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‘खतरनाक’: करण कुंद्रा ने तेजस्वी प्रकाश संग शादी की अफवाहों पर जवाब दिया

‘बिग बॉस 15’ में मिले करण कुंद्रा और तेजस्वी प्रकाश चार साल से रिलेशनशिप में हैं। टेलीविजन इंडस्ट्री के मशहूर कपल्स में से एक करण और तेजस्वी अपनी रोमांटिक केमिस्ट्री को लेकर हमेशा चर्चा में रहते हैं। इन दिनों दोनों अपनी शादी को लेकर खूब चर्चा में हैं जब से एक्ट्रेस की मां ने नेशनल टेलीविजन पर उनकी शादी की डेट का ऐलान किया है। यह खुलासा कुकिंग-बेस्ड शो ‘सेलिब्रिटी मास्टरशेफ’ के एक एपिसोड के दौरान हुआ, जहां तेजस्वी एक कंटेस्टेंट हैं। अब, करण ने आखिरकार तेजस्वी की मां के खुलासे पर अपनी चुप्पी तोड़ी है और मजाकिया अंदाज में इसका दोष AI पर मढ़ा है।

तेजस्वी संग शादी की अफवाह पर बोले करण कुंद्रा

टीवी एक्टर करण कुंद्रा ने इंडिया फोरम को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘नहीं, नहीं, वो एआई था एआई। वो तो सब… आजकल एआई इतना खतरनाक हो गया है ना मैं बता नहीं सकता आपको बाप रे।’ करण ने आगे कहा, ‘मैं बता रहा हूं आपको, वो एआई था।’ हालांकि, उन्होंने इस साल शादी करने से इनकार नहीं किया, लेकिन उन्होंने कहा है, ‘नहीं, मैं ये बोला ही नहीं है, मैंने तो बोला के एआई था, वो बिचारी आंटी का एआई बना के डाला लोगों ने।’ इसके अलावा उन्होंने सोशल मीडिया पर भी एआई को लेकर पोस्ट शेयर किया है।

करण कुंद्रा-तेजस्वी प्रकाश की शादी का प्लान

शो का एक क्लिप इंटरनेट पर वायरल हो गया है, जिसमें होस्ट-जज फराह खान को तेजस्वी प्रकाश से शादी के बारे में पूछते हुए देखा जा सकता है। इस पर, तेजस्वी की मां ने जवाब दिया, ‘इसी साल हो जाएगा’ ये सुन सभी ने ताली बजाई और उन्हें बधाई दी तो एक्ट्रेस शर्मा गई और कुछ नहीं बोल पाईं। इससे पहले, तेजस्वी ने कुंद्रा के साथ अपनी शादी का प्लान बताया था, जिसमें हिना खान और उनके बॉयफ्रेंड रॉकी जायसवाल स्पेशल गेस्ट बनकर आए थे। उन्होंने खुलासा किया था कि वो कोर्ट मैरिज करेंगी। करण और तेजस्वी पिछले काफी समय से साथ रह रहे हैं। उन्हें कई पार्टी और फैमिली गैदरिंग में साथ देखा जा चुका है।

भूकंप के झटकों से हिला भारत का यह क्षेत्र, दहशत में घरों से बाहर आये लोग, जानें रिक्टर स्केल पर कितनी रही तीव्रता!

भारत में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। भारत का उत्तर पूर्वी राज्य असम भूकंप के झटकों से हिल गया। असम के कछार जिले में शुक्रवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मॉलाजी के अनुसार (NCS), असम के कछार जिले में आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने 3.2 आंकी गई है।

25 किलोमीटर की गहराई पर रहा भूकंप का केंद्र

एनसीएस ने बताया कि ये भूकंप शुक्रवार शाम 6 बजकर 35 मिनट और 13 सेकेंड पर आया है। कछार जिले में भूकंप का केंद्र धरती से 25 किलोमीटर की गहराई पर रहा है। भूकंप के झटकों के डर से लोग अपने घरों और बिल्डिंग से बाहर निकल आए। काफी देर बाद लोग अपने-अपने घरों में गए।

क्यों आते हैं भूकंप?

