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प्रेम, विश्वास, आघात और निर्ममता: इस चकाचौंध जिंदगी पर सर्वजन हिताय संरक्षण समिति के महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष रीना त्रिपाठी का यह विश्लेषण जरूर पढ़ें

प्रेम, विश्वास, आघात और निर्ममता: इस चकाचौंध जिंदगी पर सर्वजन हिताय संरक्षण समिति के महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष रीना त्रिपाठी का यह विश्लेषण जरूर पढ़ें
प्रेम, विश्वास, आघात और निर्ममता: इस चकाचौंध जिंदगी पर सर्वजन हिताय संरक्षण समिति के महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष रीना त्रिपाठी का यह विश्लेषण जरूर पढ़ें
प्रेम, विश्वास, आघात और निर्ममता: इस चकाचौंध जिंदगी पर सर्वजन हिताय संरक्षण समिति के महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष रीना त्रिपाठी का यह विश्लेषण जरूर पढ़ें

लखनऊ: प्रकृति ने मनुष्य को संवेदनशील बनाया है ,भावपूर्ण बनाया है अतः प्रकृति की भांति मनुष्य में भी विभिन्न प्रकार की भावनाएं पाई जाती हैं। येभावनाएं शारीरिक और मानसिक संवेदनाएं होती हैं ये किसी चीज़, घटना, या स्थिति के विशेष महत्व को दर्शाती हैं। भावनाएं, हमारे जीवन का आधार होती हैं और हम सभी भावनाओं से ही संचालित होते है।भावनाएं, शरीर का संचार करने का तरीका हैं कि हम दुनिया का अनुभव कैसे कर रहे हैं खुशी, दर्द, आकर्षण, विकर्षण, आराम, डर, संतोष, प्रेम-घृणा, क्रोध-क्षमा इत्यादि के साथ एक नया भाव कलयुग में जागृत हुआ है बदला। क्रोध बदला कब हत्या में तब्दील हो जाए इसका पता नहीं लगता।

आप सब अखबारों में पढ़ रहे होंगे सोशल मीडिया के जमाने में देख भी रहे होंगे कि किस प्रकार प्रेम विवाह के उपरांत एक पत्नी ने झूठ और नशे की लत से अजीज आकर पति की हत्या, अपने दूसरे बॉयफ्रेंड से मिलकर करवा दी। क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए लाश को कई टुकड़ों में काटकर ड्रम में सीमेंट के साथ जमा दिया। वहीं लखनऊ के एक गांव में एक परिवार की बेटी का दूसरी जाति के लड़के के साथ प्रेम संबंध था। घर वालों को पता चला तो सड़क पर उस लड़की को सरे आम माता पिता भाई ने मारा पीटा जिससे तंग आकर उस लड़की ने घर में जाकर फांसी लगा ली। मृत्यु के बाद उस लड़की की मां लड़के वालों को झूठे पुलिस केस में फंसा कर मोटी रकम मिलने का इंतजार करने लगी दूसरे पक्ष को आरोपित करते हुए पूरी कोशिश करने वालों की यह आत्महत्या नहीं बेवफाई के कारण की गई हत्या है, केस अभी जारी है।

वहीं एक ओर पति-पत्नी में झगड़ा होता है तो मिलिट्री में कार्यरत पति ने पत्नी को गला दबा कर मार दिया फिर छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर कुकर में उबालकर लाश को ठिकाने में लगा दिया। लखनऊ में ही पुलिस में तैनात एक सिपाही जिसे शक था कि उसकी पत्नी का किसी से अवैध संबंध है, शक शायद सही भी था शादी के पहले से ही लड़की उस लड़के को पसंद करती थी परंतु पारिवारिक दबाव के कारण शादी करनी पड़ी। पुलिस में तैनात पति ने पत्नी से फोन करा के उसके प्रेमी को बुलवाया और प्रेमी तथा उसके साथी की निर्मम हत्या कर दी।इसी तरह के उदाहरण रोज ही आप न्यूजपेपर सोशल मीडिया में देखते होंगे और देखकर एहसास होता है कि कलयुग की क्या पराकाष्ठा का समय आ गया है।

