लिखित परीक्षा में भागीदारी: पहले दिन 1125 प्रशिक्षार्थियों ने परीक्षा दी, जिनमें से 453 सफल हुए।
साक्षात्कार और चयन: दूसरे दिन पांच टीमों ने साक्षात्कार लिया, जिसमें 310 प्रशिक्षार्थियों को चुना गया।
सैलरी ऑफर: चयनित प्रशिक्षार्थियों को 28,000 रुपये मासिक वेतन की पेशकश की गई।
प्रेरणादायक संदेश: एम.ए. खां ने चयनित छात्रों को मेहनत और समर्पण से कार्य करने की सलाह दी।
सफल आयोजन: आयोजन की सफलता में कार्यदेशक और अनुदेशकों का विशेष योगदान रहा।
लखनऊ, 10 दिसंबर 2024: राजकीय आईटीआई, अलीगंज में 9 और 10 दिसंबर 2024 को रोजगार मेले का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें प्रमुख भागीदारी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड की रही। यह रोजगार मेला युवाओं को बेहतर रोजगार अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। संस्थान के प्रधानाचार्य राज कुमार यादव ने बताया कि पहले दिन आयोजित लिखित परीक्षा में 1125 प्रशिक्षार्थियों ने हिस्सा लिया, जिनमें से 453 प्रशिक्षार्थी परीक्षा में सफल रहे।
दूसरे दिन, 10 दिसंबर को, उत्तीर्ण प्रशिक्षार्थियों का साक्षात्कार कंपनी की पांच टीमों द्वारा लिया गया। साक्षात्कार प्रक्रिया के उपरांत 310 प्रशिक्षार्थियों को 28,000 रुपये मासिक वेतन के साथ रोजगार के लिए चयनित किया गया। यह मेला न केवल प्रशिक्षार्थियों के लिए एक सुनहरा अवसर बना, बल्कि संस्थान के लिए भी गर्व का क्षण रहा।
इस मौके पर ट्रेनिंग काउंसलिंग एंड प्लेसमेंट अधिकारी एम.ए. खां ने चयनित प्रशिक्षार्थियों को बधाई देते हुए उन्हें कार्यस्थल पर कड़ी मेहनत और समर्पण से कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने इसे संस्थान की उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण कदम बताया।
रोजगार मेले की सफलता के पीछे कार्यदेशक निर्भय कुमार सिंह, अनुदेशक जेड. रहमान, मकबूल कादिर और अन्य कर्मचारियों की कड़ी मेहनत और समर्पण रहा। इस आयोजन ने प्रशिक्षार्थियों को उनके भविष्य निर्माण के लिए एक नई दिशा दी है।
डॉ. आनंद कुमार की नियुक्ति का मामला: आयोग के निर्देश पर मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में सहायक आचार्य का कार्यभार ग्रहण।
शिव कुमार का मामला: अधिकारियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी, 23 दिसंबर को व्यक्तिगत उपस्थिति के निर्देश।
रेखा देवी का जाति प्रमाण पत्र: अधिकारियों की लापरवाही पर शासन को रिपोर्ट भेजने का निर्णय।
दिव्यांगता प्रमाण पत्र में सुधार: 23 दिसंबर तक सही प्रमाण पत्र जारी करने का निर्देश।
फर्जी मुकदमे का आरोप: बागपत पुलिस को निष्पक्ष जांच और लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश।
लखनऊ, 10 दिसंबर 2024: उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा ने इंदिरा भवन स्थित आयोग कार्यालय में विभिन्न जनपदों से प्राप्त शिकायतों पर सुनवाई की। इस दौरान उन्होंने कई अहम निर्णय लिए और संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए। सुनवाई के दौरान शिकायतों के त्वरित और निष्पक्ष निस्तारण पर जोर दिया गया।
डॉ. आनंद कुमार की नियुक्ति का मामला सुलझा
प्रयागराज के मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में सहायक आचार्य के पद पर कार्यभार ग्रहण न कर पाने की शिकायत डॉ. पारूल सिंह ने अपने पति डॉ. आनंद कुमार के संबंध में दर्ज कराई थी। आयोग ने मामले को त्वरित संज्ञान में लिया और संबंधित अधिकारियों को निर्देश देकर कार्यभार ग्रहण कराने की प्रक्रिया पूरी कराई। शिकायतकर्ता ने पुष्टि की कि अब कोई समस्या शेष नहीं है। इस मामले को पूर्णतः निस्तारित घोषित किया गया।
अधिकारियों की अनुपस्थिति पर जताई नाराजगी
बाराबंकी जिले के रामसनेहीघाट तहसील से जुड़ी शिव कुमार की शिकायत पर सुनवाई के दौरान उपजिलाधिकारी की गैरमौजूदगी पर आयोग ने नाराजगी जाहिर की। अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि यह लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आयोग ने 23 दिसंबर 2024 को उपजिलाधिकारी और क्षेत्राधिकारी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर पक्ष रखने का निर्देश दिया।
