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सियोल: दक्षिण कोरिया और अमेरिका की कार्रवाई से नाराज उत्तर कोरिया, दागीं कई मिसाइलें

दक्षिण कोरिया की सेना ने दावा किया है कि उत्तर कोरिया ने सोमवार को कई बैलिस्टिक मिसाइलें समुद्र में दागी हैं। दक्षिण कोरिया और अमेरिका के संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू होने के कुछ घंटों बाद यह मिसाइलें दागी गई हैं। उत्तर कोरिया इस अभ्यास को अतिक्रमण के पूर्वाभ्यास के तौर पर देखता है। दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने बताया कि उत्तर कोरिया के ह्वांगहे प्रांत से मिसाइल दागी गईं, लेकिन उन्होंने यह खुलासा नहीं किया कि मिसाइलें कितनी दूर तक गईं। दक्षिण कोरिया और अमेरिकी सैन्य बलों ने अपना वार्षिक ‘फ्रीडम शील्ड’ कमांड पोस्ट अभ्यास शुरू किया है जो 11 दिनों तक चलेगा।

उत्तर कोरिया की कड़ी प्रतिक्रिया

उत्तर कोरिया ने इन सैन्य अभ्यासों की कड़ी निंदा करते हुए एक सरकारी बयान में इसे खतरनाक बताया है। उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को अपने आधिकारिक मीडिया के जरिए एक बयान जारी कर ‘फ्रीडम शील्ड’ अभ्यास को “आक्रामक और टकराव बढ़ाने वाला युद्धाभ्यास” करार दिया। इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि वह फिर से किम जोंग उन से संपर्क कर उत्तर कोरिया के साथ राजनयिक वार्ता बहाल करने के लिए तैयार हैं। पिछली बातचीत उत्तर कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण और उस पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाने के मुद्दे पर असहमति के कारण विफल हो गई थी।

अपने ही लोगों पर गिरा दिए बम

इस बीच यहां यह भी बता दें कि, दक्षिण कोरिया के पोचोन शहर (उत्तर कोरियाई सीमा के पास) में बीते बृहस्पतिवार को दो दक्षिण कोरियाई केएफ-16 लड़ाकू विमानों ने गलती से 8 एमके-82 बम गिरा दिए थे जिससे लगभग 30 लोग घायल हो गए थे। दक्षिण कोरिया की वायुसेना ने सोमवार को बताया कि गलती उस समय हुई जब एक पायलट ने गलत निर्देशांक (कोऑर्डिनेट्स) दर्ज कर दिए। शुरुआत के दौरान यह गलती नहीं पकड़ी जा सकी और मिशन की समयसीमा के दबाव में पायलट ने बम गिराने से पहले लक्ष्य की दोबारा पुष्टि नहीं की। दूसरे पायलट के पास सही निर्देशांक थे, लेकिन उन्होंने पहले पायलट के साथ समन्वय बनाए रखने पर ध्यान केंद्रित किया और निर्देशानुसार बम गिरा दिए जिससे यह गलती हो गई।

वायुसेना के चीफ ऑफ स्टाफ ने मांगी माफी

दक्षिण कोरिया की वायुसेना के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल ली यांगसू ने इस घटना पर माफी मांगते हुए कहा, “यह घटना कभी नहीं होनी चाहिए थी और भविष्य में इसे दोहराया नहीं जाना चाहिए।” इस घटना के बाद अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने अपने सभी लाइव-फायर अभ्यास अस्थायी रूप से रोक दिए हैं। दक्षिण कोरियाई सैन्य अधिकारी जांच पूरी करने और रोकथाम के उपाय लागू करने के बाद ही इन्हें दोबारा शुरू करने की योजना बना रहे हैं।

लेटेस्ट एंटरटेनमेंट न्यूज़ :राजन शाही के बयान से मचा हड़कंप, हर्षद चोपड़ा को लेकर दिया बड़ा बयान

