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2025 में भारत और चीन के संबंधों के 75 वर्ष पूरे होंगे, और चीन इन रिश्तों की नई कहानी लिखने के लिए तैयार है।

बीजिंगः भारत और चीन के राजनयिक संबंधों के अगले साल 75 वर्ष पूरे हो जाएंगे। इससे पहले दोनों देशों ने अपने रिश्तों को सुधारने की नई पहल शुरू कर दी है। भारत-चीन सीमा पर शांति लाने से लेकर आर्थिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक प्रगति को प्रगाढ़ करने के लिए दोनों देशों ने कड़ी प्रतिबद्धता जाहिर की है। इस कड़ी में भारत के विशेष प्रतिनिधि और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग से बीजिंग में मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत-चीन के संबंधों को मजबूत करने के मुद्दे पर चर्चा की।

इस दौरान चीनी उपराष्ट्रपति हान झेंग ने कहा कि अगले साल चीन और भारत के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ है। ऐसे में दोनों देशों के नेताओं द्वारा हासिल की गई महत्वपूर्ण सहमति को दोनों पक्षों को की ओर से लागू करना चाहिए। साथ ही उच्च-स्तरीय आदान-प्रदान की गति को बनाए रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को राजनीतिक पारस्परिक विश्वास विकसित करना चाहिए और धीरे-धीरे संस्थागत संवाद बहाल करना चाहिए। इसके साथ ही अर्थव्यवस्था, व्यापार और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में आदान-प्रदान और सहयोग बढ़ाना चाहिए। ताकि द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर विकास पथ पर वापस लाने को बढ़ावा दिया जा सके।

चीनी विदेश मंत्री के साथ भी हुई वार्ता

एनएसए अजीत डोभाल ने इससे पहले चीन के विदेश मंत्री वांग यी से भी बुधवार को बीजिंग में मुलाकात की। दोनों देशों के संबंधों को फिर पटरी पर लाने के लिए सीमा के मुद्दों समेत अन्य बिंदुओं पर वार्ता के को लेकर यह मुलाकात अहम रही। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा पर शांति बनाए रखने तथा पूर्वी लद्दाख में सैन्य गतिरोध के कारण चार वर्ष से अधिक समय से तल्ख रहे द्विपक्षीय संबंधों को बहाल करने समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा किए जाने की सूचना है।

मुंबई में बोट हादसा कैसे हुआ? नाव के मालिक ने नेवी के जहाज पर लगाया आरोप।

मुंबई के प्रसिद्ध गेटवे ऑफ इंडिया के पास समुद्र में यात्रियों से भरी एक नाव पलट गई। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत की सूचना अबतक सामने आई है। इस मामले में डूबे हुए नाव के मालिक राजेंद्र पड़ते का आरोप है कि नेवी की एक जहाज ने उनकी नाव को टक्कर मारी थी। उन्होंने कहा कि बोट में 84 लोग बैठ सकते हैं और 80 लोग बैठे हुए थे। औपचारिक तौर पर 80 यात्री और 5 क्रू मेंबर नाव पर सवार थे। वहीं बोट हादसे पर शिवसेना यूबीटी के नेता आदित्य ठाकरे ने इंडिया टीवी से बात करते हुए कहा कि उनकी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से बातचीत हुई है। मुख्यमंत्री ने उन्हें बताया है कि अब तक 25 लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया है। पहली प्राथमिकता लोगों को रेस्क्यू करना है। मैंने कहा है कि इस मामले में जांच होगी, लेकिन पहली प्राथमिकता लोगों की जान बचानी है।

कैसे हुआ हादसा?

वहीं नीलकमल बोट कैसे डूबी या समंदर के बीच यह हादसा कैसे हुआ और कैसे तुरंत लोगों की जान बचाई गई, इसपर उरण से भाजपा के स्थानीय विधायक महेश बालदी ने कहा कि करीबन साढ़े तीन बजे दोपहर में नीलकमल बोट मुंबई से उरण के एलीफेंटा के लिए निकली। समंदर के बीच रास्ते में नेवी की एक स्पीड बोट पेट्रोलिंग कर रही थी। पेट्रोलिंग बोट के चालक ने कंट्रोल खो दिया और यात्रियों से भरी नीलकमल नाव से टकरा गई। उन्होंने बताया कि जब यह हादसा हुआ तो मेरे मित्र अजय कोली जो दूसरी नाव में थे, उन्होंने तुरंत इस डूब रही नाव के पास अपनी नाव ले जाकर लगा दी और नीलकमल नाव में सवार यात्रियों की जान बचाई। इसलिए जनहानि कम हुई है। साथ ही अभी कुछ लोग मिसिंग हैं, जिन्हें ढूंढने का काम जारी है।

