Donald Trump ने अपनी तीन दिवसीय चीन यात्रा पूरी कर बीजिंग से वापसी की। इस दौरान उनकी मुलाकात Xi Jinping के साथ कई अहम वैश्विक मुद्दों पर हुई। दोनों नेताओं ने वार्ता को सकारात्मक और महत्वपूर्ण बताया, हालांकि किसी बड़े विवादित मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से किसी समझौते की घोषणा नहीं की गई।
यात्रा के अंतिम दिन शी जिनपिंग ने ट्रंप को चीन के बेहद सुरक्षित और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण परिसर Zhongnanhai का दौरा कराया। यह वही स्थान है जहां चीन के शीर्ष नेता काम करते और रहते हैं। आमतौर पर इस परिसर को बाहरी लोगों के लिए बेहद सीमित माना जाता है, इसलिए इसे विशेष सम्मान के तौर पर देखा जा रहा है।
दौरे के दौरान ट्रंप वहां मौजूद बड़े गुलाबों से काफी प्रभावित दिखाई दिए। इसके बाद शी जिनपिंग ने व्हाइट हाउस के रोज गार्डन के लिए उन विशेष गुलाबों के बीज उपहार में देने की बात कही। इस gesture को दोनों नेताओं के बीच सकारात्मक व्यक्तिगत संबंधों के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि ट्रंप की यह यात्रा पूरी तरह विवादों से दूर नहीं रही। कुछ राजनीतिक विश्लेषकों और सोशल मीडिया यूजर्स ने इस बात पर चर्चा की कि बीजिंग पहुंचने पर ट्रंप का स्वागत स्वयं शी जिनपिंग ने नहीं किया। एयरपोर्ट पर उनका स्वागत चीन के उपराष्ट्रपति और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने किया था। इसे लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
ट्रंप के प्रतिनिधिमंडल में Marco Rubio, Pete Hegseth, Elon Musk और Tim Cook जैसे प्रमुख नाम शामिल थे।
दोनों देशों के बीच हुई बातचीत में ऊर्जा आपूर्ति, व्यापार, पश्चिम एशिया की स्थिति और वैश्विक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों नेताओं ने Strait of Hormuz को खुला रखने और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित न होने देने पर भी सहमति जताई।
इसके अलावा ट्रंप ने शी जिनपिंग और उनकी पत्नी को सितंबर में White House आने का निमंत्रण भी दिया। विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका और चीन के बीच मतभेद बने रहने के बावजूद दोनों देश संवाद का रास्ता खुला रखना चाहते हैं।


































