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दिसंबर 2026 में देश को मिलेगा पहली नाइट सफारी का उपहार: मुख्यमंत्री

cmyogi forest
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  • लखनऊ में तैयार होगी देश की पहली और विश्व की पांचवीं नाइट सफारी
  • लगभग 900 एकड़ से अधिक में फैली होगी लखनऊ की डे और नाइट सफारी, चरणबद्ध रूप से होगी तैयार
  • 72 फीसदी एरिया में रहेगी ग्रीनरी, सौर ऊर्जा के प्रकल्पों को दिया जाए स्थान
  • मुख्यमंत्री का निर्देश, मानकों का पालन करते हुए जानवरों को चिह्नित करने, लाने और क्वारंटीन की प्रक्रिया की जाए प्रारंभ
  • कैफेटेरिया, 7 डी थियेटर, ऑडिटोरियम, पार्किंग आदि की होगी समुचित सुविधा

लखनऊ, 19 नवंबर 2024: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा है कि दिसंबर 2026 में उत्तर प्रदेश देश को पहली नाइट सफारी का उपहार देगा। राजधानी लखनऊ में बनने जा रही यह नाइट सफारी देश और दुनिया के प्रकृति प्रेमियों के लिए एक नया गंतव्य होगा। यह दुनिया की पांचवीं नाइट सफारी होगी। मुख्यमंत्री के समक्ष मंगलवार को उनके सरकारी आवास पर उच्चस्तरीय बैठक में प्रस्तावित कुकरैल नाइट सफारी पार्क एवं जू का प्रस्तुतिकरण किया गया। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि निर्माण कार्य हर हाल में जून 2026 तक पूरा कर लिया जाए। नाइट सफारी व जू के लिए वन्य जीवों के लाने की समुचित व्यवस्था प्रारंभ कर दी जाए। नाइट सफारी व जू की इकोनामी के लिए सस्टेनेबल मॉडल विकसित किया जाएं। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि 72 फीसदी एरिया में ग्रीनरी विकसित की जाए और यहां सौर ऊर्जा को प्रकल्पों को भी स्थान दिया जाए। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना है नाइट सफारी, मुख्यमंत्री जी ने कहा कि नाइट सफारी प्रोजेक्ट राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना है, इसके निर्माण के लिए केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण, नई दिल्ली से अनुमति प्राप्त हो गई है। देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में दिसंबर 2026 में देश को पहली नाइट सफारी का उपहार मिल जाए। नाइट व डे सफारी का निर्माण चरणबद्ध रूप से होगा। लखनऊ में यह लगभग 900 एकड़ से अधिक में फैली होगी।

विदेशी पर्यटकों को भी आकर्षित करेगी सफारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुकरैल नाइट सफारी का निर्माण हो जाने के पश्चात यह परियोजना अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर आ जाने के फलस्वरूप विदेशी पर्यटकों को भी आकर्षित करेगी। कुकरैल नाइट सफारी परियोजना को लखनऊ स्थित अन्य पर्यटन स्थलों से भी जोड़ा जाएगा। नाइट सफारी के 72 फीसदी एरिया को ग्रीनरी में विकसित किया जाए।

जानवरों को चिह्नित करने, यहां लाने व क्वारंटीन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाए

मुख्यमंत्री ने कहा कि जानवरों को चिह्नित करने, यहां लाने व क्वारंटीन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाए। कुकरैल नाइट सफारी परियोजना के अंतर्गत ईको टूरिज्म जोन भी विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा के प्रकल्पों को स्थान दिया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि यहां क्वारंटीन सेंटर, वेटनरी हॉस्पिटल, पोस्ट ऑपरेशन व ऑपरेशन थियेटर की भी समुचित व्यवस्था हो। यहां कैफेटेरिया, 7 डी थियेटर, ऑडिटोरियम, पार्किंग आदि की भी सुविधा हो। उन्होंने कहा कि एडवेंचर जोन के तहत सुपरमैन जिपलाइन, आर्चरी, जिप लाइन, बुरमा ब्रिज, पैडल बोट, स्काई रोलर, फाउंटेन, किड्स एक्टिविटी के लिए जंगल एनिमल थीम, स्काई साइकिल आदि विकसित किया जाए। डे सफारी का विस्तार दूसरे चरण में होगा। बैठक में प्रदेश सरकार के वन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ.अरुण कुमार सक्सेना, शासन व वन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

