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173 सप्ताह से जनता के द्वार तक जनसेवा: “आपका विधायक-आपके द्वार” अभियान के जरिए विधायक डॉ.राजेश्वर सिंह ने बनाया सुशासन और जनकल्याण का नया मॉडल ; 31 जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश, निःशुल्क नेत्र परीक्षण, मेधावियों का सम्मान, यूथ क्लब गठन और तारा शक्ति रसोई के माध्यम से जनसेवा का विस्तार

लखनऊ। सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र में जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और जनसेवा को घर-घर तक पहुँचाने के उद्देश्य से विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा संचालित “आपका विधायक, आपके द्वार” अभियान लगातार 173वें सप्ताह में भी पूरी सक्रियता के साथ जारी रहा। रविवार को सरोजनी नगर दक्षिण प्रथम मंडल के राजा बिजली पासी द्वितीय वार्ड स्थित शांतिनगर में आयोजित इस जनसंवाद कार्यक्रम में विधायक ने स्वयं क्षेत्रवासियों की समस्याएँ सुनीं और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए।

कार्यक्रम के दौरान कुल 31 जनआवेदन प्राप्त हुए, जिनमें विधवा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन, आयुष्मान कार्ड, साइकिल, लैपटॉप, हैंडपंप, स्पोर्ट्स किट, मंदिर जीर्णोद्धार, मंदिर में टीन शेड, जलभराव, सड़क एवं नाली निर्माण तथा सिलाई मशीन जैसी जनहित से जुड़ी समस्याएँ शामिल रहीं। सभी आवेदनों को संबंधित विभागों को भेजते हुए शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

इस अवसर पर डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि “आपका विधायक, आपके द्वार” केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता तक शासन की सुविधाएँ पहुँचाने और उनकी समस्याओं का समाधान उनके घर के निकट ही सुनिश्चित करने का जनसेवा अभियान है। उन्होंने कहा कि लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, यही इस पहल का मूल उद्देश्य है।

जनकल्याण के इस अभियान के अंतर्गत विजन प्लस के सहयोग से आयोजित निःशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर में 35 लोगों की आँखों की जाँच की गई। साथ ही, सभी 35 जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिकों को विधायक की ओर से निःशुल्क चश्मे उपलब्ध कराने की घोषणा की गई।

युवाओं को खेलों से जोड़ने और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने के उद्देश्य से 187वें बॉयज यूथ क्लब तथा 122वें गर्ल्स यूथ क्लब का गठन किया गया। इस दौरान बालकों को क्रिकेट एवं वॉलीबॉल किट तथा बालिकाओं को बैडमिंटन, कैरम और वॉलीबॉल किट वितरित की गईं। डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि खेल युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और आत्मविश्वास विकसित करते हैं तथा उन्हें सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं।

शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। महक (77%), आदित्य सिंह (91%), अंशिका व्यास (76.8%) और अदिति सिंह (72.6%) को साइकिल प्रदान कर सम्मानित किया गया। विधायक ने कहा कि मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान अन्य बच्चों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता है और शिक्षा ही समाज के उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है।

कार्यक्रम के दौरान माँ तारा शक्ति निःशुल्क रसोई के माध्यम से क्षेत्रवासियों एवं जरूरतमंदों के लिए भोजन की व्यवस्था भी की गई, जिससे सेवा और सामाजिक सहयोग का संदेश और अधिक सशक्त हुआ।

कार्यक्रम में प्रदीप सिंह, राकेश चंद्र तिवारी, राजेश दुबे, हेमलता सिंह, रेखा तिवारी, राम किशोर कुशवाहा, मोनी किशोर कुशवाहा, शीला, राम पल्ली गौतम, पप्पू, रोहित तिवारी, हसनुन, आशमा, आशमा बेगम, जितेंद्र कुमार (मीडिया प्रभारी), राजीव तिवारी, त्रिलोक सिंह, अरुणेश व्यास, अर्चना सिंह, वीनेता सिंह, मीनू सिंह, रजत गुप्ता, विपुल कुमार मिश्रा, रविंद्र कुमार सिंह, मनोज कुमार मिश्रा, सिराज अली खान, राजेश कुमार सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, भाजपा कार्यकर्ता और क्षेत्रवासी मौजूद रहे।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि जनसंवाद ही प्रभावी जनसेवा का सबसे सशक्त माध्यम है। जनता के सहयोग, सतत संवाद और सक्रिय जनभागीदारी के बल पर सरोजनीनगर विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित करता रहेगा।

Sports News:पहले टी20 की हार के बाद वैभव सूर्यवंशी को मौका देने की मांग तेज, टीम चयन पर उठे सवाल

भारत और आयरलैंड के बीच पहले टी20 मुकाबले में मिली हार के बाद टीम चयन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। मैच में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिलने पर सोशल मीडिया पर फैंस ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। कई प्रतिक्रियाओं में कप्तान श्रेयस अय्यर और टीम प्रबंधन के फैसले पर भी चर्चा देखने को मिली।

