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भारतीय संविधान के 75 वर्ष: सफलताएं, संघर्ष और चुनौतियां

  • महामना मालवीय मिशन विधिक प्रकोष्ठ द्वारा संगोष्ठी का आयोजन
  • संगोष्ठी में संविधान की सफलताओं, संघर्षों और चुनौतियों पर चर्चा की गई।
  • न्यायमूर्ति प्रदीप कुमार श्रीवास्तव ने भारतीय संविधान को विश्व का सर्वोत्तम संविधान बताया।
  • कार्यक्रम में पूर्व न्यायाधीश, वरिष्ठ अधिवक्ता और विधिक विशेषज्ञ शामिल हुए।
  • शासकीय अधिवक्ता डॉ. वी.के. सिंह ने कार्यक्रम का संचालन किया और सेवा निवृत्त जिला जज ने अध्यक्षता की।
  • भारतीय संविधान को जन-जन तक पहुंचाने और जागरूकता फैलाने पर जोर दिया गया।

लखनऊ: महामना मालवीय मिशन के विधिक प्रकोष्ठ ने भारतीय संविधान दिवस के अवसर पर “भारतीय संविधान के 75 वर्ष: सफलताएं, संघर्ष और चुनौतियां” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया। यह कार्यक्रम गोमती नगर स्थित महामना मालवीय विद्या इंटर कॉलेज में आयोजित हुआ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति (से. नि.) प्रदीप कुमार श्रीवास्तव, अध्यक्ष- उत्तर प्रदेश राज्य विधि आयोग ने इस अवसर पर संविधान की महत्ता पर विचार व्यक्त किए।

मुख्य अतिथि का संबोधन

न्यायमूर्ति प्रदीप कुमार श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में भारतीय संविधान की विशेषताओं और चुनौतियों पर चर्चा की।

• संविधान निर्माताओं ने विश्व के विभिन्न देशों के संविधानों का अध्ययन कर इसे तैयार किया।

• भारतीय संविधान को विश्व का सर्वोत्तम संविधान बताया।

• उन्होंने कहा कि संविधान की प्रस्तावना में “समाजवाद” और “पंथनिरपेक्षता” को 42वें संशोधन के बाद जोड़ा गया।

• संविधान सभा में डॉ. भीमराव अंबेडकर ने जातीय व्यवस्था को “राष्ट्र-विरोधी” बताया था।

• भारतीय संविधान केवल एक वैधानिक दस्तावेज नहीं, बल्कि जन-जन की आवाज है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता और संचालन

संगोष्ठी की अध्यक्षता सेवा निवृत्त जिला जज ने की, जबकि कार्यक्रम का संचालन शासकीय अधिवक्ता और मालवीय मिशन विधिक प्रकोष्ठ के सचिव डॉ. वी.के. सिंह ने किया।

• सेवा निवृत्त जिला जज ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।

• संचालन सचिव डॉ. वी.के. सिंह ने किया।

• उन्होंने संविधान के नीति-निर्देशक तत्वों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।

• संगोष्ठी में विधिक और सामाजिक मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ।

• संचालन में संविधान के 75 वर्षों की यात्रा का सार प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य अतिथि

इस अवसर पर न्यायिक और विधिक जगत के कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने कार्यक्रम में शिरकत की।

• पूर्व ज़िला जज एवं मालवीय मिशन लखनऊ के अध्यक्ष दीनानाथ श्रीवास्तव ने संविधान की लोकतांत्रिक संरचना पर विचार साझा किए।

• अपर महाधिवक्ता अनिल प्रताप सिंह और वरिष्ठ अधिवक्ता देश रतन सिन्हा ने भी अपने विचार व्यक्त किए, अनिल प्रताप सिंह ने संविधान के मूल अधिकारों पर विशेष ज़ोर दिया।

• अपर महाधिवक्ता विमल श्रीवास्तव ने संविधान की अद्यतन प्रासंगिकता पर चर्चा की।

• उच्च न्यायालय के राज्य विधि अधिकारी रवितेश प्रताप सिंह सोमवंशी एवं ब्रजमोहन सिंह एवं राज्य लोक सेवा ट्राइब्यूनल के अधिवक्ता पंकज सिंह, के.पी.सिंह, राजू बेदी अधिकारी आदि अधिवक्तागण उपस्थित रहे।

