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अगले 5 साल में डिजिटल योग्यता के अनुरूप करीब 8.5 करोड़ नौकरियों का बदल जायेगा स्वरुप- डॉ.राजेश्वर सिंह

  • लखनऊ इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी की वार्षिक खेल प्रतिस्पर्धा के 5 मेधावियों को डॉ. राजेश्वर सिंह ने सम्मानित करते हुए दिया लैपटॉप, डिजिटल टेक्नोलॉजी को बताया युवाओं का भविष्य
  • उन्होंने कहा कि मिशन चंद्रयान के 80% इंजीनियर रीजनल इंजीनियरिंग कॉलेजों से, देश के नेक्स्ट लेवल ग्रोथ में इन कॉलेजों का योगदान उल्लेखनीय
  • साथ ही डॉ.सिंह ने कहा कि भारत डिजिटल क्रांति में अग्रणी है, 1 लाख करोड़ के मोबाइल फ़ोन निर्यात कर भारतीय इंजीनियरों ने दिखाई अपनी प्रतिभा, युवाओं को अपने अध्यापकों, अभिभावकों और राष्ट्र के प्रति सदैव कृतज्ञ रहना चाहिए – डॉ. राजेश्वर सिंह

लखनऊ; इंजीनियर इनोवेशन की रीढ़ हैं वे अपनी रचनात्मकता, विश्लेषणात्मक सोच और दुनिया को बदलने की दृढ़ता के मिश्रण से हमारे जीवन को आसान बनाने का काम करते हैं। इंजीनियर प्रगति के वास्तुकार हैं, इंजीनियर विचारों को वास्तविकता में बदलते हैं। हर महान इनोवेशन के पीछे एक महान इंजीनियर होता है। इंजीनीयर की यह नई परिभाषा बताई है सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने, मौका था लखनऊ इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी वार्षिक खेल प्रतिस्पर्धाओं के विजेताओं को सम्मानित करने का। मंगलवार को सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह बंथरा रोड, बिजनौर स्थित लखनऊ इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी पहुंचे वहां उन्होंने संस्थान के वार्षिकोत्सव ‘परवाज’ के दौरान विभिन्न खेल प्रतिस्पर्धाओं में अव्वल रहने वाले 17 छात्र – छात्राओं को सम्मानित किया। इस दौरान विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के संकल्प क्रम ने संस्थान के 5 मेधावी छात्र – छात्राओं : सिविल इंजीनियरिंग में 89% अंक पाने वाली छात्रा ज्योति यादव, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में 82% अंक पाने वाले छात्र अभिज्ञान श्रीवास्तव व 80% अंक पाने वाले गजेंद्र गोंड, मैकेनिकल इंजीनियरिंग में 84% अंक पाने वाले छात्र अभिषेक सिंह व 81% अंक पाने वाले विष्णु कुमार यादव को लैपटॉप प्रदान कर सम्मानित किया।

इस अवसर पर छात्र – छात्राओं का मार्गदर्शन करते हुए डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि भारत के इंजीनियर इनोवेशन और स्पेशलाइजेशन के साथ हर क्षेत्र में क्रांति ला रहे हैं, उनका तर्कोंमुखी दृष्टिकोण यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा जैसे क्षेत्रों में चमकता है, जहां 2017-2021 के बीच 64% आईएएस परीक्षा क्वालिफायर इंजीनियर हैं। 67% भारतीय यूनिकॉर्न स्टार्टअप संस्थापक इंजीनियर हैं। भारतीय इंजीनियर ब्रह्मोस, तेजस, अग्नि मिसाइल और चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाले पहले चंद्रयान मिशन जैसे इनोवेशन का नेतृत्व करते हैंडॉ. सिंह ने भारत की प्रगति में इंजीनियरों के योगदान को उल्लेखित करते हुए कहा कि सर एम. विश्वेश्वरय्या एवं डॉ. अब्दलु कलाम जैसे इंजीनियरों तथा इसरो व डीआरडीओ जैसे विश्व के सर्वश्रेष्ठ रिसर्च संस्थानों के कारण भारत ने अभूतपूर्व प्रगति की है। देश की प्रगति में रीजनल इंजीनियरिंग कॉलेजों की भी उल्लेखनीय भूमिका है, भारत के महत्वपूर्ण मिशन चंद्रयान के 1000 इंजीनियर में 800 इंजीनियर रीजनल इंजीनियरिंग कॉलेज से थे। प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत संकल्प का उल्लेख करते हुए विधायक ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सपना है, जिसमें हमारे की सर्वाधिक महत्वपूर्ण भूमिका रहने वाली है। भारत आज विश्व की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने को अग्रसर है तो उसमें हमारे इंजीनियरों का उल्लेखनीय योगदान है।

