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कैंसर इलाज : क्या घरेलू उपायों से कैंसर को हराया जा सकता है? जानें विशेषज्ञों की राय

कैंसर उपचार: क्या घरेलू उपायों से कैंसर को हराया जा सकता है? जानें विशेषज्ञों की राय।

कैंसर एक गंभीर और जानलेवा बीमारी है। कैंसर का नाम सुनते ही लोगों के दिलों में खौफ सताने लगता है। हालांकि अब कैंसर का इलाज मुमकिन है, बशर्ते कैंसर की पकड़ शुरूआती स्टेज में हो। बता दें कि भारतीय पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी को 4th स्टेज का ब्रेस्ट कैंसर था। लेकिन अब उनकी पत्नी कैंसर को मात दे चुकी हैं। उन्होंने कैंसर मुक्त होने का क्रेडिट घरेलू नुस्खों को दिया है।

नवजोत सिंह सिद्धू ने बताया कि उनकी पत्नी की डाइट में नीम के पत्ते, हल्दी, सेब का सिरका, अनार, नींबू पानी, चुकंदर और आंवला जैसे खाद्य पदार्थ शामिल थे। सिद्धू ने बताया कि उनकी पत्नी को चीनी और कार्बोहाइड्रेट देना बंद कर दिया था। उन्होंने बताया कि वह शाम को 6 बजे खाना खाती थीं और फिर अगले दिन सुबह कुछ खाती थीं। सिद्धू ने बताया कि सख्त डाइट औऱ मेडिकल ट्रीटमेंट ने उनकी पत्नी के ठीक होने में अहम भूमिका निभाई। लेकिन क्या सच में कैंसर को हराने में घरेलू उपचार मददगार हैं।

घरेलू उपायों से कैंसर हराया जा सकता है

हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक कैंसर के इलाज के लिए सिर्फ डाइट पर निर्भर नहीं रहा जा सकता है। एक्सपर्ट ने भी नीम जैसे खाद्य पदार्थों से कैंसर का इलाज होने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं माना है। एक्सपर्ट का मानना है कि कीमोथेरेपी, सर्जरी और रेडिएशन जैसे तरीकों से कैंसर का इलाज किया जाता है। वहीं सही डाइट लेने से इम्यूनिटी को भी बढ़ावा मिलता है और इलाज के साइड इफेक्ट्स को कम किया जा सकता है।

हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो डाइट से रिकवरी करने में सहायता मिल सकती है। लेकिन यह इस गंभीर बीमारी के मानक इलाज का विकल्प नहीं हो सकती है। इसलिए इसके इलाज के लिए डॉक्टर की सलाह लेना बहुत जरूरी है। ऐसे में आपको किसी भी डाइट पर आंख बंद करके भरोसा करने से बचना चाहिए।

नासा का यान “द पार्कर सोलर प्रोब” सूरज के बेहद करीब पहुंचा, इतिहास रचने की कगार पर

वाशिंगटनः अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का  “द पार्कर सोलर प्रोब” यान सूरज के बेहद नजदीक पहुंच गया है। बताया जा रहा है कि सूरज की सतह से करीब 61 लाख किलोमीटर दूर से कारनुमा यह विमान सफलतापूर्वक गुजर गया है। हालांकि इसके बाद यह पता नहीं चल पाया है कि वह सलामत है या नहीं। अगर यह सकुशल वापसी में सफल रहता है तो सूरज पर एक नया इतिहास लिखा जाना तय है।

बता दें कि सूरज के करीब पहुंचा यह यान छोटी कार के आकार में है। यह सूरज के सबसे नजदीक से गुजरने वाला पहला इंसानी वस्तु बन चुका है। बता दें कि सूरज के नजदीक से गुजरते वक्त यान की स्पीड 6.90 लाख किलोमीटर प्रतिघंटा दर्ज की गई है। सूरज के करीब से गुजरते ही वैज्ञानिकों का उत्साह कई गुना बढ़ गया है। वह इस पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं और आगे की सूचना का इंतजार कर रहे हैं।

सूरज के इतने करीब तक नहीं पहुंच सकी कोई इंसानी वस्तु

अभी तक सूरज के इतनी करीब इंसान की बनाई को भी वस्तु नहीं पहुंच सकी है। ऐसे में वैज्ञानिकों में उत्साह के बाद चिंता भी है कि सूरज के इतने करीब पहुंचने के बाद यह यान जिंदा लौट पाएगा या नहीं। क्योंकि सूरज के नजदीकी सतह से गुजरने के बाद से यान के बारे में कोई और अपडेट नहीं मिल सकी है।

नासा का क्या है कहना

NASA की मिशन डायरेक्टोरेट की एसोसिएट एडमिनिस्ट्रेटर निकोला फॉक्स के अनुसार पार्कर यान को जिस काम के लिए भेजा गया था, उसे उसने हासिल कर लिया है। सबकुछ ठीक रहा तो वह 27 दिसंबर तक हमें कुछ सिग्नल देगा। इसके बाद ही पता चलेगा की वह जिंदा है या सूरज की लपटों में खाक हो गया।

