महाकुंभ 2025: तीर्थराज में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा का भव्य स्वागत
18 जनवरी 2025 की रात्रि राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा महाकुंभनगर पहुंचे।
नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने प्रयागराज एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
मुख्यमंत्री ने संगम क्षेत्र के सेक्टर-6 में राजस्थान के विशेष टेंट में श्रद्धालुओं से मुलाकात की।
आज 19 जनवरी 2025 को मुख्यमंत्री महाकुंभ मेले का भ्रमण करेंगे।
मुख्यमंत्री के आगमन पर संगम क्षेत्र में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई।
महाकुम्भनगर, 19 जनवरी 2025— महाकुंभ 2025 के इस भव्य आयोजन में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा 18 जनवरी 2025 की रात्रि महाकुंभनगर पहुंचे। उनके आगमन पर प्रदेश सरकार की ओर से भव्य स्वागत किया गया। औद्योगिक विकास, निर्यात प्रोत्साहन, एन०आर०आई० एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने प्रयागराज एयरपोर्ट पर उनका हार्दिक अभिनंदन किया।
मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने संगम क्षेत्र के सेक्टर-6 में राजस्थान सरकार द्वारा स्थापित विशेष टेंट में राजस्थान के विभिन्न जनपदों से आए श्रद्धालुओं से भेंट की। इस विशेष आयोजन में श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री से बातचीत की और महाकुंभ के महत्व को साझा किया।
व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान
महाकुंभ 2025 के दौरान मुख्यमंत्री के आगमन के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। संगम क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई थी।
संगम क्षेत्र में विशेष टेंट: राजस्थान सरकार द्वारा स्थापित विशेष टेंट में मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से मुलाकात की।
प्रयागराज एयरपोर्ट पर स्वागत: नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया।
भ्रमण का कार्यक्रम: आज मुख्यमंत्री महाकुंभ मेले का भ्रमण करेंगे।
श्रद्धालुओं से भेंट: मुख्यमंत्री ने राजस्थान के विभिन्न जनपदों से आए श्रद्धालुओं से विशेष मुलाकात की।
सुरक्षा व्यवस्था: मुख्यमंत्री के आगमन पर संगम क्षेत्र में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई।
मुख्यमंत्री का महाकुंभ भ्रमण
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, आज 19 जनवरी 2025 को मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा महाकुंभ मेले का भ्रमण करेंगे और इसके बाद प्रयागराज एयरपोर्ट के लिए प्रस्थान करेंगे।
महाकुंभ 2025: आस्था और भक्ति का महासंगम, 19 जनवरी 2025 का ताजा अपडेट
10 लाख से अधिक श्रद्धालु संगम क्षेत्र में कल्पवास कर रहे हैं।
आज 12.70 लाख से अधिक तीर्थयात्री कुंभ क्षेत्र में पहुंचे हैं।
सुबह 10 बजे तक 22.70 लाख से अधिक श्रद्धालु पवित्र स्नान कर चुके हैं।
अब तक 7.72 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया है।
प्रशासन ने सुरक्षा, सफाई, और यातायात प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए हैं।
प्रयागराज, 19 जनवरी 2025— महा कुंभ 2025 का पावन पर्व अपने चरम पर है। लाखों श्रद्धालु, तीर्थयात्री, और कल्पवासी गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में स्नान कर पुण्य लाभ कमा रहे हैं। आस्था और भक्ति का यह महासंगम हर दिन नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
आज का अपडेट (19 जनवरी 2025, सुबह 10 बजे तक):
कल्पवासी: 10 लाख से अधिक श्रद्धालु संगम क्षेत्र में कल्पवास कर रहे हैं।
तीर्थयात्री: आज अब तक 12.70 लाख से अधिक तीर्थयात्री कुंभ क्षेत्र में पहुंचे हैं।
