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Bigboss 18 Update :करणवीर मेहरा बने ‘बिग बॉस 18’ के विजेता, चमचमाती ट्रॉफी के साथ जीती भारी रकम

19 जनवरी, 2025 तक चले छोटे पर्दे के सबसे चर्चित रियलिटी शो ‘बिग बॉस 18’ का ग्रैंड फिनाले काफी मजेदार और धमाकेदार रहा है। देर रात तक चले फिनाले में शो के सबसे लोकप्रिय कंटेस्टेंट करणवीर मेहरा को इस सीजन का विजेता घोषित किया गया, जबकि करणवीर के साथ कंटेस्टेंट्स का विरोध और सपोर्ट करने वाले विवियन डीसेना रनर अप रहे। वहीं रजत दलाल टॉप 3 में जगह बनाने में कामयाब रहीं। इसी के साथ सलमान खान ने करणवीर मेहरा अपने हाथों से ट्रॉफी के साथ 50 लाख रुपए भी जीते हैं। वहीं ईशा सिंह और चुम दरांग का बिग बॉस सीजन 18 का विनर बनने का सपना चूर-चूर हो गया।

बिग बॉस 18 के कंटेस्टेंट्स लिस्ट

बिग बॉस सीजन 18, 4 अक्टूबर, 2024 को प्रसारित हुआ। इस बार विवियन डीसेना, करणवीर मेहरा, अविनाश मिश्रा, चाहत पांडे, ऐलिस कौशिक, ईशा सिंह, मुस्कान बामने, शहजादा धामी, शिल्पा शिरोडकर, गुणरत्न सदावर्ते, अरफीन खान, सारा अरफीन खान, तजिंदर सिंह बग्गा, हेमा शर्मा उर्फ ​​विरल भाभी, श्रुतिका अर्जुन, नायरा एम बनर्जी, चूम दरांग और रजत दलाल थे

करणवीर मेहरा कौन हैं?

करणवीर मेहरा पिछले 19 साल से इंडस्ट्री में हैं। इन्होंने कई टीवी शोज किए। 2005 से इन्होंने टीवी की दुनिया में कदम रखा था। वह रोहित शेट्टी का शो ‘खतरों के खिलाड़ी 14’ के विजेता भी रह चुके हैं। इसमें उन्होंने 20 लाख रुपये के साथ चमचमाती हुई ट्रॉफी भी जीती थी। करणवीर ने कृष्णा श्रॉफ और गश्मीर महाजनी को मात देकर विजेता की ट्रॉफी अपने नाम की थी। करण वीर ने साल 2004 में शो ‘रीमिक्स’ से टीवी इंडस्ट्री में डेब्यू किया था। बाद में वह ‘बीवी और मैं’, ‘रागिनी एमएमएस 2’, ‘मेरे डैड की मारुति’ और ‘इट्स नॉट दैट सिंपल’ में दिखाई दिए।

Mohammad Shami Fitness: शमी ने घुटने पर पट्टी बांधकर की गेंदबाजी, फिर भी इन बल्लेबाजों को किया परेशान

 इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली पांच टी20 और तीन वनडे मैचों की सीरीज के लिए मोहम्मद शमी की भारतीय स्क्वाड में वापसी हुई है। उन्हें चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के लिए टीम में चुना गया है। शमी ने भारत के लिए आखिरी बार कोई इंटरनेशनल मैच साल 2023 में खेला था। उसके बाद से ही वह चोटिल होने की वजह से टीम इंडिया से बाहर हैं। पूरी तरह से फिट नहीं होने के कारण उन्हें बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में भी चांस नहीं मिला था। अब उनकी नजरें लंबे समय बाद टीम इंडिया से खेलने पर हैं। भारत और इंग्लैंड के बीच पहला टी20 मैच 22 जनवरी को कोलकाता के मैदान पर खेला जाएगा और इसमें शमी का खेलना पूरी तरह से तय माना जा रहा है।