मनुष्य को क्या लोग जानवर की तरह समझने लगे हैं जिसे मारना, इसकी हत्या करना और लाश को ठिकाने लगाना नए-नए तरीकों के द्वारा हत्या का प्रयास करना और इंसान को इंसान ना समझना कलयुग की चरमपराकाष्ठा नहीं तो और क्या है। यह सब तो अपने प्रेम संबंध या बहुत ही खास संबंधों के अत्याचार या बदला लेने के प्रकरण देखें।समाज में एक और बहुत ही चर्चित पहलू चल रहा है रेप का। अभी हाल ही में हमने लखनऊ में एक अकेली महिला जो रोजगार के लिए प्रयासरत थी की परिस्थितियों का फायदा उठाते हुए, रेप और निर्मम हत्या देखी। अक्सर ही हम निर्बल ,असहाय चार साल के बच्ची से लेकर साठ साल तक की बुजुर्ग महिला का रेप होते हुए पेपर और सोशल मीडिया में लगभग प्रतिदिन ही देखते हैं ।इस डर से कि अपराधी की पहचान न उजागर हो पाए रेप होने के बाद हत्या कर देना आम बात है। और इंटरनेट की सहायता से लाश ठिकाने लगा देना या फिर उसे आत्महत्या दिखा देना और भी नए तरीके इस्तेमाल करना अपराधियों की कलयुगी मानसिकता को दर्शाता है।जाने अनजाने कभी-कभी निर्दोष तो कभी प्यार में धोखा खाने पर या कभी अपने पार्टनर का अपने अनुरूप खरा ना उतरने पर, कभी किसी नशेड़ी पुत्र द्वारा पैसा ना मिलने पर पत्नी बच्चों और मां-बाप की हत्या का समाचार भी हम लोग आए दिन बढ़ते हैं।

निठारी कांड में तो हमने अबोध बच्चों के अंगों का सूप पीने वाले लोग भी देख लिए और सबूत के अभाव में बरी होते भी देखा। मानव तस्करी, अंग तस्करी तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी बहुत बड़ा स्थान रखने लगा है। इन सब घटनाओं को देखकर आपको क्या लगता है मनुष्य की मशीनरी गड़बड़ हो रही है या मनुष्य के फिजियोलॉजी गड़बड़ हो रही है या फिर मनुष्य में किसी एक विशेष भावना के हावी होने का समय चल रहा है। या फिर प्रकृति मनुष्य जाति को विनाश का भाव आक्रामक भावनाओं को हावी कर दे रही है।प्रतिदिन होने वाले अपराधों का दोषी हम किस सरकार को, किस प्रशासन को या फिर किस जनता को देना चाहते हैं। क्या आपको ऐसा नहीं लगता कि अपराधी आप और हममें से ही कोई है या हम सभी अपराधी हैं ।बस अपराध करते समय कौन कितना अच्छा मुखौटा पहन लेता है बस यही काबिले तारीफ है। शायद यही कारण है कि हम अपने बीच पल रहे अपराधियों को पहचान नहीं पाते और यह पता तब चलता है जब अपराध अपने अंतिम चरण में पहुंच जाता है। समाज में व्याप्त हो रही प्री वेडिंग, लिव इन रिलेशनशिप, शादी के पहले के रिश्ते और शादी के बाद जैसे रिश्तो जैसी पाश्चात्य कुरीतियों से समाज को बचाना होगा। क्योंकि आज यह सभी रिश्तो की मर्यादा और समाज में नैतिकता के मापदंड को खत्म कर रहे हैं।

