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Health Tips:गन्ने का जूस इन लोगों के लिए जहर! बढ़ सकता है गंभीर बीमारियों का खतरा

 गन्ने का रस सबसे ज्यादा पिया जाता है और यह एक प्राकृतिक पेय है, जिसका स्वाद दुनिया भर में अपने ताजगी और कई स्वास्थ्य लाभों के लिए लिया जाता है। गन्ने के जूस में आयरन, कैल्शियम, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट जैसे ज़रूरी पोषक तत्वों से भरपूर होता है।  इसे अक्सर ऊर्जा बढ़ाने वाले और डिहाइड्रेशन के लिए एक प्राकृतिक उपचार के रूप में सेवन किया जाता है। हालांकि, इसके कई फायदों के बावजूद, गन्ने के रस के अत्यधिक सेवन से कुछ साइड इफेक्ट हो सकते हैं। इनमें ज़्यादा चीनी की मात्रा शामिल हो सकती है जिससे ब्लड शुगर लेवल में वृद्धि, पाचन संबंधी समस्याएं और अगर स्वच्छता से जूस तैयार न किया जाए तो संभावित डायरिया के जोखिम हो सकते हैं। आइए आपको बताते हैं अत्यधिक गन्ने का जूस सेवन करने से क्या होता है?

इन लोगों को नहीं पीना चाहिए गन्ने का रस

मोटापा

 गन्ने के जूस में कैलोरी सबसे अधिक होती है और शर्करा की मात्रा भी सबसे अधिक होती है, जिस वजह से व्यक्ति के लिए मोटापा का खतरा बढ़ जाता है। कई शोध मे पता चला है कि गन्ने क जूस में लगभग 270 कैलोरी और लगभग 100 ग्राम चीनी की मात्रा होती है। इसके नियमित सेवन से मोटापा का खतरा बढ़ जाता है।

डायबिटीज 

गन्ने के जूस पीने से डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। गन्ने के रस में प्राकृतिक रुप से अधिक मात्रा में चीनी होती है, जिससे ब्लड शुगर लेवल तेजी बढ़ जाता है।

 कोलेस्ट्राल

यदि आपका कोलेस्ट्राल बढ़ गया है, तो गन्ने का रस का सेवन ना करें। इसके नियमित सेवन से बैड कोलेस्ट्राल अधिक मात्रा में बढ़ गया है। अधिक चीनी के सेवन करने से लीवर को एलडीएल कोलेस्ट्राल (बैड कोलेस्ट्राल) बनने लगता है, जिससे एचडीएल कोलेस्ट्राल (गुड कोलेस्ट्राल) कम हो जाता है।

अनिद्रा की शिकायत

 अगर आप स्ट्रेस या अनिद्रा की समस्या से जूझ रहे हैं, तो आप गन्ने का जूस का सेवन ना करें। गन्ने के रस में पाया जाने वाला पोलीकोसैनॉल नींद ना आने कारण हो सकता है। जिससे व्यक्ति की अनिद्रा की समस्या बढ़ जाती है।

दांतों में कैविटी

अधिक गन्ने का जूस पीने से दांतो में कैविटी की समस्या उत्पन्न हो सकती है। गन्ने की मिठास की वजह से कैविटी की समस्या और बढ़ जाएगी।

Beetroot Nutrition Benefits : भुनी हुई चुकंदर दिल की सेहत सुधारने के साथ पाचन भी बनाती है बेहतर, डाइट में जरूर करें शामिल

चुकंदर एक बेहद पौष्टिक सब्जी है, जिसको आप डाइट में कई तरह से शामिल कर सकते हैं। हालांकि आमतौर पर लोग चुकंदर का सेवन सलाद के तौर पर करते हैं। तो वहीं कुछ लोग चुकंदर का जूस भी पीते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर आप चुकंदर को भूनकर खाते हैं, तो इसके आपको बहुत फायदे मिलते हैं। चुकंदर को भूनकर खाने से दिल की सेहत के साथ पाचन भी अच्छा रहता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको भुने हुए चुकंदर खाने के कुछ जबरदस्त फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं।

भुने हुए चुकंदर खाने के लाभ

बता दें कि चुकंदर नाइट्रेट का एक बढ़िया स्त्रोत है। यह ब्लड प्रेशर को कम करने के लिए भी जाना जाता है। इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और यह दिल के रोगों के खतरे को भी कम करता है।

चुकंदर खाने से आयरन की कमी दूर होती है। इसको खाने से खून साफ होता है और यह रेड ब्लड सेल्स का निर्माण करता है। वहीं एनीमिया के मरीज भी चुकंदर का सेवन कर सकते हैं।

