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स्पोर्ट्स न्यूज़: शुभमन गिल के पास हाशिम अमला का रिकॉर्ड तोड़ने का आया मौका, 2500 रनों के आंकड़े से बस कुछ ही दूर

भारतीय टीम के लिए ऑस्ट्रेलिया का टेस्ट दौरा बिल्कुल भी उम्मीद के अनुसार नहीं रहा जिसमें उन्हें 5 मैचों की टेस्ट सीरीज में 3-1 से हार का सामना करना पड़ा। वहीं अब टीम इंडिया के सभी खिलाड़ी वापस देश लौट आए हैं, जिसमें अब सभी का ध्यान 19 फरवरी से होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी पर है जिसकी तैयारी के लिए टीम इंडिया को इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू जमीन पर होने वाली 6 फरवरी से तीन मैचों की वनडे सीरीज में मौका मिलेगा। इससे पहले ही चैंपियंस ट्रॉफी के लिए स्क्वाड का ऐलान हो जाएगा। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर अपने बल्ले से बिल्कुल भी कमाल नहीं दिखाने वाले शुभमन गिल के लिए इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज काफी अहम रहने वाली है जिसमें वह अपने फॉर्म में वापसी करना चाहेंगे। वहीं शुभमन गिल के पास एक बड़ा कारनामा भी वनडे क्रिकेट इतिहास में करने का मौका होगा।

गिल वनडे में 2500 रन पूरे करते ही करेंगे ये बड़ा कमाल

शुभमन गिल का वनडे फॉर्मेट में अब तक जबरदस्त प्रदर्शन देखने को मिला है, जिसमें घर पर उनका बल्ला और भी जमकर बोलता हुआ दिखाई दिया है। इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए अभी स्क्वाड का ऐलान नहीं किया गया है, लेकिन उसमें शुभमन गिल की जगह लगभग पक्की मानी जा रही है। गिल का वनडे में यदि रिकॉर्ड देखा जाए तो उन्होंने अब तक 47 मैचों में 58.2 के औसत से 2328 रन बनाए हैं, जिसमें 6 शतकीय और 13 अर्धशतकीय पारियां देखने को मिली हैं। गिल ने इसके अलावा वनडे में एक दोहरा शतक भी लगाया है जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 208 रनों का है। गिल यदि इंग्लैंड के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज में खेलते हैं और उसमें 172 रन और बनाने में कामयाब होते हैं तो वह वनडे क्रिकेट इतिहास में 2500 रनों का आंकड़ा हासिल करने वाले सबसे तेज खिलाड़ी बन जाएंगे।

हाशिम अमला का रिकॉर्ड गिल के पास तोड़ने का मौका

अभी वनडे क्रिकेट में सबसे तेज 2500 रन पूरे करने का रिकॉर्ड साउथ अफ्रीका टीम के दिग्गज पूर्व खिलाड़ी हाशिम अमला के नाम पर है जिन्होंने 53 वनडे मैचों में इस आंकड़े को हासिल किया था, ऐसे में गिल के पास उन्हें पीछे छोड़ने के लिए अभी 5 मैच हैं जिसमें सभी को उम्मीद है कि वह इस रिकॉर्ड को आसानी से तोड़ने में कामयाब होंगे। गिल भी इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में अपने फॉर्म में वापसी की कोशिश करेंगे ताकि चैंपियंस ट्रॉफी से पहले आत्मविश्वास हासिल किया जा सके।

टोक्यो न्यूज़: यूक्रेन युद्ध के प्रभाव में जापान ने रूस के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया; रूस पर लगाए नए प्रतिबंध

जापान ने यूक्रेन के खिलाफ जंग को लेकर रूस के खिलाफ शुक्रवार को अतिरिक्त प्रतिबंधों को मंजूरी दे दी, जिनमें दर्जनों व्यक्तियों और समूहों की संपत्तियों पर रोक लगाना शामिल है। इसके साथ ही रूस समेत कई अन्य देशों के दर्जनों संगठनों को निर्यात किए जाने पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं। यह प्रतिबंध रूस को अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचने में उसकी मदद करने वालों पर लगाए गए हैं।