स्टार प्लस का सुपरहिट शो ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ इतने सालों बाद भी टीआरपी चार्ट पर अपनी जगह बनाए हुए है। शो के दौरान सभी जोड़ियों को बहुत प्यार मिला है। हालांकि, शो में हर्षद चोपड़ा और प्रणाली राठौड़ की जोड़ी ने सभी के रिकॉर्ड तोड़ दिए। वे टीवी के सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले ऑन स्क्रीन कपल में से एक हैं। इस शो से अभिमन्यु और अक्षरा का किरदार 2 से 3 साल के अंदर ही में खत्म कर दिया गया था, जिसके बाद दर्शक मेकर्स से सोशल मीडिया पर दोनों की वापसी की मांग करने लगे। शो से बाहर होने के बाद, राजन शाही और हर्षद चोपड़ा को लेकर खबरें आने लगी कि एक्टर को उन्होंने आपसी अनबन के कारण बाहर कर दिया।

राजन शाही ने हर्षद चोपड़ा संग अनबन पर तोड़ी चुप्पी

हाल ही में सिद्धार्थ कनन के साथ बातचीत में, ये रिश्ता क्या कहलाता है के निर्माता राजन शाही ने शो में हर्षद चोपड़ा और प्रणाली राठौड़ के काम के बारे में बात की और खुलासा किया कि हर्षद ने एक बार उन्हें कॉल किया था और ‘नंबर वन शो’ में काम करने की इच्छा व्यक्त की थी। आगे बात करते हुए, निर्माता राजन शाही ने खुलासा किया, ‘हर्षद बहुत ही इंटेंस था, वह हर किरदार में घुस जाता था, बहुत कमाल का एक्टर है… उसने मेरा दिल जीत लिया। वह एक बेहतरीन एक्टर है और फेयरवेल पार्टी के बाद भी वह मुझे कॉल करता रहता है। वही मुझे बोला के सर मैंने कितने साल इंतजार किया आप के साथ काम करने के लिए।’ राजन शाही ने महीनों बाद हर्षद चोपड़ा संग अनबन की अफवाहों पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा हर्षद चोपड़ा बहुत ही दमदार एक्टर है जो हर किरदार के लिए परफेक्ट है।

हर्षद-प्रणाली के बारे में ये क्या बोल गए राजन शाही

आगे हर्षद चोपड़ा के बारे में कुछ नए खुलासे करते हुए राजन शाही कहते हैं, ‘हर्षद जब मुझे मिला तो उसने कहा सर मैं फेयरवेल के बाद से आपके पीछे पड़ा हूं और मुझे आप के साथ काम करना था। सर मेरी लाइफ में कभी नंबर वन शो नहीं आया, मुझे एक नंबर वन शो में काम नहीं मिला। मैंने हिट शो दिए हैं, कल्ट शो दिए हैं लेकिन नंबर वन कोई नहीं बना।’ लेकिन दुखद बात यह थी कि हर्षद और प्रणाली के सीजन के दौरान हम कभी भी नंबर वन नहीं रहे। जी हां, उस वक्त YRKKH कभी भी नंबर 1 नहीं था। वैसे प्रणाली भी काफी शानदार एक्ट्रेस हैं।’ राजन शाही ने आगे कहा, ‘जब हमने हाल ही में रोहित पुरोहित के साथ डेढ़ साल बाद काम शुरू किया तो हम फिर से नंबर वन बन गए। वो (हर्षद चोपड़ा) नंबर 2, नंबर 3 पर आते थे।’

Latest Bollywood News:अली फजल की गजगामिनी चाल ने बटोरी सुर्खियाँ, अदाओं से ‘बिब्बोजान’ को दी कड़ी टक्कर!

अली फजल बॉलीवुड के मोस्ट टैलेंटेड एक्टर में से एक माने जाते हैं, जिनका IIFA 2025 में अतरंगी स्टाइल देखने को मिला। IIFA डिजिटल अवार्ड्स का हिस्सा बने मिर्जापुर के गुड्डू भैया ने ‘हीरामंडी: द डायमंड बाज़ार’ की बिब्बोजान का मशहूर गजगामिनी वॉक को फिर से रीक्रिएट किया। सोशल मीडिया पर अली फजल की गजगामिनी वॉक ने सभी का दिल जीत लिया है, जिसके बाद से उनके प्रशंसकों ने अपने प्यारे ‘गुड्डू भैया’ के नए अवतार की खूब तारीफ की। अली फजल ने आईफा 2025 के रेड कारपेट पर अदिती राव हैदरी की मशहूर गजगामिनी वॉक को व्हाइट कोट-पैंट में फिर से री-क्रिएट किया है।

