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लेटेस्ट स्पोर्ट्स न्यूज़ :गुजरात टाइटंस की जीत का सबसे बड़ा हीरो यही रहा, शुभमन गिल ने तो मैच रोमांचक बना दिया था।

गुजरात टाइटंस ने आईपीएल 2025 का अपना दूसरा मैच भी जीत लिया है। टीम को इस सीजन पहले मैच में हार मिली थी, लेकिन इसके बाद टीम ने बैक टू बैक दो मैच जीतकर स्थिति को संभाल लिया है। वैसे अगर गुजरात टाइटंस की इस जीत के हीरो की बात की जाए तो वो कप्तान शुभमन गिल नहीं हैं। एक छोटे स्कोर का पीछा करने उतरी जब जीटी की टीम उतरी तो कप्तान शुभमन गिल को जल्दी ही आउट हो गए। उस वक्त लगा कि मैच फंस सकता है, लेकिन नंबर तीन पर बल्लेबाजी के लिए उतरे जॉस बटलर ने कमाल की बल्लेबाजी कर मैच को अपने नाम कर लिया।

आरसीबी की टीम 20 ओवर में बना सकी केवल 169 रन

मैच में पहले बल्लेबाजी करने उतरी आरसीबी की टीम बड़ा स्कोर नहीं कर पाई। टीम 20 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 169 रन ही कर पाई। वो तो भला हो लियाम लिविंगस्टेन और टिम डेविड का, जिन्होंने अपनी टीम को यहां तक पहुंचाया, नहीं तो एक वक्त तो 150 रन भी भारी लग रहे थे। लियाम लिविगस्टेन ने 40 बॉल पर 52 रनों की शानदार पारी खेली, वहीं टिम डेविड ने केवल 18 बॉल पर 32 रन ठोक दिए। जितेश शर्मा ने भी 21 बॉल पर 33 रन बनाए।

शुभमन गिल जल्दी हो गए आउट

इसके बाद जब गुजरात टाइटंस की टीम बल्लेबाजी के लिए उतरी तो पहला विकेट केवल 32 रन ही पर गिर गया। जब कप्तान और सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल भुवनेश्वर कुमार का​ शिकार बने। उन्होंने 14 बॉल पर केवल 14 रन ही बनाए। इसके बाद तीसरे नंबर पर आए जॉस बटलर ने कमाल किया। पहले उन्होंने साई सुदर्शन के साथ टीम को जीत की राह पर ले जाने का काम किया और इसके बाद रदरफोर्ट के साथ जीत दिला दी। जॉस बटलर ने 39 बॉल पर 73 रनों की बेहतरीन पारी खेली। उनकी पारी के दौरान छह छक्के और 5 चौके आए। एक वक्त मैच फंसा हुआ सा लग रहा था, लेकिन जॉस बटलर ने आरसीबी को जीत के करीब नहीं आने दिया।

जॉस बटलर अब तक तीन मैचों में लगा चुके हैं दो अर्धशतक

जॉस बटलर इससे पहले तक ​राजस्थान रॉयल्स के साथ खेल रहे थे, लेकिन टीम ने पता नहीं क्यों उन्हें रिलीज कर दिया। इसके बाद नीलामी के दौरान जीटी ने उन्हें 15.75 करोड़ में अपने पाले में कर लिया। उन्होंने इस सीजन के पहले मैच में पंजाब के खिलाफ 54 रनों की शानदार पारी खेली थी, लेकिन इसके बाद भी टीम हार गई। इसके बाद दूसरे मैच में मुंबई इंडियंस के खिलाफ उन्होंने 39 रन बनाए और टीम जीत गई। आने वाले दिनों में टीम कैसा प्रदर्शन करेगी, ये काफी कुछ जॉस बटलर पर भी निर्भर करेगा।

दीर अल बलाह:इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू का बड़ा फैसला, गाजा में नया सुरक्षा गलियारा बनाने की घोषणा।

 इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बुधवार को बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि इजरायल गाजा में एक नया सुरक्षा गलियारा स्थापित कर रहा है। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है, जब आज इजरायली सेना ने गाजा में जमीनी और हवाई हमले में करीब 32 फिलिस्तीनियों को मार कर ढेर कर दिया है। इसके साथ ही इजरायल ने अब गाजा पर कब्जा करने का इरादा जताया है।

पीएम नेतन्याहू ने एक बयान में इसे मोराग गलियारा बताया। राफा और खान यूनिस के बीच स्थित एक यहूदी बस्ती के नाम पर यह गलियारा होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों दक्षिणी शहरों के बीच यह गलियारा बनाया जाएगा। इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने कहा है कि गाजा पट्टी में ‘बड़े क्षेत्रों’ पर कब्जा करने के उद्देश्य से इजरायल  अपने सैन्य अभियान का विस्तार कर रहा है। नेतन्याहू ने कहा है कि इजराइल का लक्ष्य हमास को कुचलने के अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के बाद गाजा पट्टी पर खुला, लेकिन अनिर्दिष्ट सुरक्षा नियंत्रण बनाए रखना है।

कराची: पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी कोरोना संक्रमित, रिपोर्ट आने के बाद हड़कंप

 पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए हैं और अभी वह पृथक-वास में हैं। उनके डॉक्टर ने बुधवार को यह जानकारी दी। जरदारी (69) को सांस संबंधी समस्या और बुखार की शिकायत के बाद मंगलवार को हवाई मार्ग से नवाबशाह से कराची लाया गया और एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। राष्ट्रपति के डॉक्टर डॉ.असीम हुसैन ने मीडिया को बताया कि जरदारी कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘कई परीक्षणों के बाद इसकी पुष्टि हुई और अब उन्हें पृथक-वास में रखा गया है तथा उनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जा रही है।’’ हुसैन ने कहा, ‘‘विशेषज्ञों की एक टीम राष्ट्रपति की देखभाल कर रही है और उनकी हालत में सुधार हो रहा है।’’ स्थानीय मीडिया की खबर के अनुसार, जरदारी सोमवार को ईद की नमाज अदा करने के लिए नवाबशाह गए थे और इससे पहले रविवार को उन्होंने अपनी पार्टी के नेताओं के साथ बैठक की थी। हाल के वर्षों में जरदारी को स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं का सामना करना पड़ा है।

2 साल पहले भी हुए थे कोरोना से संक्रमित

जुलाई 2022 में वह कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए थे, हालांकि उस समय उन्हें केवल ‘‘हल्के लक्षण’’ ही महसूस हुए थे। अक्टूबर 2024 में, विमान से उतरते समय उनके पैर में मोच आ गई थी और उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सा जांच के बाद, उनके पैर में प्लास्टर लगाया गया। मार्च 2023 में जरदारी की संयुक्त अरब अमीरात में आंख की सर्जरी हुई थी। पाकिस्तान की सरकारी समाचार एजेंसी ‘एसोसिएटेड प्रेस ऑफ पाकिस्तान’ (एपीपी) के मुताबिक, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने टेलीफोन पर राष्ट्रपति जरदारी के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

येरूशलम:गाजा पर कब्जे के मकसद से दाखिल हुई इजरायली सेना का भीषण हमला, 12 बच्चों समेत 43 लोगों की मौत।

 गाजा पट्टी में ‘बड़े क्षेत्रों’ पर कब्जा करने के लिए घुसी इजरायली सेना ने बड़ा हमला किया है। इस हमले में 32 फिलिस्तीनियों की मौत हो गई है। जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। बता दें कि इजरायल अपने सैन्य अभियान का विस्तार कर रहा है। रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने बुधवार को यह जानकारी दी। इस बीच, गाजा पट्टी में अधिकारियों ने बताया कि इजराइल की ओर से मंगलवार को पूरी रात और बुधवार तड़के किए गए हवाई हमलों में कम से कम 43 फलस्तीनी मारे गए, जिनमें लगभग एक दर्जन बच्चे शामिल हैं।

