वनडे क्रिकेट ने एक और बड़ा ऐतिहासिक पड़ाव पार कर लिया है। आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग-2 (2023-27) के तहत स्कॉटलैंड और कनाडा के बीच खेला जा रहा मुकाबला पुरुष वनडे क्रिकेट का 5000वां मैच बन गया है। 7 अगस्त को डंडी के फोर्थिल ग्राउंड पर खेले जा रहे इस मुकाबले के साथ वनडे क्रिकेट के करीब साढ़े पांच दशक लंबे सफर में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया।
ऐतिहासिक मुकाबले में कनाडा ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। दोनों टीमों के लिए यह मुकाबला नियमित लीग मैच होने के बावजूद वनडे क्रिकेट के इतिहास में इसका महत्व काफी खास है।
1971 में हुई थी वनडे क्रिकेट की शुरुआत
वनडे क्रिकेट का पहला आधिकारिक अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 5 जनवरी 1971 को ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में खेला गया था।
यह मुकाबला मौजूदा वनडे क्रिकेट से काफी अलग था। दोनों टीमों को 40-40 ओवर खेलने थे। उस समय एक ओवर में 6 गेंदों की जगह 8 गेंदें फेंकी जाती थीं।
शुरुआती वर्षों में वनडे क्रिकेट में 60-60 ओवर का प्रारूप भी इस्तेमाल किया जाता था। 1975 और 1979 में आयोजित पहले दो पुरुष वनडे वर्ल्ड कप भी 60 ओवर प्रति पारी के प्रारूप में खेले गए थे। बाद में क्रिकेट के इस प्रारूप को 50-50 ओवर तक सीमित कर दिया गया, जो आज वनडे क्रिकेट की पहचान है।
1000वें वनडे तक पहुंचने में लगे 24 साल
वनडे क्रिकेट को अपने शुरुआती 1000 मुकाबले पूरे करने में करीब 24 साल लगे। पुरुष क्रिकेट का 1000वां वनडे 1995 में इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच नॉटिंघम में खेला गया था।
इसके बाद वनडे मुकाबलों की संख्या तेजी से बढ़ी। क्रिकेट कैलेंडर में अधिक अंतरराष्ट्रीय मुकाबले जुड़ने लगे और कुछ ही वर्षों में अगले हजार मैच पूरे हो गए।
2000वां वनडे 2003 में पाकिस्तान और जिम्बाब्वे के बीच शारजाह में खेला गया।
इसके बाद 3000वें और 4000वें वनडे तक पहुंचने में भी पहले की तुलना में काफी कम समय लगा।
1 से 5000वें वनडे तक का ऐतिहासिक सफर
वनडे क्रिकेट के प्रमुख पड़ाव इस तरह रहे—
- पहला वनडे: ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड — मेलबर्न, 1971
- 1000वां वनडे: वेस्टइंडीज बनाम इंग्लैंड — नॉटिंघम, 1995
- 2000वां वनडे: पाकिस्तान बनाम जिम्बाब्वे — शारजाह, 2003
- 3000वां वनडे: ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड — साउथैम्पटन, 2010
- 4000वां वनडे: हांगकांग बनाम पापुआ न्यू गिनी — हरारे, 2018
- 5000वां वनडे: कनाडा बनाम स्कॉटलैंड — डंडी, 2026
इस सूची से अंदाजा लगाया जा सकता है कि समय के साथ वनडे क्रिकेट का विस्तार कितनी तेजी से हुआ है।
13 वनडे वर्ल्ड कप भी हो चुके हैं
पुरुष वनडे क्रिकेट के इतिहास में अब तक 13 वनडे विश्व कप आयोजित किए जा चुके हैं। पहला टूर्नामेंट 1975 में खेला गया था।
ऑस्ट्रेलिया इस टूर्नामेंट का सबसे सफल देश है। उसने अब तक 6 बार वनडे वर्ल्ड कप का खिताब जीता है।
भारत ने दो बार विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम की है। टीम इंडिया ने पहली बार 1983 में कपिल देव की कप्तानी में खिताब जीता था। इसके 28 साल बाद 2011 में एमएस धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम दोबारा विश्व चैंपियन बनी।
अब क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें अगले वनडे विश्व कप पर हैं, जिसका आयोजन 2027 में किया जाना है।
5000वां ODI क्यों है खास?
स्कॉटलैंड और कनाडा के बीच खेला जा रहा मुकाबला भले ही विश्व कप या किसी बड़ी द्विपक्षीय सीरीज का हिस्सा नहीं है, लेकिन वनडे क्रिकेट के इतिहास में इसका महत्व हमेशा याद रखा जाएगा।
1971 में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड से शुरू हुआ 50 ओवर के इस प्रारूप का सफर अब 5000 मुकाबलों तक पहुंच चुका है। बदलते नियमों, अलग-अलग ओवर प्रारूपों और क्रिकेट के वैश्विक विस्तार के बीच स्कॉटलैंड और कनाडा की यह भिड़ंत वनडे इतिहास के एक खास मील के पत्थर के तौर पर दर्ज हो गई है।


