विधायक ने आगे जोड़ा कि भारत में इंजीनियरों ने नवीन तकनीकों के साथ कृषि, डेयरी फार्मिंग, जलीय कृषि, आईटी और अंतरिक्ष अन्वेषण में क्रांति ला दी है, जिससे विकास और स्थिरता बढ़ रही है। पद्म विभूषण से सम्मानित डॉ. एम.एस. स्वामीनाथन ने हरित क्रांति लाकर भारत के गेहूं उत्पादन को 1965 के 11 मिलियन टन से बढ़ाकर 106 मिलियन टन कर दिया, आज भारत विश्व के 50 से अधिक देशों को गेहूं निर्यात कर रहा है। “भारत के मिल्कमैन” के रूप में जाने जाने वाले और पद्म विभूषण से सम्मानित डॉ. वर्गीस कुरियन के नेतृत्व में, भारत का दूध उत्पादन 1960 में 17 मिलियन टन से बढ़कर 230 मिलियन टन से अधिक हो गया। हीरालाल चौधरी और डॉ. अरुण कृष्णन द्वारा अन्वेषित ब्लू क्रान्ति के प्रभाव से सतत जलीय कृषि पद्धतियों के कारण भारत का मछली उत्पादन 1950 में लगभग 0.75 मिलियन टन से बढ़कर 17 मिलियन टन हो गया।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने बताया कि इंजीनियरों के कारण आज भारत डिजिटल क्रान्ति में अग्रणी है, भारत में सर्वाधिक इन्टरनेट कनेक्शन, सर्वाधिक मोबाइल फ़ोन उपभोक्ता हैं, 1 लाख करोड़ लागत के मोबाइल फ़ोन निर्यात कर भारत मोबाइल डिवाइस निर्यात में भी अग्रणी है। इस अवसर पर इंजीनियरिंग छात्र – छात्राओं को भविष्य की चुनौतियों व अवसरों के प्रति सजग करते हुए डॉ. सिंह ने कहा की अगले 5 साल में डिजिटल योग्यताओं के अनुरूप करीब 8. 5 करोड़ नौकरियों का स्वरुप बदल जायेगा इस लिए सभी को डिजिटल शिक्षा, इनोवेशन, आइडिया सृजन पर जोर देना है। बता दें कि डॉ. राजेश्वर सिंह अपनी विधानसभा क्षेत्र में डिजिटल शिक्षा के प्रसार के लिए अब तक 25 कॉलेजों में डिजिटल लैब, 10 कॉलेजों में स्मार्ट पैनल स्थापित करवाया है। विधायक द्वारा अब ‘रण बहादुर सिंह डिजिटल शिक्षा एवं युवा सशक्तिकरण केंद्रों’ की स्थापना कर युवाओं को फ्री डिजिटल प्रशिक्षण प्रदान करने की अभिनव पहल शुरू की गई है। पहल के पहले चरण में 04 केंद्रों की स्थापना हुई, डॉ. राजेश्वर सिंह का लक्ष्य सरोजनीनगर में 100 केंद्रों की स्थापना का है। डॉ. राजेश्वर सिंह ने स्वास्थ्य को सर्वाधिक महत्वपूर्ण बताते हुए छात्र – छात्राओं को पढ़ाई के साथ खेलों गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर संस्थान की निदेशक शबीहा अहमद व हम्माद, प्रधानाचार्य संदीप सिंह, डीन फरीद सिद्दकी व अन्य अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