सीतापुर की रेखा देवी के जाति प्रमाण पत्र का मामला
सीतापुर जिले की रेखा देवी को जाति प्रमाण पत्र जारी न किए जाने की शिकायत पर आयोग ने जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी महमूदाबाद की अनुपस्थिति को गंभीरता से लिया। आयोग ने इसे लापरवाही मानते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ शासन को पत्र भेजने का निर्णय लिया। साथ ही, इस प्रकार के मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
दिव्यांगता प्रमाण पत्र में त्रुटि पर कार्रवाई
लखनऊ निवासी रामजी के पुत्र के लिए गलत दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी किए जाने के मामले पर आयोग ने नाराजगी जाहिर की। मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया गया कि 23 दिसंबर तक सही प्रमाण पत्र जारी करें। आयोग ने इस प्रकार की लापरवाहियों से बचने और दिव्यांगजन से जुड़े मामलों को प्राथमिकता देने की सिफारिश की।
बागपत पुलिस पर फर्जी मुकदमे का आरोप
दीपक कुमार की शिकायत पर आयोग ने बागपत पुलिस द्वारा फर्जी मुकदमे दर्ज करने के मामले को गंभीरता से लिया। पुलिस अधीक्षक, बागपत को निर्देश दिए गए कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करें और जल्दबाजी में चार्जशीट दाखिल न करें। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई। आयोग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का समयबद्ध और निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और भविष्य में इस प्रकार की लापरवाहियों को रोका जाए।
महिला सशक्तिकरण पर जोर: कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना था।
मुख्य अतिथि का संदेश: रानी गुप्ता ने महिलाओं से उनके अधिकारों के प्रति सजग रहने और किसी भी प्रकार की हिंसा या भेदभाव का विरोध करने का आह्वान किया।
सम्मानित महिलाएं: मुकेता सिंह को नारी शक्ति सम्मान से सम्मानित किया गया।
संस्था का योगदान: अनुरागिनी संस्था ने 28 वर्षों से महिलाओं के अधिकारों और आत्मनिर्भरता के लिए किए जा रहे कार्यों पर प्रकाश डाला।
सामूहिक प्रतिज्ञा: कार्यक्रम का समापन समानता और अधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता की प्रतिज्ञा के साथ हुआ।
उरई/लखनऊ, 10 दिसम्बर 2024: अनुरागिनी संस्था द्वारा मानव अधिकार दिवस के अवसर पर डकोर विकासखंड के नुनसाई ग्राम संगठन सभागार में “नारी शक्ति गौरव उत्सव” का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महिलाओं के सशक्तिकरण और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में परिवार परामर्श केंद्र, जनपद जालौन की उप निरीक्षक रानी गुप्ता उपस्थित रहीं। उन्होंने महिलाओं को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया। रानी गुप्ता ने कहा, “महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहना चाहिए। शिक्षा, आत्मनिर्भरता और जागरूकता से ही महिलाएं अपनी पहचान और गरिमा बनाए रख सकती हैं।” उन्होंने महिलाओं को घरेलू हिंसा और भेदभाव से संबंधित मामलों में तत्काल शिकायत दर्ज कराने का संदेश दिया और कहा कि प्रशासन और संबंधित संस्थाएं महिलाओं की सुरक्षा और सहयोग के लिए हमेशा तत्पर हैं।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के सशक्तिकरण में विशेष योगदान के लिए मुकेता सिंह को “नारी शक्ति सम्मान” से सम्मानित किया गया। अनुरागिनी संस्था के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण सिंह जादौन ने बताया कि संस्था पिछले 28 वर्षों से महिलाओं के अधिकारों और आत्मनिर्भरता के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि कौशल विकास, शिक्षा और कानूनी जागरूकता के माध्यम से महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में जिला केंद्रीय सहकारी उपभोक्ता भंडार जालौन के अध्यक्ष उपेन्द्र सिंह राजावत ने महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में स्वयं सहायता समूहों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें महिलाओं को समानता और गरिमा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
