लखनऊ, 10 दिसंबर 2024: उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक मासूम अली सरवर ने महाकुंभ 2025 के लिए की जा रही तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की। परिवहन मंत्री के निर्देशानुसार यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई, जिसमें क्षेत्रीय, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक और सेवा प्रबंधक शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य महाकुंभ में सुचारू परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करना था।
यात्रियों की सुविधा पर जोर
एमडी ने चालक और परिचालकों के व्यवहार, उनकी ट्रेनिंग, ड्रेस कोड, नेम प्लेट, हेल्थ चेकअप और आई टेस्ट के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिए कि:
•सभी बसों में चालक और परिचालक का नाम और मोबाइल नंबर स्पष्ट रूप से लिखा जाए।
•बसों के रूट और क्षेत्रवार बसों का एलॉटमेंट पहले से तय हो।
•तकनीकी रूप से फिट बसों का ही संचालन सुनिश्चित किया जाए।
डीजल आपूर्ति और मेंटेनेंस
एमडी ने निर्देश दिया कि डीजल पंपों पर 24 घंटे लेखाकारों की तैनाती की जाए। मेला क्षेत्र में अतिरिक्त टैंकर उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही, सभी बसों का मेंटेनेंस जैसे स्टेपनी, टूल्स आदि की व्यवस्था के बाद ही उन्हें मेला स्थल पर भेजा जाए।
सफाई और ट्रैकिंग पर निर्देश
उन्होंने बसों की सफाई के लिए मेला स्थल पर विशेष व्यवस्था करने को कहा। इसके अलावा, लोकेशन और ट्रैकिंग डिवाइस की जांच के निर्देश दिए। टिकटिंग के लिए मैन्युअल टिकट बुक्स स्पेयर में रखने का सुझाव दिया गया।
यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं
यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया। एमडी ने निर्देश दिए कि:
•अस्थाई बस स्टेशनों पर अस्पताल और एंबुलेंस की व्यवस्था की जाए।
•मुख्य चिकित्सा अधिकारी से संपर्क कर चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
•खोया-पाया केंद्र, पीने के पानी, अलाव, और अनाउंसमेंट की व्यवस्था की जाए।
यात्रियों के लिए विशेष सुविधाएं
एमडी ने यात्रियों की सुविधा के लिए निम्नलिखित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए:
•साइनेज लगाना और फर्श पर मेटिंग बिछाना।
•शौचालयों की नियमित सफाई।
•जनरेटर और 24 घंटे हेल्पलाइन की व्यवस्था।
•एनसीसी और स्काउट गाइड्स की सहायता से यात्रियों की मदद।
•केंद्रीय कंट्रोल रूम और पुलिस कंट्रोल रूम में यूपीएसआरटीसी स्टाफ की तैनाती।
समन्वय और आकस्मिक प्रबंध
एमडी ने निर्देश दिए कि आकस्मिक स्थिति में निजी पेट्रोल पंप से डीजल की व्यवस्था हो। सहायक पुलिस आयुक्त के साथ बैठक कर यात्रियों की सुरक्षा के लिए योजना बनाई जाए।
संपूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सभी अधिकारियों को समयबद्धता के साथ निर्देशों का पालन करने का आदेश दिया गया।
अमेरिका के लगभग 500 हिंदू नागरिक अगस्त 2024 से बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए राना रीगन सेंटर (कैरल स्ट्रीम, शिकागो उपनगर) में एकत्र हुए। इसी समूह ने दो महीने पहले एक बाहरी रैली का आयोजन भी किया था।
कार्यक्रम के मुख्य बिंदु
हरीभाई पटेल, अध्यक्ष, भारतीय वरिष्ठ नागरिक संगठन शिकागो: हरीभाई पटेल ने सभी आगंतुकों का स्वागत किया और बांग्लादेश में हिंदू मंदिरों को नष्ट करने और हिंदुओं की हत्या पर चिंता व्यक्त की।
डॉ. राम चक्रवर्ती, शिकागो काली बाड़ी: उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं की वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “1948, 1971 और 1975 में हम चुप रहे। अब सेना और पुलिस युवा लड़के-लड़कियों को उठाकर जबरन धर्म परिवर्तन करवा रही है। हिंदुओं को बार-बार निशाना बनाया जा रहा है। हमें ‘हिंदू देश’ की आवश्यकता है।”