यूपी के कौशाम्बी में अवैध खनन पर बड़ा एक्शन: योगी सरकार ने खनन माफिया के चहेते डीएम को हटाया, खनिज अधिकारी अभी भी मलाई काट रहा

  • बीती 15 मई से जनपद के महेवाघाट थानांतर्गत रामनगर घाट में हो रहे अवैध खनन की खबर “स्वदेश” में प्रमुखता से प्रकाशित हुई थी
  • ⁠सोशल मीडिया में भी एनजीटी के मानकों के विरुद्ध अवैध खनन के कई वीडियो वायरल होने के बावजूद नहीं हुई थी संतोषजनक कार्रवाई

Table of Contents

लखनऊ: लोकसभा चुनाव के बाद उत्तर प्रदेश में आईपीएस अधिकारियों के बाद अब आईएएस अधिकारियों के तबादले भी किए गए हैं।मंगलवार को एक दर्जन से ज्यादा आईएएस अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है। इसमें कई जिलों के जिलाधिकारी बदल दिए गए है। कौशाम्बी, मुरादाबाद, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, सहारनपुर, कासगंज, बांदा व चित्रकूट समेत कई जिलों के डीएम बदल दिए गए है। इसी कड़ी में योगी सरकार की भ्रष्टाचार व भ्रष्टाचारियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति में पलीता लगा रहे जिलाधिकारी कौशाम्बी राजेश कुमार राय को भी मंगलवार शाम को हुए आईएएस अधिकारियों के तबादले में शंट करते हुए मधुसूदन हुकली को जिलाधिकारी कौशाम्बी बनाया गया है।

चुनाव से पहले हुई थी पोस्टिंग, डीएम पर अवैध खनन के कारण लगे गंभीर आरोपों के बाद हटाए गए

गौरलतब है कि बीती 15 मई से लगातार कौशाम्बी के महेवाघाट थानांतर्गत रामनगर/जमुनापुर बालू घाट में अनवरत चल रहे अवैध खनन में जनपद के खनिज अधिकारी अजीत कुमार पाण्डेय और डीएम राजेश कुमार राय द्वारा पट्टेधारक, घाट संचालकों व मुख्य रूप से घाट के खिलाफ किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की। जिसकी खबर भी स्वदेश में समय-समय से प्रकाशित की गई। लेकिन जिला प्रशासन द्वारा कोई कड़ा एक्शन नहीं लिया गया उल्टा खनन माफिया ने स्वदेश के विशेष संवाददाता शिवसागर सिंह के ऊपर तमाम बेबुनियाद आरोप लगाते हुए फर्जी पत्रकार तक बोल डाला, लेकिन योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत आखिरकार डीएम आ ही गए और आखिरकार लोकसभा चुनाव से ठीक पहले पोस्ट हुए डीएम राजेश कुमार राय को तमाम शिकायतों के मद्देनजर हटा दिया गया है।

भ्रष्ट खनिज अधिकारी को आखिर किसका संरक्षण

उत्तरप्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के गृह जनपद कौशाम्बी में अवैध खनन का मामला न सिर्फ उत्तरप्रदेश बल्कि समूचे देश में इस समय चर्चा का विषय बना हुआ था। जिसको मद्देनजर रखते हुए मंगलवार को आई आईएएस अधिकारियों की तबादला सूची में डीएम कौशाम्बी को तो हटा दिया गया है लेकिन एक बड़ा सवाल अभी भी लोगों के दिलोदिमाग पर कौंध रहा है कि आखिर खनिज अधिकारी का कौन सा इतना बड़ा सिस्टम है जो खनन का मुख्य जिम्मेदार होने के बावजूद अपनी कुर्सी से हटने को तो छोड़िए, खिसकने तक को तैयार नहीं है। मामले पर जिला प्रशासन के सूत्रों से पता चला है कि अब नए साहब ही इनका चिट्ठा खोलेंगे और इनको सही जगह पहुंचाएंगे क्योंकि शायद ही उत्तरप्रदेश में इतना बड़ा भ्रष्टाचारी किसी भी जिले में तैनात हो।