कार्यक्रम का समापन महिलाओं और उपस्थित लोगों द्वारा उनके अधिकारों और समानता के प्रति प्रतिबद्धता की प्रतिज्ञा लेने के साथ हुआ। ग्राम संगठन की अध्यक्ष चित्रलेखा, सचिव मोहिनी और कोषाध्यक्ष माया ने अतिथियों का स्वागत किया। संचालन राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के ब्लॉक प्रबंधक चंदन श्रीवास ने किया, जबकि आभार व्यक्त प्रद्युम्न सिंह ने किया।
अधिवेशन के दूसरे दिन डॉ. उदय जोशी को राष्ट्रीय अध्यक्ष और दीपक चौरसिया को राष्ट्रीय महामंत्री चुना गया।
मुल्क्नूर कोआपरेटिव सोसाइटी को यह सम्मान इफको एमडी उदयशंकर अवस्थी द्वारा प्रदान किया गया।
इफको के प्रबंध निदेशक उदयशंकर अवस्थी ने नैनो उर्वरक के उपयोग और सहकारिता के माध्यम से रोजगार सृजन पर प्रकाश डाला।
सहकारी कानूनों का आधुनिकीकरण, प्रशिक्षण, जागरूकता, ग्रामीण अर्थव्यवस्था के पुनरुद्धार और केंद्र सरकार के प्रति अभिनंदन प्रस्ताव पारित हुए।
प्रकाश पाठक द्वारा सहकार भारती के कार्यकर्ताओं को सहकारिता आंदोलन में योगदान के लिए प्रेरित किया गया।
अमृतसर/लखनऊ: सहकार भारती का आठवां राष्ट्रीय अधिवेशन अमृतसर में भव्यता के साथ संपन्न हुआ। अधिवेशन के दूसरे दिन का अंतिम सत्र सहकारिता आंदोलन को नए आयाम देने और संगठन को मजबूती प्रदान करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा। इस दौरान न केवल राष्ट्रीय पदाधिकारियों का निर्वाचन हुआ, बल्कि सहकारिता क्षेत्र के विकास के लिए चार प्रस्ताव भी पारित किए गए।
राष्ट्रीय पदाधिकारियों का निर्वाचन
अधिवेशन के दूसरे दिन सहकार भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राष्ट्रीय महामंत्री के पद का चुनाव सम्पन्न हुआ। • डॉ.उदय जोशी को सर्वसम्मति से राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया। • दीपक चौरसिया को राष्ट्रीय महामंत्री के रूप में निर्वाचित किया गया।
• चुनाव प्रक्रिया का संचालन सहकार भारती के संरक्षक रमेश वैद्य ने किया। इस प्रक्रिया ने संगठन के लोकतांत्रिक और पारदर्शी स्वरूप को दर्शाया।
विशेष परिचर्चा सत्र
परिचर्चा सत्र में सहकारिता आंदोलन से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई: 1. नैनो उर्वरक के उपयोग पर प्रकाश: इफको के मार्केटिंग डायरेक्टर योगेंद्र कुमार ने किसानों के लिए नैनो उर्वरक के लाभों पर विस्तार से जानकारी दी। 2. रोजगार सृजन के माध्यम के रूप में सहकारिता: इफको के एमडी उदयशंकर अवस्थी ने सहकारी समितियों को ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाने का साधन बताया। 3. सहकारी समितियों का निर्माण: नैकोफ के श्रीराम इकबाल ने अधिक से अधिक सहकारी समितियों की स्थापना पर जोर दिया।
सहकार भारती के कार्यकर्ताओं के लिए मार्गदर्शन • कार्यकर्ता निर्माण, कार्यपद्धति और विकास जैसे विषयों पर प्रकाश पाठक ने सहकार भारती के कार्यकर्ताओं को प्रेरणादायक मार्गदर्शन दिया। • इन चर्चाओं ने कार्यकर्ताओं के उत्साह और दृष्टिकोण को और मजबूत किया।
सहकारिता के लिए चार प्रस्ताव पारित
राष्ट्रीय महामंत्री डॉ.उदय जोशी ने सहकारिता आंदोलन को मजबूत बनाने के लिए चार प्रमुख प्रस्ताव प्रस्तुत किए, जिन्हें सर्वसम्मति से पारित किया गया: 1. सहकारी क्षेत्र में कानूनों का आधुनिकीकरण • सहकारी समितियों को स्वतंत्र और सशक्त आर्थिक उद्यम के रूप में कार्य करने में सक्षम बनाने पर जोर दिया गया। 2. प्रशिक्षण, शिक्षा और जागरूकता का प्रसार • सहकारी आंदोलन के विकास के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों और जागरूकता अभियानों की आवश्यकता पर बल दिया गया। 3. केंद्र सरकार के प्रति अभिनंदन प्रस्ताव • सहकारिता क्षेत्र में सरकार के सहयोगात्मक कदमों की सराहना की गई। 4. ग्रामीण अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करना • सहकारी समितियों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक मजबूती लाने का लक्ष्य रखा गया।
महादेव हरि अन्ना साहब गोडबोले स्मृति पुरस्कार का वितरण