बेलफास्ट में खेले गए मुकाबले में आयरलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया। जवाब में भारतीय टीम लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी और मुकाबला गंवा बैठी। इस नतीजे के साथ आयरलैंड ने भारत के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक यादगार जीत दर्ज की।

मैच से पहले ऐसी अटकलें थीं कि युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहला मौका मिल सकता है, लेकिन टीम संयोजन को प्राथमिकता देते हुए उन्हें अंतिम एकादश में शामिल नहीं किया गया। कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी संकेत दिया था कि टीम उन खिलाड़ियों पर भरोसा बनाए रखना चाहती है जो पहले से प्रदर्शन करते रहे हैं।

हार के बाद सोशल मीडिया पर फैंस का एक वर्ग अब दूसरे टी20 में वैभव को मौका देने की मांग कर रहा है। कई क्रिकेट विशेषज्ञों और पूर्व खिलाड़ियों ने भी इस फैसले पर आश्चर्य जताया। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान ने भी सार्वजनिक तौर पर सवाल उठाया कि इतने चर्चित युवा खिलाड़ी को डेब्यू का मौका क्यों नहीं मिला।

हालांकि अभी दूसरे टी20 के लिए आधिकारिक प्लेइंग इलेवन की घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में वैभव सूर्यवंशी खेलेंगे या नहीं, इसका फैसला मैच से पहले ही साफ होगा। फिलहाल इतना तय है कि टीम चयन अब चर्चा के केंद्र में रहेगा।

भारत और आयरलैंड के बीच दूसरा टी20 मुकाबला 28 जून को बेलफास्ट में खेला जाएगा और भारतीय समयानुसार शाम 6 बजे शुरू होगा।

क्या फिर बढ़ गया अमेरिका-ईरान तनाव? समुद्री हमले के बाद अमेरिकी कार्रवाई से मचा हलचल

मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। हालिया घटनाक्रम में एक कारोबारी जहाज पर ड्रोन हमले के बाद अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की घोषणा की, जिससे क्षेत्रीय स्थिति पर नए सवाल खड़े हो गए हैं।

अमेरिकी सैन्य कमान के अनुसार, यह कार्रवाई उस घटना के जवाब में की गई जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक व्यावसायिक जहाज को निशाना बनाया गया था। अमेरिका का कहना है कि समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय नौवहन की सुरक्षा सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है।

बताया गया कि अमेरिकी कार्रवाई के दौरान मिसाइल और ड्रोन से जुड़े सैन्य ढांचों के साथ कुछ निगरानी ठिकानों को भी निशाना बनाया गया। अमेरिकी पक्ष का दावा है कि यह सीमित और जवाबी कार्रवाई थी।

इस घटनाक्रम के बाद यह चर्चा तेज हो गई कि क्या हाल में बने तनाव कम करने वाले प्रयासों और युद्धविराम जैसी व्यवस्थाओं पर असर पड़ सकता है। हालांकि दोनों देशों की ओर से आगे की स्थिति को लेकर अलग-अलग संकेत सामने आ रहे हैं।

अमेरिका ने यह भी स्पष्ट किया कि क्षेत्र से गुजरने वाले कारोबारी जहाजों की सुरक्षा व्यवस्था जारी रहेगी और समुद्री मार्गों की निगरानी बढ़ाई जाएगी।

उधर, अंतरराष्ट्रीय समुद्री गतिविधियों से जुड़े संगठनों ने भी हालात पर नजर बनाए रखी है। कुछ परिचालन गतिविधियों में अस्थायी बदलाव किए गए हैं ताकि जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि समुद्री जहाजों को निशाना बनाए जाने जैसी घटनाएं क्षेत्रीय स्थिरता के लिए सही संकेत नहीं हैं। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि आगे की कार्रवाई परिस्थितियों के अनुसार तय की जाएगी।

फिलहाल स्थिति संवेदनशील बनी हुई है और दुनिया की नजर इस बात पर है कि यह घटनाक्रम सीमित जवाबी कार्रवाई तक रहता है या क्षेत्रीय तनाव में और बढ़ोतरी होती है।

Health Update: खरबूजे के बीज क्यों हैं खास? महिलाओं की सेहत को मिल सकते हैं ये 5 बड़े फायदे

गर्मियों में खरबूजा खाने के बाद उसके बीज अक्सर फेंक दिए जाते हैं, लेकिन ये छोटे बीज पोषण के लिहाज से काफी उपयोगी माने जाते हैं। पारंपरिक रूप से कई घरों में इन्हें धोकर, सुखाकर और खाने के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है। खरबूजे के बीज, जिन्हें कई जगहों पर मगज भी कहा जाता है, शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व देने में मदद कर सकते हैं।

हालांकि इन्हें किसी इलाज का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए, लेकिन संतुलित मात्रा में आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है।

1. शरीर को मैग्नीशियम देने में सहायक

खरबूजे के बीजों में मैग्नीशियम पाया जाता है, जो शरीर की कई सामान्य प्रक्रियाओं के लिए जरूरी माना जाता है। पर्याप्त मात्रा में मैग्नीशियम लेने से मांसपेशियों के काम, आराम और सामान्य ऊर्जा स्तर को सपोर्ट मिल सकता है।

2. हार्मोनल स्वास्थ्य को सपोर्ट

इन बीजों में मौजूद जिंक शरीर के कई कार्यों में भूमिका निभाता है। यह त्वचा, इम्यून सिस्टम और हार्मोन से जुड़ी सामान्य प्रक्रियाओं को सपोर्ट करने में सहायक माना जाता है।

3. शरीर में सूजन से जुड़े सामान्य स्वास्थ्य को सपोर्ट

खरबूजे के बीजों में ऐसे प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं जो संतुलित खानपान का हिस्सा बनकर शरीर के सामान्य स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।

4. नींद और मूड के लिए उपयोगी

इनमें मौजूद कुछ अमीनो एसिड शरीर में ऐसे रसायनों के निर्माण में भूमिका निभाते हैं जो सामान्य नींद चक्र और मूड से जुड़े होते हैं।

5. गर्मियों में हल्का और पौष्टिक विकल्प

खरबूजे के बीज हल्के स्नैक के रूप में लिए जा सकते हैं। इन्हें संतुलित मात्रा में खाने से डाइट में अतिरिक्त पोषण जोड़ा जा सकता है।

कैसे करें सेवन?

  • रोजाना लगभग 1 चम्मच मात्रा से शुरुआत कर सकते हैं
  • हल्का भूनकर खाएं
  • सलाद, स्मूदी या ड्राई फ्रूट्स के साथ मिलाएं
  • घर पर खरबूजे के बीज धोकर और सुखाकर भी उपयोग कर सकते हैं

ध्यान रखें कि किसी एक खाद्य पदार्थ से चमत्कारी परिणाम की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और नियमित जीवनशैली भी उतनी ही जरूरी है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से है। किसी स्वास्थ्य समस्या, दवा या विशेष डाइट की स्थिति में डॉक्टर या योग्य हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लें।

ट्रंप की टीम में बढ़ रही अंदरूनी दूरी? इजरायल और ईरान मुद्दे पर अलग दिखे नेताओं के सुर

अमेरिकी राजनीति में हाल के दिनों में एक नई चर्चा शुरू हो गई है कि क्या राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टीम के भीतर विदेश नीति को लेकर अलग-अलग दृष्टिकोण सामने आ रहे हैं। खासकर मध्य पूर्व की स्थिति और ईरान से जुड़े कूटनीतिक प्रयासों पर वरिष्ठ नेताओं के बयान चर्चा का विषय बने हुए हैं।

हालिया बयानों में अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो के विचारों में कुछ अंतर दिखाई दिया है। यह अंतर विशेष रूप से इजरायल, लेबनान और क्षेत्रीय स्थिरता से जुड़े मुद्दों पर नजर आया।

एक तरफ, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों को लेकर सावधानीपूर्ण रुख दिखाते हुए कहा कि ऐसे कदम शांति प्रक्रिया और बातचीत के प्रयासों को प्रभावित कर सकते हैं। उनका संकेत था कि तनाव बढ़ने से कूटनीतिक समाधान कठिन हो सकता है।

वहीं दूसरी ओर, विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इजरायल की सुरक्षा जरूरतों पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी देश को अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने का अधिकार है। उन्होंने क्षेत्र में हो रही घटनाओं को सुरक्षा परिप्रेक्ष्य से देखने की बात कही।

ईरान के साथ बातचीत को लेकर भी दोनों नेताओं के बयान अलग दिशा दिखाते नजर आए। जेडी वेंस ने भविष्य में संवाद और स्थिरता की संभावनाओं पर सकारात्मक संकेत दिए और क्षेत्रीय सहयोग की भूमिका पर बात की।

इसके उलट, मार्को रुबियो ने स्पष्ट किया कि अमेरिका किसी भी समझौते में अपने राष्ट्रीय हितों और सहयोगी देशों की सुरक्षा प्राथमिकताओं से समझौता नहीं करेगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आर्थिक या पुनर्निर्माण सहयोग जैसे विषय तत्काल एजेंडे में नहीं हैं।

हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि किसी प्रशासन के भीतर अलग-अलग प्राथमिकताएं और रणनीतिक दृष्टिकोण होना असामान्य नहीं माना जाता। अंतिम नीति का निर्धारण राष्ट्रपति और आधिकारिक निर्णय प्रक्रिया के आधार पर होता है।

फिलहाल यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में मध्य पूर्व को लेकर अमेरिकी नीति किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या इन अलग-अलग संकेतों का वास्तविक नीति निर्माण पर कोई प्रभाव पड़ता है।