आखिर कब होगी खनन माफिया, पट्टेधारक, घाट संचालकों समेत घाट पर वाजिब कार्रवाई

मंगलवार देर शाम हुए आईएएस अधिकारियों के तबादले में भ्रष्ट जिलाधिकारी राजेश कुमार राय के तबादले के बाद लोगों में सुगबुगाहट तो शुरू हो गई है कि 15 मई से स्वदेश में लिखी गई अवैध खनन की खबर का असर तो अब दिखने लगा है लेकिन असली गुनहगारों के खिलाफ कार्रवाई कब होगी। खनन माफिया करवरिया बन्धुओं के प्रयागराज के तिलकनगर, अल्लापुर निवासी गुर्गे पट्टेधारक, घाट संचालक कपिल मुनि करवरिया के बेटे वैभव करवरिया व उसके गुर्गों के साथ साथ अन्य संचालकों पर कब होगी वाजिब कार्रवाई और साथ ही जिस घाट में इतने बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया गया है उसके खिलाफ उचित कार्रवाई कब की जाएगी।

उत्तरप्रदेश: राजधानी लखनऊ समेत प्रयागराज के सीपी हटाए गए, 1995 बैच के अमरेन्द्र कुमार सेंगर को पुलिस कमिश्नर लखनऊ, आईपीएस तरुण गाबा को सीपी प्रयागराज बनाया गया

  • आईपीएस अमरेन्द्र कुमार सेंगर पुलिस कमिश्नर लखनऊ बने
  • आईपीएस तरुण गाबा प्रयागराज के सीपी बने
  • सीपी लखनऊ एस बी शिराडकर को एडीजी ज़ोन लखनऊ बनाया गया
  • सीपी प्रयागराज रमित शर्मा को बरेली ज़ोन का एडीजी बनाया गया

लखनऊ: लोकसभा चुनाव बीतने के बाद अब उत्तरप्रदेश में योगी सरकार ने देर रात 11 सीनियर आईपीएस ऑफिसरों का ट्रांसफर किया है। इस ट्रांसफर लिस्ट में यूपी की राजधानी लखनऊ व प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर भी हटा दिए गए हैं, पुलिस कमिश्नर लखनऊ एस.बी.शिराडकर को लखनऊ जोन का एडीजी बनाया गया है। लखनऊ के नए कमिश्ननर अमरेंद्र कुमार सेंगर होंगे। वह अभी तक एडीजी लखनऊ जोन रहे हैं।

आईपीएस अमरेंद्र कुमार सेंगर लखनऊ पुलिस के नए कमिश्नर बने

आईपीएस अमरेंद्र कुमार सेंगर 1995 बैच के अफ़सर हैं, जिनके पास वर्तमान में लखनऊ जोन के एडीजी का चार्ज है। इससे पहले वह एसएसबी में आईजी रह चुके हैं। साथ ही 2017 में जब लखनऊ से सांसद राजनाथ सिंह देश के गृह मंत्री थे, तब वे उनके OSD थे।

आईपीएस तरुण गाबा बने प्रयागराज पुलिस कमिश्नर

इसके साथ ही पुलिस कमिश्नर प्रयागराज रमित शर्मा को भी हटा दिया गया है। उनको बरेली जोन का एडीजी बनाया गया है। आईजी रेंज लखनऊ के पद पर तैनात तेज तर्रार आईपीएस ऑफिसर तरुण गाबा को पुलिस कमिश्नर प्रयागराज बनाया गया है।

