Hantavirus Pulmonary Syndrome को लेकर दुनियाभर में चिंता बढ़ती जा रही है। अब तक इसके कई मामले सामने आ चुके हैं और कुछ मरीजों की मौत भी हो चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह संक्रमण शुरुआत में सामान्य वायरल बुखार जैसा लगता है, लेकिन कुछ ही दिनों में जानलेवा रूप ले सकता है।
फरीदाबाद स्थित Amrita Hospital के वरिष्ठ पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. प्रदीप बजाद के अनुसार शुरुआती लक्षण इतने सामान्य होते हैं कि लोग इसे डेंगू, स्वाइन फ्लू या COVID-19 जैसी आम बीमारियां समझ लेते हैं। मरीज को बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द, कमजोरी, ठंड लगना, उल्टी, मतली और पेट संबंधी परेशानी हो सकती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक यही सबसे बड़ा खतरा है, क्योंकि शुरुआत में बीमारी गंभीर नहीं लगती। कई लोग इसे सामान्य फ्लू या फूड पॉइजनिंग समझकर घर पर ही आराम करते रहते हैं।
कैसे फैलता है हंतावायरस?
डॉक्टरों के अनुसार यह वायरस सामान्य तौर पर एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता। खांसने, छींकने या हाथ मिलाने से संक्रमण का खतरा बहुत कम माना जाता है। हालांकि इसका एक प्रकार एंडीज वायरस इंसानों के बीच फैल सकता है, लेकिन ऐसे मामले दुर्लभ होते हैं।
यह संक्रमण मुख्य रूप से संक्रमित चूहों और कृन्तकों के मल, मूत्र और लार के संपर्क से फैलता है। लंबे समय से बंद पड़े कमरों, गोदामों, खेतों या स्टोर रूम की सफाई के दौरान धूल के साथ वायरस के कण हवा में मिल जाते हैं और सांस के जरिए शरीर में पहुंच सकते हैं।
कब बढ़ता है खतरा?
डॉक्टरों का कहना है कि शुरुआती लक्षणों के बाद बीमारी तेजी से गंभीर हो सकती है। मरीज को सांस लेने में तकलीफ, सीने में जकड़न, सूखी खांसी, तेज धड़कन और शरीर में ऑक्सीजन की कमी महसूस होने लगती है।
गंभीर स्थिति में फेफड़ों में पानी भरने लगता है, जिससे सांस लेना मुश्किल हो जाता है। कई मरीजों को कुछ ही घंटों में आईसीयू और वेंटिलेटर की जरूरत पड़ सकती है।
कितना खतरनाक है यह संक्रमण?
हंतावायरस का सबसे गंभीर रूप Hantavirus Pulmonary Syndrome माना जाता है। मेडिकल रिसर्च के अनुसार यह फेफड़ों और ब्लड वेसल्स में गंभीर सूजन पैदा कर सकता है। अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसी Centers for Disease Control and Prevention के मुताबिक गंभीर मामलों में इसकी मृत्यु दर 35 से 40 प्रतिशत तक हो सकती है।
बचाव कैसे करें?
विशेषज्ञों का कहना है कि इस संक्रमण से बचाव ही सबसे प्रभावी उपाय है।
- घर और गोदामों में चूहों की संख्या नियंत्रित रखें
- चूहों के मल-मूत्र की सफाई करते समय सावधानी बरतें
- बंद कमरों में पर्याप्त वेंटिलेशन रखें
- सफाई के दौरान मास्क और दस्ताने पहनें
- धूल उड़ने से बचें
अगर तेज बुखार के साथ सांस लेने में परेशानी या सीने में जकड़न महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।


































