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उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रयागराज में रसोईघर का उद्घाटन किया और भोजन प्रसाद वितरित किया

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रयागराज में रसोईघर का उद्घाटन किया और भोजन प्रसाद वितरित किया
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रयागराज में रसोईघर का उद्घाटन किया और भोजन प्रसाद वितरित किया
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रयागराज में रसोईघर का उद्घाटन किया और भोजन प्रसाद वितरित किया
  • उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रयागराज में रसोईघर का उद्घाटन किया।
  • उन्होंने महंतजनों के साथ भोजन प्रसाद वितरित किया।
  • चंद्रशेखर आजाद पार्क संग्रहालय में श्रीनाथ जी की पिछली चित्रकला का लोकार्पण किया।
  • महाकुंभ की भव्यता और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला।
  • महाकुंभ को आस्था और आधुनिकता का संगम बताया।

लखनऊ, 10 जनवरी 2025: उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शुक्रवार को प्रयागराज में अपने व्यस्ततम कार्यक्रमों के तहत कई आयोजनों में भाग लिया और महाकुंभ की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महाकुंभ दुनिया भर के लोगों के लिए कौतूहल का विषय है, और हम ‘अतिथि देवो भव’ की भावना के साथ श्रद्धालुओं की सेवा के लिए समर्पित हैं। 144 वर्षों बाद इस प्रकार का महाकुंभ दुर्लभ संयोग है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकुंभ अब तक के सभी कुम्भों से अधिक भव्य और दिव्य होगा। यह आस्था और आधुनिकता का अद्भुत संगम होगा, जिसमें श्रद्धालु सुखद अनुभव लेकर लौटेंगे। उन्होंने महाकुंभ को सांस्कृतिक एकता का महायज्ञ बताया।

महाकुंभ की सांस्कृतिक विरासत पर चर्चा

नागवासुकी मार्ग पर अक्षयपात्र फाउंडेशन द्वारा स्थापित रसोईघर का उद्घाटन करते हुए उप मुख्यमंत्री ने महंतजनों के साथ भोजन प्रसाद वितरित किया। इसके बाद, उन्होंने चंद्रशेखर आजाद पार्क स्थित संग्रहालय में श्रीनाथ जी की पिछली चित्रकला का लोकार्पण किया और ऐतिहासिक घटनाओं पर आधारित चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने संग्रहालय की सराहना भी की।

प्रयागराज में चन्द्रशेखर आजाद पार्क स्थित संग्रहालय में श्रीनाथ जी पिछली चित्रकला का उप मुख्यमंत्री ने लोकार्पण किया तथा संग्रहालय में ऐतिहासिक घटनाओं पर आधारित चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया व उसकी सराहना की। होटल रामा कान्टीनेन्टल में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए महाकुंभ के धार्मिक एवं प्राचीन सांस्कृतिक विरासत के साथ साथ महाकुम्भ की महत्ता पर प्रकाश डाला।

महाकुम्भ 2025: श्री पंचायती अखाड़ा नया उदासीन की भव्य प्रवेश शोभायात्रा

महाकुम्भ 2025: श्री पंचायती अखाड़ा नया उदासीन की भव्य प्रवेश शोभायात्रा
महाकुम्भ 2025: श्री पंचायती अखाड़ा नया उदासीन की भव्य प्रवेश शोभायात्रा
महाकुम्भ 2025: श्री पंचायती अखाड़ा नया उदासीन की भव्य प्रवेश शोभायात्रा

प्रयागराज की सक्कों पर निकली शोभायात्रा पर भक्तों ने बरसाए पुष्प

  • श्री पंचायती अखाड़ा नया उदासीन की भव्य शोभायात्रा महाकुम्भ 2025 में प्रवेश करके अपना दर्ज किया।
  • शोभायात्रा में 7,000 से अधिक संतों और महंतों ने भाग लिया।
  • गुरु नानक की गुरबानी के जयकारों ने पूरे माहौल को आध्यात्मिक बना दिया।
  • शोभायात्रा के दौरान स्थानीय निवासीयों ने पुष्पवर्षा कर संतों का स्वागत किया।
  • अखाड़ा विभिन धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन करेगा, जिसमें लंगर और मेडिकल कैंप शामिल हैं।

