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लेटेस्ट बॉलीवुड न्यूज़ :तब्बू जल्द ही साउथ के सुपरस्टार के साथ नजर आएंगी, एक तस्वीर शेयर कर उन्होंने इस बारे में जानकारी दी है – जानिए पूरी डिटेल।

बॉलीवुड एक्ट्रेस तब्बू उन चंद एक्ट्रेस में से हैं जिन्होंने भारत समेत हॉलीवुड में भी अपनी एक्टिंग का जलवा बिखेरा है। बॉलीवुड में दर्जनों फिल्मों में काम कर चुकीं एक्ट्रेस तब्बू अब जल्द ही साउथ की फिल्म में नजर आने वाली हैं। इस फिल्म में तब्बू के साथ साउथ स्टार विजय सेतुपति लीड रोल में नजर आने वाले हैं। फिल्म के मेकर्स ने गुरुवार को इसकी घोषणा कर दी है। गुरुवार 10 अप्रैल को मेकर्स ने फिल्म की स्टारकास्ट की फोटो शेयर की है। दोनों स्टार्स की मुलाकात की तस्वीर के साथ फिल्म का ऐलान किया गया है। एक चमकदार मुस्कान बिखेरते हुए तब्बू ने पुरी जगन्नाथ और चार्मी कौर के साथ पोज़ दिया। फिल्म निर्माता ने सोशल मीडिया पर एक दिल को छू लेने वाले परिचय के साथ अभिनेता का स्वागत किया।

प्रोजेक्ट्स को लेकर एक्साइटेड हैं फैन्स

फैन्स ने कमेंट सेक्शन में अपनी खुशी जाहिर की। एक यूजर ने लिखा, ‘हम दुनिया की सबसे खूबसूरत एक्ट्रेस तब्बू के साथ सबसे अद्भुत प्रोजेक्ट के लिए तैयार हैं।’ एक अन्य ने कहा, ‘ओजी मास्टरपीस लोड हो रहा है।’ तीसरे यूजर ने लिखा, ‘अच्छी कास्टिंग है।’ 30 मार्च को उगादी के अवसर पर पुरी जगन्नाथ ने विजय सेतुपति के साथ एक तस्वीर साझा की और अपनी नई फिल्म की घोषणा की थी। उन्होंने बताया कि शूटिंग जून में शुरू होगी। इसकी तस्वीर शेयर करते हुए पुरी जगन्नाथ ने लिखा था, ‘उगादी के इस शुभ दिन पर एक सनसनीखेज सहयोग के साथ एक नए अध्याय की शुरुआत करते हुए डैशिंग डायरेक्टर पुरी जगन्नाथ और पावरहाउस परफॉर्मर, मक्कलसेल्वन @VijaySethuOffl सभी भारतीय भाषाओं में एक मास्टरपीस के लिए एक साथ आए हैं।’

हॉलीवुड सीरीज में बिखेरा जलवा

बता दें कि तब्बू इससे पहले हॉलीवुड की सीरीज में अपनी एक्टिंग का जलवा दिखाते नजर आई थीं। अमेरिका के बड़े प्रोडक्शन हाउस एचबीओ की सीरीज ‘डून प्रोफेसी’ में तब्बू ने अहम किरदार निभाया था। इस किरदार के लिए तब्बू को काफी तारीफें भी मिली थीं। साथ ही हॉलीवुड के कई सितारों के साथ तब्बू की दोस्ती भी हो गई थी। इस सीरीज को भारत में भी काफी पसंद किया गया था। अब तब्बू हॉलीवुड के बाद साउथ की फिल्म में नजर आने वाली हैं।

नई दिल्ली:श्रीनगर से दिल्ली के लिए उड़ान भरते समय पायलट की मृत्यु, एयर इंडिया एक्सप्रेस ने बयान जारी किया है।