• गणमान्य अतिथियों ने संविधान को एक “जीवंत दस्तावेज” बताया।

महामना मालवीय मिशन विधिक प्रकोष्ठ का योगदान

महामना मालवीय मिशन विधिक प्रकोष्ठ भारतीय संविधान की उत्कृष्टता और इसके महत्व को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

• प्रकोष्ठ नियमित रूप से विधिक और सामाजिक मुद्दों पर कार्यक्रम आयोजित करता है।

• संविधान दिवस जैसे आयोजनों के माध्यम से जागरूकता फैलाई जाती है।

• यह मंच विधिक विशेषज्ञों और जनता के बीच संवाद का कार्य करता है।

• संविधान के संरक्षण और संवर्धन को प्राथमिकता दी जाती है।

• संगठन का उद्देश्य भारतीय लोकतंत्र को सशक्त बनाना है।

अपराध और दंड नहीं बल्कि न्याय है तीन नये कानूनों का भाव: सीएम योगी

cm yogi
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  • सीएम योगी ने तीन नए कानूनों की न्याय पर आधारित संरचना पर जोर दिया।
  • फॉरेंसिक साइंसेज के ऑडिटोरियम का उद्घाटन किया।
  • प्रदेश के सभी 1775 थानों में साइबर हेल्प डेस्क सक्रिय।
  • साइबर क्राइम से निपटने के लिए टेक्नोलॉजी का सकारात्मक इस्तेमाल आवश्यक।
  • उत्तर प्रदेश अब दंगा मुक्त, गुंडा मुक्त और माफिया मुक्त प्रदेश।

लखनऊ, 26 नवंबर 2024 : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय संविधान के अंगीकृत होने की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया।

यह सम्मेलन फॉरेंसिक विज्ञान एवं साइबर सुरक्षा की भूमिका पर आधारित है और 26-27 नवंबर तक चलेगा। इस अवसर पर सीएम ने फॉरेंसिक साइंसेज इंस्टीट्यूट के ऑडिटोरियम का उद्घाटन किया और विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट प्रदान किए।

नवीन आपराधिक कानूनों के साथ न्याय प्रक्रिया पर राष्ट्रीय सम्मेलन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से देश में एक जुलाई 2024 से तीन नए कानून लागू किए गए हैं:

  • भारतीय न्याय संहिता 2023
  • भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023
  • भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कानूनों का उद्देश्य केवल अपराध और दंड पर आधारित नहीं है, बल्कि न्याय और नागरिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

सुशासन और टेक्नोलॉजी का समावेश

मुख्यमंत्री ने टेक्नोलॉजी के सकारात्मक उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी के माध्यम से विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं, लेकिन साइबर अपराध जैसी चुनौतियां भी बढ़ रही हैं। इनसे निपटने के लिए प्रदेश में अब तक 18 रेंज और 75 जनपदों में साइबर थाने स्थापित किए गए हैं। वर्तमान में प्रदेश के सभी 1775 थानों पर साइबर हेल्प डेस्क संचालित हैं।

सीएम योगी ने प्रदेश में उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज की स्थापना का उल्लेख करते हुए बताया कि यहां साइबर फ्रॉड से संबंधित पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं।

उत्तर प्रदेश: अपराध मुक्त प्रदेश की ओर अग्रसर

सीएम ने पूर्ववर्ती सरकारों की आलोचना करते हुए कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में माफिया और गुंडागर्दी का बोलबाला था। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त, गुंडा मुक्त और माफिया मुक्त प्रदेश है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी सरकार ने पुलिस बल में 1,54,000 से अधिक भर्तियां पारदर्शी प्रक्रिया से की हैं।

सीएम ने युवाओं से टेक्नोलॉजी के माध्यम से अपराध नियंत्रण में योगदान देने की अपील की।

फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट: माफिया के कब्जे से भव्य निर्माण तक