महाकुम्भ नगर, 10 जनवरी 2025: मुखमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रयागराज आध्यात्मिकता का केंद्र बन चुका है, जहां सनातन धर्म के सभी संप्रदाय सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। शैव अखाड़ों के “हर हर महादेव” और वैष्णव अखाड़ों के “जय श्री राम” के जयकारों में अब उदासीन अखाड़ों के “जय श्री चंद्र” की गूंज भी शामिल हो चुकी है। महाकुम्भ 2025 के दौरान संगम की पवित्र रेत श्रद्धा, आध्यात्मिकता और भक्ति के संगम से जीवंत हो उठी है। विभिन अखाड़ों की उपस्थिति ने पूरे कुंभ क्षेत्र को भव्यता से आलोकित कर दिया है। सन्यासी और वैष्णव अखाड़ों के बाद अब उदासीन संप्रदाय ने अखाड़ा क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। परंपरा और आस्था के भव्य प्रदर्शन में, श्री पंचायती अखाड़ा नया उदासीन ने अपनी शोभायात्रा के माध्यम से कुंभ नगरी में प्रवेश किया।

श्री पंचायती अखाड़ा नया उदासीन की भव्य छावनी प्रवेश शोभायात्रा महाकुम्भ क्षेत्र में एक अद्भुत दृश्य था। शहर और कुंभ क्षेत्र के श्रद्धालु बड़ी संख्या में इस आयोजन को देखने के लिए एकत्र हुए, जो उनकी गहरी आस्था को दर्शाता है। शोभायात्रा की अगुवाई में पूजनीय श्री चंद्रदेव भगवान की पालकी थी, जिसके पीछे अखाड़े के संतों और महंतों की भव्य परेड चल रही थी। गुरु नानक की गुरबानी के जयकारों ने पूरे माहौल को और भी आध्यात्मिक बना दिया। अखाड़ा के सचिव महंत जगतार मुनि के अनुसार, इस भव्य प्रवेश शोभायात्रा में 7,000 से अधिक संतों, जिनमें महंत, श्री महंत और महामंडलेश्वर शामिल थे, ने भाग लिया, जो परंपरा और भक्ति का अद्वितीय संगम था।

शोभायात्रा मुथिगंज के मुंशी राम बाघिया से शुरू होकर शहर के विभिन मार्गों से होती हुई महाकुम्भ क्षेत्र में पहुंची। रास्ते में स्थानीय निवासीयों ने कई स्थानों पर पुष्पवर्षा कर संतों का स्वागत किया। महंत जगतार मुनि ने बताया कि महाकुम्भ क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद, अखाड़ा विभिन धार्मिक, सामाजिक और संस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करेगा। जाति और सामाजिक भेदभाव को अस्वीकार करने के लिए प्रसिद्ध यह अखाड़ा प्रतिदिन हजारों लोगों के लिए सामूहिक भोजन (लंगर) का आयोजन करेगा, मेडिकल कैंप स्थापित करेगा और संतों द्वारा आध्यात्मिक प्रवचन आयोजित करेगा।

महाकुम्भ 2025: त्रिवेणी के संगम पर सात सुरों का संगम

महाकुम्भ 2025: त्रिवेणी के संगम पर सात सुरों का संगम
महाकुम्भ 2025: त्रिवेणी के संगम पर सात सुरों का संगम
महाकुम्भ 2025: त्रिवेणी के संगम पर सात सुरों का संगम
  • महाकुम्भ 2025 में 16 जनवरी से 24 फरवरी तक सुरों का अद्भुत संगम होगा।
  • शंकर महादेवन द्वारा उद्घाटन और मोहित चौहान द्वारा समापन किया जाएगा।
  • कैलाश खेर, कविता सेठ, नितिन मुकेश, सुरेश वाडेकर जैसे दिग्गज कलाकार प्रस्तुतियां देंगे।
  • शास्त्रीय नृत्य, लोक संगीत और नाट्य कलाएं भी प्रदर्शन का हिस्सा होंगी।
  • उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा विशेष तैयारियां की जा रही हैं।

महाकुम्भनगर/प्रयागराज, 10 जनवरी 2025: महाकुम्भ 2025 आध्यात्मिकता, संस्कृति और कलात्मकता का अद्भुत समागम बनने जा रहा है। यह केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह परंपराओं, सांस्कृतिक धरोहरों और कलात्मक अभिव्यक्तियों का भी संगम है। गंगा पंडाल में सुरों का अद्भुत संगम 16 जनवरी से 24 फरवरी तक देखने को मिलेगा, जिसमें देशभर के प्रसिद्ध कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से लोगों को भावविभोर करेंगे। यह आयोजन भक्ति और आस्था की कहानियों के साथ भारतीय सांस्कृतिक विविधता का जीवंत प्रदर्शन करेगा।