नाइट-डे सफारी की होगी यह विशेषता

  • नाइट सफारी क्षेत्र में इंडियन वॉकिंग ट्रे, इंडियन फुटहिल, इंडियन वेटलैंड, एरिड इंडिया व अफ्रीकन वेटलैंट की थीम पर विकसित किए जाने वाले क्षेत्र मुख्य आकर्षण होंगे।
  • पर्यटकों द्वारा नाइट सफारी पार्क के अवलोकन हेतु 5.5 किमी. ट्रामवे तथा 1.92 किमी. का पाथवे माध्यम से किया जाएगा
  • नाइट सफारी में मुख्यतः एशियाटिक लॉयन, घड़ियाल, बंगाल टाइगर, उड़न गिलहरी, तेंदुआ, हॉयना आदि मुख्य आकर्षण होंगे
  • कुकरैल नााइट सफारी परियोजना के अंतर्गत विश्व स्तरीय वन्य जीव चिकित्सालय व रेस्क्यू सेंटर का निर्माण भी प्रस्तावित है
  • कुकरैल वन क्षेत्र में स्थापित होने वाले जू में कुल 63 इनक्लोजर बनाए जाएंगे
  • जू में सारस क्रेन, स्वांप डियर, हिमालयन भालू, साउथ अफ्रीकन जिराफ, अफ्रीकन लॉयन व चिंपाजी मुख्य आकर्षण होंगे
  • जू को अफ्रीकन सवाना, इनक्रेडिबल इंडिया, इंजीनियर्ड वेटलैंड नामक थीम क्षेत्रों पर विकसित किया जाएगा

“यह बेहद अजीब है!” सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब में 3000 सरपंचों के निर्विरोध चयन पर जताई हैरानी।

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इस तथ्य को ‘बहुत विचित्र’ बताया कि पंजाब में हाल में हुए चुनावों में 13,000 पंचायत पदाधिकारियों में से 3,000 निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। कोर्ट ने असंतुष्ट उम्मीदवारों को चुनाव याचिका दायर करने की अनुमति दे दी। चीफ जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस संजय कुमार की बेंच ने कई उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों को खारिज करने और अन्य चुनावी अनियमितता का आरोप लगाने संबंधी याचिका पर पहले नोटिस जारी किए थे। बेंच ने कहा कि पीड़ित व्यक्ति निर्वाचन आयोग के समक्ष चुनाव याचिका दायर कर सकते हैं और आयोग को 6 महीने में उन पर फैसला करना होगा।

सुप्रीम कोर्ट ने और क्या कहा?

शीर्ष अदालत ने कहा कि जिन उम्मीदवारों के नामांकन पत्र खारिज कर दिए गए या फाड़ दिए गए, वे भी अपनी शिकायतें लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट जा सकते हैं। कोर्ट ने कहा कि उनकी याचिकाओं को सीमा अवधि के उल्लंघन के आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता। चीफ जस्टिस ने कहा कि याचिकाओं को गुण-दोष के आधार पर निपटाया जाना चाहिए। आदेश में कहा गया है, “हम याचिकाकर्ता को चुनाव याचिका दायर करने की अनुमति देते हैं। राज्य निर्वाचन आयोग 6 महीने में याचिकाओं पर फैसला करेगा, देरी होने पर याचिकाकर्ता हाई कोर्ट जा सकते हैं।”