1 शख्स की मौत, 5 की हालत गंभीर

भाजपा के विधायक ने कहा कि मैंने सदन में यह मुद्धा उठाया था। मुख्यमंत्री ने पीड़ितों को हर संभव मदद देने की बात कही है। इस मामले में सरकार जांच करेगी और नेवी भी अपनी जांच करेगी। वहीं आदित्य ठाकरे ने इस मामले पर बयान देते हुए कहा कि यह घटना बड़ी दुर्भाग्यपूर्ण है। इसकी जांच की हम मांग करेंगे लेकिन अभी राहत बचाव करना जरूरी है। बता दें कि नीलकमल पर कुल 85 लोग सवार थे। इसमें से 80 यात्री और 5 क्रू मेंबर थे। 80 लोगों को रेस्क्यू कर बाहर निकाल लिया गया है। फिलहाल एक शख्स की मौत की खबर सामने आई है और 5 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

वाराणसी: राज्यपाल ने ’जीवन रक्षा एच0पी0वी0 वैक्सीन अभियान’ और ’सबल काशी’ कार्यक्रम का किया शुभारंभ

वाराणसी: राज्यपाल ने ’जीवन रक्षा एच0पी0वी0 वैक्सीन अभियान’ और ’सबल काशी’ कार्यक्रम का किया शुभारंभ
वाराणसी: राज्यपाल ने ’जीवन रक्षा एच0पी0वी0 वैक्सीन अभियान’ और ’सबल काशी’ कार्यक्रम का किया शुभारंभ
वाराणसी: राज्यपाल ने ’जीवन रक्षा एच0पी0वी0 वैक्सीन अभियान’ और ’सबल काशी’ कार्यक्रम का किया शुभारंभ
  • आगामी 15 दिनों में जिले के सभी विद्यालयों में 9 से 14 वर्ष की 80,000 बच्चियों का किया जाएगा शत-प्रतिशत एच0पी0वी0 टीकाकरण
  • बेटा-बेटी में भेदभाव मिटाकर बेटियों को सशक्त बनाना होगा
  • स्वस्थ बेटियां सशक्त समाज की नींव
  • राजभवन में सभी बच्चियों का एच0पी0वी0 टीकाकरण पूरा

लखनऊ, 18 दिसंबर, 2024: प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आज वाराणसी के शिवपुर स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय (नगर क्षेत्र) में आयोजित सर्वाइकल कैंसर जागरूकता शिविर के अंतर्गत “जीवन रक्षा एच0पी0वी0 वैक्सीन अभियान“ का शुभारंभ किया। इस अभियान के तहत आगामी 15 दिनों में जिले के सभी विद्यालयों में 9 से 14 वर्ष की 80,000 बच्चियों का शत-प्रतिशत निःशुल्क एच0पी0वी0 टीकाकरण किया जाएगा। इसके अंतर्गत छह माह के अंतराल पर बच्चियों को दो डोज़ दी जाएंगी। इस अवसर पर राज्यपाल जी ने “सबल काशी“ कार्यक्रम का उद्घाटन तथा 10 बालिकाओं को निःशुल्क एच0पी0वी0 टीकाकरण प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि महिलाओं और बेटियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। इस टीकाकरण अभियान से 80,000 बच्चियां लाभान्वित होंगी, जो स्वस्थ और सशक्त होकर समाज को मजबूत करेंगी। उन्होंने बताया कि राजभवन में रहने वाली सभी बच्चियों का एच0पी0वी0 टीकाकरण पहले ही सुनिश्चित किया जा चुका है।

राज्यपाल ने कहा कि महिलाओं को अपनी सेहत पर ध्यान देना चाहिए क्योंकि उनका स्वास्थ्य ही उनके परिवार की आधारशिला है। उन्होंने बेटा-बेटी में भेदभाव खत्म करने पर जोर देते हुए कहा कि बेटियों में जो ताकत है, उसे पहचानें। बेटियां समाज और परिवार को गर्वित करती हैं। उन्होंने डॉक्टरों और युवाओं को अनुसंधान के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने की प्रेरणा दी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में अनुसंधान के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हमारे वैज्ञानिकों ने कोरोना वैक्सीन विकसित की, उसी प्रकार अन्य बीमारियों के लिए भी प्रयास होने चाहिए। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे बच्चियों के इस निःशुल्क टीकाकरण अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें। उन्होंने कहा कि अपने आस-पास की बच्चियों को इस अभियान से जोड़ें और उनके जीवन को सुरक्षित रखें। उन्होंने बताया कि एच0पी0वी0 वैक्सीन 09 प्रकार के वायरस से सुरक्षा प्रदान करती है, जो सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण हैं। 22 वर्ष तक की बच्चियों को भी यह टीका दिया जा सकता है, लेकिन उनके लिए डोज़ की संख्या बढ़ानी होगी।