उद्घाटन और समापन समारोह

महाकुम्भ 2025 के भव्य कार्यक्रम का शुभारंभ 16 जनवरी 2025 को प्रसिद्ध गायक शंकर महादेवन द्वारा किया जाएगा। इस आयोजन का समापन 24 फरवरी 2025 को मोहित चौहान की मनमोहक प्रस्तुति के साथ होगा। इस अवधि में अनेक प्रतिष्ठित कलाकार अपनी कला से महाकुम्भ में एक अद्भुत आध्यात्मिक वातावरण बनाएंगे।

प्रमुख कलाकारों की प्रस्तुतियां

महाकुम्भ 2025 में देश के जाने-माने कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। इनमें शंकर महादेवन, कैलाश खेर, कविता सेठ, नितिन मुकेश, सुरेश वाडेकर, हरिहरन, कविता कृष्णमूर्ति जैसे दिग्गज शामिल हैं। इनकी प्रस्तुतियां महाकुम्भ में एक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक ऊर्जा का संचार करेंगी।

कार्यक्रम की रूपरेखा

16 जनवरी से 24 फरवरी तक चलने वाले इस महोत्सव में हर दिन विभिन्न कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। शंकर महादेवन की उद्घाटन प्रस्तुति के बाद, रवि, महेश काले, पार्वती, सौनक चट्टोपाध्याय, श्री रामचंद्र, आदित्य सारस्वत, प्रतिभा सिंह बघेल, विक्रम घोष, अन्वेशा दत्त गुप्ता, रवि त्रिपाठी, साधना सरगम, शान, रंजनी और गायत्री, ईमान चक्रवर्ती, संजीव शंकर, तेजेंद्र नारायण मजूमदार, तन्मय बोस, उमाकांत गुंडीचा, योगेश गंधर्व, आभा गंधर्व, कविता कृष्णमूर्ति, डॉ एल सुब्रमण्यम, सुरेश वाडेकर, हरिहरन, नवदीप बडाली, देव मित्र सेन गुप्ता, ऋषभ रिखीराम शर्मा, रतेंद्र भादुड़ी, राहुल देशपांडे, नितिन मुकेश, सौरेंद्रो, सौम्यजीत, श्वेता मोहन, आभा हंज़ुरा, कविता सेठ, पार्थिव गोहिल, कैलाश खेर और अंत में मोहित चौहान की प्रस्तुति होगी।

आयोजन की तैयारियां

उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग के महाकुम्भ के नोडल अधिकारी अमित अग्निहोत्री ने बताया कि कार्यक्रम को लेकर विशेष तैयारियां की जा रही हैं। इस कार्यक्रम में शामिल सभी प्रस्तुतियां श्रद्धालुओं के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बनेंगी।

सांस्कृतिक और आध्यात्मिक प्रभाव

महाकुम्भ 2025 न केवल आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करेगा, बल्कि यह संस्कृति और कला के क्षेत्र में भी एक स्थायी प्रभाव छोड़ेगा। यह आयोजन देशभर से आए श्रद्धालुओं और कला प्रेमियों के लिए एक अद्वितीय अवसर होगा। भारतीय सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करने वाले इन कार्यक्रमों के माध्यम से महाकुम्भ श्रद्धालुओं के मन में स्थायी छाप छोड़ेगा।

अयोध्या में शनिवार से उत्सव, सीएम योगी करेंगे श्रीगणेश

अयोध्या में शनिवार से उत्सव, सीएम योगी करेंगे श्रीगणेश
अयोध्या में शनिवार से उत्सव, सीएम योगी करेंगे श्रीगणेश
अयोध्या में शनिवार से उत्सव, सीएम योगी करेंगे श्रीगणेश
  • रामलला का महाभिषेक कर मंदिर परिसर स्थित अंगद टीला से पहली बार जनसभा को करेंगे संबोधित
  • बड़ी संख्या में पहुंचेंगे साधु संत, ट्रस्ट व जिला प्रशासन ने कार्यक्रम को सफल बनाने को झोंकी ताकत
  • 11 से 13 जनवरी तक होना है आयोजन, गीत संगीत व कला जगत की हस्तियां देंगी प्रस्तुति

