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पुतिन के वार्षिक संवाददाता सम्मेलन में आए 20 लाख सवाल, जेलेंस्की को दी अहम सलाह।

मॉस्को: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बृहस्पतिवार को अपना सालाना संवाददाता सम्मेलन और ‘कॉल-इन शो’ कार्यक्रम आयोजित किया। यह ऐसा एक वार्षिक कार्यक्रम है, जिसका इस्तेमाल वह अपने प्रभुत्व का अहसास बनाये रखने और देश के राजनीतिक परिदृश्य पर व्यापक नियंत्रण होने का प्रदर्शन करने के लिए करते रहे हैं। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि पुतिन के सामने इस दौरान 20 लाख सवालों की लिस्ट आई। हालांकि उन्होंने उनमें से कुछ का ही जवाब दिया। रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर पुतिन जेलेंस्की को सबसे बड़ी नसीहत दी।

हालांकि रूसी राष्ट्रपति ने यह नहीं बताया कि रूस-यूक्रेन युद्ध कब खत्म होगा, लेकिन उन्होंने जेलेंस्की को सलाह दी कि उन्हें नाटो में यूक्रेन को शामिल कराने की जिद छोड़ देनी चाहिए। इस दौरान पुतिन ने रूस की आर्थिक स्थिति के बारे में भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष यह लगभग 4 प्रतिशत बढ़ने की राह पर है। उन्होंने स्वीकार किया कि उपभोक्ता मुद्रास्फीति 9.3 प्रतिशत के उच्च स्तर पर है, लेकिन उन्होंने इसे कम करने के लिए केंद्रीय बैंक के प्रयासों का उल्लेख किया तथा इस बात पर जोर दिया कि अर्थव्यवस्था में स्थिति ‘‘स्थिर’’ बनी हुई है।

सीरिया पर क्या बोले पुतिन

पुतिन ने कहा कि वह सीरिया के अपदस्थ राष्ट्रपति बशर अल-असद से उस अमेरिकी पत्रकार की स्थिति के बारे में पूछेंगे जो 12 साल पहले सीरिया में लापता हो गया था। पुतिन ने कहा कि उन्होंने अभी तक असद से मुलाकात नहीं की है, जिन्हें मॉस्को में शरण दी गई है, लेकिन उनकी उनसे मुलाकात करने की योजना है और वह उनसे अमेरिकी पत्रकार ऑस्टिन टाइस के बारे में पूछेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘हम यह सवाल उन लोगों से भी पूछ सकते हैं जो सीरिया में जमीनी स्तर पर स्थिति को नियंत्रित करते हैं।’’ इस कार्यक्रम का रूस के सरकार नियंत्रित टीवी स्टेशनों द्वारा सीधा प्रसारण किया जाता है तथा पिछले कुछ वर्षों में इस पर घरेलू मुद्दे हावी रहे हैं।

जेलेंस्की को छोड़नी होगी एक चाहत

स्टूडियो में फोन करने वाले ज्यादातर पत्रकार और आम लोग सड़क की मरम्मत, बिजली की कीमतों, घर के रखरखाव, चिकित्सा सेवाओं, परिवारों के लिए सरकारी सब्सिडी और अन्य आर्थिक और सामाजिक मुद्दों के बारे में सवाल पूछते हैं। रूसी सरकारी मीडिया ने बताया कि आम नागरिकों ने शो से पहले 20 लाख से अधिक प्रश्न प्रस्तुत किए। यूक्रेन में रूस की सैन्य कार्रवाई और पश्चिमी देशों के साथ बढ़ते तनाव से जुड़े सवाल इस कार्यक्रम में पूछे जाने की उम्मीद है। पुतिन ने हालांकि कहा है कि रूस संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए बातचीत के लिए तैयार है लेकिन उन्होंने अपनी मांग दोहराई कि यूक्रेन को उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) में शामिल होने की अपनी चाहत को छोड़ देना चाहिए।

परिवहन निगम की बसें परिवहन निगम के बस स्टैण्ड से संचालित करायी जायें, यात्री सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाए- दयाशंकर सिंह