अली फजल ने गजगामिनी वॉक किया रीक्रिएट

अली फजल अपनी अदाओं और नजाकत भरी गजगामिनी वॉक की वजह से चर्चा में बने हुए हैं। आईफा अवॉर्ड्स के ऑफिशियल इंस्टा पेज पर एक्टर का वीडियो शेयर किया गया है, जिसपर फैंस दिल खोलकर प्यार लुटा रहे हैं। वह वीडियो में स्टेज की सीढ़ियों के पास वॉक करते हुए दिखाई दे रहे हैं। IIFA ने अपने इंस्टाग्राम पेज पर कैप्शन में लिखा, ‘अली फजल की आइकॉनिक वॉक निश्चित रूप से सिल्वर जुबली इवेंट में हमारे सभी मेहमानों को एंटरटेन करेगी।’ अली का ये मजेदार वीडियो देखने के बाद आप भी अपनी हंसी नहीं रोक पाएंगे। बता दें कि ‘हीरामंडी’ की बिब्बोजान के किरदार में अदिती राव हैदरी ने गजगामिनी वॉक से सभी को अपना दीवाना बना दिया था। अब उन्हें एक्टर अली टक्कर देते नजर आ रहे हैं।

अली फजल पर्सनल-प्रोफेशनल लाइफ

इस बीच, बता करें अली फजल के काम और निजी जीवन की तो मिर्जापुर सीजन 3 में गुड्डू भैया के रूप में वापसी करने के बाद, उनके पास अभी तीन प्रोजेक्ट हैं। एक्टर ‘मेट्रो…इन डिनो’, ‘लाहौर 1947’ और 2025 में ‘ठग लाइफ’ में नजर आएंगे। पर्सनल लाइफ की बात करें तो अली फजल ने पत्नी ऋचा चड्ढा के साथ एक बच्ची का स्वागत किया है।

नारी शक्ति गौरव उत्सव: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर जालौन में महिलाओं को किया गया सम्मानित

  • 400 से अधिक महिलाओं को न्यूट्रीशनल किट वितरित – डाबर इंडिया लिमिटेड के सहयोग से महिलाओं को पोषण और स्वास्थ्य संबंधी सामग्री दी गई।
  • मुख्य अतिथि चारु चौधरी ने किया संबोधित – महिला सशक्तिकरण और शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए समाज में महिलाओं की भूमिका को सराहा।
  • समाज में योगदान देने वाली महिलाओं का सम्मान – शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक कार्य और स्वरोजगार के क्षेत्र में योगदान देने वाली महिलाओं को शॉल, प्रशस्ति पत्र और श्रीफल देकर सम्मानित किया गया।
  • महिला जागरूकता और आत्मनिर्भरता पर संकल्प – अनुरागिनी संस्था ने महिलाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़ने और आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों की घोषणा की।

कालपी (जालौन), 8 मार्च 2025: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अनुरागिनी संस्था द्वारा “नारी शक्ति गौरव उत्सव” का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम स्टेशन रोड स्थित राधे गार्डन, कालपी में आयोजित हुआ, जिसमें समाज में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया।

इस आयोजन में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारु चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में भाजपा जिला अध्यक्ष उर्विजा दीक्षित, कालपी कॉलेज की प्राचार्या मधु तिवारी, भाजपा महिला मोर्चा कानपुर देहात की जिला अध्यक्ष रेणुका सचान और ब्रह्माकुमारी संस्थान से ममता जी उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता लोकतंत्र सेनानी रमेश तिवारी ने की, जबकि संचालन भाजपा कालपी अध्यक्ष सुबोध द्विवेदी ने किया।

महिलाओं के लिए न्यूट्रीशनल किट का वितरण

इस अवसर पर डाबर इंडिया लिमिटेड के सहयोग से 400 से अधिक महिलाओं को न्यूट्रीशनल किट वितरित की गईं। इन किटों में आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर पेय पदार्थ शामिल थे, जो महिलाओं और उनके परिवारों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करेंगे। साथ ही, महिलाओं को स्वस्थ जीवनशैली और पोषण के महत्व के बारे में जागरूक किया गया।