भूकंप पृथ्वी की सतह पर होने वाली प्राकृतिक घटनाएं हैं, जो मुख्य रूप से पृथ्वी की आंतरिक संरचना में होने वाले तनाव और गतिविधियों के कारण आते हैं। भारत में भूकंप का मुख्य कारण हिमालय क्षेत्र में टेक्टोनिक गतिविधियां हैं। भारतीय प्लेट और यूरेशियन प्लेट के बीच टकराव के कारण यहां तनाव होता है। यही वजह है कि उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर भारत भूकंप के लिहाज से संवेदनशील हैं।

ऑरलैंडो:प्लेन में चढ़ने की अनुमति न मिलने पर महिला ने बाथरूम में डुबोकर कुत्ते की जान ले ली!

 अमेरिका के फ्लोरिडा से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। अधिकारियों ने बताया कि एक महिला ने फ्लोरिडा एयरपोर्ट के बाथरूम में अपने कुत्ते को डुबोकर मार दिया और फिर अपनी इंटरनेशनल फ्लाइट पर सवार हो गई। बता दें कि महिला को कागजी कार्रवाई के कारण अपने साथ सफेद रंग के श्नौज़र नस्ल के कुत्ते को ले जाने से रोका गया था। महिला को बुधवार को लेक काउंटी में गंभीर पशु दुर्व्यवहार, थर्ड-डिग्री के अपराध के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। बाद में उसे 5000 अमेरिकी डॉलर की जमानत पर रिहा कर दिया गया।

कूड़े के थैले में मिली थी कुत्ते की लाश

ऑरलैंडो पुलिस विभाग के एक गिरफ्तारी हलफनामे में कहा, ‘यह कृत्य जानबूझकर किया गया था और जानवर की दर्दनाक मौत हुई थी।’ ऑनलाइन कोर्ट रिकॉर्ड में केनर, लुइसियाना की महिला के लिए कोई वकील सूचीबद्ध नहीं था। टायविन नामक 9 वर्षीय श्नौज़र कुत्ते की मौत की जांच दिसंबर में शुरू हुई जब एक सफाईकर्मी को ऑरलैंडो इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक बाथरूम स्टॉल में एक कूड़े के थैले में कुत्ते की लाश मिली थी। सफाईकर्मी ने पहले भी महिला को स्टॉल के फर्श से पानी और कुत्ते का खाना साफ करते देखा था।

कुत्ते को मारकर प्लेन में सवार हुई महिला

जांचकर्ताओं ने बताया कि सफाईकर्मी को कहीं और सफाई के लिए जाना पड़ा और 20 मिनट बाद जब वह बाथरूम में वापस आई तो उसने कुत्ते को कूड़ेदान में पाया। इसके साथ ही वहां कुत्ते का कॉलर, रेबीज टैग, एक डॉग ट्रैवल बैग और महिला के नाम और फोन नंबर के साथ हड्डी के आकार का एक डॉग टैग भी था। एयरपोर्ट सर्विलांस कैमरों ने महिला को कुत्ते के साथ लैटम एयरलाइंस के एजेंट से 15 मिनट तक बात करते हुए, कुत्ते के साथ टिकटिंग एरिया के पास एक बाथरूम में जाते हुए और 20 मिनट से भी कम समय बाद टायविन के बिना बाथरूम से बाहर निकलते हुए कैद किया था। इसके बाद महिला आराम से कोलंबिया जाने वाले प्लेन में सवार हो गई।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आई ये बात

अधिकारियों ने कहा कि महिला को बताया गया था कि वह अपने कुत्ते को विमान में नहीं ला सकती क्योंकि उसके पास इससे जुड़े जरूरी कागजात नहीं थे। अमेरिकी कृषि विभाग के मुताबिक, अमेरिका से कोलंबिया की यात्रा करने वाले कुत्तों के साथ पशु चिकित्सक द्वारा जारी स्वास्थ्य प्रमाणपत्र और रेबीज टीकाकरण प्रमाणपत्र होना चाहिए। कुत्ते की पहचान उसके प्रत्यारोपित माइक्रोचिप से हुई और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला कि उसकी मौत डूबने से हुई थी। अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा ने इस बात की पुष्टि की कि महिला पहले कोलंबिया और फिर इक्वाडोर गई थी।

न्यूयॉर्क: ट्रंप के दबाव के बाद कोलंबिया यूनिवर्सिटी ने लिया बड़ा फैसला, नीतियों में किए जाएंगे अहम बदलाव!

