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जातिवाद अंधकारमय है, डिजिटल शिक्षा में होगा युवाओं का उज्ज्वल भविष्य- डॉ.राजेश्वर सिंह

  • सरोजनीनगर से लोकप्रिय भाजपा विधायक डॉ.राजेश्वर सिंह ने किया 2 नए रण बहादुर सिंह डिजिटल शिक्षा एवं युवा सशक्तिकरण केन्द्रों का लोकार्पण
  • सरोजनीनगर में विधायक राजेश्वर सिंह स्थापित करवा रहे 100 डिजिटल एजुकेशन एवं यूथ एंपावरमेंट सेंटर, फ्री कंप्यूटर ट्रेनिंग के साथ सुलभ होगा जनसुविधाओं का लाभ
  • इन सभी केन्द्रों पर युवाओं को मिलेगी डिजिटल स्किल्स की फ्री ट्रेनिंग
  • 30 कम्पूटर प्रदान कर डॉ.राजेश्वर सिंह ने स्थापित कराये 6 रण बहादुर सिंह डिजिटल शिक्षा एवं युवा सशक्तिकरण केन्द्र
  • साथ ही उन्होंने कहा कि युवाओं में डिजिटल स्किल बढ़ाने के लिए स्थापित होंगे 100 केंद्र

लखनऊ: सरोजनीनगर के युवाओं को डिजिटल संसाधन तथा ट्रेनिंग प्लेटफॉर्म प्रदान करने के सतत क्रम में विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने वृहस्पतिवार को स्कूटर इंडिया प्रथम गेट, कानपुर रोड, सरोजनीनगर तथा हुल्ली खेड़ा, पिपरसण्ड, निकट रेलवे स्टेशन स्थित विजय लाइब्रेरी सक्सेस पॉइंट पर क्रमशः पांचवें और छठे रण बहादुर सिंह डिजिटल शिक्षा एवं युवा सशक्तिकरण केन्द्रों का लोकार्पण किया। इस दौरान हुल्ली खेड़ा, पिपरसण्ड केंद्र पर सोलर लाइट व हैण्ड पंप स्थापित कराने की घोषणा भी की।

इन केन्द्रों पर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा सीएसआर फण्ड के माधयम से 5 -5 कंप्यूटर, इन्टरनेट, फर्नीचर व अन्य आवश्यक संसाधन प्रदान किये गये हैं। सरोजनी नगर विधायक का कहना है कि इन केन्द्रों पर युवाओं को डिजिटल टूल (एमएस वर्ड, एमएस एक्सेल, ओएस, टैली आदि) का निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाता हैं। साथ ही इन केन्द्रों के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकारों की जनकल्याणकारी योजनाओं जैसे पेंशन, सम्मान निधि, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, पीएम सूर्यघर फ्री बिजली योजना आदि का लाभ भी स्थानीय लोगों को मिल सकेगा। विधायक ने आगे जोड़ा मेरा लक्ष्य सरोजनीनगर में इस तरह के 100 केन्द्रों की स्थापना का है, ताकि सभी युवाओं को डिजिटल शिक्षा का लाभ मिल सके, इन केन्द्रों पर संचालित विभिन्न कंप्यूटर कोर्स साथ डाटा एंट्री और वीडियो एडिटिंग के कोर्स भी शुरू किये जायेंगे।

इस दौरान उपस्थित जन समूह को संबोधित करते हुए सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि जातिवाद की राजनीति युवाओं को पीछे ले जाती है, सरोजनीनगर में योग्यता को प्रोत्साहन मेरा प्रयास है, युवाओं के उज्जवल भविष्य का निर्माण मेरी सर्वोपरि प्राथमिकता है। शिक्षा का महत्व जाति, धर्म, लिंगभेद से बहुत ऊपर है, शिक्षा युवाओं को शिखर पर पहुंचा सकती है। शिक्षा ही परिवार, समाज और देश को आगे ले सकती है।

डिजिटल शिक्षा का महत्व बताते हुए डॉ. राजेश्वर सिंह ने आगे कहा कि 20 साल पहले किसी ने हर हाथ मोबाइल फोन और हर गांव इन्टरनेट पहुंचने की कल्पना नहीं की थी, लेकिन आज देश भर में 83 करोड़ मोबाइल फोन हैं जो अगले 3-4 सालों में बढ़कर 120 करोड़ हो जायेंगे। ये भारत में डिजिटल क्रान्ति का प्रभाव है, आज साक्षरता के मायने बदल चुके हैं जो बच्चे डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ जायेंगे, वे अपने जीवन में पीछे रह जायेंगे। अगले 3 सालों में सृजित होने वाली करीब 3 करोड़ नौकरियों के लिए डिजिटल टूल का ज्ञान सर्वाधिक महत्वपूर्ण होगा।