आदेश में कहा गया है, “जिन लोगों के नामांकन खारिज कर दिए गए या कागजात फाड़ दिए गए, वे कानून के अनुसार हाई कोर्ट के समक्ष समीक्षा याचिका दायर कर सकते हैं… यदि हाई कोर्ट में उनकी याचिका खारिज कर दी जाती है तो याचिकाकर्ताओं को इस अदालत में आने का अधिकार है।”

सुनवाई के दौरान चौंक गए चीफ जस्टिस

संक्षिप्त सुनवाई के दौरान, जब कोर्ट को बताया गया कि पंचायत के 13,000 से अधिक पदों में से 3,000 पर उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं, तो चीफ जस्टिस ने आश्चर्य व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “यह बहुत अजीब है! मैंने ऐसे आंकड़े कभी नहीं देखे… यह बहुत बड़ी संख्या है।” एक वकील ने दावा किया कि चुनाव के दौरान एक उम्मीदवार का चुनाव चिह्न हटा दिया गया था। शीर्ष अदालत ने इस बात पर भी आश्चर्य व्यक्त किया कि हाई कोर्ट ने सैकड़ों याचिकाओं को प्रभावित पक्षों का पक्ष उचित तरीके से सुने बिना खारिज कर दिया।

बेंच ने 18 अक्टूबर को सुनीता रानी और अन्य द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें 15 अक्टूबर को हुए पंचायत चुनावों में अनियमितताओं का आरोप लगाया गया था।

महाकुंभ 2025: मेला कब और कहां होगा आयोजित? शाही स्नान की तारीखें जानें और नोट करें।

महाकुंभ मेला भारत के साथ ही पूरे विश्व में भी लोकप्रिय है और यह मेला हर 12 साल में एक बार लगता है। साल  2025 में महाकुंभ मेला लगने जा रहा है, इससे पहले महाकुंभ मेला 2013 में लगा था। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाकुंभ में शाही स्नान करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है। हर बार कुंभ मेला भारत की चार पवित्र नदियों और चार तीर्थ स्थानों पर ही आयोजित किया जाता है लेकिन महाकुंभ मेले का आयोजन सिर्फ प्रयागराज, नासिक, हरिद्वार और उज्जैन में किया जाता है। 12 साल बाद महाकुंभ मेले का आयोजन होने वाला है। महाकुंभ से जुड़ी वैसे तो कई खास बातें हैं लेकिन सबसे पहले जानते हैं 2025 में महाकुंभ कब और कहां लगेगा।

साल 2025 में महाकुंभ मेला 13 जनवरी 2025 को पौष पूर्णिमा के दिन से शुरू होगा और इस कुंभ मेले का समापन 26 फरवरी 2025 को महाशिवरात्रि पर होगा। पूरे 12 सालों के बाद प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन होने जा रहा है। इससे पहले साल 2013 में प्रयागराज में ही महाकुंभ मेले का आयोजन हुआ था। कुंभ मेले में नागा साधु भी पहुंचते हैं जो मेले के खास केंद्र बिंदु होते हैं।

महाकुंभ 2025 के शाही स्नान की तारीख

पौष पूर्णिमा – 13 जनवरी 2025

मकर संक्रांति – 14 जनवरी 2025

मौनी अमावस्या – 29 जनवरी 2025

बसंत पंचमी – 3 फरवरी 2025

माघ पूर्णिमा – 12 फरवरी 2025

महाशिवरात्रि – 26 फरवरी 2025

कुंभ मेला कहां-कहां लगता है?

प्रयागराज – जब बृहस्पति देव वृष राशि में हों और सूर्य मकर राशि में तब कुंभ मेले का आयोजन प्रयागराज में होता है।

हरिद्वार – जब सूर्य देव मेष राशि और बृहस्पति कुंभ राशि में विराजमान होते हैं, तब कुंभ का मेला हरिद्वार में आयोजित किया जाता है.