शमी ने एक घंटे से ज्यादा समय तक की गेंदबाजी

इंग्लैंड के खिलाफ शुरुआती मैच से पहले भारतीय टीम रविवार को यहां जब अपने तीन घंटे के प्रैक्टिस सेशन के लिए एकत्र हुई तो सभी की नजरें तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी पर थी। शमी ने एक घंटे से अधिक समय तक पूरी लय में गेंदबाजी की। अपने बाएं घुटने पर भारी पट्टी बांधकर शमी ने गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल की निगरानी में शुरुआत में छोटे रनअप के साथ धीमी गेंदबाजी की और फिर पूरे रनअप के साथ गेंदबाजी की गति को बढ़ाया। उन्होंने लगभग एक घंटे तक गेंदबाजी करने के बाद फील्डिंग प्रैक्टिस में भी हिस्सा लिया। शमी की फिटनेस को लेकर संदेह था। उन्होंने अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा जैसे युवा बल्लेबाजों को अपनी गति और सटीक लाइन लेंथ से परेशान कर हर तरह की चिंताओं को दूर किया। अब वह पूरी तरह से फिट हैं और अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं।

ध्रुव जुरेल ने शमी के खिलाफ लगाए आक्रामक स्ट्रोक

इस दौरान विकेटकीपर बल्लेबाज ध्रुव जुरेल ने उनके खिलाफ कुछ आक्रामक शॉट लगाए। गेंदबाजी प्रैक्टिस खत्म करने के बाद उन्होंने गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल से बातचीत की। शमी को टी20 टीम में शामिल किया जाना एक महत्वपूर्ण कदम है क्योंकि टीम 19 फरवरी से दुबई और पाकिस्तान में शुरू होने वाले आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी से पहले अपने तेज आक्रमण को मजबूत करना चाहती है। जसप्रीत बुमराह की चोट को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है ऐसे में शमी की फिटनेस भारत की योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण है। शमी ने घरेलू क्रिकेट से वापसी करने के बाद नेशनल टीम में जगह बनाई है। उन्होंने रणजी ट्रॉफी, सैयद मुश्ताक अली टी20 ट्रॉफी के बाद विजय हजारे वनडे ट्रॉफी में भी भाग लिया।

बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने इस प्रैक्टिस सेशन में हिस्सा नहीं लिया। वह टीम से रविवार रात को जुड़ेंगे। भारतीय टीम के एक अधिकारी ने कहा कि अर्शदीप आज शाम टीम से जुड़ेंगे। उनके अलावा पूरी टीम यहां है। जोस बटलर की अगुवाई वाली इंग्लैंड की टीम ने रविवार को रेस्ट करने का फैसला किया। टीम सोमवार को अपने पहले प्रैक्टिस में भाग लेगी।

बॉलीवुड न्यूज़ :क्या आपने करीना-करिश्मा की कजिन शायरा को देखा? शशि कपूर की नातिन हैं बेहद खूबसूरत

हिंदी सिनेमा में कपूर खानदान का अलग ही औदा है। इस परिवार ने बॉलीवुड को एक से बढ़कर एक स्टार दिए हैं। कपूर फैमिली अभिनय के साथ-साथ गुड लुक्स के लिए भी मशहूर है। फिर चाहे वे राज कपूर हों, ऋषि कपूर-रणधीर कपूर या फिर आज की जनरेशन के रणबीर कपूर, करीना और करिश्मा। शशि कपूर तो कपूर परिवार के सबसे हैंडसम स्टार्स में से गिने जाते थे। इस बीच शशि कपूर की पोती शायरा कपूर खूब सुर्खियां बटोर रही हैं। उनकी कुछ तस्वीरें सामने आई हैं, जिन्हें देखने के बाद उनके फैंस का कहना है कि शायरा खूबसूरती के मामले में अपनी बहनों करीना-करिश्मा से बिलकुल पीछे नहीं हैं।

