आजकल फिटनेस और बॉडी बिल्डिंग के बढ़ते ट्रेंड में कई लोग अपनी डाइट में सिर्फ प्रोटीन बढ़ाने पर ध्यान दे रहे हैं। Protein Shake, अंडे, चिकन और सप्लीमेंट्स का सेवन तो बढ़ जाता है, लेकिन फाइबर अक्सर नजरअंदाज हो जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह आदत लंबे समय में शरीर के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।
Northwestern Medicine के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. ओलुफेमी कासिम के मुताबिक शरीर को स्वस्थ रखने के लिए प्रोटीन जितना जरूरी है, उतना ही फाइबर भी जरूरी है। यदि हाई-प्रोटीन डाइट के साथ पर्याप्त फाइबर न लिया जाए, तो पाचन तंत्र पर दबाव बढ़ सकता है। इससे कब्ज, गैस, पेट फूलना और अनियमित बाउल मूवमेंट जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि फाइबर केवल पेट साफ रखने का काम नहीं करता, बल्कि आंतों में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया को भी मजबूत बनाता है। यही बैक्टीरिया पाचन सुधारने और शरीर को कई बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं। रिसर्च के अनुसार जिन लोगों की डाइट में फाइबर ज्यादा होता है, उनका गट माइक्रोबायोम अधिक स्वस्थ माना जाता है।
फाइबर भोजन के पाचन की गति को नियंत्रित करता है, जिससे ब्लड शुगर संतुलित रहती है और लंबे समय तक पेट भरा महसूस होता है। यही कारण है कि सिर्फ प्रोटीन लेने से शरीर को पूरा फायदा नहीं मिल पाता।
डॉक्टरों के मुताबिक एक सामान्य वयस्क को रोजाना लगभग 25 से 35 ग्राम फाइबर की जरूरत होती है। लेकिन हाई-प्रोटीन डाइट लेने वाले कई लोग इसकी आधी मात्रा भी नहीं ले पाते। दूसरी ओर जरूरत से ज्यादा प्रोटीन का सेवन शरीर पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है।
विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि लंबे समय तक ज्यादा प्रोटीन और कम फाइबर वाली डाइट लेने से शरीर में सूजन, कब्ज और ब्लोटिंग की समस्या बढ़ सकती है। इतना ही नहीं, भविष्य में Colon Cancer और हृदय रोगों का खतरा भी बढ़ सकता है। खासतौर पर स्मोक्ड और प्रोसेस्ड रेड मीट का अधिक सेवन जोखिम बढ़ाने वाला माना जाता है।
डाइट में फाइबर बढ़ाने के लिए फल, हरी सब्जियां, ओट्स, चिया सीड्स, दालें, क्विनोआ और साबुत अनाज शामिल करने की सलाह दी जाती है। साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी जरूरी है, ताकि पाचन बेहतर बना रहे।


