 एयर इंडिया एक्सप्रेस के एक पायलट की बुधवार को दिल्ली एयरपोर्ट पर प्लेन उतारने के कुछ देर बाद स्वास्थ्य कारणों से मौत हो गई। सूत्रों के मुताबिक, पायलट ने श्रीनगर से उड़ान भरी थी और दिल्ली पहुंचने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। उनकी उम्र 35 से 40 साल के बीच बताई जा रही है। सूत्रों ने बताया कि दिल्ली में लैंडिंग के बाद पायलट ने अस्वस्थ महसूस करने की शिकायत की, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां उनकी मृत्यु हो गई। इस दुखद घटना से एयरलाइन समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई है।

‘परिवार को हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं’

एयर इंडिया एक्सप्रेस के एक प्रवक्ता ने गुरुवार को एक बयान जारी कर कहा, ‘हमें अपने एक मूल्यवान सहयोगी को स्वास्थ्य कारणों से खोने का गहरा दुख है। हम उनके परिवार को हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं और इस नुकसान से उबरने की कोशिश कर रहे हैं।’ प्रवक्ता ने बयान में निजता का सम्मान करने और अटकलों से बचने की अपील की। घटना की विस्तृत जानकारी अभी उपलब्ध नहीं हो सकी है। एयरलाइन ने कहा कि वे संबंधित अधिकारियों के साथ उचित प्रक्रिया में सहयोग के लिए प्रतिबद्ध हैं।

कोर्ट में पहुंचा था पायलटों के आराम का मामला

इस घटना ने विमानन क्षेत्र में पायलटों के स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत को फिर से रेखांकित किया है। बता दें कि फरवरी में दिल्ली हाई कोर्ट ने DGCA को निर्देश दिया था कि वह सभी पायलट के लिए ड्यूटी और आराम के घंटों के संशोधित मानदंडों को एक जुलाई से चरणबद्ध तरीके से लागू करने की अपनी समयसीमा का सख्ती से पालन करे। जस्टिस तारा वितस्ता गंजू को DGCA के वकील ने सूचित किया था कि उन्होंने एक हलफनामा दायर किया है जिसमें कहा गया है कि नागरिक उड्डयन आवश्यकता (CAR) के 22 संशोधित खंडों में से 15 को एक जुलाई 2025 से लागू किया जाएगा और शेष को एक नवंबर तक लागू किया जाएगा।

CAR के संशोधन से कैसे मिलेगी पायलटों को राहत?

बता दें कि Civil Aviation Requirement या CAR संशोधन पायलटों की थकान को कम करने और उड़ान सुरक्षा को बढ़ाने के उद्देश्य से लाए गए हैं। जनवरी 2024 में घोषित इन संशोधनों को शुरू में 1 जून 2024 से लागू करना था, लेकिन एयरलाइंस के विरोध और दिल्ली हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद इन्हें चरणबद्ध तरीके से 1 जुलाई 2025 से लागू करने का निर्णय लिया गया। इसके तहत इन बातों पर एक्शन लिया जाना है:

  1. साप्ताहिक आराम में वृद्धि: पायलटों का साप्ताहिक आराम 36 घंटे से बढ़ाकर 48 घंटे कर दिया गया है। इसमें दो स्थानीय रातें (रात 10 बजे से सुबह 8 बजे के बीच का 8 घंटे का समय) शामिल होंगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि एक साप्ताहिक आराम की समाप्ति और अगले आराम की शुरुआत के बीच 168 घंटे से अधिक का अंतर न हो।
  2. रात की ड्यूटी में बदलाव: रात की ड्यूटी की परिभाषा को विस्तारित किया गया है। पहले यह मध्यरात्रि से सुबह 5 बजे तक थी, लेकिन अब इसे मध्यरात्रि से सुबह 6 बजे तक कर दिया गया है। यह बदलाव सर्कैडियन लो (02:00-06:00 बजे के बीच का समय, जब सतर्कता सबसे कम होती है) को ध्यान में रखकर किया गया है। रात के समय उड़ान ड्यूटी की अधिकतम अवधि 10 घंटे और उड़ान समय 8 घंटे तक सीमित कर दिया गया है। रात में लैंडिंग की संख्या को मौजूदा 6 से घटाकर 2 कर दिया गया है।
  3. लगातार रात की ड्यूटी पर प्रतिबंध: पायलटों को लगातार 2 से ज्यादा रात की ड्यूटी के लिए रोस्टर नहीं किया जा सकता। यह नियम थकान को कम करने और सर्कैडियन रिदम को रीसेट करने में मदद के लिए है।
  4. अल्ट्रा-लॉन्ग-हॉल उड़ानों के लिए एक्स्ट्रा आराम: लंबी दूरी की उड़ानों (जैसे अमेरिका से आने-जाने वाली) के लिए पायलटों को कम से कम 120 घंटे का आराम दिया जाएगा। अगर 2 लगातार रात की ड्यूटी शामिल हो, तो यह 144 घंटे तक बढ़ाया जा सकता है।
  5. थकान की निगरानी: एयरलाइंस को हर तिमाही में पायलटों से प्राप्त थकान की रिपोर्ट और उस पर की गई कार्रवाई का विश्लेषण DGCA को प्रस्तुत करना होगा। भविष्य में डेटा-आधारित थकान जोखिम प्रबंधन प्रणाली (Fatigue Risk Management System) को अपनाने की योजना भी है।
  6. रोस्टर प्रकाशन: एयरलाइंस को क्रू रोस्टर पहले से प्रकाशित करना होगा ताकि पायलट अपनी योजना बना सकें, हालांकि इसमें समयसीमा को स्पष्ट रूप से परिभाषित नहीं किया गया है।

ये सारे बदलाव पायलटों की मांगों (जैसे लगातार 2 रात की ड्यूटी खत्म करने की मांग) और एयरलाइंस की चिंताओं (जैसे 10-20% अधिक पायलटों की भर्ती और उड़ान रद्द होने का जोखिम) के बीच संतुलन बनाने का प्रयास हैं। हालांकि, पायलटों का कहना है कि ‘डेड-हेडिंग’ (गैर-उड़ान ड्यूटी) को ड्यूटी समय में शामिल करने जैसी कुछ मांगें अभी भी अनसुनी रह गई हैं।

रूस-यूक्रेन युद्ध: युद्ध के मैदान से प्राप्त एक दृश्य से दुनिया भर में तहलका मचा गया —जानें इसमें क्या खास बात है।

रोम: रूस-यूक्रेन युद्ध के मैदान से सामने आए 2 वीडियो ने दुनिया भर में हलचल मचा दी है। इन दोनों वीडियो में युद्ध के रोंगटे खड़े कर देने वाले पलों को कैद किया गया है, जिसे देखकर किसी का भी दिल सहम जाएगा। इस वीडियो में रूसी सेना पर यूक्रेनियन आर्मी पर क्रूरता करते दिखाया गया है। इनमें से एक वीडियो में जहां यूक्रेन के युद्धबंदी जीवित दिखाई देते हैं तो दूसरे में, वे मृत दिखाई देते हैं। ‘एसोसिएटेड प्रेस’ को एक यूक्रेनी ड्रोन का वीडियो प्राप्त हुआ है जिसमें रूसी वर्दी पहने सैनिकों को कीव के सैनिकों को मारते हुए दिखाया गया है, जिन्होंने उनके सामने आत्मसमर्पण कर दिया था।

एजेंसी ने उसी घटना का एक दूसरा वीडियो भी खोजा है, जिसे रूसी ड्रोन द्वारा रिकॉर्ड किया गया है, जो इस बात पर प्रकाश डालता है कि मॉस्को इसे कैसे दिखाना चाह रहा है। इन वीडियो का एक साथ विश्लेषण करने पर ये तीन साल पुराने युद्ध के एक महत्वपूर्ण समय में एक बड़ी कहानी बयां करते हैं। आइए, तस्वीरों और उनके निहितार्थों के बारे में जानते हैं। यूक्रेनी वीडियो क्या दर्शाता है? यूक्रेनी अधिकारियों ने जिस यूरोपीय देश के साथ वीडियो साझा किया है, उसके सैन्य अधिकारियों के अनुसार, यह वीडियो यूक्रेन की 128वीं माउंटेन ब्रिगेड द्वारा 13 मार्च को दक्षिणी यूक्रेन के पियातिखातकी गांव के बचे हुए हिस्से में लिया गया था।