  • परिवहन मंत्री की अध्यक्षता में महाकुम्भ-2025 के दृष्टिगत समीक्षा बैठक सम्पन्न
  • परिवहन विभाग की फेसलेश सेवाओं एवं निगम की मार्गदर्शी ऐप का लोकार्पण 25 दिसम्बर को सीएम योगी के कर-कमलों द्वारा कराने की तैयारी

लखनऊ: परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह की अध्यक्षता में जनपद प्रयागराज में महाकुम्भ-2025 के दृष्टिगत प्रदेश में सुगम एवं सुरक्षित परिवहन व्यवस्था हेतु आज परिवहन निगम, मुख्यालय के सभागार कक्ष में समीक्षा बैठक की गयी। उन्होंने भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेयी जी की वार्षिक जयंती के अवसर पर सुशासन के दृष्टिगत फेशलेस सेवाओं का तथा परिवहन निगम की ऐप का लोकार्पण मुख्यमंत्री जी के कर-कमलों द्वारा कराया जाने की तैयारियों हेतु निर्देशित किये।

परिवहन मंत्री ने निर्देश दिया कि महाकुम्भ-2025 के दृष्टिगत परिवहन निगम की बसें परिवहन निगम के बस स्टैण्ड से संचालित करायी जायें। बस स्टेशन एवं बसों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। यात्रियों के लिए पेयजल की व्यवस्था तथा स्वच्छ शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। समस्त जनपदांं में प्राइवेट बसों के सचांलन के लिए महाकुम्भ के दृष्टिगत एक अस्थायी बस स्टैण्ड की स्थापना करायी जाए, जहॉ पर श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए सभी तरह की व्यवस्थायें यथा- पेयजल, शौचालय, डारमेटरी की व्यवस्थायें सुनिश्चित की जाए। निगम एवं प्राइवेट बस स्टैण्ड पर हेल्प डेस्क तथा पब्लिक एड्रेस सिस्टम द्वारा श्रद्धालुओं को सूचना दिया जाए।

परिवहन मंत्री ने कहा कि परिवहन निगम की समस्त बसों में भक्तिपूर्ण संगीत चलाये जाएं। पार्किंग स्थल से कुम्भ क्षेत्र में बुजुर्ग एवं दिव्यांग श्रद्धालुओं को लाने ले जाने हेतु ई- बसों की व्यवस्था परिवहन निगम द्वारा सुनिश्चित की जाए। सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत प्रयागराज को जोड़ने वाले समस्त मार्गों पर इंटरसेप्टर वाहनों की ड्यूटी लगायी जाए तथा कुम्भ जाने वाले समस्त वाहनों को सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत जागरूक किया जाए।

कुम्भ की ड्यूटी में लगे हुए प्रत्येक अधिकारी/कर्मचारी अपनी ड्यूटी का संपादन महज ड्यूटी के कर्तव्य को पूर्ण करने के स्थान पर ईश्वर की कृपा मानते हुए करें। इससे उन्हें एक ओर श्रद्धालु आशीर्वाद देगें तथा दूसरी ओर ड्यूटी में लगे अधिकारियों/कर्मचारियों को पुण्य की प्राप्ति होगी।

बैठक में अपर मुख्य सचिव परिवहन वेंकटेश्वर लू, परिवहन आयुक्त चन्द्र भूषण सिंह, विशेष सचिव के0पी0 सिंह एवं अपर परिवहन आयुक्त (स0सु0) पी0एस0 सत्यार्थी तथा अपर परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन) ए0के0सिंह के साथ ही वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से प्रदेश के समस्त जिलाधिकारी/अपर जिलाधिकारी/क्षेत्रीय प्रबंधक/सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक/उप परिवहन अधिकारी(परिक्षेत्र)/संभागीय परिवहन अधिकारी/सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी उपस्थित रहे।

