैशनेट और ईमानदार टैक्सी ड्राइवर होता है जो एक अमीर लड़की (करिश्मा कपूर) के प्यार में पड़ जाता है। मासूम, जिद्दी, कमजोर और वफादार, ये सारी खूबियां और कमियां राजा में थी। आमिर और करिश्मा कपूर के बीच फिल्म में रोमांस देखने को मिलता है और फिर दोनों परिवार के खिलाफ जाकर शादी कर लेते हैं। करिश्मा का रिश्ता पिता सुरेश ओबेरॉय और सौतेली मां अर्चना पूरण सिंह को गंवारा नहीं होता और शादी के बाद दोनों कई मुसीबतें खड़ी करते हैं, जिसके बाद करिश्मा अपने बच्चे को लेकर आमिर से अलग हो जाती हैं और इसके बाद आमिर अपने बच्चे की चाहते में वो सब हदें पार करते हैं, जो कोई भी पिता उस हाल में करेगा।

हिट थे फिल्म के गाने

राजा हिंदुस्तानी सिर्फ एक रोमांटिक फिल्म नहीं है, बल्कि इसमें समाज के भेदभाव, परिवार की अस्वीकृति और रिश्तों में नियंत्रण के संघर्ष को भी दिखाया गया है। आमिर खान ने राजा के दर्द और उसकी ताकत को इतनी अच्छी तरह से निभाया कि उनका प्यार, जो समाज की सीमाओं को तोड़ता है उसे हर किसी ने महसूस किया। ‘राजा हिंदुस्तानी’ ने बॉलीवुड की कहानी कहने के तरीके और म्यूजिक में बदलाव लाया। फिल्म के गाने, जैसे ‘परदेसी परदेसी’ और ‘आए हो मेरी जिंदगी में’ उस समय जबरदस्त हिट हुए थे।

‘कंगुवा’ के हीरो पर बॉलीवुड सुपरस्टार्स की टिकी खास नजर, अब तक 4 रीमेक बना चुके हैं।

नेशनल अवॉर्ड जीतने वाले एक्टर सूर्या की फिल्म ‘कंगुवा’ सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। इस फिल्म ने पहले दिन ही बंपर कमाई की है। वीकेंड से दो दिन पहले रिलीज हुई फिल्म ने गुरुवार को 22 करोड़ की कमाई की। आने वाले दिनों के लिए भी धमाकेदार एडवांस बुकिंग हुई है, ऐसे में इस वीकेंड पर तगड़ी कमाई के आसार है। इसलिए इसके हिट होने के संकेत पहले से ही मिलने लगे हैं। वैसे आने वाले दिनों में पता चलेगा कि 350 करोड़ के बजट में बनी ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कितनी कमाई कर सकी। अगर एक कलाकार के तौर पर सूर्या की बात करें तो वो उत्तर भारत में भी किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। वो फिल्मों में एक्शन भी करते हैं और दर्शकों को एक बेहतरीन कहानी भी दिखाते हैं। सूर्या ने अब तक कई तमिल फिल्में की हैं, जिनमें से ज्यादातर हिट रही हैं। यहां तक ​​कि उनकी कई फिल्मों के हिंदी रीमेक भी सुपरहिट रहे हैं। इन फिल्मों को हिंदी में काफी पसंद किया गया और इनका बॉक्स ऑफिस कलेक्शन भी बेहतरीन रहा। जानते हैं सूर्या की कुछ ऐसी फिल्मों के बारे में जिनका बॉलीवुड में रीमेक बनाया गया है।

गजनी

आमिर खान की फिल्म ‘गजनी (2008)’ को आज भी ज्यादातर दर्शक याद करते हैं। इस फिल्म में आमिर ने काफी अलग तरह का किरदार निभाया था। फिल्म में उनका लुक भी दर्शकों को काफी पसंद आया था। इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर काफी अच्छी कमाई की थी। आमिर की यह मशहूर फिल्म सूर्या की फिल्म ‘गजनी’ की हिंदी रीमेक थी।

फोर्स

जॉन अब्राहम फिल्म ‘फोर्स’ में नजर आए थे, जिसमें उनके एक्शन को काफी पसंद किया गया था। यह फिल्म भी सूर्या की फिल्म की रीमेक थी। उनकी तमिल फिल्म का नाम ‘कखा काखा’ था। इस फिल्म में उन्होंने एक पुलिस अधिकारी की भूमिका निभाई थी। फिल्म में उनके साथ उनकी रियल लाइफ पत्नी ज्योतिका मुख्य भूमिका में नजर आईं थीं। हिंदी फिल्म फोर्स में जॉन अब्राहम के साथ जेनेलिया डिसूजा ने काम किया था।

सिंघम

हाल ही में दर्शकों ने ‘सिंघम अगेन’ देखी है। इससे पहले भी ‘सिंघम’ सीरीज की कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर हिट रही थीं। ‘सिंघम’ सीरीज की लगभग सभी फिल्मों में अजय देवगन ने मुख्य भूमिका निभाई है। 2011 में अजय देवगन के साथ बॉलीवुड में बनी ‘सिंघम’ सीरीज की पहली फिल्म सूर्या की फिल्म ‘सिंघम’ की रीमेक थी। रोहित शेट्टी उनकी फिल्म से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने ‘सिंघम’ को हिंदी में बनाया। इस फिल्म को हिंदी बेल्ट के दर्शकों ने खूब पसंद किया।

सरफिरा

इस साल अक्षय कुमार की फिल्म ‘सरफिरा’ आई, इसमें एक ऐसे शख्स की कहानी दिखाई गई है जो अपनी खुद की एयरलाइन शुरू करता है। फिल्म का हीरो ऐसी एयरलाइन बनाना चाहता है जिसमें आम लोग भी कम पैसे में यात्रा कर सकें। दर्शकों को इस फिल्म की कहानी भी काफी पसंद आई। इतनी अच्छी कहानी वाली यह फिल्म भी सूर्या की तमिल फिल्म ‘सोरारई पोटरु’ की रीमेक है। उनकी यह फिल्म 2020 में रिलीज हुई थी, इसे बेस्ट फीचर फिल्म का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिल चुका है। वैसे अक्षय की फिल्म बॉक्स ऑफिस में फ्लॉप रही, लेकिन ओटीटी पर लोग इसे पसंद कर रहे हैं।