अयोध्या, 10 जनवरी 2025: भव्य मंदिर में विराजमान रामलला की पहली वर्षगांठ पर शनिवार से तीन दिवसीय उत्सव शुरू होने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रामलला का महाभिषेक कर कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद परिसर स्थित अंगद टीले से पहली बार साधु-संतों व समारोह में शामिल होने वालों को संबोधित भी करेंगे। कार्यक्रम में दोनों उपमुख्यमंत्री के भी पहुंचने की संभावना है। मुख्यमंत्री तकरीबन पांच घंटे तक अयोध्या में ही रहेंगे।

भव्य और दिव्य मंदिर में रामलला 22 जनवरी 2024 को विराजमान हुए थे। उस वर्ष के मुहूर्त के अनुसार इस बार प्रतिष्ठा द्वादशी उत्सव 11 जनवरी को मनाई जानी है। इसे लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 11 से 13 जनवरी तक तीन दिवसीय उत्सव मनाने की घोषणा की है। पहले दिन से सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत हो जाएगी। इसमें गीत-संगीत, कला व साहित्य जगत की तमाम नामी गिरामी हस्तियां अपनी प्रस्तुति देंगी। ट्रस्ट की तरफ से मुख्यमंत्री को आमंत्रित किया गया था। वह सुबह 10 बजे के करीब अयोध्या पहुंच जाएंगे।

कार्यक्रम का होगा लाइव प्रसारण
प्रथम वर्षगांठ के कार्यक्रम को देखते हुए तीन दिन तक सभी तरह के पास को बंद कर दिया है। अधिक आए अधिक लोग रामलला का दर्शन कर सकें इसलिए दूरदर्शन पर लाइव प्रसारण किया जाएगा।

द्वारों पर पर दिखेगी भव्य सजावट
राम मंदिर की प्रथम वर्षगांठ को लेकर मंदिर परिसर को 50 क्विंटल से भी अधिक के फूलों से संजाया जा रहा है। इसके अलावा 11 नम्बर के वीआईपी गेट को भव्य तरीके से सजाया गया है। अन्य द्वारों पर भी फूलों से सजावट की गई है। वहीं नगर निगम ने कार्यक्रम व महाकुंभ को देखते हुए पेड़ों पर भी झालर लाइट लगाने का निर्देश दिया है।

सुरक्षा के होंगे पुख्ता इंतजाम, रूट डायवर्जन रहेगा लागू
शनिवार से शुरू हो रहे कार्यक्रम को लेकर पुलिस व प्रशासन ने सुरक्षा-व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम कर रखे हैं। मुख्यमंत्री समेत अन्य मंत्रियों के अलावा कार्यक्रम की भव्यता को देखते हुए रूट डायवर्जन भी किया जाएगा। एसएसपी राजकरण नय्यर ने बताया कि बड़ी संख्या में पुलिस बल को लगाया गया है। महिला पुलिस कर्मियों की भी तैनाती की जाएगी। प्रवेश द्वारों पर नाके लगा चेकिंग की जाएगी।

Health Benefits: झड़ते बालों को रोकने के साथ-साथ बाल उगाने का भी तरीका हुआ आसान, जानें आयुर्वेदिक उपाय

आजकल के भाग-दौड़ भरे जीवन में बालों की सही देखभाल करना बहुत जरूरी है। प्रदूषण, तनाव, और गलत आहार के कारण बालों की समस्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। लेकिन अब, बालों की समस्याओं का समाधान मिल चुका है। Herb Ocean Hair Oil by Roshni Botanicals एक ऐसा आयुर्वेदिक तेल है, जो 16 प्राकृतिक हर्बल घटकों का बेहतरीन मिश्रण है। यह तेल आपके बालों को पूरी तरह से पोषण देने और उन्हें स्वस्थ, लंबा और मजबूत बनाने में मदद करता है।

हर्ब ओशियन हेयर ऑयल का अद्भुत मिश्रण

इस तेल में 16 हर्बल तत्व शामिल हैं और यह तेल आयुर्वेदिक विधियों से तैयार किया गया है। इनमें मुख्य रूप से आंवला, भृंगराज, रोज़मेरी, जटामांसी, चिरिला, नीम, गुड़हल के फूल, गुलाब और अन्य महत्वपूर्ण हर्बल तत्व शामिल हैं। इन सभी का मिश्रण बालों की सेहत के लिए अत्यंत प्रभावशाली है जिस कारण यह तेल सर्टिफाइड है आपके नये बालों को उगाने के साथ साथ उन्हें झड़ने से रोकने के लिए भी।