पार्कर यान ने खींची कई तस्वीरें

मिशन के प्रोजेक्ट वैज्ञानिक नूर रवाफी के अनुसार पार्कर यान ने सूरज के नजदीक से गुजरने के दौरान कई तस्वीरें भी खींची हैं, जो वैज्ञानिकों को जनवरी में मिल जाएगी। पार्कर सूरज से दूर निकलने के बाद स्टेटस अपडेट करेगा। वैज्ञानिकों के अनुसार सूरज के इतने नजदीक से गुजरने वाली यह पहली इंसानी वस्तु है।

मलयालम में इमोशनल गानों के बादशाह एमटी वासुदेवन नायर का 91 वर्ष की आयु में निधन, सिनेमा जगत में शोक की लहर

मलयालम लेखक और पटकथा लेखक एमटी वासुदेवन नायर का 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया। मलयालम में इमोशनल गानों के बादशाह एमटी वासुदेवन नायर का बुधवार को कोझिकोड में निधन हो गया। पिछले ग्यारह दिनों से लेखक अस्पताल में भर्ती थे। उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। वेंटिलेटर सपोर्ट पर रहने के कारण दिवंगत लेखक ने बुधवार को अंतिम सांस ली। ‘नालुकेट’, ‘रंदामूझम’, ‘वाराणसी’ और ‘स्पिरिट ऑफ डार्कनेस’ जैसी उनकी कृतियों ने उन्हें साहित्य जगत में महत्वपूर्ण स्थान दिलाया।

केरल सरकार ने की शोक की घोषणा

केरल सरकार ने मलयालम लेखक एमटी वासुदेवन नायर के निधन पर 26 और 27 दिसंबर को आधिकारिक शोक घोषित किया है। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने सम्मान स्वरूप 26 दिसंबर को होने वाली कैबिनेट बैठक समेत सभी सरकारी कार्यक्रमों को स्थगित करने का निर्देश दिया है। ये जानकारी सीएमओ से जारी की गई है।

यहां देखें पोस्ट

मलयालम फिल्म उद्योग में उनका योगदान

एमटी वासुदेवन नायर ने मलयालम सिनेमा में भी योगदान दिया। उन्होंने ‘निर्मल्यम’, ‘पेरुंतचन’, ‘रंदामूझम’ और ‘अमृतम गमया’ सहित कई लोकप्रिय फिल्मों के लिए पटकथाएं लिखीं। इसके अलावा उन्हें देशभर से कई पुरस्कार मिल चुके हैं, जिनमें 1996 में ज्ञानपीठ और 2005 में पद्म भूषण जैसे सम्मान शामिल हैं।

एमटी का जन्म पलक्कड़ के पास कूडलूर में हुआ था

एमटी वासुदेवन नायर का जन्म जुलाई 1933 में पलक्कड़ के पास कूडलूर में हुआ था। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा मलमलकव एलपी स्कूल और कुमारनल्लूर हाई स्कूल से प्राप्त की और फिर विक्टोरिया कॉलेज से रसायन विज्ञान में बीएससी की डिग्री हासिल की। ​​स्नातक करने के बाद वे शिक्षक बन गए, लेकिन उनकी साहित्यिक यात्रा तब शुरू हुई जब उनकी कहानियाँ जयकेरलम पत्रिका में प्रकाशित होने लगीं। इसी दौरान उनका पहला कहानी संग्रह ‘ब्लडी सैंड्स’ भी प्रकाशित हुआ।

बेहतरीन फिल्मों के रहे निर्माता

मलयालम और बंगाल का साहित्य और सिनेमा के प्रति प्रेम हमेशा से मशहूर रहा है, जहां लोग अपने लेखकों और फिल्म निर्माताओं का बहुत सम्मान करते हैं। मलयालम साहित्य और सिनेमा की एक ऐसी ही शख्सियत हैं एमटी वासुदेवन नायर, जिन्हें उनके प्रशंसक प्यार से सिर्फ़ एमटी कहते हैं। वे एक साथ कहानीकार, पटकथा लेखक, अभिनेता और निर्देशक रहे हैं। उनकी फिल्मों ने मलयालम सिनेमा की परंपराओं को आगे बढ़ाया और नए प्रयोग किए। एम.टी. के सिने-लेखक व्यक्तित्व ने उन्हें न केवल साहित्य जगत में बल्कि फिल्म जगत में भी महत्वपूर्ण स्थान दिलाया।

IND vs AUS: रोहित शर्मा ने इस नाकाम खिलाड़ी को प्लेइंग 11 से बाहर किया, लिया चौंका देने वाला फैसला

IND vs AUS: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जा रही है। इस सीरीज के चौथा मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस ने टॉस जीता और उन्होंने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया। टॉस के वक्त जब रोहित शर्मा आए तब उस वक्त ऐसा माना जा रहा था कि वह टीम इंडिया अपनी प्लेइंग 11 में कुछ खास बदलाव नहीं करेगी। खास कर टॉप ऑर्डर के बारे में बात की जाए। उसमें तो बदलाव के बारे में सोचा भी नहीं जा रहा था, लेकिन टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा ने चौंकाने वाला फैसला लिया और एक फ्लॉप प्लेयर को प्लेइंग 11 से बाहर कर दिया है।