शशि कपूर की पोती के हो रहे चर्चे

शशि कपूर ने 1958 में जेनिफर केंडल से शादी की थी, जो इंग्लिश एक्ट्रेस थीं। जेनिफर और शशि कपूर के तीन बच्चे हुए। कपल ने अपने बच्चों का नाम कुणाल, करण और संजना कपूर रखा। जहां कुणाल कपूर के दो बच्चे हैं, जहान और शायरा कपूर। कुणाल कपूर के दोनों ही बच्चे बॉलीवुड में काम कर रहे हैं। जहान जल्दी ही अपना डेब्यू कर चुके हैं, उन्होंने नेटफ्लिक्स सीरीज ‘ब्लैक वॉरंट’ से अपना डेब्यू किया, जिसकी स्क्रीनिंग में पूरा कपूर खानदान नजर आया।

चर्चा में शशि कपूर की पोती शायरा

अब शशि कपूर की पोती शायरा कपूर के भी खूब चर्चे हो रहे हैं, जिनकी खूबसूरती पर फैंस दिल हार बैठे हैं। शशि कपूर के बड़े बेटे करण अपनी पत्नी और बच्चों के साथ लंदन में रहते हैं और बॉलीवुड से दूरी बनाए हुए हैं। वहीं शशि कपूर की बेटी संजना कपूर का एक बेटा है, जिनका नाम हमीर थापर है। हमीर एक लेखक हैं। वहीं कुणाल के दोनों बच्चे जहान और शायरा बॉलीवुड में एक्टिव हैं।

दादा शशि कपूर की विरासत को आगे बढ़ाना चाहते हैं जहान-शायरा

जहान और शायरा अपने दादा शशि कपूर की विरासत को आगे बढ़ना चाहते हैं। शायरा सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं, लेकिन सिर्फ अपने काम को ही अपने फॉलोअर्स के सामने रखती हैं। वहीं जहान ने हाल ही में कुछ तस्वीरें शेयर की थीं, जिसमें उनके साथ उनकी बहन शायरा भी नजर आईं और उनकी खूबसूरती ने हर किसी का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया। फैंस शायरा को भी फिल्मी पर्दे पर देखने की ख्वाहिश जाहिर कर रहे हैं।

लखनऊ: डॉ.राजेश्वर सिंह ने उत्तरायणी कौथिग मेले में दी ₹5 लाख की सहायता, नीलमथा में सार्वजनिक स्थल के विकास के लिए ₹10 लाख का किया वादा, इसके साथ ही डॉ. सिंह “भारत विकास परिषद” द्वारा आयोजित 24वीं अखिल भारतीय ‘भारत को जानो’ प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण समारोह, 25वें सर्वधर्म सम्मेलन और खिचड़ी भोज के साथ ही माधव सेवा आश्रम के खिचड़ी भोज में भी सम्मिलित हुए

लखनऊ: डॉ. राजेश्वर सिंह ने उत्तरायणी कौथिग मेले में दी ₹5 लाख की सहायता, नीलमथा में सार्वजनिक स्थल के विकास के लिए ₹10 लाख का किया वादा, इसके साथ ही डॉ. सिंह "भारत विकास परिषद" द्वारा आयोजित 24वीं अखिल भारतीय 'भारत को जानो' प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण समारोह, 25वें सर्वधर्म सम्मेलन और खिचड़ी भोज के साथ ही माधव सेवा आश्रम के खिचड़ी भोज में भी सम्मिलित हुए
लखनऊ: डॉ. राजेश्वर सिंह ने उत्तरायणी कौथिग मेले में दी ₹5 लाख की सहायता, नीलमथा में सार्वजनिक स्थल के विकास के लिए ₹10 लाख का किया वादा, इसके साथ ही डॉ. सिंह "भारत विकास परिषद" द्वारा आयोजित 24वीं अखिल भारतीय 'भारत को जानो' प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण समारोह, 25वें सर्वधर्म सम्मेलन और खिचड़ी भोज के साथ ही माधव सेवा आश्रम के खिचड़ी भोज में भी सम्मिलित हुए
लखनऊ: डॉ. राजेश्वर सिंह ने उत्तरायणी कौथिग मेले में दी ₹5 लाख की सहायता, नीलमथा में सार्वजनिक स्थल के विकास के लिए ₹10 लाख का किया वादा, इसके साथ ही डॉ. सिंह "भारत विकास परिषद" द्वारा आयोजित 24वीं अखिल भारतीय 'भारत को जानो' प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण समारोह, 25वें सर्वधर्म सम्मेलन और खिचड़ी भोज के साथ ही माधव सेवा आश्रम के खिचड़ी भोज में भी सम्मिलित हुए
  • डॉ. राजेश्वर सिंह ने उत्तरायणी कौथिग मेले में ₹5 लाख और नीलमथा में सार्वजनिक स्थल के विकास के लिए ₹10 लाख की घोषणा की।
  • उन्होंने ‘भारत को जानो’ प्रतियोगिता में विजेताओं को सम्मानित किया और युवाओं को भारत की सांस्कृतिक धरोहर से प्रेरणा लेने को कहा।
  • सर्वधर्म सम्मेलन में उन्होंने सभी धर्मों की शिक्षाओं की सराहना की और वसुधैव कुटुंबकम के महत्व पर जोर दिया।
  • तारा शक्ति रसोई और डिजिटल शिक्षा केंद्रों के माध्यम से सरोजनीनगर में चल रहे प्रयासों को उजागर किया।
  • माधव सेवा आश्रम में खिचड़ी भोज में भाग लेते हुए उन्होंने वनवासी छात्रों के लिए अन्नदान किया और सेवा समर्पण संस्थान की सराहना की।

लखनऊ, 19 जनवरी 2025: सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने उत्तरायणी कौथिग मेले में बतौर मुख्य अतिथि हिस्सा लिया, जो गोविंद बल्लभ पंत पर्वतीय सांस्कृतिक उपवन में आयोजित किया गया था। मेले में उपस्थित जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने पर्वतीय समाज के साहस और शौर्य की सराहना की। डॉ. सिंह ने कहा, “तलवार चाहिए ना कोई ढाल चाहिए, देश की रक्षा के लिए बस गढ़वालियों के खून में उबाल चाहिए।” उन्होंने सूबेदार बद्रीनाथ से लेकर मेजर सोमदत्त शर्मा और जनरल विपिन रावत जैसे वीरों के योगदान को याद करते हुए कहा कि पर्वतीय समाज शौर्य और वीरता का प्रतीक है।

इस अवसर पर डॉ. राजेश्वर सिंह ने मेले की व्यवस्थाओं को और अधिक सशक्त बनाने के लिए ₹5 लाख की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की। इसके साथ ही, सरोजनीनगर के नीलमथा क्षेत्र में पर्वतीय समाज के कार्यक्रमों के आयोजन के लिए एक सार्वजनिक स्थल के विकास के लिए ₹10 लाख की धनराशि उपलब्ध कराने का भी वादा किया।

पर्वतीय महा परिषद के अध्यक्ष गणेश चंद जोशी के अनुरोध पर, डॉ. सिंह ने उत्तर प्रदेश में रह रहे 1 करोड़ से अधिक पर्वतीय समाज के लोगों के समेकित विकास के लिए प्रदेश में पर्वतीय महा परिषद के गठन के प्रयास करने का आश्वासन दिया। इस बैठक में टीएस मनराल, केएन चंदोला, महेंद्र रावत, गोवर्धन भट्ट, और अन्य प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे।

“भारत विकास परिषद” द्वारा आयोजित ‘भारत को जानो’ प्रतियोगिता के विजेताओं को किया सम्मानित

डॉ. राजेश्वर सिंह ने सीएमएस विशाल खंड, गोमतीनगर में आयोजित 24वीं अखिल भारतीय ‘भारत को जानो’ प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण समारोह में भाग लिया। इस समारोह का आयोजन भारत विकास परिषद द्वारा किया गया था। डॉ. सिंह ने विजेताओं को सम्मानित किया और युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद के अनुसार, “अतीत की नींव पर भविष्य की श्रेष्ठताओं का निर्माण होता है।” उन्होंने कहा कि युवाओं को भारत के प्राचीन ज्ञान और संस्कृति से प्रेरणा लेकर देश को फिर से विश्व गुरु बनाने में योगदान देना चाहिए।

उन्होंने बताया कि भारत की 50% से अधिक जनसंख्या 25 वर्ष से कम आयु की है, और युवाओं को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को जानने और उससे प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। इस मौके पर उन्होंने नालंदा और तक्षशिला विश्वविद्यालय, शून्य के आविष्कारक आर्यभट्ट, और योग के जनक पतंजलि की चर्चा की। डॉ. सिंह ने भारत विकास परिषद की प्रशंसा की और उनके प्रयासों को सराहा।

इस समारोह में मुख्य अतिथि भारत के पूर्व निर्वाचन आयुक्त अनूप चंद्र पाण्डेय ने भी सभा को संबोधित किया। अन्य प्रमुख उपस्थितियों में परिषद के संगठन मंत्री विक्रांत खंडेलवाल, गजेन्द्र सिंह संधू, और अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल थे।

सर्वधर्म सम्मेलन और खिचड़ी भोज में भागीदारी

डॉ. राजेश्वर सिंह ने आशियाना परिवार लखनऊ संस्था द्वारा आयोजित 25वें सर्वधर्म सम्मेलन और खिचड़ी भोज में भी हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में विभिन्न धर्मों के धर्मगुरु उपस्थित थे। अपने संबोधन में डॉ. सिंह ने कहा, “विश्व के सभी धर्म सत्य, दया, करुणा, क्षमा और अहिंसा जैसे गुणों के पोषक हैं।” उन्होंने वसुधैव कुटुंबकम के मूल दर्शन पर जोर दिया और कहा कि यह भारत का वास्तविक संदेश है।

डॉ. सिंह ने आगे बताया कि सरोजनीनगर में तारा शक्ति रसोई के माध्यम से प्रतिदिन 4,000 जरुरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा, 140 तारा शक्ति केंद्रों के माध्यम से मातृशक्ति को आर्थिक सशक्तिकरण के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरोजनीनगर में 50 मेगावाट से अधिक सोलर ऊर्जा का उत्पादन हो चुका है और 9 रण बहादुर सिंह डिजिटल शिक्षा एवं युवा सशक्तिकरण केंद्रों की स्थापना की गई है।

इस कार्यक्रम में धर्माचार्यों के अलावा पूर्व सांसद अशोक बाजपेई, पूर्व मंत्री सरदार सर्वजीत सिंह डांग, मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली, और अन्य प्रमुख व्यक्ति भी उपस्थित थे।

माधव सेवा आश्रम में खिचड़ी भोज के आयोजन में वनवासी छात्रों के लिए अन्नदान हेतु डिजिटल माध्यम से अर्पित की समर्पण राशि

डॉ. राजेश्वर सिंह ने मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में माधव सेवा आश्रम में आयोजित खिचड़ी भोज में भी भाग लिया। इस आयोजन का संचालन सेवा समर्पण संस्थान द्वारा किया गया था, जो राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का एक अनुषांगिक संगठन है। इस अवसर पर डॉ. सिंह ने वनवासी छात्रों के लिए अन्नदान हेतु डिजिटल माध्यम से समर्पण राशि भी अर्पित की और सेवा समर्पण संस्थान के कार्यों की प्रशंसा की। इस दौरान माधव सेवा आश्रम के संयोजक शरद जैन, पी.के. मिश्रा, गुड्डू, जितेंद्र अग्रवाल, और अन्य प्रमुख लोग भी उपस्थित थे।

एनयूजे लखनऊ कार्यालय में आयोजित हुई बैठक: सदस्यता नवीनीकरण और स्मारिका प्रकाशन पर हुई विस्तृत चर्चा

एनयूजे लखनऊ कार्यालय में आयोजित हुई बैठक, सदस्यता नवीनीकरण और स्मारिका प्रकाशन पर हुई विस्तृत चर्चा
एनयूजे लखनऊ कार्यालय में आयोजित हुई बैठक, सदस्यता नवीनीकरण और स्मारिका प्रकाशन पर हुई विस्तृत चर्चा
एनयूजे लखनऊ कार्यालय में आयोजित हुई बैठक, सदस्यता नवीनीकरण और स्मारिका प्रकाशन पर हुई विस्तृत चर्चा
  • एनयूजे लखनऊ कार्यालय में आयोजित बैठक में वार्षिक सदस्यता नवीनीकरण और सत्यापन प्रक्रिया पर जोर दिया गया।
  • नए सदस्यों को जोड़ने के लिए सत्यापन प्रक्रिया अपनाने का निर्णय लिया गया, ताकि केवल पेशेवर पत्रकार ही सदस्य बन सकें।
  • एनयूजे की आगामी स्मारिका के लिए सामग्री, डिज़ाइन और प्रकाशन से संबंधित विस्तृत योजना बनाई गई।
  • बैठक में प्रदेश और लखनऊ इकाई के वरिष्ठ पदाधिकारियों समेत कई सक्रिय सदस्य उपस्थित रहे।
  • संगठन को और अधिक सशक्त बनाने और गतिविधियों को प्रभावी बनाने का संकल्प लिया गया।

लखनऊ, 19 जनवरी 2025: नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (एनयूजे) की लखनऊ इकाई ने अपने कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया, जिसमें संगठन को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई। यह बैठक लखनऊ इकाई के अध्यक्ष आशीष मौर्य की अध्यक्षता में और महामंत्री पद्माकर पांडेय के संचालन में संपन्न हुई। बैठक में संगठन के भविष्य के योजनाओं और कार्यों के संबंध में गंभीर विचार-विमर्श हुआ, जिससे आने वाले समय में संगठन की गतिविधियों को और अधिक प्रभावी और संगठित बनाने का प्रयास किया जाएगा।

एनयूजे लखनऊ कार्यालय में आयोजित हुई बैठक, सदस्यता नवीनीकरण और स्मारिका प्रकाशन पर हुई विस्तृत चर्चा
एनयूजे लखनऊ कार्यालय में आयोजित हुई बैठक, सदस्यता नवीनीकरण और स्मारिका प्रकाशन पर हुई विस्तृत चर्चा

बैठक के मुख्य एजेंडे में शामिल प्रमुख बिंदु थे: वार्षिक सदस्यता नवीनीकरण, नए सदस्यों को संगठन से जोड़ने की प्रक्रिया और एनयूजे की आगामी स्मारिका का प्रकाशन। इन बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई और उन्हें सफलतापूर्वक लागू करने के लिए रणनीतियाँ बनाई गईं।

सदस्यता नवीनीकरण पर जोर

बैठक में सबसे पहले वार्षिक सदस्यता नवीनीकरण की प्रक्रिया पर चर्चा की गई। यह निर्णय लिया गया कि सभी सदस्यों को वर्ष 2025 के लिए सदस्यता नवीनीकरण के लिए फॉर्म भरने होंगे। यह प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और व्यवस्थित होगी, ताकि सभी सदस्य सही तरीके से अपना नवीनीकरण करवा सकें। साथ ही, सदस्यता में सुधार लाने के लिए यह निर्णय लिया गया कि नए सदस्यों को संगठन से जोड़ने के लिए एक कड़ी सत्यापन प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इस सत्यापन प्रक्रिया के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि संगठन में केवल उन लोगों को सदस्यता मिले, जो पत्रकारिता के पेशे से जुड़े हों और जिनकी पत्रकारिता में एक साख और प्रामाणिकता हो। इस पहल का उद्देश्य संगठन को और अधिक सशक्त और पेशेवर बनाना है।

स्मारिका प्रकाशन पर विस्तृत चर्चा

बैठक में एनयूजे की आगामी स्मारिका के प्रकाशन की योजना पर भी गहन चर्चा की गई। यह स्मारिका संगठन की उपलब्धियों और सदस्यों की सक्रिय सहभागिता को उजागर करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम होगी। स्मारिका के डिज़ाइन, सामग्री संग्रहण और प्रकाशन की समयसीमा पर विस्तृत योजना बनाई गई। यह तय किया गया कि स्मारिका में सदस्यों के लेख, उनके द्वारा किए गए रिपोर्ट्स और संगठन की गतिविधियों का समावेश किया जाएगा। इसके अलावा, इसे पत्रकारिता के क्षेत्र में एनयूजे के योगदान और कार्यों के प्रचार-प्रसार का एक प्रभावी मंच बनाने की योजना बनाई गई। स्मारिका का उद्देश्य केवल संगठन की उपलब्धियों को साझा करना नहीं बल्कि पत्रकारिता के पेशेवरों को प्रेरित करना और नए विचारों को बढ़ावा देना भी होगा।

बैठक में एनयूजे के प्रदेश और लखनऊ इकाई के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और सक्रिय सदस्य उपस्थित थे। प्रदेश कोषाध्यक्ष अनुपम सिंह चौहान, प्रदेश मीडिया प्रभारी/प्रवक्ता अतुलमोहन सिंह, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अरुण कुमार उर्फ़ टीटू शर्मा, लखनऊ इकाई के संगठन मंत्री अश्विनी जायसवाल, उपाध्यक्ष मीनाक्षी वर्मा, उपाध्यक्ष अभिनव श्रीवास्तव, और लखनऊ इकाई के मीडिया प्रभारी/प्रवक्ता शिव सागर सिंह सहित अन्य पदाधिकारी इस बैठक का हिस्सा रहे। इन पदाधिकारियों ने बैठक में अपने सुझाव दिए और संगठन की गतिविधियों को और अधिक मजबूत और प्रभावी बनाने के लिए विचार साझा किए। साथ ही, सदस्यों में रोहितास सिंह, फ़रहान इराक़ी, रोलैंड डिसूज़ा और सचिन भार्गव की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही। इन सक्रिय सदस्यों ने भी अपने विचारों और सुझावों के माध्यम से संगठन को सुदृढ़ बनाने की दिशा में सहयोग दिया।

संगठन को सशक्त बनाने का संकल्प

बैठक के अंत में सभी सदस्यों ने संगठन को मजबूत करने और उसकी गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए समर्पित प्रयास करने का संकल्प लिया। यह बैठक न केवल संगठन की कार्यशैली को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम थी, बल्कि यह भी एक स्पष्ट संकेत था कि एनयूजे लखनऊ इकाई आने वाले समय में पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान और सशक्त भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

संगठन ने यह सुनिश्चित करने का निर्णय लिया कि सभी कार्यों में पारदर्शिता और पेशेवर दक्षता हो, ताकि पत्रकारों के हितों की रक्षा हो सके और पत्रकारिता को सशक्त बनाया जा सके। इस बैठक के माध्यम से संगठन के भीतर और अधिक सहयोग और एकजुटता की भावना का संचार हुआ है, जो भविष्य में संगठन की सफलता के लिए एक मजबूत आधार बनेगा।