नासिक – जब सूर्य देव और बृहस्पति देव दोनों सिंह राशि में विराजमान होते हैं, तो कुंभ का मेला महाराष्ट्र के नासिक में होता है।

उज्जैन – जब बृहस्पति देव सिंह राशि में और सूर्यदेव मेष राशि में होते हैं तब कुंभ मेला उज्जैन में लगता है।

यूपी परिवहन निगम ने की है खास तैयारियां

यूपी परिवहन निगम दिव्य, भव्य एवं ग्रीन महाकुंभ मेला-2025 के सफल आयोजन के लिए सात हजार बसों को संचालित करेगा।

महिला एवं वृद्ध तीर्थयात्रियों को विशेष सुविधा प्रदान करने की योजना बनाई गई है।

महाकुंभ 2025 के दौरान लगभग 6800 परिवहन बसें एवं लगभग 200 वातानुकूलित बसों का संचालन किए जाने की योजना है।

महाकुंभ मेला 2025 के दौरान मुख्य स्नान 13 जनवरी से 26 फरवरी, 2025 के बीच पड़ रहे, जिसमें मौनी अमावस्या का शाही स्नान 29 जनवरी एवं बसंत पंचमी का शाही स्नान 3 फरवरी, 2025 को है।

गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई को अमेरिकी पुलिस ने गिरफ्तार किया।

गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का भाई अनमोल बिश्नोई अब पुलिस की हिरासत में है। अमेरिका की कैलिफोर्निया पुलिस ने उसे अपनी हिरासत में लिया है। अनमोल बिश्नोई पर अमेरिका के कैलिफोर्निया में कार्रवाई की गई है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और महाराष्ट्र पुलिस सहित भारतीय एजेंसियां अब ​​उसके प्रत्यर्पण और गिरफ्तारी पर काम कर रही हैं।

बाबा सिद्दीकी हत्याकांड का है आरोपी

अनमोल बिश्नोई पर कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब कुछ दिन पहले मुंबई पुलिस ने जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस के छोटे भाई अनमोल बिश्नोई के प्रत्यर्पण का प्रस्ताव भेजा था। अनमोल बिश्नोई पर बाबा सिद्दीकी हत्याकांड सहित कुछ हाई प्रोफाइल अपराधों में आरोपी बनाया गया है।

10 लाख रुपये का इनामी है अनमोल बिश्नोई

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने हाल ही में अनमोल बिश्नोई की गिरफ्तारी के लिए सूचना देने वाले को 10 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी। अनमोल बिश्नोई पर 2022 में दर्ज दो एनआईए मामलों में आरोपपत्र भी दाखिल हैं।

मुंबई क्राइम ब्रांच ने भी की थी प्रत्यर्पण की मांग

पिछले महीने मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने विशेष महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) कोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि वह ‘भगोड़े अपराधी अनमोल बिश्नोई के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू करना चाहती है।

सलमान खान के इस मामले में भी है आरोपी

बता दें कि 14 अप्रैल को मुंबई के बांद्रा इलाके में बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर गोलीबारी के सिलसिले में लॉरेंस और अनमोल बिश्नोई को वांछित आरोपी बनाया गया था। सलमान खान के घर के बाहर गोलीबारी की घटना की जिम्मेदारी लेने वाले अनमोल बिश्नोई के खिलाफ अप्रैल में लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया था।

तिहाड़ जेल में आफताब पूनावाला की सुरक्षा बढ़ी

हाल ही में तिहाड़ जेल प्रशासन ने श्रद्धा वाकर हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपी आफताब पूनावाला के इर्द-गिर्द सुरक्षा बढ़ा दी है। बाबा सिद्दीकी हत्याकांड की जांच में पता चला है कि बिश्नोई गिरोह की ओर से आफताब पूनावाला को निशाना बनाए जाने की योजना थी।

भारत ने हासिल की बड़ी कूटनीतिक सफलता, चीन ने मोदी-शी के बीच हुई सहमति को लागू करने पर जताई सहमति।