काट्ज ने बुधवार को एक लिखित बयान में कहा कि इजराइल ‘‘उग्रवादियों और उग्रवाद के बुनियादी ढांचे को कुचलने’’ तथा ‘‘फलस्तीनी क्षेत्र के बड़े हिस्से पर कब्जा करके उन्हें इजराइल के सुरक्षा क्षेत्रों से जोड़ने’’ के लिए गाजा पट्टी में अपने सैन्य अभियान का विस्तार कर रहा है। इजराइल सरकार ने सीमा पर अपनी सुरक्षा बाड़ के उस पार गाजा में लंबे समय से एक ‘बफर जोन’ बनाए रखा है और 2023 में हमास के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से इसका बड़े पैमाने पर विस्तार किया है। इजराइल का कहना है कि ‘बफर जोन’ उसकी सुरक्षा के लिए जरूरी है, जबकि फलस्तीनी इसे भूमि हड़पने की कवायद मानते हैं, जिससे पहले ही छोटे तटीय क्षेत्र (गाजा पट्टी) का दायरा और सिकुड़ जाता है।

20 लाख से ज्यादा है गाजा की आबादी

गाजा पट्टी की आबादी लगभग 20 लाख है। काट्ज ने बयान में यह स्पष्ट नहीं किया कि सैन्य अभियान के विस्तार के दौरान गाजा के किन क्षेत्रों पर कब्जा किया जाएगा। उनका यह बयान तब आया, जब इजराइल ने दक्षिणी शहर राफा और आस-पास के इलाकों को पूरी तरह से खाली करने का आदेश दिया। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि इजराइल का लक्ष्य हमास को कुचलने के अपने लक्ष्य को हासिल करने के बाद गाजा पट्टी पर खुला, लेकिन अनिर्दिष्ट सुरक्षा नियंत्रण बनाए रखना है। काट्ज ने गाजा पट्टी के निवासियों से ‘‘हमास को खदेड़ने और सभी बंधकों को रिहा करने’’ का आह्वान किया। उन्होंने कहा, ‘‘युद्ध समाप्त करने का यही एकमात्र तरीका है।’’

हमास के कब्जे में हैं इजरायली बंधक

खबरों के मुताबिक, इजराइल के 59 बंधक अभी भी हमास के कब्जे में हैं, जिनमें से 24 के जीवित होने का अनुमान है। चरमपंथी समूह युद्धविराम समझौते और अन्य समझौतों के तहत कई इजराइली बंधकों को रिहा भी कर चुका है। गाजा पट्टी पर इजराइल के हवाई हमले लगातार जारी हैं। मंगलवार को खान यूनिस में रात भर हुए हमलों में 17 लोगों की मौत हो गई। वहीं, बुधवार को इजराइल ने गाजा पट्टी के उत्तरी क्षेत्र को निशाना बनाया, जिसमें 15 लोग मारे गए। नासिर अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि खान यूनिस में इजराइली हमलों में जान गंवाने वाले 12 लोगों के शव लाए गए, जिनमें पांच महिलाएं और दो बच्चे शामिल हैं। मृतक महिलाओं में से एक गर्भवती थी। गाजा यूरोपियन हॉस्पिटल के अधिकारियों ने पांच शव लाए जाने की जानकारी दी।

खत्म होगा भूभक्षक वक्फ का रक्तबीज, पारदर्शिता की नई सुबह – डॉ. राजेश्वर सिंह

खत्म होगा भूभक्षक वक्फ का रक्तबीज, पारदर्शिता की नई सुबह - डॉ. राजेश्वर सिंह
खत्म होगा भूभक्षक वक्फ का रक्तबीज, पारदर्शिता की नई सुबह - डॉ. राजेश्वर सिंह
खत्म होगा भूभक्षक वक्फ का रक्तबीज, पारदर्शिता की नई सुबह - डॉ. राजेश्वर सिंह
  • सपा के समर्थन से कांग्रेस ने खड़ा किया था वक्फ रुपी अतिक्रमणकारी, अनियंत्रित तानाशाह – डॉ. राजेश्वर सिंह
  • ‘वक्फ बोर्ड अधिनियम -1995’ देश के अन्दर ही एक और ‘पकिस्तान’ बनाने की कांग्रेसी रणनीति – डॉ. राजेश्वर सिंह
  • वक्फ बोर्ड संशोधन बिल – एक ऐतिहासिक कदम की ओर मोदी सरकार – डॉ. राजेश्वर सिंह
  • वक्फ बोर्ड की तानाशाही पर लगाम, समावेशी भविष्य हो रही शुरुआत – डॉ. राजेश्वर सिंह