प्रेम में समर्पण के नाम पर सेक्स और व्यभिचार हावी है। प्रेम भावना नहीं स्टेटस सिंबल बनकर रह गया है। कौन कितने लड़कों से या लड़कियों से प्रेम या संबंध रखता है,संख्या के आधार पर सामाजिक स्तर बढ़ानेऔर दिखाने की होड़ लगी हुई है। और यदि किसी भी कारण से रिश्ता टूटता है तो व्यक्ति खुद का अपमान, खुद की जलालत और आत्मग्लानि से जोड़ते हुए हत्या/आत्महत्या पर उतारू हो जाता है। सोचिए क्या यह भारतीय सभ्यता और संस्कृति का कभी भी इतना कलुषित चेहरा रहा है। प्रेम ,घृणा या नफरत क्या मोहलत नहीं सिखाती। इंसानियत, नैतिकता क्या समाज से खत्म हो गई है? यदि नहीं तो क्यों हम मनुष्य होकर दूसरे मनुष्य के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं। ताकत, झूठ ,फ़रेब, बेरहमी क्या मनुष्य के जीवन से खत्म नहीं किए जा सकते, यदि किया जा सकते हैं तो आइए मिलकर मानवता की रक्षा करें, रिश्तों का सम्मान करें ,जीवात्मा से प्रेम करें ,प्रेम में खुशियां दी जाती है यह हमें जन्मजात प्रकृति सिखाती हैं, छिनना नहीं। आत्मबल प्रेम और संयम से आसक्ति, अतिशक्ति, अनाशक्ति पर काबू पाया जा सकता है यदि हम सब मनुष्य अपने इन तीनों गुणों पर नियंत्रण प्राप्त करते हुए प्रकृति द्वारा प्रदत्त प्रेम, समर्पण, सौहाद्र, सहनशीलता के मायने समझ जाएंगे तो इस तरह की अपने निकट या दूर रिश्ते में या गैर रिश्ते में प्रताड़ना, हत्या, अहिंसा, क्रूरता, बर्बरता करना बंद कर दूसरे व्यक्ति एक मौका स्वतंत्रता का देंगे। पाशविक प्रवृत्तियां भी ऐसा नहीं करती उनमें आज भी संवेदनशीलता और प्राकृतिक गुण विराजमान है।

आइए हम सब रुक कर एक बार सोचे कि जब हमने जीवन दिया नहीं तो जीवन छीनने का अधिकार कैसे मिला? दूसरे जीवों को मारकर खाने की प्रवृत्ति, नशे की अधिकता, तामसिक भोजन से क्या मनुष्य की बुद्धि भी तामसिक होती जा रही है यह सोचना होगा। आध्यात्म के पहलू से सोचें तो क्या इस अपराध के लिए ईश्वर या सर्वोच्च सत्ता कभी हम मनुष्यों को माफ कर पाएगी। मनन करे और ऐसी सभी भावों, कुरीतियों से दूर हैं जिससे मन में कटुता, दिमाग में शून्यता और भाव में उच्छृंखलता का वास होता है। अपने पार्टनर, रिश्तेदार या खुद पर आश्रित ऐसे किसी भी रिश्ते को खुद का पराधीन ना माने, दूसरों को भी स्वतंत्रता पूर्वक जीने का हक है। यदि हम बचपन से ही संस्कार, घर की मर्यादा और नियम कानून, सामाजिक प्रतिष्ठा, व्यक्ति की गरिमा का ज्ञान बच्चों को नैतिकता के आधार पर प्रदान करेंगे तो निश्चित रूप से मन में शुद्धि आएगी और दूसरे व्यक्ति की स्वतंत्रता का हम सम्मान करेंगे, उसे भी ईश्वर प्रदत्त जीवन जीने के लिए दूसरा अवसर प्रदान करेंगे।प्रकृति ने हमें स्वतंत्र किया है यदि हम स्वतंत्रता और स्वच्छंदता की सीमा रेखा नहीं खींच पाए तो शायद वह दिन दूर नहीं जब हम मनुष्य कहलाने के लायक भी ना बचे।

लेखिका रीना त्रिपाठी सर्वजन हिताय संरक्षण समिति के महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष हैं।

काकोरी डबल मर्डर : मृतक रोहित और मनोज के घर पहुंचे विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने दिलाया कठोरतम कार्रवाई का भरोसा, डॉ. सिंह ने पीड़ित परिवारों को 5-5 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की

लखनऊ, 25 मार्च 2025: सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने मंगलवार को काकोरी थाना क्षेत्र के गाँव पान खेड़ा में हुए दोहरे हत्याकांड के पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मृतक रोहित राजपूत और मनोज राजपूत के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 5-5 लाख रुपये की सहायता राशि के चेक प्रदान किए।

पीड़ित परिवारों को न्याय का आश्वासन

डॉ. राजेश्वर सिंह ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा,

“यह घटना पूरे सरोजनीनगर के लिए दुखद है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी भी इस घटना से आहत हैं और उन्होंने तुरंत सहायता राशि जारी करने के निर्देश दिए। आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और कानून के तहत कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। हम पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।”

उन्होंने स्पष्ट किया कि “सरोजनीनगर में किसी भी अपराधी को बचने नहीं दिया जाएगा। यहाँ शांति और सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

शिक्षा और रोजगार की गारंटी

विधायक ने पीड़ित परिवारों के भविष्य को लेकर भी आश्वस्त किया। उन्होंने घोषणा की कि:

  • दोनों परिवारों के बच्चों की शिक्षा का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी।
  • युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
  • परिवारों की अन्य समस्याओं का भी त्वरित समाधान किया जाएगा।

डॉ. सिंह ने जोर देकर कहा, “सरोजनीनगर एक परिवार की तरह है। हम किसी को भी अकेला नहीं छोड़ेंगे।”

स्थानीय नेताओं व गणमान्यों ने जताया समर्थन

इस मौके पर क्षेत्र के कई प्रमुख नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी पीड़ित परिवारों के साथ एकजुटता दिखाई। उपस्थित लोगों में शामिल थे:

  • पूर्व जिलाध्यक्ष श्री कृष्ण लोधी
  • ब्लॉक प्रमुख सुनील रावत
  • मंडल अध्यक्ष विवेक ŕŕ एवं शिव बक्श सिंह
  • ग्राम प्रधान रामनरेश राजपूत
  • शक्ति केंद्र संयोजक राजू राजपूत
  • पार्षद लवकुश रावत

काकोरी के पान खेड़ा गाँव में हुई इस दुखद घटना ने पूरे क्षेत्र को हिला दिया है। हालाँकि, विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह और प्रशासन द्वारा पीड़ित परिवारों को त्वरित सहायता व न्याय का आश्वासन दिया गया है। सरकार की ओर से शिक्षा और रोजगार की गारंटी ने परिजनों को भविष्य के प्रति कुछ आशा दी है।

वॉशिंगटन:“गलती से मिला हूतियों पर हमले का प्लान, जानें जेफरी गोल्डबर्ग कौन हैं?”

 अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और अन्य वरिष्ठ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों द्वारा पिछले महीने यमन में हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर हमलों की जानकारी लीक होने को लेकर एक बड़ी गलती का खुलासा हुआ है। अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों ने माना है कि हूती विद्रोहियों के खिलाफ हवाई हमलों के समन्वय के लिए इस्तेमाल किए गए एक ग्रुप चैट में गलती से ‘द अटलांटिक’ के एडिटर-इन-चीफ जेफरी गोल्डबर्ग को उनकी जानकारी के बिना शामिल कर लिया गया था। हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने जानकारियों के लीक होने से इनकार किया है।

‘Signal’ पर बने ग्रुप में शामिल थे गोल्डबर्ग

गोल्डबर्ग ने ‘द अटलांटिक’ पत्रिका के लिए एक लेख में लिखा कि ‘अमेरिका के नेशनल सिक्योरिटी लीडर्स ने मुझे यमन में होने वाले सैन्य हमलों को लेकर बनाए गए एक ग्रुप चैट में शामिल किया। मुझे नहीं पता था कि यह सच हो सकता है। इसके बाद बम गिरने लगे।’ गोल्डबर्ग को ‘Signal’ पर बनाए गए ग्रुप में शामिल किया गया था, जो एक ओपन-सोर्स मैसेजिंग ऐप है। सोमवार को प्रकाशित अटलांटिक की स्टोरी ‘The Trump Administration Accidentally Texted Me Its War Plans’ के मुताबिक, उन्हें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के NSA माइकल वाल्ट्ज के रूप में अपनी पहचान बताने वाले किसी शख्स के द्वारा जोड़ा गया था।

‘मुझे 2 घंटे पहले ही हमले के बारे में पता था’

गोल्डबर्ग के मुताबिक, ग्रुप में हो रही बातचीत में ‘यमन पर आगामी हमलों के संचालन संबंधी विवरण शामिल थे, जिसमें लक्ष्यों, अमेरिका द्वारा तैनात किए जाने वाले हथियारों और हमले के अनुक्रम के बारे में जानकारी शामिल थी।’ इसमें विदेश मंत्री मार्को रुबियो, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के अलावा अन्य लोगों के संदेश भी शामिल थे। गोल्डबर्ग ने दावा किया कि ग्रुप चैट में प्राप्त संदेशों के चलते सरकारी अधिकारियों द्वारा उन्हें सार्वजनिक किए जाने से 2 घंटे पहले ही उन्हें यमन पर किए जाने वाले हमलों और बम विस्फोटों के बारे में पता चल गया था।