कोरोना काल में शिक्षा के बदले पैटर्न पर बात करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि कोरोना काल में विश्व के हर 10 में से 9 बच्चों की पढ़ाई बाधित हुई, भारत में सर्वाधिक 82 सप्ताह तक स्कूल बंद रहे, जिस कारण 28.6 करोड़ से अधिक Students की पढ़ाई प्रभावित हुई। उस समय डिजिटल शिक्षा हमारे छात्रों का सहारा बनीं और आज युवाओं के उज्जवल भविष्य का सशक्त स्तम्भ है। आज 92% नौकरियों के लिए डिजिटल स्किल्स आवश्यक होती हैं, वर्ष 2026 तक डिजिटल स्किल्स में निपुण करीब 3 करोड़ वर्कफ़ोर्स व 50% परंपरागत वर्कफ़ोर्स को रिस्किल किये जाने की आवश्यकता होगी। इस दौरान नेहा रावत, अनूप कुमार, विजय कुमार भाजपा नेता नानक चंद लखमानी, राजेश सिंह चौहान, शंकरी सिंह, पार्षद राम नरेश रावत, गीता देवी एवं कमलेश सिंह, सौरभ सिंह ‘मोनू’, लवकुश रावत, मंडल अध्यक्ष केके श्रीवास्तव, शिव कुमार सिंह ‘चच्चू’, भुवनेंद्र सिंह मुन्ना, सुभाष पासी एवं अन्य भाजपा नेता व स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

UPSTF को मिली बड़ी सफलता: लड़कियों की न्यूड तस्वीरें बनाकर सोशल मीडिया में वायरल करने की धमकी देने वाले को दबोचा

TRUENEWSUP
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  • AI/Deepfake के माध्यम से लड़कियों की न्यूड इमेज बनाकर इंस्टाग्राम/ सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल
  • लड़कियों के चैटिंग के स्क्रीनशॉट व लड़कियों के न्यूड फोटो व कई कूटरचित दस्तावेज भी एसटीएफ ने बरामद किया

लखनऊ: एसटीएफ ने लड़कियों की न्यूड इमेज बनाकर इंस्टाग्राम सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने वाले साइबर क्रिमिनल को गिरफ्तार किया है। AI/Deepfake के माध्यम से लड़कियों की न्यूड इमेज बनाकर इंस्टाग्राम/ सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने वाले साइबर क्रिमिनल रब्बानी को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है।

एसटीएफ द्वारा पकड़ा गया अभियुक्त रब्बानी जनपद बाराबंकी का रहने वाला बताया जा रहा है पकड़े गए अभियुक्त के पास से लड़कियों के चैटिंग के स्क्रीनशॉट व लड़कियों के न्यूड फोटो व कई कूटरचित दस्तावेज भी एसटीएफ ने बरामद किया है।

एसटीएफ ने पकड़े गए अभियुक्त रब्बानी को मटियारी चौराहे से चिनहट थाने की तरफ लगभग 500 से 700 मीटर बाई तरफ मिट्टी के बर्तनों की दुकान के पास लखनऊ से ही गिरफ्तार किया है। एसटीएफ द्वारा पकड़े गए अभियुक्त रब्बानी के ऊपर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

डिजिटल स्किल से युवाओं के लिए खुलेंगे 10 करोड़ नई नौकरियों के द्वार- डॉ.राजेश्वर सिंह

  • डॉ.राजेश्वर सिंह ने बताया कि स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना सीएम योगी की दूरदर्शी पहल
  • आर्यकुल कॉलेज के 172 मेधावियों को डॉ. राजेश्वर सिंह ने प्रदान की टैबलेट्स डिवाइस
  • चंद्रा पैरोनोमा आरडब्लूए, सुशांत गोल्फ सिटी में डॉ. राजेश्वर सिंह ने स्थापित की लाइब्रेरी, कहा कम्युनिटी सेंटीमेंट बढ़ाती है लाइब्रेरी
  • चंद्रा पैरोनोमा सोसाइटी स्थित हनुमान मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने प्रदान किए 2 लाख रुपए
  • चंद्रा पैरोनोमा सोसाइटी में डॉ. राजेश्वर सिंह ने स्थापित की लाइब्रेरी, 10 बेंच, मंदिर के लिए दिए 2 लाख, युवाओं को प्रदान की स्पोर्ट्स किट
  • सरोजनीनगर की आरडब्लूए को लाइब्रेरी प्रदान कर रहे डॉ. राजेश्वर, अबतक 7 आरडब्लूए में स्थापित हुई लाइब्रेरी, लक्ष्य सभी 104 आरडब्ल्यूए
  • डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा: इच्छाशक्ति, सतत परिश्रम और उद्देश्य निर्धारित कर कोई भी लक्ष्य पा सकते हैं युवा