राज्यपाल जी ने अपने गुजरात के कार्यकाल के अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे कटे होठ और जन्मजात विकृति के इलाज के लिए व्यापक प्रयास किए गए थे। उन्होंने कहा कि बेटियों को सशक्त बनाकर भविष्य के खर्चों को 50 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। इस अवसर पर उन्होंने समाज सेवा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्य कर रहे अधिकारियों और संस्थाओं की सराहना की।

जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि एच0पी0वी0 टीकाकरण सर्वाइकल कैंसर से लड़ने का एक सशक्त माध्यम है। इस टीकाकरण के बाद महिलाओं में इस जानलेवा बीमारी के 90 प्रतिशत मामलों को रोका जा सकेगा। उन्होंने राज्यपाल जी और युवा अनस्टॉपेबल संस्था को धन्यवाद देते हुए महिलाओं और बेटियों के उत्थान के लिए लगातार हो रहे प्रयासों के प्रति आभार व्यक्त किया।

युवा अनस्टॉपेबल के निदेशक, ऋषि कुमार ने निःशुल्क एच0पी0वी0 टीकाकरण अभियान की जानकारी प्रस्तुत करते हुए बताया कि वाराणसी जिले की 9 से 14 वर्ष की 80,000 बालिकाओं का दो चरणों में टीकाकरण किया जाएगा। प्रत्येक बालिका को छह महीने के अंतराल पर वैक्सीन की दो खुराक दी जाएंगी।

जिलाधिकारी एस0 राजलिंगम ने राज्यपाल का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके दिशा-निर्देशों के कारण वाराणसी में बच्चियों के स्वास्थ्य, आंगनवाड़ी केंद्रों के विकास और महिला उत्थान के लिए सतत कार्य हो रहे हैं। उन्होंने इस अभियान में मुख्य विकास अधिकारी और उनकी टीम के योगदान की भी सराहना की। विशेषज्ञों के अनुसार एच0पी0वी0 वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर के मामलों में 90 प्रतिशत तक कमी ला सकती है, विशेष रूप से जब इसे 9 से 14 वर्ष की उम्र में लगाया जाता है। जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, उन्हें दो या तीन डोज़ की आवश्यकता होती है।

अपने कौशल और तकनीकी दक्षता के माध्यम से स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ें युवा- कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल

अपने कौशल और तकनीकी दक्षता के माध्यम से स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ें युवा- कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल
अपने कौशल और तकनीकी दक्षता के माध्यम से स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ें युवा- कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल
अपने कौशल और तकनीकी दक्षता के माध्यम से स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ें युवा- कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल
  • संयुक्त दीक्षांत समारोह में तीनों महाविद्यालयों के कुल 160 छात्र-छात्राओं को डिग्रियां प्रदान की गईं
  • राज्यपाल की अध्यक्षता में आज महारानी गुलाब कुँवरि महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय पिंडरा, महारानी बनारस महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय रामनगर, महाराज बलवंत सिंह स्नातकोत्तर महाविद्यालय गंगापुर, वाराणसी का संयुक्त दीक्षांत समारोह संपन्न

लखनऊ: 18 दिसंबर, 2024: प्रदेश की राज्यपाल और राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में आज महारानी गुलाब कुँवरि महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय पिंडरा, महारानी बनारस महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय रामनगर, महाराज बलवंत सिंह स्नातकोत्तर महाविद्यालय गंगापुर, वाराणसी का संयुक्त दीक्षांत समारोह सम्पन्न हुआ।
संयुक्त दीक्षांत समारोह में तीनों महाविद्यालयों के कुल 160 छात्र-छात्राओं को डिग्रियां प्रदान की गईं तथा तीनों महाविद्यालयों में सर्वाेच्च अंक प्राप्त करने वाली तीन छात्राओं को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया।

राज्यपाल जी ने दीक्षांत समारोह में उपस्थित छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि मेरिट और टैलेंट के आधार पर सरकारी नौकरी की संभावनाएं बनी रहती हैं, लेकिन जिन्हें नौकरी न मिले, वे अपने कौशल और तकनीकी दक्षता के माध्यम से स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ें। उन्होंने बेटा-बेटी के बीच भेदभाव मिटाने और बेटियों को सशक्त बनाने का संदेश भी दिया। राज्यपाल जी ने विशेष रूप से ग्रामीण महिलाओं को शिक्षित करने की आवश्यकता पर बल दिया और तीनों महाविद्यालयों द्वारा इस दिशा में किए गए प्रयासों की सराहना की।

