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वाराणसी का करखियांव बनेगा स्वतंत्रता संग्राम पर्यटन सर्किट का नया केंद्र : 18 एकड़ में विकसित होगा भव्य स्मृति परिसर, पर्यटन विभाग ने जारी की 8 करोड़ रुपये की पहली किस्त, शहीदों की गौरवगाथा को मिलेगा स्थायी मंच

लखनऊ/वाराणसी, 15 जून 2026। उत्तर प्रदेश सरकार स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और देशभक्ति की भावना को सशक्त बनाने के लिए लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इसी कड़ी में वाराणसी जनपद के पिंडरा विकासखंड स्थित ऐतिहासिक गांव करखियांव को स्वतंत्रता संग्राम पर्यटन सर्किट के अंतर्गत विकसित किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए पर्यटन विभाग ने कुल 18.26 करोड़ रुपये की प्रस्तावित लागत में से पहली किस्त के रूप में 8 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं।

यह परियोजना केवल एक पर्यटन स्थल के विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर सेनानियों की स्मृतियों को संरक्षित करने और आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देने का एक बड़ा प्रयास है।

18 एकड़ में आकार लेगा आधुनिक स्मृति एवं पर्यटन परिसर

प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने बताया कि करखियांव में लगभग 18 एकड़ क्षेत्रफल में एक भव्य स्मृति एवं पर्यटन परिसर विकसित किया जा रहा है। इस परिसर में स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को आधुनिक तकनीक और कलात्मक माध्यमों से प्रदर्शित किया जाएगा।

परियोजना के तहत स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को संरक्षित करने के लिए संग्रहालय, स्मारक स्थल, पर्यटक सुविधाएं, विश्राम क्षेत्र और अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे यह स्थान न केवल इतिहास प्रेमियों बल्कि देशभर से आने वाले पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगा।

26 शहीदों की स्मृति में बनेगा म्यूरल पार्क और स्थापित होंगे 26 स्मृति स्तंभ

करखियांव की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां स्वतंत्रता संग्राम के दौरान शहीद हुए 26 वीरों की स्मृति को स्थायी रूप से संरक्षित किया जाएगा। इसके लिए परिसर में एक भव्य म्यूरल पार्क विकसित किया जा रहा है।

म्यूरल पार्क में शहीदों की वीरगाथाओं, संघर्षों और बलिदानों को कलात्मक चित्रांकन और भित्ति कला के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त 26 विशेष स्मृति स्तंभ भी स्थापित किए जाएंगे, जिनमें प्रत्येक स्तंभ एक शहीद का प्रतीक होगा। यह व्यवस्था आने वाली पीढ़ियों को देश की स्वतंत्रता के लिए दिए गए बलिदानों से परिचित कराएगी।

इको-टूरिज्म का भी होगा विकास, झील बनेगी नया आकर्षण

परियोजना को केवल ऐतिहासिक महत्व तक सीमित न रखते हुए पर्यटन विभाग ने इसे प्रकृति पर्यटन से भी जोड़ने की योजना बनाई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में स्मृति परिसर के भीतर स्थित झील का इको-टूरिज्म विकास कराया जाएगा।

झील क्षेत्र को पर्यावरण अनुकूल तरीके से विकसित किया जाएगा, जिससे पर्यटकों को प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक विरासत दोनों का अनुभव एक ही स्थान पर मिल सके। इससे स्थानीय पर्यटन गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

बाबतपुर एयरपोर्ट की निकटता से बढ़ेगा पर्यटन

करखियांव परियोजना की एक और बड़ी विशेषता इसकी भौगोलिक स्थिति है। यह स्थल (बाबतपुर एयरपोर्ट) के बेहद निकट स्थित है।

हवाई अड्डे के पास होने के कारण देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की पहुंच इस स्थल तक आसान होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में करखियांव स्वतंत्रता संग्राम पर्यटन सर्किट का प्रमुख केंद्र बन सकता है।