लखनऊ: राजधानी लखनऊ की सरोजनीनगर विधानसभा से जनप्रिय भाजपा विधायक डॉ.राजेश्वर सिंह ने मंगलवार को सुशांत गोल्फ सिटी स्थित चंद्रा पैरोनोमा में बच्चों और सभी रेजिडेंट सदस्यों के लिए विभिन्न लेखकों, महापुरुषों द्वारा लिखी गयी 170 से अधिक किताबें प्रदान कर लाइब्रेरी की स्थापना की। इसके साथ ही विधायक ने सोसाइटी स्थित हनुमान मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए 2 लाख रुपए प्रदान करने और आरडब्लूए में 10 बेंच उपलब्ध कराने के लिए आश्वस्त किया और बच्चों को क्रिकेट किट प्रदान कर सम्मानित किया।

इस अवसर पर मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि लाइब्रेरी लोगों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, लाइब्रेरी के माध्यम से बौद्धिक विकास और ज्ञान विस्तार सुनिश्चित होता है। आरडब्लूए में कम्युनिटी सेंटीमेंट बढ़ाने के लिए मैने लाइब्रेरी की स्थापना की पहल शुरू की है।

सरोजनीनगर विधायक ने आगे जोड़ा कि किताबें हमारी सबसे अच्छी मित्र होती है, किताबें पढ़ना सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। लाइब्रेरी बौद्धिक विकास का महान मंच है, जो सीखने की क्षमता और ज्ञान को बढ़ाती हैं। संस्कृति मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार देश भर में करीब 54,856 पब्लिक लाइब्रेरी हैं, ये लाइब्रेरी हमारी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित – संवर्धित करने नागरिक अधिकारों को प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। साथ ही डॉ.सिंह ने आरडब्लूए रेजिडेंट्स को क्लीन, ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने और सतत विकास की ओर आगे बढ़ने के लिए सोलर एनर्जी को के उपयोग को बढ़ाने का आह्वान किया। विधायक ने कहा कि सोलर को बढ़ावा देकर हाउसिंग सोसाइटी एक मॉडल प्रस्तुत करें जहां अपना सोलर प्लांट स्थापित कर बिजली बिल शून्य करने का प्रयास करें।

विधायक डॉक्टर राजेश्वर सिंह ने बताया कि सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र में सोलर अभियान संचालित किया गया जिसके परिणामस्वरूप लखनऊ में सर्वाधिक सोलर पैनल स्थापित हुए हैं। उन्होंने बताया कि मेरा लक्ष्य विधानसभा क्षेत्र के सभी 104 आरडब्लूए में लाइब्रेरी स्थापित करना है, अबतक 7 आरडब्लूए में लाइब्रेरी स्थापित की जा चुकी हैं। डॉ०सिंह ने युवाओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए ओपन एयर जिम की स्थापना को महत्वपूर्ण बताई हुए कहा कि देश में करीब 10 करोड़ लोग प्री डायबिटीज स्टेज पर हैं, दुर्भाग्यवश भारत को डायबिटीज कैपिटल कहा जाने लगा है। सरोजनीनगर में स्वास्थ्य को प्राथमिकता पर रखकर निरंतर ओपन एयर जिम स्थापित किए का रहे हैं, अब तक 54 ओपन एयर जिम स्थापित किए जा चुके हैं। कार्यक्रम में आरडब्लूए अध्यक्षा डिम्पी बाजपेई, सचिव सीमा जैन, कोषाध्यक्ष आशीष प्रकाश, आरके मिश्रा, ब्रिगेडियर सिशोदिया, आरके खरे, रीता, आरके बैद्य, ए के सिंह, एस बी सिंह, आरके सक्सेना, एमएल सिंह, राय आर्यन, गौरव पाण्डेय, अनिल कुमार सिंह एके ओझा, आरके माहेश्वरी, के एस सेंगर, एसकेडी एकेडमी के निदेशक मनीष सिंह, भाजपा नेता शंकरी सिंह, रामशंकर त्रिपाठी, मोहित तिवारी, हिमांशु वर्मा, शैलेन्द्र सिंह, पार्षद के एन सिंह, मुकेश यादव, सुमन राठौर आदि मौजूद रहे।