बीजिंग: चीन ने सोमवार को कहा कि वह रूस में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर हुई मुलाकात में राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच अहम मुद्दों पर बनी आम सहमति को लागू करने के लिए तैयार है। ब्राजील में G20 शिखर सम्मेलन से इतर मोदी और शी के बीच मुलाकात की संभावनाओं के बारे में पूछे जाने पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा, “राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कजान में हाल ही में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की थी।” उन्होंने कहा, “चीन दोनों देशों के नेताओं के बीच अहम मुद्दों पर बनी आम सहमति को लागू करने, संवाद एवं सहयोग बढ़ाने और रणनीतिक आपसी विश्वास को बढ़ावा देने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करने को तैयार है।” जियान ने कहा कि उन्हें नेताओं और अधिकारियों के बीच बैठक के कार्यक्रम के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

पीएम मोदी और जिनपिंग ने क्या कहा था?

रूस के कजान शहर में पिछले महीने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर हुई लगभग 50 मिनट की बैठक में मोदी और शी ने पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर गतिरोध वाले बाकी स्थानों से सैनिकों की वापसी और वहां गश्त शुरू करने को लेकर भारत और चीन के बीच हुए समझौते का समर्थन किया था। दोनों नेताओं ने विभिन्न द्विपक्षीय वार्ता तंत्र को बहाल करने के निर्देश भी जारी किए थे। बैठक में मोदी ने मतभेदों और विवादों को उचित तरीके से निपटाने, सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति व स्थिरता को भंग करने की अनुमति नहीं देने के महत्व को रेखांकित किया था। उन्होंने कहा था कि परस्पर विश्वास, एक-दूसरे का सम्मान और परस्पर संवेदनशीलता को संबंधों का आधार बने रहना चाहिए। वहीं, शी ने कहा था कि चीन-भारत संबंध मूलतः इस बात पर निर्भर करते हैं कि दोनों बड़े विकासशील देश, जिनमें हर एक की आबादी करीब 1.4 अरब है, एक-दूसरे के साथ कैसा व्यवहार करते हैं। उन्होंने कहा था कि चीन और भारत को एक-दूसरे के प्रति अच्छी रणनीतिक धारणा बनाए रखनी चाहिए तथा दोनों देशों के सद्भाव से रहने व साथ-साथ विकास करने के लिए “सही और उज्ज्वल मार्ग” तलाशने की दिशा में मिलकर काम करना चाहिए।

निचले स्तर पर पहुंच गए थे भारत-चीन के बीच संबंध

जून 2020 में गलवान घाटी में हुई सैन्य झड़प के बाद भारत और चीन के बीच संबंध निचले स्तर पर पहुंच गए थे। यह झड़प पिछले कुछ दशकों में दोनों पक्षों के बीच हुई सबसे भीषण सैन्य झड़प थी। भारत और चीन पूर्वी लद्दाख में टकराव वाले बाकी स्थानों से सैनिकों को हटाने तथा गश्त शुरू करने को लेकर 21 अक्टूबर को एक समझौते पर सहमत हुए थे। इस समझौते को पूर्वी लद्दाख में लगभग चार वर्षों से जारी सैन्य गतिरोध के समाधान की दिशा में एक बड़ी सफलता के रूप में देखा गया था। मोदी और शी ने भारत-चीन सीमा मुद्दे पर विशेष प्रतिनिधियों को वार्ता के लिए जल्द मिलने और एलएसी से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए अपने प्रयास जारी रखने का भी निर्देश दिया था। इस वार्ता के लिए भारत के विशेष प्रतिनिधि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल हैं, जबकि चीनी पक्ष का नेतृत्व विदेश मंत्री वांग यी करते हैं। विशेष प्रतिनिधि तंत्र की स्थापना 2003 में की गई थी। तब से दोनों पक्षों के बीच 20 दौर की वार्ता हो चुकी है। आखिरी वार्ता 2019 में हुई थी।