सीएम योगी ने बताया कि जिस भूमि पर फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट का निर्माण हुआ है, उस पर पहले माफिया का कब्जा था। उनकी सरकार ने उस भूमि को माफिया से मुक्त कराया और आज वहां भव्य इंस्टीट्यूट का संचालन हो रहा है।

इस सम्मेलन ने न्याय प्रक्रिया को साइबर सुरक्षा और फॉरेंसिक विज्ञान के माध्यम से सशक्त बनाने की दिशा में एक नई शुरुआत की है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सुशासन और कानून व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही

राज्यपाल ने किया 68वीं राष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता का शुभारंभ

राज्यपाल ने किया 68वीं राष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता का शुभारंभ
राज्यपाल ने किया 68वीं राष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता का शुभारंभ
  • गुरु गोविंद सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज, लखनऊ में हुआ आयोजन
  • राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने लखनऊ में 68वीं राष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता का उद्घाटन किया।
  • इस प्रतियोगिता में 17 वर्ष तक की आयु वर्ग के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।
  • खेल को जीवन का अभिन्न हिस्सा बताते हुए राज्यपाल ने इसके शारीरिक, मानसिक और सामाजिक लाभ गिनाए।
  • राज्यपाल ने कहा कि खिलाड़ियों के चयन में पारदर्शिता होनी चाहिए और केवल प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को ही अवसर मिले।
  • प्रधानमंत्री मोदी के खेलो इंडिया अभियान को युवाओं के विकास का सशक्त माध्यम बताया गया।

लखनऊ, 26 नवम्बर 2024: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 26 नवंबर 2024 को लखनऊ स्थित गुरु गोविंद सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज में आयोजित 68वीं राष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता-2024 का विधिवत शुभारंभ किया। यह प्रतियोगिता 26 से 30 नवंबर तक आयोजित की जा रही है। इस प्रतिष्ठित आयोजन में देशभर से 17 वर्ष तक के लगभग 3960 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इस प्रतियोगिता का आयोजन स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया और उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयासों से हो रहा है।

खेल के महत्व पर राज्यपाल का संदेश

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए खेल के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि खेल न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक और सामाजिक विकास का सशक्त माध्यम है। खेल जीवन को अनुशासन, आत्मनिर्भरता और सतत प्रयास का संदेश देते हैं। राज्यपाल ने दौड़ प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश के खिलाड़ी द्वारा प्रथम स्थान प्राप्त करने पर विशेष बधाई देते हुए इसे प्रेरणादायक बताया।

खेलों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता

राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ’खेलो इंडिया’ अभियान की सराहना करते हुए इसे युवाओं के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास का सशक्त माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि अब खिलाड़ियों के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध हैं, जो उनकी प्रतिभा को निखारने में सहायक हैं। राज्यपाल ने गुजरात के खेल परिदृश्य का उदाहरण देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से गुजरात के युवा खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।

चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर

राज्यपाल ने खिलाड़ियों की चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को ही अवसर दिया जाना चाहिए और किसी भी प्रकार का पक्षपात स्वीकार्य नहीं होगा। चयन प्रक्रिया में निष्पक्षता और ईमानदारी सुनिश्चित करना आवश्यक है ताकि खिलाड़ी अपनी पूरी क्षमता का प्रदर्शन कर सकें।

आपसी संवाद और मेलजोल को बढ़ावा

राज्यपाल ने खिलाड़ियों के बीच आपसी संवाद और मेलजोल को प्रतियोगिता का अहम हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल प्रतिस्पर्धा का मंच नहीं, बल्कि एक ऐसा अवसर है, जहां खिलाड़ी एक-दूसरे के अनुभवों और संघर्षों को साझा कर सकते हैं। इससे न केवल उनकी समझ बढ़ेगी, बल्कि प्रेम और खेल भावना का भी विकास होगा।