महिला सशक्तिकरण पर विचार

मुख्य अतिथि चारु चौधरी ने अपने संबोधन में कहा,

“महिलाओं का सम्मान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि समाज की प्रगति का आधार होना चाहिए। जब महिलाएं शिक्षित और आत्मनिर्भर बनेंगी, तभी एक समान और सशक्त समाज का निर्माण होगा। आज की नारी हर क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही है और अपने हौसले व मेहनत से नई ऊंचाइयों को छू रही है। हमें उनके अधिकारों की रक्षा के साथ-साथ उन्हें हर संभव अवसर प्रदान करने का संकल्प लेना चाहिए।”

भाजपा जिला अध्यक्ष उर्विजा दीक्षित ने कहा,

“महिला सशक्तिकरण केवल एक नारा नहीं बल्कि एक मिशन है। जब महिलाएं सशक्त होंगी, तो समाज और देश प्रगति करेगा। सरकार महिलाओं के विकास और आत्मनिर्भरता के लिए कई योजनाएं चला रही है, जिनका अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए।”

कालपी कॉलेज की प्राचार्या मधु तिवारी ने कहा,

“शिक्षा महिलाओं के सशक्तिकरण की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। जब महिलाएं शिक्षित होंगी, तो वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होंगी और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेंगी।”

भाजपा महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष रेणुका सचान ने कहा,

“महिलाओं को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति सचेत रहना चाहिए और सामाजिक कुरीतियों से लड़ने के लिए एकजुट होना चाहिए।”

ब्रह्माकुमारी संस्थान से ममता जी ने मानसिक सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा,

“सिर्फ आर्थिक या सामाजिक रूप से सशक्त होना ही पर्याप्त नहीं, मानसिक सशक्तिकरण के बिना महिला सशक्तिकरण अधूरा है।”

समाज में योगदान देने वाली महिलाओं का सम्मान

कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाली महिलाओं को शॉल, प्रशस्ति पत्र एवं श्रीफल देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित महिलाओं में शामिल थीं:

✔ विनिता पांडेय (शिक्षा)
✔ रजनी पाल (स्वास्थ्य)
✔ मोहिनी गुप्ता (सामाजिक कार्य)
✔ उषा सैनी (स्वरोजगार)
✔ आशा चौरसिया (महिला अधिकार)
✔ मीना शुक्ला, संध्या कुशवाहा, नीरज सिंह, मुक्ता पुरवार और ममता

अनुरागिनी संस्था की प्रतिबद्धता

अनुरागिनी संस्था के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. प्रवीण सिंह जादौन ने कहा,

“महिला सशक्तिकरण केवल एक दिन का विषय नहीं, बल्कि यह सतत प्रयास का परिणाम होता है। अनुरागिनी संस्था पिछले 28 वर्षों से महिलाओं के उत्थान के लिए कार्य कर रही है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।”

संस्था ने यह संकल्प लिया कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, जागरूकता अभियान और सरकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य किया जाएगा।

कार्यक्रम में प्रमुख लोग उपस्थित रहे

इस कार्यक्रम में कई गणमान्य व्यक्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिनमें शामिल थे:

  • उपेंद्र सिंह राजावत (सभापति, जिला केंद्रीय सहकारी उपभोक्ता भंडार)
  • वंदना गुप्ता (विशेष कार्यकारी अधिकारी, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग)
  • अभिषेक मिश्रा, मोहन शुक्ला, हर्षित खन्ना, कल सोनी, मंटू बिश्नोई, अतुल महेवा, पिंटू जादौन, अमरीश अग्रवाल, शिवम तिवारी, राम प्रकाश पुरवार, राकेश परिवार, अशोक परिवार, विशाल पोरवाल, उदय प्रताप सिंह, रामकुमार जादौन
  • अनुरागिनी संस्था के सदस्य: ब्रजेश कश्यप, जितेंद्र पांडे, प्रदुम सिंह, नितिन कुमार सैनी, राज प्रताप सिंह