कुल स्नान (आज सुबह 10 बजे तक): 22.70 लाख से अधिक श्रद्धालु पवित्र स्नान कर चुके हैं।
कुल आंकड़े (18 जनवरी 2025 तक):
अब तक कुंभ के दौरान 7.72 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया है।
व्यवस्थाओं पर एक नजर
महा कुंभ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने कुंभ क्षेत्र में व्यापक सुरक्षा और सुव्यवस्था के इंतजाम किए हैं। संगम क्षेत्र और आसपास के सभी घाटों पर पुलिस और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है।
सुविधाएं: स्नान घाटों पर साफ-सफाई, पानी के इंतजाम, और स्वास्थ्य सेवाओं का पूरा ध्यान रखा गया है।
यातायात प्रबंधन: तीर्थयात्रियों की सुगम आवाजाही के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है।
भक्तिमय माहौल: भजन, कीर्तन, और धार्मिक अनुष्ठानों से कुंभ नगरी का वातावरण आध्यात्मिकता से सराबोर है।
आस्था का महासंगम
महा कुंभ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर का प्रतीक है। लाखों श्रद्धालु अपने परिवारों के साथ यहां पहुंचकर गंगा स्नान, साधु-संतों के दर्शन, और संगम क्षेत्र में ध्यान-पूजन कर रहे हैं। महा कुंभ 2025 हर भक्त के लिए जीवन को पवित्र और सार्थक बनाने का अनमोल अवसर है। आयोजक और प्रशासन इस अद्वितीय आयोजन को सफल बनाने के लिए पूरी तत्परता से जुटे हुए हैं।
नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा का मऊ दौरा: प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के तहत घरौनी सर्टिफिकेट वितरण और विकास कार्यों का उद्घाटन
प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के तहत मऊ में 31000 घरों को घरौनी सर्टिफिकेट वितरित किया गया।
मऊ नगर पालिका भवन का उद्घाटन मंत्री ए.के. शर्मा ने 25 लाख रुपये की लागत से किया।
घोसी नगर पंचायत में 360 स्ट्रीट लाइट्स का उद्घाटन किया गया।
मंत्री ने मऊ को वैश्विक स्तर पर एक प्रमुख शहर बनाने की अपनी योजनाओं का उल्लेख किया।
नगर पालिका बोर्ड बैठक में मंत्री ने मऊ के समुचित विकास के लिए नई योजनाओं पर विचार किया।
लखनऊ/मऊ, 18 जनवरी 2025: उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने शनिवार को मऊ जिले का दौरा किया और प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के तहत घरौनी सर्टिफिकेट वितरण कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने वर्चुअल माध्यम से देश के विभिन्न हिस्सों के 10 राज्यों और 2 केन्द्र शासित प्रदेशों के लगभग 50 हजार गांवों में 65 लाख प्रॉपर्टी कार्ड वितरित किए। मऊ जिले में इस योजना के अंतर्गत 31000 घरों को घरौनी सर्टिफिकेट प्राप्त हुआ।
मऊ नगर पालिका के कम्यूनिटी हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में मंत्री ए.के. शर्मा के नेतृत्व में मऊ जिला भी वर्चुअल रूप से प्रधानमंत्री जी के कार्यक्रम से जुड़ा। मऊ जिले के 1663 गांवों में से 1015 गांवों के निवासियों को घरौनी सर्टिफिकेट प्रदान किया गया। इस वितरण के साथ, अब तक 45691 घरों का मैपिंग, वेरिफिकेशन और सर्वे पूरा किया जा चुका है। इससे न केवल स्थानीय निवासियों को कानूनी सुरक्षा मिली है, बल्कि वे अब अपनी संपत्ति का प्रमाण पत्र हासिल करने में सक्षम हो गए हैं, जिससे भूमि विवादों का समाधान हो सकेगा।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ए.के. शर्मा ने इस ऐतिहासिक योजना के महत्व को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि यह योजना एक बहुत ही लाभकारी और शानदार कार्य है, जो माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में किया गया है। मंत्री ने यह भी बताया कि यह योजना पहले इतिहास में केवल टोडरमल के समय ही लागू की गई थी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि घरौनी सर्टिफिकेट मिलने से अब लोग बैंक से लोन ले सकेंगे और अपना व्यापार शुरू कर सकेंगे, जिससे उनके परिवारों का जीवन खुशहाल और सुरक्षित होगा।
