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जब ‘दस्तक’ के सेट पर भड़क गई थीं एक्ट्रेस, डायरेक्टर को देनी पड़ी थी सख्त चेतावनी।

सुष्मिता सेन का फिल्मी करियर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है, लेकिन 26 साल पहले उन्होंने वो उपलब्धि हासिल की थी जो किसी का सपना हुआ करता था। सुष्मिता फिलीपींस में हुई 43वीं मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता की विजेता बनी थीं। 1994 में मिस यूनिवर्स का खिताब जीतने के कुछ समय बाद उन्होंने लॉस एंजिल्स में तीन साल तक अपने परिवार संग समय बताया था। उन्होंने मॉडलिंग में करियर बनाने का फैसला किया था, लेकिन आज वह हिंदी सिनेमा ती मशहूर एक्ट्रेस में से एक है।

महेश भट्ट के ऑफर को कर दिया था माना

एक समय ऐसा था जब वह दिल्ली में अपने माता-पिता से मिलने गई हुई थी, तभी फिल्म निर्माता महेश भट्ट ने उन्हें मिलने के लिए बुलाया था। एक्ट्रेस ने फोन पर उनसे कहा, ‘अगर आप ने मुझे किसी रोल के कॉल किया है तो मुझे कोई दिलचस्पी नहीं है। मैं झूठ नहीं बोल सकती।’ फिर भी महेश भट्ट ने जोर देते हुए कहा कि वे साथ में सिर्फ कॉफी पीना चाहते हैं। वे मिले और उन्होंने उसने बहुत कुछ कहा, ‘आपको अभिनय करने की जरूरत नहीं है। आपको खुद का किरदार निभाना होगा, वह सुष्मिता सेन है। साथ ही, मैंने कब कहा कि आप एक अच्छी अभिनेत्री हैं, मैं एक बहुत अच्छा निर्देशक हूं।’ उनके दिमाग में जो फिल्म थी, वह मिस यूनिवर्स के जर्नी पर बेस्ड थी और ‘दस्तक’ (1996) बनाई। दरअसल, फिल्मी परिवार से ताल्लुक न होने और एक्टिंग न आने की वजह से मिस यूनिवर्स को जब ये फिल्म ऑफर की गई थी तो उन्होंने इसे रिजेक्ट कर दिया था।

डायरेक्टर ने लगाई थी एक्ट्रेस की फटकार

‘दस्तक’ सेशेल्स, स्विट्जरलैंड में शूट की गई एक बड़े बजट की फिल्म थी। यह एकमात्र ऐसी फिल्म थी, जिसमें सुष्मिता सेन ने एक्टिंग करने का प्लान किया था। बिना किसी तैयारी के उन्हें तुरंत फिल्म के मुहूर्त के लिए बुलाया गया। उन्होंने याद करते हुए कहा, ‘मैंने अपनी वैनिटी वैन से बाहर आई और मुझ से मिलने के लिए कई मीडियाकर्मी लाइन में खड़े थे।’ तब भट्ट साहब ने कहा, ‘उन्हें देखने दो। आखिरकार यह मिस यूनिवर्स का मुहूर्त है।’ इससे पहले कि मैं अपना शॉट देती, उन्होंने मेरा पूरा सीन बदल दिया। इस फिल्म की शूटिंग के पहले ही दिन वह फूट-फूट कर रो पड़ी थीं। वह एक ही शॉट के बार-बार रीटेक लेने के बावजूद ठीक शॉट नहीं दे पा रही थीं, जिस वजह से उन्हें डायरेक्टर के गुस्से का सामना करना पड़ा था। महेश भट्ट उनको सीन के लिए असल में गुस्सा दिलाना चाहते थे ताकि वह अच्छा शॉट दे सकें और ऐसा ही हुआ।

आलू सहित इन खाद्य पदार्थों को उबालकर खाने से मिलते हैं अद्भुत फायदे, सर्दियों में जरूर करें इनका सेवन।

सर्दियां शुरु हो चुकी है ऐसे में कई खाद्य पदार्थ है जिन्हें आप उबालकर जरुर खाते होंगे। कुछ चीजों को उबालने के बाद उनमें मौजूद बैक्टीरिया और अशुद्धियां दूर हो जाती है और यह पाचन के लिए भी बेहतर होती हैं। लेकिन कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे भी होते हैं जिन्हें उबालकर खाने से प्राकृतिक स्वाद बना रहता और सेहत के लिए हेल्दी रहता है। कुछ फूड्स को उबालकर खाने से उसके पोषक तत्व भी बरकार रहते हैं और हेल्थ के लिए ठीक रहता है। इसके सेवन से पाचन भी बेहतर बना रहता है। एक्सपर्ट के मुताबिक, विंटर सीजन में उबले आलू, शकरकंद, अंडा, पालक और गाजर जैसे खाद्य पदार्थों को उबालकर खाने से सेहत बेहतर रहती है।

आलू

जब आप आलू उबालते हैं तो उसका स्टार्च कंटेंट कम हो जाता है, इससे यह आसानी से पच जाता है। उबले आलू में कैलोरी भी कम होती है और इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स काफी कम होता है। इसके सेवन से ब्लड शुगर बढ़ता नहीं है और डायबिटीज पैशेट के लिए सबसे बेहतर ऑप्शन होता है। तभी आलू फ्राई करने के बजाए छिलके सहित उबालने के बाद खाने की सलाह दी जाती है। आलू में कार्बोहाइड्रेट होता है, जिससे शरीर को एनर्जी मिलती है।

गाजर 

सर्दियों के दौरान बाजार में गाजर मिलने लगती है। गाजर खाने का मजा तो सिर्फ ठंड के मौसम में आता है। गाजर में बीटा-कैरोटीन और विटामिन ए मौजूद होता है, जो उबलने के बाद भी इन पोषक तत्वों की मात्रा दोगुनी हो जाती है। उबली हुई गाजर खाने से आंखों की रोशनी बढ़ती है, पाचन तंत्र स्वस्थ रहेगा और त्वचा भी जवान रहेगी, क्योंकि इसमें एंटीऑक्सिडेंट होता है।

अंडा 

अंडे में सबसे ज्यादा मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है। कई लोग अंडे को हाफ फ्राई- डीप फ्राई करके या आमलेट और करी के रुप में खाते हैं। अगर आप अंडे को उबालकर खाते हैं तो यह तरीका सबसे हेल्दी माना जाता है। उबालकर खाने से इसके प्रोटीन को पचाना काफी आसान होता है। इसे खाने से मांसपेशियां मजबूत बनती हैं और ब्रेन पॉवर बूस्ट होता है।

शकरकंद

ठंड के मौसम में शकरकंद बाजारों में काफी मिलती है। शकरकंद में उच्च मात्रा में बीटा कैरोटीन होता है, इसको उबालकर खाने से ज्यादा लाभ मिलता है। उबालने के बाद इसका ग्लाइसमिक इंडेक्स भी कम हो जाता है, इससे ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल रहता है। डायबिटीज रोगी इसका सेवन जरुर करें। शकरकंद में फाइबर और कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है जो पेट को लंबे समय तक भरा-भरा रखता है और कब्ज की समस्या भी दूर होती है।

पालक 

पालक का सेवन सेहत के लिए अच्छा माना जाता है, क्योंकि इसमें भरपूर मात्रा में आयरन होता है। जब आप पालक को उबालकर खाते हैं तो इसमें पाए जाने वाले ऑक्सलेट कॉन्टेंट कम हो जाते हैं। बता दें कि, ऑक्सलेट एक ऐसा तत्व होता है, जो आयरन और कैल्शियम को शरीर में एब्जॉर्ब करने से रोकता है। ऑक्सलेट की मात्रा कम करने के लिए पालक को कुछ मिनट के लिए जरुर उबाल लेना चाहिए।

आंवला का सेवन किसी रामबाण से कम नहीं है, यह बालों को खूबसूरत बनाने से लेकर पेट तक को कई फायदे पहुंचाता है।

आयुर्वेद में आंवला के कई हेल्दी बेनिफिट्स के लिए जाना जाता है। आंवला, विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स समेत कई पोषक तत्वों का भंडार है। आंवला सुपरफूड की तरह है जिसे अपनी डाइट में जरुर शामिल करना चाहिए। इम्यूनिटी को बूस्ट करने से लेकर बालों के लिए काफी फायदेमंद होता है आंवला। यह बॉडी को गर्म रखने के साथ ही बीमारियों को दूर करता है। आइए जानते आंवला के फायदे।

बूस्ट इम्यूनिटी

आंवला में विटामिन सी भरपूर होते है, इसमें कई न्यूट्रिशन पाए जाते हैं जो शरीर को स्वस्थ रखने में फायदेमंद होते है। आंवला हमारे इम्यून सिस्टम के लिए काफी फायदा पहुंचाता है। इसके सेवन से बीमारियां दूर हो जाती है।

डाइजेशन में सुधार

प्रतिदिन आंवला खाने से पेट संबंधित समस्याएं दूर होती है। इसके साथ ही पेट से जुड़ी समस्याओं से भी राहत मिलता है।

डायबिटीज रोगियो के लिए फायदेमंद

जो लोग डायबिटीज से परेशान हैं उन्हें आंवले का सेवन करना चाहिए। आंवला में कुछ ऐसे कंपाउंड्स मौजूद होते हैं जो ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करते हैं, जो डायबिटीज वाले मरीजों के लिए फायदा पहुंचाता है।

हेयर्स हेल्दी रहते हैं

आंवला हेयर्स फॉलिकल्स को पोषण प्रदान करता है। बालों की जड़ों को मजबूत करने और समय से पहले सफेद होने से रोकने में मदद करता है। इससे बाल हेल्दी, चमकदार और घने दिखने लगते हैं।

कैसे खाएं आंवला?

आंवला का आचार 

आप घर पर ही आंवले का आचार बना सकते हैं। आंवले के टुकड़ों को नमक, मसालेदार और तीखा आचार बना सकते हैं।

आंवला का पाउडर 

आप चाहे तो आंवले के टुकड़ों को सुखाकर बारीक पीस लें। इस पाउडर को आप अपनी स्मूदी या फिर दही में मिला सकते हैं।

आंवले का जूस

आंवला का जूस बनाने के लिए फ्रेश आंवले को पानी के साथ मिसाएं और मिठास के लिए इसमें शहद या गुड़ जरुरतनुसार डाल सकते हैं।

पाकिस्तान में टीम होटल में लगी आग, बाल-बाल बचे खिलाड़ी; बड़े टूर्नामेंट को करना पड़ा स्थगित।

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को कराची में चल रहे नेशनल वुमेंस वनडे डे टूर्नामेंट को अचानक बीच में रोकना करना पड़ा, क्योंकि टीम होटल में आग लगने की घटना के बाद पांच खिलाड़ियों की जान बाल-बाल बच गई। आग लगने के बाद पाकिस्तान में हड़कंप मच गया। पीसीबी ने पांच प्रतिस्पर्धी टीमों और टीम अधिकारियों के लिए एक पूरा फ्लोर बुक किया था। आग के समय ज्यादातर प्लेयर्स होटल से बाहर थे। इसी वजह से बड़ा हादसा होने से टल गया। लेकिन इससे पाकिस्तान की व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

कोई खिलाड़ी नहीं हुआ घायल

पीसीबी के एक सूत्र ने बताया कि जब आग लगी, तो पांच खिलाड़ियों को छोड़कर बाकी सभी क्रिकेटर और अधिकारी मैच या नेट सेशन के लिए नेशनल स्टेडियम में थे। इससे खिलाड़ियों और अधिकारियों की संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचा है। कोई भी खिलाड़ी घायल नहीं हुआ, क्योंकि पीसीबी ने घटना के समय होटल में मौजूद पांच खिलाड़ियों को तुरंत बाहर निकाला और उन्हें हनीफ मोहम्मद हाई-परफॉर्मेंस सेंटर में सुरक्षित रूप से शिफ्ट कर दिया।

प्वाइंट्स टेबल की टॉप-2 टीमों के बीच होगा फाइनल

टूर्नामेंट को बीच में रोकने का फैसला खिलाड़ियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लिया गया। इसके अलावा अभी किसी भी होटल में पीसीबी को 100 कमरे भी नहीं मिल रहे हैं, जो आवश्यक सुविधाओं के अनुरूप हों। अब नेशनल वुमेंस वनडे डे टूर्नामेंट के विजेता के फैसला करने के लिए पीसीबी की प्रेस रिलीज में बताया गया है कि इनविंसिबल्स और स्टार्स जो प्वाइंट्स टेबल में टॉप-2 टीमें हैं। वह फाइनल मुकाबला खेलेंगी। फाइनल की तारीख और स्थान सही समय पर बताया जाएगा।

चैंपियंस ट्रॉफी को लेकर उठे बड़े सवाल

पाकिस्तान को चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का आयोजन करना है, टीम इंडिया के वहां जाने के मना करने के बाद इसको लेकर पेंच फंसा हुआ है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड अपने यहां सुरक्षा और बेहतरीन व्यवस्थाओं के दावे कर रहा था। लेकिन टीम होटल में आग लगने के बाद उसकी सारी पोल पट्टी खुल गई है। अब पीसीबी की किसी भी टूर्नामेंट को आयोजित करवाने की काबिलियत ही सवालों के दायरे में आ गई है।

