
- नैमिषारण्य के कॉरिडोर से दुधवा के ईको रिट्रीट तक, पर्यटन विकास का व्यापक खाका तैयार
- लखनऊ बनेगा पर्यटन का प्रवेश द्वार, नैमिषारण्य से दुधवा तक जुड़ेगा नया टूरिज्म सर्किट
- बिरजू महाराज कथक संस्थान से राज्य संग्रहालय तक, प्रमुख परियोजनाओं की हुई व्यापक समीक्षा
- लखनऊ से नैमिषारण्य और दुधवा तक पर्यटन की मजबूत कड़ी बनाने की है तैयारी

लखनऊ, 3 अगस्त 2026: लखनऊ मंडल को धार्मिक, सांस्कृतिक और ईको टूरिज्म का मजबूत केंद्र बनाने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने सोमवार को लखनऊ मंडल की पर्यटन, संस्कृति और धर्मार्थ कार्य विभाग की प्रस्तावित एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक में वर्ष 2026-27 की प्रस्तावित कार्ययोजना के तहत लगभग 155 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली 64 पर्यटन परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। इन परियोजनाओं का उद्देश्य लखनऊ को ऐसा पर्यटन प्रवेश द्वार बनाना है, जहां आने वाले पर्यटक नैमिषारण्य, दुधवा राष्ट्रीय उद्यान और मंडल के अन्य प्रमुख धार्मिक एवं प्राकृतिक स्थलों तक आसानी से पहुंच सकें।

इनमें लखनऊ की 22, सीतापुर की 15, हरदोई की 10, लखीमपुर खीरी की 7 तथा उन्नाव और रायबरेली की 5-5 पर्यटन परियोजनाओं की समीक्षा की गई। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि लखनऊ केवल प्रदेश की राजधानी ही नहीं, बल्कि नैमिषारण्य, दुधवा और मंडल के अन्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों का प्रमुख प्रवेश द्वार है। उन्होंने निर्देश दिए कि पर्यटन परियोजनाओं का उद्देश्य पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें मंडल के अन्य पर्यटन स्थलों तक आकर्षित करना भी होना चाहिए। बैठक में उपस्थित पर्यटन महानिदेशक डॉ. वेदपति मिश्रा ने कहा कि लखनऊ मंडल की पर्यटन परियोजनाओं का उद्देश्य धार्मिक, सांस्कृतिक और ईको टूरिज्म को एक समग्र पर्यटन अनुभव के रूप में विकसित करना है। उन्होंने कहा कि सभी विभागों के समन्वित प्रयासों से पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही परियोजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, समयबद्धता और स्थानीय विरासत के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
बैठक में लगभग 8 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित ‘परंपरा वन स्टॉप सेंटर फॉर टूरिज्म एंड कल्चर’ परियोजना पर विशेष चर्चा हुई। इस केंद्र को लखनऊ मंडल की सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन स्थलों और धार्मिक पहचान को एक ही मंच पर प्रस्तुत करने वाले साझा केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके माध्यम से राजधानी आने वाले पर्यटकों को नैमिषारण्य, दुधवा राष्ट्रीय उद्यान और मंडल के अन्य प्रमुख स्थलों की समग्र जानकारी एवं पर्यटन सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा लखनऊ में बुद्धेश्वर महादेव मंदिर, नाका हिंडोला गुरुद्वारा, हनुमंत धाम, राम जानकी मंदिर और भुइयां देवी मंदिर सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास और पर्यटक सुविधाओं के विस्तार के प्रस्तावों की भी समीक्षा की गई।
सीतापुर में नैमिषारण्य के ललिता देवी मंदिर, चक्रतीर्थ और राजघाट को जोड़ने वाले दो नए धार्मिक कॉरिडोर विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया, जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही और सुविधाएं बेहतर होंगी। इसके अलावा सोनासरी देवी मंदिर, मां संकटा देवी धाम और झारखंडेश्वर महादेव मंदिर के विकास पर भी चर्चा हुई। ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए लखीमपुर खीरी में दुधवा राष्ट्रीय उद्यान के निकट ईको रिट्रीट विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया। वहीं उन्नाव स्थित शहीद चंद्रशेखर आजाद पक्षी विहार के भीतर राही पर्यटन आवास गृह के पुनर्विकास की योजना भी सामने आई, जिससे बर्ड वॉचिंग और नेचर टूरिज्म को नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
हरदोई जनपद में महर्षि दधीचि मंदिर और सरस हाट के विकास की योजनाओं की समीक्षा की गई। वहीं रायबरेली में महाराजा महे पासी किला, चंपा देवी मंदिर सहित कई प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर प्रमुखता से विकसित करने की योजना पर चर्चा हुई। लखीमपुर खीरी और उन्नाव के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर भी पर्यटक सुविधाओं के विस्तार और आधारभूत ढांचे के विकास के प्रस्तावों पर विचार किया गया, ताकि पूरे मंडल में पर्यटन गतिविधियों को संतुलित रूप से बढ़ावा मिल सके।