कार्यक्रम के अंत में अनुरागिनी संस्था ने सभी अतिथियों और विशेष रूप से महिलाओं का धन्यवाद किया और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर “नारी शक्ति गौरव उत्सव” का यह आयोजन महिला सशक्तिकरण, शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह न केवल महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करता है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए भी प्रेरित करता है।

इस तरह के कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक हैं। अनुरागिनी संस्था का यह प्रयास निश्चित रूप से महिलाओं के उत्थान में मील का पत्थर साबित होगा।

Travel Tips: यह शहर आधुनिकता और पारंपरिक संस्कृति का अनोखा संगम है, जहां घूमने के लिए कई अद्भुत स्थान मौजूद हैं।

कोयंबटूर, जो तमिलनाडु राज्य का एक प्रमुख शहर है, एक प्रमुख औद्योगिक और वाणिज्यिक केंद्र होने के साथ-साथ पर्यटकों के लिए भी एक आकर्षक गंतव्य है। यह शहर अपनी खूबसूरत पहाड़ियों, झीलों, मंदिरों और हरियाली के लिए प्रसिद्ध है। कोयंबटूर की आधुनिकता और पारंपरिक संस्कृति का अद्भुत मिश्रण इसे एक दिलचस्प पर्यटन स्थल बनाता है। यह शहर उन पर्यटकों के लिए आदर्श है जो एक ओर जहाँ शहर की सुविधाओं का लाभ लेना चाहते हैं, वहीं दूसरी ओर शांति और प्रकृति के बीच समय बिताना चाहते हैं। आइए जानते हैं कोयंबटूर के प्रमुख पर्यटन स्थलों के बारे में।

1. वागामोन (Vagamon)

वागामोन, कोयंबटूर से लगभग 60 किलोमीटर दूर स्थित एक सुंदर पर्वतीय स्थल है। यहाँ के शांत वातावरण और सुरम्य दृश्य पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। वागामोन के हरे-भरे पहाड़ी इलाके, झीलें और प्राकृतिक सौंदर्य इसे एक आदर्श स्थल बनाते हैं। ट्रैकिंग, पर्वतारोहण और कैम्पिंग के शौकिनों के लिए यह स्थान आदर्श है। यहाँ के ठंडे मौसम और ताजगी से भरे वातावरण में एक शानदार अनुभव मिलता है।

2. वेलंगिरी हिल्स (Western Ghats)

वेलंगिरी हिल्स, कोयंबटूर के पास स्थित एक प्रमुख पर्वतीय स्थल है, जो प्रकृति प्रेमियों और ट्रैकिंग के शौकिनों के लिए आदर्श है। यह स्थल विशेष रूप से हरे-भरे जंगलों, पक्षियों और विभिन्न प्रकार की वन्यजीवों के लिए प्रसिद्ध है। वेलंगिरी हिल्स तक पहुँचने के लिए एक लंबी ट्रैकिंग करनी होती है, जो साहसिक पर्यटन का शौक रखने वालों के लिए रोमांचक होती है। यह स्थान न केवल प्रकृति प्रेमियों, बल्कि फोटोग्राफी के शौकिनों के लिए भी बहुत आकर्षक है।

3. कोयंबटूर झील (Sri Padhmanabha Swamy Lake)

कोयंबटूर के पास स्थित कोयंबटूर झील एक प्रमुख आकर्षण है। यह झील शहर के शोर-शराबे से दूर, एक शांतिपूर्ण वातावरण प्रदान करती है। यहां पर्यटक नौका विहार का आनंद ले सकते हैं और सुंदर दृश्यावलियों का अवलोकन कर सकते हैं। झील के चारों ओर की हरियाली और शांत वातावरण इसे एक आदर्श स्थान बनाते हैं।

4. अनामलई हिल्स (Anamalai Hills)

अनामलई हिल्स, जिसे “अलियारी हिल्स” भी कहा जाता है, कोयंबटूर से कुछ ही दूरी पर स्थित है। यह जगह नीलगिरि पहाड़ियों का हिस्सा है और यहां का दृश्य अविस्मरणीय होता है। अनामलई हिल्स का ट्रैकिंग, वन्यजीव अवलोकन और जैव विविधता के कारण यह स्थल बहुत ही खास है। यहाँ स्थित “अलियारी वन्यजीव अभयारण्य” एक प्रमुख आकर्षण है, जहां आप हाथी, बाघ, तेंदुआ, और अन्य वन्य जीवों को देख सकते हैं।

5. दून हिल्स (Doon Hills)

कोयंबटूर से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित दून हिल्स, एक और आकर्षक पर्यटन स्थल है। यह स्थान अपने हरे-भरे जंगलों, पहाड़ी दृश्य और ठंडी जलवायु के लिए प्रसिद्ध है। दून हिल्स में ट्रैकिंग और कैम्पिंग का अनुभव बहुत ही रोमांचक होता है। यह स्थान एक आदर्श स्थल है उन पर्यटकों के लिए जो प्रकृति के बीच एकांत और शांति का अनुभव करना चाहते हैं।

6. पेरियार वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी (Periyar Wildlife Sanctuary)

पेरियार वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी, जो कोयंबटूर के पास स्थित है, एक प्रसिद्ध वन्यजीव अभयारण्य है। यहाँ पर्यटक जंगल सफारी, बोटिंग और वन्यजीवों के दर्शन कर सकते हैं। यह अभयारण्य, बाघों, हाथियों और अन्य वन्यजीवों के लिए प्रसिद्ध है। यह स्थल प्रकृति प्रेमियों और वन्यजीवों के शौक रखने वाले लोगों के लिए एक आदर्श स्थान है।

7. संदीपान हिल्स (Sundarapuri Hills)

संदीपान हिल्स, कोयंबटूर के पास स्थित एक और लोकप्रिय पर्वतीय स्थल है। यह क्षेत्र शांतिपूर्ण और सुरम्य वातावरण के लिए जाना जाता है। यह स्थान उन पर्यटकों के लिए आदर्श है जो प्रकृति के बीच समय बिताने के साथ-साथ शांति का अनुभव करना चाहते हैं। यहाँ के ठंडे मौसम और खूबसूरत पहाड़ी दृश्य आपको एक अलग ही दुनिया में ले जाते हैं।

8. एक्काट्टी झील (Ikkatty Lake)

कोयंबटूर के पास स्थित एक्काट्टी झील एक शांतिपूर्ण स्थल है, जहां आप प्रकृति का आनंद ले सकते हैं। झील के आसपास की हरियाली और शांति वातावरण को और भी आकर्षक बनाती है। यह स्थल खासकर उन पर्यटकों के लिए आदर्श है जो झीलों और पानी के स्रोतों में रुचि रखते हैं।

9. विजयनगर किला (Vijayanagar Fort)

विजयनगर किला कोयंबटूर का एक ऐतिहासिक स्थल है। यह किला विजय नगर साम्राज्य के समय का है और यहां की वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व पर्यटकों को आकर्षित करती है। किले के भीतर आप प्राचीन मूर्तियों और खंडहरों को देख सकते हैं, जो इसके गौरवशाली अतीत का प्रतीक हैं।

10. सिद्धी मंदिर (Siddhi Vinayak Temple)

कोयंबटूर में स्थित सिद्धि विनायक मंदिर एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यह मंदिर भगवान गणेश को समर्पित है और यहां आकर भक्तों को मानसिक शांति मिलती है। यह स्थान विशेष रूप से उन भक्तों के लिए है जो धार्मिक यात्रा और ध्यान में रुचि रखते हैं।

कोयंबटूर एक ऐसा स्थल है जो अपने दर्शनीय स्थलों, धार्मिक स्थलों, और प्रकृति प्रेमियों के लिए आदर्श स्थान प्रदान करता है। यहाँ के पर्वतीय दृश्य, झीलें, वन्यजीव अभयारण्य और ऐतिहासिक स्थल इसे एक आकर्षक पर्यटन गंतव्य बनाते हैं। कोयंबटूर में आपको शहरी जीवन की हलचल के साथ-साथ शांतिपूर्ण वातावरण भी मिलता है, जो इस जगह को एक बेहतरीन पर्यटन स्थल बनाता है। यदि आप दक्षिण भारत की खूबसूरत यात्रा करना चाहते हैं, तो कोयंबटूर निश्चित रूप से आपकी यात्रा सूची में होना चाहिए।