भाजपा ने हमेशा डॉ. अम्बेडकर के दृष्टिकोण को बढ़ाया- डॉ.राजेश्वर सिंह

भाजपा ने हमेशा डॉ. अम्बेडकर के दृष्टिकोण को बढ़ाया - डॉ. राजेश्वर सिंह
भाजपा ने हमेशा डॉ. अम्बेडकर के दृष्टिकोण को बढ़ाया - डॉ. राजेश्वर सिंह
भाजपा ने हमेशा डॉ. अम्बेडकर के दृष्टिकोण को बढ़ाया - डॉ. राजेश्वर सिंह
  • डॉ. राजेश्वर सिंह ने कांग्रेस पार्टी पर आरोप लगते हुए कहा- डॉ.अम्बेडकर के नाम का इस्तेमाल अपनी छोटी राजनीति के लिए कर रही है।
  • डॉ. सिंह ने डॉ.अम्बेडकर की धरोहर के प्रति भा.ज.पा. के योगदान का बचाव किया।
  • भारत रत्न से लेकर पंच तीर्थ तक: डॉ. राजेश्वर सिंह ने कांग्रेस को दिया कड़ा जवाब।
  • भाजपा का डॉ. अम्बेडकर के प्रति सम्मान पर डॉ. राजेश्वर सिंह ने 11 मुख्य तथ्यों के साथ स्पष्ट की स्थिति।
  • उन्होंने कहा- कांग्रेस डॉ. अम्बेडकर के नाम का राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग नहीं कर सकती।

लखनऊ, 19 दिसम्बर 2024: डॉ. भीमराव अम्बेडकर के नाम पर कांग्रेस पार्टी द्वारा किये जा रहे विरोध प्रदर्शन के बीच सरोजनीनगर से भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने डॉ. अम्बेडकर के योगदान को सम्मानित करने के लिए भाजपा सरकार द्वारा किए गए महत्वपूर्ण कार्यों की सूची प्रस्तुत की। डॉ. सिंह ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा कि भाजपा ने हमेशा भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर का सम्मान किया है और उनके दृष्टिकोण को आगे बढ़ाया है।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने भाजपा सरकारों द्वारा किए गए कुछ प्रमुख कार्यों की सूची प्रस्तुत की:

  • भारत रत्न: भाजपा के समर्थन से केंद्र सरकार ने 1990 में मरणोपरांत डॉ. अम्बेडकर को भारत रत्न से सम्मानित किया। इसके बाद उनकी शिक्षाओं और योगदान को जन-जन तक पहुँचाने के लिए कई योजनाएं बनाई गईं।
  • अम्बेडकर के पंच तीर्थ: भाजपा सरकार ने डॉ. अम्बेडकर से जुड़े पांच प्रमुख स्थलों — महू (मध्य प्रदेश), नागपुर, लोणावला, दिल्ली और मुंबई — के विकास पर ध्यान केंद्रित किया है, जिससे इन स्थलों पर बुनियादी ढांचे में सुधार और पर्यटन को बढ़ावा मिला है।
  • प्रतिमाएं और स्मारक: डॉ. अम्बेडकर के सम्मान में कई प्रमुख प्रतिमाएं और स्मारक स्थापित किए गए हैं, जिनमें दिल्ली का अम्बेडकर मेमोरियल और लखनऊ का स्टेचू ऑफ़ इक्वैलिटी शामिल हैं।
  • अम्बेडकर फाउंडेशन: डॉ. अम्बेडकर फाउंडेशन को वित्तीय सहायता प्रदान की गई, जिससे उनके सामाजिक और शैक्षिक उद्देश्यों को आगे बढ़ाया जा सके।
  • स्कॉलरशिप और शैक्षिक पहल: दलित छात्रों को समान शैक्षिक अवसर प्रदान करने के लिए अम्बेडकर राष्ट्रीय मेरिट स्कॉलरशिप योजना जैसी योजनाओं को बढ़ावा दिया गया है।
  • आरक्षण नीति: भाजपा ने डॉ. अम्बेडकर के सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप दलितों और पिछड़े समुदायों के लिए आरक्षण नीति को बनाए रखा है।
  • दलित प्रतिनिधित्व: भाजपा ने दलित समाज से आने वाले श्री रामनाथ कोविंद को 2017 में भारत के राष्ट्रपति के रूप में नियुक्त किया, जो एक महत्वपूर्ण राजनीतिक कदम था।
  • सामाजिक कल्याण योजनाएं: डॉ. अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर जैसी परियोजनाओं और अन्य विकास योजनाओं को अम्बेडकर के नाम से विकसित किया गया है।
  • अम्बेडकर जयंती उत्सव: भाजपा सरकार 14 अप्रैल को डॉ. अम्बेडकर की जयंती को राष्ट्रीय स्तर पर मनाती है, इस दिन को उनकी श्रद्धांजलि के रूप में मनाया जाता है।
  • दलितों के लिए कानूनी संरक्षण: भाजपा ने एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम जैसे कानूनों को मजबूत करने का समर्थन किया है, जो दलितों को भेदभाव और हिंसा से बचाता है।
  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की नियुक्ति: आदिवासी वर्ग से आने वाली माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को देश के सर्वोच्च पद पर नियुक्त किया गया, जो भाजपा की एक महत्वपूर्ण पहल है।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि इन सभी प्रयासों के माध्यम से भाजपा सरकार ने डॉ. अम्बेडकर के प्रति अपनी श्रद्धा और उनके दृष्टिकोण को सम्मानित किया है। वहीं, उन्होंने कांग्रेस पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह वही पार्टी है जिसने बाबा साहेब को चुनाव में हरवाया और सत्ता में रहने के बावजूद उन्हें भारत रत्न नहीं दिया। उन्होंने यह भी पूछा कि आज कांग्रेस किस मुँह से डॉ. अम्बेडकर के नाम का उपयोग अपनी सस्ती और दिशाहीन राजनीति के लिए कर रही है? डॉ. सिंह का यह बयान केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के समर्थन में आया है, जब कांग्रेस पार्टी उनकी बात को तोड़ मरोड़कर राजनीतिक रंग दिए जाने का प्रयास कर रही है।

उत्तरप्रदेश: पंचायतीराज मंत्री ने 43 ग्राम पंचायतों के लिए क्लाइमेट स्मार्ट योजना का विमोचन

उत्तरप्रदेश: पंचायतीराज मंत्री ने 43 ग्राम पंचायतों के लिए क्लाइमेट स्मार्ट योजना का विमोचन
उत्तरप्रदेश: पंचायतीराज मंत्री ने 43 ग्राम पंचायतों के लिए क्लाइमेट स्मार्ट योजना का विमोचन
उत्तरप्रदेश: पंचायतीराज मंत्री ने 43 ग्राम पंचायतों के लिए क्लाइमेट स्मार्ट योजना का विमोचन
  • पंचायतीराज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 43 ग्राम पंचायतों के लिए क्लाइमेट स्मार्ट कार्य योजना का विमोचन किया।
  • 58,000 ग्राम पंचायतों के लिए SOP और अयोध्या सिटी क्लाइमेट एक्शन प्लान का भी विमोचन हुआ।
  • मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने इसे ग्रामीण जलवायु कार्यवाही को मजबूत करने की दिशा में पहला कदम बताया।
  • कृषि विभाग और पर्यावरण विभाग के सचिवों ने जलवायु परिवर्तन के प्रति सक्रिय कदम उठाने पर जोर दिया।
  • वसुंधा फाउंडेशन ने प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के माध्यम से ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाने की योजना बनाई।

लखनऊ, 19 दिसंबर 2024: उत्तर प्रदेश के पंचायतीराज, अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने आज लखनऊ स्थित ताज होटल में आयोजित एक समारोह में 43 ग्राम पंचायतों के लिए क्लाइमेट स्मार्ट कार्य योजना का विमोचन किया। इस कार्यक्रम में मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस मौके पर उत्तर प्रदेश की 58,000 ग्राम पंचायतों के लिए क्लाइमेट स्मार्ट ग्राम पंचायत कार्य योजना (CSGPAP) के विकास हेतु मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) और अयोध्या के लिए सिटी क्लाइमेट एक्शन प्लान का भी विमोचन किया गया।