कोलंबिया यूनिवर्सिटी ने शुक्रवार को अपने मिडिल ईस्ट स्टडीज डिपार्टमेंट को नए पर्यवेक्षण के तहत रखने और विरोध प्रदर्शन एवं छात्र अनुशासन के लिए अपने नियमों में बदलाव करने पर सहमति जताई है। इस तरह यूनिवर्सिटी ट्रंप प्रशासन के दबाव के आगे झुक गई है जिसने कहा था कि या तो वह बदलाव लागू करे या अरबों डॉलर की मदद खोने के लिए तैयार रहे। अंतरिम अध्यक्ष कैटरीना आर्मस्ट्रांग द्वारा शुक्रवार को प्रकाशित एक पत्र के मुताबिक, विश्वविद्यालय यहूदी-विरोध की एक नई परिभाषा भी अपनाएगा और अपने इजरायल एवं यहूदी अध्ययन संस्थान में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर ‘बौद्धिक विविधता’ का विस्तार करेगा।

‘शैक्षणिक स्वतंत्रता और कैंपस अभिव्यक्ति को खतरा’

यूनिवर्सिटी का यह कदम कुछ शिक्षकों और फ्री स्पीच ग्रुप्स को पसंद नहीं आया और उन्होंने इसकी निंदा की है। इन सभी ने विश्वविद्यालय पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव के आगे झुकने का आरोप लगाया। न्यूयॉर्क सिविल लिबर्टीज यूनियन की कार्यकारी निदेशक डोना लेबरमैन ने एक बयान में कहा, ‘कोलंबिया यूनवर्सिटी के आत्मसमर्पण से पूरे देश में शैक्षणिक स्वतंत्रता और कैंपस अभिव्यक्ति को खतरा है।’ इस महीने की शुरुआत में, ट्रंप प्रशासन ने गाजा में इजरायल के सैन्य अभियान के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों से निपटने के यूनिवर्सिटी के तरीके को लेकर अनुसंधान अनुदान और अन्य निधियों में से $400 मिलियन (करीब 3500 करोड़ रुपये) वापस ले लिए थे।

किन नए शर्तों को मान गई कोलंबिया यूनिवर्सिटी?

शुक्रवार को अपनी प्रतिक्रिया में आर्मस्ट्रांग ने संकेत दिया कि कोलंबिया यूनवर्सिटी ट्रंप प्रशासन द्वारा सुझाए गए लगभग सभी सुधारों को लागू करने के लिए तैयार है। आदेश के मुताबिक, यूनिवर्सटी अब नए सार्वजनिक सुरक्षा कर्मियों को नियुक्त करेगी और उन्हें परिसर में गिरफ्तारियां करने का अधिकार देगी। साथ ही छात्रों को शैक्षणिक भवनों में विरोध प्रदर्शन करने से रोका जाएगा और उन्हें अनुशासन में रहने का पाठ पढ़ाया जाएगा। छात्रों को अब ‘अपनी पहचान छिपाने के उद्देश्य से’ परिसर में फेस मास्क पहनने की इजाजत नहीं होगी। हालांकि स्वास्थ्य या धार्मिक कारणों से मास्क पहनने वाले लोगों पर यह नियम लागू नहीं होगा।

ट्रंप ने प्रशासन ने क्यों बनाया यूनिवर्सिटी पर दबाव?

ट्रंप प्रशासन ने बार-बार कोलंबिया यूनिवर्सिटी पर यह आरोप लगाया है कि वहां इजरायल के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों में यहूदी विरोधी भावना फैलने दी गई। ये विरोध पिछले साल कोलंबिया से शुरू होकर अन्य विश्वविद्यालयों में भी फैल गए थे। आर्मस्ट्रांग ने अपने पत्र में कहा कि विश्वविद्यालय ने यहूदी समुदाय द्वारा किए गए भेदभाव और उत्पीड़न की गंभीर चिंताओं को दूर करने के लिए कड़ी मेहनत की है। उन्होंने यह भी कहा कि कोलंबिया और उसके लोगों को जिस तरह से दिखाया गया है, उसे समझना मुश्किल है। उन्होंने कहा, ‘हां, हमारे सामने चुनौतियां हैं, लेकिन वे हमें परिभाषित नहीं करतीं।’

