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‘देऊल बंद 2’ की बॉक्स ऑफिस पर ताबड़तोड़ कमाई, क्या अब मिलेगा सुपर-डुपर हिट का टैग?

इस साल मराठी सिनेमा बॉक्स ऑफिस पर लगातार मजबूत प्रदर्शन करता दिखाई दे रहा है। इसी कड़ी में ‘देऊल बंद 2’ ने भी शानदार कमाई के साथ दर्शकों का ध्यान खींचा है। रिलीज के एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी फिल्म सिनेमाघरों में अपनी मौजूदगी बनाए हुए है।

स्नेहल तारडे और मनोज जोशी अभिनीत इस फिल्म ने लंबी थिएटर रन के दौरान लगातार दर्शकों को आकर्षित किया। प्रतिस्पर्धा के बावजूद फिल्म पांचवें हफ्ते तक टिकट खिड़की पर अच्छी पकड़ बनाए रखने में सफल रही।

उपलब्ध शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, रिलीज के 34वें दिन फिल्म ने करीब 18 लाख रुपये का कारोबार किया। इसके साथ फिल्म की कुल नेट कमाई लगभग 72 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गई, जबकि ग्रॉस कलेक्शन करीब 85 करोड़ रुपये के आसपास बताया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि फिल्म का निर्माण लगभग 10 करोड़ रुपये के बजट में हुआ था। ऐसे में अब तक की कमाई के आधार पर यह अपने निवेश की तुलना में कई गुना रिटर्न हासिल कर चुकी है और 600 प्रतिशत से ज्यादा मुनाफे की श्रेणी में पहुंच गई है।

हालांकि, बॉक्स ऑफिस वर्गीकरण के हिसाब से केवल ऊंचा मुनाफा ही काफी नहीं माना जाता। आमतौर पर ‘सुपर-डुपर हिट’ का दर्जा पाने के लिए किसी फिल्म को मजबूत रिटर्न के साथ 100 करोड़ रुपये के आसपास या उससे अधिक का घरेलू कारोबार भी करना पड़ता है।

मौजूदा रफ्तार को देखते हुए ‘देऊल बंद 2’ ने एक बड़ी सफल फिल्म के तौर पर अपनी जगह बना ली है, लेकिन 100 करोड़ का आंकड़ा छूना चुनौतीपूर्ण नजर आ रहा है। ऐसे में इसके सफर का अंत एक मजबूत ‘सुपर हिट’ फिल्म के रूप में होने की संभावना ज्यादा दिखाई देती है।

2036 ओलंपिक की मेजबानी पर कब लगेगी मुहर? भारत की उम्मीदों के बीच आया नया अपडेट

भारत 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी हासिल करने की दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है। इस बीच अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) ने मेजबान चयन प्रक्रिया को लेकर नई जानकारी साझा की है।

IOC के अनुसार, 2036 ओलंपिक की मेजबानी किस देश को मिलेगी, इस पर अंतिम निर्णय वर्ष 2029 के मध्य तक लिया जाएगा। यह फैसला संगठन की बैठक के दौरान तय किया गया, जहां भविष्य के आयोजनों के लिए नई चयन प्रक्रिया को मंजूरी दी गई।

नई व्यवस्था के तहत मेजबान चयन तीन चरणों में किया जाएगा। सबसे पहले इच्छुक देशों के साथ रणनीतिक स्तर पर बातचीत शुरू होगी, जिसकी शुरुआत 2027 से की जाएगी। इसके बाद चयन प्रक्रिया के अगले चरण में जाने वाले देशों को विस्तृत प्रश्नावली, वित्तीय गारंटी और आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत करनी होगी।

उम्मीदवार देशों को यह भी स्पष्ट करना होगा कि वे आयोजन की लागत कैसे नियंत्रित करेंगे, किस तरह के बुनियादी ढांचे का उपयोग करेंगे और परियोजनाओं की समयसीमा क्या होगी। इस प्रक्रिया का उद्देश्य चयन को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना बताया गया है।