आर्यकुल कॉलेज के 172 मेधावियों को प्रदान की टैबलेट डिवाइस

सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने मंगलवार को नटकुर स्थित आर्यकुल ग्रुप ऑफ़ कॉलेजेस में उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संचालित स्वामी विवेकानंद युवा तकनीकी सशक्तिकरण योजना के 172 लाभार्थी मेधावी छात्र – छात्राओं को टैबलेट, स्मार्ट फोन डिवाइस प्रदान की।

इस अवसर पर छात्र – छात्राओं का मार्गदर्शन करते हुए सरोजनीनगर विधायक ने कहा कि टैबलेट, स्मार्टफोन, लैपटॉप आदि डिजिटल डिवाइस अवसरों की दुनिया के द्वार खोलती हैं। सीएम योगी की दूरदर्शी पहल ‘स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना’ के अंतर्गत प्रदेश के मेधावियों को डिजिटल डिवाइसेस प्रदान की जा रही हैं। डॉ. सिंह ने युवाओं का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि डिजिटल डिवाइसेस के माध्यम से आज विश्व का हर ज्ञान युवाओं की उँगलियों पर है, आने वाले समय में डिजिटल शिक्षा ही युवाओं का भविष्य है। युवा शक्ति को अपनी डिजिटल स्किल अपग्रेड करना होगा, अगले 3 साल में डिजिटल स्किल के अनुरूप 8.5 नौकरियों का स्वरुप बदलेगा जिससे करीब 10 करोड़ नए अवसर सृजित होंगे।

हर पीढ़ी के पास अपनी चुनौतियाँ होती हैं, 800 वर्षों की गुलामी के बाद 1947 में जब भारत आजाद हुआ तब हमारे पूर्वजों ने भोजन की चुनौती का सामना किया, भारत आज 325 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन कर करीब 50 देशों को निर्यात भी कर रहा है। आज भारत में विश्वस्तरीय रिसर्च संस्थान और सर्वाधिक संसाधन है, इन संसाधनों का प्रयोग कर युवाओं को भारत को नेक्स्ट हाईट पर पहुंचाना है। युवा दृढ इच्छाशक्ति, सतत परिश्रम और निश्चित उद्देश्य स्थापित कर कोई भी लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं। सरोजनीनगर में मेधावियों को निरंतर सम्मानित किया जा रहा है, 25 कॉलेज में डिजिटल लैब स्थापित की गयी, 10 कॉलेज में स्मार्ट पैनल स्थापित किये गए, हर गाँव में युवा सशक्तिकरण केंद्र स्थापित किये जा रहे है। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए डॉ.सशक्त सिंह जी, स्वदेश तिवारी, आदित्य सिंह, अंकिता अग्रवाल, हर्ष नारायण, बी. के. सिंह, प्रणव पाण्डेय एवं पूरे आर्यकुल परिवार को बधाई दी। इस दौरान भाजपा नेता वीरेन्द्र तिवारी, शंकरी सिंह, भरत सिंह, पार्षद संजीव अवस्थी व केएन सिंह उपस्थित रहे।

किताबें बौद्धिक विकास के साथ मानसिक स्वास्थ्य लिए भी वरदान हैं- डॉ. राजेश्वर सिंह

  • भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह की अनोखी पहल: 5 आरडब्ल्यूए को प्रदान की लाइब्रेरी, लक्ष्य सभी 104 आरडब्ल्यूए में लाइब्रेरी की स्थापना करना है लक्ष्य
  • उन्होंने बताया कि किताबें आत्मा का दर्पण हैं, 6 मिनट किताब पढ़ने से घट जाता है 68% तक तनाव, बढ़ती है मस्तिष्क की कार्यक्षमता
  • उपलब्धता, संवाद एवं समस्याओं का समाधान के संकल्प के साथ डॉ. राजेश्वर सिंह ने की जनसुनवाई, मेधावी छात्र टैब देकर किया सम्मानित