आत्म समर्पण कर चुके यूक्रेनी सैनिकों को क्रूरता से रूसियों ने मारा

एपी ने अधिकारियों से इस शर्त पर वीडियो प्राप्त किया कि उनकी पहचान जाहिर नहीं की जाएगी क्योंकि उन्हें इसे जारी करने का अधिकार नहीं था। वीडियो में चार यूक्रेनी दिखाई दे रहे हैं, जिन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया था। वे मुंह के बल जमीन पर लेटे हुए हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि उनकी तलाशी लेने के बाद, एक रूसी व्यक्ति एक कैदी के पास जाता है, अपनी बंदूक उठाता है और गोलीबारी शुरू कर देता है। वीडियो को देखें तो एक अन्य सैनिक भी गोली चलाता है, फिर उसे लोड करता है। एक तीसरा रूसी इसमें शामिल हो जाता है, और करीब से कम से कम दो गोलियां चलाता है, जिससे एक व्यक्ति का हेलमेट – और सिर – उड़ जाता है। इस तरह रूसी जवान एक-एक करके चारों को मार गिराते हैं।

यूक्रेनी एजेंसी ने शुरू की जांच

रूसी वीडियो क्या दिखाता है? उसी दिन पियातीखातकी में रूस के एक ड्रोन द्वारा रिकॉर्ड किया गया वीडियो एपी को रूस समर्थक एक सोशल मीडिया मंच से मिला। इसकी पृष्ठभूमि में भयावह और कर्कश संगीत है और इसमें तीन रूसी सैनिकों को दिखाया गया है जो बंदूक की नोंक पर, आत्मसमर्पण करने वाले यूक्रेनी नागरिकों को एक खंडहर से बाहर निकालते हैं। इसके बाद यूक्रेनी सैनिकों को जमीन पर पड़ा दिखा गया है, लेकिन जिंदा। इस बारे में यूक्रेन की 128वीं माउंटेन ब्रिगेड एजेंसी ने कहा कि वह टिप्पणी नहीं कर सकती क्योंकि मौतों की जांच संदिग्ध युद्ध अपराध के रूप में की जा रही है। यूक्रेन की एजेंसी ने जांच शुरू करने की पुष्टि की। रूस के रक्षा मंत्रालय ने इस बारे में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। यूक्रेन के युद्धबंदियों से रूस के व्यवहार के बारे में पूछे जाने पर क्रेमलिन के प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने कहा कि रूस आत्मसमर्पण करने वाले यूक्रेनी सैनिकों के साथ अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार व्यवहार करता है और युद्धबंदियों की हत्या को प्रोत्साहित नहीं करता।

लखनऊ में बेमौसम बारिश से फसल पर असर: जिलाधिकारी विशाख जी का निरीक्षण, सर्वे के निर्देश

लखनऊ में बेमौसम बारिश से फसल पर असर: जिलाधिकारी विशाख जी का निरीक्षण, सर्वे के निर्देश
लखनऊ में बेमौसम बारिश से फसल पर असर: जिलाधिकारी विशाख जी का निरीक्षण, सर्वे के निर्देश
लखनऊ में बेमौसम बारिश से फसल पर असर: जिलाधिकारी विशाख जी का निरीक्षण, सर्वे के निर्देश
  • जिलाधिकारी विशाख जी ने मोहनलालगंज के हुलासखेड़ा गांव में बेमौसम बारिश से फसल हानि की स्थिति का निरीक्षण किया।
  • उन्होंने उप जिलाधिकारी को फसल नुकसान के सर्वे हेतु राजस्व टीम गठित करने और ADM (F&R) को सभी तहसीलों में सर्वे कराने के निर्देश दिए।
  • सदर, सरोजनीनगर, बक्शी का तालाब व मलिहाबाद के उप जिलाधिकारियों ने विभिन्न गांवों में निरीक्षण कर फसल और जन हानि का जायजा लिया।
  • प्रथम दृष्टया किसी भी तहसील क्षेत्र में गेहूं की फसल या जनहानि की पुष्टि नहीं हुई।
  • जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि किसानों से प्राप्त किसी भी नुकसान की सूचना पर तुरंत स्थल पर जाकर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