लिस्ट में देखें किसे कहां भेजा गया

⁠लखनऊ में आईपीएस अमरेन्द्र कुमार सेंगर व प्रयागराज में आईपीएस तरुण गाबा को बतौर नए पुलिस कमिश्नर की तैनाती करने के साथ-साथ और भी कई आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। जिन आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं उनमें प्रेमचंद मीना को एडीजी पुलिस आवास निगम लखनऊ, विनोद कुमार सिंह को एडीजी साइबर क्राइम यूपी, प्रकाश डी को अपर पुलिस महानिदेशक रेलवे, जय नारायन सिंह को एडीजी पीटीसी सीतापुर, एलवी एंटनी देव को एडीजी सीबीसीआईडी यूपी, रघुवीर लाल को एडीजी सुरक्षा के साथ ADG एसएसएफ, के सत्यनारायण को अपर पुलिस महानिदेशक यातायात, बीडी पॉल्सन को अपर पुलिस महानिदेशक प्रशिक्षण, प्रशांत कुमार द्वितीय को आईजी रेंज लखनऊ, विद्यासागर मिश्रा को एसपी रामपुर, राजेश द्विवेदी को एसपी कुंभ- प्रयागराज और यमुना प्रसाद को पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर में डीसीपी नोएडा बनाया गया है।

लखनऊ: अन्तिम बड़े मंगल के अवसर पर डीसीपी नॉर्थ कार्यालय में हुआ भव्य भंडारा

  • ⁠डीसीपी नॉर्थ आईपीएस अभिजीत आर शंकर ने विधि-विधान से हनुमान जी की पूजा-अर्चना करने के बाद भंडारे की शुरुआत की
  • बड़े मंगल के अवसर पर पूरे लखनऊ में जगह-जगह चल रहा भंडारा
  • आईटी चौराहे के पास स्थित पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के नॉर्थ ज़ोन के डीसीपी कार्यालय में भी हुआ भंडारा
  • ⁠डीसीपी नॉर्थ के साथ ही एडीसीपी नॉर्थ, ज़ोन के सभी सर्कल के एसीपी, डीसीपी के वाचक राधेश्याम मौर्या व सभी थानों के प्रभारी निरीक्षक समेत काफी संख्या में पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे

लखनऊ: लखनऊ में ज्येष्ठ माह के बड़े मंगल का विशेष महत्व है, जिसे बड़े मंगल के नाम से जाना जाता है। यह त्योहार हर मंगलवार को मनाया जाता है और इसमें भगवान हनुमान की पूजा की जाती है। बड़े मंगल के दौरान, लखनऊ के विभिन्न हिस्सों में भंडारे का आयोजन किया जाता है। यह भंडारा शहर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है और इसमें हजारों लोग शामिल होते हैं।

इसी कड़ी में लखनऊ के आईटी चौराहे के पास स्थित डीसीपी नॉर्थ कार्यालय में भी भंडारा किया गया है। डीसीपी नॉर्थ अभिजीत आर शंकर ने विधि-विधान से हनुमान जी की पूजा-अर्चना करने के बाद भंडारे की शुरुआत की है। इस मौके पर डीसीपी नॉर्थ के साथ ही एडीसीपी नॉर्थ, ज़ोन के सभी सर्कल के एसीपी, डीसीपी के वाचक राधेश्याम मौर्या व सभी थानों के प्रभारी निरीक्षक समेत काफी संख्या में पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे।

भंडारे में कई प्रकार के प्रसादों का भोग लगाते हैं श्रद्धालु

गौरतलब है कि ज्येष्ठ माह में होने वाले इस भंडारे में विभिन्न प्रकार के भोजन, जैसे पूड़ी, सब्जी, हलवा, और शरबत परोसे जाते हैं। इसे आयोजित करने वाले लोग इसे अपनी धार्मिक और सामाजिक जिम्मेदारी मानते हैं। भंडारा लगाने वाले श्रद्धालु सुबह से ही तैयारी में जुट जाते हैं और पूरे दिन लोगों की सेवा करते हैं।