जापान ने पहले भी लगाए हैं प्रतिबंध

मुख्य कैबिनेट सचिव योशिमासा हयाशी ने शुक्रवार को कैबिनेट को बताया कि अतिरिक्त प्रतिबंध यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के कारण उसके खिलाफ प्रतिबंधों को मजबूत करने के ‘जी-7’ के प्रयास के प्रति जापान की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। जापान ने पहले भी कई बार प्रतिबंध लगाए हैं। नवीनतम कदम प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा द्वारा दिसंबर के मध्य में ‘जी-7’ ऑनलाइन शिखर सम्मेलन में देश की नीति की पुष्टि करने के एक महीने बाद उठाया गया है।

जापान ने बनाई है सूची

हयाशी ने कहा, “यह वैश्विक शांति प्राप्त करने और रूसी आक्रमण के कारण यूक्रेन से जुड़ी समस्याओं के हल की दिशा में अंतरराष्ट्रीय प्रयास के हिस्से के रूप में जापान का योगदान है।” जापान ने उन व्यक्तियों, संगठनों और बैंकों की एक सूची बनाई है, जिनकी संपत्तियों पर रोक (फ्रीज) लगाई जाएगी। इस सूची में 11 व्यक्ति, 29 संगठन और तीन रूसी बैंक शामिल हैं। इसके अलावा उत्तर कोरिया और जॉर्जिया के एक-एक बैंक भी सूची में शामिल हैं, जिन पर आरोप है कि उन्होंने रूस को प्रतिबंधों से बचने में मदद की है।

यह भी जानें 

कैबिनेट ने प्रौद्योगिकी और मशीनरी निर्माताओं सहित रूस के 22 सैन्य-संबंधी संगठनों पर पूर्ण निर्यात प्रतिबंध लगाने को मंजूरी दी है। व्यापार एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, जापान ने 335 वस्तुओं की एक सूची को भी मंजूरी दी है, जिन्हें 23 जनवरी से रूस को निर्यात नहीं किया जा सकेगा। इस सूची में वाहनों के इंजन और पुर्जे, मोटर चालित साइकिलें, संचार और ध्वनिक उपकरण, यांत्रिक उपकरण और ‘वाल्व’ शामिल हैं। निर्यात प्रतिबंध उन 31 गैर-रूसी समूहों पर भी लागू किए जाएंगे, जिनके बारे में सरकार का कहना है कि उन्होंने रूस को प्रतिबंधों से बचने में मदद की। इनमें हांगकांग के 11, चीन के सात, तुर्की के आठ, समूह शामिल हैं।

Justin Trudeau Response To Donald Trump: डोनाल्ड ट्रंप को जस्टिन ट्रूडो ने दिया जवाब

 कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी है जिसमें उन्होंने कहा था कि कनाडा अमेरिका का 51वां राज्य बन सकता है। ट्रूडो ने ट्रंप के बयानों को ध्यान भटकाने वाली रणनीति करार दिया है। ट्रूडो ने CNN को दिए एक इंटरव्यू में कहा, “ऐसा नहीं होने वाला है। कनाडा के लोगों को कनाडाई होने पर बहुत गर्व है। हमारा सबसे आसानी से परिभाषित करने का तरीका एक है कि हम अमेरिकी नहीं हैं।”

‘अमेरिकी लोगों को भुगतना पड़ेगा खामियाजा’

अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हाल के दिनों में कई बार कनाडा को 51वां राज्य बनने का खुला ऑफर देते हुए उस पर  भारी भरकम टैरिफ लगाने की धमकी दी है। ऐसे में अब ट्रूडो ने कहा कि अगर ऐसे टैरिफ लागू किए गए तो अमेरिकी लोगों को बढ़ी हुई कीमतों का खामियाजा भुगतना पड़ेगा। ट्रूडो ने कहा, “तेल, गैस, बिजली, स्टील, एल्युमीनियम, लकड़ी, कंक्रीट समेत अमेरिकी कस्टमर कनाडा से जो कुछ भी खरीदते हैं, वह अचानक से बहुत महंगा हो जाएगा, अगर वह इन टैरिफ पर आगे बढ़ते हैं।”