चुकंदर पाचन तंत्र के लिए भी काफी फायदेमंद होता है। क्योंकि इसमें फाइबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। यह गैस और कब्ज की समस्या को भी दूर करता है।

इसमें विटामिन सी और बीटा लेंस पाया जाता है और यह फ्री रेडिकल्स का भी काम करता है और यह स्किन को जवां बनाए रखने में मदद मिलती है।

वहीं भुने हुए चुकंदर खाने से इम्यूनिटी मजबूत होती है और विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट और जिंक पाया जाता है।

चुकंदर खाने से मैग्नीशियम और कैल्शयम भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जोकि हड्डियों को फायदा पहुंचाता है। साथ ही यह वेट लॉस में भी मददगार हो सकता है। क्योंकि इसमें कैलोरी की मात्रा कम और फाइबर ज्यादा पाया जाता है। साथ ही यह शरीर को डिटॉक्स करने में भी सहायता करता है।

योगी सरकार के 8 वर्ष पूर्ण: सरोजनीनगर में भव्य कार्यक्रम आयोजित, विधायक ने लाभार्थियों को सौंपी प्रधानमंत्री आवास योजना की चाबी, विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह बोले – “सरोजनीनगर को 32 हजार करोड़ की योजनाएँ मिलीं, यह विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है”

योगी सरकार के 8 वर्ष पूर्ण: सरोजनीनगर में भव्य कार्यक्रम आयोजित, विधायक ने लाभार्थियों को सौंपी प्रधानमंत्री आवास योजना की चाबी, विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह बोले - “सरोजनीनगर को 32 हजार करोड़ की योजनाएँ मिलीं, यह विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है”
योगी सरकार के 8 वर्ष पूर्ण: सरोजनीनगर में भव्य कार्यक्रम आयोजित, विधायक ने लाभार्थियों को सौंपी प्रधानमंत्री आवास योजना की चाबी, विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह बोले - “सरोजनीनगर को 32 हजार करोड़ की योजनाएँ मिलीं, यह विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है”
योगी सरकार के 8 वर्ष पूर्ण: सरोजनीनगर में भव्य कार्यक्रम आयोजित, विधायक ने लाभार्थियों को सौंपी प्रधानमंत्री आवास योजना की चाबी, विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह बोले - “सरोजनीनगर को 32 हजार करोड़ की योजनाएँ मिलीं, यह विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है”
  • सरोजनीनगर ब्लॉक में योगी सरकार के 8 वर्ष पूर्ण होने पर भव्य कार्यक्रम आयोजित, जिसमें मुख्य अतिथि विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने भाग लिया।
  • प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थियों को नए घरों की चाबी सौंपी गई, जिससे गरीब परिवारों को पक्के मकान का सपना साकार हुआ।
  • सरोजनीनगर में 32,236 करोड़ रुपये की लागत से 4,118 विकास परियोजनाएँ स्वीकृत, जिनमें सड़क, स्वास्थ्य, जल आपूर्ति और औद्योगिक परियोजनाएँ शामिल हैं।
  • सीएसआर फंड से तारा शक्ति केंद्र, डिजिटल शिक्षा केंद्र, ओपन एयर जिम सहित कई लोक-हितकारी योजनाएँ संचालित, जिससे युवाओं और महिलाओं को लाभ मिल रहा है।
  • कार्यक्रम में भाजपा पदाधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी और क्षेत्रीय नेता मौजूद, जिन्होंने सरकार की उपलब्धियों की सराहना की और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की।

लखनऊ, 26 मार्च 2025 – उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार के सफलतापूर्वक आठ वर्ष पूरे होने के अवसर पर सरोजनीनगर ब्लॉक में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बीते आठ वर्षों में प्रदेश में विकास, कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचनाओं के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह समय प्रदेशवासियों के लिए गर्व का क्षण है क्योंकि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने स्पष्ट नीति और साफ नीयत के साथ सेवा, सुशासन और जनकल्याण के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।

प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को मिली चाबी

कार्यक्रम के दौरान विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को उनके नए घर की चाबी सौंपी। इनमें ग्रामसभा कुरौनी निवासी राजेश्वरी और ग्रामसभा भदोई निवासी विपिन वर्मा शामिल थे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि गरीबों को अपना पक्का घर देने के संकल्प के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार लगातार कार्य कर रही है। सरोजनीनगर क्षेत्र में भी इस योजना के तहत हजारों गरीब परिवारों को आवास प्रदान किए जा चुके हैं।

सरोजनीनगर को 32 हजार करोड़ की विकास परियोजनाएँ मिलीं

विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि बीते तीन वर्षों में सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र में कुल 4,118 परियोजनाएँ स्वीकृत हुई हैं, जिन पर 32,236 करोड़ रुपये की धनराशि व्यय की जा रही है।

उन्होंने बताया कि विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा सरोजनीनगर में 30,436 करोड़ रुपये की लागत से 385 कार्य संपन्न कराए जा रहे हैं। इनमें बुनियादी ढांचे से लेकर औद्योगिक विकास तक की अनेक योजनाएँ शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि सरोजनीनगर में दस हजार करोड़ रुपये की लागत से चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का विस्तार किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा अशोक लीलैंड द्वारा दस हजार करोड़ रुपये की लागत से ईवी मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की स्थापना की जा रही है, जिससे क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

सरोजनीनगर में हो रहे प्रमुख विकास कार्य

विधायक ने बताया कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार के सहयोग से सरोजनीनगर में कई मेगा प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।

प्रमुख परियोजनाएँ:

  • राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा 6,600 करोड़ रुपये की लागत से सड़क निर्माण कार्य।
  • आवास विकास परिषद द्वारा 1,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएँ।
  • स्वास्थ्य विभाग द्वारा 557 करोड़ रुपये की लागत से अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण।
  • लोक निर्माण विभाग द्वारा 494 करोड़ रुपये की लागत से नई सड़कों और पुलों का निर्माण।
  • जल निगम ग्रामीण द्वारा 473 करोड़ रुपये और जल निगम शहरी द्वारा 444 करोड़ रुपये की लागत से पेयजल आपूर्ति परियोजनाएँ।
  • आवास एवं शहरी नियोजन विभाग द्वारा 425 करोड़ रुपये के निर्माण कार्य।

उद्योग और बुनियादी ढांचे का विस्तार

सरोजनीनगर में औद्योगिक और बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इसमें फॉरेंसिक लैब, नौसेना युद्ध संग्रहालय, डीआरडीओ लैब, डिफेंस कॉरिडोर, लिंक एक्सप्रेसवे, एआई सिटी, जिला मोहम्मदी ड्रेन की रीमॉडलिंग, शूटिंग रेंज, स्टेट कैपिटल रीजन, एयरो सिटी जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएँ शामिल हैं।

इसके अलावा, सरोजनीनगर में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए नींवा में आईटीआई, जैतीखेड़ा में एनसीडीसी सेंटर और चकौली में फॉरेन लैंग्वेज यूनिवर्सिटी की स्थापना की जा रही है।

सीएसआर फंड से संचालित योजनाएँ

विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि सरोजनीनगर क्षेत्र में युवाओं, महिलाओं, वृद्धजनों, बच्चों और दिव्यांगों के उत्थान के लिए विभिन्न सामाजिक कल्याण योजनाएँ भी चलाई जा रही हैं।

इन योजनाओं में तारा शक्ति केंद्र, तारा शक्ति निःशुल्क रसोई, डिजिटल शिक्षा एवं सशक्तिकरण केंद्र, मेधावियों का सम्मान, दिव्यांग सशक्तिकरण योजना, राम रथ श्रवण अयोध्या यात्रा, डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना, परिषदीय स्कूलों में झूले, ओपन एयर जिम जैसे अनेक लोक-हितकारी कार्य शामिल हैं।

सरोजनीनगर में भाजपा सरकार की विकास यात्रा

विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने बताया कि 10 मार्च को सरोजनीनगर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन के साथ एक भव्य विकास प्रदर्शनी एवं आभार समारोह का आयोजन किया गया था, जिसमें क्षेत्र की विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया था।

उन्होंने कहा कि सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र को उत्तर प्रदेश का सबसे विकसित और आत्मनिर्भर क्षेत्र बनाना उनका संकल्प है और आने वाले वर्षों में इसे और भी ऊँचाइयों तक पहुँचाया जाएगा।

कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति

इस भव्य कार्यक्रम में भाजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, क्षेत्रीय नेता और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में ब्लाक प्रमुख सुनील कुमार, उपजिलाधिकारी सचिन वर्मा, बीडीओ शैलेन्द्र प्रकाश, भाजपा नेता राजेश सिंह चौहान, शंकरी सिंह, जिला उपाध्यक्ष अरविंद यादव, मंडल अध्यक्ष विवेक राजपूत, शिव बक्श सिंह, मोहित तिवारी, भुवनेंद्र सिंह ‘मुन्ना’, एडीओ ग्राम विकास दीपक चौधरी, एडीओ समाज कल्याण एस.के. वर्मा, एडीओ पंचायत कौशल कुमार जी, एडीओ कोऑपरेटिव चन्दन वर्मा जी, संचालक अखिलेश सिंह जी समेत अन्य पदाधिकारी, ग्राम प्रधान एवं क्षेत्रवासी मौजूद रहे।