लखनऊ, 10 अप्रैल 2025: लखनऊ जनपद में बेमौसम बारिश के कारण संभावित फसल हानि को लेकर जिलाधिकारी विशाख जी. ने आज मोहनलालगंज तहसील अंतर्गत हुलासखेड़ा गांव का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गेहूं की फसल पर पड़े असर की जानकारी ग्रामीणों से ली और मौके की स्थिति का जायज़ा लिया।

जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी मोहनलालगंज को निर्देशित किया कि राजस्व टीम गठित कर फसल हानि का व्यापक सर्वे कराया जाए। साथ ही, जनपद की सभी तहसीलों में भी ADM (F&R) को निर्देश दिए गए कि संबंधित उप जिलाधिकारीगण राजस्व टीम के माध्यम से अपने-अपने क्षेत्रों में सर्वे सुनिश्चित करें।

सभी तहसीलों में उप जिलाधिकारियों का निरीक्षण

जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में जनपद की सभी तहसीलों में आज उप जिलाधिकारियों द्वारा निरीक्षण कर फसल हानि का आंकलन किया गया। निरीक्षण के दौरान निम्नलिखित अवलोकन सामने आए:

  • उप जिलाधिकारी सदर ने ग्राम लौलाई, पपनामऊ और मेहोरा का भ्रमण किया, जहां कोई जनहानि अथवा फसल हानि नहीं पाई गई।
  • उप जिलाधिकारी सरोजनीनगर ने कल्ली पूर्व, कल्ली पश्चिम और कल्ली परवर पश्चिम गांवों का निरीक्षण किया, जहां प्रथम दृष्टया किसी प्रकार की हानि नहीं पाई गई।
  • उप जिलाधिकारी बक्शी का तालाब द्वारा सरौरा, दुग्गौर, पैकरामऊ और बेहटा गांवों का निरीक्षण किया गया, रिपोर्ट में जनहानि और फसल नुकसान नहीं पाया गया।
  • उप जिलाधिकारी मलिहाबाद ने ऊँचा खेड़ा गांव का दौरा किया और वहां भी कोई विशेष नुकसान नहीं पाया गया।

किसानों की सूचना पर तत्परता से कार्रवाई के निर्देश

जिलाधिकारी श्री विशाख जी. ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि किसी किसान द्वारा फसल हानि की सूचना दी जाती है तो प्राथमिकता पर उस सूचना का संज्ञान लेते हुए त्वरित स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही की जाए।

उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप किसानों की हर समस्या का शीघ्र समाधान किया जाएगा और क्षति का सही आकलन कर मुआवजे की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाएगी।

यह व्यापक निरीक्षण और प्रशासनिक सक्रियता दर्शाती है कि शासन किसानों के हितों के प्रति सजग है और प्राकृतिक आपदाओं के चलते होने वाली किसी भी क्षति के प्रति संवेदनशील रवैया अपना रहा है।

अवैध प्लाटिंग पर मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब की सख्त कार्रवाई: मोहनलालगंज तहसील के बसंडा व देहवा गांव में निरीक्षण, दो अधिकारियों पर गिरी गाज

