पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद राजधानी मुजफ्फराबाद समेत कई इलाकों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पों के बाद हिंसा बढ़ गई, जिससे क्षेत्र में तनाव और गहरा गया।
कई शहरों में प्रदर्शन
रिपोर्टों के अनुसार, मुजफ्फराबाद, रावलाकोट, मीरपुर और कोटली समेत कई इलाकों में लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। कई स्थानों पर प्रमुख मार्गों को अवरुद्ध किया गया, टायर जलाए गए और नारेबाजी की गई। प्रदर्शन के दौरान कुछ स्थानों पर राजनीतिक दलों के बैनर और पोस्टर भी जलाए गए।
सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प
शाम तक मुजफ्फराबाद के विभिन्न हिस्सों में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए। इसके बाद प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच टकराव की स्थिति बन गई। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, हालात को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों ने कार्रवाई की, जिसके दौरान गोलीबारी भी हुई।
कई लोगों की मौत और घायल होने की खबर
स्थानीय मीडिया और विभिन्न रिपोर्टों के मुताबिक, गोलीबारी की घटनाओं में कम से कम छह लोगों की मौत हुई है, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। हालांकि, मृतकों और घायलों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं और स्वतंत्र रूप से इनकी पुष्टि नहीं हो सकी है।
मस्जिदों से की गई लोगों से अपील
रिपोर्टों के अनुसार, गोलीबारी की घटनाओं के बाद मुजफ्फराबाद की कुछ मस्जिदों से लोगों से घरों से बाहर निकलने और हालात पर ध्यान देने की अपील की गई। इसके बाद कई इलाकों में भीड़ और बढ़ गई, जिससे तनाव और गहरा गया।
अन्य क्षेत्रों में भी बढ़ा तनाव
रावलाकोट सहित अन्य इलाकों से भी प्रदर्शन और हिंसा की खबरें सामने आई हैं। स्थानीय स्तर पर कई दिनों से विरोध प्रदर्शन जारी हैं और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। क्षेत्र में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
हालात पर बनी हुई है नजर
PoJK में जारी विरोध प्रदर्शनों और सुरक्षा बलों की कार्रवाई के बीच स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाएंगे, इस पर स्थानीय प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भी नजर बनी हुई है।


