लखनऊ: यूपी की राजधानी लखनऊ सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा आरडब्ल्यूए को पुस्तकालय दान करने की पहल के अंतर्गत बुधवार को अपने आशियाना आवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान अपनी विधानसभा क्षेत्र के 5 आरडब्ल्यूए सेलिब्रिटी गार्डन, पैराडाइस क्रिस्टल, सरयू एन्क्लेव, गोमती एन्क्लेव, कृष्णलोक कॉलोनी की रेजिडेंट वेलफेयर सोसाइटीज को लाइब्रेरी की स्थापना के लिए ज्ञान, विज्ञान और अनुसंधान से सम्बंधित पुस्तकें प्रदान कर की।

इस अवसर पर उपस्थित आरडब्लूए सदस्यों को संबोधित करते हुए विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि किताबों जितना वफ़ादार कोई दोस्त नहीं होता, उपहार के रूप में किताब देना आपकी संवेदनशीलता, विचारशीलता और देखभाल के भाव के एक गहरे संकेत के रूप में प्रदर्शित होता है। दुनिया में एकमात्र सच्ची बराबरी किताबें हैं; लाइब्रेरी सभी आने वालों के लिए एकमात्र खुला खजाना है; एकमात्र धन जो नष्ट नहीं होगा वह ज्ञान है; एकमात्र गहना जिसे आप कब्र से परे ले जा सकते हैं वह ज्ञान है। पुस्तकें ज्ञान का भंडार हैं, जो हमें जीवन जीने का तरीका सिखाती हैं। किताबे सबसे शांत और सदाबहार दोस्त हैं; ये सबसे सुलभ और बुद्धिमान काउंसलर हैं, और सबसे धैर्यवान शिक्षक हैं।

विधायक डॉ. सिंह ने कहा कि किताबें पढ़ने का महत्व मुझे तब समझ आया जब मैं सिविल सेवा की तैयारी कर रहा था। मैं हमेशा संदर्भित पुस्तकें पढ़ता हूं और पुस्तकालयों में जाना भी पसंद करता हूँ। पुस्तकालयों की स्थापना के विषय में बात करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि सार्वजानिक पुस्तकालय मायने रखते हैं! 140 करोड़ की आबादी वाले भारत में, एक बड़ी आबादी अपने मौलिक अधिकारों से अनभिज्ञ है और उन्हें हमारे समृद्ध सांस्कृतिक इतिहास की जानकारी नहीं है। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अनुसार, देश भर में 54,856 सार्वजनिक पुस्तकालय हैं, पुस्तकालय हमारी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और बढ़ावा देने वाली जानकारी, अधिकारों के बारे में ज्ञान और संसाधनों तक पहुंच प्रदान करके इन अंतरालों को पाटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

भारत में प्रिंट मीडिया की ऐतिहासिक भूमिका पर बात करते हुए विधायक ने कहा कि भारत में छपाई लगभग चौथी शताब्दी ईस्वी में बौद्ध धर्मग्रंथों के लिए उपयोग की जाने वाली वुडब्लॉक तकनीक से शुरू हुई, पंजाब केसरी और द हिंदुस्तान टाइम्स जैसे समाचार पत्रों ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 1780 में स्थापित बंगाल गजट ने भी इस अवधि के दौरान जनमत को आकार देने और राष्ट्रवादी भावनाओं को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसलिए, एक मजबूत सार्वजनिक पुस्तकालय बुनियादी ढांचा जागरूक और सक्रिय नागरिकों के इस समूह को तैयार करने में काफी मदद कर सकता है।

पुस्तकालय के लाभ पर चर्चा करते हुए डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि पुस्तकालयों के माध्यम से बौद्धिक विकास और ज्ञान विस्तार सुनिश्विचित होता है, पुस्तकालय विविध विषयों पर व्यापक ज्ञान प्राप्ति तथा पेशेवरों द्वारा तैयार की गई विश्वसनीय जानकारी लोगों तक पहुंचाने का उत्कृष्ट माध्यम हैं। पुस्तकालय समुदायिक भावना को बढ़ावा देते हैं, पुस्तकलय सामाजिक संपर्क और विचार विनिमय को प्रोत्साहित करते है, आयोजनों और कार्यशालाओं के माध्यम से अपनेपन की भावना पैदा करते है, सभी तक पहुंच प्रदान करके समावेशिता को बढ़ावा देते हैं।