कार्यक्रम में कर्नाटक संस्कृत विश्वविद्यालय, बेंगलुरु की कुलपति प्रो0 एस0 अहिल्या मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षा के बाद रोजगार और समाज सेवा में योगदान के लिए योजना बनानी चाहिए। शिक्षा से विद्या और विद्या से उन्नति ही मानव जीवन का उद्देश्य है। शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और संस्कारों का आधार है। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो0 आनंद कुमार त्यागी ने भी आशीर्वचन दिया और छात्रों को अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अनुशासन और समर्पण के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

कार्यक्रम में महाराज काशीराज धर्म कार्य निधि के अध्यक्ष महाराज डॉ0 अनंत नारायण सिंह, तीनों महाविद्यालयों के प्राचार्य, प्रबंध समिति और विद्वत परिषद के सदस्य, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलसचिव तथा अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

हिंदू रक्षा संकल्प यात्रा: बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा पर लखनऊ में दिखा जनाक्रोश, विधायक सरोजनीनगर के आह्वान पर उमड़ा जन सैलाब

बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा पर सरोजनीनगर में दिखा आक्रोश: विधायक के आह्वान पर उमड़ा जन सैलाब
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  • उद्वेलित हुआ लखनऊ : सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह की हिंदू रक्षा संकल्प यात्रा में जुटी हजारों की भीड़
  • बांग्लादेश हिंसा के खिलाफ सड़क पर उतरा सरोजनीनगर : हजारों समर्थकों के साथ, विधायक राजेश्वर ने निकाली संकल्प यात्रा
  • बांग्लादेश पर लगे आर्थिक प्रतिबन्ध, उठाये जाएं कठोर कदम, देश से निकाले जाएं अवैध बांग्लादेशी, हिन्दू रक्षा संकल्प यात्रा में डॉ. राजेश्वर सिंह ने भरी हुंकार
  • हमारी सहिष्णुता और सद्भावना को कोई कमजोरी न समझे, बांग्लादेशी हिन्दुओं के समर्थन में गरजे डॉ. राजेश्वर सिंह
  • न्यायालय का आदेश न मान कर, पुलिस पर पत्थरबाजी करना अत्यंत शर्मनाक: संभल घटना पर डॉ. राजेश्वर सिंह का बयान
  • बांग्लादेश में ही नहीं केरल में भी 16% घटे हिन्दू, जनसांख्यिकी असंतुलन के आंकड़े बजा रहे खतरे की घंटी
  • अतीक और मुख्तार सपा के आइकॉन, अच्छे मुसलमानों का भी छद्म सेक्युलर पार्टियों में कोई स्थान नहीं
  • आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित देश देने के लिए तुष्टिकरण और जातिवाद की राजनीति करने वाले दलों को उखाड़ फेंकना है – डॉ. राजेश्वर सिंह

लखनऊ, 18 दिसम्बर 2024: हर दिशा में लहराते भगवा ध्वज, भारत माता की जय, वन्दे मातरम् और जय श्रीराम के उद्घोष से गूंजता हुआ आसमान और हर तरफ से उमड़ रही हजारों की विशाल भीड़। यह अभूतपूर्व दृश्य था सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा आयोजित हिंदू रक्षा संकल्प यात्रा के दौरान तेलीबाग बाजार का। बुधवार को डॉ. राजेश्वर सिंह ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के विरुद्ध हिन्दू रक्षा संकल्प यात्रा का आयोजन किया। इस यात्रा को केवल सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र ही नहीं लखनऊ के अलग -अलग क्षेत्रों से भी प्रचंड जन समर्थन मिला। 10 हजार से अधिक समर्थकों के साथ डॉ. राजेश्वर सिंह ने तेलीबाग स्थित वरदानी हनुमान मंदिर में दर्शन पूजन कर यात्रा की शुरुआत की। पूरी यात्रा के दौरान ढोल, नगाड़े और संख की धुनों के बीच विधायक प्रचंड जनसमूह का उत्सावर्धन करते नजर आये। डॉ. सिंह ने अपने संबोधन से पूर्व बांग्लादेश में इस्कॉन संत चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी की घटना की कड़ी निंदा की जिसका समर्थन उपस्थित जनता ने भी किया।