इस समय 2028 ओलंपिक की मेजबानी अमेरिका के लॉस एंजेलिस और 2032 ओलंपिक की मेजबानी ऑस्ट्रेलिया के ब्रिसबेन को पहले ही दी जा चुकी है। अब 2036 संस्करण के लिए कई देशों के साथ भारत भी प्रमुख दावेदारों में शामिल माना जा रहा है।

भारत ने अपनी रुचि पहले ही औपचारिक रूप से दर्ज करा दी है। यदि देश को मेजबानी का अधिकार मिलता है, तो अहमदाबाद को संभावित मेजबान शहर के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि अंतिम निर्णय 2029 में पूरी चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

ब्राजीलियाई पत्रकार का बड़ा दावा, जिनेवा यात्रा के दौरान पाक सेना प्रमुख को निशाना बनाने की कथित योजना पर चर्चा

ब्राजील के पत्रकार और भू-राजनीतिक विश्लेषक पेपे एस्कोबार ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि स्विट्जरलैंड के जिनेवा में आयोजित एक उच्चस्तरीय कूटनीतिक बैठक के दौरान पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और उनके प्रतिनिधिमंडल को कथित रूप से निशाना बनाए जाने की आशंका जताई गई थी।

एस्कोबार के अनुसार, उन्हें मिली जानकारी के आधार पर पाकिस्तान की सैन्य खुफिया एजेंसियों को पहले से संभावित सुरक्षा खतरे के संकेत मिले थे। उन्होंने दावा किया कि यह कथित योजना इजरायल की खुफिया एजेंसी से जुड़ी हो सकती थी। हालांकि उन्होंने अपने दावों के समर्थन में सार्वजनिक रूप से कोई आधिकारिक दस्तावेज या स्वतंत्र प्रमाण पेश नहीं किया।

दूसरी ओर, पाकिस्तान के कुछ पत्रकारों और विश्लेषकों ने इस दावे को खारिज किया है और इसे अपुष्ट जानकारी बताया है। अब तक पाकिस्तान, इजरायल, स्विट्जरलैंड या किसी अंतरराष्ट्रीय एजेंसी की ओर से ऐसे किसी कथित षड्यंत्र की पुष्टि नहीं की गई है।

रिपोर्टों के अनुसार, क्षेत्रीय कूटनीति और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच पाकिस्तान कुछ अंतरराष्ट्रीय संवादों में मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है। इसी संदर्भ में कई राजनीतिक और रणनीतिक अटकलें भी सामने आती रही हैं।

इस बीच इजरायल और ईरान से जुड़े क्षेत्रीय तनाव तथा लेबनान की स्थिति को लेकर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा जारी है। हालांकि आसिम मुनीर से जुड़े कथित हत्या प्रयास के दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल उपलब्ध नहीं है।

ऐसे मामलों में आधिकारिक जांच, सरकारी बयान और सत्यापित सूचनाओं का इंतजार करना महत्वपूर्ण माना जाता है।

Travel Tips:कम बजट में विदेश घूमना चाहते हैं? वियतनाम की ये एडवेंचर एक्टिविटीज बना सकती हैं ट्रिप को खास

विदेश यात्रा का सपना कई लोग देखते हैं, लेकिन अक्सर बजट इसकी सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है। ऐसे में वियतनाम उन देशों में शामिल है जो कम खर्च में शानदार यात्रा अनुभव देने के लिए तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। खूबसूरत समुद्र तट, पहाड़ी नजारे और एडवेंचर एक्टिविटीज इसे यात्रियों के बीच खास बनाते हैं।

अगर आप वियतनाम घूमने का प्लान बना रहे हैं और रोमांच पसंद करते हैं, तो इन एक्टिविटीज को अपनी लिस्ट में शामिल कर सकते हैं।

कयाकिंग का अनुभव लें
वियतनाम का हा लॉन्ग बे पानी से जुड़ी एडवेंचर एक्टिविटीज के लिए काफी पसंद किया जाता है। यहां शांत पानी, चट्टानों और प्राकृतिक दृश्यों के बीच कयाकिंग का अलग अनुभव मिलता है। फोटो और वीडियो के लिए भी यह जगह काफी आकर्षक मानी जाती है।