सीएम योगी के निर्देश पर परिवहन विभाग की सेवाओं को बनाया जा रहा फेसलेस

truenewsup yogi sarkar
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  • 37 सेवाएं ऑनलाइन: परिवहन विभाग ने सारथी और वाहन पोर्टल पर कुल 37 सेवाओं को फेसलेस किया।
  • 16 नई सेवाएं लाइव: 26 नवंबर 2024 को 16 अतिरिक्त सेवाओं को फेसलेस सेवाओं में जोड़ा गया।
  • 50 सेवाएं आधार आधारित: भारत सरकार की अधिसूचना के अनुसार 50 सेवाओं का लाभ आधार प्रमाणीकरण से लिया जा सकता है।
  • आरटीओ जाने की जरूरत खत्म: नागरिक अब घर बैठे ड्राइविंग लाइसेंस, पते में बदलाव, और नवीनीकरण जैसी सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं।
  • सरकार का डिजिटल कदम: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नागरिकों को सुलभ और पारदर्शी सेवाएं देने की दिशा में यह पहल की गई।

लखनऊ, 26 नवंबर 2024: योगी सरकार प्रदेश में नागरिकों को बेहतर और सुलभ सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में, परिवहन विभाग ने 16 और सेवाओं को फेसलेस कर दिया है। अब परिवहन विभाग की कुल 37 सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं, जिनमें 22 सेवाएं सारथी पोर्टल और 15 सेवाएं वाहन पोर्टल के माध्यम से प्रदान की जा रही हैं। परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दयाशंकर सिंह ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य नागरिकों को आरटीओ कार्यालय आने की आवश्यकता को कम से कम करना है।

फेसलेस सेवाओं का विस्तार

श्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि भारत सरकार द्वारा अधिसूचित कुल 58 सेवाओं में से 50 सेवाएं आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से फेसलेस उपलब्ध कराने का विकल्प दिया गया है। इन सेवाओं का लाभ नागरिक घर बैठे ही ले सकते हैं। इसके लिए आवेदक को अपना आधार नंबर और उससे लिंक मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी का उपयोग करना होगा।

परिवहन आयुक्त श्री चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि एनआईसी द्वारा 37 सेवाओं को लाइव किया जा चुका है। इन सेवाओं को पूरी तरह से ऑनलाइन कर दिया गया है, जिससे नागरिकों को आरटीओ कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

फेसलेस सेवाओं की सूची

इन सेवाओं में शामिल प्रमुख सेवाएं हैं:

1. लर्नर लाइसेंस जारी करना

2. डीएल (ड्राइविंग लाइसेंस) को लर्निंग लाइसेंस में बदलना

3. डुप्लीकेट डीएल जारी करना

4. डीएल में पता बदलना

5. हेजार्डस मैटेरियल ड्राइविंग की अनुमति

6. डीएल का नवीनीकरण

7. अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट जारी करना

8. फोटो और हस्ताक्षर में बदलाव करना

9. सीएल (कमर्शियल लाइसेंस) का नवीनीकरण

10. पीएसवी बैज जारी करना

11. मोबाइल नंबर अपडेट करना

12. डुप्लीकेट लर्निंग लाइसेंस जारी करना

इसके अलावा, नाम और बायोमेट्रिक परिवर्तन जैसी सेवाएं भी अब पूरी तरह फेसलेस हो गई हैं।

परिवहन विभाग के अधिकारियों को निर्देश

परिवहन मंत्री ने सभी क्षेत्रीय और सहायक संभागीय परिवहन अधिकारियों को निर्देशित किया है कि फेसलेस सेवाओं को प्रभावी तरीके से लागू करें और नागरिकों को जागरूक करें।

सरकार का उद्देश्य

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुसार, परिवहन विभाग की यह पहल नागरिकों को पारदर्शी और सुविधाजनक सेवाएं प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। सरकार चाहती है कि आमजन को बिना कार्यालय आए ही सारी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हो सकें, जिससे समय और संसाधनों की बचत हो।

गौतम बुद्ध नगर: जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में संविधान दिवस का हुआ आयोजन, DM ने अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया

गौतम बुद्ध नगर: जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में संविधान दिवस का हुआ आयोजन
जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में संविधान दिवस का आयोजन हुआ
गौतम बुद्ध नगर: जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में संविधान दिवस का हुआ आयोजन
  • मुख्यमंत्री जी की अध्यक्षता में लखनऊ में आयोजित हुए कार्यक्रम का हुआ सजीव प्रसारण
  • जिलाधिकारी ने बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी के छायाचित्र पर मालार्पण कर पुष्पांजलि की अर्पित
  • जिलाधिकारी ने संविधान दिवस के अवसर पर जनपद वासियों को दी बधाई एवं शुभकामनाएं
  • कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों/कर्मचारियों को जिलाधिकारी ने संविधान की प्रस्तावना की दिलाई शपथ
  • हमें अपने मूल अधिकारों के साथ ही अपने मूल कर्तव्यों का भी निष्ठा के साथ करना चाहिए निर्वहन
  • राष्ट्रीय हित हमारे लिए सर्वोपरि होना चाहिए : डीएम

गौतम बुद्ध नगर, 26 नवंबर 2024: भारत के संविधान को अंगीकृत किये जाने की तिथि 26 नवंबर को आज जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में संविधान दिवस के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी के छायाचित्र पर माल्यार्पण करते हुए पुष्पांजलि अर्पित की एवं कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों व कर्मचारियों को संविधान की प्रस्तावना की शपथ दिलाई। संविधान दिवस के अवसर पर कलेक्ट्रेट सभागार में उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री जी की अध्यक्षता में लखनऊ के लोग भवन में आयोजित हो रहे कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देखा एवं सुना।

संविधान दिवस के मौके पर आयोजित गोष्ठी में जिलाधिकारी ने कहा कि हमारा संविधान विश्व का सर्वश्रेष्ठ संविधान है। इसे आज ही के दिन अंगीकृत किया गया था। हमारा संविधान क्रांतिकारी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं महान विभूतियों की वर्षों की तपस्या का प्रतिफल है। इसमें समय के अनुसार होने वाले परिवर्तनों को आत्मसात करने की प्रवृत्ति है, जो किसी भी संविधान की जीवंतता के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि संविधान के उद्देशिका संविधान की आत्मा/मूल है। जिलाधिकारी ने कहा कि संविधान में दिए गए मौलिक अधिकारों के साथ-साथ हमें अपने कर्तव्यों को भी जानना चाहिए और उनका बड़ी ही इमानदारी वह निष्ठा के साथ पालन भी करना चाहिए। उन्होंने कहा कि संविधान की मूल भावनाओं को ध्यान में रखते हुए सभी अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण अपने दायित्वों का निष्ठा के साथ पालन करें एवं कार्यालयों में आने वाले फरियादियों के साथ किसी भी तरह का भेदभाव न रखें सभी को समानता के भाव से देखते हुए उनके फरियाद को सुने एवं उनकी समस्याओं का निदान भी करें। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता व अखंडता पर पूरी तरह से निष्ठा बनाए रखनी चाहिए एवं राष्ट्रीय हित हमारे लिए सर्वोपरि होना चाहिए। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने लोकसभा सामान्य निर्वाचन 2024 को निष्पक्ष, स्वतंत्र एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में उत्कृष्ट एवं सराहनीय योगदान देने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

इस अवसर पर प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी शिव प्रताप परमेश, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अतुल कुमार, अपर जिलाधिकारी प्रशासन मंगलेश दुबे, सिटी मजिस्ट्रेट विवेकानंद मिश्र, डिप्टी कलेक्टर वेद प्रकाश पांडे, वरिष्ठ कोषाधिकारी शिखा गुप्ता, जिला मनोरंजन कर अधिकारी जेपी चंद, सहायक आयुक्त द्वितीय खाद्य सर्वेश मिश्रा, जिला पूर्ति अधिकारी ओम हरि उपाध्याय, जिला कार्यक्रम अधिकारी पूनम तिवारी, अन्य जिला स्तरीय अधिकारीगण तथा कर्मचारीगण उपस्थित रहे। इसी प्रकार जिलाधिकारी के मार्गदर्शन में जनपद के अन्य सरकारी कार्यालयों, संस्थाओं, शिक्षण संस्थाओं तथा स्कूलों में भी संविधान दिवस का आयोजन किया गया।