घर या ऑफिस को महकाने के लिए रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल आज आम हो गया है। स्प्रे, प्लग-इन, ऑटोमैटिक फ्रेशनर, रीड डिफ्यूजर, जेल और फ्रेगरेंस बीड्स जैसे कई विकल्प बाजार में मौजूद हैं। इनसे कमरे की बदबू कम करने और अच्छी खुशबू देने में मदद मिलती है, लेकिन क्या इन्हें लगातार इस्तेमाल करना पूरी तरह सुरक्षित है?
इसका जवाब हर प्रोडक्ट के लिए एक जैसा नहीं है। रूम फ्रेशनर का संभावित जोखिम उसमें मौजूद रसायनों, इस्तेमाल की मात्रा, कमरे में वेंटिलेशन और व्यक्ति की संवेदनशीलता पर निर्भर करता है।
रूम फ्रेशनर में कौन-कौन सी चीजें होती हैं?
हर फ्रेशनर की सामग्री अलग हो सकती है। इनमें खुशबू देने वाले केमिकल, एसेंशियल ऑयल, सॉल्वेंट और दूसरे पदार्थ इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
एयरोसोल स्प्रे में खुशबू को हवा में फैलाने के लिए प्रोपेलेंट का इस्तेमाल हो सकता है। वहीं जेल और फ्रेगरेंस बीड्स धीरे-धीरे खुशबू छोड़ते हैं। प्लग-इन डिवाइस गर्म होकर सुगंध को वातावरण में फैलाते हैं।
इसलिए किसी भी प्रोडक्ट को इस्तेमाल करने से पहले उसकी पैकेजिंग पर दी गई सामग्री और सुरक्षा संबंधी निर्देश पढ़ना जरूरी है।
क्या सांस के जरिए नुकसान हो सकता है?
रूम फ्रेशनर इस्तेमाल करने पर कुछ सुगंधित रसायन और VOCs (Volatile Organic Compounds) हवा में मिल सकते हैं। इनका स्तर प्रोडक्ट और कमरे की परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।
सामान्य मात्रा में इस्तेमाल करने से हर व्यक्ति को नुकसान होगा, ऐसा कहना सही नहीं है। लेकिन बंद कमरे में लगातार और ज्यादा मात्रा में खुशबू वाले उत्पादों का इस्तेमाल कुछ संवेदनशील लोगों में परेशानी पैदा कर सकता है।
कुछ लोगों को इनके संपर्क में आने के बाद:
- खांसी या गले में जलन
- सिरदर्द
- आंखों में जलन
- नाक में परेशानी
- एलर्जी जैसे लक्षण
- सांस लेने में असहजता
महसूस हो सकती है।
अगर फ्रेशनर इस्तेमाल करने के तुरंत बाद सांस लेने में परेशानी या घुटन महसूस हो, तो उस जगह से हटकर ताजी हवा में जाना बेहतर है। लक्षण गंभीर हों या जल्दी ठीक न हों तो चिकित्सकीय मदद लें।
बच्चों के आसपास ज्यादा सावधानी जरूरी
रूम फ्रेशनर को बच्चों की पहुंच से दूर रखना चाहिए। खासतौर पर लिक्विड रिफिल, रीड डिफ्यूजर, जेल और फ्रेगरेंस बीड्स गलती से निगल लिए जाने पर खतरनाक हो सकते हैं।
बच्चे अगर इनमें से किसी उत्पाद को निगल लें, तो घरेलू उपाय करके इंतजार करने के बजाय तुरंत डॉक्टर या स्थानीय विष नियंत्रण सेवा से सलाह लेना बेहतर है।
इसी तरह प्लग-इन डिवाइस और ऑटोमैटिक स्प्रे भी ऐसी जगह रखें जहां बच्चे उन्हें आसानी से छू या गिरा न सकें।
ऑटोमैटिक और एयरोसोल स्प्रे में रखें खास ध्यान
कुछ एयरोसोल फ्रेशनर में ज्वलनशील पदार्थ मौजूद हो सकते हैं। इसलिए इन्हें मोमबत्ती, गैस की लौ, सिगरेट या अन्य खुले आग के स्रोत के पास इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
स्प्रे को सीधे चेहरे, आंखों या त्वचा पर करने से भी बचें। हमेशा पैकेट पर दिए निर्देशों के अनुसार इसका इस्तेमाल करें।
त्वचा या आंख में चला जाए तो?
अगर रूम फ्रेशनर त्वचा पर गिर जाए और जलन या लालिमा हो, तो प्रभावित हिस्से को साफ पानी और साबुन से धोएं।
अगर यह आंखों में चला जाए, तो आंखों को पर्याप्त साफ पानी से धोना चाहिए। जलन, लालिमा या नजर से जुड़ी परेशानी बनी रहे तो डॉक्टर से संपर्क करें।
सुरक्षित इस्तेमाल के लिए अपनाएं ये तरीके
रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल पूरी तरह बंद करना हर व्यक्ति के लिए जरूरी नहीं है, लेकिन कम मात्रा और सही तरीके से इस्तेमाल करना बेहतर विकल्प है।
कमरे को खुशबूदार रखने के साथ-साथ इन बातों का ध्यान रखें:
- बंद कमरे में जरूरत से ज्यादा स्प्रे न करें।
- संभव हो तो कमरे में पर्याप्त वेंटिलेशन रखें।
- बदबू को सिर्फ फ्रेशनर से छिपाने के बजाय उसके वास्तविक कारण को साफ करें।
- बच्चों और पालतू जानवरों से सभी लिक्विड और जेल उत्पाद दूर रखें।
- प्रोडक्ट को इस्तेमाल करने से पहले लेबल और चेतावनियां पढ़ें।
- अगर किसी खास खुशबू से बार-बार सिरदर्द, खांसी या सांस संबंधी परेशानी होती है, तो उसका इस्तेमाल बंद कर दें।
क्या रूम फ्रेशनर पूरी तरह खतरनाक है?
ऐसा कहना सही नहीं होगा। सामान्य और सीमित इस्तेमाल में हर व्यक्ति को इससे स्वास्थ्य संबंधी समस्या होगी, इसका कोई आधार नहीं है। लेकिन ज्यादा इस्तेमाल, खराब वेंटिलेशन और व्यक्तिगत संवेदनशीलता जोखिम बढ़ा सकते हैं।
इसलिए कमरे को महकाने के लिए जरूरत से ज्यादा फ्रेशनर इस्तेमाल करने के बजाय कमरे की सफाई, पर्याप्त हवा और बदबू के मूल कारण को दूर करना ज्यादा बेहतर तरीका है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य एवं सुरक्षा संबंधी जानकारी के लिए है। यह किसी चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं है। किसी रसायन के संपर्क के बाद गंभीर लक्षण दिखाई दें या किसी बच्चे ने रूम फ्रेशनर निगल लिया हो, तो तुरंत योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ या स्थानीय विष नियंत्रण सेवा से संपर्क करें।


