अवैध प्लाटिंग पर मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब की सख्त कार्रवाई: मोहनलालगंज तहसील के बसंडा व देहवा गांव में निरीक्षण, दो अधिकारियों पर गिरी गाज
अवैध प्लाटिंग पर मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब की सख्त कार्रवाई: मोहनलालगंज तहसील के बसंडा व देहवा गांव में निरीक्षण, दो अधिकारियों पर गिरी गाज
अवैध प्लाटिंग पर मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब की सख्त कार्रवाई: मोहनलालगंज तहसील के बसंडा व देहवा गांव में निरीक्षण, दो अधिकारियों पर गिरी गाज
  • मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब ने मोहनलालगंज तहसील के ग्राम बसंडा और देहवा में अवैध प्लाटिंग पर औचक निरीक्षण किया।
  • निरीक्षण में स्पर्श मेगा सिटी, सार्थक सिटी और सिमराह सिटी जैसी अवैध कॉलोनियां पाई गईं।
  • कार्रवाई में लापरवाही बरतने पर जोनल अधिकारी शशि भूषण पाठक और जेई भारत पांडे के खिलाफ निलंबन की संस्तुति की गई।
  • मंडलायुक्त ने अवैध प्लाटिंग करने वाले डेवलपर्स पर एफआईआर दर्ज कर जेल भेजने के निर्देश दिए।
  • निरीक्षण के दौरान लखनऊ विकास प्राधिकरण के सचिव विवेक श्रीवास्तव समेत कई विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

लखनऊ, 10 अप्रैल 2025: मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब ने गुरुवार को लखनऊ के मोहनलालगंज तहसील क्षेत्र के ग्राम बसंडा और ग्राम देहवा में अवैध प्लाटिंग की मिल रही लगातार शिकायतों के मद्देनज़र औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न स्थानों पर की जा रही अवैध प्लाटिंग का जायज़ा लिया और मौके पर ही सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान स्पर्श मेगा सिटी, सार्थक सिटी, और सिमराह सिटी जैसे नामों से संचालित अवैध प्लाटिंग की पुष्टि हुई। मंडलायुक्त ने मौके पर मौजूद अधिकारियों के समक्ष कड़ी नाराजगी ज़ाहिर करते हुए कहा कि इस प्रकार की अवैध प्लाटिंग न केवल शासनादेशों की अवहेलना है, बल्कि शासन की शहरी विकास नीतियों पर सीधा प्रहार भी है।

दो अधिकारियों पर गिरी गाज, तत्काल निलंबन के आदेश

डॉ. रोशन जैकब ने मौके पर पाया कि अवैध प्लाटिंग के खिलाफ कार्रवाई में ज़ोनल अधिकारी और संबंधित जूनियर इंजीनियर की ओर से लापरवाही बरती गई है। इस क्रम में जोनल अधिकारी शशि भूषण पाठक और जेई भारत पांडे के खिलाफ आरोप पत्र जारी करते हुए, तत्काल प्रभाव से निलंबन के लिए शासन को पत्र भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

मंडलायुक्त ने यह स्पष्ट किया कि जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा यदि ऐसी अवैध गतिविधियों को संरक्षण दिया जाता है या जानबूझकर आंख मूंद ली जाती है, तो उन्हें भी बख्शा नहीं जाएगा।

डेवलपर्स पर एफआईआर और जेल भेजने के निर्देश

डॉ. रोशन जैकब ने कहा कि अवैध प्लाटिंग करने वाले डेवलपर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई अधिकारी ऐसे अवैध कार्यों को संरक्षण देता पाया गया, तो उसके खिलाफ भी कठोरतम कार्यवाही की जाएगी।

उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि लखनऊ मंडल में कहीं भी अवैध प्लाटिंग को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह सरकार की प्राथमिकता है कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में नियोजित विकास हो, न कि अवैध और अनियंत्रित निर्माण।

मौके पर लखनऊ विकास प्राधिकरण सचिव व अन्य अधिकारी रहे मौजूद

निरीक्षण के दौरान लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के सचिव श्री विवेक श्रीवास्तव, तथा राजस्व, नगर नियोजन, आवास एवं शहरी नियोजन से जुड़े संबंधित विभागीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।

मंडलायुक्त ने सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में हो रही अवैध प्लाटिंग की नियमित निगरानी करें, और जहां कहीं भी ऐसी गतिविधियों की जानकारी मिले, वहां बिना किसी देरी के तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें।

इस पूरे घटनाक्रम से स्पष्ट है कि मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब की मंशा अवैध प्लाटिंग के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य करने की है। यह कार्रवाई आने वाले समय में विकास प्राधिकरण और तहसीलों में कार्यरत अन्य अधिकारियों के लिए भी एक सख्त संदेश है।