संस्कृति विभाग की निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान रायबरेली के डलमऊ स्थित प्राचीन रामलीला स्थल के विकास, विस्तार, जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। इसके साथ ही हरदोई के सवायजपुर, बावन और भरखनी, लखनऊ के ऐशबाग, मोहनलालगंज तथा उन्नाव के वृंदावन पार्क स्थित रामलीला स्थलों के विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। रायबरेली के सलोन में अवध केसरी राणा बेनी माधव बक्श सिंह की स्मृति में सभागार एवं पुस्तकालय निर्माण तथा उन्नाव के बदरका स्थित अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की जन्मस्थली पर बहुउद्देशीय हॉल के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई।
साथ ही बैठक में लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश संस्कृति संग्रहालय, भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मारक एवं सांस्कृतिक केंद्र, संगीत नाटक अकादमी, भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय, बिरजू महाराज कथक संस्थान, राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह तथा राज्य संग्रहालय से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इसके अलावा प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय, लोक कला संग्रहालय, अवध वीथिका, राजभवन कला कक्ष, आधुनिक पुस्तकालय, कैफेटेरिया, ऑडिटोरियम के उन्नयन, आधुनिक स्टोरेज सिस्टम, अग्निशमन व्यवस्था तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए।
धर्मार्थ कार्य विभाग की परियोजनाओं की भी हुई समीक्षा
बैठक में धर्मार्थ कार्य विभाग की पांच परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। इनमें सीतापुर का दधीचि कुंड, लखीमपुर खीरी का लीलानाथ शिव मंदिर, उन्नाव का चंद्रेश्वर महादेव मंदिर तथा रायबरेली के प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास और अनुरक्षण से जुड़े प्रस्ताव शामिल रहे। इसके साथ ही संस्कृति विभाग की कई निर्माणाधीन परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करें, ताकि धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को नई गति मिल सके।
बैठक में वर्ष 2024 से 2026 के बीच स्वीकृत पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग की परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने अधिकारियों को नियमित स्थलीय निरीक्षण, निर्माण कार्यों की सतत निगरानी और निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अंतिम कार्ययोजना में शामिल करने से पहले सभी प्रस्तावों का भूमि उपलब्धता, संपर्क मार्ग, पर्यटक आवागमन, संचालन व्यवस्था और दीर्घकालिक अनुरक्षण के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि धार्मिक पर्यटन, ईको टूरिज्म, सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक पर्यटक सुविधाओं को एक-दूसरे से जोड़कर लखनऊ मंडल को प्रदेश का एक सशक्त पर्यटन मॉडल बनाया जाएगा।
इस बैठक में बिसवां विधायक निर्मल वर्मा, लखनऊ सदर से विधान परिषद सदस्य अवनीश कुमार सिंह, मोहम्मदी विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह, लखीमपुर सदर विधायक योगेश वर्मा, मिश्रिख विधायक रामकृष्ण भार्गव, संडीला विधायक अलका सिंह अर्कवंशी, गोला विधायक अमन गिरि, लखनऊ उत्तर के विधायक डॉ नीरज बोरा तथा बांगरमऊ विधायक श्रीकांत कटियार समेत अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इसके अलावा लखनऊ मंडल के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत सहित संबंधित विभागों के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। वहीं मिश्रिख लोकसभा क्षेत्र से सांसद अशोक रावत, कारागार राज्य मंत्री सुरेश राही तथा सरोजिनी नगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ऑनलाइन माध्यम से बैठक में शामिल हुए। वहीं मिश्रिख विधायक रामकृष्ण भार्गव ने नैमिषारण्य को सशक्त पर्यटन पहचान दिलाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का स्वागत किया। मोहम्मदी विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह ने पर्यटन एवं सांस्कृतिक विकास के लिए प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की।


