इस खिलाड़ी को दिखाया बाहर का रास्ता

बॉक्सिंग डे टेस्ट में रोहित शर्मा से जब टीम इंडिया की प्लेइंग 11 के बारे में पुछा गया तब उन्होंने इस बताया का खुलासा किया कि प्लेइंग 11 में एक बदलाव किया गया है। रोहित शर्मा ने शुभमन गिल को प्लेइंग 11 से बाहर रास्ता दिखा दिया है। शुभमन गिल की जगह इस मुकाबले में वाशिंगटन सुंदर को शामिल किया गया है। ऐसे में टीम इंडिया तीन ऑलराउंडर के साथ इस मुकाबले में जा रही है। शुभमन गिल टीम इंडिया को वो बैलेंस नहीं दे पा रहे थे जो, वाशिंगटन सुंदर के होने से भारतीय टीम को मिल रहा था। यह एक कारण नजर आ रहा है कि उन्हें प्लेइंग 11 में शामिल किया गया है।

लंबे समय से हो रहे फ्लॉप

टीम इंडिया के स्टार युवा प्लेयर शुभमन गिल पिछले लंबे समय से एशिया के बाहर प्लॉप चल रहे हैं। इस सीरीज के दौरान भी उन्होंने कुछ खास कमाल नहीं किया है। यही कारण है कि रोहित शर्मा ने ऐसा फैसला लिया। रोहित शर्मा इस मैच में ओपन करते नजर आ सकते हैं। वहीं केएल राहुल तीन नंबर पर शुभमन गिल की जगह ले सकते हैं। टीम इंडिया ने इस मैच में तीन ऑलराउंडर को मौका दिया है। रवींद्र जडेजा, नितीश कुमार रेड्डी और वाशिंगटन सुंदर यह मैच एक साथ खेलते नजर आएंगे।

टीम इंडिया की प्लेइंग 11

यशस्वी जायसवाल, रोहित शर्मा (कप्तान), केएल राहुल, विराट कोहली, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, नितीश कुमार रेड्डी, वाशिंगटन सुंदर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, आकाश दीप

क्रिसमस वाले दिन रूस ने यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे पर किया बड़ा हमला, दागी कई मिसाइलें

कीव। दुनिया जब क्रिसमस के जश्न में डूबी है, उसी दौरान रूस ने बुधवार को यूक्रेन के ऊर्जा अवसंरचना को मिसाइल हमलों में तहस-नहस कर डाला है। इससे यूक्रेन के कई शहर अंधेरे में डूब गए हैं। रूस ने यूक्रेनी बिजली संयंत्रों को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर मिसाइल हमला किया। इस हमले की वजह से यूक्रेन के एक ताप विद्युत संयंत्र को बड़ा नुकसान पहुंचा। मिसाइल हमले शुरू होने के बाद स्थानीय लोगों को मेट्रो स्टेशन में भागकर शरण लेनी पड़ी।

यूक्रेन के ऊर्जा मंत्री हरमन हालुशेंको ने फेसबुक पर दिए एक बयान में बताया कि रूस ने फिर से ‘‘ऊर्जा अवसंरचना पर बड़े पैमाने पर हमला किया है।’’ यूक्रेन की वायु सेना ने देश के पूर्व में खार्किव, द्निप्रो और पोल्टावा क्षेत्रों पर कई मिसाइलों के दागे जाने की चेतावनी दी है। हालुशेंको ने कहा, ‘‘(बिजली) वितरण प्रणाली संचालक बिजली प्रणाली को हुई क्षति के प्रभाव को सीमित करने के लिए खपत न्यूनतम करने के उपाय किये गए हैं। जैसे ही सुरक्षा स्थिति अनुकूल होगी बिजली कर्मी नुकसान का आकलन करेंगे।’’ यूक्रेन की सबसे बड़ी निजी बिजली कंपनी डीटीईके ने कहा कि रूस ने बुधवार सुबह उसके एक ताप विद्युत संयंत्र पर हमला किया।

यूक्रेन के पावर ग्रिड पर 13वीं बार हमला

अधिकारियों के अनुसार इस वर्ष यूक्रेन के विद्युत ग्रिड पर रूस का यह 13वां हमला है। डीटीईके के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मैक्सिम टिमचेंको ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘क्रिसमस मना रहे लाखों शांतिप्रिय लोगों को भीषण सर्दी में ऊष्मा प्रणाली से वंचित करना एक पथभ्रष्ट और शैतानी कार्य है, जिसका जवाब दिया जाना चाहिए।’’ क्षेत्रीय प्रमुख ओलेह सिनीहुबोव ने टेलीग्राम पर बताया कि खार्किव को निशाना बनाकर कम से कम सात हमले किए गए, जिससे पूरे शहर में आग लग गई। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि कम से कम तीन लोग घायल हुए हैं।