ईरान की सत्ता के भीतर कथित मतभेदों के बीच राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन का एक अहम बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में देश के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई से सीधे बातचीत करना आसान नहीं है। उनके इस बयान के बाद ईरान के सत्ता तंत्र में अंदरूनी तालमेल को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
मुज्तबा खामेनेई को लेकर लंबे समय से सार्वजनिक गतिविधियों से दूर रहने की खबरें सामने आती रही हैं। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका और इजरायल के साथ तनाव के दौरान हुए हमलों के बाद से वह सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं। उनके पिता और ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद मुज्तबा खामेनेई को ईरान के सर्वोच्च नेतृत्व की जिम्मेदारी मिलने की बात सामने आई थी।
पेजेशकियन बोले- उनकी मौजूदगी हमारे लिए बड़ी ताकत
राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि भले ही मुज्तबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आ रहे हैं, लेकिन देश की मौजूदा परिस्थितियों में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है।
पेजेशकियन के मुताबिक, मुज्तबा खामेनेई की मौजूदगी सरकार और देश के लिए मनोबल बढ़ाने वाली है। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति में उनसे संपर्क करना मुश्किल जरूर है, लेकिन उनका समर्थन और मौजूदगी सरकार को अपना काम जारी रखने की ताकत देती है।
सार्वजनिक रूप से क्यों नहीं दिख रहे मुज्तबा खामेनेई?
मुज्तबा खामेनेई की सार्वजनिक अनुपस्थिति को लेकर लगातार कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने अब तक मुख्य रूप से लिखित संदेशों के जरिए अपनी बात रखी है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के दौरान भी उनके सार्वजनिक तौर पर सामने नहीं आने को लेकर चर्चाएं होती रही हैं।
उनकी गैरमौजूदगी को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा तब हुई जब वह अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में भी सार्वजनिक तौर पर दिखाई नहीं दिए।
हालांकि, राष्ट्रपति पेजेशकियन ने मुज्तबा खामेनेई को लेकर लगाई जा रही अटकलों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि उनके साथ कई बार मुलाकात हुई है और बातचीत के दौरान मुज्तबा खामेनेई शांत, समझदार और तार्किक नजर आए।
पेजेशकियन ने अटकलों को बताया गलत
ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि मौजूदा हालात ने कुछ लोगों को मुज्तबा खामेनेई के बारे में अलग-अलग तरह की बातें फैलाने का मौका दिया है। उनके अनुसार, सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं देने की वजह से उनके बारे में गलत धारणा बनाई जा रही है।
पेजेशकियन ने मुज्तबा खामेनेई की नेतृत्व क्षमता और सोच का बचाव करते हुए कहा कि उनके साथ हुई बातचीत सकारात्मक रही है।
ईरान में सत्ता के अंदर मतभेद की खबरें
इस बीच ईरान की राजनीतिक व्यवस्था में कथित अंदरूनी मतभेदों की खबरें भी सामने आ रही हैं। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि मुज्तबा खामेनेई और राष्ट्रपति पेजेशकियन के बीच कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर मतभेद हैं।
कुछ दावों के मुताबिक, युद्ध और सुरक्षा से जुड़े मामलों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के कमांडर अहमद वहीदी की भूमिका को समर्थन मिल रहा है।
इसी तरह कुछ रिपोर्टों में यह दावा भी किया गया है कि मुज्तबा खामेनेई ने पेजेशकियन को पद छोड़ने की किसी भी कोशिश से बचने की सलाह दी है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
इस्तीफे को लेकर पहले भी सामने आया था विवाद
राष्ट्रपति पेजेशकियन की सरकार और ईरान के दूसरे शक्तिशाली संस्थानों के बीच अधिकारों को लेकर मतभेद की खबरें पहले भी सामने आती रही हैं।
रिपोर्टों में दावा किया गया था कि पेजेशकियन राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार की भूमिका सीमित होने से असहमत थे। इसी वजह से उनके इस्तीफे की संभावनाओं को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं हुई थीं।
अब मुज्तबा खामेनेई से बातचीत में मुश्किल होने के पेजेशकियन के बयान ने ईरान के सत्ता तंत्र में समन्वय और निर्णय लेने की प्रक्रिया को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
युद्ध के बीच ईरान के लिए चुनौतीपूर्ण समय
ईरान इस समय क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा चुनौतियों के दौर से गुजर रहा है। ऐसे समय में राष्ट्रपति और सर्वोच्च नेतृत्व के बीच सीधा संवाद बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
पेजेशकियन के बयान के बाद यह सवाल उठ रहा है कि मौजूदा परिस्थितियों में ईरान की सरकार और सुरक्षा प्रतिष्ठान के बीच किस तरह फैसले लिए जा रहे हैं। हालांकि, राष्ट्रपति ने मुज्तबा खामेनेई की मौजूदगी को देश के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए उनके खिलाफ चल रही अटकलों को खारिज करने की कोशिश की है।


