श्री राजभर ने इसे उत्तर प्रदेश को सतत और क्लाइमेट स्मार्ट बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती अब दूर नहीं है, बल्कि यह हमारे जीवन, समुदायों और पारिस्थितिकी तंत्र को सीधे प्रभावित कर रही है। उन्होंने जलवायु लचीलापन और कार्यवाही को नीति में शामिल करने के महत्व पर बल दिया, ताकि संतुलित विकास और पर्यावरणीय सामंजस्य सुनिश्चित हो सके। उन्होंने पंचायतीराज विभाग की ओर से इस पहल को पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया और सभी को इस मिशन में शामिल होने का आह्वान किया।

मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने इस पहल को ग्रामीण स्तर पर जलवायु कार्यवाही को मजबूत करने के लिए उत्तर प्रदेश का पहला प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि SOP ग्रामीण उत्तर प्रदेश में क्लाइमेट स्मार्ट पहल को व्यापक स्तर पर लागू करने में अहम भूमिका निभाएगा। साथ ही, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के लिए राज्य में पहले से चल रही योजनाओं को नए दृष्टिकोणों से जोड़ा जाना चाहिए।

जलवायु परिवर्तन के प्रभावों पर विशेषज्ञों के विचार रविंद्र नायक, प्रमुख सचिव, कृषि विभाग ने कहा कि जलवायु परिवर्तन का सबसे गहरा प्रभाव कृषि पर पड़ रहा है। उन्होंने किसानों और ग्रामीण समुदायों को जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूक करने और व्यवहारिक बदलाव लाने की आवश्यकता पर बल दिया।

सुशांत शर्मा, सचिव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने कहा कि यह योजना आने वाली पीढ़ियों के लिए सतत भविष्य सुनिश्चित करने में मदद करेगी। उन्होंने जलवायु कार्यवाही में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया।

वसुंधा फाउंडेशन के सीईओ श्रीनिवास कृष्णस्वामी ने इस योजना को भारत में जलवायु कार्यवाही को स्थानीय स्तर पर लागू करने की दिशा में एक अभिनव पहल बताया। उन्होंने उत्तर प्रदेश की सभी 58,000 ग्राम पंचायतों में क्लाइमेट स्मार्ट योजनाओं के कार्यान्वयन को तेज करने के लिए प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित करने की योजना साझा की।

ग्राम पंचायतों की भूमिका और अनुभव ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों, जैसे पुलंदर ग्राम पंचायत, कानपुर देहात की प्रधान प्रीति तिवारी और जराखर ग्राम पंचायत, हमीरपुर के प्रधान कमलेश जराखर ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि उनकी पंचायतों ने जलवायु स्मार्ट बनने के लिए ठोस कदम उठाए हैं और इस दिशा में वसुंधा फाउंडेशन से महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उनकी पंचायतें जल्द ही सतत और जलवायु लचीला मॉडल बनेंगी। इस कार्यक्रम ने न केवल ग्राम पंचायतों बल्कि निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के साझेदारों को जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए एकजुट किया। यह पहल राज्य के सतत विकास की दिशा में एक मजबूत कदम है।

अध्यक्ष, राज्य महिला आयोग द्वारा पंचायतीराज संस्थाओं में प्रॉक्सी उपस्थिति रोकने हेतु राज्य स्तरीय संगोष्ठी आयोजित