Famous Hill Stations: कश्मीर को मात देती हैं भारत की ये खूबसूरत जगहें, एक बार जरूर करें एक्सप्लोर।

जम्मू-कश्मीर को जन्नत कहा जाता है। ऐसे में अधिकतर लोग जन्नत यानी की जम्मू-कश्मीर के दीदार के लिए जाते हैं। खूबसूरती के मामले में यह जगह किसी हसीन जन्नत से कम नहीं है। इसलिए इस जगह पर सिर्फ भारत से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी लोग मौज-मस्ती के लिए पहुंचते हैं। कश्मीर अपनी खूबसूरती के लिए पूरी दुनिया में फेमस है। लेकिन कश्मीर के अलावा हमारे देश में कई ऐसी जगहें मौजूद हैं, जिनको मिनी कश्मीर कहा जाता है।

ऐसे में आप भी इन जगहों पर पहुंचकर जन्नत का दीदार कर सकते हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको भारत की ऐसी की कुछ अद्भुत और शानदार जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनको मिनी कश्मीर के नाम से जाना जाता है।

तोष

हिमाचल प्रदेश की हसीन वादियों में मौजूद तोष को भी कश्मीर नाम से जाना जाता है। हिमाचल के कुल्लु जिले में स्थित तोष में हर महीने हजारों की संख्या में पर्यटक घूमने के लिए आते हैं।

समुद्र तल से करीब 2 हजार मीटर से अधिक ऊंचाई पर मौजूद तोष गांव खूबसूरती के मामले में जम्मू-कश्मीर से कम नहीं है। बर्फबारी के दौरान यह जगह कश्मीर की तरह लगती है। बर्फबारी के दौरान यह गांव बर्फ की चादर से ढक जाता है।

औली

उत्तराखंड की हसीन वादियों में स्थिति औली एक ऐसी जगह है, जहां पर घूमने का सपना सभी का होता है। यहां पर बड़े-बड़े देवदार के पेड़, ऊंचे-ऊंचे पहाड़, झील-झरने और घास के मैदान औली की सुंदरता को बढ़ाने का काम करते हैं।

इस हिल स्टेशन की खूबसूरती और बर्फबारी इस कदर फेमस है कि इसको उत्तराखंड का कश्मीर भी कहा जाता है। इसको मिनी कश्मीर के नाम से जाना जाता है। औली में बर्फबारी के दौरान यहां पर काफी संख्या में पर्यटक घूमने के लिए पहुंचते हैं। यहां के नजारे बिलकुल कश्मीर की तरह लगते हैं। यहां पर एडवेंचर एक्टिविटी करने का अपना ही मजा होता है।

मेचुका वैली

सिर्फ उत्तराखंड या हिमाचल प्रदेश में ही खूबसूरत जगहें नहीं हैं, बल्कि आपको देश के नॉर्थ ईस्ट इंडिया में भी मनमोहक जगहें देखने को मिलती हैं। देश के इस हिस्से में कई अद्भुत और शानदार जगहें हैं, जो जम्मू-कश्मीर को भी टक्कर देने का काम करती हैं।

बता दें कि अरुणाचल प्रदेश में स्थित मेचुका वैली एक ऐसी शानदार जगह है, जिसको नॉर्थ ईस्ट का कश्मीर माना जाता है। यहां पर घास के मैदान, मनमोहक पहाड़ और झील-झरने इस जगह की खूबसूरती को बढ़ाने का काम करते हैं। मेचुका वैली में जब बर्फ पड़ती है, तो पूरी वैली सफेद रंग में रंगी दिखती है। यहां के नजारे कश्मीर से कम नहीं होते हैं।

मुनस्यारी

समुद्र तल से करीब 2 हजार मीटर से भी अधिक ऊंचाई पर स्थित मुनस्यारी बेहद खूबसूरत और मनमोहक जगह है। यह जगह उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में पड़ती है। यह उत्तराखंड के टॉप हिल स्टेशन्स में से एक है। यहां पर काफी संख्या में पर्यटक घूमने के लिए पहुंचते हैं।

मुनस्यारी अपनी खूबसूरती के लिए काफी फेमस है। इसको मिनी कश्मीर भी कहा जाता है। बर्फबारी के दौरान यह हिल स्टेशन बर्फ की चादर से ढक जाता है और यह इस दौरान यहां पर बर्फबारी का आनंद लेने के लिए काफी पर्यटक पहुंचते हैं। वहीं एडवेंचर प्रेमियों के लिए यह जगह किसी जन्नत से कम नहीं है। मुनस्यारी में स्नो ट्रैकिंग पूरे भारत में फेमस है।