मंत्री ने यह भी कहा कि पहले जब लोग अपने पुश्तैनी घरों में रहते थे, तो उनके पास इस संपत्ति का कोई कागज-पत्र नहीं होता था। यह स्थिति अक्सर आपसी विवादों का कारण बनती थी। लेकिन अब प्रधानमंत्री जी की इस ऐतिहासिक पहल के कारण, लोग न केवल अपने घरों के मालिकाना हक को प्रमाणित कर सकेंगे, बल्कि अपने जीवन में नई दिशा भी पा सकेंगे।
मऊ नगर पालिका भवन का उद्घाटन कार्यक्रम के बाद मंत्री ए.के. शर्मा ने मऊ नगर पालिका भवन का उद्घाटन किया। इस भवन का निर्माण लगभग 25 लाख रुपये की लागत से हुआ है और यह मऊवासियों की सेवा में समर्पित किया गया है। उद्घाटन के दौरान मंत्री ने कहा कि वह मऊ के बेटे हैं और यहां के लोगों के लिए जितना भी विकास कार्य करेंगे, वह कम होगा। उन्होंने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य मऊ जिले के हर कोने को विकसित करना है और मऊ को वैश्विक स्तर के शहरों में शुमार करना है। उन्होंने नगरवासियों से अपील की कि वे सभी मिलकर मऊ को बेहतर बनाने में सहयोग करें।
इस उद्घाटन कार्यक्रम में मऊ नगर पालिका अध्यक्ष अरशद जमाल, भाजपा जिला अध्यक्ष नूपुर अग्रवाल, पूर्व विधायक उमेश चंद्र पांडे, अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार सहित कई महत्वपूर्ण लोग उपस्थित रहे।
घोसी नगर पंचायत में विकास कार्यों की शुरुआत मंत्री ए.के. शर्मा ने इसके बाद घोसी नगर पंचायत का दौरा किया, जहां उन्होंने गांधी तिराहा मझवारा मोड़ पर 02 करोड़ 37 लाख रुपये की लागत से 360 स्ट्रीट लाइट्स का उद्घाटन किया। इस उद्घाटन के साथ ही, घोसी नगर पंचायत के नागरिकों को यह आश्वासन दिया कि उनके क्षेत्र के विकास में कोई रुकावट नहीं आने दी जाएगी। मंत्री ने कहा कि घोसी क्षेत्र के विकास के लिए वह पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।
इस कार्यक्रम में घोसी नगर पंचायत अध्यक्ष मुन्ना गुप्ता, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रवीण गुप्ता, अधिशासी अधिकारी और अन्य भाजपा कार्यकर्ता एवं सैकड़ों क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
नगर पालिका बोर्ड बैठक में मंत्री की उपस्थिति मंत्री ए.के. शर्मा ने मऊ नगर पालिका बोर्ड की बैठक में भी भाग लिया। इस बैठक में मंत्री की उपस्थिति से सभी सभासद, अधिकारी और कर्मचारी उत्साहित और प्रेरित दिखे। मंत्री जी ने इस अवसर पर नगर के समुचित विकास के लिए नवीन योजनाओं के बारे में चर्चा की और सभासदों से क्षेत्र की आवश्यकताओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बताया कि वह मऊ नगर को प्रदेश और देश के प्रमुख नगरों की सूची में दर्ज कराने के लिए कार्य कर रहे हैं।
मंत्री ने बताया कि मऊ नगर के बुनकरों द्वारा निर्मित साड़ियों के व्यापार को और बेहतर बनाने के साथ-साथ, बिजली की समस्या को सुलझाने, किसानों और मजदूरों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए योजनाएं बनाई जाएंगी। उन्होंने सभासदों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि वे नगर के विकास में उनका साथ दें।
मऊ जिले के विकास कार्यों की शुरुआत में नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा की उपस्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया कि राज्य सरकार मऊ और उसके आसपास के क्षेत्रों के समग्र विकास के प्रति गंभीर है। प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के तहत घरौनी सर्टिफिकेट वितरण, नगर पालिका भवन का उद्घाटन और घोसी में स्ट्रीट लाइट्स का लोकार्पण, ये सभी कदम मऊ को एक आधुनिक और समृद्ध शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं
मंत्री ए.के. शर्मा के नेतृत्व में मऊ के विकास कार्यों को गति मिलने की संभावना है और मऊ को जल्द ही एक वैश्विक स्तर का शहर बनाने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता साफ तौर पर दिखाई दे रही है।
अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के अवसर पर ‘सहकारी संवाद’ का आयोजन।
रमाशंकर जायसवाल ने सहकारिता को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए सशक्त माध्यम बताया।
अंजू प्रजापति ने महिलाओं के सशक्तिकरण में सहकारिता की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
सहकारी संगठनों को स्थानीय से वैश्विक स्तर तक मजबूत करने की आवश्यकता पर बल।
सहकारी संगठनों के सदस्यों को सहकारिता वर्ष के महत्व से अवगत कराने का आह्वान।
उरई/लखनऊ, 18 जनवरी 2025: मिनौरा सहकारी संघ उरई द्वारा आयोजित ‘सहकारी संवाद’ कार्यक्रम में सहकारिता के महत्व और इसके वैश्विक योगदान पर व्यापक चर्चा की गई। इस अवसर पर सहकारिता को समाज और अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के दृष्टिकोण से विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सहकारी फेडरेशन के उपाध्यक्ष एवं राज्य मंत्री रमाशंकर जायसवाल और उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य अंजू प्रजापति मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।
सहकारिता से समृद्धि का सुनहरा अवसर
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए रमाशंकर जायसवाल ने सहकारिता की महत्ता पर जोर देते हुए कहा, “अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष का यह अवसर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘सहकार से समृद्धि’ के दृष्टिकोण को साकार करने का सुनहरा अवसर है। सहकारिता के माध्यम से न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया जा सकता है, बल्कि वैश्विक स्तर पर एक आत्मनिर्भर और समृद्ध समाज का निर्माण भी किया जा सकता है।” उन्होंने सहकारी आंदोलन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने के लिए भारत की भूमिका पर भी प्रकाश डाला और इसे ग्रामीण समुदायों के आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बताया।
महिलाओं के सशक्तिकरण का प्रभावी साधन
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अंजू प्रजापति ने सहकारिता को महिलाओं के सशक्तिकरण का एक प्रभावी साधन बताते हुए कहा, “सहकारिता केवल आर्थिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और समाज में लैंगिक समानता लाने का भी एक प्रभावी माध्यम है।” उन्होंने भारत में सहकारी आंदोलन द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में निभाई जा रही महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला और इसे महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए आवश्यक बताया।
स्थानीय से वैश्विक सहकारिता
विशिष्ट अतिथि डॉ. प्रवीण सिंह जादौन ने सहकारी संगठनों को स्थानीय स्तर पर मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि वे वैश्विक सहकारी आंदोलन में योगदान दे सकें। उन्होंने कहा, “सहकारिता न केवल आर्थिक विकास का माध्यम है, बल्कि यह सामाजिक समरसता और पर्यावरण संरक्षण का भी प्रमुख आधार है।” उन्होंने सहकारी संगठनों की भूमिका को स्थानीय और वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण बताते हुए इसे समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
सहकारी संगठनों की रणनीतियों पर चर्चा
कार्यक्रम में सहकारिता को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने के लिए विशेष रणनीतियों पर चर्चा की गई। जिला सहकारी बैंक जालौन के महा प्रबंधक भानु प्रताप सिंह और निदेशक युद्धवीर सिंह कथरिया ने सहकारी संगठनों के सदस्यों को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के महत्व से अवगत कराने और इसे सामूहिक प्रयासों से सफल बनाने का आह्वान किया। उन्होंने सहकारी संस्थाओं के माध्यम से आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए नई नीतियों और कार्यक्रमों की आवश्यकता पर बल दिया।
समाप्ति और आभार प्रदर्शन
मिनौरा सहकारी संघ के अध्यक्ष श्याम करण प्रजापति ने कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन को साकार करने के लिए भारत की भूमिका को और अधिक मजबूत करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा, “हम वैश्विक सहकारिता आंदोलन में भारत की भूमिका को और अधिक मजबूत करेंगे और सहकारिता के माध्यम से समाज के हर वर्ग को सशक्त बनाएंगे।” कार्यक्रम का संचालन विनय पांचाल ने किया और इस अवसर पर जिले की विभिन्न सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
आयुर्वेदिक औषधियों से घाव का त्वरित उपचार: वैज्ञानिक शोध से नई तकनीक विकसित
आयुर्वेदिक औषधियों पर वैज्ञानिक शोध से विकसित की गई तकनीक घावों के त्वरित उपचार में सहायक।
राजकीय आयुर्वेद कॉलेज लखनऊ में व्रण प्रबंधन पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन।
पद्म मनोरंजन साहू और ज्ञान चंद ने व्रण प्रबंधन पर अपने विचार साझा किए।
आईआईटी बीएचयू के तकनीकी सहयोग से विशेष पट्टी विकसित, जो मरीजों को घर पर ड्रेसिंग करने में सक्षम बनाती है।
लखनऊ, 18 जनवरी 2025– आधुनिक जीवनशैली में घावों के उपचार के लिए तेजी से काम करने वाली, बिना दुष्प्रभाव वाली तकनीक की आवश्यकता होती है। इस दिशा में आयुर्वेद की औषधियों पर वैज्ञानिक शोध के आधार पर विकसित की गई तकनीक ने एक नई राह दिखाई है।
यह बातें आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु ने राजकीय आयुर्वेद कॉलेज, टुडियागंज, लखनऊ में एक दिवसीय संगोष्ठी के उद्घाटन के अवसर पर कहीं। कार्यक्रम का मुख्य विषय व्रण (घाव) प्रबंधन था।
संगोष्ठी का मुख्य आकर्षण:
इस संगोष्ठी में पद्म प्रो. मनोरंजन साहू, पूर्व निदेशक, अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, नई दिल्ली, और प्रो. ज्ञान चंद, एंडोक्राइनोलॉजी विभाग, संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ, ने व्रण प्रबंधन पर अपने विचार साझा किए।
डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु ने कहा कि आयुर्वेदिक औषधियों के वैज्ञानिक शोध को जनहित में लाने के लिए प्रदेश सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस शोध कार्य को आगे बढ़ाने के लिए आयुष मंत्रालय द्वारा अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि लखनऊ के आयुर्वेद कॉलेज में हर प्रकार के घाव के इलाज की सुविधा उपलब्ध है।
आईआईटी बीएचयू और पीजीआई का तकनीकी सहयोग:
प्रो. मनोरंजन साहू ने बताया कि आयुर्वेद में वर्णित औषधियों को आईआईटी बीएचयू के तकनीकी सहयोग से एक विशेष प्रकार की पट्टी विकसित की गई है, जो घाव को जल्दी भरने में सहायक है। इस पट्टी के उपयोग से मरीज घर पर ही ड्रेसिंग कर सकता है, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत होती है।
प्रो. ज्ञान चंद ने बताया कि पीजीआई लखनऊ द्वारा आयुर्वेदिक औषधियों के घाव की देखभाल में उपयोग पर किए गए शोध से उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं।
आयुर्वेद के माध्यम से घाव उपचार का भविष्य:
डॉ. दयालु ने कहा कि इस प्रकार के शोध कार्य आयुर्वेद के भविष्य को और मजबूत करेंगे और लोगों को आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों के साथ-साथ पारंपरिक आयुर्वेदिक उपचार का भी लाभ मिलेगा।