HomeHEALTHHealth Tips:टॉयलेट में बार-बार ज्यादा जोर लगाना पड़ सकता है भारी, बवासीर...

Health Tips:टॉयलेट में बार-बार ज्यादा जोर लगाना पड़ सकता है भारी, बवासीर से लेकर फिशर तक का बढ़ सकता है खतरा

 अगर शौच के दौरान आपको रोजाना ज्यादा जोर लगाना पड़ता है, तो इसे सामान्य आदत मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कभी-कभी कब्ज या खानपान की वजह से ऐसा हो सकता है, लेकिन लंबे समय तक लगातार स्ट्रेन करने से गुदा और पेल्विक क्षेत्र पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, बार-बार जोर लगाने की आदत कई तरह की समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकती है। इसलिए समस्या के कारण को समझना और समय रहते उसमें सुधार करना जरूरी है।

बवासीर का खतरा बढ़ सकता है

शौच के दौरान लगातार अधिक दबाव डालने से गुदा के आसपास की रक्त वाहिकाओं पर दबाव बढ़ सकता है। इससे उनमें सूजन आ सकती है और बवासीर की समस्या विकसित या पहले से मौजूद बवासीर की परेशानी बढ़ सकती है।

ऐसे में दर्द, खुजली, जलन या शौच के दौरान खून आने जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

एनल फिशर भी हो सकता है कारण

कठोर मल और लगातार जोर लगाने से गुदा की अंदरूनी त्वचा में छोटी दरार बन सकती है। इसे एनल फिशर कहा जाता है।

फिशर होने पर शौच करते समय तेज दर्द या जलन महसूस हो सकती है और कभी-कभी ताजा खून भी दिखाई दे सकता है। अगर कब्ज और जोर लगाने की समस्या बनी रहती है, तो फिशर को ठीक होने में ज्यादा समय लग सकता है।

पेल्विक फ्लोर पर भी पड़ता है दबाव

लंबे समय तक शौच के दौरान अत्यधिक जोर लगाने से पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। कुछ लोगों में समय के साथ इन मांसपेशियों से जुड़ी समस्याएं विकसित हो सकती हैं।

बहुत गंभीर और लंबे समय से चली आ रही स्थितियों में रेक्टल प्रोलैप्स जैसी समस्या भी हो सकती है, जिसमें मलाशय का कुछ हिस्सा गुदा के रास्ते बाहर की ओर आने लगता है। ऐसी स्थिति में चिकित्सकीय जांच जरूरी होती है।

क्या दिल पर भी असर पड़ सकता है?

जोर लगाने के दौरान शरीर के अंदर दबाव अस्थायी रूप से बढ़ सकता है। इससे कुछ लोगों में चक्कर या असहजता महसूस हो सकती है। खासतौर पर पहले से हृदय संबंधी बीमारी वाले लोगों को शौच के दौरान अत्यधिक जोर लगाने से बचना चाहिए।

अगर टॉयलेट में जोर लगाते समय सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी, बेहोशी या तेज चक्कर जैसे लक्षण हों, तो तत्काल मेडिकल सहायता लेना जरूरी है।

कब्ज से बचने के लिए क्या करें?

शौच के दौरान जोर कम करने के लिए रोजमर्रा की कुछ आदतों में बदलाव मददगार हो सकते हैं:

  • पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
  • भोजन में फल, सब्जियां, साबुत अनाज और अन्य फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करें।
  • रोजाना कुछ समय शारीरिक गतिविधि करें।
  • मल त्याग की इच्छा को बार-बार न टालें।
  • टॉयलेट में जरूरत से ज्यादा देर तक बैठने से बचें।
  • कब्ज की समस्या बार-बार हो रही है तो इसके कारण की जांच कराएं।

फाइबर अचानक बहुत ज्यादा बढ़ाने के बजाय धीरे-धीरे बढ़ाना बेहतर है और पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है।

कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?

अगर लंबे समय से शौच के दौरान बहुत जोर लगाना पड़ रहा है, बार-बार कब्ज हो रही है, मल में खून आता है, वजन बिना वजह कम हो रहा है, लगातार पेट दर्द है या मल त्याग की आदत में अचानक बदलाव आया है, तो डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए।

याद रखें: कभी-कभार जोर लग जाना अलग बात है, लेकिन रोजाना शौच के दौरान अत्यधिक स्ट्रेन करना सामान्य नहीं माना जाना चाहिए। समस्या का कारण पहचानकर उसका इलाज कराना ही बवासीर, फिशर और अन्य जटिलताओं से बचने का बेहतर तरीका है।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments