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स्काइडाइविंग का thrill लेना है तो दक्षिण भारत की इन शानदार जगहों पर जरूर जाएं, ये एडवेंचर बनेगा आपकी जिंदगी की यादगार!

पहाड़ों पर घूमने का शौक तो लगभग हर किसी को होता है। लेकिन जब हम पहाड़ों पर घूमने जाते हैं, तो एडवेंचर एक्टिविटी करना पसंद करते हैं। कई लोग रिवर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग, ट्रैकिंग, कैम्पिंग और स्कूबा डाइविंग करना पसंद करते हैं। इस दौरान लोग स्काइडाइविंग का लुत्फ उठाना भूल जाते हैं। यह एक ऐसी एडवेंचर एक्टिविटी है, जिसको कई लोग करना पसंद करते हैं। हालांकि कुछ लोगों को स्काइडाइविंग के लिए परफेक्ट जगह नहीं मालूम होती है, जिस कारण वह यह एक्टिविटी नहीं कर पाते हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको दक्षिण भारत की कुछ ऐसी जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां पर आप दोस्तों के साथ स्काइडाइविंग का लुत्फ उठा सकते हैं।

मैसूर स्काइडाइविंग

दक्षिण भारत में किसी शानदार और चर्चित जगह स्काइडाइविंग एक्टिविटी करने की बात होती है, तो कई लोग सबसे पहले मैसूर का ही नाम लेते हैं। मैसूर कर्नाटक की एक खूबसूरत जगह होने के साथ-साथ एडवेंचरस जगह भी है।

मैसूर में स्काइडाइविंग के लिए पहले ट्रेनिंग दी जाती है और ट्रेकिंग के बाद करीब 10 हजार फीट की ऊंचाई से जम्प किया जाता है। स्काइडाइविंग के दौरान, मैसूर शहर के आसपास के इलाकों की खूबसूरती को निहारा जा सकता है। यहां आकाश में उड़ते समय रोमांचक पल कोई नहीं भूल पाता है।

समय- 30-40 मिनट की स्काइडाइविंग।

चार्ज- करीब 25 हजार रुपये से शुरुआत।

पुडुचेरी स्काइडाइविंग

पुडुचेरी देश की एक ऐसी जगह है, जहां पर हर दिन हजारों के अधिक की संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। पुडुचेरी देश के टॉप डेस्टिनेशन में से एक है। यहां पर विदेशी पर्यटक भी घूमने के लिए पहुंचते हैं।

पुडुचेरी अपनी खूबसूत समुद्री लहरों के साथ स्काइडाइविंग के लिए भी फेमस है। यहां स्काइडाइविंग के लिए देश के हर कोने से लोग पहुंचते हैं और समुद्र के ऊपर से उड़ान भरते हैं। यहां पर 10 हजार फीट की ऊंचाई से जंप करते समय आपको कई शानदार दृश्य देखने को मिलेंगे।

समय-15-20 मिनट की स्काइडाइविंग

चर्च-करीब 18 हजार रुपये से शुरुआत

हैदराबाद स्काइडाइविंग

दक्षिण भारत राज्य तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद सिर्फ बिरयानी के लिए नहीं बल्कि कई चीजों के लिए फेमस है। हैदराबाद स्काइडाइविंग के लिए पूरे भारत में फेमस माना जाता है।

यहां पर आप नागार्जुन सागर एयरपोर्ट पर स्काइडाइविंग का लुत्फ उठा सकते हैं। टेंडम जंपिंग के लिए यह बेहतरीन जगहों में से एक है। हैदराबाद में करीब 10-12 हजार फीट की ऊंचाई से स्काइडाइविंग के लिए जंप किया जाता है। वहीं स्काइडाइविंग के लिए सागर एयरपोर्ट के पास ट्रेनिंग भी दी जाती है।

जगह- हैदराबाद से करीब 40 किमी दूर पोचमपल्ली

चार्ज- टेंडम जंप के लिए करीब 20 हजार रुपये से शुरुआत।

एंबी वैली स्काइडाइविंग

अगर आप महाराष्ट्र के आसपास स्काइडाइविंग के लिए बेहतरीन जगह की तलाश कर रहे हैं। तो आपको एंबी वैली पहुंच जाना चाहिए। यह जगह टेंडम जंप के लिए पूरे भारत में फेमस है। एंबी वैली में स्काइडाइविंग के लिए देश के हर कोने से पर्यटक आते हैं।

बता दें कि यहां पर स्काइडाइविंग करने से करीब आधे घंटे पहले ब्रीफिंग सेशल का आयोजन किया जाता है। फिर उसके बाद स्काइडाइविंग के लिए उड़ान भरी जाती है। एंबी वैली में आप करीब 10 हजार फीट की ऊंचाई से जंप करने के दौरान आप यहां पर अद्भुत और शानदार दृश्यों को आंखों में कैद कर सकते हैं।

जगह- एंबी वैली, लोनावला के पास

चार्ज- करीब  25 हजार रुपये से शुरुआत।

13 हजार की आबादी वाले इस छोटे से देश में लगा पहला ATM, लोगों ने केक काटकर धूमधाम से मनाया जश्न।

दक्षिण प्रशांत महासागर में बसा तुवालु – पहला ATM लगते ही लोगों ने केक काटकर मनाया जश्न

दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित तुवालु एक छोटा द्वीपीय देश है, जो दुनिया के सबसे छोटे और कम आबादी वाले देशों में गिना जाता है। लगभग 12 से 13 हजार की आबादी वाले इस देश में अब तक सभी लेन-देन नकद (कैश) में होते थे। लेकिन 15 अप्रैल को तुवालु ने इतिहास रचते हुए अपना पहला ATM स्थापित कर लिया।

प्रधानमंत्री ने किया उद्घाटन, लोगों के साथ मनाया जश्न

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया और हवाई के बीच स्थित इस छोटे से देश में ATM की शुरुआत एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। प्रधानमंत्री फेलेटी तेओ ने मुख्य द्वीप फुनाफुटी में इस ATM का उद्घाटन किया। इस खास मौके पर उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ केक काटा और इसे तुवालु के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण बतायाREAD ALSO

ATM: तुवालु के लिए बदलाव की शुरुआत

नेशनल बैंक ऑफ तुवालु के जनरल मैनेजर सिओसे तेओ ने इसे एक बड़ा बदलाव करार दिया। उन्होंने कहा कि यह ATM देश के लगभग 11,200 लोगों के लिए प्रगति के नए रास्ते खोलेगा। पैसिफिक टेक्नोलॉजी लिमिटेड के निसार अली ने बताया कि यह ATM लोगों को आधुनिक बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने का काम करेगा।

छोटा मगर खास देश

तुवालु में कुल 9 द्वीप हैं। केवल 26 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस देश की खूबसूरती और शांति इसे खास बनाती है। 2023 में यहां 3,000 से ज्यादा पर्यटक पहुंचे थे। देश का एकमात्र हवाई अड्डा फुनाफुटी में है, जहां से सिर्फ कुछ उड़ानें पड़ोसी देश फिजी के लिए उपलब्ध हैं। अधिकतर लोग फेरी के माध्यम से यात्रा करते हैं क्योंकि यहां घरेलू उड़ानें नहीं हैं।

जलवायु परिवर्तन से संकट में तुवालु

तुवालु की भौगोलिक स्थिति इसे जलवायु परिवर्तन के प्रति बेहद संवेदनशील बनाती है। समुद्र का बढ़ता जलस्तर इसकी जमीन को लगातार सिकोड़ रहा है। 2021 में यह देश तब अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में आया जब तत्कालीन विदेश मंत्री साइमन कोफे ने घुटनों तक पानी में खड़े होकर संयुक्त राष्ट्र को संबोधित किया।

latest Bollywood News :कश्मीर में हुआ ‘ग्राउंड ज़ीरो’ का प्रीमियर, इमरान ने BSF जवानों के साथ खिंचवाई तस्वीरें।

कश्मीर में ‘ग्राउंड ज़ीरो’ का भव्य प्रीमियर, इमरान ने बीएसएफ जवानों के साथ बिताए खास पल

बॉलीवुड एक्टर इमरान हाशमी इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म ‘ग्राउंड ज़ीरो’ को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में फिल्म का प्रीमियर कश्मीर में आयोजित किया गया, जहां इमरान ने खास अंदाज़ में BSF जवानों के साथ वक्त बिताया और उनके साथ फोटो सेशन में हिस्सा लिया।

इस खास मौके पर इमरान ने जवानों से मुलाकात की, उनके अनुभव सुने और उन्हें सलाम किया। फिल्म ‘ग्राउंड ज़ीरो’ की कहानी भी देशभक्ति और ड्यूटी की भावना से जुड़ी हुई है, इसलिए इसका प्रीमियर कश्मीर में आयोजित करना एक प्रतीकात्मक और भावुक निर्णय रहा।

इमरान ने सोशल मीडिया पर जवानों के साथ की गई तस्वीरें भी साझा कीं, जिनमें वे एकदम सहज अंदाज़ में नजर आ रहे हैं। फैंस ने इन तस्वीरों को खूब पसंद किया और इमरान की सादगी और सम्मान भाव की सराहना की।

फिल्म ‘ग्राउंड ज़ीरो’ जल्द ही ओटीटी या सिनेमा घरों में रिलीज़ होने वाली है और उम्मीद की जा रही है कि यह दर्शकों के दिलों को छूने में सफल होगी।

Karela Juice for Sugar Control :एक महीने तक करेले का जूस पीने से शुगर लेवल में कितनी कमी आएगी? जानिए इसका प्रभाव

 करेला..एक ऐसी सब्जी, जिसका नाम सुनते ही बहुत से लोगों का मन बन जाता है. कुछ लोग इसके कड़वे स्वाद की वजह से पसंद नहीं करते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद है. खासकर डायबिटीज के मरीजों के लिए करेला वरदान साबित हो सकता है.

करेले का जूस पीने से शुगर लेवल कम हो सकती है.अगर आप एक महीने तक नियमित रूप से करेले का जूस (Bitter Gourd Juice) पीते हैं, तो आपके शुगर लेवल में फर्क आ सकता है. आइए, जानते हैं कि करेले का जूस शुगर के लिए क्यों फायदेमंद है और कैसे ये आपकी सेहत को सुधार सकता है…

करेले का जूस और शुगर लेवल

करेले में ऐसे तत्व होते हैं जो शुगर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं. इसमें Momordicin और Charantin जैसे तत्व पाए जाते हैं जो इंसुलिन की कार्यक्षमता को बढ़ाते हैं और शुगर को कंट्रोल करने में मददगार होते हैं. करेले में विटामिन C, एंटीऑक्सिडेंट्स और फाइबर की भरपूर मात्रा होती है, जो शरीर में ब्लड शुगर लेवल संतुलित रखने में मदद करती है.

एक महीने तक करेले का जूस पीने से क्या होगा

1. शुगर कंट्रोल होगा

2. इंसुलिन को बेहतर बनाए

करेले का जूस इंसुलिन के काम को बेहतर करता है, जिससे शुगर के लेवल को काबू में रखा जा सकता है. यह खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जिन्हें टाइप 2 डायबिटीज हो.

3. वजन घटेगा

करेले का जूस शरीर में फैट को कम करता है. कम वजन होने पर शुगर के कंट्रोल में मदद मिलती है, जिससे आपकी सेहत बेहतर होती है. इससे मोटापा तेजी से कम होता है और कई तरह की बीमारियां दूर रहती हैं.

4. सेहत में सुधार

करेले का जूस पेट को साफ करता है, पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है और शरीर से गंदगी को बाहर निकालता है, जिससे शुगर की कंडीशन पर भी पॉजिटिव असर पड़ता है.

करेले का जूस कैसे पिएं 

ताजे करेले का जूस बनाएं. दो छोटे करेले लें, उन्हें अच्छे से धोकर काट लें और जूस निकालें.

आप इसमें थोड़ा नींबू और शहद मिला सकते हैं, ताकि स्वाद हल्का हो जाए.

इसे सुबह खाली पेट पीना सबसे अच्छा होता है, क्योंकि इससे शुगर लेवल पूरी तरह से कंट्रोल रहता है.

Earthquake in Chile-Myanmar:एक बार फिर धरती कांपी भयानक भूकंप से, घबराए लोग घरों से बाहर भागे, जानें मौजूदा हालात

 हाल के समय में कई देशों में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. इसी कड़ी में जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (जीएफजेड) ने बताया कि गुरुवार (17 अप्रैल) को उत्तरी चिली में 5.7 तीव्रता का भूकंप आया. इसके अलावा म्यांमार में 3.9 तीव्रता का भूकंप आया है.

जीएफजेड ने बताया कि उत्तरी चिली में भूकंप का केद्र 178 किमी (110.6 मील) की गहराई पर था. इसके अलावा म्यांमार में भूकंप जमीन की सतह से सिर्फ 10 किलोमीटर नीचे आया इसलिए इसके बाद भी झटके महसूस होने की संभावना बनी हुई है. इससे पहले गुरुवार को म्यांमार में 4.0 तीव्रता का भूकंप आया था.

भूकंप के झटकों से लोग घबरा गए

चिली में भूकंप आते ही लोग डरकर अपने घरों से बाहर भाग गए. म्यांमार में भी लगातार भूकंप के झटकों की वजह से लोग डरे हुए हैं. हालांकि अभी तक किसी बड़े नुकसान या किसी के हताहत होने की खबर नहीं आई है.

इस तरह के उथले भूकंप ज्यादा खतरनाक होते हैं क्योंकि ये ज़मीन की सतह के बहुत पास होते हैं. जब भूकंप सतह के पास आता है तो ज्यादा ऊर्जा निकलती है, जिससे जमीन ज्यादा हिलती है और इमारतों को बड़ा नुकसान हो सकता है. इससे लोगों की जान जाने का खतरा भी बढ़ जाता है. इसके मुकाबले गहरे भूकंप सतह तक आते-आते अपनी ताकत खो देते हैं.

म्यांमार में बना रहता है भूकंप का खतरा 

म्यांमार भूकंप के लिहाज से एक संवेदनशील इलाका है. म्यांमार उस जगह पर स्थित है जहां यूरेशियन और इंडो-ऑस्ट्रेलियन टेक्टॉनिक प्लेटें आपस में टकराती हैं इसलिए वहां भूकंप का खतरा बहुत ज्यादा है. इंटरनेशनल अर्थक्वेक साइंस सेंटर के अनुसार, साल 1990 से 2019 के बीच हर साल म्यांमार और उसके आसपास के इलाकों में 3.0 या उससे ज्यादा तीव्रता वाले लगभग 140 भूकंप आते रहे हैं.