गोल्डबर्ग ने कहा, ‘यदि उनमें निहित जानकारी को अमेरिका के किसी विरोधी ने पढ़ा होता, तो शायद इसका इस्तेमाल अमेरिकी सैन्य और खुफिया कर्मियों को नुकसान पहुंचाने के लिए किया जा सकता था, खासकर मध्य पूर्व में, जो सेंट्रल कमांड के जिम्मेदारी वाले क्षेत्र में है।’ इस महीने की शुरुआत में, अमेरिकी सेना ने यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ एक आक्रामक अभियान शुरू किया, जो एक आतंकवादी संगठन है। बता दें कि हूतियों ने पिछले एक साल से भी ज्यादा समय से अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार को अवरुद्ध कर रखा है।

नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने तोड़ी चुप्पी

इस बीच अमेरिकी रक्षा विभाग के अधिकारियों ने मामले की जांच राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद को सौंप दी है। NSC के प्रवक्ता ब्रायन ह्यूजेस ने एक बयान में स्वीकार किया कि ‘रिपोर्ट की गई मैसेज थ्रेड प्रामाणिक प्रतीत होती है।’ उन्होंने कहा कि वे जांच कर रहे हैं कि गलती से एक फोन नंबर कैसे जुड़ गया। ह्यूजेस ने कहा कि बातचीत में ‘वरिष्ठ अधिकारियों के बीच गहन और विचारशील पॉलिसी कोऑर्डिनेशन पर बात हुई है।’ हालांकि, उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि हूती विद्रोहियों के खिलाफ जारी ऑपरेशन की निरंतर सफलता के बीच अमेरिका के सैनिकों या राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए कोई जोखिम न हो।

अमेरिका के किन नियमों की हुई अनदेखी?

हो सकता है कि गोल्डबर्ग को गलती से या जानबूझकर ग्रुप चैट में शामिल किया गया, लेकिन माना जा रहा है कि अधिकारियों ने संवेदनशील डेटा, गुप्त सैन्य जानकारी और सरकारी रिकॉर्ड रखरखाव को साझा करने के नियमों का उल्लंघन किया है। गोल्डबर्ग के मुताबिक, वरिष्ठ नेताओं ने ट्रंप के मध्य पूर्व दृष्टिकोण के बारे में चिंता व्यक्त की और क्षेत्र में यूरोपीय सहयोगियों की निष्क्रियता पर अफसोस जाहिर किया। इसके अलावा उन्होंने कहा कि हेगसेथ ने ओपन-सोर्स प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल और एक पत्रकार को अनजाने में शामिल करने के बावजूद ग्रुप में लोगों को प्राइवेसी को लेकर आश्वस्त किया।

कौन हैं जेफरी गोल्डबर्ग?

जेफरी गोल्डबर्ग एक जाने माने पत्रकार हैं। ‘द अटलांटिक’ के लिए काम करने से पहले भी गोल्डबर्ग का करियर उतना ही शानदार रहा है। उन्होंने मध्य पूर्व और फिर वॉशिंगटन में संवाददाता के रूप में ‘द न्यू यॉर्कर’ के लिए काम किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने ‘द न्यू यॉर्क टाइम्स’ मैगज़ीन के लिए 15 कवर स्टोरी पब्लिश की। मीडिया में उनका करियर ‘द वॉशिंगटन पोस्ट’ के लिए एक पुलिस रिपोर्टर के रूप में शुरू हुआ था।

एक लेखक के रूप में गोल्डबर्ग की पुस्तक ‘प्रिज़नर्स: ए स्टोरी ऑफ़ फ्रेंडशिप एंड टेरर’ अंतरराष्ट्रीय संघर्षों, कूटनीतिक प्रयासों और सुरक्षा चुनौतियों में उनकी गहरी रुचि को दर्शाती है। बर्लिन में अमेरिकन अकादमी में फेलो होने के साथ-साथ उन्होंने कई सम्मान हासिल किए हैं, जिनमें ओवरसीज़ प्रेस क्लब अवार्ड, डैनियल पर्ल अवार्ड और रिपोर्टिंग के लिए नेशनल मैगज़ीन अवार्ड शामिल हैं।