लखनऊ: बुधवार को संसद में वक्फ संशोधन बिल पेश हुआ। लोक सभा में जारी चर्चा के बीच सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने इस पहल को ऐतिहासिक बताते हुए कहा यह अधिनियम कांग्रेस और उसके सहयोगियों द्वारा बनाए गए तुष्टिकरण के उस काले अध्याय को समाप्त करने का मार्ग प्रशस्त करेगा, जिसने वक्फ बोर्ड को एक अनियंत्रित तानाशाह और भूभक्षक के रूप में स्थापित कर दिया था। सरोजनी नगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने इसे “समाजवादी पार्टी के समर्थन से रचित वक्फ अधिनियम, 1995 की पराकाष्ठा” करार देते हुए कहा कि यह देश के भीतर एक “दूसरा पाकिस्तान” बनाने की साजिश थी, जो काफी हद तक सफल भी हुई।

विधायक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर चौंकाने वाले आंकड़े प्रस्तुत किए। विधायक ने लिखा वक्फ बोर्ड के पास आज 9.4 लाख एकड़ भूमि, 8.72 लाख अचल संपत्तियाँ, 16 हजार चल संपत्तियाँ और 1.2 लाख करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियाँ हैं। रेलवे और रक्षा मंत्रालय के बाद यह भारत की सबसे बड़ी भूमि नियंत्रक संस्था बन चुकी है। लेकिन अब समय बदलाव का है। यह संशोधन बिल वक्फ बोर्ड की असीमित शक्तियों पर लगाम लगाने, पारदर्शिता सुनिश्चित करने और संपत्ति विवादों को सुलझाने का एक सशक्त माध्यम बनेगा।

संशोधन बिल के प्रमुख बदलाव:

  1. पारदर्शिता की गारंटी: सभी वक्फ संपत्तियों का छह महीने के भीतर केंद्रीय पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य। CAG या सरकारी ऑडिटर द्वारा संपत्तियों की जाँच। जिला कलेक्टर को सर्वे का अधिकार, सरकारी संपत्तियों पर वक्फ का दावा खत्म। “वक्फ बाय यूजर” जैसे अस्पष्ट दावों पर रोक।
  2. विवादों का सरल समाधान: धारा 40 का खात्मा, जिसके तहत बोर्ड किसी भी संपत्ति को वक्फ घोषित कर सकता था। ट्रिब्यूनल के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देने का प्रावधान। सरकारी संपत्तियों को वक्फ से मुक्त करने की व्यवस्था।
  3. समावेशी संरचना: बोर्ड में दो महिला और दो गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति। शिया, सुन्नी, बोहरा, आगाखानी और पिछड़े मुस्लिम वर्गों का प्रतिनिधित्व। बोहरा और आगाखानी समुदायों के लिए अलग बोर्ड की संभावना।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने इसे “आधुनिक, पारदर्शी और समावेशी” बनाने वाला कदम बताते हुए कहा कि यह बिल वक्फ बोर्ड के दुरुपयोग को रोकेगा और समाज के हर वर्ग को न्याय दिलाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस पहल के लिए अभिनंदन दिया।

विधायक ने अंत में लिखा यह बिल न केवल एक कानूनी सुधार है, बल्कि दशकों से चली आ रही उस व्यवस्था का अंत है, जो अतिक्रमण और अनियंत्रित शक्ति का पर्याय बन चुकी थी। आज का दिन न सिर्फ वक्फ बोर्ड के सुधार का, बल्कि भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों की जीत का प्रतीक है।