करीब एक किलोमीटर लम्बी पदयात्रा के अंत में शनि मंदिर चौराहे पर जनसभा को संबोधित करते हुए डॉ. सिंह ने कहा, आज पूरे देश में आवाज जा रही है, कि सरोजनीनगर की जनता अन्याय के खिलाफ खड़ी हुई है। आज समय चुप रहने का नहीं है, हर व्यक्ति को आवाज उठानी है। विधायक ने बताया वर्ष 1947 में बाग्लादेश में हिंदुओं की आबादी 22% थी जो अब घटकर 7% पर आ गयी है। बांग्लादेश मुक्ति संग्राम में भी भारत के करीब 4 हजार वीर सैनिकों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया।बांग्लादेश में 5 अगस्त से लगातार हमले हो रहे हैं। अब तक 2000 से ज्यादा घटनाएं घटीं, हिन्दुओं के घरों को जलाया जा रहा है, माँ बहनों की आबरू पर वार किया जा रहा है, मंदिरों को तोडा और लूटा जा रहा है। साधु संतों को गिरफ्तार किया जा रहा है और उस से बड़ी बात उन्हें वकील तक नहीं मिल रहे हैं।

सरोजनीनगर विधायक ने सरोजनी नगर की जनता की ओर से भारत सरकार से अवैध बांग्लादेशियों को बाहर निकालने, बांग्लादेश के विरुद्ध कड़े प्रतिबन्ध लगाने का आग्रह किया। विधायक ने अफगानिस्तान और पाकिस्तान में हिंदुओं की स्थित और महिलाओं की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा आज अफगानिस्तान में लड़कियों को शिक्षा और रोजगार तक से वंचित रखा जा रहा है। डॉ. सिंह ने कांग्रेस पार्टी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा, वोट बैंक की राजनीति के चलते कांग्रेस ने शाहबानों केस में सुप्रीम कोर्ट का फैलसा पलटा। ट्रिपल को मान्यता दी जो मुस्लिम महिलाओं के शोषण का माध्यम है। डॉ. सिंह ने हिजबुल्लाह चीफ नसरल्लाह के मारे जाने पर लखनऊ में हुए प्रदर्शनों की निंदा भी की। अयोध्या में कारसेवकों पर गोली चलाये जाने की घटना को लेकर डॉ. सिंह ने समाजवादी पार्टी को भी निशाने पर लिया। विधायक ने कहा तुष्टिकरण की राजनीति के लिए 56 निहत्थे कारसेवकों को गोलियों से छलनी किया, आतंकवादियों के खिलाफ मुकदमें वापस लिए। विधायक ने आरोप लगाते हुए कहा ये पार्टियाँ अच्छे मुसलामानों को भी राजनीति में आगे नहीं आने देती, अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी जैसे अपराधियों को आगे बढ़ाती हैं।

डॉ. सिंह ने संभल विषय को उठाते हुए कहा, जो लोग न्यायालय के फैलसे के खिलाफ सड़कों पर आ रहे हैं, पुलिस कर्मियों पर पत्थरबाजी करते हैं, ये विचारधारा देश के लिए खतरनाक है। विधायक ने कश्मीर और केरल के विषयों को भी उठाया। डॉ. सिंह ने कहा 4लाख से अधिक कश्मीरी पंडितों को अपने ही देश में विस्थापित जीवन जीना पड़ रहा। विधायक ने कहा आजादी के बाद केरल में हिन्दुओं की आबादी 16% कम हुई और यूपी में 5% हिन्दू जनसँख्या कम हुई। जनसांख्यिक असंतुलन पर चिंता व्यक्त करते हुए डॉ. राजेश्वर सिंह ने चिंता व्यक्त करते हुए सरोजनी नगर की जनता की तरफ से केंद्र सरकार से मजबूत कानून बनाये जाने का आग्रह किया।

सरोजनीनगर विधायक ने जातिवादी राजनीति करने वाले दलों पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि ये दल हिन्दुओं को जातियों में बाँट कर एक धर्म विशेष को प्रोत्साहन देते हैं, ये समाज और देश की कमजोर करते हैं। विधायक ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा, आज देश पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, 500 वर्षों के संघर्षों के उपरान्त भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ है।

विधायक ने योगी के नारे बटेंगे तो कटेंगे, एक रहेंगे तो नेक रहेंगे का समर्थन करते हुए कहा तुष्टिकरण की राजनीति करने वाले दलों से दूर रहने का आग्रह किया। अंत में बड़ी संख्या में उपस्थित पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं, स्थानीय जनता.आरडब्लूए और साथ जुड़े संगठनों का भी आभार व्यक्त किया।