1857 से लेकर भारत छोड़ो आंदोलन तक करखियांव का रहा महत्वपूर्ण योगदान

करखियांव गांव का इतिहास स्वतंत्रता संग्राम से गहराई से जुड़ा हुआ है। स्थानीय इतिहासकारों और दस्तावेजों के अनुसार 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से लेकर 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन तक गांव के लोगों ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष में सक्रिय भूमिका निभाई थी।

बताया जाता है कि वाराणसी जिले में सबसे अधिक स्वतंत्रता सेनानी इसी गांव से थे। यही कारण है कि इस गांव को स्वतंत्रता संग्राम की विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। विशेष रूप से 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान यहां हुई घटनाएं आज भी स्थानीय जनमानस में जीवित हैं।

नई पीढ़ी को मिलेगा राष्ट्रभक्ति और बलिदान का संदेश

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार पर्यटन को केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि इतिहास, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणाओं से जोड़ने का कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि करखियांव में विकसित होने वाला यह स्मृति परिसर युवाओं को स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान से परिचित कराएगा। यहां आने वाले छात्र, शोधार्थी और पर्यटक देश की आजादी के लिए किए गए त्याग को करीब से समझ सकेंगे।

स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव ने बताया कि करखियांव को एक नए पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की व्यापक योजना तैयार की गई है।

उन्होंने कहा कि यहां आधुनिक पर्यटक सुविधाओं का विकास किया जाएगा और स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को आकर्षक एवं तकनीकी रूप से उन्नत तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा। परियोजना के पूर्ण होने के बाद स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और क्षेत्रीय विकास को नई गति प्राप्त होगी।

शहीदों की स्मृतियों को सहेजने की दिशा में बड़ा कदम

करखियांव में विकसित होने वाला स्वतंत्रता संग्राम स्मृति परिसर उत्तर प्रदेश सरकार की उस सोच का प्रतीक है, जिसके तहत ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करते हुए उन्हें पर्यटन और विकास से जोड़ा जा रहा है। यह परियोजना न केवल शहीदों के बलिदान को सम्मान देगी, बल्कि वाराणसी की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को भी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएगी।

171 सप्ताह से जनसेवा का संकल्प: “आपका विधायक-आपके द्वार” अभियान के तहत सरोजनीनगर विधायक डॉ.राजेश्वर सिंह लगातार सुन रहे ग्रामीणों की समस्याएं; गांव-गांव पहुंच रही जनसेवा, स्वास्थ्य, शिक्षा और युवाओं के सशक्तिकरण पर विशेष फोकस

लखनऊ। सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र में जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से विधायक द्वारा संचालित लोकप्रिय जनसंपर्क अभियान “आपका विधायक, आपके द्वार” का 171वां संस्करण अर्जुनगंज मंडल के ग्राम घुसवल कलां में आयोजित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं और मांगें विधायक के समक्ष रखीं, जिनके त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि उनकी प्राथमिकता जनता की समस्याओं का समाधान उनके घर और गांव में ही सुनिश्चित करना है, ताकि लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, युवा सशक्तिकरण और आधारभूत सुविधाओं का विकास उनकी जनसेवा का प्रमुख आधार है।

31 जनआवेदन प्राप्त, 6 मामलों का मौके पर हुआ समाधान

कार्यक्रम के दौरान कुल 31 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, किसान सम्मान निधि, हैंडपंप, सड़क एवं नाली निर्माण, पार्क निर्माण, मंदिर सौंदर्यीकरण, स्कूल सौंदर्यीकरण तथा कॉलोनी की सफाई जैसी जनहित की मांगें शामिल थीं।

प्राप्त आवेदनों में 5 वृद्धा पेंशन, 6 विधवा पेंशन, 6 आयुष्मान कार्ड, 3 राशन कार्ड, 2 सड़क एवं नाली निर्माण, 2 स्कूल सौंदर्यीकरण सहित अन्य विकास कार्यों से संबंधित मांगें शामिल रहीं। इनमें से 6 वरिष्ठ नागरिकों के आयुष्मान कार्ड मौके पर ही बनवाकर आवेदनों का तत्काल निस्तारण किया गया, जिससे लोगों में संतोष और विश्वास देखने को मिला।