ट्रूडो ने 2018 के व्यापार विवाद का किया जिक्र

जस्टिन ट्रूडो ने 2018 के व्यापार विवाद के दौरान कनाडा की ओर से काउंटर टैरिफ के उपयोग का भी जिक्र किया, जिसमें हेंज केचप, ताश के पत्ते, बोरबॉन और हार्ले-डेविडसन मोटरसाइकिल जैसे अमेरिकी सामान थे। ट्रूडो ने कहा, “हम ऐसा नहीं करना चाहते क्योंकि इससे कनाडाई लोगों के लिए कीमतें बढ़ जाती हैं और हमारे सबसे करीबी व्यापारिक साझेदार को नुकसान पहुंचाता है।”

यह भी जानें

गौरतलब है कि, अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा और अमेरिका को मिलाने के लिए ‘इकोनॉमिक फोर्स’ यानी आर्थिक ताकत का इस्तेमाल करने की बात कही थी। ट्रंप कनाडा को अक्सर ’51वां राज्य’ कहते हैं। इस बीच यहां यह भी जान लें कि कनाडा की सत्तारूढ़ लिबरल पार्टी 9 मार्च को अपना नया नेता चुनेगी, जो देश का अगला प्रधानमंत्री बनेगा।

स्वास्थ्य सुझाव: दर्द से राहत पाने के लिए प्रभावी आयुर्वेदिक उपाय, गर्म पानी में डालें ये चीजें और पीजिए, दर्द से मिलेगी निजात

आजकल दर्द की समस्या काफी आम हो गई है। दर्द की समस्या से लोग इतना परेशान है कि लोग इसे रोकने के लिए पेनकिलर का लेते हैं। स्ट्रेस, चोट, अकड़न की वजह से भी यह समस्या पैदा होती है। अगर आपको बार-बार दर्द बना रहता है। तो छुटकारा पाने के लिए दवाएं लेते हैं, लेकिन दर्द कम करने वाली दवाओं खाने से शरीर को नुकसान होता है। इसके जगह आप आयुर्वेदिक ये उपाय करें और मिलेगा दर्द से आराम।

घर में कैसे बनाएं पेनकिलर

सामग्री

सोंठ

कैस्टर ऑयल

पानी

कैसे बनाएं

– सबसे पहले आप एक पैन लें उसमें 100 ml पानी लेकर उबालें।

– अब इसमें 5 ग्राम सोंठ पाउडर मिला लीजिए।

– सोंठ मिलाने के बाद 5 ml अरंडी का तेल डालकर अच्छे से मिलाएं।

– फिर आप इसको सुबह-शाम जरुर पिएं।

ये दर्द होगे दूर

– जोड़ो का दर्द

– कमर दर्द

– पेट में सूजन या दर्द

– पेट के निचले हिस्से में

– बार-बार पेशाब करना

– ब्लैडर में सूजन

उत्तरप्रदेश: आयुक्त ग्राम्य विकास जी.एस.प्रियदर्शी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए की विकास कार्यों की समीक्षा

उत्तरप्रदेश: आयुक्त ग्राम्य विकास जी.एस.प्रियदर्शी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए की विकास कार्यों की समीक्षा
उत्तरप्रदेश: आयुक्त ग्राम्य विकास जी.एस.प्रियदर्शी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए की विकास कार्यों की समीक्षा
उत्तरप्रदेश: आयुक्त ग्राम्य विकास जी.एस.प्रियदर्शी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए की विकास कार्यों की समीक्षा
  • उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देश पर ग्राम्य विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित।
  • आयुक्त जी.एस. प्रियदर्शी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ाने के लिए दिशा-निर्देश दिए।
  • प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत पात्र व्यक्तियों का चयन में सतर्कता बरतने का निर्देश।
  • मनरेगा और अन्य योजनाओं का संचालन गाइडलाइंस के अनुसार सुनिश्चित करने की सलाह दी गई।
  • योजनाओं के समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