समाज में बढती इंटरनेट और मल्टीमीडिया स्क्रॉलिंग की लत पर चिंता व्यक्त करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि 88 करोड़ से अधिक इंटरनेट उपयोगकर्ताओं और 71% स्मार्टफोन पहुंच दर के साथ, भारतीय प्रतिदिन छह घंटे से अधिक इंटरनेट पर बिताते हैं, जो विश्व स्तर पर सबसे अधिक है। औसत भारतीय हर महीने 24.1 जीबी मोबाइल डेटा का उपभोग करता है, भारतीय अक्सर इंटरनेट एक्सेस के लिए प्रति घंटा डेटा पैक भी खरीदते हैं। लाइब्रेरी अनावश्यक रूप से मोबाइल स्क्रॉल करने के विकल्प के रूप में फुर्सत में पढ़ने को प्रोत्साहित करती है, जानकारियों के ध्यानपूर्वक उपभोग को बढ़ावा देती है।

लाइब्रेरी के कारण स्वास्थ्य लाभ पर चर्चा करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि लाइब्रेरी तनाव को कम करती हैं; छह मिनट तक पढ़ने से तनाव 68% तक कम हो जाता है, संज्ञानात्मक जुड़ाव के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होता है, नए विचारों और जटिल आख्यानों के साथ मस्तिष्क की कार्यक्षमता में वृद्धि होती है। विधायक ने आगे जोड़ा कि लाइब्रेरी डिवीजन से अधिक ज्ञान को बढ़ावा देती हैं, लाइब्रेरी ज्ञान के लिए पढ़ने को प्रोत्साहित करती हैं, शिक्षा, ज्ञानोदय और सामाजिक बेहतरी के मूल्यों का प्रतिनिधित्व करती है।

इस अवसर पर विधायक डॉ. सिंह ने पढने के लिए कुछ प्रसिद्ध प्रेरणादायक पुस्तकें जिनमें हिंदी की पुस्तकें रामधारी सिंह दिनकर की रश्मिरथी, सुभद्रा कुमारी चौहान की कादम्बिनी और रबीन्द्र नाथ टैगोर की गीतांजलि, अंग्रेजी में डॉ. अब्दुल कलाम की विंग्स ऑफ फायर, रॉबिन शर्मा की द मॉन्क हू सेल्ड हिज फेरारी, पाउलो कोएल्हो की अलकेमिस्ट तथा भगवत गीता और रामायण का उल्लेख किया।

कार्यक्रम के अवसर पर सेलिब्रिटी गार्डन के एक्सिक्यूटिव मेंबर अरुण कुमार, पैराडाइज क्रिस्टल के जनरल सेक्रेटरी अमित तिवारी, एक्जीक्यूटिव मेंबर डीपी सिंह, सरयू एनक्लेव की प्रेसिडेंट मीना सिंह, गोमती एनक्लेव के वाइस प्रेसिडेंट विवेक राय, सेक्रेटरी श्वेता तिवारी, मेंबर संजय पंजाबी तथा कृष्णलोक कॉलोनी के सेक्रेटरी डॉ अजीत कुमार उपस्थित रहे।

सुनीं जनता की समस्याएँ, मेधावी को टैब देकर किया सम्मानित

बुधवार को सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने पराग चौराहा आशियाना स्थित अपने कार्यालय पर बड़ी संख्या में उपस्थित क्षेत्रवासियों की समस्याएँ सुनीं और उनके शीघ्र व प्रभावी समाधान के लिए आश्वस्त किया, इस दौरान सेक्टर H, आशियाना निवासी मेधावी छात्र रवि यादव को टैब प्रदान कर सम्मानित भी किया और नेशनल सेस्टोबॉल प्रतियोगिता में पूरे उत्तर प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त करने वाली अनुकृति सिंह चौहान को भी सम्मानित किया।

खनन माफिया: जरायम की दुनिया के दबंग, प्रयागराज के करवरिया एंड संस

  • खुलेआम अवैध खनन करवाने के आरोप लगने के बाद खनन माफिया के सहयोगी डीएम को हटाया गया, बेलगाम खनिज अधिकारी अभी भी माल काट रहा
  • पेशेवर अपराधी व दबंग खनन माफिया करवरिया बन्धुओं का दशकों का है आपराधिक इतिहास
  • प्रयागराज में 1996 में चर्चित विधायक जवाहर पंडित उर्फ जवाहर यादव हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे करवरिया
  • दिनदहाड़े हुए विधायक जवाहर पंडित हत्याकांड में पहली बार AK47 जैसे खतरनाक असलहे के इस्तेमाल होने की पुष्टि हुई थी
  • इसके बाद 2007 में प्रयागराज के महेवा स्थित एक बालू घाट में कारोबारी विजय महरा की दिनदहाड़े हुई हत्या में भी इनका नाम चर्चा में आया था लेकिन दुश्मनी की डर से परिजनों की तरफ से एफआईआर न पंजीकृत करवाने पर बेदाग बचे