अन्य विश्वविद्यालयों पर भी मंडरा रहा है खतरा

ट्रंप प्रशासन ने हाल के दिनों में कोलंबिया यूनिवर्सिटी पर अपने हमलों को बढ़ा दिया था। 8 मार्च को, संघीय आव्रजन अधिकारियों ने महमूद खलील नाम के एक प्रमुख फिलिस्तीनी कार्यकर्ता और कानूनी स्थायी निवासी को उसके विश्वविद्यालय के अपार्टमेंट में गिरफ्तार किया था। ट्रंप ने इसे ‘कई में से पहला’ निर्वासन प्रयास बताया था। न्याय विभाग के अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि क्या कोलंबिया यूनिवर्सिटी ने प्रदर्शनों में शामिल छात्रों को कानून से बचाने के लिए छिपाया था। ट्रंप ने कोलंबिया के साथ-साथ अन्य विश्वविद्यालयों को भी चेतावनी दी है कि अगर वे उनका एजेंडा नहीं अपनाते, तो उनके बजट में कटौती की जा सकती है।

लेटेस्ट बॉलीवुड न्यूज़ :अजमेर की वास्तविक कोर्ट में हुई Jolly LLB 3 की शूटिंग, अक्षय कुमार और अरशद वारसी ने किए 40 दिन शूट!

अक्षय कुमार और अरशद वारसी स्टारर फिल्म ‘जॉली एलएलबी-3’ की रिलीज डेट सामने आ गई है। ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट से इसकी जानकारी दी है। डायरेक्टर सुभाष कपूर की ये फिल्म इसी साल 19 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हो जाएगी। फिल्म में अक्षय कुमार, अरशद वारसी, हुमा कुरेशी, अमृता राव, सौरभ शुक्ला और सुशील पांडे अहम किरदारों में नजर आने वाले हैं। फिल्म का बड़ा हिस्सा राजस्थान के अजमेर में शूट हुआ है। इस कोर्टरूम ड्रामा के पहले दोनों पार्ट सुपरहिट रहे हैं। अब कोर्टरूम ड्रामा कहानी का तीसरा पार्ट भी इस साल रिलीज होने वाला है। फिल्म को लेकर फैन्स भी काफी उत्साहित हैं।

अरशद वारसी और अक्षय कुमार की जोड़ी करेगी कॉमेडी?

जॉली एलएलबी-3 में अक्षय कुमार और अरशद वारसी दोनों ही लीड रोल में नजर आ रहे हैं। इससे पहले रिलीज हुए दोनों पार्ट्स में भी मजेदार कॉमेडी देखने को मिली थी। अब इस तीसरे पार्ट से भी फैन्स को यही उम्मीद है। साथ ही सौरभ शुक्ला ने फिल्म में एक जज सुंदरलाल त्रिपाठी का किरदार निभाया था। ये किरदार काफी पसंद किया गया था। इतना ही नहीं इस किरदार को लोगों ने फिल्म के लीड हीरो से भी ज्यादा प्यार दिया था। अब जॉली एलएलबी-3 19 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। अब देखना होगा कि अक्षय कुमार और अरशद वारसी की जोड़ी पर्दे पर क्या कमाल दिखा पाती है।

सुपरहिट रहा था पहला और दूसरा पार्ट

डायरेक्टर सुभाष कपूर ने साल 2013 में फिल्म ‘जॉली एलएलबी’ नाम की फिल्म रिलीज की थी। इस फिल्म में अरशद वारसी ने बतौर हीरो और बमन ईरानी ने नेगेटिव किरदार निभाया था। अरशद के साथ अमृता अरोड़ा हीरोइन के तौर पर नजर आई थीं। इस फिल्म में भी जज का किरदार सौरभ शुक्ला ने प्ले किया था। ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही थी। बॉक्स ऑफिस इंडिया के आंकड़ों के मुताबिक 13 करोड़ 50 लाख रुपयों से बनी ये फिल्म वर्ल्डवाइड 43 करोड़ रुपयों से ज्यादा की कमाई करने में सफल रही थी। इसके हिट होने के बाद मेकर्स ने ‘जॉली एलएलबी-2’ बनाई जो 2017 में  रिलीज हुई। इस फिल्म में अरशद वारसी की जगह अक्षय कुमार और अमृता अरोड़ा की जगह हुमा कुरेशी को लीड रोल में लिया गया। हालांकि सौरभ शुक्ला का किरदार नहीं बदला लेकिन वकील के तौर पर नया चेहरा अनु कपूर का दिखा। ये फिल्म भी बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही थी। 83 करोड़ रुपयों के बजट से बनी इस फिल्म ने 182 करोड़ रुपयों से ज्यादा की वर्ल्डवाइड कमाई की थी।