“पुतिन ने डोनाल्ड ट्रंप को भेजा खास तोहफा, ट्रंप का क्या था रिएक्शन

रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग को अब 3 साल से अधिक समय बीत चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार कोशिश कर रहे हैं कि इस युद्ध को जल्द से जल्द रोका जाए। इसे लेकर ट्रंप ने हाल ही में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात भी की थी। वहीं, अब पुतिन ने एक ऐसा कदम उठाया है जिसे रूस और अमेरिका के बीच टेंशन को खत्म करने की ओर बड़ा कदम बताया जा रहा है। क्रेमलिन ने सोमवार को पुष्टि की कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने डोनाल्ड ट्रम्प को उनका (ट्रंप) का एक चित्र गिफ्ट किया है। क्रेमलिन ने भी सोमवार को इस बात की पुष्टि की है।

पुतिन से मिले थे ट्रंप के दूत

रूसी राष्ट्रपति के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने जानकारी दी है कि व्लादिमीर पुतिन ने इसी महीने की शुरुआत में डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ को मॉस्को में यह चित्र दिया था। हालांकि, उन्होंने इस मामले पर और टिप्पणी करने से मना कर दिया। बता दें कि यूक्रेन में जारी युद्ध को खत्म करने को लेकर जारी प्रयास के तहत  रूसी अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद विटकॉफ ने पुतिन से मुलाकात की।

ट्रंप का क्या था रिएक्शन

पुतिन की ओर से भेजे गए गिफ्ट पर डोनाल्ड ट्रंप का रिएक्शन भी सामने आया है। फॉक्स न्यूज के पूर्व होस्ट टकर कार्लसन के साथ एक इंटरव्यू में  विटकॉफ ने बताया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति पुतिन द्वारा दी गई तस्वीर से स्पष्ट रूप से काफी प्रभावित हुए। डोनाल्ड ट्रंप ने इस गिफ्ट को खूबसूरत बताया है।

“इंडिगो के विमान से टकराया पक्षी, प्लेन में सवार थे 179 यात्री”जानें बर्ड हिट के बारे में

केरल के तिरूवनंतपुरम में एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया। तिरूवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इंडिगो की एक उड़ान से पक्षी टकराने की घटना सामने आई है। इस घटना के बाद फ्लाइट को रद्द कर दिया गया है। चिंता वाली बात ये भी थी कि जिस वक्त विमान से पक्षी टकराया तब विमान में कुल 179 यात्री सवार थे। आइए जानते हैं इस पूरी घटना के बारे में।

उड़ान भरने से ठीक पहले हुई घटना

विमान के साथ पक्षी टकराने का ये मामला केरल के तिरूवनंतपुरम में सोमवार की सुबह हुई है। अधिकारियों ने बताया है कि इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ये घटना उड़ान भरने से ठीक पहले हुई है। इस हादसे के वक्त विमान में 179 यात्री सवार थे। अधिकारियों के मुताबिक, तिरुवनंतपुरम से बेंगलुरु जा रही इंडिगो की एक उड़ान से एक पक्षी टकराने के बाद बेंगलुरु जाने वाली एक उड़ान रद्द कर दी गई।

जानें बर्ड हिट के बारे में

विमानों से पक्षियों के टकराने के मामले लगातार सामने आते रहते हैं। जब कोई विमान किसी पक्षी से टकराता है तो इस घटना को बर्ड हिट या बर्ड स्ट्राइक का नाम दिया जाता है। दुनियाभर में बर्ड हिट की सैकड़ों घटनाएं देखने को मिल चुकी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पक्षियों के टक्कर से विश्व भर में 250 से ज्यादा विमान नष्ट हो चुके हैं। बीते साल दिसंबर महीने दक्षिण कोरिया में बर्ड हिट का मामला सामने आया था। इस कारण विमान में सवार 124 लोगों की जान चली गई थी।

विमान को क्या नुकसान होता है?

आम तौर पर विमान से पक्षियों के टकराने की घटनाएं एयरपोर्ट के आसपास होती है जब विमान लैंडिंग करने वाला होता है या उड़ान भरने वाला होता है। ऐसे समय में विमान कम ऊंचाई पर होता है, लिहाजा पक्षी आकर अक्सर उससे टकरा जाते हैं। कई बार पक्षियों के टक्कर से विमान को कुछ नहीं होता लेकिन क बार ये घातक भी हो जाता है। पक्षी के टकराने से विमान का इंजन अचानक बंद हो सकता है। कई बार इंजन पूरी तरह फेल हो सकता और उसमें आग तक लग सकती है। पक्षियों की टक्कर से विमान के पंखे का ब्लेड क्षतिग्रस्त होने का डर होता है। इससे इंजन फेल होने या उसमें आग लगने की घटना होने की संभावना रहती है।