स्वास्थ्य सेवाओं को गांव तक पहुंचाने की पहल, 88 लोगों का नेत्र परीक्षण

कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने के उद्देश्य से विज़न प्लस के सहयोग से एक विशेष नेत्र परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों की आंखों की जांच की गई और स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिया गया।

इस शिविर का लाभ कुल 88 नागरिकों ने प्राप्त किया। जांच के बाद 54 जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिकों को डॉ. राजेश्वर सिंह की ओर से निःशुल्क चश्मे उपलब्ध कराए जाने की घोषणा की गई। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए गठित हुए नए यूथ क्लब

युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने और उन्हें नशे व सामाजिक बुराइयों से दूर रखने के उद्देश्य से कार्यक्रम में 185वें बॉयज यूथ क्लब तथा 120वें गर्ल्स यूथ क्लब का गठन किया गया। बॉयज यूथ क्लब को क्रिकेट एवं वॉलीबॉल किट प्रदान की गई, जबकि गर्ल्स यूथ क्लब की बालिकाओं को बैडमिंटन, कैरम और वॉलीबॉल किट वितरित की गईं।

इस अवसर पर डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि खेल केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि यह युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और आत्मविश्वास का विकास करते हैं। उन्होंने युवाओं से खेलों को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, साइकिल पाकर खिले चेहरे

शिक्षा को प्रोत्साहित करने और प्रतिभाशाली छात्रों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से कार्यक्रम में मेधावी विद्यार्थियों को साइकिल वितरित कर सम्मानित किया गया। इस दौरान कक्षा 10 में 82 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले अर्थांश साहू, कक्षा 12 में 89 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाली अनुष्का यादव, कक्षा 10 में 87 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले अथर्व जायसवाल तथा कक्षा 12 में 70.8 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाली सुहानी कनौजिया को साइकिल प्रदान की गई।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि शिक्षा ही समाज और राष्ट्र के विकास का सबसे मजबूत आधार है। मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान अन्य छात्रों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता है।

तारा शक्ति रसोई के माध्यम से निःशुल्क भोजन की व्यवस्था

कार्यक्रम के दौरान डॉ. राजेश्वर सिंह की महत्वाकांक्षी सामाजिक पहल तारा शक्ति रसोई के तहत जरूरतमंदों एवं आमजन के लिए निःशुल्क भोजन की व्यवस्था की गई। बड़ी संख्या में लोगों ने इस सेवा का लाभ उठाया।

विकास और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्ध है अभियान

कार्यक्रम के अंत में सभी प्राप्त आवेदनों के गुणवत्तापूर्ण एवं शीघ्र निस्तारण का आश्वासन दिया गया। कुल 31 आवेदनों में से 6 का मौके पर समाधान किया गया जबकि शेष मामलों को आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को भेजा गया।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि “आपका विधायक, आपके द्वार” अभियान केवल समस्याएं सुनने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता और जनप्रतिनिधि के बीच विश्वास और संवाद का एक मजबूत माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि सरोजनीनगर के समग्र विकास, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और युवाओं के सशक्तिकरण के लिए उनके प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।

विशिष्ट जनसंपर्क अभियान के तहत विधायक डा. नीरज बोरा ने किया जनसंवाद : वरिष्ठ जनों के सम्मान संग गिनाईं केन्द्र सरकार की उपलब्धियां

लखनऊ। लखनऊ उत्तर विधानसभा के जयशंकर प्रसाद वार्ड अंतर्गत सेक्टर-डी, सेक्टर-सी एवं भारतेन्दु हरिश्चन्द्र वार्ड स्थित सीतापुर रोड के सेक्टर-ए में आयोजित विशिष्ट जनसंपर्क अभियान के तहत विधायक डॉ. नीरज बोरा ने क्षेत्र के विशिष्ट नागरिकों से संवाद स्थापित करते हुए उनका अभिनंदन किया।