लखनऊ, 10 जनवरी 2025: उत्तरप्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशानुसार ग्राम्य विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा और अनुश्रवण की प्रक्रिया को और तेज़ किया गया है। इसी क्रम में आज लखनऊ स्थित योजना भवन में आयुक्त, ग्राम्य विकास विभाग श्री जी.एस. प्रियदर्शी की अध्यक्षता में समस्त मुख्य विकास अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य के विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति, चुनौतियों और सुधार की दिशा पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में प्रमुख योजनाओं की समीक्षा:

बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, मनरेगा, उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, सोशल ऑडिट के साथ-साथ कृषि एवं उद्यान विभाग से संबंधित मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ।

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत नए पात्र लोगों के चयन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया गया। आयुक्त जी.एस. प्रियदर्शी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि इस योजना के अंतर्गत कोई भी पात्र व्यक्ति छूटने नहीं चाहिए और अपात्रों का चयन कतई नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पात्रता के मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए, ताकि योजना का वास्तविक लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचे।

मनरेगा योजना के अंतर्गत होने वाले कार्यों की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने मनरेगा कन्वर्जेंस से जुड़े कार्यों पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मनरेगा सहित अन्य विकासोन्मुखी योजनाओं का संचालन पूरी तरह से निर्धारित गाइडलाइंस के अनुसार किया जाए। विभाग के निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए सभी अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी गई।

आयुक्त प्रियदर्शी ने यह भी कहा कि राज्य के विकास कार्यों में पारदर्शिता और कार्यों की गति को बढ़ाना बेहद जरूरी है। उन्होंने सभी अधिकारियों से अनुरोध किया कि वे गांवों में विकास कार्यों के कार्यान्वयन के दौरान पारदर्शिता बनाए रखें और योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत चल रही योजनाओं की भी समीक्षा की गई। आयुक्त ने इन योजनाओं के सही क्रियान्वयन के लिए सभी अधिकारियों से न केवल समयबद्ध कार्य निष्पादन की अपेक्षा की, बल्कि गुणवत्ता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के नए रास्ते खुलेंगे, जो राज्य के समग्र विकास में योगदान करेंगे।

सोशल ऑडिट और पारदर्शिता:

बैठक के दौरान सोशल ऑडिट के महत्व पर भी चर्चा हुई। आयुक्त जी.एस. प्रियदर्शी ने कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखना और उनके सही क्रियान्वयन की निगरानी के लिए सोशल ऑडिट एक अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि सोशल ऑडिट के माध्यम से योजनाओं के संचालन में कोई भी खामियां या भ्रष्टाचार की घटनाएं सामने आएंगी, जिन्हें तुरंत सही किया जा सकेगा।

निर्देश और आगामी कार्य:

बैठक के दौरान आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सभी योजनाओं की प्रगति को नियमित रूप से मॉनिटर करें और किसी भी प्रकार की देरी या व्यवधान को जल्द से जल्द दूर करें। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि सभी योजनाओं की रिपोर्ट समय-समय पर भेजी जाए और किसी भी समस्या को तुरंत हल किया जाए।

आयुक्त ने कहा कि ग्राम्य विकास विभाग की योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन और समयबद्ध निष्पादन राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने यह भी कहा कि इन योजनाओं से न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे का विकास होगा, बल्कि लोगों की जीवनशैली में भी सकारात्मक बदलाव आएगा।

आखिरकार, इस समीक्षा बैठक का उद्देश्य केवल योजनाओं की प्रगति की जांच करना नहीं था, बल्कि यह सुनिश्चित करना था कि सभी योजनाओं का लाभ उन लोगों तक पहुंचे, जिन्हें वास्तव में इसकी आवश्यकता है, और राज्य के ग्रामीण इलाकों में सामाजिक और आर्थिक विकास को गति मिले।