बड़े मंगल के भंडारे में सभी वर्गों के लोग होते हैं शामिल

लखनऊ के बड़े मंगल के भंडारे की खासियत यह है कि इसमें हर जाति, धर्म और वर्ग के लोग शामिल होते हैं, जो आपसी भाईचारे और एकता का संदेश देता है। इस दिन शहर में एक मेले जैसा माहौल होता है, जहां लोग भगवान हनुमान के दर्शन के साथ-साथ भंडारे का प्रसाद ग्रहण करते हैं। इस परंपरा का पालन पीढ़ियों से हो रहा है और यह लखनऊ की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर को दर्शाता है।

साहित्य सम्मान: फ्रांस में “अन्तर्राष्ट्रीय भारत गौरव अवॉर्ड-2024” से विभूषित हुईं वरिष्ठ साहित्यकार डॉ.अंजना सिंह सेंगर

  • सम्मानित होकर लखनऊ लौटीं डॉ.अंजना सिंह सेंगर ने पत्रकार वार्ता में साझा किए अनुभव
  • प्रतापगढ़ निवासी साहित्यकार डॉ.अंजना ने फ्रांस में सम्मानित होकर बढ़ाया उत्तर प्रदेश का गौरव

लखनऊ: सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ.अंजना सिंह सेंगर को साहित्य, शिक्षा एवं समाजसेवा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए फ्रांस के प्रतिष्ठित ‘अंतरराष्ट्रीय भारत गौरव अवॉर्ड-2024’ से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें फ्रांस सीनेट पेरिस के लक्जमबर्ग पैलेस में हुए भव्य सम्मान समारोह में 5 जून को दिया गया। इसमें मुख्य अतिथि फ्रांस सीनेट के उप सभापति डोमिनिक थेफिल, सीनेट सदस्य फ्रेडरिक बुवाल, फ्रांस में भारत के काउंसलेट जनरल प्रवीण कुमार मिश्रा, मेहंदीपुर बालाजी दरबार के महंत डॉ.नरेश पुरी गोस्वामी महाराज थे। उक्त जानकारी डॉ.अंजना सिंह सेंगर ने रविवार को यूपी प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में दी। सम्मानित होने के बाद लखनऊ लौटीं डॉ.अंजना ने पत्रकारों से अपने अनुभव साझा किए। इस दौरान पूर्वांचल विकास बोर्ड के सदस्य विजय विक्रम सिंह एवं वरिष्ठ पत्रकार अतुल प्रताप चौहान मौजूद रहे।

डॉ.सेंगर ने बताया कि संस्कृति युवा संस्था ने फ्रांस की संसद में आयोजित भव्य 13वें अंतर्राष्ट्रीय भारत गौरव अवॉर्ड समारोह-2024 में अपने-अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि अर्जित करने वाले भारतवासियों और दुनिया के 18 देशों में बसे भारतवंशियों को सम्मानित किया। फ्रांसीसी संसद के उप सभापति डॉ.डोमनिक थियोफिले, सांसद फ्रेडरिक बुवल, संस्था के अध्यक्ष पंडित सुरेश मिश्रा, मेहंदीपुर बालाजी धाम के महंत डॉ.नरेश पुरी महाराज, अमेरिका के प्रमुख व्यवसायी इंद्रजीत शर्मा, फ्रांस सरकार के प्रतिनिधि, सांसद, दूतावास के अधिकारियों समेत गणमान्य की उपस्थिति रही। संस्कृति युवा संस्था यह अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार समारोह 2012 से अनवरत कर रही है। यह अवार्ड संस्था द्वारा विविध क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान करने वाली विभूतियों को विशेष विश्लेषण के बाद दिया जाता है।

