Sharib Hashmi की पत्नी नसरीन के कैंसर के दोबारा लौटने की खबर ने एक बार फिर इस गंभीर बीमारी को लेकर लोगों की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार नसरीन छठी बार कैंसर का सामना कर रही हैं। लंबे इलाज, कई सर्जरी और थेरेपी के बावजूद बीमारी के लौट आने से यह सवाल उठ रहा है कि आखिर कैंसर कितनी बार वापस आ सकता है।
कैंसर रिकरेंस क्या होता है?
विशेषज्ञों के अनुसार जब इलाज के बाद कैंसर कुछ समय तक नियंत्रित या गायब दिखाई देता है और फिर दोबारा शरीर में विकसित होने लगता है, तो इसे कैंसर रिकरेंस कहा जाता है। यह उसी जगह लौट सकता है जहां पहले था या शरीर के दूसरे हिस्सों में भी फैल सकता है।
American Cancer Society के अनुसार, यदि कैंसर इलाज के बाद लंबे समय तक दिखाई न दे और फिर वापस आए, तो उसे रिकरेंस माना जाता है। कई मामलों में यह महीनों या वर्षों बाद भी लौट सकता है।
नसरीन के मामले में क्या हुआ?
रिपोर्ट्स के मुताबिक नसरीन को पहली बार 2018 में माउथ कैंसर का पता चला था। इसके बाद उन्होंने कई सर्जरी करवाईं और इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार भी देखा गया। लेकिन बाद में कैंसर दोबारा लौट आया और अब यह शरीर के कई हिस्सों तक फैल चुका है।
बताया गया है कि बीमारी अब फेफड़ों, हड्डियों और दिल व लीवर के आसपास तक पहुंच चुकी है। फिलहाल उनका इलाज कीमोथेरेपी और इम्यूनोथेरेपी के जरिए किया जा रहा है।
कैंसर बार-बार क्यों लौटता है?
विशेषज्ञों के अनुसार कैंसर के दोबारा लौटने का मतलब यह नहीं होता कि पहले इलाज में कोई गलती हुई थी। कई बार इलाज के बाद शरीर में कुछ कैंसर सेल्स बच जाती हैं, जो समय के साथ फिर सक्रिय होकर बढ़ने लगती हैं।
कुछ प्रकार के कैंसर में रिकरेंस का खतरा ज्यादा माना जाता है, जैसे:
- Ovarian cancer
- Colorectal cancer
- फेफड़ों और मुंह के कुछ कैंसर
डॉक्टरों के मुताबिक हर मरीज की स्थिति अलग होती है, इसलिए यह तय नहीं किया जा सकता कि कैंसर कितनी बार लौट सकता है। यह कैंसर के प्रकार, स्टेज, इलाज और मरीज की शारीरिक स्थिति पर निर्भर करता है।
क्या कैंसर के बाद सामान्य जीवन संभव है?
विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक इलाज और नई थेरेपी के कारण अब कई मरीज लंबे समय तक सामान्य जीवन जी पा रहे हैं। नियमित जांच, सही इलाज और समय पर पहचान से रिकरेंस के खतरे को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
जरूरी सलाह
कैंसर से जुड़े किसी भी लक्षण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लगातार खांसी, वजन घटना, असामान्य थकान, गांठ या लंबे समय तक रहने वाले घाव जैसे संकेत मिलने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
Disclaimer: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से दी गई है। किसी भी बीमारी या इलाज से जुड़ा फैसला विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही लें।


































