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Health Update:नकली या एनालॉग पनीर सुरक्षित? जानिए इसके 5 संभावित नुकसान और असली पनीर की पहचान

पनीर भारतीय खानपान का एक लोकप्रिय हिस्सा है। शाही पनीर से लेकर पनीर टिक्का और कई तरह की सब्जियों तक, इसका इस्तेमाल बड़े पैमाने पर किया जाता है। दूध से तैयार पारंपरिक पनीर प्रोटीन और कैल्शियम जैसे पोषक तत्वों का स्रोत माना जाता है। लेकिन बाजार में मिलने वाला हर सफेद और मुलायम पनीर जरूरी नहीं कि पारंपरिक दूध से ही तैयार किया गया हो।

इन दिनों एनालॉग पनीर (Analog Paneer) को लेकर खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों और इसकी लेबलिंग पर चर्चा बढ़ी है। कुछ उत्पादों में दूध की जगह वनस्पति वसा, स्टार्च और अन्य गैर-डेयरी सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है। समस्या तब पैदा होती है जब ऐसे उत्पाद को स्पष्ट जानकारी दिए बिना असली पनीर के रूप में बेचा जाए।

आइए समझते हैं कि एनालॉग पनीर क्या होता है, इसके सेवन को लेकर किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और खरीदारी के समय असली पनीर की पहचान कैसे करें।

क्या होता है एनालॉग पनीर?

एनालॉग पनीर ऐसा पनीर-जैसा उत्पाद है, जिसे पारंपरिक दूध और दूध के ठोस पदार्थों के बजाय अलग-अलग गैर-डेयरी सामग्री से तैयार किया जा सकता है। इसमें वनस्पति वसा, स्टार्च, प्रोटीन और अन्य खाद्य सामग्री का इस्तेमाल उत्पाद के प्रकार के अनुसार किया जा सकता है।

यह दिखने और इस्तेमाल में पनीर जैसा लग सकता है, लेकिन इसकी सामग्री और पोषण संरचना पारंपरिक दूध से बने पनीर से अलग हो सकती है।

इसलिए ग्राहक के लिए यह जानना जरूरी है कि वह वास्तव में डेयरी पनीर खरीद रहा है या कोई पनीर एनालॉग उत्पाद

एनालॉग पनीर के 5 संभावित नुकसान

1. पाचन संबंधी परेशानी

एनालॉग पनीर में इस्तेमाल होने वाली वसा, स्टार्च और अन्य सामग्री हर व्यक्ति के लिए समान रूप से आसानी से पचने वाली हो, यह जरूरी नहीं है।

अधिक मात्रा में सेवन करने पर कुछ लोगों को पेट भारी लगना, गैस, पेट फूलना, अपच या एसिडिटी जैसी परेशानी हो सकती है। खासकर जब इसे बहुत ज्यादा तले हुए या मसालेदार भोजन के साथ खाया जाए, तो पाचन संबंधी असुविधा बढ़ सकती है।

2. कैलोरी और वसा की मात्रा अधिक हो सकती है

कुछ एनालॉग पनीर उत्पादों में वनस्पति वसा का इस्तेमाल किया जाता है। उत्पाद में इस्तेमाल की गई सामग्री और उसकी मात्रा के आधार पर इसकी कुल कैलोरी और वसा अलग-अलग हो सकती है।

अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक अधिक कैलोरी और वसा वाले ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करता है, तो उसकी कुल दैनिक कैलोरी खपत बढ़ सकती है। इसलिए पैकेट खरीदते समय Nutrition Facts और Ingredients List देखना जरूरी है।

3. पारंपरिक पनीर जैसा पोषण जरूरी नहीं

दूध से बने पनीर में प्रोटीन, कैल्शियम और अन्य पोषक तत्व मिलते हैं। दूसरी ओर, एनालॉग पनीर का पोषण पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि उसे बनाने में किन सामग्रियों और कितनी मात्रा का इस्तेमाल किया गया है।

इसलिए हर एनालॉग पनीर को पारंपरिक डेयरी पनीर के बराबर पोषण वाला मानना सही नहीं होगा।

4. दिल की सेहत को लेकर सावधानी जरूरी

एनालॉग पनीर में इस्तेमाल होने वाली वसा का प्रकार उत्पाद के हिसाब से अलग हो सकता है। अगर किसी व्यक्ति की पूरी डाइट में पहले से ही संतृप्त वसा अधिक है और वह नियमित रूप से अधिक वसा वाले खाद्य पदार्थ खाता है, तो लंबे समय में यह उसकी समग्र हृदय-स्वास्थ्य के लिए अच्छा विकल्प नहीं माना जाता।

इसलिए सिर्फ पनीर का नाम देखकर नहीं, बल्कि उसकी कुल वसा और संतृप्त वसा की मात्रा देखकर सेवन का फैसला करना बेहतर है।

5. गलत लेबलिंग और खाद्य सुरक्षा का जोखिम

सबसे बड़ी चिंता तब होती है जब किसी पनीर-जैसे उत्पाद की वास्तविक सामग्री के बारे में ग्राहक को स्पष्ट जानकारी न दी जाए।

गलत तरीके से तैयार, पैक या स्टोर किए गए खाद्य पदार्थों में खराब होने या दूषित होने का जोखिम भी बढ़ सकता है। इसलिए बिना लेबल, संदिग्ध गुणवत्ता या अज्ञात स्रोत से मिलने वाले पनीर को खरीदने से बचना बेहतर है।

असली पनीर खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें?

अगर आप पैकेट वाला पनीर खरीद रहे हैं तो केवल उसकी कीमत या दिखावट पर भरोसा न करें। पैकेट पर मौजूद Ingredients, Nutrition Information, Manufacturing Date, Expiry/Best Before Date और FSSAI से संबंधित विवरण जरूर देखें।

अगर किसी उत्पाद की लेबलिंग स्पष्ट नहीं है या विक्रेता उसके बारे में सही जानकारी नहीं दे पा रहा है, तो उसे खरीदने से बचना बेहतर है।

क्या एनालॉग पनीर हर व्यक्ति के लिए नुकसानदायक है?

ऐसा कहना सही नहीं होगा कि हर एनालॉग पनीर खाने से निश्चित रूप से बीमारी होगी। इसका प्रभाव मुख्य रूप से उत्पाद में इस्तेमाल सामग्री, उसकी गुणवत्ता, मात्रा और व्यक्ति की पूरी डाइट पर निर्भर करता है।

सबसे जरूरी बात यह है कि एनालॉग उत्पाद को असली दूध से बने पनीर के रूप में छिपाकर नहीं बेचा जाना चाहिए और ग्राहक को उत्पाद की सही जानकारी मिलनी चाहिए।

निष्कर्ष

पनीर खरीदते समय सिर्फ उसका रंग, स्वाद या बनावट देखकर उसकी गुणवत्ता तय करना मुश्किल है। अगर आप नियमित रूप से पनीर खाते हैं, तो भरोसेमंद स्रोत से खरीदारी करें और पैकेट पर दी गई सामग्री व पोषण संबंधी जानकारी जरूर पढ़ें।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य और खाद्य-सुरक्षा संबंधी जानकारी के लिए है। किसी विशेष बीमारी, हृदय संबंधी जोखिम या डाइट से जुड़ी समस्या के लिए योग्य डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लें।

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