सिद्धेश शेवड़े, एचएसएस यूएसए: उन्होंने हिंदू अमेरिकियों से अपने स्थानीय और संघीय प्रतिनिधियों से संपर्क करने और इस मुद्दे को उठाने की आवश्यकता पर बल दिया।
निरव पटेल, एएसओए: निरव पटेल ने कहा कि सभी अमेरिकी हिंदुओं को बांग्लादेशी उत्पादों का आर्थिक बहिष्कार करना चाहिए।
हेमंत पटेल, सनातन शक्ति संस्थान: उन्होंने बताया कि अब तक 90 मिलियन हिंदुओं की हत्या की जा चुकी है। 1947 में बांग्लादेश में हिंदुओं की आबादी 33% थी, जो अब केवल 6% रह गई है। 40,000 मंदिर नष्ट कर दिए गए हैं। यह हिंदुओं के खिलाफ वैचारिक और धार्मिक युद्ध है।
अमिताभ मित्तल, वीएचपीए महासचिव: अमिताभ मित्तल ने कहा, “जब अक्टूबर 2023 में इजरायल पर हमास ने हमला किया, तो अमेरिका में स्कूल, कॉलेज और सड़कों पर हमास के समर्थन में प्रदर्शन हुए। यह कैसा विश्व है? हिंदुओं के पास ‘हिंदू देश’ होना चाहिए, यही इसका समाधान है।”
हरिश कोलसानी, इंडिया हब: उन्होंने बांग्लादेश में कॉलेज के छात्रों को इमारत से फेंके जाने का वीडियो देखकर अपनी भावनाएं साझा कीं और अपने मेयर से इस मुद्दे पर बात करने की बात कही।
लक्ष्मी सारथी, भारतीय मूल की वकील: उन्होंने कहा, “हम सबसे अधिक करदाता और राजनीतिक उम्मीदवारों को योगदान देने वाले हैं। अब समय आ गया है कि हम अपने निर्वाचित अधिकारियों से निर्दोष हिंदुओं की रक्षा के लिए कार्रवाई की मांग करें। यदि शिकागो शहर फिलिस्तीन के लिए प्रस्ताव ला सकता है, तो बांग्लादेश के हिंदुओं के लिए क्यों नहीं?”
कल्पेश जोशी, एएएचओए: उन्होंने वादा किया कि वे और अधिक वीडियो बनाएंगे और निर्वाचित अधिकारियों से संपर्क करेंगे ताकि इस मुद्दे को और अधिक प्रमुखता दी जा सके।
राकेश मल्होत्रा, ओएफबीजेपी: उन्होंने कहा कि ओएफबीजेपी की 20 शाखाएं विभिन्न अमेरिकी शहरों में प्रदर्शन कर रही हैं। भारतीय मूल के छह सांसदों को एक महीने पहले इस बारे में सूचित किया गया था।
वंदना झिंगन: उन्होंने हिंदू महिलाओं की ओर से बात करते हुए कहा कि बांग्लादेश में सामूहिक हत्याएं, धर्मांतरण और महिलाओं का शोषण हो रहा है। उन्होंने नोबेल पुरस्कार समिति से मुहम्मद यूनुस का नोबेल पुरस्कार वापस लेने की मांग की।
डॉ. रश्मि पटेल, एफआईए: उन्होंने कहा कि यह संदेश अमेरिकी राष्ट्रपति को भेजा जाना चाहिए और उन्हें बांग्लादेश में चल रहे हिंदू नरसंहार के बारे में बताया जाना चाहिए।
डॉ. भारत बड़ाई: उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में 1947 में हिंदू आबादी 12% थी, जो अब 2-3% रह गई है। बांग्लादेश में 33% हिंदू थे, जो अब केवल 6% बचे हैं। उन्होंने भारत सरकार से अपील की कि बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के सभी सताए गए हिंदुओं को शरण दी जाए और रोहिंग्या और अन्य अवैध लोगों को उनके देश वापस भेजा जाए।
कार्यक्रम के अंत में लोगों ने नारे लगाए और हिंदुओं की सुरक्षा के लिए संकल्प लिया।
महाकुंभ में ग्राम्य विकास विभाग की व्यापक भागीदारी और स्टॉल लगाने का निर्देश।
ग्राम चौपालों को अधिक प्रभावी बनाने और योजनाओं का प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने पर बल।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़कों का निर्माण शत-प्रतिशत एफडीआर तकनीक पर आधारित होगा।
विभाग के सभी खाली पदों को भरने और भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण नियमों के अनुपालन का निर्देश।
महिला सशक्तीकरण और सखियों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए ठोस प्रयास।