अध्यक्ष राज्य महिला आयोग द्वारा पंचायतीराज संस्थाओं में प्रॉक्सी उपस्थिति रोकने हेतु राज्य स्तरीय संगोष्ठी आयोजित
अध्यक्ष राज्य महिला आयोग द्वारा पंचायतीराज संस्थाओं में प्रॉक्सी उपस्थिति रोकने हेतु राज्य स्तरीय संगोष्ठी आयोजित
अध्यक्ष राज्य महिला आयोग द्वारा पंचायतीराज संस्थाओं में प्रॉक्सी उपस्थिति रोकने हेतु राज्य स्तरीय संगोष्ठी आयोजित
  • राज्य स्तरीय संगोष्ठी: प्रॉक्सी उपस्थिति रोकने के लिए लखनऊ में दो दिवसीय राज्य स्तरीय संगोष्ठी का आयोजन।
  • महिला प्रधानों को प्रशिक्षण: ग्राम प्रधानों को आयकर रिटर्न दाखिल करने और उनके अधिकारों व कर्तव्यों की जानकारी दी गई।
  • प्रॉक्सी प्रथाओं पर चर्चा: ‘प्रधान पति’ की प्रॉक्सी प्रथाओं को समाप्त करने के कानूनी उपायों पर विस्तृत विचार-विमर्श।
  • महिलाओं का सशक्तिकरण: मिशन शक्ति के तहत पंचायत स्तर पर महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए जागरूकता अभियान।
  • क्षेत्र भ्रमण: संगोष्ठी के दूसरे दिन ग्राम पंचायत अटारी में हितधारकों के साथ संवाद और क्षेत्रीय समस्याओं पर चर्चा।

लखनऊ, 19 दिसंबर, 2024: सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेशों के तहत, पंचायतीराज संस्थाओं में प्रॉक्सी उपस्थिति की समस्या को समाप्त करने के उद्देश्य से राज्य स्तरीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह संगोष्ठी होटल रेग्नंत, निराला नगर, लखनऊ में आयोजित हुई, जिसमें विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम का आयोजन दो दिवसीय था और इसका उद्घाटन राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबिता सिंह चौहान, पंचायतीराज सचिव बी. चंद्रकला, पंचायतीराज मंत्रालय के निदेशक रामित मौर्या, और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।

इस संगोष्ठी में महिला प्रतिनिधियों और अधिकारियों ने प्रॉक्सी प्रथाओं पर विचार-विमर्श किया। कार्यक्रम में उपस्थित 40 महिला पंचायत प्रतिनिधियों के अलावा झारखंड, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश के निर्वाचित महिला पंचायत प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। कार्यक्रम में यूएनएफपीए और सेंटर फॉर कैटेलाइजिंग चेंज (सी3) जैसी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की।

महिला प्रतिनिधियों को अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी

संगोष्ठी में महिला ग्राम प्रधानों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया। उच्च न्यायालय के आदेश के आधार पर ग्राम प्रधानों को आयकर रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया और उनके पद से हटाए जाने के प्रावधानों की जानकारी दी गई। साथ ही, पंचायतों में ‘प्रधान पति’ द्वारा प्रॉक्सी के माध्यम से कार्य करने की प्रवृत्ति को समाप्त करने के कानूनी उपायों पर चर्चा की गई।

कार्यक्रम में उपस्थित महिला प्रतिनिधियों ने खुलकर अपने अनुभव साझा किए और प्रॉक्सी प्रथाओं को समाप्त करने के लिए सुझाव दिए। आईईसी (इन्फॉर्मेशन, एजुकेशन एंड कम्युनिकेशन) अभियानों के जरिए महिलाओं को सशक्त करने और पंचायतों में लिंग भेदभाव को समाप्त करने की रणनीतियों पर विचार किया गया।

मिशन शक्ति के अंतर्गत महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर

पंचायतीराज विभाग ने मिशन शक्ति के तहत महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए चलाए जा रहे विभिन्न अभियानों की जानकारी साझा की। साथ ही, सलाहकार समिति ने पंचायत स्तर पर कानूनी उपायों के कार्यान्वयन की आवश्यकता पर बल दिया।

क्षेत्र भ्रमण और हितधारकों के साथ संवाद

संगोष्ठी के दूसरे दिन, 20 दिसंबर, 2024 को समिति के सदस्य लखनऊ जिले के माल विकास खंड की ग्राम पंचायत अटारी का भ्रमण करेंगे। इस दौरान, हितधारकों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं और सुझावों पर चर्चा की जाएगी। यह क्षेत्रीय भ्रमण पंचायतीराज संस्थाओं के संचालन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।