लखनऊ: उत्तरप्रदेश में भले ही सीएम योगी आदित्यनाथ अपराध व अपराधियों को खत्म करने के लिए तमाम सारे अभियान चला रहे हों लेकिन अभी भी ऐसे माफिया बचे हुए हैं जो कई दशकों से अपने काले कारनामों का साम्राज्य तो फैलाए हुए हैं लेकिन सत्तारूढ़ दल का कोई न कोई सदस्य का हांथ होने के चलते उनके खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हो पाती है।पेशेवर माफियाओं व अपराधियों की पूरी कुंडली तो लगभग सभी के पास होती ही है लेकिन हमें लगा कि शायद राजनीति का चोला ओढ़े हुए इन माफियाओं के बारे में शायद ही आपको कोई जानकारी हो।

दरअसल, हाल ही में हमने कौशाम्बी जनपद में जिस पेशेवर अपराधी व खनन माफिया के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है, वो करवरिया बन्धुओं का मामला है। ये सबको मैनेज करके चलने वाले माफिया हैं और ऊपर से अभी तक राजनीतिक चोला ओढ़े हुए थे। फिलहाल अब इनके पास कोई भी राजनीतिक पद नहीं है लेकिन इससे पहले ये जिला पंचायत अध्यक्ष, सांसद, विधायक, एमएलसी रह चुके हैं और मैनेजमेंट करके तमाम माफियागिरी वाले कार्यों में सदैव मुख्य धारा में बने रहे। इनकी एक और विशेषता रही कि ये तीनों भाई ये कभी भी एक पार्टी विशेष के नहीं रहे, ये अलग अलग पार्टियों में रहे और सत्तासीन पार्टी में एक्टिव नेता बनकर रहे। इससे पहले राजनीति में होने के कारण आज तक इनका नाम उस स्तर के अपराधियों में नहीं लिखा गया जबकि ये शार्प माइंड खूंखार पेशेवर ऐसे अपराधी हैं, जो घटना स्वयं कारित नहीं करते हैं बल्कि इनका अपना एक बड़ा नेटवर्क भी है। जिसमें देश व प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों के शूटर भी हैं। उन्हीं के बल पर ये लोग तमाम अनैतिक गतिविधियों को अंजाम तक पहुंचाने का काम करते हैं। इनके पिताजी से लेकर इनके बेटों तक की प्रवृत्ति में कोई बदलाव नहीं आया है, मतलब ये लोग पुश्तैनी माफिया हैं।

इन लोगों के पास पूर्व में शराब के बड़े कारोबार से लेकर, चीनी मिल जैसे कई बड़े कारोबार थे उसके बाद इन लोगों ने खुद को अपडेट करते हुए राजनीतिक पकड़ बनाई और काली कमाई का सबसे मुख्य अड्डा यानी बालू खनन को अपना मुख्य कारोबार बनाया। जिसमें इन्हीं के लोगों के मुताबिक बालू घाटों से बोरों में भरकर रुपए जाते थे जिसका न तो कोई टैक्स होता था और न ही कोई बिल होता था, शायद इसीलिए उन्होंने जरायम की दुनिया में स्वयं को एक बादशाह के तौर पर स्थापित भी कर लिया। इसके साथ ही इन लोगों ने प्रयागराज व कौशाम्बी में होटल, पेट्रोल पंप, कोल्ड स्टोर, जमीन के कारोबार के साथ ही कौशाम्बी के महेवाघाट थानांतर्गत रामनगर में प्राथमिक विद्यालय से लेकर नदी के किनारे तक गरीब बस्ती में अवैध कब्जा कर ऑफिस के नाम पर अपना झंडा बुलंद किया उसके बाद औने पौने दाम पर लोगों की जमीनें लिखवाया और आलम यह रहा कि लिखवाया 10 बिस्वा तो 2 बीघे में कब्जा किया। ये जहां भी खड़े हो जाते लोग दूर हटने को विवश हो जाते और उसके बाद परिणाम यह निकला कि जहां भी ये चाहते थे लोगों से उनकी जमीनों तक का बैनामा ले लेते थे। कौशाम्बी जनपद के महेवाघाट थानांतर्गत रामनगर में यमुना नदी के किनारे में बने ऑफिस और उसके आसपास एवं जमुनापुर मोड़ से ठीक आगे जिस जगह पर कोल्ड स्टोर बना हुआ है, वो जगह इसका जीता जागता प्रमाण है।