इस अवसर पर डॉ. बोरा ने केंद्र एवं उत्तर प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों तथा सरकार की उपलब्धियों की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि सरकार सेवा, सुशासन एवं गरीब कल्याण के संकल्प के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रवासियों ने भी अपने सुझाव एवं विचार साझा किए।

अभियान के अंतर्गत विधायक डा. नीरज बोरा एवं भाजपा पदाधिकारियों ने सर्वप्रथम जयशंकर प्रसाद वार्ड अंतर्गत अलीगंज सेक्टर डी में जन सम्पर्क किया तथा वरिष्ठ नागरिक संतोष शुक्ला के आवास पर विशिष्ट जनों को अंगवस्त्रम् और साहित्य भेंट किया। वहीं सेक्टर सी में संतोष मिश्रा, पी.के.सेठ, जयकृष्ण अग्रवाल के आवास पर अलग अलग हुई बैठकों में सम्मिलित हुए जहां पार्षद स्वदेश सिंह, मंडल अध्यक्ष चंद्रशेखर गुप्ता सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। उत्तर मण्डल-5 अंतर्गत सीतापुर रोड योजना सेक्टर ए में वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान करते हुए सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। इस अवसर पर स्थानीय वरिष्ठ जनों के साथ मंडल अध्यक्ष संजय तिवारी, पार्षद मान सिंह यादव सहित अन्य उपस्थित रहे।

नरेन्द्र मोदी बने भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित रहने वाले प्रधानमंत्री: पीएम मोदी के विजन और सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश बना नए भारत के विकास मॉडल का प्रतीक – डॉ. राजेश्वर सिंह

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं सरोजनी नगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने तथा देश के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित रहने वाले प्रधानमंत्री बनने पर उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

डॉ. सिंह ने कहा कि वर्ष 2014 से प्रारंभ हुई यह यात्रा केवल एक सरकार के कार्यकाल की कहानी नहीं, बल्कि भारत के आत्मविश्वास, राष्ट्रीय गौरव, सुशासन और समावेशी विकास के पुनर्जागरण की गाथा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी सशक्त पहचान स्थापित की है तथा गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्ग के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35A का उन्मूलन कर राष्ट्रीय एकता और अखंडता को नई मजबूती प्रदान की गई। वहीं सदियों की प्रतीक्षा के बाद अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण भारत की सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बना है।

डॉ. सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को निर्णायक नेतृत्व प्रदान किया है। सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक, आतंकवाद के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति तथा हालिया ऑपरेशन सिंदूर ने स्पष्ट किया है कि नया भारत अपनी सुरक्षा और संप्रभुता पर कोई समझौता नहीं करता। ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से भारत ने आतंकवाद को संरक्षण देने वाली शक्तियों को कड़ा संदेश दिया है।

उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देते हुए भारत का रक्षा निर्यात लगभग ₹700 करोड़ से बढ़कर ₹24,000 करोड़ से अधिक पहुंच गया है। आज भारत मिसाइल, तोप, रडार, हेलीकॉप्टर और आधुनिक रक्षा प्रणालियों के निर्माण में वैश्विक पहचान स्थापित कर रहा है। स्वदेशी रक्षा उत्पादन और आत्मनिर्भर भारत अभियान ने देश की सामरिक क्षमता को मजबूत किया है।

डॉ. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता प्राप्त हुई है। सुरक्षा बलों की प्रभावी कार्रवाई और विकास-केंद्रित रणनीति के कारण नक्सल हिंसा में ऐतिहासिक गिरावट आई है तथा प्रभावित क्षेत्रों में विकास और सुशासन का विस्तार हुआ है।