साथ ही डॉ. सिंह ने बताया कि संस्था ने उत्कृष्ट साहित्य लेखन से प्रभावित होकर उनका नाम सम्मान हेतु चयनित किया। साहित्य उनके जीवन की धड़कन है जब कभी लिखना नहीं हो पाता तो लगता है जीवन शून्य हो गया है। उन्होंने कहा कि साहित्य प्रेमियों को समृद्ध एवं सार्थक साहित्य देना उनके जीवन का मुख्य उद्देश्य है। इसमें साहित्य की छंद परम्परा पर प्रमुखता से कार्य कर रही हूं। साहित्य समाज का दर्पण होने के साथ-साथ शिल्पकार भी होता है, क्योंकि उत्कृष्ट साहित्य अच्छे समाज का निर्माण करता है। डॉ.अंजना सिंह को साहित्य के लिए उत्तर प्रदेश सरकार का प्रतिष्ठित सम्मान भी मिल चुका है। इसके साथ ही अमेरिका एवं दुबई में साहित्य विधा में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया जा चुका है।

साहित्य साधना के लिए छोड़ी भारत सरकार की सेवा

डॉ.अंजना सिंह सेंगर ने बताया कि वर्ष 2016 में उन्होंने साहित्य साधना के लिए भारत सरकार की सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर स्वयं को लेखन के लिए समर्पित कर दिया था। माता सीता पर रचित खण्डकाव्य समेत अब तक उनकी 6 पुस्तकें मन के पंख, जुगनू की जंग, अगर तुम मुझसे कह देते गजल संग्रह (हिंदी एवं उर्दू), जनमानस के महाराज प्रकाशित हो चुकी हैं।

35 विभूतियों को मिला भारत गौरव सम्मान

डॉ.अंजना सिंह सेंगर ने ब ताया कि उनके साथ ही ‘अंतरराष्ट्रीय भारत गौरव अवॉर्ड-2024’ में भारत की कई अन्य विभूतियों को भी सम्मानित किया गया था। इसमें बॉलीवुड एक्टर अन्नू कपूर, फैशन डिजाइनर मनीष त्रिपाठी (रामलला के कपड़े डिजाइन करने पर), संस्कार टीवी के सीईओ मनोज त्यागी, एबीपी न्यूज के एक्जीक्यूटिव एडिटर इंद्रजीत राय, दैनिक भास्कर ग्रुप के मैनेजिंग एडीटर जगदीश शर्मा समेत कई पद्म भूषण एवं पद्मश्री विजेताओं समेत 35 विशेष लोगों को सम्मानित किया गया।

भारत गौरव अवॉर्ड से अब तक सम्मानित होने वाले प्रमुख भारतीय

डॉ.अंजना सिंह सेंगर को जिस सम्मान से नवाजा गया है। इससे पहले उसी सम्मान से श्री श्री रविशंकर (आध्यात्मिक गुरु), मनोज कुमार (अभिनेता), डॉ.कैलाश सत्यार्थी (नोबेल पुरस्कार विजेता), इंद्र नुई (बिजनेस लीडर), जगजीत सिंह (गजल किंग), सुभाष चंद्रा (एमडी जी मीडिया), गोपीचंद हिंदुजा (हिंदुजा ग्रुप-यूके), सरीला स्वामी प्रभुपाद (फाउंडर-इस्कॉन), डॉ.रमेश पोखरियाल निशंक (पूर्व केंद्रीय मंत्री), डॉ.नरेश त्रेहान (लोकप्रिय चिकित्सक), नवीन जिंदल (बिजनेस लीडर), जया किशोरी (आध्यात्मिक वक्ता), आचार्य लोकेश मुनि (आध्यात्मिक वक्ता) और डॉ.बिन्देश्वर पाठक (सुलभ इंटरनेशनल) आदि लोग अभी तक इस सम्मान से सम्मानित किए जा चुके हैं और विदेशों में भी भारत का नाम रोशन कर चुके हैं।