इसी कड़ी में राजधानी लखनऊ व नोएडा जैसे कई और महानगरों में भी कई सारे मकान, रेस्टोरेंट के अलावा कई सारी अघोषित संपत्तियां हैं। इन्हीं संपत्तियों के नशे में चूर होकर इन माफिया बन्धुओं ने आज तक किसी को भी सामने खड़ा होने तक की इजाजत नहीं दी, चाहे वो राजनीति हो या फिर बिजनेस, जिस भी जगह पर इनके सामने किसी ने आने का दु:साहस किया, इन्होंने उसे अपने पैसे व रसूख के चलते कहीं का नहीं छोंडा, या तो उसकी हत्या करवा दिया या फिर अपने गुर्गों से तब तक टॉर्चर करवाया, जब तक वो सरेंडर नहीं हुआ।

1996 में हुआ तत्कालीन विधायक जवाहर पंडित उर्फ जवाहर यादव हत्याकांड इसका सबसे बड़ा सबूत है, जिस मामले में भी इन लोगों ने अपनी पहुंच व रसूख के चलते मामले को 25 साल तक प्रभावित रखा, लेकिन 2017 में यूपी में योगी सरकार आने के बाद मामले की प्रभावी पैरवी हुई और 2019 में इन लोगों को उम्रकैद की सजा हुई, जिसके बाद भी इलाज के लिए पेरोल के नाम पर इन लोगों ने न सिर्फ खूब मनमानी की बल्कि कोर्ट को भी गुमराह किया लेकिन बीते साल हुए निकाय चुनाव के दौरान प्रयागराज, कौशाम्बी व चित्रकूट की अलग-अलग जगहों में चुनाव प्रचार करना इनके लिए घातक हुआ और मामले के एविडेंस कोर्ट पहुंचने पर कोर्ट ने फटकार लगाते हुए न सिर्फ इनका पेरोल कैंसिल किया बल्कि नैनी जेल प्रशासन को यह आदेश भी जारी किया कि अब इन लोगों को सारा इलाज जेल के अंदर ही मुहैया कराया जाए।

इसके साथ ही प्रयागराज के ही महेवा स्थित एक बालू घाट में 2007 में आस्तित्व को लेकर घाट में दिनदहाड़े कारोबारी विजय महरा की हत्या हो जाती है, उस हत्या में भी इन माफियाओं का ही नाम सामने आया था लेकिन इनके प्रभाव व रसूख के चलते और दुश्मनी बढ़ने की खातिर मेहरा परिवार ने एफआईआर ही नहीं दर्ज करवाई। हत्या जैसे मामले में एफआईआर दर्ज न होने से यह प्रकरण पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना रहा। लेकिन उस दौर में स्वतः संज्ञान जैसी कोई चीज ही नहीं थी जिससे उस परिवार को न्याय मिल सकता।

ऐसे में इन माफियाओं के खिलाफ खड़ा होने का मेरा सिर्फ एक ही उद्देश्य है कि जिस प्रकार से इन लोगों ने लोगों के बीच रहते हुए भी लगभग 4 दशक तक राजनीतिक चोला ओढ़कर जरायम की दुनिया में स्वयं को मजबूत रखा, अब उसी प्रकार से इन लोगों का पतन भी होना चाहिए, जिससे प्रदेश में स्थापित योगी सरकार की एक और मिशाल कायम हो सके। गौर करने वाली बात यह भी है कि भदोही के दबंग बाहुबली विजय मिश्रा से लेकर गोरखपुर वाले माफिया हरिशंकर तिवारी के परिवार तक में इनकी रिश्तेदारियां हैं। माफिया हैं तो माफिया को ही पसंद करेंगे।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सत्तारूढ़ पार्टी के कद्दावर नेताओं का भी आशीर्वाद प्राप्त होने के कारण कई बार पार्टी का शीर्ष नेतृत्व भी गुमराह हो जाता है और ऐसे माफियाओं को बचाने तक की पैरवी कर डालते हैं, जिसका फायदा भी सीधा इन्हीं लोगों को मिलता है और इसी का परिणाम है कि डीएम साहब तो चले गए लेकिन मुख्य कर्ताधर्ता खनिज अधिकारी अभी तक जिले में काबिज है। ऐसा पहली बार देखा जा रहा है कि मेरी लगातार खनन विरोधी खबरों के कारण छोटे कर्मचारी (खनिज अधिकारी) को बचाने लिए जिलाधिकारी की बलि चढ़ा दी गई।