गरीब कल्याण को मोदी सरकार की सबसे बड़ी पहचान बताते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत देशभर में 4 करोड़ से अधिक पक्के घर स्वीकृत किए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 10 करोड़ से अधिक महिलाओं को निःशुल्क एलपीजी कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। जल जीवन मिशन के माध्यम से 15 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल से स्वच्छ पेयजल की सुविधा मिली है तथा स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 11 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण किया गया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अंतर्गत 11 करोड़ से अधिक किसानों को ₹3.7 लाख करोड़ से अधिक की सहायता सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 41 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी किए गए हैं। वहीं प्रधानमंत्री जन धन योजना के अंतर्गत 55 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले गए हैं तथा DBT के माध्यम से लाखों करोड़ रुपये सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचाए गए हैं।

महिला सशक्तिकरण को मोदी सरकार की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम, लखपति दीदी अभियान, स्वयं सहायता समूहों, मुद्रा योजना और जनधन खातों के माध्यम से करोड़ों महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया गया है। वहीं G-20 की सफल अध्यक्षता, चंद्रयान-3 की सफलता, आदित्य-L1 मिशन, दुनिया के सबसे बड़े कोविड टीकाकरण अभियान तथा वैक्सीन मैत्री ने भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।

उन्होंने कहा कि आज भारत विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, मेक इन इंडिया, सेमीकंडक्टर मिशन, पीएम गति शक्ति, वंदे भारत ट्रेनें, एक्सप्रेसवे नेटवर्क, नए एयरपोर्ट और आधुनिक बुनियादी ढांचे ने देश की विकास यात्रा को नई गति दी है। भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।

डॉ. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश ने विकास, सुशासन और आर्थिक प्रगति के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। वर्ष 2017 में लगभग ₹3.85 लाख करोड़ का राज्य बजट बढ़कर वर्ष 2025-26 में ₹8.08 लाख करोड़ से अधिक हो गया है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ते हुए देश की दूसरी सबसे बड़ी राज्य अर्थव्यवस्था के रूप में उभरी है। डबल इंजन सरकार की नीतियों, वित्तीय अनुशासन और प्रभावी प्रशासन ने उत्तर प्रदेश को विकास के नए शिखर पर पहुंचाया है।

उन्होंने कहा कि योगी सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने निवेश, रोजगार और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 के माध्यम से ₹40 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। एक्सप्रेसवे विकास में उत्तर प्रदेश आज पूरे देश का नेतृत्व कर रहा है। वर्तमान में भारत के कुल परिचालित एक्सप्रेसवे नेटवर्क का लगभग 42 प्रतिशत हिस्सा उत्तर प्रदेश में स्थित है। गंगा एक्सप्रेसवे के पूर्ण रूप से संचालित होने के बाद यह हिस्सा लगभग 62 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है। देश के 24 परिचालित एक्सप्रेसवे में से 8 उत्तर प्रदेश में हैं तथा प्रदेश का कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क 2,300 किलोमीटर से अधिक का हो चुका है। आगरा-लखनऊ, पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गोरखपुर लिंक और गंगा एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं ने प्रदेश को देश की सर्वश्रेष्ठ कनेक्टिविटी वाले राज्यों में स्थापित किया है। डिफेंस कॉरिडोर, मेडिकल कॉलेजों के विस्तार, एयरपोर्ट विकास, मिशन शक्ति और पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाओं ने उत्तर प्रदेश की नई पहचान बनाई है।

डॉ. सिंह ने कहा कि राजधानी लखनऊ भी डबल इंजन सरकार की विकास दृष्टि का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है। लखनऊ मेट्रो, अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम, आउटर रिंग रोड, शहीद पथ विस्तार, आईटी सिटी, डिफेंस कॉरिडोर तथा स्मार्ट सिटी परियोजनाओं ने राजधानी की तस्वीर बदल दी है। चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के विस्तार तथा आधुनिक स्वास्थ्य एवं शैक्षणिक संस्थानों के विकास ने लखनऊ को निवेश, तकनीक, शिक्षा और रोजगार का प्रमुख केंद्र बना दिया है।