लखनऊ, 10 दिसंबर 2024: उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने 7-कालिदास मार्ग स्थित अपने कैंप कार्यालय में ग्राम्य विकास विभाग की उच्च स्तरीय बैठक में भाग लिया। बैठक में विभागीय योजनाओं, बजट के उपयोग और आगामी महाकुंभ 2025 की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विकास कार्यों की गति को और तेज किया जाए और विभागीय बजट का समय से और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो।
बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्य केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर दिखने चाहिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को योजनाओं की समीक्षा और अनुश्रवण को नियमित रूप से करने के लिए कहा। साथ ही, ग्राम चौपालों को अधिक प्रभावी बनाने और विभागीय योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने पर जोर दिया।
महाकुंभ 2025: व्यापक तैयारियों पर जोर
महाकुंभ 2025 को लेकर बैठक में विशेष चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकुंभ में ग्रामीण विकास विभाग की सभी शाखाओं के स्टॉल लगाए जाएं। उन्होंने निर्देश दिया कि महिला समूहों की दीदियों के उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए हर जिले से स्टॉल और प्रदर्शनियां आयोजित की जाएं।
साथ ही, महाकुंभ में सोलर एनर्जी आधारित टीएचआर प्लांट का मॉडल प्रदर्शनी का हिस्सा बनाने के निर्देश दिए गए। यह भी सुनिश्चित किया गया कि समूहों की उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों को न केवल प्रदर्शित किया जाए, बल्कि उनकी बिक्री के लिए पर्याप्त प्लेटफॉर्म भी उपलब्ध कराया जाए। महाकुंभ में सरस मेलों के आयोजन का निर्देश दिया गया ताकि महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा मिल सके।
ग्राम चौपालों की प्रभावशीलता बढ़ाने पर जोर
श्री मौर्य ने ग्राम चौपालों को अधिक प्रभावशाली और सफल बनाने के लिए ठोस रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्राम चौपालों को भव्य और उद्देश्यपूर्ण बनाते हुए उन्हें सामाजिक ऑडिट और वित्तीय साक्षरता कार्यक्रमों के साथ जोड़ा जाए। इससे योजनाओं की प्रगति की सीधी जानकारी ग्रामीण जनता तक पहुंचाई जा सकेगी।
उन्होंने जोर देकर कहा कि चौपालों की गम्भीरता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। चौपालों के माध्यम से ग्राम्य विकास विभाग की योजनाओं का प्रचार-प्रसार और ग्रामीणों तक उनकी जानकारी पहुंचाना प्राथमिकता होनी चाहिए।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत एफडीआर तकनीक
बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत सड़कों के निर्माण पर भी चर्चा की गई। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी सड़कों का निर्माण शत-प्रतिशत एफडीआर (फुल डेप्थ रिक्लेमेशन) तकनीक के अनुसार किया जाए। उन्होंने कहा कि इस तकनीक से बनी सड़कों की गुणवत्ता में सुधार होगा और वे अधिक टिकाऊ होंगी।
खाली पदों की भर्ती और मानदेय का समय पर भुगतान
श्री मौर्य ने कहा कि विभाग में मैनपावर की कमी किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्राम्य विकास विभाग में सभी खाली पदों को तत्काल भरने के लिए प्रभावी कार्यवाही की जाए। साथ ही, भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण नियमों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए।
इसके अतिरिक्त, सभी प्रकार के कार्मिकों का मानदेय और अन्य देय राशि का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया। उप मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जहां-जहां बीएमएम (ब्लॉक मिशन मैनेजर) तैनात नहीं हैं, वहां उनके दायित्व अस्थायी रूप से एडीओ (आईएसबी) को सौंपे जाएं।
महिला सशक्तीकरण और सखियों की आर्थिक स्थिति पर ध्यान