स्कूबा डाइविंग करें
अगर आपको समुद्र और अंडरवॉटर दुनिया पसंद है, तो न्हा ट्रांग और फू क्वोक जैसे स्थान अच्छे विकल्प हो सकते हैं। यहां स्कूबा डाइविंग के दौरान समुद्री जीवन और रंगीन समुद्री दृश्य देखने का मौका मिलता है।

पैरासेलिंग से देखें शानदार नजारे
समुद्र के ऊपर उड़ते हुए आसपास के दृश्यों का आनंद लेना चाहते हैं तो पैरासेलिंग ट्राई की जा सकती है। वियतनाम के कई बीच इस एक्टिविटी के लिए लोकप्रिय हैं और यह एडवेंचर पसंद करने वालों को खास तौर पर आकर्षित करती है।

सैंड बोर्डिंग का मजा लें
मुई ने क्षेत्र सैंड बोर्डिंग के लिए जाना जाता है। यहां रेत के ढलानों पर बोर्ड के जरिए नीचे आने का अनुभव लिया जा सकता है। यह अपेक्षाकृत कम खर्च वाली और मजेदार एक्टिविटी मानी जाती है।

यात्रा के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

  • सभी सुरक्षा नियमों का पालन करें।
  • हेलमेट और सुरक्षा उपकरण जरूर पहनें।
  • केवल प्रशिक्षित गाइड या अधिकृत ऑपरेटर के साथ एक्टिविटी करें।
  • यदि दिल, सांस या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या से जुड़े हैं, तो पहले डॉक्टर की सलाह लें।

वियतनाम उन यात्रियों के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है जो सीमित बजट में घूमने के साथ एडवेंचर का अनुभव भी लेना चाहते हैं।

सिर्फ 6 करोड़ के बजट वाली मराठी फिल्म का बॉक्स ऑफिस पर कमाल, 5 दिन में वसूल की आधे से ज्यादा लागत

मराठी सिनेमा में इन दिनों कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं और इसी सूची में सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म ‘घबाडकुंड’ भी शामिल हो गई है। रिलीज के बाद से फिल्म को दर्शकों का सकारात्मक रिस्पॉन्स मिल रहा है और शुरुआती कलेक्शन ने इसकी चर्चा बढ़ा दी है।

फिल्म में संदीप पाठक, देवदत्त नागे, शशांक शेंडे और प्राजक्ता हनमघर जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आए हैं। लगभग 6 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने शुरुआती पांच दिनों में मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है।

उपलब्ध शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, फिल्म ने पहले दिन 42 लाख रुपये का कारोबार किया। दूसरे दिन कमाई में बढ़त दर्ज हुई और कलेक्शन 76 लाख रुपये तक पहुंच गया। तीसरे दिन फिल्म ने लगभग 1.25 करोड़ रुपये कमाए। चौथे दिन इसकी कमाई 49 लाख रुपये रही, जबकि पांचवें दिन करीब 43 लाख रुपये का कारोबार दर्ज किया गया।

इन आंकड़ों के आधार पर फिल्म का कुल नेट कलेक्शन लगभग 3.35 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। यानी रिलीज के केवल पांच दिनों के भीतर फिल्म अपनी लागत का करीब 56 प्रतिशत हिस्सा रिकवर करने में सफल रही है।

फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने का फायदा भी मिलता दिखाई दे रहा है। मजबूत वर्ड ऑफ माउथ के चलते आने वाले दिनों में इसके प्रदर्शन से और उम्मीदें जताई जा रही हैं।

इस फिल्म का निर्देशन प्रीतम एसके पाटिल ने किया है, जबकि निर्माण रसिक कदम ने किया है। कलाकारों की लंबी सूची और सस्पेंस आधारित कहानी दर्शकों को आकर्षित कर रही है।

मराठी फिल्मों की बात करें तो हाल के समय में कई क्षेत्रीय फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है और ‘घबाडकुंड’ उसी ट्रेंड को आगे बढ़ाती नजर आ रही है।