
लखनऊ, सरोजनीनगर। सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित भाजपा बूथ अध्यक्ष सम्मान समारोह में विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि राष्ट्र की एकता, सुरक्षा और सशक्त भविष्य के लिए उत्तर प्रदेश और केंद्र—दोनों स्तरों पर भारतीय जनता पार्टी की सरकार आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भाजपा की विचारधारा “राष्ट्र प्रथम” है और यही सोच देश को विकास, सुशासन और सांस्कृतिक मजबूती की दिशा में आगे बढ़ा रही है।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी), विशेष रूप से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हो रहे जनसांख्यिकीय परिवर्तनों तथा क्षेत्रवार असंतुलित जनसंख्या वृद्धि जैसे गंभीर विषयों पर प्रभावी नीति और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था बेहतर हुई है और विकास कार्य तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं, इसलिए सुशासन की इस यात्रा को निरंतर जारी रखना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्र को मजबूत बनाए रखने के लिए सनातन संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और राष्ट्रीय चेतना को भी सुदृढ़ करना होगा। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए राज्य और केंद्र दोनों में भाजपा सरकार का होना जरूरी है।
डॉ. सिंह ने सरोजनीनगर के बूथ अध्यक्षों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि संगठन और चुनाव की वास्तविक शक्ति बूथ कार्यकर्ता होता है। उन्होंने कहा कि सरोजनीनगर के बूथ अध्यक्षों ने अनुशासन, समर्पण और अथक परिश्रम से संगठन को मजबूत करने का कार्य किया है, जिसके लिए वे सम्मान के पात्र हैं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा के पूर्व प्रदेश महामंत्री एवं विधान परिषद सदस्य गोविंद शुक्ला ने प्रत्येक बूथ अध्यक्ष से कम से कम 10 नए सदस्य जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा कराए गए विकास एवं जनकल्याणकारी कार्यों की जानकारी बूथ स्तर पर प्रत्येक परिवार तक पहुंचाई जाए, ताकि संगठन और अधिक सशक्त हो सके।
इस अवसर पर सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र के सभी 652 बूथ अध्यक्षों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में महापौर सुषमा खर्कवाल, भाजपा महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी, जिला अध्यक्ष विजय मौर्य, पूर्व सांसद पूर्णिमा वर्मा, पूर्व विधायक सुरेश तिवारी, पुष्कर शुक्ला, राजेंद्र वाजपेयी, संजय लोधी, रामाशंकर त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


