बैठक में महिला सशक्तीकरण पर विशेष जोर दिया गया। उप मुख्यमंत्री ने बीसी सखी, कृषि सखी, विद्युत सखी, और ड्रोन दीदियों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इन महिलाओं को अन्य विभागीय योजनाओं और एमएसएमई के साथ जोड़ने के लिए कार्य योजना तैयार की जाए।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि आजीविका मिशन की सखियों को विभिन्न सेवाओं में शामिल कर उन्हें और अधिक सशक्त बनाया जाए। बीमा सखी और सूर्य सखी जैसे नए कॉन्सेप्ट को विकसित करने और उनकी सेवाओं का विस्तार करने पर भी जोर दिया गया।
वेबसाइट और सूचना अद्यतन रखने के निर्देश
श्री मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग की वेबसाइट को हमेशा अद्यतन रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विभागीय योजनाओं की जानकारी, उपलब्धियां और विकास कार्यों की प्रगति नियमित रूप से ऑनलाइन उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
गुणवत्ता और विपणन में सुधार के प्रयास
बैठक में यह भी सुनिश्चित किया गया कि समूहों के उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग और विपणन पर विशेष ध्यान दिया जाए। उत्पादों की आपूर्ति की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और तेज करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, टीएचआर प्लांट की उत्पादन क्षमता बढ़ाने और उनके संचालन में सुधार के प्रयास करने को कहा गया।
बैठक में ग्राम्य विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री हिमांशु कुमार, आयुक्त जीएस प्रियदर्शी, सचिव श्री सुखलाल भारती, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मिशन निदेशक श्रीमती दीपा रंजन, यूपीआरआरडीए के मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री अखंड प्रताप सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समय के अनुरूप खुद को तैयार करना जरूरी है, वरना लोग पिछड़ जाते हैं।
उन्होंने इंसेफेलाइटिस पर नियंत्रण की सफलता को टीम वर्क और सामूहिक प्रयास का उदाहरण बताया।
मुख्यमंत्री ने युवा पीढ़ी से मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग से बचने और रचनात्मक गतिविधियों में समय बिताने की अपील की।
कैलाश सत्यार्थी के जीवन को युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत बताते हुए मुख्यमंत्री ने उनके संघर्ष और सफलता की सराहना की।
संस्थापक सप्ताह समारोह में मुख्यमंत्री ने 200 पुरस्कारों का वितरण किया और शिप्रा सिंह की पुस्तक ‘शिक्षा की भारतीय अवधारणा’ का विमोचन किया।
गोरखपुर/लखनऊ, 10 दिसंबर 2024: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कालचक्र किसी की परवाह नहीं करता है, उसका प्रवाह निरंतर चलता रहता है, इसलिए हमें खुद को समय की धारा के अनुरूप तैयार करना होगा। समय के अनुरूप सोचने और चलने की आदत डालनी होगी। समय के अनुरूप खुद को तैयार न कर पाने वाले पिछड़ कर पिछलग्गू हो जाते हैं।
सीएम योगी मंगलवार को महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के 92वें संस्थापक सप्ताह समारोह के समापन पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्य अतिथि नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज आवश्यकता है कि हम समय के अनुरूप समाज के प्रत्येक तबके को जोड़ते हुए टीम भावना के साथ समाज और देश हित के कार्यक्रमों को आगे बढ़ाएं। जब सामूहिकता की भावना और टीम वर्क से प्रयास किए जाएंगे तो परिणाम भी उसी के अनुरूप सार्थक आएंगे। परिणाम ही प्रयास और तैयारी के स्तर का वास्तविक परिचय देता है।
टीम वर्क से सफलता का प्रमाण है इंसेफेलाइटिस पर नियंत्रण टीम वर्क और परिणाम के बीच साम्य को समझाते हुए मुख्यमंत्री ने इंसेफेलाइटिस नियंत्रण की सफलता को भी उद्घृत किया। उन्होंने बताया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश का बचपन इंसेफेलाइटिस के दुष्चक्र में 1977 से लेकर 40 साल तक फंसा रहा। पूर्वी उत्तर प्रदेश के 38 जिलों में पचास हजार से अधिक बच्चों की मौत हो गई। पहले उपचार की व्यवस्था नहीं थी। उपचार की व्यवस्था हुई, वैक्सीन आया तो वायरस ने अपना नेचर चेंज कर लिया। 2017 में जब हमारी सरकार आई तो प्रदेश और केंद्र सरकार ने टीम भावना के साथ, डब्लूएचओ, यूनिसेफ और अन्य संगठनों के सहयोग तथा सरकार के विभिन्न विभागों के समन्वय से मिलकर लड़ाई लड़ी। इसका परिणाम रहा कि 40 साल की समस्या का समाधान 2 साल में हो गया। इंसेफेलाइटिस नियंत्रण की सफलता कठिन चुनौतियों का सामना करने से लेकर टीम भावना से परिणाम प्राप्त करने की यात्रा रही है।
मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग से बचें, रचनात्मक गतिविधियों को दें समय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज की पीढ़ी के मोबाइल फोन के इस्तेमाल में अत्यधिक समय बिताने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी मोबाइल के उपयोग में अनावश्यक अत्यधिक समय बिताने से बचे। अपना समय प्रकृति के बीच, रचनात्मक कार्यों, अध्ययन और कौशल विकास की गतिविधियों में बिताए। उन्होंने आगाह किया कि हमें यह ध्यान रखना होगा कि तकनीकी हमसे संचालित हो, हम तकनीकी से संचालित न हों।
रुचि के अनुसार लीक से हटकर कुछ नया करने का हो प्रयास नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के जीवन से सीख लेने की बात करते हुए सीएम योगी ने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी रुचि के अनुसार लीक से हटकर कुछ नया करने का प्रयास करना चाहिए। यह क्षेत्र समाज सेवा, सामाजिक चेतना, महिला एवं बाल उत्थान, अन्नदाता किसानों के जीवन में परिवर्तन या समाज से जुड़ा कुछ भी हो सकता है। हम किसी भी एक क्षेत्र को चुनकर आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि अपने क्षेत्र में, रुचि के अनुसार ईमानदारी और कठिन परिश्रम से कार्य करेंगे तो परिणाम अवश्य आएगा। उन्होंने कहा कि जीवन शॉर्टकट का मार्ग नहीं है। जीवन में सफलता के सतत प्रवाह के लिए परिश्रम और ईमानदारी का कोई विकल्प नहीं है।
विजन और एक्शन के बिना चलते होता है कन्फ्यूजन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यदि जीवन मे अधूरी तैयारी होगी, विजन और एक्शन नहीं होगा तो कन्फ्यूजन की स्थिति बनी रहेगी। जीवन का उद्देश्य सिर्फ डिग्री और नौकरी हासिल करना नहीं हो सकता। जीवन का उद्देश्य विराट होना चाहिए। यदि हम विजन के अनुरूप निष्ठा और ईमानदारी से प्रयास करेंगे तो सफलता अवश्य मिलेगी। नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने यही साबित किया है।
कैलाश सत्यार्थी का जीवन सबके लिए प्रेरक कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रख्यात समाज सुधारक और नोबल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी का स्वागत करते हुए सीएम योगी ने कहा कि आज ही के दिन दस वर्ष पूर्व उन्हें दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित सम्मान नोबल पुरस्कार प्राप्त हुआ था। कैलाश सत्यार्थी का जीवन प्रत्येक क्षेत्र के लोगों के लिए प्रेरक है, खासकर उन युवाओं के लिए जो किन्हीं कारणों से असमंजस की स्थिति में रहते हैं।
महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद संस्थापकों के मूल्यों-आदर्शों को आगे बढ़ाने को प्रतिबद्ध इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद अपने संस्थापकों के मूल्यों और आदर्शों को आगे बढ़ाने के लिए 92 वर्षों से निरंतर प्रतिबद्ध के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब देश गुलामी की बेड़ियों में जकड़ा हुआ था और नागरिकों के मन में असमंजस की स्थिति थी, तब युवाओं में देश हित और स्वाभिमान की भावना को जगाने के लिए 1932 में ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना की थी। देश और स्वाभिमान की प्रेरणा के प्रतीक महाराणा प्रताप के त्याग और बलिदान को केंद्र में रखकर राष्ट्रवादी शिक्षा का कार्य प्रारंभ किया। आज यह परिषद पूर्वी उत्तर प्रदेश में राष्ट्रवादी शिक्षा की गतिविधियों को निरंतर आगे बढ़ाते हुए सेवारत है।
संस्थाओं और मेधावियों को किया गया पुरस्कृत संस्थापक सप्ताह के मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, नोबल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की उत्कृष्ट संस्थाओं, शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया। मंच से 200 पुरस्कार वितरित किए गए। करीब 800 पुरस्कार संस्थाओं के माध्यम से वितरित किए जाएंगे।
शिप्रा सिंह की पुस्तक ‘शिक्षा की भारतीय अवधारणा’ का हुआ विमोचन संस्थापक समारोह के मुख्य महोत्सव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नोबल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के हाथों एमपीपीजी कॉलेज जंगल धूसड़ में शिक्षा शास्त्र विभाग की अध्यक्ष शिप्रा सिंह की पुस्तक ‘शिक्षा की भारतीय अवधारणा’ का विमोचन भी किया गया।
संस्थापक सप्ताह के समापन समारोह में स्वागत संबोधन महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. यूपी सिंह, आभार ज्ञापन डीवीएपीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. ओमप्रकाश सिंह और संचालन डॉ. श्रीभगवान सिंह ने किया। इस अवसर पर दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन, महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एके सिंह, महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय आरोग्यधाम के कुलपति डॉ. सुरिंदर सिंह, मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय बलरामपुर के कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह, सांसद रविकिशन शुक्ल, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक फतेह बहादुर सिंह, राजेश त्रिपाठी, विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, कैलाश सत्यार्थी की पत्नी सुमेधा सत्यार्थी, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास, महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के सभी पदाधिकारी व सदस्य, परिषद से जुड़ी शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों, शिक्षकों व विद्यार्थियों की सहभागिता रही।
सरोजनीनगर स्पोर्ट्स लीग के छठे चरण में क्रिकेट चैंपियनशिप के लीग मुकाबले आयोजित किए गए।
विंध्यवासिनी इंटर कॉलेज ने पहले मुकाबले में 7 विकेट से शानदार जीत दर्ज की।
गौतम बुद्ध इंटर कॉलेज ने सामूहिक प्रयासों से अपनी टीम को जीत दिलाई।
यूपी गवर्नमेंट राजकीय सैनिक इंटर कॉलेज ने 38 रनों से शानदार जीत प्राप्त की।
विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह की ओर से विजेता टीमों को ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया।
लखनऊ, 10 दिसम्बर 2024: सरोजनीनगर क्षेत्र में खेलों के प्रति उत्साह को बढ़ावा देने और युवाओं को खेलों के उत्कृष्ट मंच पर पहचान दिलाने के लिए विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा शुरू की गई ‘सरोजनीनगर स्पोर्ट्स लीग’ आज एक बड़ा सामाजिक और खेल आयोजक बन चुकी है। इस लीग का उद्देश्य न केवल युवाओं को एक मंच पर लाना है, बल्कि उन्हें उनके खेल कौशल को निखारने के लिए अवसर प्रदान करना भी है। विधायक डॉ. सिंह का मानना है कि खेलों के माध्यम से युवा अपनी मानसिक और शारीरिक ताकत को बढ़ा सकते हैं, साथ ही यह उन्हें जीवन में अनुशासन और टीमवर्क जैसे महत्वपूर्ण गुण भी सिखाता है।