• आंवला: बालों की जड़ों को मजबूत करता है और बालों के झड़ने को रोकता है।

• भृंगराज: बालों की वृद्धि को प्रोत्साहित करता है और सिर की त्वचा को स्वस्थ रखता है।

• जटामांसी: तनाव को कम करने और बालों को झड़ने से रोकने में मदद करता है।

• चिरिला: बालों में नमी बनाए रखता है और उन्हें शुष्क होने से बचाता है।

• नीम: सिर की त्वचा की समस्याओं जैसे की डैंड्रफ और खुजली को दूर करता है।

• गुड़हल के फूल: बालों की शाइन को बढ़ाता है और उन्हें मुलायम बनाता है।

• गुलाब: बालों को सौम्यता और चमक देता है।

इन प्राकृतिक और हर्बल तत्वों का मिश्रण आपके बालों को अंदर से बाहर तक पोषण देता है और बालों को लंबा, मजबूत और चमकदार बनाता है। यह तेल आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों से बना है इसलिए यह आपके दिमाग के तनाव को भी कम करने में मदद करता है।

इस तेल से क्या लाभ मिलेगा?

• बालों की वृद्धि में मदद: यह तेल बालों की जड़ों को मजबूती प्रदान करता है, जिससे बालों की वृद्धि को बढ़ावा मिलता है।

• बालों का झड़ना और टूटना रोके: इसका हर्बल मिश्रण बालों के झड़ने और टूटने को रोकता है।

• डैंड्रफ और खुजली से राहत: नीम और अन्य हर्बल तत्व सिर की त्वचा को स्वस्थ रखते हैं और डैंड्रफ की समस्या से छुटकारा दिलाते हैं।

• सूखापन और स्प्लिट एंड्स से छुटकारा: यह तेल बालों को गहरी नमी प्रदान करता है, जिससे बाल मुलायम रहते हैं और स्प्लिट एंड्स की समस्या खत्म हो जाती है।

• कोई कृत्रिम रंग या रसायन नहीं: इस तेल में कोई भी कृत्रिम रंग, रसायन या हानिकारक तत्व नहीं हैं इसलिए यह पूरी तरह से प्राकृतिक और सुरक्षित है।

आयुर्वेदिक तकनीक का उपयोग

इस तेल को पूरी तरह से आयुर्वेदिक तकनीकों के अनुसार तैयार किया गया है, जैसा कि हमारे प्राचीन वेदों में उल्लेखित है। यह तेल न केवल बालों को बाहरी तौर पर सुंदर बनाता है, बल्कि यह आंतरिक रूप से भी बालों को स्वस्थ बनाता है।

किसके लिए उपयुक्त है?

इस तेल का उपयोग वह सभी महिलायें और पुरुष कर सकते हैं, जो लंबे, मजबूत और स्वस्थ बाल चाहते हैं। यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए अच्छा है जो बालों के झड़ने, गंजापन, डैंड्रफ, सूखेपन, या स्प्लिट एंड्स की समस्या से जूझ रहे हैं। इसके अलावा, यह उन लोगों के लिए भी एक बेहतरीन विकल्प है जो रासायनिक तत्वों से दूर रहकर प्राकृतिक तरीके से बालों की देखभाल करना चाहते हैं।

उपयोग विधि

इस तेल को सप्ताह में 2-3 बार बालों की जड़ों में अच्छी तरह से मसाज करें। इस तेल को रातभर या 1-2 घंटे तक बालों में लगा रहने दें और फिर शैम्पू से धो लें। इससे बालों में चमक और मजबूती आएगी।

हर्ब ओशियन हेयर ऑयल एक प्राकृतिक और आयुर्वेदिक समाधान है, जो आपके बालों को सुंदर, स्वस्थ और मजबूत बनाने के लिए आवश्यक सभी गुण प्रदान करता है। यदि आप बालों की देखभाल में प्राकृतिक तत्वों को प्राथमिकता देते हैं, तो यह तेल आपके लिए एक आदर्श विकल्प है। आप इस तेल को इनकी वेबसाइट (www.roshnibotanicals.com) से या फिर अमेज़न से खरीद सकते हैं।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।