डॉ. सिंह ने कहा कि सरोजिनी नगर विधानसभा क्षेत्र भी डबल इंजन सरकार के विकास मॉडल का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है। बीते वर्षों में क्षेत्र में सड़क, जलनिकासी, विद्युत, शिक्षा, स्वास्थ्य और नागरिक सुविधाओं के क्षेत्र में व्यापक कार्य हुए हैं। सरोजिनी नगर में राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) के क्षेत्रीय कार्यालय की स्थापना, उत्तर प्रदेश इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज (UPFIS) की स्थापना, देश के पहले नौसेना विरासत संग्रहालय (Naval Museum) की पहल, अनंत नगर टाउनशिप परियोजना तथा विभिन्न अवसंरचनात्मक विकास कार्यों ने क्षेत्र को नई पहचान दी है। चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के विस्तार, प्रस्तावित एयरोसिटी, एआई सिटी, डिफेंस कॉरिडोर और औद्योगिक निवेश से सरोजिनी नगर भविष्य के विकास और निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। अशोक लीलैंड सहित अनेक औद्योगिक इकाइयों के विस्तार तथा बेहतर कनेक्टिविटी ने रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को नई गति प्रदान की है। आज सरोजिनी नगर केवल एक विधानसभा क्षेत्र नहीं, बल्कि नए उत्तर प्रदेश की विकास गाथा का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रहा है।

डॉ. सिंह ने कहा कि बीते 12 वर्षों में करोड़ों लोगों को गरीबी से बाहर निकालने, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने, शासन में पारदर्शिता लाने और भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य हुआ है। यह कालखंड भारत के आत्मविश्वास, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और राष्ट्रीय गौरव के पुनर्स्थापन का कालखंड है।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्ष गरीब कल्याण, सुशासन, राष्ट्रीय सुरक्षा, सांस्कृतिक पुनर्जागरण, आत्मनिर्भरता और वैश्विक नेतृत्व के स्वर्णिम अध्याय के रूप में इतिहास में दर्ज होंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर और अधिक गति से आगे बढ़ेगा तथा “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” का संकल्प नई ऊर्जा के साथ साकार होगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्ष भारत की विकास यात्रा में एक निर्णायक मील का पत्थर हैं और आने वाले वर्षों में यह यात्रा भारत को विश्व की अग्रणी शक्ति के रूप में स्थापित करेगी।

डीजीपी के अभियान को सुल्तानपुर में मिली बड़ी सफलता : SP चारु निगम के निर्देशन में एसओजी-सर्विलांस और कुड़वार पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अंतरजनपदीय चोर गिरोह के 4 शातिर सदस्य गिरफ्तार, 18 लाख से अधिक के जेवरात और नकदी बरामद

सुलतानपुर। उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सुलतानपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक चारु निगम के निर्देशन में एसओजी, सर्विलांस टीम और थाना कुड़वार पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक ऐसे अंतरजनपदीय चोर गिरोह का पर्दाफाश किया गया है, जो लंबे समय से सुलतानपुर, प्रतापगढ़ सहित कई जनपदों में चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था।

शनिवार 14 जून 2026 की सुबह लगभग 3:40 बजे मुखबिर की सूचना पर फिरोजपुर कलां तिराहा, थाना कुड़वार क्षेत्र से चार शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इनके कब्जे से लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवरात, नकदी और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस का मानना है कि इस गिरफ्तारी से कई लंबित चोरी की घटनाओं का खुलासा हुआ है और प्रदेश के अन्य जिलों में हुई घटनाओं की भी कड़ियां जुड़ सकती हैं।

चोरी से पहले कई दिनों तक करते थे रेकी, सीसीटीवी कैमरों और लोगों की दिनचर्या पर रखते थे नजर