इस लीग के छठे चरण की शुरुआत में आयोजित ‘क्रिकेट चैंपियनशिप’ में खिलाड़ियों ने अपनी पूरी मेहनत और जोश के साथ मैचों में भाग लिया। मंगलवार को आयोजित किए गए चार इंटर स्कूल लीग मुकाबलों ने न केवल खेल के प्रति युवाओं की रुचि को बढ़ाया, बल्कि प्रतिस्पर्धा का स्तर भी उच्चतम स्तर पर पहुंचा। इन मैचों में खिलाड़ियों ने बेहतरीन खेल कौशल का प्रदर्शन किया और दर्शकों को रोमांच से भरपूर अनुभव दिया।
पहला मुकाबला रेडिएंट पब्लिक स्कूल और विंध्यवासिनी इंटर कॉलेज के बीच हुआ। टॉस जीतने के बाद विंध्यवासिनी इंटर कॉलेज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए शानदार प्रदर्शन किया। उनकी टीम ने निर्धारित ओवरों में उत्कृष्ट बल्लेबाजी करते हुए विरोधी टीम को हराकर मैच 7 विकेट से अपने नाम किया। इस मैच ने क्रिकेट प्रेमियों को अपनी ओर खींच लिया और दर्शकों ने शानदार खेल का आनंद लिया।
दूसरा मुकाबला साईं इंटर कॉलेज और गौतम बुद्ध इंटर कॉलेज के बीच हुआ। इस मुकाबले में गौतम बुद्ध इंटर कॉलेज ने बेहतरीन सामूहिक प्रयास और खेल भावना के साथ शानदार जीत हासिल की। टीम की रणनीति, बल्लेबाजी और गेंदबाजी के समन्वय ने विरोधी टीम को हराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
तीसरे मुकाबले में सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल और यूपी गवर्नमेंट राजकीय सैनिक इंटर कॉलेज के बीच एक रोमांचक मुकाबला हुआ। यूपी गवर्नमेंट राजकीय सैनिक इंटर कॉलेज ने अपनी दमदार बल्लेबाजी और गेंदबाजी से विरोधी टीम को 38 रनों से हराया। इस शानदार जीत ने उन्हें अन्य टीमों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना दिया और उनका प्रदर्शन खेल प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
चौथे और अंतिम मुकाबले में मणिपाल पब्लिक स्कूल और शिवानी पब्लिक स्कूल के बीच मैच खेला गया। यह मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, जिसमें शिवानी पब्लिक स्कूल ने अपने खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के दम पर 22 रनों से जीत दर्ज की। इस मैच ने खेल प्रेमियों को अपनी सीटों से बांध रखा था और मैच के अंत तक जोश और उत्साह का माहौल बना रहा।
मैचों के समापन के बाद विजेता टीमों को विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह की ओर से ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। डॉ. सिंह का कहना है कि, “सरोजनीनगर स्पोर्ट्स लीग का उद्देश्य हमारे युवाओं को खेलों के प्रति जागरूक करना है, साथ ही उन्हें खेल के मैदान में अपनी प्रतिभा को दिखाने का मौका देना है। इस पहल के माध्यम से हम युवाओं को न केवल खेलों में उत्कृष्टता के लिए प्रेरित कर रहे हैं, बल्कि उन्हें सम्मानित और प्रोत्साहित भी कर रहे हैं ताकि वे भविष्य में अपने सपनों को साकार कर सकें।”
विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने इस पहल को क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं के उज्जवल भविष्य के लिए एक अहम कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल युवाओं को खेलों के प्रति आकर्षित करेगी, बल्कि उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से भी मजबूत बनाएगी। उनके अनुसार, खेलों में भाग लेने से युवा अपने आत्मविश्वास को बढ़ा सकते हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
सरोजनीनगर स्पोर्ट्स लीग ने क्षेत्र में खेल संस्कृति को मजबूत करने के साथ-साथ युवा खिलाड़ियों को एक मंच पर लाकर उन्हें अपनी प्रतिभा को साबित करने का अवसर भी दिया है। यह पहल आने वाले समय में और भी खेल आयोजनों का मार्ग प्रशस्त करेगी और युवाओं को उनके भविष्य के लिए तैयार करेगी।