कार्यक्रम में मुल्क्नूर कोआपरेटिव सोसाइटी को “महादेव हरि अन्ना साहब गोडबोले स्मृति प्रथम पुरस्कार” से सम्मानित किया गया। • सोसाइटी के चेयरमैन प्रवीण रेड्डी ने यह पुरस्कार इफको के प्रबंध निदेशक उदयशंकर अवस्थी से प्राप्त किया। • इस सम्मान ने सहकारिता क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए मुल्क्नूर कोआपरेटिव सोसाइटी के प्रयासों को मान्यता दी।
सहकार भारती का यह अधिवेशन सहकारी आंदोलन को नई दिशा देने और इसे जन-जन तक पहुंचाने के लिए मील का पत्थर साबित हुआ। प्रस्तावों और चर्चाओं ने यह स्पष्ट किया कि सहकारिता केवल आर्थिक विकास का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक उत्थान का एक सशक्त साधन है।
जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने सुनीं 150 लोगों की समस्याएं
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दी हिदायत, जन समस्याओं के निराकरण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी
गोरखपुर/लखनऊ, 10 दिसंबर 2024: सोमवार दोपहर बाद गोरखपुर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में रात्रि प्रवास के बाद मंगलवार सुबह जनता दर्शन में आए लोगों से मुलाकात की। ध्यान से उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन समस्याओं का निराकरण तत्परता और शीघ्रता से किया जाए। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि हर समस्या का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और संतुष्टिपरक होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनता की हर समस्या का समाधान सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है।
गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने आयोजित जनता दर्शन में कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद पहुंचे और एक-एक करके सबकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने करीब 150 लोगों से मुलाकात की। उन्होंने सबको आश्वस्त किया कि हर व्यक्ति को न्याय दिलाया जाएगा। सबके प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए त्वरित निस्तारण का निर्देश देने के साथ मुख्यमंत्री ने लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर पीड़ित की समस्या का समाधान कराने के लिए दृढ़ संकल्पित है।
सीएम ने अफसरों से कहा कि किसी के साथ भी अन्याय नहीं होना चाहिए। हर पीड़ित के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाते हुए उसकी सहायता की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि किसी की जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले, कमजोरों को उजाड़ने वाले किसी भी सूरत में बख्शे न जाएं। उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री के समक्ष जनता दर्शन में कई लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। सीएम योगी ने उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार इलाज के लिए भरपूर मदद करेगी। उनके प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों को हस्तगत करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इलाज से जुड़ी इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूर्ण करा कर शासन में उपलब्ध कराया जाए।
मंदिर की गोशाला में मुख्यमंत्री ने की गोसेवा
गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान मंगलवार सुबह सीएम योगी की दिनचर्या परंपरागत रही। उन्होंने प्रातःकाल गोरखनाथ मंदिर में गुरु गोरखनाथ का दर्शन-पूजन किया और अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि स्थल पर जाकर मत्था टेका। सीएम योगी जब भी गोरखनाथ मंदिर में होते हैं तो गोसेवा उनकी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा रहती है। मंगलवार सुबह वह मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए मंदिर की गोशाला में पहुंचे और वहां कुछ समय व्यतीत किया। गोवंश को दुलारकर उन्होंने अपने हाथों से उन्हें गुड़ खिलाया। इस दौरान एक गोवंश के साथ सीएम योगी स्नेहिल भाव से कुछ देर खेलते भी रहे।