हिंदी, तेलुगू और तमिल सिनेमा में अपनी दमदार अदाकारी से पहचान बनाने वाले अभिनेता प्रदीप रावत का निधन हो गया है। उन्होंने 74 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। अभिनेता के निधन की खबर सामने आने के बाद फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में शोक की लहर है।
प्रदीप रावत को खासतौर पर निगेटिव और दमदार किरदारों के लिए जाना जाता था। आमिर खान की फिल्म ‘गजनी’ में उनके खतरनाक विलेन वाले किरदार ने उन्हें दर्शकों के बीच खास पहचान दिलाई थी। इसके अलावा ‘लगान’ में देवा सिंह सोढ़ी की भूमिका भी उनके यादगार किरदारों में शामिल रही।
यशपाल शर्मा ने दी निधन की जानकारी
अभिनेता प्रदीप रावत के निधन की जानकारी अभिनेता यशपाल शर्मा ने सोशल मीडिया के जरिए साझा की। उन्होंने प्रदीप रावत को याद करते हुए उनकी फिल्मों के चर्चित किरदारों का जिक्र किया और उनके निधन पर दुख जताया।
खबर सामने आने के बाद इंडस्ट्री से जुड़े कई कलाकारों ने भी अभिनेता को श्रद्धांजलि दी। अभिनेता ब्रिजेंद्र काला ने शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी, वहीं अभिनेत्री जया भट्टाचार्य ने भी उनके निधन पर दुख जताया।
‘महाभारत’ से मिली थी शुरुआती पहचान
प्रदीप रावत का जन्म 21 जनवरी 1952 को हुआ था। उन्होंने फिल्मों के अलावा टेलीविजन की दुनिया में भी लंबे समय तक काम किया।
उन्हें शुरुआती दौर में बीआर चोपड़ा के लोकप्रिय धारावाहिक ‘महाभारत’ से बड़ी पहचान मिली। इस सीरियल में उन्होंने अश्वत्थामा का किरदार निभाया था। इस भूमिका ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
इसके बाद उन्होंने फिल्मों का रुख किया और अलग-अलग भाषाओं की फिल्मों में काम करते हुए अपनी खास जगह बनाई।
विलेन के किरदारों से बनाई अलग पहचान
प्रदीप रावत को सिनेमा में खलनायक की भूमिकाओं के लिए खास तौर पर याद किया जाएगा। उन्होंने अपने करियर में कई तरह के किरदार निभाए, लेकिन निगेटिव रोल में उनकी स्क्रीन प्रेजेंस दर्शकों को काफी पसंद आई।
तेलुगू सिनेमा में उन्होंने ‘Sye’ से अपनी पारी शुरू की थी। फिल्म में उनके अभिनय को काफी सराहना मिली और उन्हें बेस्ट विलेन की कैटेगरी में फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला।
तेलुगू फिल्मों में वह लंबे समय तक सक्रिय रहे। साल 2023 में वह ‘Waltair Veerayya’ में नजर आए थे, जबकि 2026 में उनकी फिल्म ‘Gaayapadda Simham’ में उपस्थिति दर्ज हुई।
हिंदी फिल्मों में भी किया लंबा काम
प्रदीप रावत ने हिंदी फिल्मों में अपने करियर की शुरुआत 1985 में आई ‘एतबार’ से की थी। इसमें उन्होंने पुलिस इंस्पेक्टर की भूमिका निभाई थी।
इसके बाद उन्होंने कई चर्चित फिल्मों में अलग-अलग किरदार निभाए। उनके फिल्मी करियर में ‘मेरी जंग’, ‘समुंदर’, ‘काश’, ‘इंसाफ’, ‘अग्निपथ’, ‘बागी’, ‘कायदा कानून’, ‘कोहरा’, ‘इंसानियत’, ‘कोयला’ और ‘दीवार’ जैसी फिल्में शामिल हैं।
साल 2001 में आई आमिर खान की चर्चित फिल्म ‘लगान’ में उन्होंने देवा सिंह सोढ़ी का किरदार निभाया था। फिल्म में उनके अभिनय को दर्शकों ने खूब पसंद किया।
इसके बाद वह ‘शबरी’, ‘ग्रैंड मस्ती’, ‘सिंह इज ब्लिंग’ जैसी फिल्मों में भी नजर आए। हाल के वर्षों में उन्होंने ‘छावा’ जैसी फिल्म में भी काम किया।
‘गजनी’ के विलेन के तौर पर खूब मिली लोकप्रियता
प्रदीप रावत के करियर की सबसे चर्चित भूमिकाओं में से एक आमिर खान और असिन स्टारर ‘गजनी’ का किरदार था। साल 2008 में रिलीज हुई इस फिल्म में उन्होंने विलेन की भूमिका निभाई थी।
फिल्म में उनकी दमदार एक्टिंग और खलनायक के किरदार को काफी पसंद किया गया। ‘गजनी’ ने उनकी लोकप्रियता को हिंदी दर्शकों के बीच और मजबूत कर दिया।
कई भाषाओं के सिनेमा में किया काम
प्रदीप रावत की अभिनय यात्रा सिर्फ हिंदी और तेलुगू सिनेमा तक सीमित नहीं रही। उन्होंने तमिल, कन्नड़ और मलयालम फिल्मों में भी काम किया।
इसके अलावा उन्होंने अंग्रेजी, ओड़िया, बंगाली, नेपाली और मराठी भाषा की फिल्मों में भी अपनी अदाकारी दिखाई। अलग-अलग भाषाओं और इंडस्ट्री में काम करने की वजह से उनका फिल्मी सफर काफी विविध रहा।
टीवी पर भी छोड़ी अपनी छाप
फिल्मों के साथ प्रदीप रावत ने टेलीविजन पर भी कई यादगार भूमिकाएं निभाईं। ‘महाभारत’, ‘तहकीकात’, ‘चंद्रकांता’, ‘युग’, ‘गुल सनोबर’ और ‘मिशन फतेह’ जैसे टीवी प्रोजेक्ट्स में वह नजर आए।
उनके निधन से भारतीय मनोरंजन जगत ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया, जिसने करीब चार दशकों से ज्यादा समय तक अलग-अलग भाषाओं और माध्यमों में अपने अभिनय से दर्शकों का मनोरंजन किया।
परिवार में पत्नी और दो बच्चे
प्रदीप रावत की निजी जिंदगी की बात करें तो उनकी शादी कल्याणी रावत से हुई थी। उनके परिवार में पत्नी के अलावा दो बच्चे हैं। अभिनेता के निधन की खबर के बाद उनके परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों के बीच शोक का माहौल है।
प्रदीप रावत अपने दमदार विलेन किरदारों, खासकर ‘गजनी’, ‘लगान’ और ‘महाभारत’ में निभाई भूमिकाओं के लिए लंबे समय तक दर्शकों की यादों में बने रहेंगे।


