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने चोरी की अपनी पूरी कार्यप्रणाली का खुलासा किया है। आरोपियों के अनुसार वे किसी भी घर या क्षेत्र में चोरी करने से पहले कई दिनों तक वहां की गतिविधियों का अध्ययन करते थे। घर में कौन-कौन रहता है, किस समय लोग बाहर जाते हैं, कब सोते हैं और घर तक पहुंचने के कितने रास्ते हैं—इन सभी बातों की विस्तार से रेकी की जाती थी।

इसके साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की लोकेशन, उनकी दिशा और रिकॉर्डिंग की व्यवस्था पर भी नजर रखी जाती थी ताकि घटना के समय कैमरों की पकड़ से बचा जा सके। पर्याप्त जानकारी जुटाने के बाद ही गिरोह वारदात को अंजाम देता था।

मोबाइल फोन बंद कर देते थे आरोपी, ताकि सर्विलांस में न आ सकें

गिरोह की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि चोरी की घटना को अंजाम देने जाते समय कोई भी सदस्य अपने साथ मोबाइल फोन नहीं रखता था। सभी आरोपी पहले ही मोबाइल फोन स्विच ऑफ करके किसी सुरक्षित स्थान पर छोड़ देते थे।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह तरीका आमतौर पर पेशेवर अपराधी अपनाते हैं, ताकि लोकेशन ट्रैकिंग और कॉल डिटेल रिकॉर्ड के माध्यम से पुलिस तक उनकी पहुंच न हो सके। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि गिरफ्तार आरोपी काफी समय से संगठित तरीके से अपराध कर रहे थे और पुलिस की तकनीकी जांच प्रणाली से बचने की पूरी तैयारी रखते थे।

घर के भीतर सो रहे लोगों के बीच भी कर देते थे चोरी, किसी को नहीं लगती थी भनक

पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के सदस्य बेहद शातिर और साहसी थे। कई मामलों में वे रात के समय उन घरों में घुस जाते थे, जहां परिवार के सदस्य अंदर सो रहे होते थे। इसके बावजूद वे इतनी सावधानी से अलमारी, लॉकर और अन्य स्थानों से जेवरात व नकदी निकाल लेते थे कि सुबह तक किसी को घटना की जानकारी नहीं हो पाती थी।

पुलिस का मानना है कि आरोपियों को चोरी की घटनाओं का लंबा अनुभव था, जिसके कारण वे बिना किसी शोर-शराबे के वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते थे।

चोरी के जेवर गलाने और बेचने वाले जौहरी की तलाश में पुलिस

जांच के दौरान एक और महत्वपूर्ण खुलासा हुआ है। गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि चोरी के बाद जेवरात सीधे बाजार में नहीं बेचे जाते थे। इसके लिए सुलतानपुर की पंजाबी कॉलोनी निवासी मनीष जायसवाल नामक व्यक्ति की मदद ली जाती थी।

आरोपियों के अनुसार मनीष जायसवाल चोरी के सोने-चांदी के जेवरों को गलाकर उनकी पहचान समाप्त कर देता था और बाद में उन्हें बेचता था। बदले में वह अपना कमीशन भी लेता था। पुलिस का कहना है कि चोरी का कुछ माल अभी भी उसके पास हो सकता है। फिलहाल वह फरार है और उसकी तलाश के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है।

डॉक्टर संजय मिश्रा के घर हुई चर्चित चोरी समेत कई मामलों का हुआ खुलासा

गिरफ्तार अपराधियों ने सुलतानपुर शहर के शाहगंज क्षेत्र में स्थित चिकित्सक डॉ. संजय मिश्रा के घर हुई चर्चित चोरी की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया है। यह घटना उस समय जिले में काफी चर्चा का विषय बनी थी क्योंकि इसमें बड़ी मात्रा में नकदी और कीमती सामान चोरी हुआ था।

इसके अलावा जयसिंहपुर थाना क्षेत्र में हुई तीन बड़ी चोरियों, कुड़वार थाना क्षेत्र की दो चोरी की घटनाओं तथा प्रतापगढ़ जनपद के कोतवाली नगर और अंतू थाना क्षेत्रों में हुई चोरियों का भी खुलासा हुआ है। पुलिस अब इन घटनाओं से संबंधित अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

प्रतापगढ़ के सीसीटीवी फुटेज और यक्ष एप से मिला बड़ा सुराग

पुलिस के अनुसार आरोपियों तक पहुंचने में आधुनिक तकनीक ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रतापगढ़ पुलिस द्वारा उपलब्ध कराए गए सीसीटीवी फुटेज और विभिन्न तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया।

इसके अलावा यक्ष एप के माध्यम से भी आरोपियों के खिलाफ महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए गए। एसओजी, सर्विलांस और स्थानीय पुलिस की संयुक्त मेहनत के बाद अपराधियों की पहचान सुनिश्चित हुई और अंततः उनकी गिरफ्तारी संभव हो सकी।

18 लाख रुपये से अधिक की बरामदगी, सोना-चांदी और नकदी बरामद

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 2 लाख 40 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा लगभग 95 ग्राम सोने के जेवरात भी बरामद हुए हैं, जिनमें चार चैन, एक लॉकेट, एक अंगूठी, दो जोड़ी झुमकी, दो जोड़ी कान के झुमके और गलाया हुआ सोना शामिल है। इनकी अनुमानित कीमत लगभग 15 लाख रुपये बताई जा रही है।

चांदी के आभूषणों में एक करधनी, नौ जोड़ी पायल, 14 जोड़ी बिछिया और कमर की हाफ पेटी बरामद हुई है, जिनका कुल वजन लगभग 650 ग्राम है। इनकी अनुमानित कीमत करीब डेढ़ लाख रुपये है। इसके अतिरिक्त पीड़ित परिवार से संबंधित बैंक पासबुक और आधार कार्ड भी बरामद किए गए हैं।

गिरफ्तार चार आरोपियों में तीन हिस्ट्रीशीटर, दर्जनों मुकदमे पहले से दर्ज

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों में जावेद अहमद, अजीम कुरैशी और मोहम्मद आदिल कोतवाली नगर थाना क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर अपराधी हैं। इनके खिलाफ चोरी, लूट, डकैती, हत्या, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं।

जावेद अहमद के खिलाफ 34 से अधिक, अजीम कुरैशी के खिलाफ 23 से अधिक तथा मोहम्मद आदिल के खिलाफ 27 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इससे स्पष्ट है कि यह गिरोह लंबे समय से संगठित अपराध में सक्रिय था।

प्रदेश के अन्य जिलों में भी वारदातों की आशंका, पुलिस कर रही जांच

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया है कि उन्होंने उत्तर प्रदेश के अन्य जनपदों में भी चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है। हालांकि उन घटनाओं की संख्या और स्थानों की जानकारी अभी जुटाई जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है और आने वाले दिनों में कई अन्य घटनाओं का खुलासा होने की संभावना है।

उत्कृष्ट कार्य के लिए पुलिस टीम को मिला 25 हजार रुपये का पुरस्कार

इस महत्वपूर्ण सफलता पर पुलिस अधीक्षक चारु निगम ने कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम का उत्साहवर्धन करते हुए 25 हजार रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है।

गिरफ्तारी अभियान में थाना कुड़वार के प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार यादव, एसओजी प्रभारी शिवानंद, वरिष्ठ उपनिरीक्षक दिनेश यादव, उपनिरीक्षक अविनाश चंद्र सहित एसओजी, सर्विलांस और थाना कुड़वार की संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

जिले में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का सख्त संदेश

इस कार्रवाई के माध्यम से सुलतानपुर पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि संगठित अपराध और चोरी की घटनाओं में शामिल अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। तकनीकी संसाधनों, सीसीटीवी विश्लेषण और सर्विलांस की मदद से अपराधियों तक पहुंचना अब पहले की तुलना में अधिक आसान हो गया है। पुलिस का कहना है कि जिले में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।