सरोजनीनगर में योगी सरकार के आठ वर्षों की उपलब्धियाँ स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हैं। बड़ी-बड़ी परियोजनाओं, आधारभूत संरचनाओं के विस्तार, रोजगार सृजन और जनकल्याण योजनाओं के माध्यम से यह क्षेत्र उत्तर प्रदेश के सबसे तेजी से विकसित होने वाले क्षेत्रों में शामिल हो चुका है।

विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह के नेतृत्व में सरोजनीनगर लगातार नई ऊँचाइयों की ओर बढ़ रहा है और आने वाले समय में यह क्षेत्र राज्य के विकास मॉडल के रूप में पहचाना जाएगा।

“पहले यहूदियों ने, फिर इजरायली सेना ने करा हमला,” ऑस्कर विजेता डायरेक्टर के गंभीर आरोप

ऑस्कर विजेता डॉक्यूमेंट्री “नो अदर लैंड” के फिलिस्तीनी सह-निर्देशक हमदान बल्लाल पर इजरायल के कब्जे वाले वेस्ट बैंक में हमला हुआ। इसके बाद इजरायली सेना ने हमदान बल्लाल और दो अन्य नागरिकों को सोमवार को हिरासत में ले लिया, जिन्हें मंगलवार को रिहा किया गया। यह घटना वेस्ट बैंक के किरयात अरबा बस्ती के पास सुसिया गांव में हुई थी, जहां इजरायली बस्ती के कुछ निवासियों ने बल्लाल और उनके साथी फलस्तीनी नागरिकों पर हमला किया। फिल्म निर्माता बल्लाल ने बताया कि हमले के दौरान उनके सिर पर फुटबॉल की तरह लात मारी गई।

“एयर कंडीशनर के नीचे जमीन पर बैठाया”

बल्लाल ने बताया कि इजरायली सैनिकों ने उन्हें 20 घंटे से ज्यादा समय तक आंखों पर पट्टी बांधकर रखा और उन्हें तेज एयर कंडीशनर के नीचे जमीन पर बैठाया गया। उन्होंने बताया कि जब भी सैनिक अपनी गार्ड शिफ्ट पर आते थे तो वे उन्हें लात मारते, घूंसे मारते या डंडे से मारते थे। बल्लाल हिब्रू नहीं बोलते, लेकिन उन्होंने उन्हें अपना नाम और “ऑस्कर” शब्द कहते हुए सुना। मंगलवार को रिहा होने के बाद वेस्ट बैंक के एक अस्पताल में दिए गए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया, “मुझे एहसास हुआ कि वे मुझ पर खास तौर पर हमला कर रहे थे।”

इजरायली सेना ने जारी किया बयान

इजरायली सेना ने बयान जारी करते हुए कहा कि उसने पथराव करने के संदेह में तीन फलस्तीनी नागरिकों को हिरासत में लिया, जबकि एक इजरायली नागरिक को हिंसक टकराव के कारण गिरफ्तार किया गया था। सेना ने यह भी बताया कि उन्होंने इन गिरफ्तारियों के बाद पूछताछ के लिए इन्हें इजरायली पुलिस के पास सौंप दिया और एक इजरायली नागरिक को चिकित्सा उपचार के लिए क्षेत्र से निकाला।

फिल्म ‘नो अदर लैंड’ पर विवाद

ऑस्कर विजेता फिल्म ‘नो अदर लैंड’ में मसाफर याट्टा इलाके के निवासियों द्वारा इजरायली सेना से अपने गांवों को ध्वस्त करने से रोकने के संघर्ष को दर्शाया गया है। यह फिल्म इजरायली और फलस्तीनी दोनों ही समुदायों के बीच बढ़ते तनाव और संघर्ष को उजागर करती है। हमदान बल्लाल एवं बासेल आद्रा ने इस फिल्म का निर्माण इजराइली निर्देशक युवल अब्राहम और रेचल सोर के साथ मिलकर किया है। यह फिल्म 2024 में बर्लिन अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव से लेकर अन्य कई अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों को जीत चुकी है। इसके बाद इजरायल और अन्य देशों में इस पर नाराजगी जताई गई है।

बासेल आद्रा ने घटना के बारे में बताया

अद्रा ने बताया कि सोमवार शाम को रमजान के दौरान, जब गांव के लोग रोजा खोल रहे थे, इजरायली बस्तीवासी गांव में घुस आए थे। उन्होंने बताया कि एक बस्तीवासी, जो पहले भी गांव पर हमला कर चुका था, सैनिकों के साथ बल्लाल के घर आया और सैनिकों ने हवा में गोली चलाई। अद्रा ने बताया कि उन्होंने बल्लाल को अपनी पत्नी और बच्चों के सामने पीटे जाने के बाद देखा। फिर सैनिकों को उन्हें हथकड़ी और आंखों पर पट्टी बांधकर सैन्य वाहन में ले जाते हुए देखा।

“अमेरिका के बराबर नहीं, बल्कि उससे बेहतर होगा भारत का सड़क नेटवर्क,” गडकरी बोले – बस दो साल इंतजार करें

केंद्रीय सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अगले दो वर्षों में भारत का सड़क नेटवर्क अमेरिका से बेहतर हो जाएगा। उन्होंने कहा, मुझे नहीं लगता कि सड़क क्षेत्र में कोई समस्या है। इस साल और अगले साल होने वाले बदलाव इतने महत्वपूर्ण होंगे कि पहले मैं कहता था कि हमारा हाईवे नेटवर्क अमेरिका के बराबर होगा, लेकिन अब मैं कहता हूं कि अगले दो वर्षों में हमारा हाईवे नेटवर्क अमेरिका से भी बेहतर होगा।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत अगले पांच वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) को अपनाने और निर्माण में अमेरिका को पछाड़ देगा। मंत्री ने मंत्रालय की योजनाओं पर भी बात की और बताया कि दिल्ली, देहरादून, जयपुर और बेंगलुरु जैसे शहरों के बीच यात्रा समय में भारी कमी आएगी।

“गुणवत्ता को प्राथमिकता देते हैं परिवहन निर्माता”

जब उनसे टेस्ला के भारत में प्रवेश के बारे में पूछा गया, तो नितिन गडकरी ने कहा, “यह एक खुला बाजार है, जो भी सक्षम है वो आए, उत्पादन करें और कीमतों में प्रतिस्पर्धा करे।” उन्होंने यह भी कहा कि देश में परिवहन निर्माता गुणवत्ता को प्राथमिकता देते हैं, न कि लागत को। उन्हें पूरा यकीन है कि वाहन निर्माता अच्छे वाहन बनाएंगे और प्रतिस्पर्धी मूल्य पर उन्हें पेश करेंगे।

नितिन गडकरी ने यह भी दोहराया कि वह लॉजिस्टिक्स लागत को घटाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और यह लागत एकल अंकों में जाएगी, जिससे भारत को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती मिलेगी। वर्तमान में देश की लॉजिस्टिक्स लागत लगभग 14-16 प्रतिशत है। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने हर दिन 60 किलोमीटर सड़क निर्माण का लक्ष्य तय किया है।

“लिथियम-आयन बैटरियों की कीमतों में गिरावट”

नितिन गडकरी ने कहा कि वाहन स्क्रैपिंग नीति के लागू होने से ऑटो कंपोनेंट की कीमतों में 30 प्रतिशत तक कमी हो सकती है, जिससे वाहनों की कीमतें घटेंगी और उपभोक्ताओं को लाभ होगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार शहरों और हाईवेज पर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए कई कदम उठा रही है, जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग बढ़ेगी।

गडकरी ने कहा, “हमने स्क्रैपिंग नीति लाई है, जिसके कारण ऑटो कंपोनेंट की कीमतों में 30 प्रतिशत की कमी होगी।” उन्होंने बताया कि लिथियम-आयन बैटरियों की कीमतों में भी भारत में गिरावट आई है। अडानी समूह और टाटा जैसी बड़ी कंपनियां अब भारत में लिथियम-आयन बैटरियों का बड़े पैमाने पर उत्पादन करने जा रही हैं। बता दें कि लिथियम-आयन बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

गडकरी ने यह भी खुलासा किया कि जम्मू और कश्मीर में लिथियम के बड़े भंडार पाए गए हैं, जो दुनिया के कुल लिथियम भंडार का 6 प्रतिशत हैं और इनसे लाखों लिथियम-आयन बैटरियों का उत्पादन किया जा सकता है। उन्होंने भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग की भी सराहना की, जो वर्तमान में स्वस्थ गति से बढ़ रहा है और यह अब जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा उद्योग बन गया है।